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उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दो युवकों की मौत, दो गंभीर घायल

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अल्मोड़ा जिले की देघाट तहसील के ग्राम चिन्तोली में रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली के अचानक अनियंत्रित होकर पलट जाने से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना ग्राम प्रहरी चन्दन सिंह द्वारा थाना देघाट को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देघाट पहुंचाया गया।

सीएचसी में डॉक्टरों ने जांच के बाद दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान दर्शन सिंह (24) पुत्र छोदाण सिंह और चन्दन सिंह (24) पुत्र प्रेम सिंह, दोनों निवासी ग्राम चिन्तोली के रूप में हुई है।

‘मौजूदा समय बेहद चुनौतीपूर्ण’ – मन की बात में पीएम मोदी ने US-इजरायल और ईरान युद्ध पर जताई गहरी चिंता

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के 132वें एपिसोड में पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में चल रहे US-इजरायल बनाम ईरान युद्ध को लेकर देशवासियों से संबोधित करते हुए चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय बेहद चुनौतीपूर्ण है और इस संकट से निपटने के लिए पूरे देश को एकजुट रहना होगा।

पीएम मोदी ने युद्ध की तुलना कोविड-19 जैसी वैश्विक चुनौती से करते हुए कहा कि यह संकट ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल रहा है। उन्होंने जोर दिया कि भारत सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरी कदम उठा रही है।71e9dd

ये कहीं बड़ी बातें

ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस: पीएम ने लोकसभा और राज्यसभा में भी युद्ध के प्रभाव का जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि भारत पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सुचारू रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बावजूद कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा: युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है, जिनमें ईरान से करीब 1,000 (ज्यादातर मेडिकल छात्र) शामिल हैं।

कूटनीतिक प्रयास: पीएम मोदी ने ईरान, इजरायल, अमेरिका और खाड़ी देशों के नेताओं से फोन पर बात की है। उन्होंने बातचीत और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने का समर्थन किया।

जनता से अपील: घबराने की बजाय तैयार रहने और एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि “गंभीर परिणाम” टालने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

यह युद्ध लगभग एक महीने से जारी है और इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (जिससे दुनिया की बड़ी तेल आपूर्ति होती है) को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। भारत जैसे तेल आयातक देशों पर इसका असर पड़ सकता है।

मन की बात में पीएम मोदी ने अन्य मुद्दों पर भी बात की, लेकिन वेस्ट एशिया संकट को मुख्य फोकस बनाया। उन्होंने देशवासियों से कहा कि चुनौतियों का सामना हम मिलकर करेंगे, जैसा हमने कोविड के समय किया था।

भारत सरकार के कदम:

  • कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (CCS) की बैठक।
  • मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक।
  • रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व का उपयोग और विविध स्रोतों से आयात।

यह संकट वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों, मुद्रास्फीति और व्यापार को प्रभावित कर रहा है। भारत अपनी विदेश नीति में संतुलन बनाते हुए सभी पक्षों से संपर्क में है।

देहरादून एयरपोर्ट पर समर शेड्यूल लागू, 34 उड़ानों को मंजूरी, नवी मुंबई और पिथौरागढ़ के लिए सीधी उड़ानें शुरू

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देहरादून :जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर रविवार से समर शेड्यूल लागू कर दिया गया है, जो 24 अक्तूबर तक प्रभावी रहेगा। नए शेड्यूल के तहत कुल 34 उड़ानों को मंजूरी दी गई है। साथ ही कुछ उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है और कुछ नए शहरों को भी एयरपोर्ट नेटवर्क से जोड़ा गया है।

इस समर शेड्यूल में भुवनेश्वर की उड़ान को शामिल नहीं किया गया है, जबकि नवी मुंबई और पिथौरागढ़ के लिए पहली बार सीधी उड़ान सेवा शुरू की गई है। अब देहरादून से दिल्ली, अहमदाबाद, कुल्लू, हैदराबाद, जयपुर, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ, पुणे, नवी मुंबई, कोलकाता और पिथौरागढ़ सहित कुल 12 शहरों के लिए सीधी उड़ानें संचालित होंगी। कुछ उड़ानें 29 मार्च से शुरू हो गई हैं, जबकि अन्य अलग-अलग तिथियों से संचालित होंगी।

इसी के साथ एयरपोर्ट पर डिजिटल सुविधा “Digi Yatra” का भी शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस सेवा के जरिए यात्रियों को बिना दस्तावेज दिखाए, केवल चेहरे की पहचान के आधार पर एयरपोर्ट में प्रवेश की सुविधा मिलेगी।

डिजी यात्रा सेवा लागू होने के बाद यात्रियों को चेक-इन, बोर्डिंग और सुरक्षा जांच में लगने वाले समय से राहत मिलेगी। यह पूरी प्रक्रिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेस रिकग्निशन तकनीक पर आधारित है, जिससे यात्रियों को पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस यात्रा का अनुभव मिलेगा।

