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बजट सत्र 2026 का आगाज: ऑपरेशन सिंदूर के शौर्य से अर्थव्यवस्था की तरक्की तक, राष्ट्रपति के अभिभाषण की बड़ी बातें

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नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में पिछले दस वर्षों में सरकार द्वारा हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत वैश्विक चुनौतियों के बीच भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं, स्पेस सेक्टर में भारत लगातार प्रगति कर रहा है और जीएसटी सुधारों से अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि 2014 में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सिर्फ 25 करोड़ लोगों तक पहुंचता था, जो अब बढ़कर 95 करोड़ हो गया है। पिछले दस वर्षों में 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर दिए गए हैं। चावल उत्पादन में भारत ने विश्व में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि मछली उत्पादन में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई है।

राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सालभर में 7 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। सरकार ने VB G और RAM G कानून बनाकर दलितों और गरीबों के हितों की रक्षा की है। रेलवे सेक्टर में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क तैयार हुआ है, जम्मू-कश्मीर में देश का सबसे ऊंचा ब्रिज बनाया गया और पूर्वोत्तर में आइजोल को रेल से जोड़ा गया।

रक्षा क्षेत्र में मिशन सुदर्शन चक्र पर काम जारी है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त कर अपनी बहादुरी का परिचय दिया, जिसकी पूरी दुनिया ने तारीफ की। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 4 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी मिली है। शिपिंग सेक्टर को 70,000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक पैकेज दिया गया। देश में 2 लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं, जिनसे लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। राष्ट्रपति ने वैश्विक बदलते समीकरणों में भारत की मजबूत विदेश नीति और मेक इन इंडिया की वैश्विक गूंज का भी उल्लेख किया।

बजट की प्रमुख तिथियां

  • 29 जनवरी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करेंगी।
  • 1 फरवरी: केंद्रीय बजट 2026-27 सदन में रखा जाएगा।

बजट पर सबकी निगाहें यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था उथल-पुथल का शिकार है, अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाया गया है और रुपया डॉलर के मुकाबले 92 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में बजट से अर्थव्यवस्था को स्थिर करने, राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का दर्जा बरकरार रखने की उम्मीदें हैं। देश भर में बजट 2026 को लेकर उत्सुकता और उम्मीदें चरम पर हैं। यह बजट भारत की आर्थिक मजबूती और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की रणनीति को दर्शाएगा।

आम आदमी और उद्योग जगत की 10 बड़ी उम्मीदें

  • इनकम टैक्स में और राहत.
  • प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान में सुधार और अपील निपटान की समयसीमा.
  • डिफेंस, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े निवेश.
  • एक्सपोर्ट, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सेमीकंडक्टर सेक्टर को प्रोत्साहन.
  • रियल एस्टेट और केमिकल-फर्टिलाइजर सेक्टर के लिए राहत पैकेज.
  • जीएसटी चालान मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार.
  • सेफ हार्बर नियमों में संशोधन.

चंबा में बड़ा हादसा, स्कॉर्पियो पर गिरे भारी पत्थर

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चंबा : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के बीच भूस्खलन और हिमस्खलन की घटनाएं तेज हो गई हैं। चंबा-पठानकोट राष्ट्रीय उच्चमार्ग पर परेल घार के संवेदनशील इलाके में देर रात एक स्कॉर्पियो कार पर पहाड़ से भारी-भरकम चट्टानें और मलबा गिर गया। इस भीषण हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो कार जैसे ही परेल घार के खतरनाक हिस्से से गुजर रही थी, तभी ऊपर से अचानक बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने लगा। चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और कुछ ही सेकंड में पत्थर सीधे गाड़ी पर आ गिरे। हादसे से वाहन के परखच्चे उड़ गए, लेकिन गनीमत रही कि पत्थर चालक की सीट की ओर सीधे नहीं गिरे, वरना जानलेवा नुकसान हो सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हाईवे पर चल रहे अन्य वाहन भी तुरंत रुक गए। चालक ने सूझ-बूझ दिखाते हुए गाड़ी को नियंत्रित करने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बची। घायल चालक को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

