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कोरोना के खिलाफ एक और हथियार तैयार, पहली इंट्रानेजल वैक्सीन इनकोवैक लॉन्च

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गणतंत्र दिवस के मौके पर देश में अपनी तरह का पहली इंट्रानेजल कोविड-19 वैक्सीन इनकोवैक लॉन्च हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस वैक्सीन को लॉन्च किया। इसे स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने बनाया है।

बीते शनिवार को कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एला ने गणतंत्र दिवस के मौके पर इसकी लॉन्चिंग को लेकर एलान किया था। गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में भारत बायोटेक ने घोषणा की थी कि वह इस वैक्सीन को सरकार को 325 रुपये प्रति शॉट और निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए 800 रुपये प्रति शॉट के हिसाब से बेचेगी।

नेजल वैक्सीन को भारत बायोटेक ने  वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन (WUSM) के साथ मिलकर बनाया है। भारत बायोटेक ने ही कोरोना की पहली स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन भी तैयार की थी। भारत बायोटेक ने नाक से दी जाने वाली इस नेजल वैक्सीन का नाम iNCOVACC रखा है। पहले इसका नाम BBV154 था। इस वैक्सीन को नाक के जरिए शरीर में पहुंचाया जाता है। शरीर में जाते ही यह वैक्सीन कोरोना के इन्फेक्शन और ट्रांसमिशन दोनों को ब्लॉक करती है।

इससे पहले डीजीसीआई ने 6 सितंबर को 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को आपातकालीन उपयोग के लिए अपने इंट्रानैजल कोविड-19 वैक्सीन इनकोवैक को मंजूरी दी थी। भारत बायोटेक ने डीजीसीआई से इंट्रानैजल हेट्रोलॉगस बूस्टर के लिए बाजार प्राधिकरण के लिए भी आवेदन किया था। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बूस्टर के रूप में इस वैक्सीन को दिया जाएगा। हर एक शख्स इसके चार ड्रॉप्स को दिए जाएंगे।

उत्तराखंड चारधाम यात्रा : 27 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

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• राजमहल नरेंद्र नगर में आयोजित धार्मिक समारोह में कपाट खुलने की घोषणा।

नरेंद्र नगर/ ऋषिकेश: 26 जनवरी। विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को प्रात: 7 बजकर 10 मिनट बजे खुलेंगे जबकि गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा का दिन 12 अप्रैल निश्चित हुआ। राजदरबार नरेंद्र नगर में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित धार्मिक समारोह में पंचांग गणना पश्चात विधि विधान ने कपाट खुलने की तिथि तय हुई।

जबकि गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा हेतु 12 अप्रैल की तिथि निश्चित हुई। इस अवसर पर टिहरी राजपरिवार सहित श्री बदरी-केदार मंदिर समिति, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद थे।

 

परेड में पहली बार शामिल हुए अग्निवीर, CRPF की महिला टुकड़ी भी बनी हिस्सा

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भारत आज अपना 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस पर के मौके पर कर्तव्य पथ पर परेड हो रही है। कर्तव्य पथ पहले राजपथ के नाम से जाना जाता था। मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हैं। लगभग डेढ़ घंटे तक देश की सैन्य, सांस्कृतिक, लोकतांत्रिक और राजनीतिक शक्ति की जो झांकी निकलेगी। परेड में कुल आठ सैन्य दस्ते होंगे। सेना की ओर से जो टुकड़ियां मार्च करेंगी, उनमें एक मेकेनाइज्ड इन्फैंट्री, डोगरा रेजिमेंट, पंजाब रेजिमेंट, मराठा लाइट इन्फैंट्री, बिहार रेजिमेंट और गोरखा बिग्रेड शामिल हैं। एक-एक दस्ता वायुसेना व नौसेना का होगा। बीएसएफ का एक कैमल बैंड भी परेड में दिखेगा।

पूरा देश आज 74वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इसके बाद कर्तव्य पथ पर परेड का आयोजन शुरू हो गया। इस साल मिस्र के राष्ट्रपति अब्लेद फतह अल-सीसी गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार अग्निवीर शामिल हुए। लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत के नेतृत्व में 144 युवा नाविकों की नौसेना टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इस दौरान टुकड़ी में 3 महिलाएं और 6 पुरुष अग्निवीर शामिल रहे। गणतंत्र दिवस परेड में बीएसएफ के शाही ऊंटों ने दर्शकों का मन मोह लिया। दुनिया में एकमात्र ऊंटों का दस्ता भारत के पास है।

