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उत्तराखंड: अंकिता मर्डर केस से गुस्से में देवभूमि, शव बरामद, रिसॉर्ट पर चला JCB

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ऋषिकेश : अंकिता भंडारी की हत्या की बात सामने आने के बाद से ही लोगों में भारी आक्रोश है। अंकिता का शव चीला नहर से बरामद हो गया है। पुलिस अब आगे की कार्रवाई में जुट गई है। आरोपियों ने जुर्म छिपाने के लिए शातिराना अंदाज से साजिश रची थी। अंकिता के एक दोस्त के जरिए पूरा मामला खुला है। फेसबुक से अंकिता की दोस्ती जम्मू में नौकरी करने वाले पुष्प दोस्ती हुई थी।

घटना के अगले दिन ही पुष्प ऋषिकेश पहुंच गए। उन्होंने अंकिता के परिजनों और पुलिस को बताया कि रात को उनकी घटना की रात को अंकिता से बात हुई थी। अंकिता ने कहा वह फंस गई है। उसने यह भी कहा रिजॉर्ट संचालक और मैनेजर ने उस पर ग्राहकों से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया।

उसने कहा कि अंकिता वह जिम में हैं। पुष्प ने कहा कि इसके बाद उसने होटल के शेफ से बात की। शेफ ने बताया कि अंकिता को उसने नहीं देखा, अंकित उर्फ पुलकित उनका खाना लेकर कमरे में गया था। सुबह पुष्प को अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता ने खबर दी अंकिता कहीं चली गई है।

 

तीनों आरोपी घटना के दिन रात को 8.30 अंकिता को अपने साथ बाहर ले गए, जबकि वह बाहर नहीं जाना चाहती थी। बैराज से हरिद्वार की ओर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चीला शक्ति नहर में तीनों ने उसको धक्का दे दिया। वापस रिर्जार्ट पहुंचे तो अंकिता साथ नहीं थी। लेकिन कर्मचारियों को बताया कि अंकिता कमरे में चली गई है। अंकिता के लिए कमरे में खाना मंगाया गया। इसके बाद अगले दिन अंकिता की गुमशुदगी की जानकारी उसके पिता को दी और राजस्व चौकी में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।

करीब 7-8 साल पहले भी वनंत्रा रिजॉर्ट से एक कर्मचारी प्रियंका गायब हुई थी। रिजॉर्ट संचालक ने बताया कि था कि युवती रिजॉर्ट से सामान और पैसे लेकर भाग गई है। बताया कि इसके युवती का कोई अता पता नहीं चला।

उत्तराखंड: केदारनाथ में टूटा ग्लेशियर, जानें क्या बोले विशेषज्ञ

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केदारनाथ : हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन, जब बात केदारनाथ की आती है, मामले बेहद संवेदनशील हो जाता है। केदार आपदा के जख्म अब भी पूरी तरह से भरे नहीं हैं और शायद ही कभी उन जख्मों को लोग भुला भी नहीं पाएंगे। एक बार फिर केदारनाथ धाम मंदिर के पीछे की ओर आए एवलांच ने लोगों को डरा दिया। गनीतम यह रही कि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।

मंदाकिनी नदी के उद्गम स्थल चोराबाड़ी से तीन किमी ऊपर हिमालय क्षेत्र में भारी बर्फबारी के चलते ग्लेशियर टूटा है। इस ग्लेशियर में नई बर्फ ज्यादा जमने से यह टूट गया। विशेषज्ञ इसे पाउडर ग्लेशियर बता रहे हैं, जिससे किसी प्रकार के नुकसान की कोई संभावना नहीं है।

जिला प्रशासन ने इस संबंध में शासन को सूचना दे दी है। ग्लेशियर विशेषज्ञ भी इसे हिमालय क्षेत्र में होने वाली सामान्य घटना बता रहे हैं। केदारनाथ धाम में बुधवार शाम 6.30 बजे चोराबाड़ी ग्लेशियर के कैचमेंट में हिमस्खलन हुआ है।

हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन प्रसाशन इस पर नजर बनाए हुए है। चोराबाड़ी ग्लेशियर केदारनाथ मंदिर के पीछे करीब 5 किमी की दूरी पर स्थित है। धाम में कई दिनों से बारिश भी हो रही है।