जिला उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल ने इस घटना के बाद तत्काल एडवायजरी जारी की है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि खराब मौसम और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अत्यंत सावधानी बरतें। डीसी ने कहा कि परेल घार का यह हिस्सा भूस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, जहां बार-बार पत्थर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं।

प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने और केवल अत्यंत जरूरी होने पर ही सफर करने की सलाह दी है। वाहन चालकों को पहाड़ी मार्गों पर धीमी गति से चलने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही निकलने का निर्देश दिया गया है।

बजट सत्र 2026: संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण शुरू

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नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई। राष्ट्रपति को संसद परिसर पहुंचने पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया।

इस सत्र में 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया जाएगा, जबकि 1 फरवरी को वित्त मंत्री केंद्रीय बजट 2026-27 सदन में रखेंगे। बजट सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा और इसमें 30 बैठकें होंगी, जो 2 अप्रैल को समाप्त होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को ब्रेक के लिए स्थगित हो जाएंगे और 9 मार्च को फिर से शुरू होंगे, ताकि संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें।

सत्र शुरू होने के साथ ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन की खबर ने पूरे राजनीतिक माहौल को गहरा शोक में डाल दिया। विभिन्न दलों के नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अजित पवार उनके करीबी दोस्त थे और पारिवारिक संबंध भी थे, उनका जाना बहुत बड़ा नुकसान है। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया, जबकि गिरिराज सिंह ने इसे सोशल और पॉलिटिकल दोनों क्षेत्रों के लिए दुखद घटना करार दिया और कहा कि पिछले दशकों में ऐसी घटना नहीं देखी गई।

विपक्षी दलों ने बजट सत्र से अपनी उम्मीदें और मांगें भी स्पष्ट कर दी हैं। बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि बजट में संघीय ढांचे को मजबूत करने, ओडिशा के इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, स्पेशल फंड और कानून-व्यवस्था सुधार के लिए विशेष प्रावधान होने चाहिए। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने एसआईआर के जरिए वोट चोरी, जम्मू-कश्मीर के मुद्दे, रुपये की गिरती कीमत और अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की मांग की।

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने दिल्ली में वायु प्रदूषण, रुपये की गिरावट और समाज को बांटने वाले मुद्दों पर सरकार से संवेदनशीलता की अपेक्षा की। समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव ने यूजीसी की नई गाइडलाइंस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ये नियम समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं और मुट्ठी भर लोगों के हितों को सीमित करने के लिए हैं।

बड़ी खबर : विमान हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार समेत 6 लोगों की मौत

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बारामती (पुणे), 28 जनवरी 2026: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नेता अजित पवार का निजी विमान आज सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इसकी पुष्टि की है।

हादसा सुबह करीब 8:45 बजे हुआ, जब मुंबई से बारामती जा रहा चार्टर्ड लर्नजेट 45 (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) रनवे पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था। विमान रनवे से फिसल गया, रनवे के किनारे जाकर क्रैश हो गया और भीषण आग लग गई। घटनास्थल से मिली शुरुआती तस्वीरों और वीडियो में विमान के टुकड़े बिखरे दिख रहे हैं, साथ ही धुआं और आग का गुबार उठता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि विमान लैंडिंग के दौरान तेज आवाज कर रहा था और फिर विस्फोट जैसी आवाज के साथ क्रैश हो गया।

विमान में अजित पवार के अलावा उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO), एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर (पायलट और फर्स्ट ऑफिसर) सवार थे। DGCA और पुलिस के अनुसार, हादसे में कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बचा। रेस्क्यू टीमों ने छह शव बरामद किए हैं, जिन्हें बारामती के अस्पताल पहुंचाया गया है।

