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पांच लोगों की मौत से हड़कंप, संग्रह अमीन व परिवार के गोली लगे शव घर में पड़े मिले

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा कस्बे में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। सोमवार को कौशिक विहार कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान में नकुड़ तहसील में तैनात संग्रह अमीन अशोक कुमार (40) और उनके परिवार के पांच सदस्यों के गोली लगे शव बरामद हुए।

मृतकों में अशोक कुमार (40), उनकी मां विद्यावती (70), पत्नी अंजिता (35) और दो नाबालिग बेटे कार्तिक (16) तथा देव (13) शामिल हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, अशोक को सिर की कनपटी पर गोली लगी थी, जबकि अन्य चार सदस्यों (मां, पत्नी और दोनों बेटों) को माथे पर गोली मारी गई। घटनास्थल से एक तमंचा (कंट्री मेड पिस्तौल) बरामद हुआ है, कुछ रिपोर्टों में तीन तमंचों का जिक्र भी है।

पुलिस के मुताबिक, परिवार कुछ समय से सरसावा में किराए के मकान में रह रहा था। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार शांत स्वभाव का था और किसी बड़े विवाद या तनाव की कोई जानकारी नहीं थी। मंगलवार सुबह घर से लंबे समय तक कोई हलचल न होने पर शक होने के बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने साक्ष्य जुटाए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस फिलहाल इस मामले को सामूहिक आत्महत्या या पारिवारिक त्रासदी के एंगल से देख रही है, जिसमें संभावना जताई जा रही है कि अशोक ने पहले परिवार के अन्य सदस्यों को गोली मारी और फिर खुदकुशी की। हालांकि, हत्या के अन्य पहलुओं को भी नकारा नहीं जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत का सटीक कारण और घटनाक्रम स्पष्ट होगा।

उत्तराखंड का वीर सपूत हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद, आज पहुंचेगा पार्थिव शरीर

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देहरादून/बागेश्वर: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया शहीद हो गए। यह घटना ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ के दौरान हुई, जिसमें भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेस (टू पैरा कमांडो यूनिट) के जवान आतंकियों की तलाश में जुटे थे। शहीद गजेंद्र सिंह मूल रूप से बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिथ्थी (पाण्याती) के रहने वाले थे। उनकी उम्र 43 वर्ष थी और वे पुत्र धन सिंह थे।

रविवार रात (18 जनवरी 2026) को सिंहपुरा (सिंगपोरा) क्षेत्र के जंगलों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने जम्मू-कश्मीर स्थित पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद के 2-3 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर ऑपरेशन शुरू किया।

आतंकियों ने ऊंचाई का फायदा उठाते हुए ग्रेनेड हमला किया, जिसमें 8 जवान घायल हुए। हवलदार गजेंद्र सिंह को गंभीर चोटें आईं। उन्हें उधमपुर के मिलिट्री हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां सोमवार (19 जनवरी) की रात में उन्होंने अंतिम सांस ली।

भारतीय सेना के व्हाइट नाइट कोर ने X पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा: “हवलदार गजेंद्र सिंह ने काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन में वीरतापूर्वक सर्वोच्च बलिदान दिया।” सूचना मिलते ही पत्नी और परिवारजन बेसुध हो गए। बच्चे फूट-फूटकर रो रहे हैं। उनका पार्थिव शरीर आज (20 जनवरी 2026) हेलीकॉप्टर से बागेश्वर पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद पैतृक गांव बिथ्थी में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहन शोक व्यक्त किया और शहीद को श्रद्धांजलि दी। पूरे उत्तराखंड में इस खबर से शोक व्याप्त है, लोग सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

उत्तराखंड में 21 से 24 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, पहाड़ों में हो सकती है बारिश-बर्फबारी

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देहरादून: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। राज्य में फिलहाल मौसम शुष्क और ठंडक भरा बना हुआ है, लेकिन अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बड़ा बदलाव आने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, आज (20 जनवरी) पूरे राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, धूप खिलेगी और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है (देहरादून में आज अधिकतम 22-23°C के आसपास)।

21-22 जनवरी: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे उच्च हिमालयी जिलों में 3000 मीटर से ऊंचाई वाले इलाकों में छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क लेकिन ठंड बढ़ सकती है।