इन दो राज्यों के लिए चलेंगी 10 जोड़ी फेस्टिवल ट्रेनें, तिकट की टेंशन दूर

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त्योहारों को देखते हुए रेलवे ने बद्दा फैसला लिया है। त्योहारों में लगने वाले जामाव्दे को देखते हुए 10 जोड़ी ट्रेनों को हरी झंडी है। दीवाली व छठ पूजा के मद्देनजर बिहार व पूर्वाचंल के लिए फेस्टविल ट्रेनें चलाई जा रही है। सत्रह अक्तूबर से स्पेशल ट्रेनों के संचालन की शुरुआत होगी।

ये है लिस्ट
गोरखपुर से चंडीगढ़ के बीच ट्रेन 20 अक्तूबर को चंडीगढ़ से रवाना होगी। ट्रेन के चार ट्रिप होंगे। 11 नवंबर तक स्पेशल ट्रेन चलेगी।
आनंद विहार से छपरा की फेस्टविल स्पेशल ट्रेन(01655-56) भी 19 अक्तूबर से शुरु होकर 10 नवंबर तक चलेगी।
गोरखपुर से आनंद विहार स्पेशल ट्रेन(04408-7) 22 अक्तूबर से चलेगी।
रेलवे 29 अक्तूबर को जम्मू से बरौनी एक्सप्रेस(04645-46) चलेगी। ट्रेन के सात फेरे पूरे होंगे।
आंनद विहार से मुजफ्फरपुर(01675-76) ट्रेन का संचालन 17 अक्तबूर को होगा।
नई दिल्ली-बरौनी एक्सप्रेस (04040-39) ट्रेन 18 अक्तूबर से चलकर 12 नवंबर तक चलेगी।
आनंद विहार-सहरसा ट्रेन 29 नवंबर को होगी।
नई दिल्ली-दरभंगा(04021-22) 17 अक्तूबर,आनंद विहार से जयनगर(01667-68) ट्रेन 18 अक्तूबर और आनंद विहार से जोगबनी के लिए 18 अक्तूबर से चलाने का कार्यक्रम है।

सिम कार्ड से बना Urfi Javed का नया ड्रेस, दिखाया टशन

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उर्फी जावेद अपने कपड़ों से जितना प्रयोग करती हैं वह बिल्कुल भी आसान नहीं दिखता। कभी वह कांच से बनी ड्रेस पहन लेती हैं तो कभी उनकी ड्रेस जंजीर से बनी होती है। इस वजह से उन्हें कट्स भी लग जाते हैं। उर्फी ने अपने फैशन सेंस से हर बार सभी को हैरान किया है। अब उर्फी एक नए लुक में दिखीं जिसे देखकर उनके फैंस  चौंक गए। उन्होंने इस बार सिम कार्ड से बनी हुई ड्रेस पहनकर पोज दिए हैं। उर्फी ने तस्वीर अपनी इंस्टा स्टोरी पर शेयर की है।

येलो और ब्लू का लुक

उर्फी ने शुक्रवार को अपना नया लुक दिखाया। तस्वीर में देख सकते हैं उन्होंने क्रॉप टॉप और शॉर्ट स्कर्ट पहना हुआ है। उनके पूरे ड्रेस पर सिम कार्ड चिपकाया गया है। उनकी इस ड्रेस के लिए 2 हजार सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। ड्रेस ब्लू और येलो कलर के कॉम्बिनेशन में बना है। इस ड्रेस के साथ उर्फी ने स्ट्रेट हेयर रखा और हाई हील्स कैरी किया। न्यूड मेकअप के साथ उन्होंने अपने लुक को कंप्लीट किया।

उर्फी ने तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा- ‘क्या आप यकीन कर सकते हैं कि ये सिम कार्ड से बना है?’ उर्फी अपने कपड़ों और लुक्स को लेकर जिस तरह का एक्सपेरिमेंट करती हैं कई बार उन्हें ट्रोल भी किया जाता है लेकिन उर्फी तो उर्फी हैं और उन्हें इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता। वह ट्रोलर्स को करारा जवाब देने में भी पीछे नहीं रहतीं। उर्फी की लोकप्रियता का अंदाज लगा सकते हैं कि सेलिब्रिटी अतरंगी फैशन करते हुए दिखता है सोशल मीडिया पर यूजर्स उसकी तुलना उर्फी से करने लगते हैं।

शेयर मार्केट में हाहाकार: 1000 अंक गिरा सेंसेक्स, एक झटके में ₹4 लाख करोड़ का नुकसान

