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हरिद्वार अर्ध कुंभ 2027 के लिए हुआ बजट प्रावधान

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हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की तैयारियां शुरू।

समीक्षा हेतु हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

हरिद्वार/देहरादून: 21 फरवरी।कुम्भ मेला नियंत्रण भवन ( सीसीआर ) हरिद्वार पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार कुम्भ मेला 2027 के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 34 प्रमुख अवसंरचना कार्यों का शिलान्यास किया। रु. 234.55 करोड़ की लागत के इन स्थाई प्रवृत्ति के कार्यों का उद्देश्य कुंभ मेले के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के साथ-साथ हरिद्वार शहर के दीर्घकालीन विकास को सुदृढ़ करना है।

शिलान्यास किये गए कार्यों का सेक्टरवार विवरण में घाट निर्माण एवं सिंचाई अवसंरचना के कुल 07 कार्य लागत रु. 70.54 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

सड़क एवं परिवहन अवसंरचना के कुल 12 कार्य लागत रु. 127.23 करोड़ तथा पेयजल एवं जल आपूर्ति अवसंरचना के कुल 09 कार्य लागत रु. 18.11 करोड़ सहित श्रद्धालु सुविधाएँ एवं सहायक अवसंरचना के कुल 06 कार्य लागत रु. 18.67 करोड़ निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री द्वारा सीसीआर भवन में मेले की तैयारियों की समीक्षा को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक को भी संबोधित किया ।

आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किला के पास धमाके की साजिश रच रहा लश्कर-ए-तैयबा

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट जारी हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला है कि लश्कर-ए-तैयबा लाल किला के सामने धमाके की साजिश रच रहा है।

वहीं, अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई है और लाल किला समेत मंदिरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। इनपुट मिला है कि लश्कर-ए-तैयबा भारत की राजधानी दिल्ली में हमले की साजिश रच रहा है। बताया जा रहा कि चांदनी चौक के पास स्थित मंदिर समेत देश कई धार्मिक स्थल आतंकियों के निशाने पर है।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई

एक अधिकारी के अनुसार, खुफिया जानकारी मिली है कि दिल्ली में आतंकी खतरे का इशारा है। इसके बाद शनिवार को दिल्ली के खास धार्मिक और पुरानी जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। इसमें लाल किले के आसपास के इलाके और चांदनी चौक के कुछ हिस्से शामिल हैं।

लश्कर-ए-तैयबा के निशाने पर मंदिर

सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले के पास धमाके के खतरे का अलर्ट जारी किया है। लाल किला एक बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन और हाई-सिक्योरिटी जोन है। सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसियों ने यह इशारा दिया है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने कथित तौर पर भारत के खास धार्मिक जगहों को अपनी टारगेट लिस्ट में रखा है।

सूत्रों के अनुसार, खुफिया इनपुट्स से पता चला है कि चांदनी चौक इलाके का एक मंदिर संभावित टारगेट में से एक हो सकता है। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस इनपुट्स को वेरिफाई और असेस किया जा रहा है, साथ ही सेंसिटिव धार्मिक जगहों और भीड़भाड़ वाली पब्लिक जगहों पर और उसके आसपास सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट किया है कि लश्कर-ए-तैयबा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से हमला करने की कोशिश कर सकता है। सूत्रों ने बताया कि यह प्लान कथित तौर पर टेरर ग्रुप की छह फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए धमाके का बदला लेने की कोशिशों से जुड़ा है।

 

ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया: भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं

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वाशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले के बावजूद अपनी टैरिफ नीति पर अडिग रहते हुए नए कदम उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को 6-3 के बहुमत से फैसला दिया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए व्यापक ग्लोबल टैरिफ अवैध हैं और राष्ट्रपति ने अपनी शक्तियों का अतिक्रमण किया है। कोर्ट ने इन टैरिफ को रद्द करने का आदेश दिया, जिससे अरबों डॉलर के रिफंड का रास्ता खुल गया है।

इस फैसले को बड़ा झटका बताते हुए ट्रंप ने तुरंत व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत की और कोर्ट के फैसले को “भयानक” और “शर्मनाक” करार दिया। उन्होंने कुछ जजों पर “अनपैट्रियोटिक” होने का आरोप लगाया। फैसले के कुछ घंटों बाद ही ट्रंप ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत नया 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने का एलान किया और इसे साइन कर दिया। यह टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और शुरुआत में 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद कांग्रेस को इसे बढ़ाने या स्थायी बनाने का प्रस्ताव पास करना होगा।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि कुछ वस्तुओं जैसे महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा उत्पाद, दवाइयां, कुछ कृषि उत्पाद (बीफ, संतरे, टमाटर), फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन पार्ट्स को छूट दी गई है। साथ ही यूएस-मेक्सिको-कनाडा समझौते (USMCA) के तहत अनुपालन करने वाले पड़ोसी देशों के कुछ सामान प्रभावित नहीं होंगे।

