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अग्निवीर के शहीद परिवार को पेंशन से वंचित करने पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा जवाब

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मुंबई : बॉम्बे हाईकोर्ट ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों और नियमित सैनिकों के बीच लाभों को लेकर होने वाले कथित भेदभाव पर केंद्र सरकार को कड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए अग्निवीर मुरली धोंडिबा नाइक की मां ज्योतिबाई नाइक की याचिका पर रक्षा मंत्रालय को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को होगी।

न्यायमूर्ति रविंद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति वाय. जी. खोब्रागड़े की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “अग्निवीर भी सीमा पर नियमित सैनिकों की तरह ही गोली खाते हैं, वही जोखिम उठाते हैं। फिर उनके परिवार को पेंशन और अन्य दीर्घकालिक लाभ क्यों नहीं मिलते?”

याचिका में क्या है दावा? याचिका में कहा गया है कि 9 मई 2025 को पुंछ सेक्टर में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए अग्निवीर मुरली नाइक (महाराष्ट्र के सातारा जिले के निवासी) के परिवार को केवल एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि और कुछ अन्य सीमित लाभ दिए गए, जबकि समान परिस्थिति में शहीद होने वाले नियमित सैनिक के परिवार को आजीवन फैमिली पेंशन, एक्स-ग्रेशिया, कैंटीन सुविधा, मेडिकल लाभ और अन्य कल्याणकारी योजनाएं मिलती हैं।

याचिकाकर्ता का कहना है कि अग्निवीर और नियमित सैनिक के बीच यह भेदभाव “मनमाना, तर्कहीन और असंवैधानिक” है तथा संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन करता है।

ऑपरेशन सिंदूर का बैकग्राउंड याचिका में उल्लेख है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसी अभियान के दौरान 9 मई को पुंछ में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में अग्निवीर मुरली नाइक शहीद हो गए थे। वे जून 2023 में अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए थे।

शहीद होने के बाद उनकी मां ने कई बार रक्षा मंत्रालय, सेना मुख्यालय और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर नियमित सैनिकों के समान लाभ देने की मांग की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

याचिका की प्रमुख मांगें

  • शहीद अग्निवीरों के परिवारों को भी नियमित सैनिकों की तरह आजीवन फैमिली पेंशन और अन्य सभी कल्याणकारी लाभ दिए जाएं।
  • अग्निपथ योजना के उन प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित किया जाए जो अग्निवीरों और नियमित सैनिकों में भेदभाव करते हैं।

हालांकि याचिका में पूरी अग्निपथ योजना की वैधता को चुनौती नहीं दी गई है, सिर्फ भेदभावपूर्ण प्रावधानों पर सवाल उठाया गया है। गौरतलब है कि अग्निपथ योजना 2022 में शुरू की गई थी और इसके तहत भर्ती सैनिकों को चार साल की सेवा के बाद बिना पेंशन के रिटायरमेंट दिया जाता है। योजना शुरू होने के बाद से ही इसे लेकर देशभर में विरोध और कानूनी चुनौतियां चल रही हैं।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने तीसरी बार लिया प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद

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वृंदावन: भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली और बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक शांति की तलाश में वृंदावन पहुंचे। मंगलवार को पावर कपल ने श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। यह इस साल उनकी तीसरी मुलाकात है। इससे पहले जनवरी में बच्चों वामिका और अकाय के साथ तथा मई में विराट के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद वे यहां आए थे।

भजन मार्ग के सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में विराट और अनुष्का साधारण कपड़ों में नजर आए। अनुष्का ने मैरून-काले सूट के साथ जाप काउंटर पहना था, जबकि विराट ब्राउन हुडी और ब्लैक पैंट में थे। दोनों के गले में कंठी माला और माथे पर तिलक लगा था। वे पहली पंक्ति में बैठकर महाराज जी के प्रवचन को ध्यान से सुन रहे थे।