कैप्टन सुनील दशरथ के नेतृत्व में 27 एयर डिफेंस मिसाइल रेजिमेंट की आकाश मिसाइल सिस्टम भी परेड में शामिल हुआ।  512 लाइट एडी मिसाइल रेजिमेंट (एसपी) के लेफ्टिनेंट चेतना शर्मा भी मौजूद रहीं। गणतंत्र दिवस की परेड में 861 मिसाइल रेजीमेंट की ब्रह्मोस भी शामिल रही। लेफ्टिनेंट प्रज्वल कला के नेतृत्व में दुनिया ने भारत के इस मिसाइल सिस्टम की ताकत देखी।

जोशीमठ भू-धंसाव : मंडरा रहा बड़ा खतरा, जमीन के भीतर गहरी दरारें

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जोशीमठ : सभी जानते हैं कि जोशीमठ खतरे में हैं। लोग अब तक यह अंदाजा नहीं लगा पाए हैं कि खतरा कितना बड़ा है। हालांकि, लोग पहले से ही यह मान चुके हैं कि खतरा बहुत बड़ा है। लोगों की आशंकाओं और चिंताएं सही साबित हो रही हैं। जोशीमठ में जांच करने पहुंची देश की विभिन्न एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट एनडीएमए को सौंप दी हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है, वो चिंताओं और आशंकाओं से बहुत बड़ा और खतरनाक है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भू-धंसाव का सामना कर रहे जोशीमठ का एक बड़ा हिस्सा खोखला हो चुका है। पानी के साथ भारी मात्रा में मिट्टी बह गई है। अब तक करीब 460 जगह जमीन के अंदर 40 से 50 मीटर तक गहरी दरारें मिली हैं। ऐसे में भू-धंसाव से प्रभावित 30þ क्षेत्र कभी भी धंस सकता है। इसलिए इस क्षेत्र में बसे करीब 4000 प्रभावितों को तुरंत विस्थापित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। दरारों वाले भवनों को जल्द ध्वस्त करना होगा।

यह खुलासा केंद्रीय जांच एजेंसियों की प्राथमिक रिपोर्ट से हुआ है। रिपोर्ट राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) को सौंप दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, एनडीएमए बुधवार को ही केंद्रीय गृह मंत्रालय में इसका प्रस्तुतिकरण भी दे चुका है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद जोशीमठ की तस्वीर और भयावह हो सकती है।

क्योंकि देर-सबेर पूरा जोशीमठ इसकी जद में आ जाएगा। सबसे चौंकाने वाली रिपोर्ट पानी के रिसाव पर राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद की है। जांच में पाया गया कि 460 से अधिक स्थानों पर 40 से 50 मीटर तक गहरी दरारें हैं।
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जोशीमठ का ढलानदार पहाड़ मलबे के ढेर पर बना है, जो मिट्टी बोल्डरों को बांधे थी, वह पानी के साथ बह चुकी है। बोल्डरों के नीचे का हिस्सा खोखला हो चुका है। इसलिए भार सहने की क्षमता धीरे-धीरे खत्म हो रही है। वहीं, सीबीआरआई ने विस्थापन के लिए तीन साइट देख ली है।

राज्य सचिवालय में बुधवार को हुई ब्रीफिंग में सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि इस मामले में सीबीआरआई को नोडल एजेंसी बनाया था। उसने सभी संस्थानों की रिपोर्ट का परीक्षण कर इन्हें एनडीएमए को भेज दिया है। अब एनडीएमए इनका विश्लेषण करेगा। इसके बाद ही यह रिपोर्ट राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) को भेजी जाएंगी।

सूत्रों के मुताबिक सर्वे में पाया गया कि भू-धंसाव वाले क्षेत्र में 4000 नहीं, बल्कि 2500 मकान हैं, जिनमें रहने वाले 4000 लोग प्रभावित हैं। वहीं, दरारों वाले 30þ भवन तुरंत ध्वस्त करने की सिफारिश की गई है। जबकि बाकी भवनों की रेट्रोफिटिंग की संभावना तलाशने का भी सुझाव दिया है।

