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ईडी का बड़ा एक्शन,  युवराज  सिंह, सोनू सूद और  उर्वशी रौतेला समेत कई सेलेब्रिटीज की संपत्तियां कुर्क

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नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप ‘1xBet’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा, अभिनेता सोनू सूद, पूर्व टीएमसी सांसद और अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती समेत कई हस्तियों की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं। इस मामले की अनुमानित राशि 1,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत यह provisional attachment order जारी किया है। कुर्क की गई संपत्तियों में अभिनेत्री नेहा शर्मा, मॉडल उर्वशी रौतेला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड संपत्ति और बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा की संपत्तियां भी शामिल हैं।

कुर्क संपत्तियों का ब्रेकअप इस प्रकार है:

  • युवराज सिंह: 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति
  • रॉबिन उथप्पा: 8.26 लाख रुपये की संपत्ति
  • उर्वशी रौतेला की मां के नाम पर: 2.02 करोड़ रुपये की संपत्ति
  • सोनू सूद: 1 करोड़ रुपये की संपत्ति
  • मिमी चक्रवर्ती: 59 लाख रुपये की संपत्ति
  • अंकुश हाजरा: 47.20 लाख रुपये की संपत्ति
  • नेहा शर्मा: 1.26 करोड़ रुपये की संपत्ति

इस कार्रवाई से इस दौर में कुल 7.93 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क हुई हैं। इससे पहले मामले में शिखर धवन और सुरेश रैना से जुड़ी संपत्तियां भी कुर्क की जा चुकी हैं, जिससे कुल कुर्क राशि अब 19.07 करोड़ रुपये हो गई है।

ईडी की जांच में पाया गया कि ये हस्तियां कथित तौर पर अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म को प्रमोट करने के लिए एंडोर्समेंट डील्स में शामिल थीं, जिससे प्राप्त धन को ‘क्राइम की आय’ माना जा रहा है। जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई संभव है।

यह मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सरकार की सख्ती का हिस्सा है, जहां करोड़ों भारतीय यूजर्स शामिल बताए जा रहे हैं।

ईडी की बड़ी कार्रवाई, 13 ठिकानों पर छापे; 4.62 करोड़ कैश, 313 किलो चांदी और 6 किलो सोना जब्त

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नई दिल्ली: अवैध रूप से भारतीय युवाओं को अमेरिका भेजने के ‘डंकी रूट’ रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की जालंधर जोनल टीम ने गुरुवार (18 दिसंबर) को दिल्ली, पंजाब (जालंधर) और हरियाणा (पानीपत) में 13 से अधिक व्यावसायिक और आवासीय ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

इस कार्रवाई में दिल्ली के एक ट्रैवल एजेंट के परिसर से 4.62 करोड़ रुपये नकद, 313 किलो चांदी और 6 किलो सोने के बिस्किट जब्त किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 19 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, हरियाणा में एक मुख्य आरोपी के ठिकाने से ‘डंकी’ बिजनेस से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज बरामद हुए। जांच अधिकारियों ने छापों के दौरान मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से आपत्तिजनक चैट भी Recover की हैं।

ईडी की जांच फरवरी 2025 में अमेरिकी सरकार द्वारा सैन्य कार्गो विमान से 330 भारतीय नागरिकों को भारत वापस भेजे जाने से संबंधित पंजाब और हरियाणा पुलिस की दर्ज एफआईआर पर आधारित है। इन लोगों को अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने के आरोप में डिपोर्ट किया गया था। जांच में पता चला कि ट्रैवल एजेंट और उनके सहयोगी भोले-भाले लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का लालच देकर लाखों-करोड़ों रुपये वसूलते थे, लेकिन उन्हें दक्षिण अमेरिकी देशों के खतरनाक रास्तों से अवैध रूप से अमेरिका पहुंचाया जाता था।

आरोपियों द्वारा यात्रा के दौरान पीड़ितों को टॉर्चर किया जाता था, अतिरिक्त पैसे वसूले जाते थे और गैर-कानूनी काम करवाए जाते थे। कुछ मामलों में एजेंट पीड़ितों की प्रॉपर्टी दस्तावेज कमीशन की गारंटी के रूप में रखते थे।