जब पत्रकारों ने भारत के साथ हाल ही में हुए व्यापार समझौते पर इस नए ग्लोबल टैरिफ के प्रभाव के बारे में सवाल किया, तो ट्रंप ने साफ कहा, “भारत के साथ व्यापार समझौते में कुछ नहीं बदलेगा। वे टैरिफ चुकाते रहेंगे, हम नहीं।” व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि भारत सहित उन देशों पर जो पहले टैरिफ डील कर चुके हैं, अब 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लागू होगा, भले ही पहले समझौते में अलग दर तय हुई हो। इससे पहले अमेरिका-भारत के बीच अंतरिम समझौते में भारत पर 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत टैरिफ किया गया था, लेकिन अब यह 10 प्रतिशत पर आ जाएगा।

ट्रंप ने कहा कि यह अस्थायी कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को संतुलित करने, व्यापार घाटे को कम करने और अमेरिकी श्रमिकों-उद्योगों की रक्षा के लिए जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ाएगा और कई देशों के साथ पहले हुए समझौतों पर असर डालेगा।

उत्तराखंड : जट्टा-कोटियालगांव में SHGs री-पैकेजिंग यूनिट और नौगांव में युवा हिमालय के नए आउटलेट का शुभारंभ

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नौगांव (उत्तरकाशी) :  उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। युवा हिमालय संगठन ने जट्टा-कोटियालगांव में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की री-पैकेजिंग यूनिट और नौगांव बाजार में अपने नए रिटेल आउटलेट का औपचारिक उद्घाटन किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तराखंड भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट रहीं। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री डॉ. हिमानी वैष्णव डिमरी, प्रदेश मंत्री डॉ. नेहा शर्मा, प्रदेश मीडिया संयोजक डॉ. दिव्या नेगी, प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल, प्रदेश कार्यालय प्रभारी  शकुंतला देवलाल, प्रदेश कार्यालय सह-प्रभारी  बबली चौहान, गढ़वाल संयोजक रेखा डंगवाल, नौगांव मंडल अध्यक्ष अमिता परमार, प्रदेश मंत्री (ओबीसी मोर्चा) चंडी प्रसाद बेलवाल, किसान संघ उत्तरकाशी के अध्यक्ष गोलू डोभाल तथा नौगांव व्यापार मंडल के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि रुचि भट्ट एवं अन्य अतिथियों ने युवा हिमालय की इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मॉडल सरकार के सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने का बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें स्थानीय भूमि, संस्कृति और परंपराओं का पूर्ण सम्मान करते हुए प्राकृतिक एवं मानव संसाधनों को आर्थिक संपत्ति में बदला जा रहा है।

युवा हिमालय के संस्थापक योगेश बंधानी ने कार्यक्रम में बताया कि संगठन की मूल सोच स्थानीय उत्पादों में मूल्यवर्धन (value addition) कर पहाड़ों में ही रोजगार सृजन करना है। उन्होंने कहा, “पहाड़ों में लॉजिस्टिक्स और लागत की चुनौतियां हैं, लेकिन स्थानीय कच्चे माल की तत्काल उपलब्धता और 24 घंटे के भीतर प्रोसेसिंग हमें बाजार में स्पष्ट बढ़त देती है। आज के जागरूक उपभोक्ता शुद्धता और ट्रेसेबिलिटी (उत्पाद की उत्पत्ति का पता) को प्राथमिकता देते हैं, और युवा हिमालय इसी पर फोकस कर रहा है।”

युवा हिमालय एक अम्ब्रेला मॉडल पर काम कर रहा है, जिसमें SHGs, सामुदायिक संगठन (CBOs) और स्थानीय उद्यमी अपनी अलग पहचान बनाए रखते हुए बड़े बाजार से जुड़ रहे हैं। जट्टा-कोटियालगांव की नई री-पैकेजिंग यूनिट और नौगांव का यह नया आउटलेट इसी मॉडल का हिस्सा हैं। ये पहल स्थानीय उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के साथ-साथ पहाड़ी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

देहरादून में बेखौफ बदमाश: स्कूटी हटाने पर घर में घुसकर हमला, एक की टांग टूटी, तोड़फोड़