 

  • केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) दरार वाले भवनों की जांच के साथ ही उनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, अस्थाई पुनर्वास के लिए प्री-फेब्रीकेटेड मॉडल भवन बनाना।
  • वाडियाः सिस्मोलॉजी भू-भौतिकीय अनवेष्ण के साथ ही जियोफिजिकल सर्वेक्षण का काम, संस्थान को अपनी फाइनल रिपोर्ट दो माह में सौंपनी है।
  • IIT रुड़कीः आईआईटी रुड़की की ओर से जोशीमठ में भू-तकनीकी अध्ययन (जियोटेक्निकल सर्वे) किया जा रहा है। इस अध्ययन में संस्थान के वैज्ञानिक पता लगाएंगे कि जोशीमठ के भूगर्भ में मिट्टी और पत्थरों की क्या स्थिति है। उसकी भार क्षमता कितनी है।
  • NGRI, हैदराबादः जियोफिजिकल और जियोटेक्निकल सर्वे का काम कर रही है। के जरिए जोशीमठ में 30 से 50 मीटर गहराई तक का भूगर्भ का मैप तैयार करेगी। तीन सप्ताह में अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
  • राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NHI): जोशीमठ में हाईड्रोलॉजिकल सर्वे कर रही है। संस्थान की टीम यहां एक जमीन पर सतह और भूगर्भ में बहने वाले पानी का पूरा मैप तैयार करेगी।
  • भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI: जोशीमठ में प्रभावित क्षेत्र का भूमि सर्वेक्षण एवं पुनर्वास किए जाने के लिए चयनित भूमि का भूगर्भीय अध्ययन कर रही है।
  • सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड (CGWB): जमीन के भीतर स्प्रींग वाटर और उसके बहने की दिशा और दशा का पता लगाएगा।
  • भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (IIRS) : जोशीमठ के ग्राउंड मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए है। संस्थान तीन माह में अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।

महिला IPL के नाम का खुलासा, नई प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच

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भारत में खेले जाने वाले महिला IPL के नाम का खुलासा कर दिया गया. इसकी जानकारी बीसीसीआई सचिव जय शाह ने दी. भारत में खेली जाने वाली इस लीग का नाम वुमेंस प्रीमियर लीग (Women’s Premier League) रखा गया है. इस दौरान बीसीसीआई ने उन पांच टीमों के नाम की पुष्टि की जिन्होंने 2023 वुमेन IPL के लिए फ्रेंचाइजी का सफलता पूर्वक अधिग्रहण किया. वुमेंस प्रीमियर लीग के पहले सीजन में अहमदाबाद, मुंबई, बैंगोलर, दिल्ली और लखनऊ की टीमें खेलती नजर आएंगी.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव जय शाह ने महिला आईपीएल के नाम का खुलासा करते हुए ट्विट कर लिखा, बीसीसीआई ने लीग का नाम वुमेंस प्रीमियर लीग (WPL) रखा है. अब इस सफर की शुरुआत होती है. बीसीसीआई सचिव की मानें तो इससे अब महिला क्रिकेट में क्रांतिकारी बदलाव आएगा.

एक अन्य ट्वीट में जय शाह ने लिखा, क्रिकेट में आज एक ऐतिहासिक दिन है. क्योंकि वुमेंस प्रीमियर लीग के उद्घाटन के लिए लगाई गई बोली ने 2008 में पुरुषों के आईपीएल के उद्घाटन के रिकॉर्ड तोड़ दिए. विजेताओं को बधाई. हमने बोली में कुल 4669.99 करोड़ रुपये प्राप्त किए. यह महिला क्रिकेट में एक क्रांति की शुरुआत का प्रतीक है.

