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मनरेगा की जगह नया विधेयक: प्रियंका गांधी ने लोकसभा में जताई कड़ी आपत्ति

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नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त कर नए विधेयक ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025’ (VB-G RAM G) लाने के सरकार के प्रस्ताव पर विपक्ष ने तीव्र विरोध दर्ज किया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में इस विधेयक की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ग्रामीण भारत के लिए हानिकारक बताया।

प्रियंका गांधी ने कहा कि मनरेगा पिछले 20 वर्षों से ग्रामीण भारत को रोजगार प्रदान करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह एक क्रांतिकारी कानून है, जिसे बनाने के समय सदन में सभी दलों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया था। इसके तहत गरीबों को 100 दिनों का गारंटीड रोजगार मिलता है।

उन्होंने नए विधेयक पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मनरेगा में मांग के आधार पर केंद्र सरकार फंड आवंटित करती है, जो कानूनी गारंटी प्रदान करता है। लेकिन नए विधेयक में केंद्र पहले से बजट तय कर सकता है, जिससे संविधान के 73वें संशोधन (पंचायती राज व्यवस्था) की अनदेखी हो रही है। इससे ग्राम सभाओं के अधिकार कमजोर होंगे और संविधान की मूल भावना – हर व्यक्ति को शक्ति देने की – का उल्लंघन होगा। रोजगार का कानूनी अधिकार कमजोर पड़ जाएगा।

प्रियंका ने आगे कहा कि मनरेगा में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत अनुदान देती थी, लेकिन नए विधेयक में कुछ राज्यों को केवल 60 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इससे राज्यों की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। केंद्र का नियंत्रण बढ़ेगा, जबकि जिम्मेदारी कम हो जाएगी। विपक्ष का आरोप है कि यह विधेयक मनरेगा की अधिकार-आधारित संरचना को कमजोर करेगा और ग्रामीण गरीबों के हितों को नुकसान पहुंचाएगा। संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है।

नेशनल हेराल्ड केस: गांधी परिवार को बड़ी राहत, कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से किया इनकार

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नई दिल्ली : नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य आरोपियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि वर्तमान चरण में ईडी की शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह मामला भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक निजी शिकायत पर आधारित है, न कि किसी एफआईआर पर। हालांकि, अदालत ने ईडी को अपनी जांच जारी रखने की अनुमति दे दी है।

इसके अलावा, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज नई एफआईआर की प्रति देने की मांग को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपी इस चरण में एफआईआर की कॉपी प्राप्त करने के हकदार नहीं हैं।

यह मामला वर्ष 2012 में सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें कांग्रेस नेताओं पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की संपत्तियों को यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से गलत तरीके से हड़पने का आरोप लगाया गया था। ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाते हुए चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और अन्य को नामजद किया गया था।

कांग्रेस ने इस मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है, जबकि ईडी ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध बताया है। कोर्ट के इस फैसले से गांधी परिवार को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन जांच जारी रहने से मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

एलन मस्क बने दुनिया के पहले व्यक्ति जिनकी संपत्ति 600 अरब डॉलर पार, दूसरे नंबर के अमीर से लगभग 36 लाख करोड़ रुपये आगे

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WASHINGTON, DC - MAY 21: Elon Musk listens as reporters ask U.S. President Donald Trump and South Africa President Cyril Ramaphosa questions during a press availability in the Oval Office at the White House on May 21, 2025 in Washington, DC. Relations between the two countries have been strained since Trump signed an executive order in February that claimed white South Africans are the victims of government land confiscation and race-based “genocide,” while admitting some of those Afrikaners as refugees to the United States. Trump also halted all foreign aid to South Africa and expelled the country’s Ambassador to the U.S., Ebrahim Rasool. (Photo by Chip Somodevilla/Getty Images)

नई दिल्ली : टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उनकी कुल संपत्ति पहली बार 600 अरब डॉलर (लगभग 50 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गई है। फोर्ब्स की ताजा रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के अनुसार, स्पेसएक्स की नई वैल्यूएशन के बाद मस्क की नेटवर्थ करीब 677 अरब डॉलर हो गई है। इससे वह दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति से करीब 36-40 लाख करोड़ रुपये आगे निकल गए हैं।

यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से स्पेसएक्स की वजह से हुई है, जिसकी वैल्यूएशन हालिया टेंडर ऑफर में 800 अरब डॉलर तक पहुंच गई। मस्क की इसमें करीब 42 फीसदी हिस्सेदारी है, जो उनकी संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा बन गई है। इसके अलावा टेस्ला में उनकी 12 फीसदी हिस्सेदारी और xAI जैसी कंपनियां भी योगदान दे रही हैं।3d97e0,b8dcfd,6bda2d,ca7382,05a339,ff2f85,e09e5e,871321

फोर्ब्स के अनुसार, दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति (जैसे लैरी एलिसन या अन्य) की संपत्ति करीब 250-300 अरब डॉलर के आसपास है, जिससे मस्क का अंतर करीब 36.32 लाख करोड़ रुपये (यूजर के दावे के अनुरूप) बैठता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेसएक्स के संभावित आईपीओ से मस्क जल्द ही दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन सकते हैं।

मस्क की संपत्ति में यह उछाल टेस्ला के शेयरों, स्पेसएक्स की सफलताओं और xAI जैसी नई कंपनियों से आया है। हालांकि उनकी संपत्ति में उतार-चढ़ाव आम है, लेकिन वह लगातार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं।

यह उपलब्धि मस्क की दूरदर्शिता और जोखिम लेने की क्षमता का प्रमाण है, जो इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, स्पेस ट्रैवल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रहे हैं।

यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे का कहर: 7 बसें और 3 कारें टकराईं, कई वाहनों में लगी आग, 4 की मौत, 25 घायल

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मथुरा :उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे (दिल्ली-आगरा रूट) पर मंगलवार तड़के घने कोहरे के कारण एक भयावह सड़क हादसा हो गया। कम दृश्यता के चलते पहले तीन कारें आपस में टकराईं, जिसके बाद पीछे से आ रही सात बसें एक-एक कर उनसे जा भिड़ीं। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई वाहनों में तुरंत आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

हादसा बलदेव थाना क्षेत्र के माइलस्टोन 127 के पास सुबह करीब 4 बजे हुआ। पुलिस के अनुसार, इसमें सात बसें (एक रोडवेज और छह स्लीपर बसें) और तीन कारें शामिल थीं। आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य यात्री घायल हो गए। घायलों को मथुरा और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि घने कोहरे में विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण यह चेन रिएक्शन हादसा हुआ। राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। 11 फायर टेंडर और कई एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग पूरा हो चुका है और प्रभावित हिस्से में यातायात बहाल करने का काम चल रहा है।

एक चश्मदीद यात्री ने बताया कि बसें पूरी तरह भरी हुई थीं और ज्यादातर लोग सो रहे थे। अचानक जोरदार धमाके की आवाज आई और आग फैल गई। कई यात्रियों ने शीशे तोड़कर जान बचाई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और घायलों के इलाज के साथ-साथ जांच के आदेश दिए हैं। सर्दियों में कोहरे के कारण एक्सप्रेसवे पर ऐसे हादसे आम हो रहे हैं, जिससे सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल उठ रहे हैं।

भाजपा के नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने संभाला पदभार, अमित शाह और जेपी नड्डा ने किया स्वागत

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नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचने पर नितिन नबीन का भव्य और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर नितिन नबीन ने औपचारिक रूप से पदभार संभाला। अमित शाह और जेपी नड्डा ने उन्हें भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया, जिस पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।

भाजपा मुख्यालय में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नितिन नबीन को गुलदस्ते भेंट कर बधाई दी। इससे पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर भी बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए मौजूद रहे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एयरपोर्ट पर उनका अभिनंदन किया। भाजपा कार्यालय को स्वागत बैनरों और पोस्टरों से सजाया गया था।

उल्लेखनीय है कि रविवार को भाजपा संसदीय बोर्ड ने नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने को मंजूरी दी थी, जिसके बाद पार्टी की ओर से औपचारिक घोषणा की गई। नई जिम्मेदारी मिलने पर नितिन नबीन ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है और वह इस विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि पार्टी का नेतृत्व करना उनके लिए कोई चुनौती नहीं है।

45 वर्षीय नितिन नबीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में वे लगातार पांचवीं बार निर्वाचित हुए हैं। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। नितिन नबीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और बिहार व पूर्वी भारत से इस पद पर पहुंचने वाले पहले नेता भी हैं।

