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Agniveer Vacancy 2026: अग्निवीर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि कल, अभ्यर्थी तुरंत करें अप्लाई

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भारतीय सेना की अग्निवीर भर्ती 2026 के तहत कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CEE) के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अहम सूचना है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि कल निर्धारित है, ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है, वे तुरंत आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

आवेदन की अंतिम मौका

अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन काफी समय से जारी था, लेकिन अब इसकी डेडलाइन खत्म होने वाली है। अंतिम दिन वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक की संभावना को देखते हुए उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे आखिरी समय का इंतजार न करें।

कैसे करें आवेदन

उम्मीदवार Indian Army Official Website पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे—

  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र.
  • फोटो और सिग्नेचर.
  • पहचान पत्र.
  • पहले से तैयार रखें, ताकि फॉर्म भरने में कोई परेशानी न हो.

चयन प्रक्रिया

अग्निवीर भर्ती के तहत चयन प्रक्रिया में मुख्य रूप से—

  • कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CEE).
  • फिजिकल फिटनेस टेस्ट.
  • मेडिकल टेस्ट.

शामिल होते हैं। लिखित परीक्षा के बाद सफल अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा।

युवाओं के लिए सुनहरा मौका

अग्निवीर योजना के तहत युवाओं को सेना में शामिल होकर देश सेवा का अवसर मिलता है। साथ ही प्रशिक्षण, अनुशासन और करियर के नए रास्ते भी खुलते हैं।

ध्यान देने वाली बातें

  • आवेदन की अंतिम तिथि के बाद कोई फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा.
  • गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त हो सकता है.
  • केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही आवेदन करें.

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर सतर्कता का बड़ा प्रहार, दो अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

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उत्तराखंड में सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अल्मोड़ा और किच्छा में हुई इन ट्रैप कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।

लमगड़ा ब्लॉक में लेखाकार गिरफ्तार

अल्मोड़ा जिले के विकासखंड लमगड़ा में तैनात लेखाकार हर सिंह बिष्ट उर्फ हरीश सिंह बिष्ट को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की टीम ने 8 अप्रैल 2026 को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।

आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से शौचालय निर्माण कार्य से जुड़ी 3 लाख रुपये की एफडीआर रिलीज कराने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता टीम ने जाल बिछाकर ब्लॉक कार्यालय में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

किच्छा में उद्यान निरीक्षक पर कार्रवाई

दूसरे मामले में किच्छा स्थित उद्यान विभाग के ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक बादल पांडे को 9 अप्रैल 2026 को ट्रैप टीम ने गिरफ्तार किया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने आम के 16 पेड़ों को काटने की अनुमति देने के बदले 12 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि होने पर टीम ने योजना के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

 

चारधाम यात्रा 2026: गैस संकट और बर्फबारी के बीच सरकार की दोहरी परीक्षा

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उत्तराखंड में इस बार चारधाम यात्रा की तैयारियां असामान्य परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ रही हैं। एक ओर पहाड़ी क्षेत्रों में एल. पी. जी.  (गैस) आपूर्ति को लेकर संकट गहराता दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश ने व्यवस्थाओं को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे में सरकार और प्रशासन के सामने यात्रा को सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित कराने की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है।

मौसम की मार: यात्रा तैयारियों पर ब्रेक

केदारनाथ धाम, यमुनोत्री धाम और बदरीनाथ धाम सहित ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी का दौर जारी है। हालांकि यमुनोत्री में दो दिन बाद धूप खिलने से हालात कुछ सामान्य होते दिखे, लेकिन पैदल मार्ग, सड़कें और निर्माण कार्य अब भी प्रभावित हैं।

बदरीनाथ से औली तक पूरा क्षेत्र बर्फ से ढका हुआ है, जिससे अप्रैल में भी जनवरी जैसी ठंड का अहसास हो रहा है। रूपकुंड, वेदनी बुग्याल, ब्रह्मताल जैसे ट्रैकिंग रूट्स पर भारी बर्फबारी के कारण पर्यटकों को बेस कैंप लौटना पड़ा।

यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर कीचड़ और दलदल बनने से आवाजाही जोखिम भरी हो गई है, जिससे यात्रा व्यवस्थाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।

गैस संकट: स्थानीयों और यात्रियों के लिए बढ़ती परेशानी

चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन और ठहराव की व्यवस्थाएं अहम होती हैं। ऐसे में गैस आपूर्ति में आ रही दिक्कतें होटल व्यवसायियों, ढाबा संचालकों और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से ही परिवहन और आपूर्ति की चुनौतियां रहती हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग बाधित होने से गैस सिलेंडरों की सप्लाई और प्रभावित हो रही है। इससे यात्रा सीजन के दौरान भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