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देहरादून:  राजधानी देहरादून के अजबपुर खुर्द इलाके में एक छोटे-से पार्किंग विवाद ने खौफनाक हिंसा का रूप ले लिया। घर के गेट के सामने खड़ी स्कूटी हटाने की गुजारिश पर बदमाशों के एक गिरोह ने परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया। हमले में एक व्यक्ति की टांग टूट गई, जबकि घर में जमकर तोड़फोड़ की गई। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित अमित चौहान (गणेश विहार, अजबपुर खुर्द निवासी) ने बताया कि 14 फरवरी की रात उनके घर के सामने शीतला विहार निवासी समीर ने अपनी स्कूटी पार्क कर दी थी, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। अमित ने विनम्रता से स्कूटी हटाने के लिए कहा, तो समीर ने अभद्र भाषा, गाली-गलौच और धमकी देना शुरू कर दिया। मामूली कहासुनी के बाद समीर वहां से चला गया।

रात करीब 8:30 बजे समीर अपने भाई राहील और करीब 15-20 अन्य साथियों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर अमित के घर पहुंच गया। आरोप है कि हमलावर जबरन घर में घुस आए और अमित, उनके भाई रविंद्र चौहान और घर में मौजूद मेहमानों पर बेरहमी से हमला कर दिया। हमले के दौरान अमित के 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता भी मौजूद थे, जो डर के मारे समझाते रहे, लेकिन हमलावर नहीं माने।

हमलावरों ने घरेलू सामान तोड़-फोड़ दिया और अमित चौहान का पैर इतनी बेरहमी से तोड़ दिया कि उन्हें गंभीर चोटें आईं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि हमला इतना उग्र था कि घर में मौजूद सभी लोग जान बचाने के लिए मजबूर हो गए।

पीड़ित की शिकायत पर नेहरू कॉलोनी थाने में समीर, राहील सहित छह नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

यह घटना देहरादून में लगातार बढ़ रही गुंडागर्दी और बदमाशों के हौसलों की ओर इशारा करती है। आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है, क्योंकि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। स्थानीय लोग पुलिस से सख्त कार्रवाई और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।

42 विधायकों की सदस्यता पर लटकी तलवार, NDA के 32 और RJD के 8 शामिल

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उत्तराखंड बोर्ड : कल से शुरू होंगी 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं, नकल रोकने के लिए कड़े प्रबंध

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देहरादून/रामनगर: उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) द्वारा आयोजित हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) की बोर्ड परीक्षाएं कल 21 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं। ये परीक्षाएं 20 मार्च 2026 तक चलेगीं।

प्रदेश भर में कुल 1261 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 156 संवेदनशील और 6 अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। नकल और अनुचित साधनों को पूरी तरह रोकने के लिए सरकार ने सख्त इंतजाम किए हैं।

शासन ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के आदेश जारी किए हैं, जो केंद्रों पर निगरानी रखेंगे और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
परीक्षाएं एक ही पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की जाएंगी। छात्रों को केंद्र पर कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।

12वीं की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेंगी, जबकि 10वीं की परीक्षाएं 23 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 मार्च (कुछ स्रोतों में 23 मार्च) तक संपन्न होंगी। प्रदेश में लगभग 2.15 लाख से अधिक छात्र इन परीक्षाओं में शामिल होंगे।

शिक्षा विभाग ने सभी केंद्रों पर सीसीटीवी, फ्लाइंग स्क्वॉड, स्थानीय पुलिस और मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की है। छात्रों से अपील की गई है कि वे ईमानदारी से परीक्षा दें और किसी भी प्रकार की गलत गतिविधि से दूर रहें।

उत्तराखंड जन-जन की सरकार जन- जन के द्वार

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उत्तराखंड में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार•661 कैंप, 5.20 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी

 

देहरादून 19 फरवरी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन और जनसेवा का सशक्त मॉडल बनकर उभरा है। यह अभियान सरकार को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है।
राज्य सरकार द्वारा जारी 18 फरवरी 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के सभी 13 जनपदों—अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं उत्तरकाशी—में कुल 661 कैंपों का आयोजन किया जा चुका है। इन कैंपों में अब तक 5,20,049 नागरिकों ने प्रतिभाग कर विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लिया।

केवल एक दिन में ही 13 नए कैंपों का आयोजन हुआ, जिनमें 7,282 लोगों ने भागीदारी की। यह दर्शाता है कि प्रदेश में इस कार्यक्रम के प्रति जनता का उत्साह और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

शिकायत निवारण में बड़ी उपलब्धि

इन कैंपों में अब तक कुल 50,066 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 33,240 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि धामी सरकार केवल सुनवाई ही नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान के लिए भी प्रतिबद्ध है।

प्रमाण पत्र एवं योजनाओं का लाभ

कैंपों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए 71,448 आवेदन प्राप्त हुए हैं। साथ ही अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 2,89,376 नागरिकों को सीधे लाभान्वित किया गया है।

यह अभियान शासन-प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक ठोस कदम सिद्ध हो रहा है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य जनता को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है। शासन स्वयं जनता के द्वार पहुंचे, उनकी समस्याएं सुने और मौके पर समाधान करे—इसी सोच के साथ यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।