हादसे का कारण और पृष्ठभूमि अजित पवार आज बारामती में जिला परिषद चुनाव से जुड़े चार सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे। बारामती उनका गढ़ माना जाता है, जहां से उन्होंने कई बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। विमान मुंबई से सुबह उड़ान भरकर बारामती पहुंचा था। हादसे के कारणों की जांच शुरू हो चुकी है। DGCA और महाराष्ट्र पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। शुरुआती रिपोर्ट्स में खराब मौसम या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

शोक की लहर, परिवार और नेताओं की प्रतिक्रियाएं अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, बहन सुप्रिया सुले और बेटे पार्थ पवार सहित पूरा परिवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात की और स्थिति की जानकारी ली। कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “यह अपूरणीय क्षति है।”
  • शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल ने भी गहरा दुख जताया।

बारामती और महाराष्ट्र में शोक की लहर है। अजित पवार (66 वर्ष) महाराष्ट्र की राजनीति के प्रमुख चेहरों में से एक थे, जिन्होंने 2023 में एनसीपी में बगावत कर अलग गुट बनाया और एनडीए सरकार में डिप्टी सीएम बने थे।

BREAKING: महाराष्ट्र में विमान हादसा, उपमुख्यमंत्री अजित पवार थे सवार

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बारामती (पुणे) :  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अजित पवार जिस विमान में यात्रा कर रहे थे, वह आज सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान किसी कार्यक्रम के लिए बारामती पहुंच रहा था। इसी दौरि लैंड करते समय हादसा हो गया।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूत्रों के मुताबिक, विमान में सवार कुछ लोगों के घायल होने की खबर है, हालांकि अजित पवार की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें सुरक्षित बताया जा रहा है, जबकि अन्य में चोटिल होने की आशंका जताई गई है। आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

राहत और बचाव दल, पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। प्रशासन ने पूरे इलाके को अलर्ट पर रखा है और जांच शुरू कर दी गई है। हादसे का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी या अन्य कोई वजह हो सकती है।

अजित पवार बारामती में विभिन्न राजनीतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में नियमित रूप से हिस्सा लेते हैं। यह घटना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। अधिकारिक बयान और आगे की जानकारी का इंतजार है। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी अपडेट पर तुरंत सूचित करेंगे।

उत्तराखंड : मनाया गया प्रथम UCC दिवस, CM धामी ने कहा- यूसीसी से सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण की नई शुरुआत

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देहरादून/: उत्तराखंड ने आज प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” बड़े उत्साह के साथ मनाया। राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के एक वर्ष पूरे होने पर हिमालयन कल्चरल सेंटर, गढ़ी कैंट में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय करार दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 27 जनवरी 2025 को यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जहां संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को साकार किया गया। उन्होंने कहा, “यह दिन न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे भारत के संवैधानिक, सामाजिक और राजनीतिक इतिहास में युगांतरकारी क्षण के रूप में याद किया जाएगा।”

संविधान निर्माताओं का संकल्प पूरा

सीएम धामी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित संविधान निर्माताओं के UCC के प्रति संकल्प को याद किया। उन्होंने बताया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के संकल्प पत्र में UCC लागू करने का वादा किया गया था, जिसे जनता ने अपार समर्थन दिया। सत्ता संभालते ही कार्य शुरू कर 7 फरवरी 2024 को विधेयक विधानसभा में पारित हुआ, 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली और 27 जनवरी 2025 से इसे लागू कर दिया गया।

महिला सशक्तिकरण और कुरीतियों पर रोक

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यूसीसी से हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। मुस्लिम महिलाओं ने भी इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “यूसीसी किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि कुप्रथाओं को समाप्त कर समानता से समरसता स्थापित करने का प्रयास है।” विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति बंटवारे में सभी के लिए समान नियम लागू हैं। बच्चों और बेटियों को संपत्ति में बराबर अधिकार मिले हैं।

लिव-इन संबंधों में पंजीकरण अनिवार्य

युवाओं की सुरक्षा के लिए लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण गोपनीय रहता है और माता-पिता को सूचना दी जाती है। ऐसे संबंध से जन्मे बच्चों को जैविक संतान के समान अधिकार प्राप्त हैं।