दमदार एक्शन, ‘पठान’ के साथ छाया ‘टाइगर’, फिल्‍म को लेकर जबरदस्त उत्साह

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मुंबई : फिल्‍म जीरो की रिलीज के करीब चार साल बाद शाह रुख खान की बहुप्रतीक्षित फिल्‍म पठान सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। एक था टाइगर और वार जैसी जासूस थ्रिलर फिल्‍में बना चुके यशराज फिल्‍म्‍स ने अपनी इन जासूसी फिल्‍मों का यूनिवर्स बनाने की बात कही है। इसका शुभारंभ पठान से हो चुका है। पठान में टाइगर यानी सलमान खान आते हैं। फिल्‍म को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

कहानी यूं कि 2019 में कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 को हटाया जा चुका है। इससे पाकिस्‍तान बौखला गया है। सेना का जनरल भारत को घुटनों पर लाने के लिए जिम (जान अब्राहम) की सेवाएं लेता है। जिम का मकसद पैसे या पावर हासिल करना नहीं, बल्कि निजी है। कभी वह भी जाबांज भारतीय जासूस था, पर अब बागी हो चुका है। उसके नापाक मंसूबों को अगर कोई रोक सकता है तो वह है, भारतीय एजेंट पठान (शाह रुख खान)। जिम तक पहुंचने में पठान की मुलाकात आइएसआइ एजेंट डा. रूबीना मोहसिन (दीपिका पादुकोण) से होती है। चूंकि जासूसी थ्रिलर फिल्‍मों की कहानी का आधार कोई ना कोई मिशन होता है।

यहां पर भी मकसद रक्‍तबीज को हासिल करना है, यह एक जैविक हथियार है। जिम इसे भारत में फैलाना चाहता है। उसके नापाक मंसूबों को पठान कैसे असफल करेगा? उसके लिए कई टि्वस्‍ट और टर्न के साथ कहानी गढ़ी गई है। बैंग बैंग, वार जैसी एक्‍शन फिल्‍में बनाने वाले सिद्धार्थ आनंद ने निर्देशन के साथ पठान की कहानी भी लिखी है। यहां पर भी उन्‍होंने एक्‍शन पर पकड़ बनाए रखी है। हेलीकॉप्‍टर, बंदूक, तोप, हैंड टू हैंड फाइट, बर्फ पर बाइक के चेंजिंग के दृश्‍यों के जरिए रोमांचक एक्‍शन को गढ़ा गया है। फिल्‍म को मसालेदार बनाने के लिए उन्‍होंने एक्‍शन के साथ रोमांस, नाच गाना सब डाला है।

फिल्‍म की कमजोर कड़ी कहानी है। शुरुआत में भारतीय वैज्ञानिक का जिम सरेआम दूसरे देश में अपहरण कर लेता है। उसकी रिहाई की ओर किसी का ध्‍यान ही नहीं है। श्रीधर राघव के स्‍क्रीन प्‍ले में जब जैविक हमले का जिक्र आता है तो यह हमले कितने खतरनाक हो सकते हैं, उसके बारे में बताया गया है, लेकिन वह बहुत प्रभावशाली तरीके से दर्शा नहीं पाए हैं। वहां तक पहुंचने में भी लेखक ने काफी समय लिया है।

फिल्‍म में पूरा फोकस पठान पर रहा है, इस वजह से बाकी किरदारों को समुचित तरीके से पनपने का मौका नहीं मिला है। बहरहाल, यहां पर भी खलनायक और पठान के बीच अपना दमखम दिखाने को लेकर आमने-सामने सीन गढ़े गए हैं। हालांकि, इन्‍हें बेहतर और रोचक बनाने की भरपूर संभावना थी।

फिल्‍म का खास आकर्षण ‘एक था टाइगर’ के टाइगर यानी सलमान खान रहे। उन्‍हें कई पंचिंग लाइनें मिली हैं। फिल्‍म में विजुअल इफेक्‍ट्स (VFX) भी काफी है। फिल्‍म कई देशों में विचरण करती है, इसलिए आपको ध्‍यान रखना पड़ता है कि आप कहां हैं। वैसे इन्‍हें इतने देशों में नहीं भी ले जाते तो भी कहानी को सहजता से कहा जा सकता था। सचित पालोस की सिनेमौटोग्राफी बहुत खूबसूरत है। कई लोकेशन नयनाभिरामी हैं। अब्‍बास टायरवाला के संवाद कहीं कहीं चुटकीले हैं।