प्रशासन की तैयारी: चुनौतियों के बीच संतुलन की कोशिश

राज्य सरकार और जिला प्रशासन दोनों मोर्चों पर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे हैं। एक ओर बर्फ हटाने, सड़क सुधार और पैदल मार्ग को सुचारु करने के लिए टीमें तैनात की गई हैं, वहीं दूसरी ओर आवश्यक वस्तुओं—खासकर गैस—की आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।

यात्रा मार्गों पर निर्माण कार्य, अस्थायी पुल, रसोईघर, चेंजिंग रूम और सुरक्षा व्यवस्थाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों पर भी असर

चमोली और उत्तरकाशी के वाण, घेस, कुलिंग, दीदना जैसे गांवों में बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं लगातार बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें और सेब बागान भी नुकसान झेल रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।

सरकार के सामने ‘दोहरी परीक्षा’

इस बार चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रशासनिक क्षमता की भी परीक्षा बन गई है।

  • एक तरफ मौसम की अनिश्चितता
  • दूसरी तरफ गैस और आवश्यक आपूर्ति का संकट
  • इन दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।

सरकार को उठाने होंगे ये कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम में जल्द सुधार होता है और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत की जाती है, तो यात्रा को व्यवस्थित किया जा सकता है।

  • गैस सप्लाई की वैकल्पिक व्यवस्था.
  • आपातकालीन स्टॉक.
  • मार्गों की त्वरित मरम्मत.
  • और रियल-टाइम मॉनिटरिंग.

उत्तराखंड: मोक्ष केदार घाट पर कुत्ते नोच रहे अधजले शवों के अवशेष, आखिर कौन है जिम्मेदार…?

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उत्तरकाशी: मोक्ष केदार घाट पर इन दिनों एक बेहद चिंताजनक और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। भागीरथी नदी किनारे स्थित इस घाट पर अधजले शवों के अवशेष खुले में पड़े होने के कारण लावारिस कुत्ते उन्हें नोचते नजर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय का माहौल है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद अवशेषों का सही तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से घाट क्षेत्र में गंदगी बढ़ रही है और लावारिस कुत्तों की आवाजाही भी लगातार बढ़ रही है।

लोगों में बढ़ा खतरा, कुत्तों के हमले की घटनाएं
गंगा विचार मंच से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, कुत्तों के मुंह में मानव अवशेष आने से उनका व्यवहार आक्रामक हो रहा है। इसका असर आसपास के इलाकों में भी देखने को मिल रहा है, जहां हाल ही में कुत्तों ने करीब 18 लोगों को काटकर घायल कर दिया।

प्रांत संयोजक लोकेंद्र बिष्ट ने बताया कि कोविड काल के दौरान भी इस तरह की स्थिति सामने आई थी, लेकिन वर्तमान में सामान्य हालात होने के बावजूद ऐसी लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आए दिन कुत्तों के झुंड घाट पर पहुंचकर अधजले अवशेषों को नोचते दिखाई दे रहे हैं।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगर पालिका से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि घाट पर अंतिम संस्कार के बाद सफाई व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए और लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए. लोगों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है, जिससे जनस्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों पर खतरा बढ़ेगा।

चारधाम यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्य सचिव की उच्चस्तरीय बैठक, विभागों को दिए निर्देश

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देहरादून: सचिवालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि इस बार यात्रा को पिछले वर्षों से बेहतर व्यवस्था के साथ आयोजित किया जाएगा। ट्रैफिक प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:

  • ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए प्रमुख जगहों पर पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश।
  • 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य।
  • स्लाइडिंग जोन (भूस्खलन वाले क्षेत्रों) को पहले से चिन्हित कर वहां मशीनरी और जेसीबी तैनात रखने को कहा गया।
  • यात्रा मार्गों पर साइन बोर्ड, पब्लिक सुविधाएं और रेस्टिंग पॉइंट्स बढ़ाने के निर्देश।
  • हेलीकॉप्टर सेवा और रेस्क्यू सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर।
  • बिजली, पेयजल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त आदेश।
  • यात्रियों को यात्रा संबंधी हर अपडेट SMS और WhatsApp के माध्यम से भेजने की व्यवस्था।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, विद्युत, पेयजल सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