सोमवार को दिल्ली रवाना होने से पहले पटना में मीडिया से बातचीत में नितिन नबीन ने बिहार और अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता के आशीर्वाद से ही उन्हें यह मुकाम मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में पार्टी को आगे बढ़ाने की बात कही। दिल्ली रवाना होने से पहले नितिन नबीन ने पटना स्थित महावीर मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया और इसके बाद अपने पिता, दिवंगत भाजपा नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

उत्तराखंड : कोटद्वार में 15 से 30 जनवरी तक अग्निवीर भर्ती रैली, ARO लैंसडाउन ने जारी की तिथियां

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कोटद्वार | भारतीय सेना में सेवा का सपना देख रहे और कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) 2025 उत्तीर्ण कर चुके युवाओं के लिए बड़ी खबर है। सेना भर्ती कार्यालय (ARO) लैंसडाउन ने अग्निवीर भर्ती रैली की तिथियों की घोषणा कर दी है। यह भर्ती रैली 15 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक गब्बर सिंह कैंप, कोटद्वार में आयोजित की जाएगी।

यह भर्ती रैली मुख्यालय भर्ती ज़ोन (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) के अंतर्गत ARO लैंसडाउन द्वारा आयोजित की जा रही है। इसमें गढ़वाल क्षेत्र के सात जनपदों—चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून और हरिद्वार—के पात्र उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। रैली में केवल वही अभ्यर्थी शामिल हो पाएंगे, जिन्होंने 30 जून से 10 जुलाई 2025 के बीच आयोजित ऑनलाइन CEE परीक्षा उत्तीर्ण की है।

भर्ती प्रक्रिया के तहत अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD), अग्निवीर क्लर्क/एसकेटी, अग्निवीर टेक्निकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन पदों पर चयन किया जाएगा। उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.com से डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड में रैली स्थल पर रिपोर्ट करने की निर्धारित तिथि और समय अंकित होगा।

ARO लैंसडाउन ने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में परेशानी आती है, तो वह 30 दिसंबर 2025 से पहले व्यक्तिगत रूप से ARO लैंसडाउन से संपर्क कर सकता है। इसके बाद 30 दिसंबर 2025 के बाद सहायता के लिए मोबाइल नंबर 7456874057 पर संपर्क किया जा सकता है।

रैली में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ उनकी तीन-तीन फोटोकॉपी लाना अनिवार्य होगा। आवश्यक दस्तावेजों में पैन कार्ड, आधार कार्ड, ऑनलाइन पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र, एडमिट कार्ड, 20 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षिक प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और विद्यालय चरित्र प्रमाण पत्र शामिल हैं। कक्षा आठवीं की मार्कशीट जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापित होनी चाहिए। इसके अलावा धर्म प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र और अविवाहित प्रमाण पत्र (जहां लागू हो) ग्राम प्रधान या सरपंच द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक है। रैली सूचना के अनुसार रिलेशन प्रमाण पत्र, एनसीसी और खेल प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करने होंगे। शपथ पत्र रैली स्थल पर ही तैयार किया जाएगा।

ARO लैंसडाउन ने सभी उम्मीदवारों को दलालों और एजेंटों से सावधान रहने की सख्त सलाह दी है। सेना भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, निःशुल्क और पारदर्शी है। भर्ती केवल अभ्यर्थियों की मेहनत और योग्यता के आधार पर की जाती है और किसी भी प्रकार के प्रलोभन या झांसे में न आने की अपील की गई है।

मनरेगा की जगह आएगा G Ram G: संसद में नया बिल पेश करेगी सरकार

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नई दिल्ली : केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह एक नया कानून लाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने ग्रामीण रोजगार से जुड़े नए विधेयक की प्रति लोकसभा के सांसदों को वितरित कर दी है। प्रस्तावित कानून के तहत मनरेगा को समाप्त कर एक नया ग्रामीण रोजगार ढांचा लागू करने की योजना है।

जानकारी के अनुसार, इस विधेयक का नाम ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), 2025’ रखा गया है, जिसे संक्षेप में VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन—ग्रामीण) कहा जाएगा। सरकार का दावा है कि इस विधेयक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के लिए एक सुदृढ़ और प्रभावी विकास ढांचा स्थापित करना है।