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वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोर रूख के चलते शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई। शुक्रवार को BSE-NSE में बड़ी गिरावट देखने को मिली। दोपहर 2.45 बजे सेंसेक्स 1010.55 अंक (1.71%) टूट कर 58,109.17 पर आ गया। वहीं, निफ्टी 268.10 अंक यानी 1.52% गिरकर 17,361.70 पर कारोबार कर रहा है।

बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 277.58 लाख करोड़ रुपये रह जाने से लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बैंक और फाइनेंस सर्विस की कंपनियों के स्टॉक में बड़ी गिरावट आई है। निफ्टी बैंक में हैवीवेट और डी-स्ट्रीट पसंदीदा एचडीएफसी बैंक लगभग 2.7 प्रतिशत टूटा है। बता दें कि वैश्विक मंदी के डर से विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय बाजारों से 2,500 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेच दिए।

इससे पहले दोपहर करीबन 1.20 बजे के आसपास सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक तक टूट गया और यह करीबन 1.46% तक की गिरावट के साथ 58,236.96 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी 263.60 अंक (-1.5%) टूटकर 17,366.20 पर आ गया है। इससे पहले बीएसई का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 558.59 यानी 0.94% टूटकर 58,561.13 पर ओपन हुआ था। वहीं, एनएसई का निफ्टी 147.55 अंक यानी 0.84% गिरकर 17,482.25 पर खुला था।

इंट्रा डे में बीएसई पर टाटा स्टील, सन फार्मा, आईटीसी और इंफोसिस के शेयरों को छोड़ सभी शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं। बीएसई पर शुरुआती कारोबार में टाटा स्टील, इंफोसिह, सनफार्मा, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, HCL टेक जैसे शेयरों में तेजी थी। वहीं, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के शेयर में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। इसके अलावा पावर ग्रिड, HDFC, कोटक बैंक, HDFC Bank, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, एसबीआई, एशियन पेंट, टेक महिन्द्रा, भारती एयरटेल, ICICI Bank, Titan, ITC, नेस्ले, बजाज फिनसर्व के शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी।

शुरुआती कारोबार में एनएसई पर TOP 5 गेनर्स में सिप्ला, अपोलो हाॅस्पिटल, डिविज लैब, टाटा स्टील और हिन्दुस्ता यूनिलीवर के शेयर हैं। तो वहीं, लूजर्स में पावर ग्रिड, इंडसइंड बैंक, कोटक बैंक, €HDFC,M&M के शेयर हैं। एशियाई बाजारों में सियोल, तोक्यो, शंघाई और हांगकांग के बाजार नुकसान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी बृहस्पतिवार को नुकसान के साथ बंद हुए।

पिछले कारोबारी सत्र में, तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 337.06 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,119.72 अंक पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 88.55 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,629.80 अंक पर बंद हुआ था। इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.50 फीसदी की गिरावट के साथ 90.02 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर पहुंच गया। शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 2,509.55 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

विधानसभा भर्ती में कार्रवाई से CM पुष्कर सिंह धामी खुश, विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय का स्वागत किया

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  • त्वरित जांच पर विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण को बधाई दी.
  • भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान में सदन और सरकार एकजुट- मुख्यमंत्री.
  • मुख्यमंत्री के आग्रह पर विधानसभा अध्यक्ष ने बैठाई थी जांच.

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में हुई भर्तियों के मामले में उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2016 से 2021 तक हुई तदर्थ भर्तियों को निरस्त करने के निर्णय का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण को त्वरित जांच कर निर्णय लिये जाने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सदन और सरकार एकजुट है।

गौरतलब है कि विधानसभा भर्ती मामले में मुख्यमंत्री ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से भर्तियों की जांच करने का आग्रह किया था। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार की मंशा के अनुसार इस पर उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर समयबद्ध तरीके से जांचके निर्देश दिए। जाँच रिपोर्ट में समिति ने संस्तुति की है कि 2016 में 150, वर्ष 2020 में 6 व वर्ष 2021 में 72 तदर्थ भर्तियों को निरस्त किया जाए।

उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सुशासन की दिशा में कृत संकल्पित होकर काम कर रही है। किसी भी प्रकार से कोई भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अधिनस्थ सेवा चयन आयोग व अन्य भर्तियों में अनियमितता पाए जाने पर उन्हें पारदर्शिता से आयोजित करने के लिए उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित की। अब नए सिरे से पारदर्शिता के साथ परीक्षा प्रक्रिया गतिमान है। उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग ने प्रथम चरण की परिक्षाओ की तिथियों का कैलेण्डर भी जारी कर दिया है।

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित अलग-अलग विभागों में समूह ग भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों की शिकायत मिलते ही कठोर निर्णय लिए। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में संलिप्त 41 आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है वहीं 18 अभियुक्तों पर चार्जशीट हो चुकी है जबकि गैंगस्टर एक्ट हेतु 21 आरोपियों की जुडिशल रिमांड स्वीकृत हो चुकी है। वहीं ओर वन दरोगा मामले में 03 सचिवालय रक्षक भर्ती में एक आरोपी की गिरफ़्तारी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से पूरे उत्साह और परिश्रम से परिक्षाओ की तैयारी में जुट जाने का अनुरोध किया। वर्तमान में 7000 परिक्षाओ की भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। इसके अलावा 12 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की कार्ययोजना पर भी काम कर रहे हैं।

क्या यह है कांग्रेस की नई रणनीति, गांधी परिवार अब ऐसे चलाएगा पार्टी

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कांग्रेस में करीब 25 सालों बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहा है। बड़ी बात यह है कि इस मुकाबले से गांधी परिवार बाहर है। मन जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राजस्थान के CM अशोक गहलोत, शशि थरूर या फिर कोई और नेता बन सकता है। किसी नेता के अध्यक्ष बनने पर पहली बार गांधी फैमिली बैकसीट पर होगी। माना जा रहा है कि गांधी परिवार  वहीं से पार्टी चलाएगा। 1998 के बाद से ही सोनिया गांधी पार्टी की अध्यक्ष रही हैं और बीच में राहुल गांधी को भी कमान मिली थी, जिन्होंने 2019 के आम चुनाव के बाद पद छोड़ दिया था। उसके बाद फिर से सोनिया गांधी ही अंतरिम अध्यक्ष बन गई थीं। इसके चलते भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर रही है और उस पर परिवारवाद का आरोप लगाती रही है। यह तक कहा जाता रहा है कि कांग्रेस के अध्यक्ष का पद एक ही परिवार के लिए रिजर्व है।

लेकिन, कांग्रेस अब पूरी तरह से बदलाव के मूड में है और ऐसा लगता है कि इसकी सीख भी वह उसी RSS से लेती दिख रही है। BJP भले ही RSS का आनुषांगिक संगठन कही जाती है, लेकिन संघ ने कभी भी उसका नेतृत्व नहीं किया है। आरएसएस की लीडरशिप हमेशा से संघ में अपने नेताओं को संगठन मंत्री के तौर पर भेजता रहा है और पीछे से ही पार्टी को मैनेज करने की कोशिश करता रहा है। आडवाणी का जिन्ना प्रकरण के बाद इस्तीफा हो या फिर नितिन गडकरी को अध्यक्ष बनाने का फैसला, बीते दो दशकों में भाजपा में हुए ये अहम फैसले संघ के ही इशारे पर लिए गए थे।

फिर भी कभी संघ सामने आकर भाजपा की सियासत में शामिल नहीं रहा है। माना जा रहा है कि गांधी फैमिली अब ऐसी ही रणनीति अख्तियार करना चाहता है। इससे वह पार्टी को मैनेज भी कर सकेगा और किसी अन्य नेता के फेस बनने से उसे सीधे तौर पर विपक्षी दल टारगेट भी नहीं कर सकेंगे। आने वाले दिनों में गांधी परिवार की इस रणनीति का फायदा देखने को मिल सकता है। बता दें कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ही बीते कुछ वक्त से कांग्रेस का चेहरा रहे हैं और उसके चलते परिवारवाद के आरोप लगते रहे हैं। अब इस टैग से भी गांधी परिवार मुक्ति पा सकेगा।

एक दौर में कांग्रेस दलित, मुस्लिम और ब्राह्मणों समेत कई सामाजिक वर्गों की पार्टी थी, लेकिन बीते कुछ दशकों में उसका वोट बैंक कम होता गया है। ब्राह्मणों, मुस्लिमों और दलितों का वोटबैंक अब उसके पास नहीं रहा है। इसके अलावा ओबीसी वोटों की दावेदारी में भी वह कमजोर रही है। ऐसे में यदि अशोक गहलोत जैसे नेता को वह पार्टी की कमान देती है तो कम से कम एक वर्ग में उसकी दावेदारी बढ़ सकेगी।