क्रियान्वयन में मिली सफलता

सीएम धामी ने गर्व से बताया कि यूसीसी लागू होने से पहले प्रतिदिन औसतन 67 विवाह पंजीकरण होते थे, जो अब 1400 से अधिक हो गए हैं। एक वर्ष में लगभग 5 लाख आवेदन आए, जिनमें 95% से अधिक का निस्तारण हो चुका है। ऑनलाइन पोर्टल और 7500+ कॉमन सर्विस सेंटरों से सेवाएं जन-जन तक पहुंची हैं।

हालिया संशोधन और सख्त प्रावधान

हाल ही में पारित संशोधन विधेयक (जिसे राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है) के तहत विवाह में पहचान छिपाने या धोखाधड़ी पर विवाह निरस्त करने का प्रावधान है। बल, दबाव या धोखे के मामलों में कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। बहुविवाह के मामलों में भी सख्त कार्रवाई होगी।

देश के लिए प्रेरणा

धामी ने कहा कि यूसीसी से उत्तराखंड ने देश को समानता का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत फैसले देश को जोड़ते हैं। कुछ लोग भ्रांतियां फैला रहे हैं, लेकिन UCC मूल निवासी बनाने या अन्य उद्देश्यों के लिए नहीं है, बल्कि बहनों-बेटियों की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने आशा जताई कि यह “धारा” अन्य राज्यों को भी प्रेरित करेगी।

उत्तराखंड: दीपक बिजल्वाण राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से की मुलाकात, समसामयिक मुद्दों पर चर्चा

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नई दिल्ली/उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेता दीपक बिजल्वाण ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान उत्तराखंड के समसामयिक, राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

दीपक बिजल्वाण ने मुलाकात के बाद कहा कि “राष्ट्रीय अध्यक्ष का मार्गदर्शन और सानिध्य प्राप्त करना मेरे जैसे सामान्य कार्यकर्ता के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने पार्टी संगठन को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। दीपक ने कहा कि राष्ट्रीय से यमुनोत्री विधानसभा में कमल खिलाने का वादा किया है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।”

यमुनोत्री विधानसभा सीट पर दीपक बिजल्वाण चुनाव लड़ चुके हैं। उनको चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन, उसके बावजूद दीपक बिजल्वाण पिछले करीब चार सालों से लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने यमुनोत्री विधानसभ सीट के लगभग सभी गांवों का दौरा किया, जनता से सीधा संवाद स्थापित किया और सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

बिजल्वाण की ताकत उनकी जमीनी पकड़ और लगातार सक्रियता को माना जाता है। क्षेत्र में उनकी छवि एक मेहनती, जन-संवाद करने वाले और संगठन के प्रति समर्पित नेता की बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से व्यक्तिगत मुलाकात और यमुनोत्री में जीत का वादा करना दीपक बिजल्वाण की रणनीति का हिस्सा है।

यह मुलाकात न केवल उच्च स्तर पर उनकी पहुंच को दर्शाती है, बल्कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को यह संदेश भी देती है कि वे 2027 में इस सीट को जीतने के लिए पूरी तरह तैयार और प्रतिबद्ध हैं। दीपक बिजल्वाण ने मुलाकात को राजनीतिक न बताते हुए इसे “शिष्टाचार भेंट” करार दिया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि “राष्ट्रीय अध्यक्ष का मार्गदर्शन 2027 में यमुनोत्री में कमल खिलाने की गारंटी बनेगा।”

भारत-यूरोपीयन यूनियन के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील’ पूरी, जानें क्यों है ख़ास

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नई दिल्ली: भारत और यूरोपीयन यूनियन (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आखिरकार हस्ताक्षर हो गए हैं। दोनों पक्ष 2007 से इस समझौते पर बातचीत कर रहे थे, जो अब 18 साल बाद सफल रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील’ करार देते हुए कहा कि यह दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच अभूतपूर्व तालमेल का प्रतीक है।