उत्तरकाशी : ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान से प्रशासन अधिक सुलभ और पारदर्शी बना : मुख्यमंत्री 

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  • चिन्यालीसौड़ एवं गौचर हवाई पट्टियों का संचालन सेना करेगी; चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर।

उत्तरकाशी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ विकास खंड परिसर में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की शिकायतें व समस्याएं सुनकर मौके पर ही अधिकांश का निराकरण करवाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह अभियान आम जनता के लिए वरदान साबित हो रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुगम, सुलभ और पारदर्शी बनी है। अब तक 600 से अधिक शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया और 40 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ मिला। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जिला मुख्यालय जाने की जरूरत न पड़े, इसलिए गांव-गांव में शिविर लगाकर समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हेली सेवा विस्तार पर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) और गौचर (चमोली) हवाई पट्टियों का संचालन भारतीय सेना के माध्यम से किया जाएगा। ये दोनों पट्टियां सामरिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा की तैयारियां पहले से ही तेज कर दी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिले। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार समन्वयक की भूमिका निभा रही है, जबकि स्थानीय तीर्थ पुरोहित, होटल, टैक्सी-मैक्सी संचालक और स्थानीय लोग ही यात्रा को सफल बनाने में मुख्य भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति के उद्घोष का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनेगा और उत्तराखंड इसमें महत्वपूर्ण योगदान देगा। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को देश-विदेश में पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है। अब तक दो लाख से अधिक ‘लखपति दीदियों’ को सशक्त किया जा चुका है।

स्थानीय लोगों की मांग पर मुख्यमंत्री ने सीएचसी चिन्यालीसौड़ और महाविद्यालय के उच्चीकरण को सीएम घोषणा में शामिल करने का आश्वासन दिया।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यह अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। पांच लाख से अधिक नागरिकों ने इसमें भाग लिया और 40 हजार से अधिक को प्रमाण-पत्र जारी किए गए। जहां समस्याओं का मौके पर समाधान संभव नहीं होता, उन्हें ऑनलाइन ट्रैक कर फॉलो-अप किया जा रहा है।

चारधाम यात्रा 2026: पहली बार केदारनाथ और बदरीनाथ में लगेगी एटीसी प्रणाली, मौसम की पल-पल जानकारी से हेलीकॉप्टर उड़ानें होंगी सुरक्षित

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देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा 2026 के दौरान हेलीकॉप्टर यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहली बार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिससे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पल-पल मौसम की जानकारी उपलब्ध होगी और उड़ानों पर सतत निगरानी रखी जा सकेगी।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) की ओर से यह व्यवस्था की जा रही है। पिछले वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और उत्तरकाशी क्षेत्र में हुए दो हेलीकॉप्टर हादसों में 13 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। इन हादसों के बाद डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) और यूकाडा ने हेलीकॉप्टर उड़ानों के लिए सख्त सुरक्षा मानक लागू किए हैं।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल जाता है। घाटियों में धुंध, बारिश या बर्फबारी हेलीकॉप्टर उड़ानों में बाधा डालती है और हादसों का जोखिम बढ़ाती है। इस समस्या से निपटने के लिए केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में एटीसी सिस्टम लगाया जा रहा है। इस प्रणाली से मौसम की रीयल-टाइम जानकारी मिलेगी, साथ ही हेलीकॉप्टरों की लाइव ट्रैकिंग संभव होगी। यदि मौसम प्रतिकूल होता है, तो उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसके अलावा, सिरसी और सहस्त्रधारा हेलिपैड पर पहले से ही एटीएस (एयर ट्रैफिक सर्विसेज) प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही केदारनाथ और बदरीनाथ में ये नई एटीसी व्यवस्थाएं चालू कर दी जाएंगी।

यूकाडा के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि प्रदेश में सुरक्षित हेली सेवा संचालन के लिए फुलप्रूफ व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता तीर्थयात्रियों की सुरक्षा है। केदारनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया 25 फरवरी तक पूरी कर ली जाएगी। उसके बाद केदारनाथ और बदरीनाथ में एटीसी सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे मौसम संबंधी सटीक जानकारी मिल सकेगी और खराब मौसम में उड़ानें रोकी जा सकेंगी।”

यह कदम चारधाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ) के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा पर निर्भर श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगा। यात्रा अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली है, और इन नई व्यवस्थाओं से हादसों का खतरा काफी कम होने की उम्मीद है। यूकाडा और डीजीसीए मिलकर अन्य सुरक्षा उपायों जैसे उड़ानों की संख्या में नियंत्रण, अनुभवी पायलटों की तैनाती और वेदर स्टेशनों की स्थापना पर भी काम कर रहे हैं।