शाह रुख खान ने पहली बार विशुद्ध एक्‍शन फिल्‍म में काम किया है। यहां पर बॉडी बनाने के साथ उन्‍होंने अपने बाल भी बढ़ाए हैं। उन्‍हें भरपूर एक्‍शन करने का मौका मिला है। एक्‍शन करते हुए वह अच्‍छे लगते हैं। पठान के पास कहने को टीम है, लेकिन उसकी उपयोगिता कहानी में कहीं खास दिखती नहीं है।

फिल्‍म में आधुनिक तकनीक के जरिए इ्ंसान या वस्तु की प्रतिकिृति दिखाने की कोशिश हुई है, पर उस तकनीक का उपयोग सिर्फ एक जगह हुआ है, जबकि उसका प्रयोग कहीं और भी किया जा सकता था। दीपिका पादुकोण फिल्‍म में काफी ग्‍लैमरस दिखी हैं। बेशरम रंग गाने में केसरिया रंग की पोशाक को लेकर विवाद के बाद सेंसर की कैंची चली है।

शाह रुख के साथ इससे पहले फिल्‍म ओम शांति ओम, चेन्‍नई एक्‍सप्रेस और हैप्‍पी न्‍यू ईयर में काम कर चुकी दीपिका को भी यहां पर काफी एक्‍शन करने का मौका मिला है। एक दृश्‍य में रूबीना कैमरे में आती है, जिससे पता चले कि वह कहां है, पर पठान को उसने जहां फंसाया होता है, उसके बाद उसे मरा हुआ समझा जा रहा था। ऐसे में पठान की वापसी को लेकर वह कैसे आश्‍वस्‍त थी। इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

रूबीना के दर्दनाक अतीत को अगर कहानी से ना भी जोड़ते तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता। सहयोगी भूमिका में आए डिंपल कपाड़िया और आशुतोष राणा अपनी भूमिका साथ न्‍याय करते हैं। यह लार्जर दैन लाइफ फिल्‍म है तो इसमें दिमाग लगाने की कोशिश ना करें। फिल्‍म के आखिर में एक और जासूस को जोड़ने का संकेत है। बहरहाल, टाइगर 3 में आने का वादा टाइगर ने पठान से ले लिया है। यानी शाह रुख और सलमान फिर साथ दिखेंगे। इस बार टाइगर की मदद के लिए पठान आएगा।

विवादों के बीच ट्रेड एक्सपर्ट्स का दावा, पहले दिन 50 करोड़ की कमाई कर सकती है पठान

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शाहरुख खान की फिल्म पठान सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म को फैंस खूब पसंद कर रहे हैं। बता दें कि फिल्म का जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। यही वजह है कि मुंबई में सिनेमाघरों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

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Pathaan Movie Live Updates: ट्रेड एक्सपर्ट्स का दावा, पहले दिन 50 करोड़ की कमाई कर सकती है ‘पठान’

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: निधि पाल Updated Wed, 25 Jan 2023 12:39 PM IST

सार

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मनोरंजन

Pathaan Movie Live Updates: शाहरुख खान की फिल्म पठान सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है। फैंस इस फिल्म के लिए सुबह से ही थिएटर में जुटे हुए हैं। बवाल के मद्देनजर थिएटरों के बाहर और अंदर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस फिल्म से जुड़े सभी अपडेट के लिए यहां बने रहिए…

 

 

पठान

पठान – फोटो : amar ujala

 

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विस्तार

शाहरुख खान की फिल्म पठान सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म को फैंस खूब पसंद कर रहे हैं। बता दें कि फिल्म का जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। यही वजह है कि मुंबई में सिनेमाघरों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

पठान को लेकर फैंस में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, लेकिन हालांकि इंदौर में सपना संगीता टॉकीज के सामने एक हिंदू संगठन द्वारा बड़े पैमाने पर फिल्म का विरोध किया गया है। विरोध के बाद सुबह 9 बजे का शो रद्द कर दिया गया है।

इंदौर के सिनेमाघरों में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन शुरू हो गया है। सिनेमाघर के बाहर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता हाथ में डंडे लेकर शो रुकवाने के लिए पहुंचे हैं।