केदारनाथ यात्रा के लिए हेली सेवा बुकिंग 11 अप्रैल से होगी शुरू

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केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। इस वर्ष हेली सेवा की टिकट बुकिंग 11 अप्रैल से शुरू की जा रही है। यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने पूरी तैयारियां कर ली हैं।

जानकारी के अनुसार, पहले चरण में 22 अप्रैल से 23 जून तक की यात्रा अवधि के लिए हेली टिकटों की बुकिंग की जाएगी। श्रद्धालु इन टिकटों को केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही बुक कर सकेंगे। पारदर्शिता और धोखाधड़ी से बचाव के लिए ऑनलाइन बुकिंग को अनिवार्य रखा गया है।

हर साल की तरह इस बार भी गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से केदारनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवाएं संचालित की जाएंगी। ये सेवाएं खासतौर पर बुजुर्गों, बीमार श्रद्धालुओं और कम समय में दर्शन करने वाले यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होती हैं।

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही टिकट बुक करें और किसी भी अनधिकृत एजेंट या दलाल से सावधान रहें। साथ ही, यात्रा से पहले मौसम की जानकारी और जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि नजदीक आने के साथ ही यात्रा को लेकर उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में हेली सेवा की बुकिंग शुरू होने से हजारों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इजरायल का लेबनान पर भीषण हमला: 10 मिनट में 100 मिसाइलें दागीं, 250 मौतें

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नई दिल्ली/बेरूत: इजरायल ने लेबनान पर एक बार फिर भारी हमले किए हैं। गुरुवार सुबह इजरायली वायुसेना ने मात्र 10 मिनट के अंदर 100 से अधिक ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इस भीषण हवाई हमले में कम से कम 250 लोगों की मौत हो गई, जबकि 890 लोग घायल हुए हैं।

लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, हमले मुख्य रूप से दक्षिण लेबनान के विभिन्न इलाकों में किए गए, जहां हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। स्थानीय अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ है और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

इजरायली सेना ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई लेबनान से लगातार हो रहे रॉकेट हमलों के जवाब में की गई। हालांकि, लेबनान सरकार ने इसे “नरसंहार” करार दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने दोनों पक्षों से तुरंत संघर्षविराम की अपील की है। फिलहाल इलाके में तनाव चरम पर है और आगे और हमलों की आशंका बनी हुई है।

केरल, असम और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026: मतदान जारी, भारी मतदाता उत्साह, प्रमुख नेताओं ने डाले वोट

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नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/पुदुचेरी: लोकतंत्र का उत्सव आज केरल, असम और पुदुचेरी में पूरे जोरों पर है। कुल 296 विधानसभा सीटों (केरल-140, असम-126, पुदुचेरी-30) पर एक चरण में मतदान चल रहा है। सुबह 7 बजे शुरू हुए मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। मतगणना 4 मई को होगी।073821

मतदान की लाइव स्थिति

केरल: 140 सीटों पर लगभग 883 उम्मीदवार। 2.7 करोड़ से अधिक मतदाता। सुबह के घंटों में अच्छी वोटिंग देखी गई। LDF (पिनाराई विजयन) हैट्रिक, UDF और BJP (एनडीए) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला।

असम: 126 सीटों पर 722+ उम्मीदवार। 2.5 करोड़ मतदाता। BJP (हिमंता बिस्वा सरमा) तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है।

पुदुचेरी: 30 सीटों पर 294 उम्मीदवार। 9.5 लाख मतदाता। AINRC-NDA (एन. रंगासामी) बनाम INDIA गठबंधन।

करीब 6.1 करोड़ मतदाता इन चुनावों में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं, जिसमें लाखों युवा पहली बार वोट डाल रहे हैं।5cee1a

प्रमुख नेताओं ने डाले वोट

केरल: मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर के धरमडोम में वोट डाला। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद सुरेश गोपी ने भी मतदान किया। अन्य नेताओं में कांग्रेस के वीडी सतीशन शामिल रहे।

असम: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और अन्य भाजपा-एनडीए नेताओं ने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाले।

पुदुचेरी: मतदान केंद्रों पर रोबोट का आकर्षक स्वागत देखा गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मतदाताओं से रिकॉर्ड मतदान की अपील की।

सुरक्षा और व्यवस्था

चुनाव आयोग ने कड़ी सुरक्षा के साथ EVM-VVPAT का इस्तेमाल सुनिश्चित किया। वेबकास्टिंग, ड्रोन और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू। कुछ इलाकों में बारिश के बावजूद मतदाताओं की लंबी कतारें।