इससे पहले जुलाई 2025 में ईडी ने इस मामले में 19 ठिकानों पर छापे मारे थे और हाल ही में आरोपियों की 5.41 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। वर्तमान छापे सिंडिकेट के ‘दूसरे और तीसरे लेयर’ के लोगों पर केंद्रित थे, जिनमें जालंधर की रिची ट्रैवल्स, दिल्ली के तरुण खोसला और पानीपत के बलवान शर्मा जैसे नाम शामिल हैं।

‘डंकी’ शब्द उस लंबी, जोखिम भरी और अवैध यात्रा को संदर्भित करता है, जिससे अप्रवासी देशों की सीमाएं पार करके घुसपैठ करते हैं। ईडी की यह कार्रवाई अवैध मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के इस संगठित नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जांच जारी है और आगे गिरफ्तारियां संभव हैं।

बड़ा हादसा : पानी टंकी फटने से 3 मजदूरों की मौत और 8 घायल

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महाराष्ट्र के नागपुर जिले के बुटीबोरी एमआईडीसी क्षेत्र में स्थित अवाडा इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड नामक सोलर पैनल निर्माण फैक्ट्री में शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। फैक्ट्री परिसर में बनी विशाल पानी की टंकी अचानक भरभराकर ढह गई, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए।

इस हादसे में 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से शवों को बाहर निकाला गया तथा घायलों को सुरक्षित बचाया गया। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में टंकी के स्ट्रक्चर में कमजोरी या निर्माण संबंधी लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

यह हादसा औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राज्य सरकार से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

उत्तराखंड: रिवर्स पलायन तथा वेंडिंग डेस्टिनेशन पर जोर।

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रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए प्रवासी पंचायतों का आयोजन होगा।

ग्रामीण आजीविका बढ़ाने के लिए उत्तराखंड सरकार कर रही है ठोस प्रयास

देहरादून 19 दिसंबर।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखण्ड की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन पिछले चार–पाँच वर्षों में रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत ऋण लेने पर पात्र लाभार्थियों को अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।

प्रवासी पंचायतों और वेडिंग डेस्टिनेशन विकास पर विशेष बल

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्यभर में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जाए, जिनमें देश एवं विदेश में कार्यरत प्रवासियों को आमंत्रित किया जाए। उन्हें राज्य सरकार की रिवर्स पलायन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी जाए और उनके सुझाव भी प्राप्त किए जाएँ।
मुख्यमंत्री ने आयोग के सदस्यों से अन्य राज्यों में जाकर रिवर्स पलायन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी देने के साथ ही पलायन रोकने और रिवर्स पलायन से जुड़े नवाचारों का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि त्रियुगीनारायण की तर्ज पर राज्य के 25 नए स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। इन स्थलों में सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लघु उद्योगों के संवर्धन पर भी बल दिया गया।

रिवर्स पलायन की दिशा में उत्साहजनक परिणाम

ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ॰ एस.एस. नेगी ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अब रिवर्स पलायन का रुझान देखने को मिल रहा है। अब तक लगभग 6282 व्यक्ति वापस अपने गाँवों में लौटे हैं। इनमें देश के भीतर और विदेशों से लौटे लोग भी शामिल हैं। अधिकतर लोग पर्यटन एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में कार्यरत हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

बैठक में आयोग के सदस्यों ने रिवर्स पलायन को और गति देने के लिए कई रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, डॉ॰ श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री सी. रविशंकर, अपर सचिव अनुराधा पाल, डॉ॰ मेहरबान सिंह बिष्ट, चन्द्र सिंह धर्मशक्तू, श्री संतोष बडोनी, सुरेश जोशी, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह शाही दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली एवं रंजना रावत उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में रिवर्स पलायन बढाने पर

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उत्तरकाशी में भालू का आतंक बढ़ा, मल्ला गांव में मादा भालू दो बच्चों के साथ घर में घुसी; CCTV में कैद

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उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में भालुओं की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। भटवाड़ी ब्लॉक के मल्ला गांव में एक मादा भालू अपने दो बच्चों के साथ घर में घुस आई। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में भालू परिवार घर के आंगन और छत पर चहलकदमी करता नजर आ रहा है। दोनों शावक आपस में लड़ते भी दिखे, जिसके बाद मादा भालू ने उन्हें अलग किया। काफी देर तक भालू भोजन की तलाश में घर में घूमते रहे।