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को अपने मोबाइल में डिजी यात्रा ऐप डाउनलोड कर आधार और मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद फ्लाइट से संबंधित जानकारी और फोटो अपलोड करनी होगी। एयरपोर्ट पर लगे कैमरे ऐप में दर्ज डेटा से चेहरे का मिलान कर स्वचालित गेट खोल देंगे। सुरक्षा के लिहाज से ऐप में दर्ज डेटा यात्रा के 24 घंटे बाद स्वतः डिलीट हो जाएगा।

एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए वाई-फाई, पुस्तक पढ़ने की व्यवस्था और बच्चों के लिए किड्स जोन जैसी सुविधाएं भी शुरू की हैं।

देहरादून-नवी मुंबई के बीच पहली सीधी उड़ान

समर शेड्यूल के तहत आज से देहरादून और नवी मुंबई के बीच पहली बार सीधी उड़ान सेवा शुरू की गई है। यह सेवा IndiGo द्वारा संचालित की जा रही है। एयरलाइन का 186 सीटर विमान शाम 5:35 बजे नवी मुंबई से देहरादून पहुंचेगा और 6:10 बजे वापसी उड़ान भरेगा।

लगभग 2 घंटे 25 मिनट की इस यात्रा के लिए शुरुआती किराया करीब 10,939 रुपये रखा गया है, जो समय के साथ बदल सकता है। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए इस नई उड़ान से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखण्ड : सूचना न देने पर सहायक नगर आयुक्त पर ₹10,000 का जुर्माना, विभागीय कार्रवाई की संस्तुति, डीएम पौड़ी को भी दिए निर्देश

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देहरादून/कोटद्वार: उत्तराखण्ड सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत सूचना उपलब्ध न कराने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम कण्वनगरी, कोटद्वार के सहायक नगर आयुक्त एवं लोक सूचना अधिकारी चन्द्रशेखर शर्मा पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया है। आयोग ने साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की है।

यह आदेश मुख्य सूचना आयुक्त श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में शिकायत संख्या 16648/2025-26 की सुनवाई के दौरान पारित किया गया। शिकायतकर्ता अंशुल चन्द्र बुडाकोटी ने आयोग में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि उनके द्वारा मांगी गई सूचना समय पर और पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई।

क्या है मामला

शिकायतकर्ता ने नगर निगम कोटद्वार से एक मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित आपत्ति पर की गई कार्यवाही की जानकारी मांगी थी। आरोप है कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें स्पष्ट और पूर्ण सूचना नहीं दी गई। यहां तक कि आयोग के पूर्व आदेश (16 अक्टूबर 2025) के अनुपालन में भी सूचना अधूरी रही।

आयोग की सख्ती

सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना देने में गंभीर लापरवाही बरती गई। आयोग ने पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर इसे अंतिम करते हुए ₹10,000 का दंड अधिरोपित किया गया।

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि RTI अधिनियम के प्रति इस तरह की उदासीनता स्वीकार्य नहीं है और यह पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है।

जिलाधिकारी को भी निर्देश

आयोग ने मामले में जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल को भी हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि शिकायतकर्ता के आरोपों का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाए और यदि अनियमितता पाई जाए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

वेतन से होगी वसूली

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं किया गया तो यह राशि संबंधित अधिकारी के वेतन/देयकों से काटकर राजकोष में जमा कराई जाएगी।

ई-चालान से जमा होगी राशि

जुर्माने की राशि राज्य सरकार के ई-चालान पोर्टल के माध्यम से “Right to Information Act 2005” शीर्ष के अंतर्गत जमा करनी होगी।

उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज, 6 बड़े नेता कांग्रेस में शामिल, BJP को झटका

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नई दिल्ली/देहरादून:उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार को बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक नारायण पाल, घनसाली से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, रुड़की के पूर्व महापौर गौरव गोयल, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और लाखन सिंह नेगी शामिल हैं। इन नेताओं के शामिल होने से राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।

कांग्रेस ने इसे अपने लिए बड़ा राजनीतिक संकेत बताते हुए दावा किया कि भाजपा का जनाधार कमजोर हो रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है, जिसके चलते अब उसके नेता कांग्रेस का रुख कर रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि पार्टी के पास ऐसे नेताओं की एक लंबी सूची है, जो कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल छह नेताओं ने औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण की है और आने वाले समय में यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

वहीं, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने कहा कि राज्य की जनता का रुझान तेजी से कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों से जनता का मोहभंग हो रहा है, जिसका असर अब पार्टी के नेताओं पर भी दिखाई देने लगा है।

पार्टी ने नए शामिल हुए नेताओं का स्वागत करते हुए इसे संगठन के लिए मजबूती का संकेत बताया है। साथ ही कार्यकर्ताओं में भी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। कांग्रेस का दावा है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में भाजपा के और भी वरिष्ठ नेता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