23-24 जनवरी: प्रभाव और तेज होगा। राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि 2500-3000 मीटर से ऊपर के क्षेत्रों (जैसे केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, औली, चमोली, पिथौरागढ़ आदि) में बर्फबारी हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं (30-50 किमी/घंटा) का अलर्ट भी है।

यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश के साथ उत्तराखंड में भी बारिश-बर्फबारी होगी। उच्च क्षेत्रों में बर्फ जमा होने से पर्यटन स्थलों पर सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, जिससे यात्रा प्रभावित हो सकती है। पर्यटकों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट चेक करने की सलाह दी जा रही है।

ठंड अभी भी कड़ाके की है, कई जगह न्यूनतम तापमान 4-6°C के आसपास है, और अगले दिनों में तापमान में थोड़ी और गिरावट आ सकती है। मैदानी इलाकों (देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर) में कोहरा भी बढ़ सकता है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हरिद्वार दौरे से पहले हाई अलर्ट पर पुलिस, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

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हरिद्वार। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी दौरे को लेकर हरिद्वार पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गृह मंत्री 21 जनवरी को उत्तराखंड पहुंचेंगे, जहां वे ऋषिकेश में गीता भवन स्वर्गाश्रम के शताब्दी वर्ष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद शाम को हरिद्वार पहुंचकर शांतिकुंज (गायत्री परिवार) के बैरागीद्वीप में चल रहे शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे। 22 जनवरी को भी उनका हरिद्वार में कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें पतंजलि योगपीठ और अन्य धार्मिक-वैचारिक आयोजनों में भागीदारी शामिल है।

जनपद पुलिस ने गृह मंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। होटलों, धर्मशालाओं, गेस्ट हाउसों और अन्य आवास स्थलों पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। सभी ठहरने वालों की पहचान पत्र (आईडी) का मौके पर सत्यापन अनिवार्य किया गया है। बिना वैध पहचान पत्र के किसी को भी कमरा देने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

धर्मशाला प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि हर यात्री का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए और आधार कार्ड की फोटोकॉपी अनिवार्य रूप से संलग्न की जाए। संवेदनशील इलाकों, घाटों, बाजारों और प्रमुख स्थानों पर पुलिस की नजर बढ़ा दी गई है। ढाबों, होटलों और हाईवे के आसपास विशेष सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

पुलिस ने कॉम्बिंग ऑपरेशन को तेज कर दिया है, जिसमें किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। रिकॉर्ड में किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

हरिद्वार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत डायल 112 पर सूचना दें। जिले के सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने और सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के सख्त आदेश दिए गए हैं।

BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में सत्येंद्र राणा हुए शामिल

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नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय में संगठन पर्व के तहत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हुई। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय परिषद सदस्य, सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री और प्रांतीय परिषद सदस्य सहित कुल 22 प्रतिनिधि शामिल हुए।

उत्तराखंड से उत्तरकाशी के निवर्तमान जिला अध्यक्ष एवं देहरादून ग्रामीण के सह-प्रभारी श्री सत्येंद्र सिंह राणा भी इस निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लेने पहुंचे। उन्होंने पार्टी के इस ऐतिहासिक क्षण में सक्रिय योगदान दिया।

यह प्रक्रिया 19 जनवरी 2026 को नामांकन दाखिल करने के साथ शुरू हुई, जिसमें राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण के नेतृत्व में कार्यवाही हुई।

कल 20 जनवरी को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का आधिकारिक ऐलान होने की उम्मीद है, जिसमें नितिन नवीन को निर्विरोध चुने जाने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

बीजेपी में नया अध्याय: नितिन नवीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए दाखिल किया नामांकन, निर्विरोध चुनाव तय

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आज नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई। बिहार के प्रमुख युवा नेता और वर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी मुख्यालय में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई वरिष्ठ नेता और राज्य इकाइयों के प्रमुख मौजूद रहे।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन एकमात्र उम्मीदवार हैं, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। कल यानी 20 जनवरी को बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। यह पार्टी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि 45 वर्षीय नितिन नवीन पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।