125 दिनों के रोजगार की गारंटी

प्रस्तावित विधेयक के तहत हर ग्रामीण परिवार को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की संवैधानिक गारंटी देने का प्रावधान है। यह रोजगार उन परिवारों को मिलेगा, जिनके युवा सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के लिए स्वयं को उपलब्ध कराते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस विधेयक पर लोकसभा में जल्द चर्चा हो सकती है।

समय पर भुगतान और भत्ते का प्रावधान

विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि कार्य पूरा होने के एक सप्ताह से 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित समय-सीमा में भुगतान न होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

सांसदों के लिए व्हिप जारी

बिल के संसद में पेश होने से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। पार्टी ने सभी सांसदों को 15 से 19 दिसंबर के बीच लोकसभा की कार्यवाही में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो यह ग्रामीण रोजगार नीति में एक बड़ा बदलाव माना जाएगा, जिसका असर देशभर के ग्रामीण परिवारों पर पड़ेगा।

धुरंधर: रणवीर सिंह की दमदार परफॉर्मेंस, अक्षय खन्ना ने लूटी महफिल, खाड़ी देशों में बैन के बावजूद 300 करोड़ के करीब पहुंची

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  • रजत तलवार

धुरंधर एक तीव्र, राजनीतिक रूप से मुखर स्पाई थ्रिलर है जिसमें रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की परफॉर्मेंस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है। कहानी, स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले कई जगह बेहद प्रभावशाली हैं, लेकिन लंबी अवधि और कुछ सबप्लॉट्स की भरमार इसे थोड़ा बोझिल भी बना देती है।

अभिनय और किरदार –

रणवीर सिंह का किरदार एक अंडरकवर इंडियन ऑपरेटिव का है, जहां वे बाहरी तौर पर ठंडे, नियंत्रित और भीतर से टूटे हुए इंसान को बारीकी से पकड़ते हैं। उनके एक्शन सीक्वेंस में रॉ इंटेंसिटी और इमोशनल सीन में सटल परफॉर्मेंस, दोनों ही साफ दिखते हैं और यह फिल्म को लगातार थामे रखते हैं। रणवीर सिंह का अंडरकवर ऑपरेटिव वाला किरदार broadly मेजर मोहित शर्मा जैसी वास्तविक स्पेशल फोर्सेज़ ऑपरेशन स्टोरीज़ से प्रेरित बताया जा रहा है, जहां उन्होंने दुश्मन के इलाके में घुसकर नेटवर्क में घुसपैठ की थी। फिल्म में नाम बदले गए हैं, लेकिन बैकस्टोरी और ऑप्स की स्टाइल में इन घटनाओं की गूंज साफ सुनाई देती है।

अक्षय खन्ना एक लयारी गैंगस्टर के रूप में लगभग रणवीर की चमक को टक्कर देते हैं, उनका किरदार असली अपराधी रहमान ‘डाकैत’ बलोच से प्रेरित बताया गया है। डर, करिश्मा, राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा और भीतर छिपी कमजोरी – इन सबको वे इतनी सहजता से निभाते हैं कि उनकी हर एंट्री सीन चुरा लेती है।​ अक्षय खन्ना का रहमान ‘डाकैत’ कराची के गैंगस्टर–पॉलिटिशियन अब्दुल रहमान बलोच उर्फ़ रहमान डकैत से प्रेरित है, जिसे फिल्म में एक करिश्माई लेकिन ख़ूंख़ार अंडरवर्ल्ड डॉन–से–नेता के रूप में पेश किया गया है। इससे उनके किरदार की क्रूरता और राजनीतिक पहुँच, दोनों का रियल–वर्ल्ड संदर्भ और भी तेज़ी से महसूस होता है।

akshay khanaa

आर. माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल जैसे सपोर्टिंग एक्टर्स अपने हिस्से को मजबूती से निभाते हैं, हालांकि कुछ रोल सीमित स्क्रीनटाइम और लिखावट की वजह से उतने यादगार नहीं बन पाते। आर. माधवन फिल्म में इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर “अजय सान्याल” के रूप में दिखते हैं, जिनका लुक, चाल–ढाल और प्रोफ़ाइल भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से स्पष्ट रूप से प्रेरित मानी जा रही है। मीडिया और सोशल मीडिया दोनों में इस बात पर लगातार चर्चा रही है कि वे असल में डोभाल का सिनेमाई संस्करण ही लगते हैं।