टकनौर क्षेत्र सहित कई गांवों में भालू घरों की छतों और आंगनों में घूम रहे हैं, जिससे ग्रामीण अंधेरा होने के बाद बाहर निकलने से डर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भालू आए दिन हमले कर रहे हैं। पहले भी भालू के डर से भागते समय जंगल में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। भालू छानियां और मकानों को तोड़कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाल ही में मोरी ब्लॉक के जखोल गांव में भी भालू ने कई घरों के दरवाजे तोड़ डाले।

ग्रामीण गंगा सिंह रावत, धाम सिंह, गौर सिंह, जगदीश, ताली राम, जयेंद्र सिंह, राजी सिंह, भगवान सिंह, फागणु आदि ने बताया कि यह भालू कई दिनों से गांव के आसपास मंडरा रहा था। पहले यह जंगलों में काम करने वालों और मवेशियों को निशाना बनाता था, अब सीधे आबादी में घुस रहा है। ग्रामीणों ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) को ज्ञापन सौंपकर भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भालू के डर से दिनचर्या प्रभावित हो रही है और लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।

जलवायु परिवर्तन से बदला भालुओं का जीवन चक्र

प्रभागीय वन अधिकारी डीपी बलूनी ने कहा कि पहाड़ों में कम बर्फबारी और समय पर ठंड न पड़ने से भालुओं का जीवन चक्र बदल गया है। भालुओं को आसानी से भोजन नहीं मिल रहा और उनके आवास स्थल सुरक्षित नहीं रह गए। जलवायु परिवर्तन का असर भालुओं पर सीधे पड़ रहा है, जिससे वे आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। वन विभाग से ग्रामीणों ने तत्काल कदम उठाने की अपील की है, अन्यथा स्थिति और गंभीर हो सकती है। जिले में भालू-मानव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

30 पत्रकारों को जिंदा जलाने का प्रयास दफ्तरों पर लगाई आग

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ढाका । बांग्लादेश में जुलाई विद्रोह के प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत की खबर फैलते ही राजधानी ढाका समेत कई शहरों में हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख अखबारों प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों पर हमला बोल दिया, तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इस घटना में द डेली स्टार के कम से कम 25 पत्रकार चार घंटे से अधिक समय तक इमारत के अंदर फंस गए, जिन्हें बाद में सेना और फायर सर्विस की मदद से सुरक्षित निकाला गया।

Bangladesh unrest: Protestors set fire to newspaper offices; Yunus calls  for calm | 5 key updates | World News

हादी (32 वर्ष) पर 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली चलाई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सिंगापुर में इलाज के दौरान गुरुवार देर रात उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर फैलते ही शाहबाग चौराहे पर हजारों प्रदर्शनकारी जमा हो गए और नारे लगाते हुए प्रोथोम आलो के दफ्तर पहुंचे। रात करीब 12 बजे तोड़फोड़ शुरू हुई और इमारत में आग लगा दी गई। इसके बाद भीड़ ने पास ही द डेली स्टार के दफ्तर पर हमला किया।

Bangladesh on edge: Massive protests erupt after Sharif Osman Hadi's death; newspaper  offices gutted in fire - The Times of India

द डेली स्टार की एक रिपोर्टर जायमा इस्लाम ने सोशल मीडिया पर बताया कि इमारत में धुआं इतना ज्यादा था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था। फायर सर्विस की टीम भीड़ के कारण मौके पर नहीं पहुंच सकी। सुबह करीब 4 बजे पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों अखबारों के दफ्तरों में भारी नुकसान हुआ है, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

Bangladesh rocked by unrest over death of student leader | Reuters

हिंसा अन्य जगहों पर भी फैली। आवामी लीग के कई दफ्तरों में तोड़फोड़ हुई और आग लगाई गई। कुछ रिपोर्ट्स में भारतीय दूतावास संबंधित स्थानों पर पथराव की भी खबर है।

यूनुस की शांति अपील

अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित कर शांति की अपील की। उन्होंने हादी की मौत को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया और 20 दिसंबर को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया। यूनुस ने कहा, “धैर्य और संयम बनाए रखें। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पेशेवर तरीके से जांच करने दें। सरकार कानून का राज कायम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