कांग्रेस ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने पक्ष में माहौल बनने का संकेत बताया है और राज्य में सरकार बनाने का दावा दोहराया है।

Income Tax Act 2025 लागू होते ही बदलेंगे सैलरी के नियम, जानिए असर

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नई दिल्ली। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से देश में नया आयकर कानून लागू होने जा रहा है। Income Tax Act 2025 के लागू होते ही वेतनभोगी कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन भत्तों, सुविधाओं और अन्य लाभों के मूल्यांकन के नियम कड़े कर दिए गए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी, टैक्स देनदारी और सैलरी का ब्रेकअप प्रभावित हो सकता है। अब कंपनियों को वेतन संरचना को नए नियमों के अनुरूप पुनर्गठित करना होगा, जिससे भले ही कुल CTC समान रहे, लेकिन उसमें शामिल विभिन्न घटकों का अनुपात बदल सकता है।

नए नियमों में भत्तों (Perquisites), प्रतिपूर्ति (Reimbursements) और नियोक्ता द्वारा दिए जाने वाले लाभों की स्पष्ट टैक्सेबल वैल्यू तय की गई है। पहले जहां कई भत्ते लचीले तरीके से तय किए जाते थे, अब उन पर सख्ती से कर लगाया जा सकेगा। इससे कर्मचारियों की टैक्सेबल इनकम बढ़ने की संभावना है।

इसके साथ ही, नए लेबर कोड के प्रावधानों का भी असर सैलरी स्ट्रक्चर पर पड़ेगा। नियमों के अनुसार अब बेसिक सैलरी कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत होना जरूरी है। इससे भविष्य निधि (PF) और ग्रेच्युटी में योगदान बढ़ सकता है, जबकि टैक्स-फ्री भत्तों की गुंजाइश घट सकती है।

नए आयकर नियमों के तहत कई ऐसी सुविधाएं भी टैक्स के दायरे में लाई गई हैं, जो पहले कर-मुक्त मानी जाती थीं। कंपनी द्वारा दिया गया आवास, लंबे समय तक होटल में ठहरना, ऑफिस की कार का निजी उपयोग, ड्राइवर की सुविधा, घरेलू नौकर, बिजली-पानी के बिल, बच्चों की फीस, गिफ्ट, क्लब सदस्यता और कंपनी क्रेडिट कार्ड से निजी खर्च—इन सभी को अब टैक्सेबल लाभ माना जाएगा।

करदाताओं के लिए पुराने और नए टैक्स सिस्टम के बीच चयन भी महत्वपूर्ण रहेगा। नए टैक्स सिस्टम में दरें कम हैं लेकिन छूट सीमित हैं, जबकि पुराने सिस्टम में HRA, धारा 80C और अन्य कटौतियों का लाभ मिलता है। ऐसे में किस विकल्प में कम टैक्स देना होगा, यह व्यक्ति की सैलरी संरचना पर निर्भर करेगा।

विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे नए नियम लागू होने से पहले अपने सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करें, CTC का पूरा ब्रेकअप समझें और दोनों टैक्स सिस्टम के तहत अपनी कर देनदारी की तुलना करें। जरूरत पड़ने पर नियोक्ता से सैलरी पुनर्गठन पर भी चर्चा की जा सकती है।

सरकार का मानना है कि नए नियमों से टैक्स प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी, जबकि कर्मचारियों के लिए यह बदलाव उनके वेतन और टैक्स प्लानिंग पर सीधा असर डाल सकता है।

LPG के नाम पर वसूली! रेस्टोरेंट्स पर सरकार सख्त, तुरंत करें शिकायत

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नई दिल्ली। देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने लगा है। कई फास्ट फूड कॉर्नर और रेस्टोरेंट ग्राहकों के बिल में “LPG चार्ज” या “गैस सप्लाई शुल्क” के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूल रहे हैं। इस पर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

Department of Consumer Affairs India ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि बिल में यदि “LPG Charges” के नाम पर कोई अतिरिक्त राशि जोड़ी गई हो तो सावधान रहें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं से केवल निर्धारित टैक्स ही लिया जा सकता है, इसके अलावा कोई भी छिपा हुआ शुल्क वसूलना अनुचित है।

विभाग द्वारा साझा किए गए एक उदाहरण बिल में गैस सप्लाई इश्यू के नाम पर अतिरिक्त शुल्क जोड़े जाने का मामला भी सामने आया है। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना गया है।

सरकार ने ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। उपभोक्ता बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए 1915 नंबर पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