कहानी, स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले –

फिल्म की कहानी पाकिस्तान के गैंगवार, आईएसआई नेटवर्क, राजनीतिक गठजोड़ और भारत के सीक्रेट ऑपरेशंस के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो इसे एक बड़े भू-राजनीतिक कैनवास पर खड़ा करती है। यह नैरेटिव वास्तविक आतंकी हमलों और ऐतिहासिक घटनाओं से प्रेरित एक फिक्शनल थ्रिलर के रूप में पेश किया गया है, जिससे इसकी दुनिया काफी ऑथेंटिक महसूस होती है.

स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी ताकत वर्ल्ड-बिल्डिंग है, खासकर कराची के लयारी एरिया की रीक्रिएशन और गैंग-राजनीति का विवरण, जो घनी और इमर्सिव लगती है। कमजोरी यह है कि करीब साढ़े तीन घंटे की रनटाइम में कुछ ट्रैक (जैसे लव एंगल, कुछ रिडंडेंट एक्शन ब्लॉक्स) खिंचे हुए लगते हैं और एडिटिंग और टाइट हो सकती थी।

वास्तविक घटनाएं और विवाद 

धुरंधर की प्लॉटलाइन कई असली घटनाओं और भारत–पाक संबंधों से प्रेरित है, जैसे हाइजैकिंग, सीमा पार आतंकी नेटवर्क और बलूचिस्तान का संदर्भ, जिन्हें फिल्म ने काल्पनिक रूप में पिरोया है। यह फिल्म पाकिस्तान के गैंग–राजनीति–आईएसआई नेक्सस को काफी आक्रामक अंदाज में दिखाती है, जिसके चलते इसे “एंटी–पाकिस्तान नैरेटिव” वाली फिल्म के रूप में चर्चा मिली।

इन्हीं कारणों से बहरीन, कुवैत, ओमान, क़तर, सऊदी अरब और यूएई जैसे छह खाड़ी देशों में फिल्म को सर्टिफिकेशन नहीं मिला और वहां रिलीज पर बैन जैसा हाल हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन देशों के सेंसर बोर्ड को जियो–पॉलिटिकल थीम और पाकिस्तान की प्रस्तुति पर आपत्ति थी, जिससे ओवरसीज़ रेवेन्यू पर भी असर पड़ा।

बॉक्स ऑफिस और व्यापार 

भारत में धुरंधर ने शुरुआती हफ्ते में ही जबरदस्त कलेक्शन दर्ज किया और रिलीज के एक हफ़्ते के भीतर 200 करोड़ नेट से ऊपर और वर्ल्डवाइड लगभग 300 करोड़ के करीब पहुंच गई। शुरुआती छह दिनों में फिल्म ने लगभग 188 करोड़ के आसपास भारतीय नेट कलेक्शन दर्ज किए, जो इसे 2025 की टॉप ग्रॉसर्स में लाकर खड़ा करते हैं।

यह फिल्म साल की कई बड़ी फिल्मों की लाइफटाइम कमाई को पार कर चुकी है और ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार आगे 250–300 करोड़ नेट की रेंज की रेस में बनी हुई है। खाड़ी देशों में बैन के बावजूद, घरेलू और अन्य इंटरनेशनल मार्केट्स में इसकी मजबूत पकड़ इसकी कंटेंट–ड्रिवन अपील और स्टार पावर दोनों को साबित करती है।

विशेष टिप्पणी: अक्षय खन्ना की परफॉर्मेंस
अक्षय खन्ना का किरदार फिल्म का सबसे लेयर्ड और अनप्रिडिक्टेबल हिस्सा है – एक गैंगस्टर जो डर भी पैदा करता है, इमोशन भी, और राजनीति के ज़रिए वैधता पाने की जद्दोजहद भी दिखाता है। उनके बॉडी लैंग्वेज, आंखों के सूक्ष्म हाव–भाव और शांत लेकिन धमक भरे डायलॉग डिलीवरी से स्क्रीन पर एक ऐसी मौजूदगी बनती है, जो कई सीन में रणवीर की भी चमक साझा या ओवरशैडो कर लेती है।