ये चुनाव NDA, INDIA और लेफ्ट के बीच महत्वपूर्ण टेस्ट हैं। असम में भाजपा की हैट्रिक, केरल में लेफ्ट की हैट्रिक और पुदुचेरी में स्थिर सरकार के मुद्दे हावी हैं।

केदारनाथ धाम में 20 घंटों से बर्फबारी, यात्रा तैयारियों पर असर, प्रशासन अलर्ट

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केदारनाथ धाम में पिछले 20 घंटों से लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की रफ्तार धीमी कर दी है। कपाट खुलने की तिथि नजदीक होने के बावजूद बदले मौसम ने प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। इस बार धाम में बेमौसम बर्फबारी देखने को मिल रही है। जहां सर्दियों के महीनों में अपेक्षाकृत कम बर्फ गिरी थी, वहीं अब कपाट खुलने से ठीक पहले हो रही भारी बर्फबारी ने हालात को कठिन बना दिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 19 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की डोली प्रस्थान करेगी, जबकि 22 अप्रैल को कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

पैदल मार्ग पर बढ़ी मुश्किलें
केदारनाथ पैदल मार्ग पर छोटी लिनचोली से धाम तक भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण पूरा इलाका बर्फ से ढक गया है। इससे निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सोनप्रयाग से केदारपुरी तक लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) गुप्तकाशी द्वारा यात्रा मार्ग को सुगम बनाने के लिए कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन लगातार बर्फबारी और बारिश के चलते श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दो टीमें जुटीं मार्ग साफ करने में
बर्फ हटाने के लिए 60 श्रमिकों की दो टीमें तैनात की गई हैं। एक टीम केदारनाथ की ओर से और दूसरी छोटी लिनचोली की ओर से मार्ग साफ कर रही है। मंगलवार तक करीब 4 से 5 फीट चौड़ाई में रास्ता साफ किया गया था, लेकिन ताजा बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर फिर से बर्फ जम गई है।

लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह के अनुसार, मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती पर विचार किया जा रहा है, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग पूरी तरह सुचारु किया जा सके। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है।

व्यवसायियों की बढ़ी चिंता
लगातार खराब मौसम का असर केदार घाटी के स्थानीय व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। कई व्यवसायियों ने यात्रा को ध्यान में रखते हुए पहले ही लाखों रुपये खर्च कर सामग्री, ईंधन और टेंट की व्यवस्था कर ली है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के चलते कारोबार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

प्रशासन मुस्तैद, तैयारियां जारी
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि बर्फबारी से चुनौतियां जरूर बढ़ी हैं, लेकिन धाम में सभी तैयारियां लगातार जारी हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

अमेरिका-ईरान युद्धविराम का असर: शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 2700 अंक उछला

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मेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 2,700 से अधिक अंकों की छलांग के साथ खुला, जबकि Nifty 50 815 अंकों की बढ़त के साथ 23,900 के स्तर के पार पहुंच गया।

रुपये में भी मजबूती

भूराजनीतिक तनाव कम होने का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखा। शुरुआती कारोबार में रुपया 50 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.56 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, युद्धविराम से वैश्विक बाजारों में स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है।

RBI के फैसले पर भी नजर

आज Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले भी आने हैं, जिस पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है। इससे बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है।

किन शेयरों में रही तेजी

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में करीब 10% की सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, अदानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी प्रमुख लाभ में रहे। वहीं, टेक महिंद्रा इस तेजी में पिछड़ने वाला एकमात्र शेयर रहा।

एशियाई बाजारों में भी तेजी

वैश्विक संकेत भी सकारात्मक रहे। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं, अमेरिकी बाजार मंगलवार को स्थिर रुख के साथ बंद हुए।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता घटी है। इससे वैश्विक बाजारों में भरोसा बढ़ा है।

विश्लेषकों के अनुसार, युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवागमन की सहमति से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक संकेत है।

कच्चे तेल में गिरावट

वैश्विक तेल मानक Brent Crude की कीमत 13.24% गिरकर 94.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जिससे बाजार को और मजबूती मिली है।

निवेशकों की गतिविधि

मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 8,692.11 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 7,979.50 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एक दिन पहले बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ था, जहां सेंसेक्स 509.73 अंक बढ़कर 74,616.58 पर और निफ्टी 155.40 अंक चढ़कर 23,123.65 पर बंद हुआ था।