महाराज जी ने कपल को सलाह दी, “अपने कार्यक्षेत्र को भगवान की सेवा समझिए। गंभीर भाव से रहिए, विनम्र रहिए और खूब नाम जप कीजिए।” अनुष्का भावुक होकर बोलीं, “हम आपके हैं महाराज जी, आप हमारे।” इस पर महाराज जी मुस्कुराते हुए कहा, “हम सब श्री जी के हैं। हम सब उनके बच्चों हैं।” हाल ही में यूके से लौटे विराट-अनुष्का की यह यात्रा तब हुई जब देश में लियोनेल मेसी के दौरे की चर्चा जोरों पर थी, लेकिन कपल ने ग्लैमर की बजाय आस्था को चुना।

विराट ने इस साल मई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था, लेकिन वे वनडे फॉर्मेट में सक्रिय हैं। हालिया साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में उन्होंने दो शतक और एक अर्धशतक लगाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। अनुष्का भी लंबे समय से फिल्मों से दूर परिवार और आध्यात्म पर फोकस कर रही हैं। इस कपल की बार-बार की वृंदावन यात्राएं उनकी जिंदगी में आध्यात्म की अहमियत को दर्शाती हैं। फैंस सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ कर रहे हैं कि शोहरत के बावजूद वे सादगी और भक्ति को प्राथमिकता देते हैं।

बड़ी कार्रवाई: ट्रांसपोर्ट से 1.32 करोड़ रुपये के 43,950 नशीले इंजेक्शन बरामद, आरोपी फरार

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उधम सिंह नगर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। काशीपुर कोतवाली पुलिस, एसओजी और फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की संयुक्त टीम ने एक ट्रांसपोर्ट कंपनी से 1 करोड़ 32 लाख रुपये के नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं।

ये इंजेक्शन ब्यूप्रेनॉर्फिन (Buprenorphine) आधारित हैं, जो कंट्रोल्ड ड्रग्स की श्रेणी में आते हैं और नशे की लत के लिए दुरुपयोग किए जाते हैं। पुलिस के अनुसार, 15 दिसंबर को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई। टीम ने काशीपुर के टांडा उज्जैन क्षेत्र में सफेक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापा मारा। संदिग्ध पेटियों की तलाशी में 16 पेटियां नशीले इंजेक्शन मिले। इनमें:

  • BINORPHINE (Buprenorphine Injection IP): 1,598 डिब्बों में कुल 39,950 इंजेक्शन.
  • REXOGESIC (Buprenorphine Injection): 160 डिब्बों में कुल 4,000 इंजेक्शन.
  • कुल 43,950 इंजेक्शन जब्त किए गए, जिनका खुदरा मूल्य करीब 1.32 करोड़ रुपये आंका गया है.

आरोपी की तलाश जारी जांच में पता चला कि यह खेप रिपुल चौहान पुत्र रक्षपाल सिंह, मूल निवासी ग्राम नजीमपुर, थाना नजीबाबाद, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश), वर्तमान पता वार्ड नंबर-13, कविनगर, काशीपुर ने मंगवाई थी। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वह फरार चल रहा है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

औषधि निरीक्षक नीरज कुमार और निधि शर्मा ने मौके पर इंजेक्शनों की तकनीकी जांच की और पुष्टि की कि ये कंट्रोल्ड ड्रग्स हैं, जिनका परिवहन केवल लाइसेंसधारी इकाइयों द्वारा ही संभव है।

एसएसपी का बयान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने कहा, “जनपद में नशे के अवैध कारोबार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। नशा तस्करों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।” उन्होंने इसे नशा मुक्त भारत अभियान का हिस्सा बताया।

कंट्रोल्ड ड्रग्स क्या हैं? ब्यूप्रेनॉर्फिन एक ओपिओइड दर्द निवारक दवा है, जो गंभीर दर्द में इस्तेमाल होती है, लेकिन नशे की लत वाले लोग इसका दुरुपयोग करते हैं। सरकार इनके उत्पादन, वितरण और उपयोग को सख्ती से नियंत्रित करती है ताकि ओवरडोज और लत की समस्या पर काबू पाया जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने स्वरोजगार योजना के तहत 3848 लाभार्थियों को वितरित किए 33.22 करोड़ रुपये