उत्तराखंड बिग ब्रेकिंग : विधानसभा बैकडोर भर्तियां रद्द, सचिव सस्पेंड

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देहरादून: विधानसभा भर्ती मामले में बड़ी खबर है। समिति ने 2016, 2020, 2022 की भर्तियों को पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताया है। समिति ने सभी भर्तियों को रद्द करने की सिफारिश की है। समिति ने 2014 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सभी बैकडोर नियुक्यिों को निरस्त कर दिया है। उत्‍तराखंड विधानसभा भर्ती प्रकरण के संबंध में जांच रिपोर्ट कोटिया जांच समिति द्वारा गुरुवार को देर रात विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को सौंप दी है।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने शुक्रवार को समिति की जांच रिपोर्ट की जानकारी दी। उन्‍होंने 480 में से 228 नियुक्तियां रद कर दी हैं। उन्‍होंने सचिव मुकेश सिंंघल को भी निलंबित कर दिया है।

वहीं, तत्‍कालीन विस अध्‍यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल की भूमिका की जांच की जाएगी। वहीं 2012 से पहले हुई नियुक्ति पर विधिक जांच होगी। उन्‍होंने बताया कि समिति ने काबिले तारीफ कार्य किया।  समिति ने नियुक्तियां रद करने का प्रस्‍ताव सौंपा है। समिति द्वारा नियमों के खिलाफ हुई नियुक्तियों को रद करने की सिफरिश गई है।

बड़ी खबर: क्या बदल जाएगा इस राज्य का CM, ये बन रहे समीकरण

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नई दिल्ली: कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। लगातार कांग्रेस में एक के बाद एक नया उम्मीदवार सामने आ रहा है। लेकिन, सबसे अधिक चर्चा में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और सांसद शशि तरूर हैं। माना जा रहा है कि आशोक गहलोत का पलड़ा भारी है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद सीएम की कुर्सी खाली हो जाएगी।

बड़ा सवाल यह है कि राजस्थान का अगला सीएम कौन बनेगा। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सचिन पायलट को हाईकमान से संदेश मिल चुका है। गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर राजस्थान की कुर्सी पायलट को मिल सकती है। पहले दिल्ली में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और फिर कोच्चि में राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान उन्हें संकेत दे दिया गया है कि उनकी बारी आ चुकी है। सचिन पायलट आज फिर सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।

इससे पहले शुक्रवार को कोच्चि में राहुल गांधी ने गहलोत के सामने लकीर खींचते हुए साफ कर दिया कि कांग्रेस की कमान मिलने पर उन्हें राजस्थान की कुर्सी खाली करनी होगी। गहलोत दोनों पदों पर काबिज रहने की मंशा जाहिर कर चुके थे, लेकिन राहुल की ओर से श्एक व्यक्ति एक पदश् का संकल्प याद दिलाए जाने के बाद उन्होंने भी मान लिया है कि दोनों पदों पर काम कठिन होगा। राष्ट्रीय भूमिका के साथ न्याय के लिए उन्हें सीएम का पद छोड़ना होगा।

गहलोत ने भले ही यह मान लिया है कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वह सीएम का पद छोड़ देंगे, लेकिन उनके बाद यह कुर्सी किसे मिलेगी इस पर वह चुप्पी साधे हुए हैं। माना जा रहा है कि गहलोत पायलट के नाम पर सहमत नहीं हैं, जिनपर वह भाजपा के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश का आरोप लगाते आ रहे हैं। गहलोत 2 साल पहले हुई उस घटना को लेकर पायलट को अब तक माफ नहीं कर पाए हैं, जिसने उनकी सरकार को संकट में ला दिया था। बताया जा रहा है कि पायलट अपने बाद सीपी जोशी को कुर्सी सौंपना चाहते हैं।