यह समझौता वैश्विक जीडीपी के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है। पीएम मोदी ने कहा, “यह समझौता न केवल भारत और यूरोप के बीच व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों पक्षों के लिए रोजगार, निवेश और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलेगा।”

भारत में क्या-क्या सस्ता होगा? समझौते के तहत भारत में यूरोपीयन यूनियन से आयात होने वाले कई सामानों पर टैरिफ में भारी कमी आएगी। प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • लग्जरी कारें: मर्सिडीज, BMW, ऑडी, पॉर्श जैसी हाई-एंड कारों की कीमतों में कमी आएगी। 15,000 यूरो (लगभग 16.3 लाख रुपये) से अधिक मूल्य वाली कारों पर अब केवल 40 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जो पहले काफी अधिक था।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, केमिकल्स, विमान, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और मेटल स्क्रैप भी सस्ते होंगे।
  • शराब: यूरोप से आने वाली प्रीमियम वाइन और स्पिरिट्स की कीमतें भारतीय बाजार में घट सकती हैं।
  • सर्विस सेक्टर में अवसर: आईटी, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम, बिजनेस सर्विसेज और अन्य क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों को यूरोपीयन बाजार में बेहतर पहुंच और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

ट्रेड में भारी उछाल की उम्मीद एमके ग्लोबल की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, इस FTA के लागू होने के बाद 2031 तक भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 51 अरब डॉलर (करीब 4.68 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। इससे भारत के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

आंकड़ों में भारत vs यूरोपीयन यूनियन

  • जीडीपी: EU – 20 ट्रिलियन डॉलर | भारत – 4.18 ट्रिलियन डॉलर
  • आबादी: EU – 45 करोड़ | भारत – 140 करोड़
  • निर्यात: EU – 2.9 ट्रिलियन डॉलर | भारत – 824.5 अरब डॉलर
  • आयात: EU – 2.6 ट्रिलियन डॉलर | भारत – 915 अरब डॉलर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को नई गति देगा। साथ ही, यूरोपीयन कंपनियों के लिए भारत एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनेगा।

अब दोनों पक्षों की ओर से समझौते को अपनी संसदों/संस्थाओं से अंतिम मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का कहना है कि यह समझौता भारतीय उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता और कम कीमत पर सामान उपलब्ध कराएगा, जबकि भारतीय निर्यातकों को यूरोप के विशाल बाजार में नई संभावनाएं मिलेंगी।

सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा, शासन ने सस्पेंड किया, UGC नियमों और शंकराचार्य शिष्यों की पिटाई का दिया हवाला

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बरेली (उत्तर प्रदेश): बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने UGC के नए नियमों 2026 और प्रयागराज में माघ मेले के दौरान ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के ब्राह्मण बटुक शिष्यों की कथित मारपीट को अपना इस्तीफा देने का मुख्य कारण बताया है।

2019 बैच के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार शाम को डीएम आवास से बाहर आते हुए मीडिया से बातचीत में सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें डीएम आवास में लगभग 20 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। अलंकार ने दावा किया कि डीएम अविनाश सिंह को लखनऊ से किसी उच्च अधिकारी का फोन आया था, जिसमें स्पीकर ऑन होने के कारण उन्होंने खुद अपशब्द सुने। इसके साथ ही उन्हें दो घंटे के अंदर सरकारी आवास खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया।

अलंकार ने आरोप लगाया कि उनके आवास के बाहर लगे सुरक्षा टेंट को भी पुलिस ने हटा दिया, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा महसूस हो रहा है। इस दौरान उनके समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही।

राज्यपाल को भेजा त्यागपत्र अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा: “मैं अलंकार अग्निहोत्री, सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली, UGC Regulations 2026 के विरोध एवं प्रयागराज में माघ मेले में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के ब्राह्मण बटुक शिष्यों की चोटी/शिखा पकड़ कर हुई मारपीट के विरोध में तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।”