नामांकन प्रक्रिया और समर्थन

नामांकन दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसके बाद नामांकन पत्रों की जांच हुई। शाम को नाम वापसी का समय था, लेकिन किसी अन्य उम्मीदवार के सामने आने की कोई संभावना नहीं दिखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन और वरिष्ठ नेताओं के मजबूत बैकअप के साथ नितिन नवीन को पार्टी के अगली पीढ़ी के नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है।

नितिन नवीन बिहार के पटना के बैंकिपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। वे बिहार में कई बार मंत्री रह चुके हैं और हाल ही में दिसंबर 2025 में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त हुए थे। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी एक वरिष्ठ नेता रहे हैं।

अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा होता है। इस प्रक्रिया की देखरेख राष्ट्रीय प्रतिवेदक करते हैं। कम से कम पांच राज्यों से 20-20 सदस्यों के संयुक्त प्रस्ताव से नामांकन संभव होता है, जहां राष्ट्रीय परिषद चुनाव हो चुके हों।

भीषण रेल हादसा: दो हाई-स्पीड ट्रेनों की आमने-सामने भिड़ंत, 21 की मौत, 73 घायल, रेल सेवा ठप

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मैड्रिड/कोर्डोबा (स्पेन): स्पेन के दक्षिणी क्षेत्र में रविवार शाम एक भयानक रेल दुर्घटना हुई, जिसमें दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और 73 से अधिक घायल हुए हैं। यह हादसा कोर्डोबा प्रांत के एडम्यूज (Adamuz) के पास हुआ, जहां एक ट्रेन पटरी से उतरकर विपरीत दिशा की पटरी पर आ गई और दूसरी आने वाली ट्रेन से टकरा गई।

रेल नेटवर्क ऑपरेटर Adif के अनुसार, मालागा से मैड्रिड जा रही Iryo हाई-स्पीड ट्रेन (लगभग 300 यात्रियों के साथ) शाम करीब 7:45 बजे (स्थानीय समय) पटरी से उतर गई। ट्रेन का पिछला हिस्सा पटरी से उतरकर विपरीत पटरी पर चला गया, जहां मैड्रिड से हuelva जा रही दूसरी ट्रेन (लगभग 200 यात्रियों के साथ) से भीषण टक्कर हो गई। दोनों ट्रेनों के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंटे ने मौतों की संख्या 21 की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य पूरा हो चुका है और सभी जीवित यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया है। आंधालूसिया क्षेत्र के स्वास्थ्य प्रमुख एंटोनियो सांज ने बताया कि 73 घायलों को छह अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। कुछ रिपोर्टों में घायलों की संख्या 100 तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद यात्रियों को खिड़कियों से रेंगकर बाहर निकलना पड़ा। वीडियो में ट्रेन के डिब्बों के उलटे पड़े होने और धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है। बचाव दल, अग्निशमन, पुलिस और मेडिकल टीम ने रात भर काम किया। स्पेन के प्रधानमंत्री ने इसे “गहरे दर्द की रात” करार दिया और शोक व्यक्त किया।

हादसे के कारण मैड्रिड और आंधालूसिया के बीच हाई-स्पीड रेल सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। परिवहन मंत्री ने इसे “अत्यंत असामान्य” घटना बताया, क्योंकि यह नई पटरी पर हुआ। तकनीकी खराबी, सिग्नल फेलियर या अन्य कारणों की जांच की जा रही है।

उत्तराखंड: किच्छा कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ के बेटे पर नकाबपोशों ने किया जानलेवा हमला

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रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में राजनीतिक हलचल बढ़ाने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। किच्छा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ के छोटे बेटे तथा रुद्रपुर नगर निगम के पार्षद सौरभ राज बेहड़ पर रविवार शाम तीन नकाबपोश बदमाशों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

घटना घर से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जब सौरभ एक पंचायत संबंधी काम के लिए जा रहे थे। नकाबपोश हमलावरों ने अचानक हमला बोल दिया और लाठियों से जमकर पीटा। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राजनीतिक दलों के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।

विधायक तिलकराज बेहड़ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा लगता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस दोषियों को जल्द नहीं पकड़ पाती, तो वे खुद हमलावरों को पकड़ने के लिए कदम उठाएंगे। कुछ रिपोर्टों में उल्लेख है कि हमले से कुछ दिन पहले सौरभ का एक भाजपा नेता से विवाद हुआ था, जिसे पुलिस जांच के दायरे में लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस को गहन जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित न्याय की बात कही है।

घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक हमला करार देते हुए राज्य सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था में चूक का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज तथा गवाहों के बयानों के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है।

79 जर्जर स्कूलों को ध्वस्त करने के आदेश जारी, डीएम सविन बंसल ने 1 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया

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देहरादून: बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले के 79 सरकारी स्कूल भवनों को पूरी तरह जर्जर पाए जाने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने इन्हें ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इस कार्य के लिए कुल 1 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है।

शिक्षा विभाग द्वारा किए गए सर्वे में कुल 104 स्कूल भवनों की जांच की गई थी। इसमें से 79 स्कूल पूरी तरह निष्प्रयोज्य (अनफिट) पाए गए, जबकि 17 स्कूल आंशिक रूप से जर्जर हैं और इनमें मरम्मत की आवश्यकता है। आठ स्कूलों में कोई ध्वस्तीकरण की जरूरत नहीं बताई गई।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि छात्रों की जान को खतरा होने से बचाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। 63 स्कूलों में पहले से ही वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है, इसलिए इन्हें तत्काल प्रभाव से ध्वस्त किया जाएगा। शेष 16 स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था पूरा होने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।

ध्वस्त होने वाले स्कूलों में शामिल हैं:

माध्यमिक स्तर के 6 स्कूल (कुछ रिपोर्टों में 13 माध्यमिक स्तर के उल्लेखित)

प्रारंभिक स्तर के 57 स्कूल (कुछ स्रोतों में 66 प्राथमिक स्तर के)

डीएम ने सात दिनों के अंदर पूरा एस्टीमेट मंगवाया है ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी जोखिमपूर्ण भवन में पढ़ाई नहीं होगी। आंशिक जर्जर भवनों में सुरक्षा मानकों के आधार पर मरम्मत और प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध होगी। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग को पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए थे।

कुछ स्कूल जहां मरम्मत की आवश्यकता बताई गई है, उनमें राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कारगी, राजकीय इंटर कॉलेज सौडा सरोली (रिलेक्सो कंपनी द्वारा मरम्मत), राजकीय प्राथमिक विद्यालय संघौर, चिट्टाड़, राजकीय इंटर कॉलेज दूधली आदि शामिल हैं।

मौनी अमावस्या पर संगम तट पर विवाद: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को संगम जाने से रोका, साधुओं से धक्का-मुक्की

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प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर माघ मेले के दौरान तनावपूर्ण माहौल बन गया। ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य रथ जुलूस संगम तट तक पहुंचने से पहले ही पुलिस प्रशासन द्वारा रोक दिया गया।

प्रशासन के अनुसार, मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र को ‘नो-व्हीकल जोन’ घोषित किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर शंकराचार्य को रथ से उतरकर पैदल संगम तट तक जाने का अनुरोध किया गया, लेकिन वे रथ से ही आगे बढ़ने पर अड़े रहे।

इसके विरोध में शंकराचार्य के समर्थक साधु-संतों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो आगे चलकर धक्का-मुक्की में बदल गई। कुछ रिपोर्टों में शिष्यों के साथ मारपीट के आरोप भी लगे। घटना से माहौल तनावपूर्ण हो गया और अफरा-तफरी मच गई।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी, तानाशाही तथा संतों के साथ दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “बड़े-बड़े अधिकारी संतों को मार रहे हैं” और ऐसी स्थिति में संगम स्नान करना उचित नहीं। नाराजगी में उन्होंने मौनी अमावस्या का पवित्र स्नान करने से इनकार कर दिया और जुलूस वापस लौटा लिया।

पुलिस कमिश्नर सहित वरिष्ठ अधिकारी शंकराचार्य को मनाने में जुटे, लेकिन वे नहीं माने। माघ मेले में मौनी अमावस्या सबसे प्रमुख स्नान तिथि है, जहां करोड़ों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाते हैं। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए AI, CCTV, ड्रोन और व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे, लेकिन इस घटना ने विवाद खड़ा कर दिया।