हादी जुलाई 2024 के विद्रोह में प्रमुख भूमिका निभाने वाले नेता थे और फरवरी 2026 के चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने वाले थे। उनकी मौत से बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति फिर से अस्थिर हो गई है। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

उत्तराखंड में घने कोहरे का येलो अलर्ट, कई जिलों में शीत दिवस की स्थिति बनने के आसार

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देहरादून। उत्तराखंड में दिसंबर का आधा महीना बीतने के साथ ही ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज कई जिलों में घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों में सुबह-शाम घना कोहरा छाने की संभावना है।

विशेष रूप से ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के कुछ इलाकों में शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थिति रह सकती है, जहां दिन का तापमान सामान्य से काफी कम रहता है। पर्वतीय क्षेत्रों में 20 और 21 दिसंबर को हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार हैं, जबकि 22 से 24 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
गुरुवार को दर्ज तापमान के अनुसार, देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 24.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री ऊपर 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के अन्य मैदानी इलाकों में भी तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, लेकिन कोहरे के कारण ठंड का अहसास अधिक हो रहा है।

ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक

घने कोहरे ने रेल यातायात को भी प्रभावित किया है। उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में कम विजिबिलिटी के कारण कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। गुरुवार को लिंक एक्सप्रेस करीब पांच घंटे, राप्ती गंगा एक्सप्रेस सात घंटे और कुंभ एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से देहरादून पहुंची। गोरखपुर-देहरादून एक्सप्रेस भी सात घंटे विलंब से रवाना हुई।

पिछले चार दिनों से मैदानी क्षेत्रों में कोहरे की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्री सलाह दी जाती है कि ट्रेन की स्थिति की पहले जांच कर लें। कोहरे के कारण सड़क यातायात पर भी असर पड़ रहा है, इसलिए वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में उत्तराखंड बोर्ड का पाठ्यक्रम अनिवार्य

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। यह कदम अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और मुख्यधारा की शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया है, जिसके तहत धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ बोर्ड का निर्धारित पाठ्यक्रम सभी अल्पसंख्यक संस्थानों में लागू होगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में पूरे देश को नई दिशा दिखाई है।

मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं और प्रतिभागियों का आभार जताते हुए कहा कि यूसीसी लागू करने पर कई महिलाओं ने उन्हें भाई की तरह सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में मेधावी अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।

सीएम धामी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इसके अलावा प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत भी अल्पसंख्यक बच्चों को वार्षिक छात्रवृत्ति दी जा रही है।

यह कानून सभी अल्पसंख्यक समुदायों मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग उपस्थित थे, जिन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं की सराहना की।

उत्तराखंड : खेल महाकुंभ का नाम बदलकर रखा मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी

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देहरादून : उत्तराखंड में इस वर्ष खेल महाकुंभ नए प्रारूप में “मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26” के नाम से आयोजित किया जाएगा। इसकी शुरुआत 23 दिसंबर से होगी और समापन 28 जनवरी को होगा। गुरुवार को सचिवालय में प्रेस वार्ता कर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने यह जानकारी दी।

मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रतियोगिता चार चरणों न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर—में आयोजित की जाएगी। कुल 26 खेल स्पर्धाएं होंगी, जिनमें परंपरागत खेलों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।

चैंपियन का निर्धारण खिलाड़ियों द्वारा जीते गए मेडलों के आधार पर दिए गए अंकों के योग से होगा। मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी विजेता को 5 लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसी तरह सांसद ट्रॉफी विजेता टीम को 2 लाख रुपये और विधानसभा ट्रॉफी विजेता टीम को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले खिलाड़ी को अतिरिक्त 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

1.10 लाख से अधिक पंजीकरण मंत्री ने बताया कि चैंपियनशिप के लिए पंजीकरण 14 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं और अब तक 1 लाख 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। ऑनलाइन पंजीकरण 22 दिसंबर तक开放 रहेंगे।

दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग स्पर्धाएं प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन और तैराकी की अलग स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। इस श्रेणी के लिए भी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

खिलाड़ियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश खेल मंत्री ने सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रायल एवं प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रत्येक खिलाड़ी के पास जूते और ट्रैकसूट अनिवार्य रूप से हों। सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम, हर खेल स्थल पर स्वास्थ्य टीम की तैनाती, आवश्यकता पड़ने पर रात्रि विश्राम एवं भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।