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से ऑनलाइन माध्यम से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में 33.22 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों से संवाद भी किया और योजना को आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। यह योजना पलायन रोकने, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कोविड-19 के दौरान लौटे प्रवासी, युवा उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी और शिक्षित बेरोजगार इस योजना के प्रमुख लाभार्थी हैं।

योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में 25 लाख रुपये तक और सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक की परियोजना के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें परियोजना लागत का 15 से 25 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में दी जाती है। योजना के लक्ष्य 32 हजार लाभार्थी थे, लेकिन अब तक 35 हजार से अधिक लाभार्थी जुड़ चुके हैं। कुल 1,389 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित हो चुका है, जिससे करीब 65 हजार नए रोजगार सृजित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने इसे छोटे व्यापारियों के लिए ‘गेम चेंजर’ योजना करार देते हुए बताया कि 2025 से शुरू हुई मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 (एमएसवाई 2.0) में पुरानी एमएसवाई और नैनो योजना का एकीकरण किया गया है। नई व्यवस्था में सब्सिडी 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक की गई है, साथ ही भौगोलिक, सामाजिक और उत्पाद बूस्टर के तहत अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान जोड़ा गया है।

धामी ने सब्सिडी के ऑनलाइन ट्रांसफर को सरकार की पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यप्रणाली का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए डबल इंजन सरकार हर जिले में स्थानीय उद्यम, हर गांव में रोजगार और हर युवा के हाथ में काम सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यरत है।

लाभार्थियों की सफलता की कहानियां

संवाद के दौरान कई लाभार्थियों ने अपनी सफलता साझा की। चंपावत के कमल सिंह पार्थोली ने स्मार्ट लाइब्रेरी के लिए 10 लाख रुपये का ऋण लेकर 130 बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं और ई-लाइब्रेरी का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। उधम सिंह नगर के प्रदीप अग्रवाल ने गाड़ी सर्विस सेंटर शुरू किया, जो पहले साइकिल रिपेयरिंग करते थे।

उत्तरकाशी के जसपाल फिटनेस क्लब चला रहे हैं, जबकि पौड़ी गढ़वाल के अयान मंसूरी का रजाई-गद्दा निर्माण कारोबार इस साल तीन करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। बागेश्वर की चंपा देवी ने मोबाइल सेल एंड सर्विस की दुकान खोलकर अपनी आजीविका मजबूत की है।

उत्तराखंड में मौसम पूर्वानुमान: ज्यादातर क्षेत्रों में रहेगा शुष्क मौसम, ऊंचाई वाले जिलों में हल्की बर्फबारी की संभावना

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देहरादून : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तराखंड में आने वाले दिनों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। राज्य के अधिकांश जिलों में कोई वर्षा या बर्फबारी नहीं होगी, जबकि ऊंचाई वाले कुछ जिलों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

पूर्वानुमान

18 दिसंबर से 19 दिसंबर एवं 22 से 23 दिसंबर 2025: राज्य के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। आसमान साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।

20 एवं 21 दिसंबर 2025: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा या बर्फबारी की संभावना है। बर्फबारी मुख्य रूप से 3500 मीटर एवं उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होगी। शेष जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।

अगले 3-4 दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं होगा। सप्ताह भर राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की घाटियों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है।

यह पूर्वानुमान पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए राहत भरा है, खासकर चारधाम यात्रा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में घूमने वालों के लिए। हालांकि, ऊंचे इलाकों में यात्रा करने वाले सलाह दी जाती है कि वे मौसम की जानकारी रखें और सावधानी बरतें।

 