कई समीक्षाओं ने साफ तौर पर लिखा है कि रणवीर “लीड” जरूर करते हैं, लेकिन फिल्म को यादगार बनाने का क्रेडिट अक्षय खन्ना के आर्क को भी बराबर मिलता है, जो ग्रे जोन में होते हुए भी दर्शक की दिलचस्पी और सहानुभूति दोनों खींच लेता है। उनकी यह परफॉर्मेंस हाल के वर्षों में उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ अदाकारी में गिनी जा रही है।

राकेश बेदी फिल्म में पाकिस्तानी नेता/पॉलिटिशियन जमी़ल जमाली जैसे किरदार में नज़र आते हैं, जिसे उन्होंने कई असली पाकिस्तानी सियासतदानों की स्पीच, लहजा और बॉडी लैंग्वेज स्टडी करके गढ़ा है। कॉमेडी के लिए मशहूर रहते हुए भी यहां उनका गंभीर, कुटिल और सत्ता–लोलुप पॉलिटिशियन अवतार काफी सरप्राइजिंग और प्रभावशाली लगता है, जिस पर कई समीक्षाओं और इंटरव्यूज़ में खास तौर पर तारीफ़ हुई हैI

उत्तराखंड की बेटी कविता चंद ने रचा इतिहास, अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन की फतह

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देहरादून: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के धारा नौला की रहने वाली 40 वर्षीय कविता चंद ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मुंबई में निवास करने वाली इस एंड्योरेंस एथलीट ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर भारत का गौरव बढ़ाया है। कविता ने 12 दिसंबर 2025 को स्थानीय समयानुसार शाम 8:30 बजे शिखर पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की।

यह सफलता कविता के महत्वाकांक्षी ‘सेवन समिट्स’ चैलेंज का एक प्रमुख पड़ाव है, जिसमें दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करना शामिल है। इससे पहले उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर भी सफल चढ़ाई की थी।

माउंट विंसन दुनिया की सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण चोटियों में शुमार है, जहां अत्यधिक ठंड, पूर्ण एकांत और अप्रत्याशित मौसम जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कविता का अभियान 3 दिसंबर को भारत से रवाना होकर शुरू हुआ। वे 4 दिसंबर को चिली के पुंटा एरेनास पहुंचीं और 7 दिसंबर को यूनियन ग्लेशियर के लिए उड़ान भरी। उसी दिन स्की-सुसज्जित छोटे विमान से करीब 40 मिनट की उड़ान के बाद वे 2,100 मीटर ऊंचाई पर स्थित विंसन बेस कैंप पहुंचीं।

अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध हाई-एल्टीट्यूड गाइड मिंग्मा डेविड शेरपा ने किया, जबकि भारतीय दल को अनुभवी पर्वतारोही भरत थम्मिनेनी और उनकी कंपनी ‘बूट्स एंड क्रैम्पन’ का सहयोग मिला। नौ सदस्यीय भारतीय टीम ने सावधानीपूर्वक योजना, एक्लिमेटाइजेशन और मजबूत समन्वय के बल पर शिखर तक पहुंच बनाई।

Uttarakhand's Kavita Chand scales Antarctica's highest peak ...
अपनी उपलब्धि पर कविता ने कहा, “माउंट विंसन के शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराना शब्दों से परे एक सम्मान की भावना है। मैं उम्मीद करती हूं कि यह प्रेरणा पेशेवरों को देगी कि फिटनेस, महत्वाकांक्षा और करियर को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। पर्वतारोहण के अलावा कविता एंड्योरेंस रनिंग में भी उत्कृष्ट हैं। वे समर्पित मैराथन धावक हैं और अपनी आयु वर्ग में दिल्ली तथा मुंबई हाइरॉक्स 2025 प्रतियोगिताओं की विजेता रह चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने एबॉट वर्ल्ड मैराथन मेजर्स सिक्स स्टार चैलेंज की छह में से तीन मैराथन पूरी कर ली हैं।
पूर्व में मीडिया क्षेत्र से जुड़ी कविता ने 2024 में कॉरपोरेट करियर छोड़कर फिटनेस को पूर्ण रूप से समर्पित करने का फैसला लिया, जिसे वे अपने जीवन का टर्निंग पॉइंट मानती हैं। 2017 में दौड़ना शुरू करने और 2024 में पर्वतारोहण अपनाने वाली कविता आज उन महिलाओं और पेशेवरों के लिए प्रेरणास्रोत हैं जो संतुलन और मानसिक दृढ़ता की तलाश में हैं। उनके पति दीपक चंद ठाकुर (एनपीएसटी के सीईओ और सह-संस्थापक) उनके सफर में मजबूत सहारा रहे हैं।