उन्होंने UGC के नए नियमों को “शिक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला” करार दिया। इन नियमों में विश्वविद्यालयों में आरक्षण नीति में बदलाव, प्रवेश परीक्षाओं का केंद्रीकरण और पाठ्यक्रमों में धार्मिक-सांस्कृतिक विषयों को सीमित करने जैसे प्रावधान शामिल हैं, जिन्हें कई विद्वान और धार्मिक नेता सांस्कृतिक विरासत के अपमान के रूप में देख रहे हैं।

प्रयागराज घटना का जिक्र अलंकार ने कहा कि माघ मेले के दौरान प्रयागराज में ज्योतिर्मठ के शिष्यों पर कथित रूप से उनकी शिखा (चोटी) पकड़कर मारपीट की गई, जो ब्राह्मण परंपरा और धार्मिक संवेदनशीलता को गहरी चोट पहुंचाने वाली घटना है। उन्होंने इसे अपनी नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए इस्तीफा देने का फैसला किया। शासन ने की निलंबन की कार्रवाई इस्तीफे के बाद शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है। जांच का दायित्व मंडलायुक्त बरेली को सौंपा गया है। जांच के दौरान अलंकार DM कार्यालय शामली से संबद्ध रहेंगे।

नया आधार ऐप फुल वर्जन में लॉन्च, घर बैठे मोबाइल नंबर और पता बदल सकेंगे

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नई दिल्ली: आधार कार्ड धारकों के लिए बहुत बड़ी सुविधा आने वाली है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने घोषणा की है कि नया आधार मोबाइल ऐप का पूर्ण संस्करण (फुल वर्जन) कल यानी बुधवार, 28 जनवरी 2026 को लॉन्च हो जाएगा। इस नए ऐप के लॉन्च होने के बाद आधार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं पूरी तरह अनलॉक हो जाएंगी, जिनमें सबसे खास है:

  • घर बैठे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलना
  • घर बैठे पता (एड्रेस) अपडेट करना
  • फिजिकल आधार कार्ड की फोटोकॉपी साथ रखने की जरूरत खत्म होना

UIDAI ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि अब आधार नंबर धारक कहीं से भी, कभी भी अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकेंगे। यह पोस्ट UIDAI (@UIDAI) द्वारा 26 जनवरी 2026 को साझा की गई है, जिसमें कहा गया है कि आधार धारक अब अपने मोबाइल नंबर को कहीं से भी, कभी भी अपडेट कर सकेंगे। आधार ऐप का पूर्ण संस्करण (फुल वर्जन) 28 जनवरी 2026 को लॉन्च हो जाएगा, जिससे यह सुविधा सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगी।

इस अपडेट के बाद आधार ऐप में कई नई सुविधाएं सक्रिय हो जाएंगी, जैसे घर बैठे मोबाइल नंबर और पता बदलना, डिजिटल आधार शेयर करना (निजी जानकारी छिपाकर), और प्राइवेसी को प्राथमिकता देते हुए न्यूनतम डेटा शेयरिंग के साथ पहचान सत्यापन। UIDAI ने जोर दिया है कि प्राइवेसी सबसे पहले है – पहचान सत्यापन में अनावश्यक व्यक्तिगत जानकारी शेयर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुख्य फीचर्स जो 28 जनवरी से सक्रिय होंगे

  • मोबाइल नंबर और पता ऑनलाइन अपडेट
  • डिजिटल आधार को मोबाइल पर सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर शेयर करना
  • शेयर करते समय निजी जानकारी (जैसे फोटो, जन्मतिथि, पता) को मास्क/छिपाने की सुविधा
  • केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन
  • प्राइवेसी पर विशेष जोर – न्यूनतम डेटा शेयरिंग

ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। UIDAI ने सभी आधार धारकों से अपील की है कि वे 28 जनवरी को आधिकारिक ऐप को अपडेट या डाउनलोड करें और अपनी सुविधा के अनुसार मोबाइल नंबर व पता अपडेट कर लें।

सावधानी: केवल uidai.gov.in या आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।