उत्तराखंड : तेज रफ्तार XUV ट्रक के नीचे घुसी, चार दोस्तों की मौके पर मौत

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ऋषिकेश : उत्तराखंड के ऋषिकेश में मनसा देवी मंदिर रेलवे फाटक के पास मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। हरिद्वार से ऋषिकेश की ओर आ रही तेज रफ्तार महिंद्रा XUV500 कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार ट्रक के नीचे घुस गई और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे में कार सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

car smashed after colliding with truck due to Dense fog in rishikesh 4  killed on the spot उत्तराखंड में कोहरा बना काल, ट्रक से टकराई कार के  परखच्चे उड़े; 4 की मौके
Rishikesh:रेलवे फाटक के पास हादसा, खड़े ट्रक से टकराई हरिद्वार से आ रही तेज  रफ्तार कार, चार लोगों की मौत - Rishikesh Accident Car Coming From Haridwar  Collides With Parked Truck, Four

पुलिस के अनुसार, हादसा रात करीब 10:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार बेहद तेज रफ्तार में थी और रास्ते में एक के बाद एक कई वाहनों को ओवरटेक कर रही थी। अचानक सड़क पर आए एक जानवर को बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने कार को बाईं ओर मोड़ा, जिससे नियंत्रण खो बैठा और कार ट्रक से जा टकराई।

क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकालने के लिए पुलिस को क्रेन की मदद से वाहन काटना पड़ा। हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शवों के टुकड़े सड़क पर बिखर गए थे।

मृतकों की पहचान:

  • धीरज जायसवाल (31), पुत्र दीनबंधु जायसवाल, निवासी चंद्रेश्वर नगर, दुर्गा मंदिर रोड, ऋषिकेश (कार चला रहे थे)
  • हरिओम पांडे (22), पुत्र अरविंद कुमार, निवासी हनुमान मंदिर, गुमानीवाला, ऋषिकेश
  • कर्ण प्रसाद (23), पुत्र तुलसी प्रसाद, निवासी लक्कड़ घाट, ऋषिकेश
  • सत्यम कुमार (20), पुत्र मंगल सिंह, निवासी गुज्जर बस्ती, ऋषिकेश

कार मालिक की पहचान सोनू कुमार, निवासी चंद्रेश्वर मार्ग, ऋषिकेश के रूप में हुई है। पुलिस ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं उठा।

कोतवाली प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि मामले की जांच जारी है। प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और जानवर को बचाने की कोशिश को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। मृतक सभी स्थानीय निवासी और एक-दूसरे के परिचित थे।

इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रफ्तार पर अंकुश लगाने की जरूरत को उजागर किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि तेज रफ्तार से बचें और सड़क पर सतर्क रहें।

दिल्ली में सख्त प्रतिबंध लागू, बाहर के BS-6 से कम वाहनों की एंट्री बैन

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नई दिल्ली : दिल्ली में लगातार बिगड़ते वायु प्रदूषण और ग्रेप (GRAP) के स्टेज-4 के तहत स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन प्रतिबंधों की घोषणा की।

मुख्य प्रतिबंध 18 दिसंबर (गुरुवार) सुबह से लागू

  1. बाहरी राज्यों के वाहनों की एंट्री पर रोक
    • केवल BS-6 (पेट्रोल/डीजल) मानक वाली गाड़ियां ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगी।
    • BS-2, BS-3 और BS-4 कैटेगरी की सभी गाड़ियां (प्राइवेट कार, टैक्सी, ऑटो, स्कूल बस, कमर्शियल वाहन सहित) पूरी तरह प्रतिबंधित।
    • सभी इलेक्ट्रिक वाहन और CNG वाहन (चाहे किसी भी राज्य में रजिस्टर्ड हों) को छूट रहेगी।
  2. दिल्ली में पहले से मौजूद बाहरी गाड़ियों की सख्त चेकिंग
    • यदि कोई बाहरी गाड़ी BS-6 मानक पर खरी नहीं उतरती, तो उसे जब्त किया जाएगा।
  3. इंटरस्टेट बस सेवाओं पर संकट
    • ज्यादातर इंटरस्टेट बसें BS-4 डीजल हैं, इसलिए इनका दिल्ली में प्रवेश बंद हो सकता है।
  4. PUCC अनिवार्य, नहीं तो नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
    • 18 दिसंबर से बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के किसी भी पेट्रोल/डीजल वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा।
    • पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरों से जांच होगी।
    • दूसरे राज्यों का वैध PUC भी मान्य होगा।
  5. निर्माण सामग्री की ढुलाई पूरी तरह बंद
    • दिल्ली के अंदर या बाहर से आने-जाने वाली सभी कंस्ट्रक्शन मटेरियल ले जाने वाली गाड़ियों पर पूर्ण प्रतिबंध।
    • बॉर्डर पर ही ऐसे वाहनों को रोका और जब्त किया जाएगा।

पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा, “ये फैसले लोगों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए लिए गए हैं। प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो चुका है, इसलिए कड़ाई जरूरी है।”

दिल्ली वासियों से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। आगे की स्थिति के आधार पर इन प्रतिबंधों में बदलाव संभव है।

IPL 2026 मेगा नीलामी : कैमरन ग्रीन बने सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी, कोलकाता ने 25.20 करोड़ में खरीदा

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नई दिल्ली। IPL 2026 की मेगा नीलामी में ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन पर पैसों की बारिश हुई। मात्र 2 करोड़ रुपये की बेस प्राइस के साथ नीलामी में उतरे ग्रीन को आखिरकार कोलकाता नाइट राइडर्स ने 25.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत देकर अपने खेमे में शामिल कर लिया। इस कीमत के साथ ग्रीन आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं।

ग्रीन की उपलब्धता को लेकर पहले संशय था कि क्या वह चोट से पूरी तरह उबरने के बाद गेंदबाजी भी कर पाएंगे, लेकिन खिलाड़ी ने साफ कर दिया है कि वह गेंदबाजी के लिए पूरी तरह फिट और उपलब्ध हैं। टी-20 क्रिकेट में उपयोगी ऑलराउंडर की कमी के चलते उनकी कीमत में भारी उछाल देखने को मिला।

नीलामी में रोमांचक जंग

  • सबसे पहले मुंबई इंडियंस ने ग्रीन पर बोली लगाई।
  • इसके बाद राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच कड़ा मुकाबला चला।
  • 13.60 करोड़ पर राजस्थान ने हार मान ली।
  • तभी चेन्नई सुपर किंग्स ने जोरदार एंट्री की और बोली को 20 करोड़ के पार ले गए। यह चेन्नई का किसी खिलाड़ी पर लगाया गया अब तक का सबसे ऊंचा दांव था।
  • अंततः कोलकाता नाइट राइडर्स ने 25.20 करोड़ की बोली लगाकर बाजी मार ली।

पिछले दो सीजन में दिखाया दम

2023 में मुंबई इंडियंस ने ग्रीन को 17.50 करोड़ में खरीदा था। उस सीजन उन्होंने 16 मैचों में 452 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। 2024 में मुंबई ने उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ट्रेड कर दिया। आरसीबी के लिए उन्होंने 13 मैचों में 255 रन बनाए।

2025 में चोट के कारण वह पूरे सीजन नहीं खेल पाए थे और उनकी गैरमौजूदगी में ही आरसीबी ने खिताब जीता था। चोट से पूर्ण वापसी और गेंदबाजी की पुष्टि ने इस मेगा नीलामी में ग्रीन को कई फ्रेंचाइजियों की पहली पसंद बना दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें भारी कीमत देकर अपनी टीम में एक विश्वस्तरीय ऑलराउंडर जोड़ लिया है।

विजय दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, सैनिकों व परिजनों का किया सम्मान

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देहरादून। विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर 1971 के भारत-पाक युद्ध में बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों तथा शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति की गौरव गाथा का प्रतीक है। 1971 के युद्ध में भारतीय सेना की विजय ने न केवल पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों का आत्मसमर्पण कराया, बल्कि विश्व पटल पर भारत की सैन्य शक्ति को स्थापित किया। उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड की वीरभूमि का उल्लेख करते हुए बताया कि इस युद्ध में राज्य के 248 सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि 74 सैनिकों को विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का लगभग हर परिवार सेना से किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उसे आधुनिक हथियारों व तकनीक से सशक्त बनाया जा रहा है। भारत अब रक्षा सामग्री का प्रमुख निर्यातक देश बन चुका है। हाल के ऑपरेशन सिंधु में स्वदेशी आकाश मिसाइल, ब्रह्मोस और अन्य हथियारों ने विश्व स्तर पर भारत की क्षमता सिद्ध की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का नया भारत दुश्मन की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देता है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिक कल्याण के लिए किए गए प्रमुख कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने वन रैंक वन पेंशन, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि और सीमा क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास जैसी पहलों की सराहना की।

उत्तराखंड सरकार की ओर से सैनिक कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि:

शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है।

परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता को 1.50 करोड़, अशोक चक्र को 50 लाख, महावीर/कीर्ति चक्र को 35 लाख तथा वीर/शौर्य चक्र प्राप्तकर्ताओं को 25 लाख रुपये एकमुश्त राशि दी जा रही है।

शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजन तथा आवेदन की अवधि 5 वर्ष तक बढ़ाई गई है।

वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों व पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा तथा संपत्ति खरीद पर 25 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी छूट दी जा रही है।

देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण कार्य चल रहा है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सैनिक कल्याण निदेशालय तथा डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ व हरिद्वार के जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने भी संबोधन किया और 1971 के युद्ध में उत्तराखंड के 248 शहीदों तथा 74 वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों का गौरवपूर्ण उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की सैनिक कल्याण योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि सैनिकों व उनके परिवारों की हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है।

विजय दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों की ओर से वीर शहीदों को नमन किया और भारतीय सेना की जय घोष से कार्यक्रम का समापन हुआ।

मनरेगा की जगह नया विधेयक: प्रियंका गांधी ने लोकसभा में जताई कड़ी आपत्ति

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नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त कर नए विधेयक ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025’ (VB-G RAM G) लाने के सरकार के प्रस्ताव पर विपक्ष ने तीव्र विरोध दर्ज किया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में इस विधेयक की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ग्रामीण भारत के लिए हानिकारक बताया।

प्रियंका गांधी ने कहा कि मनरेगा पिछले 20 वर्षों से ग्रामीण भारत को रोजगार प्रदान करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह एक क्रांतिकारी कानून है, जिसे बनाने के समय सदन में सभी दलों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया था। इसके तहत गरीबों को 100 दिनों का गारंटीड रोजगार मिलता है।

उन्होंने नए विधेयक पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मनरेगा में मांग के आधार पर केंद्र सरकार फंड आवंटित करती है, जो कानूनी गारंटी प्रदान करता है। लेकिन नए विधेयक में केंद्र पहले से बजट तय कर सकता है, जिससे संविधान के 73वें संशोधन (पंचायती राज व्यवस्था) की अनदेखी हो रही है। इससे ग्राम सभाओं के अधिकार कमजोर होंगे और संविधान की मूल भावना – हर व्यक्ति को शक्ति देने की – का उल्लंघन होगा। रोजगार का कानूनी अधिकार कमजोर पड़ जाएगा।

प्रियंका ने आगे कहा कि मनरेगा में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत अनुदान देती थी, लेकिन नए विधेयक में कुछ राज्यों को केवल 60 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इससे राज्यों की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। केंद्र का नियंत्रण बढ़ेगा, जबकि जिम्मेदारी कम हो जाएगी। विपक्ष का आरोप है कि यह विधेयक मनरेगा की अधिकार-आधारित संरचना को कमजोर करेगा और ग्रामीण गरीबों के हितों को नुकसान पहुंचाएगा। संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है।