पायलट से पुराना है वादा
गहलोत भले ही कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएं लेकिन खुद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक दिन पहले ही माना है कि गांधी परिवार पावर सेंटर बना रहेगा। ऐसे में गहलोत के लिए राजस्थान में अपनी श्मर्जीश् का मुख्यमंत्री बनाना आसान नहीं होगा। खासकर तब जब गांधी परिवार दो साल पहले ही पायलट को उनकी मेहनत का इनाम देने का वादा कर चुकी है। पायलट ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम करते हुए राजस्थान में पार्टी को सत्ता दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। चुनाव बाद गहलोत को कुर्सी सौंपे जाने से आहत पायलट ने दो साल पहले जब बगावत की तो आखिरी समय में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मनाने में कामयाबी हासिल की थी। तब से ही पायलट उस वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में राहुल गांधी ने उनेक इस श्सब्रश् की तारीफ की थी।

PFI समर्थकों का बवाल, बंद के दौरान वाहनों में तोड़फोड़, पेट्रोल बम भी फेंका

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नई दिल्ली : पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े लोगों पर NIA और ED ने गुरुवार को छापेमारी की। केंद्रीय जांच एजेंसियों ने टेरर फंडिंग मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। NIA की छापेमारी की कार्रवाई के खिलाफ पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने शुक्रवार को ‘केरल बंद’ का आह्वान किया है। PFI के बंद के आह्वान में केरल के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं हैं। तिरुवनंतपुरम में बंद का समर्थन कर रहे PFI के लोगों ने एक ऑटो-रिक्शा और एक कार को कथित रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया।

केरल के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोझीकोड, वायनाड और अलाप्पुझा सहित विभिन्न जिलों में केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों (KSRTC) पर पथराव किया गया। स्थानीय मीडिया ने बताया कि सुबह कन्नूर के नारायणपारा में वितरण के लिए अखबार ले जा रहे एक वाहन पर पेट्रोल बम फेंका गया। अलाप्पुझा में केएसआरटीसी की बस, एक टैंकर लॉरी और कुछ अन्य वाहनों में पीएफआई समर्थकों द्वारा पथराव किया गया। कोझीकोड और कन्नूर में पीएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए पथराव में एक 15 वर्षीय लड़की और एक ऑटो-रिक्शा चालक को मामूली चोटें आईं हैं।

इस बीच केरल पुलिस ने राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी है और पीएफआई द्वारा राज्यव्यापी बंद के आह्वान के बाद जिला पुलिस प्रमुखों को कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एक बयान में PFI ने कहा कि हमार शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी नियंत्रित दमनकारी शासन द्वारा फैलाए गए आतंक का हिस्सा है। इसके साथ ही पीएफआई के राज्य सचिव ए अबूबक ने कहा कि हमारी हड़ताल नियंत्रित शासन के फासीवादी उपायों का विरोध करने के लिए है। हम सभी लोकतांत्रिक ताकतों से समर्थन की उम्मीद करते हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर पीएफआई नेताओं ने कहा कि उनके कार्यालयों से जब्त किए गए कुछ जनसंपर्क दस्तावेजों को गुप्त दस्तावेज करार दिया गया है।

गुरुवार को एनआईए और ईडी की संयुक्त टीम ने केरल के 10 जिलों में पीएफआई नेताओं के कार्यालयों और घरों पर छापेमारी की और कई नेताओं को गिरफ्तार किया और दस्तावेज जब्त किए। कई जगहों पर गुस्साए कार्यकर्ताओं ने छापेमारी को बाधित करने की कोशिश की, लेकिन सीआरपीएफ जवानों ने उनकी कोशिश नाकाम कर दी थी।

घटनाक्रम से वाकिफ लोगों के मुताबिक देशभर में छापेमारी के दौरान सबसे ज्यादा 22 गिरफ्तारियां केरल में हुई हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में पीएफआई विचारक पी कोया, राष्ट्रीय अध्यक्ष ओएमए सलाम, राष्ट्रीय सचिव नसरुद्दीन एलमारोम और प्रदेश अध्यक्ष सीपी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।

इन गिरफ्तार किए गए लोगों को ट्रांजिट वारंट हासिल करने के बाद दिल्ली ले जाया जाएगा। गिरफ्तार किए गए लोगों पर आतंकी को फंडिंग, युवाओं को अशांत क्षेत्रों में भेजना, देश के विभिन्न हिस्सों में अशांति फैलाने और हिंसा भड़काने जैसे आरोप शामिल हैं। वहीं, भाजपा ने केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा पीएफआई पर की गई कार्रवाई की सराहना की है। केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि आतंकवादी संगठन हड़ताल कैसे बुला सकते हैं? सरकार को इसे लागू करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।