इसके अलावा उपभोक्ता व्हाट्सऐप के जरिए भी शिकायत कर सकते हैं। 8800001915 नंबर पर “Hi” भेजकर चैट के माध्यम से संबंधित विकल्प चुनते हुए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को जागरूक रहना जरूरी है ताकि कोई भी व्यापारी गैस संकट का फायदा उठाकर मनमाने तरीके से अतिरिक्त शुल्क न वसूल सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 9 दिन में 1100 करोड़ पार

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मुंबई।Dhurandhar 2 बॉक्स ऑफिस पर लगातार धमाल मचा रही है। रिलीज के महज 9 दिनों में फिल्म ने वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में 1100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जो इसे साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल कर रहा है।

ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने दूसरे हफ्ते में भी शानदार पकड़ बनाए रखी है। खास बात यह है कि वीकडेज में भी फिल्म की कमाई में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिली, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के साथ Dhurandhar 2 ने Kalki 2898 AD और Jawan जैसी बड़ी फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है। फिल्म की सफलता ने बॉक्स ऑफिस के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म की दमदार कहानी, शानदार एक्शन और स्टारकास्ट की जबरदस्त परफॉर्मेंस इसकी सफलता की बड़ी वजह है। साथ ही, वर्ड ऑफ माउथ और सोशल मीडिया पर मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया ने भी फिल्म को जबरदस्त बढ़त दिलाई है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। खासतौर पर गल्फ, अमेरिका और यूरोप के बाजारों में भी फिल्म ने शानदार कमाई की है।

ट्रेड एनालिस्ट्स का अनुमान है कि आने वाले दिनों में Dhurandhar 2 का कलेक्शन और भी तेजी से बढ़ सकता है और यह 1200 करोड़ क्लब में भी जल्द शामिल हो सकती है। फिलहाल, फिल्म की रफ्तार को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि Dhurandhar 2 बॉक्स ऑफिस पर नए इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है।

बैंक ने निकाली नई भर्ती, भरी जा रही हेड, डिप्टी मैनेजर की वैकेंसी, ऐसे करें आवेदन

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बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। Bank of Baroda ने वेल्थ मैनेजमेंट सर्विस विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जारी अधिसूचना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले ही आवेदन पूरा कर लें।

भर्ती के तहत कुल 104 पदों को भरा जाएगा। इनमें AVP-II ग्रुप हेड के 4 पद, AVP-II टेरिटरी हेड के 17 पद, डिप्टी मैनेजर (सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर) के 70 पद और डिप्टी मैनेजर (वेल्थ स्ट्रेटजिस्ट – इनवेस्टमेंट एवं इंश्योरेंस) के 13 पद शामिल हैं।

इन पदों पर आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री होना अनिवार्य है। साथ ही पदानुसार अनुभव भी निर्धारित किया गया है। ग्रुप हेड पद के लिए न्यूनतम 10 वर्ष, टेरिटरी हेड के लिए 6 वर्ष तथा अन्य पदों के लिए कम से कम 3 वर्ष का संबंधित क्षेत्र में अनुभव जरूरी है।

आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 24 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग, ऑनलाइन परीक्षा और साइकोमेट्रिक टेस्ट शामिल हो सकते हैं।

आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 850 रुपये रखा गया है, जबकि एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी, पूर्व सैनिक और महिला उम्मीदवारों के लिए 175 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

बैंक ने स्पष्ट किया है कि सभी पद संविदा (कॉन्ट्रैक्चुअल) आधार पर भरे जाएंगे। उम्मीदवारों को आवेदन करते समय अपनी सभी जानकारियां प्रमाण पत्रों के अनुसार सही-सही भरने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड की सियासत में बड़ा उलटफेर, आज कांग्रेस में शामिल होंगे ये 6 बड़े नेता

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देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में आज शनिवार, 28 मार्च को बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य के करीब छह बड़े नेता कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। हालांकि अभी तक कांग्रेस या संबंधित नेताओं की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज है।

बताया जा रहा है कि जिन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, वे गढ़वाल और कुमाऊं मंडल की अहम विधानसभा सीटों से जुड़े हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

गढ़वाल मंडल की बात करें तो टिहरी की घनसाली सीट से जुड़े पूर्व विधायक भीमलाल आर्या, मसूरी से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है। ये नेता अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं, जिनमें बीजेपी और निर्दलीय भी शामिल हैं।

वहीं, कुमाऊं मंडल से भीमताल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन सिंह नेगी, सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल और रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नाम सामने आ रहे हैं। इन सभी नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से क्षेत्रीय समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।

खास बात यह है कि इन नेताओं की संभावित ज्वाइनिंग दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में हो सकती है। इस दौरान गणेश गोदियाल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रह सकते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ये नेता कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी पार्टी का रुख कर सकते हैं, जिससे आगामी चुनाव में कांग्रेस को बढ़त मिल सकती है।

गौरतलब है कि यह सियासी हलचल ऐसे समय में हो रही है जब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली दौरे पर हैं और हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है।