उत्तराखंड की जड़ों से निकलकर विश्व की सबसे ऊंची चोटियों तक पहुंचने वाली कविता चंद की यह यात्रा न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि भारतीय महिलाओं की असीम संभावनाओं का प्रतीक भी है।

2025 में सबसे ज्यादा सर्च किया गया वायरस HMPV, जानिए क्या हैं लक्षण, फैलाव और बचाव के उपाय!

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नई दिल्ली: साल 2025 की शुरुआत में चीन सहित कई देशों में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके कारण यह वायरस इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला टॉपिक बन गया। लोग गूगल पर “HMPV क्या है?” और “क्या यह नई महामारी है?” जैसे सवाल पूछ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई नया वायरस नहीं है और मौसमी सांस की बीमारियों का हिस्सा है, लेकिन बढ़ते मामलों ने लोगों में चिंता पैदा कर दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी स्पष्ट किया है कि चीन में दर्ज बढ़ोतरी सर्दियों के मौसम में सामान्य है और कोई असामान्य प्रकोप नहीं है।

HMPV क्या है?

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (Human Metapneumovirus – HMPV) एक सांस संबंधी वायरस है, जिसकी खोज 2001 में नीदरलैंड में हुई थी। हालांकि, अध्ययनों से पता चलता है कि यह कम से कम 70 सालों से दुनिया भर में मौजूद है। यह RSV (रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस) के ही परिवार से belongs करता है और ज्यादातर सर्दियों व वसंत में सक्रिय होता है। 2025 में चीन, भारत, मलेशिया और कुछ अन्य देशों में इसके मामले बढ़े हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसमी है और कोविड-19 जैसा खतरनाक नहीं।

लक्षण क्या हैं?

HMPV के लक्षण आम सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसे होते हैं। संक्रमण के 3-6 दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं:

  • लगातार खांसी और गले में खराश
  • बुखार (हल्का या तेज)
  • नाक बहना या बंद होना
  • सांस फूलना या तकलीफ (खासकर बच्चों और बुजुर्गों में)

ज्यादातर मामलों में यह हल्का होता है और खुद ठीक हो जाता है, लेकिन छोटे बच्चों (5 साल से कम), बुजुर्गों (65 साल से ऊपर) और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में ब्रॉन्काइटिस या निमोनिया जैसी जटिलताएं हो सकती हैं।

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कैसे फैलता है यह वायरस?

HMPV बहुत आसानी से फैलता है, ठीक कोविड या फ्लू की तरह:

  • संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से हवा में ड्रॉपलेट्स के जरिए
  • हाथ मिलाने या गले लगने से सीधे संपर्क से
  • संक्रमित सतहों (जैसे दरवाजे का हैंडल) को छूने के बाद नाक-मुंह छूने से

किसे ज्यादा खतरा?

  • 5 साल से कम उम्र के बच्चे
  • 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग
  • अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग

स्वस्थ वयस्कों में यह आमतौर पर हल्की सर्दी जैसा ही होता है।

इलाज और बचाव

वर्तमान में HMPV के लिए कोई विशेष वैक्सीन या एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। इलाज मुख्य रूप से लक्षणों पर आधारित है:

  • पर्याप्त आराम करें
  • खूब पानी और तरल पदार्थ पिएं
  • बुखार या दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह से दवा लें (जैसे पैरासिटामॉल)
  • गंभीर मामलों में अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है

बचाव के उपाय पुराने और प्रभावी हैं:

  • हाथों को साबुन से नियमित धोएं
  • बीमार लोगों से दूरी बनाएं
  • खांसते-छींकते समय मुंह ढकें
  • मास्क पहनें अगर जरूरी हो

विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 में HMPV के बढ़ते सर्च और मामलों का कारण मौसमी प्रकोप और बेहतर टेस्टिंग है, न कि कोई नई महामारी। डरने की बजाय सतर्क रहें और अगर सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। भारत में भी कुछ मामले सामने आए हैं, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं।