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ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का समापन

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ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 का भव्य समापन

राज्यपाल ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर दिया जोर

ऋषिकेश से विश्व को योग का संदेश, राज्यपाल ने जन-जन तक पहुँचाने का किया आह्वान

देहरादून/ऋषिकेश 22 मार्च।राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने ऋषिकेश में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पर्यटन विभाग और गढ़वाल मण्डल विकास निगम द्वारा आयोजित इस महोत्सव में एक सप्ताह तक देश- विदेश से आए 2500 से अधिक योग साधकों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह केवल समापन समारोह नहीं, बल्कि एक नए संकल्प का श्रीगणेश है, जिसके माध्यम से योग का संदेश सम्पूर्ण मानवता तक पहुँचाया जाना है। उन्होंने कहा कि हिमालय की पावन गोद एवं माँ गंगा के तट पर स्थित ऋषिकेश विश्व में आध्यात्मिक चेतना और साधना का प्रमुख केंद्र है। यहाँ की पवित्र भूमि से योग का संदेश सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित होता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे उत्तराखण्ड, विशेषकर ऋषिकेश और हरिद्वार आकर योग एवं आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ें।

राज्यपाल ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा की एकता का माध्यम है। यह केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक विधा है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में आनंद, शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करना है, तो योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक संकट ने हमें स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। योग और आयुर्वेद के माध्यम से हम अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बना सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की विशेष जिम्मेदारी है कि वह योग और आयुर्वेद के संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करे। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे “अमृत पीढ़ी” के रूप में योग को अपनाएँ और इसे जन-जन तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग आज वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है, यह भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रतीक है। आज विश्व योग को अपनी सांस्कृतिक सीमाओं से ऊपर उठकर अपना रहा है।

राज्यपाल ने इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और उत्कृष्ट प्रबंधन का प्रतीक रहा है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी आयोजकों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि योग को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। समापन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले योगाचार्यों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बच्चों ने योगा के करतब भी दिखाए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंदरजीत सिंह बिंद्रा, एवं स्वामी प्रेम बाबा, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, एमडी जीएमवीएन प्रतीक जैन, एसएसपी टिहरी गढ़वाल आयुष अग्रवाल, नगरपालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती नीलम बिजल्वाण एवं स्वामी आत्मस्वरूप आनंद, स्वामी भारत भूषण योगिनी उषा माता, स्वामी सुनील भगत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

अब सिर्फ ‘प्रॉम्प्ट’ से बनेंगे पूरे ऐप: Google AI Studio में बड़ा अपडेट, मिनटों में तैयार होंगे इंटरैक्टिव और मल्टीप्लेयर ऐप

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टेक्नोलॉजी डेस्क। टेक दिग्गज Google ने अपने प्लेटफॉर्म Google AI Studio में बड़ा अपडेट पेश किया है। इस अपडेट के साथ कंपनी ने “फुल-स्टैक वाइब कोडिंग” एक्सपीरिएंस लॉन्च किया है, जिसका मकसद ऐप डेवलपमेंट को पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज बनाना है।

कंपनी के मुताबिक, अब यूजर्स केवल एक साधारण टेक्स्ट प्रॉम्प्ट लिखकर मिनटों में पूरा फंक्शनल एप्लिकेशन तैयार कर सकते हैं। यह नया सिस्टम Antigravity AI एजेंट से पावर्ड है, जो ऐप डेवलपमेंट की लगभग सभी प्रक्रियाओं को खुद संभाल सकता है—चाहे वह कोड लिखना हो, बैकएंड सेटअप करना हो या जरूरी सर्विसेज को इंटीग्रेट करना हो।

जटिल ऐप बनाना हुआ आसान

इस नए अपडेट के जरिए डेवलपर्स अब ज्यादा कॉम्प्लेक्स और एडवांस्ड एप्लिकेशन भी आसानी से बना सकेंगे। प्लेटफॉर्म रियल-टाइम मल्टीप्लेयर एक्सपीरिएंस, कोलैबोरेटिव टूल्स और इंटरैक्टिव ऐप्स को सपोर्ट करता है, जिससे एक साथ कई यूजर्स ऐप में जुड़कर काम कर सकते हैं।

ऑटोमैटिक बैकएंड सेटअप

AI Studio की खास बात यह है कि यह खुद पहचान सकता है कि ऐप को डेटाबेस या लॉगिन सिस्टम की जरूरत है या नहीं। इसके आधार पर यह Firebase की सेवाओं—जैसे Cloud Firestore और ऑथेंटिकेशन टूल्स—का उपयोग करके बैकएंड को अपने आप कॉन्फिगर कर देता है।

मॉडर्न फ्रेमवर्क का सपोर्ट

अपडेट में मॉडर्न वेब डेवलपमेंट फ्रेमवर्क्स के लिए भी सपोर्ट जोड़ा गया है। खास तौर पर Next.js जैसे लोकप्रिय फ्रेमवर्क के साथ ऐप बनाने का विकल्प दिया गया है। इसके अलावा, सिस्टम जरूरत के अनुसार एनीमेशन लाइब्रेरी, UI कंपोनेंट्स और अन्य टूल्स को ऑटोमैटिकली इंस्टॉल भी कर सकता है।

डेवलपर्स के लिए बड़ा बदलाव

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अपडेट डेवलपर्स के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। अब कम कोडिंग ज्ञान रखने वाले यूजर्स भी आसानी से अपने आइडिया को ऐप के रूप में बदल सकेंगे।

Google AI Studio का यह नया फीचर ऐप डेवलपमेंट की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकता है, जहां भविष्य में “कोडिंग” की जगह “प्रॉम्प्ट लिखना” ज्यादा अहम भूमिका निभाएगा।

देहरादून नगर निगम सख्त: पालतू श्वान पॉलिसी 2025 लागू, बंदरों व आवारा पशुओं पर कार्रवाई  तेज 

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देहरादून। शहर में पशुओं से जुड़ी बढ़ती समस्याओं पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम देहरादून ने सख्त रुख अपना लिया है। निगम के पशु चिकित्सा अनुभाग को बंदरों, आवारा कुत्तों, पालतू पशुओं, डेयरी और मीट से संबंधित सभी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सक्रिय किया गया है।

नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि गजट नोटिफिकेशन के बाद 14 मार्च से पालतू श्वान पॉलिसी 2025 पूरी तरह लागू कर दी गई है। इसके तहत शहर में पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त चालान और नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बिना लीश और मज़ल के कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर घुमाने, गंदगी फैलाने और उसे साफ न करने जैसी शिकायतों पर निगम तत्काल कार्रवाई कर रहा है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलते ही जुर्माना लगाया जा रहा है।

इधर, शहर में बंदरों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम ने कोटेशन प्रक्रिया के तहत बंदरों को पकड़ने का काम तेज कर दिया है। किद्दूवाला, टिहरी कॉलोनी, राजपुर, ब्राह्मणवाला, रेलवे स्टेशन और बंगाली कोठी क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा जा चुका है।

नगर निगम का दावा है कि सीएम हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निस्तारण किया जा रहा है, जिससे आम जनता को राहत मिल रही है। नगर निगम की इस सख्त कार्यवाही से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में देहरादून में पशुओं से जुड़ी

देहरादून में LPG आपूर्ति में सुधार, 90 हजार सिलेंडर का बैकलॉग बरकरार

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देहरादून। राजधानी देहरादून में एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के संकेत मिले हैं, हालांकि अब भी करीब 90 हजार सिलेंडरों का बैकलॉग बना हुआ है। प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में 17,705 घरेलू और 384 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई की गई है। वहीं वर्तमान में स्टॉक में 37,488 घरेलू और 1,616 व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिससे आपूर्ति को और बेहतर करने की कोशिश की जा रही है।

स्थिति की निगरानी के लिए गठित क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया दल) टीमों ने विभिन्न गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उपभोक्ताओं से मिली 37 शिकायतों पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान किया।

प्रशासन के अनुसार, बैकलॉग बढ़ने का मुख्य कारण सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी गड़बड़ी रही है, जिसे अब सुधारने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी।

उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी समस्या की सूचना संबंधित एजेंसी या प्रशासन को दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले जिलों में हिमस्खलन का खतरा, प्रशासन अलर्ट

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देहरादून। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने प्रदेश के पर्वतीय जिलों में संभावित बर्फबारी और हिमस्खलन को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस संबंध में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी पत्र के अनुसार, रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान द्वारा शुक्रवार शाम 5 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसमें राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन की आशंका जताई गई है।

पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों को डेंजर लेवल-3 में रखा गया है, जहां हिमस्खलन का खतरा अधिक है। वहीं रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों को डेंजर लेवल-1 में शामिल किया गया है, जहां अपेक्षाकृत कम लेकिन संभावित जोखिम बना हुआ है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अधिक बर्फबारी की स्थिति में एवलांच (हिमस्खलन) का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, पर्यटकों और यात्रियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

स्थानीय प्रशासन को भी आपदा प्रबंधन की तैयारियां दुरुस्त रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तरकाशी : बर्फ से ढकी चोटियां चमकीं, सेब के बागवानों के लिए बड़ी राहत

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उत्तरकाशी। जनपद में मौसम पूरी तरह साफ हो गया है और तेज धूप खिलने से जनजीवन सामान्य होता नजर आ रहा है। खासकर उपला टकनौर क्षेत्र में मौसम खुलते ही चारों ओर बर्फ से ढकी पहाड़ियां चांदी की तरह चमकती दिखाई दे रही हैं, जिससे क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और निखर गया है।

जनपद के गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम सहित शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा और खरसाली के साथ-साथ हर्षिल व सुक्खी टॉप जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हाल ही में अच्छी खासी बर्फबारी दर्ज की गई है।

बर्फबारी के बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा मुख्य मार्गों से बर्फ हटाने का कार्य लगातार जारी है, ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।

इस बर्फबारी का असर कृषि क्षेत्र पर भी सकारात्मक रूप से देखने को मिल रहा है। खासकर नगदी फसल सेब के उत्पादकों के लिए यह राहत भरी खबर है। उत्तरकाशी जिला प्रदेश में सेब उत्पादन के मामले में अग्रणी है, जहां गंगा और यमुना घाटियों में करीब 29 हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है।

सहायक उद्यान अधिकारी टी. एस. पुंडीर के अनुसार, इस बार की बर्फबारी से सेब की फसल को काफी लाभ मिलेगा। वर्तमान समय में अर्ली फ्लावरिंग का दौर रहता है, जिसमें ओलावृष्टि का खतरा बना रहता है। बर्फबारी के कारण पेड़ों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे फ्लावरिंग संतुलित होगी। उन्होंने बताया कि सामान्यतः 10 अप्रैल के बाद होने वाली फ्लावरिंग ही बेहतर फ्रूट सेटिंग के लिए अनुकूल मानी जाती है।

बर्फबारी और मौसम साफ होने के बाद जहां एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य में बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर किसानों के चेहरे पर भी राहत की झलक साफ दिखाई दे रही है।

‘धाकड़ नहीं, धुरंधर धामी’-हल्द्वानी में बोले राजनाथ सिंह, सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

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हल्द्वानी। राजनाथ सिंह ने शनिवार को हल्द्वानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि “धामी साधारण नहीं, धाकड़ धामी हैं, बल्कि अब उन्हें धुरंधर धामी कहना चाहिए।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग स्वभाव से सौम्य होते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अटलता भी दिखाते हैं। उन्होंने राज्य में विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि धामी सरकार का चार साल का कार्यकाल अभूतपूर्व रहा है और विकास ने नई दिशा पकड़ी है।

वैश्विक हालात पर जताई चिंता

राजनाथ सिंह ने खाड़ी देशों और पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि पूरी दुनिया इस समय संकट के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में युद्ध का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक संकट का असर भारत पर भी पड़ सकता है, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पर इसका गंभीर प्रभाव फिलहाल नहीं दिख रहा है।

‘चार साल में चौका, छह साल में छक्का’

रक्षा मंत्री ने कहा कि धामी सरकार ने चार साल में “चौका” लगाया है और आने वाले वर्षों में “छक्का” भी लगाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गठन के बाद संसाधनों की कमी की बात होती थी, लेकिन अब राज्य ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।

उन्होंने चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना को प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

विकास और सुरक्षा पर जोर

राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और पूर्व सैनिकों के हित में कई अहम फैसले लिए गए हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाने के लिए भी धामी सरकार की सराहना की।

मुख्यमंत्री धामी ने रखी सरकार की उपलब्धियां

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के बाद देश में आत्मविश्वास का नया दौर शुरू हुआ है और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पिछले चार वर्षों में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। राज्य में 1700 से अधिक स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं और 30 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया है, और उत्तराखंड को पर्यटन, खेल व रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा रहा है।

भ्रष्टाचार पर सख्ती का दावा

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

पड़ोसी राज्य का बजट पेश : गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत, 300 यूनिट बिजली मुफ्त

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शिमला। मुखयमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट में आम जनता, खासकर गरीब और ग्रामीण वर्ग को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सबसे बड़ी घोषणा के तहत एक लाख गरीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि “मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एक लाख परिवारों का चयन किया जाएगा। इन परिवारों को न सिर्फ मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इसके साथ ही जिन परिवारों के पास पक्के मकान नहीं हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से आवास सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

बजट में शिक्षा क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए 9,660 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सभी स्नातक (यूजी) कोर्स अब सेमेस्टर प्रणाली के तहत संचालित होंगे। वहीं, जिन कॉलेजों में छात्रों की संख्या 75 से कम है, उनके विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय के कॉलेज में पढ़ाई के लिए हर महीने 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

रोजगार और युवाओं के लिए भी कई घोषणाएं की गईं। पंचायत सचिवों के 150 पद भरे जाएंगे, जबकि 500 युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में स्नो टूरिज्म, नाइट पिकनिक और होम-स्टे जैसी योजनाएं शुरू की जाएंगी। 40 गांवों को स्नो टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि महिलाओं के लिए ‘शी ट्रैवल पोर्टल’ लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा कांगड़ा एयरपोर्ट के पास एरोसिटी विकसित करने और जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट से जोड़ने की योजना भी बनाई गई है।

कृषि और पशुपालन क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। प्राकृतिक गेहूं, मक्की, जौ और हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की गई है। पहली बार अदरक की खरीद पर भी MSP लागू किया गया है। साथ ही दूध के दाम में वृद्धि करते हुए गाय के दूध का मूल्य 61 रुपये और भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसान आयोग का गठन किया जाएगा और पारंपरिक बीजों को बढ़ावा देने के लिए “बीज गांव” स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 2030 तक राज्य के हरित क्षेत्र को बढ़ाने और 4,000 हेक्टेयर में पौधारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर हंगामा भी किया। भाजपा विधायकों ने एंट्री टैक्स और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही।

आप रहें सावधान! इलेक्ट्रिक टूथब्रश में धमाका, महिला बाल-बाल बची

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नई दिल्ली। ब्रिटेन के मैनचेस्टर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला के इलेक्ट्रिक टूथब्रश में अचानक विस्फोट हो गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में महिला बाल-बाल बच गई।

मैनचेस्टर निवासी 33 वर्षीय चार्लोट बोवर्स ने बताया कि उन्होंने करीब आठ महीने पहले Oral-B कंपनी का इलेक्ट्रिक टूथब्रश खरीदा था। फरवरी 2026 में जब वह सो रही थीं, तभी अचानक टूथब्रश में धमाका हो गया और उसमें आग लग गई।

आग लगने के बाद बाथरूम में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन शीशे के स्टील फ्रेम ने आग को फैलने से रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। महिला का कहना है कि यदि आग फैल जाती तो उनकी जान को खतरा हो सकता था।

चार्लोट ने बताया कि जब वह बाथरूम में पहुंचीं तो टूथब्रश पूरी तरह जला हुआ था। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि ऐसा भी हो सकता है। मैंने पहले कभी इस तरह की घटना के बारे में नहीं सुना था।”

महिला के अनुसार, उन्होंने हमेशा टूथब्रश को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया और उसे चार्जिंग पर भी नहीं छोड़ा था। इसके बावजूद इस तरह का हादसा होना चौंकाने वाला है।

घटना के बाद उन्होंने कंपनी से शिकायत की, जिस पर कंपनी ने मुआवजे के तौर पर 46 डॉलर या नया टूथब्रश देने की पेशकश की, जबकि महिला के अनुसार इस हादसे में करीब 267 डॉलर का नुकसान हुआ है।

बारिश के बाद भूस्खलन, बदरीनाथ हाईवे सहित कई मार्ग बंद; जनजीवन प्रभावित

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चमोली। चमोली जिले में लगातार बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाएं फिर सामने आई हैं। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और नीति-मलारी हाईवे पर चट्टानें टूटकर गिरने से यातायात बाधित हो गया है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, गोविंदघाट के पास पिनोला क्षेत्र में पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिरने से बदरीनाथ हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। मार्ग अवरुद्ध होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री घंटों तक फंसे रहे। वहीं नीति-मलारी मार्ग भी स्योन-सालधर क्षेत्र के पास भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है।

इन प्रमुख मार्गों के बंद होने से घाटी के कई गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से अस्थायी रूप से कट गया है, जिससे स्थानीय जनजीवन प्रभावित हो गया है।

प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। हालांकि लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। पुलिस के अनुसार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द मार्ग को सुचारू करने के प्रयास जारी हैं।

बताया जा रहा है कि प्रदेश में बीते दिनों से हो रही बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते पहाड़ों में दरारें बढ़ गई हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।