‘पठान’ की रिलीज एसआरके के फैंस के लिए एक सेलिब्रेशन से कम नहीं है। सोशल मीडिया पर मुंबई का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें फैंस ढोल और नगाड़ों के साथ मुंबई के गेयटी गैलेक्सी के बाहर इकट्ठा हुए और जमकर जश्न मनाया।

पठान को लेकर फैंस में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, लेकिन हालांकि इंदौर में सपना संगीता टॉकीज के सामने एक हिंदू संगठन द्वारा बड़े पैमाने पर फिल्म का विरोध किया गया है। विरोध के बाद सुबह 9 बजे का शो रद्द कर दिया गया है।

शाहरुख खान स्टारर ‘पठान’ का ऑडियंस में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं फिल्म की बंपर ओपनिंग भी बताई जा रही है। ट्रेड एक्सपर्ट ने पठान के कलेक्शन को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पठान पहले दिन ही 50 करोड़ कलेक्शन का आंकड़ा पार कर लेगी।

पठान के रंग में रंगा कोलकाता

कोलकाता शहर में फैंस में पठान का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। शहर में थिएटर के बाहर किंग खान के पोस्टर लगाए गए हैं। हर तरफ ढोल नगाड़े की गूंज सुनाई दे रही है।

लीक हो गई पठान

पठान को रिलीज हुए कुछ ही घंटे हुए हैं और फिल्म मेकर्स को बड़ा झटका लगा है। दरअसल पठान के लीक होने की खबर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ वेबसाइटों ने रिलीज से पहले शाहरुख खान की ‘पठान’ को लीक कर दिया है। उन वेबसाइट्स पर पठान का का एचडी प्रिंट बताया जा रहा है।

 

उत्तराखंड : अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

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देहरादून : मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। मौसम विभाग ने पांच दिनों के लिए बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया था। अलर्ट सटीक भी साबित हुआ। जहां मैदानी जिलों में झमाझम बारिश हुई। वहीं, पहाड़ी जिलों में अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला अब भी जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने एक और अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार अगले 24 घंटे भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। अलर्ट के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, में अगले चौबीस घंटे में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक राज्य में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते जहां देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में अगले चौबीस घंटे में भारी बारिश के साथ ही बर्फबारी की पूरी संभावना है।

देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार में भी कही कहीं बारिश के साथ ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी पूरी संभावना है। भारी बारिश और बर्फबारी के मद्देनजर मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी करने के साथ ही सरकार, शासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक एक बार फिर पूरे राज्य में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते के देहरादून , उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में अगले कहीं कहीं भारी बारिश के साथ ही बर्फबारी की संभावना है। जबकि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार में भी कही कहीं बारिश के साथ ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।
अधिकारियों को सतर्क रहने की जरूरत

हिमालयी क्षेत्रों में बारिश के साथ ही बर्फबारी होने से मैदान से लेकर पहाड़ तक शीतलहर की पूरी भी संभावना है। मौसम वैज्ञानिक विक्रम सिंह के मुताबिक पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश, बर्फबारी के चलते भूस्खलन , हिमस्खलन की भी पूरी संभावना है ऐसे में सरकार, शासन, जिला प्रशासन के अधिकारियों को सतर्क रहने की जरूरत है।

दूसरी ओर मौसम के बदले मिजाज के चलते पवतीय इलाकों के साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक सतपुली में 12.5 मिमी, कोटद्वार में 4.5 मिमी, थैलीसैंण में 4.5 मिमी, लैंसडोन में 3.5 मिमी, देहरादून के रायवाला में 3.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।

JNU में BBC की डॉक्‍यूमेंट्री देख रहे छात्रों पर पथराव

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जेएनयू कैंपस एक बार फिर बवाल का केंद्र बन गया. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रों ने मंगलवार (24 जनवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर बनी बीबीसी की डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करने की घोषणा की थी. हालांकि इस स्क्रीनिंग से पहले छात्रसंघ कार्यालय में बिजली काट दी गई. पथराव भी हुआ.

बीबीसी डॉक्‍यूमेंट्री देख रहे स्‍टूडेंट्स पर पथराव के मामले में छात्र शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने तक मार्च किया. छात्रों का कहना है कि वे अपने हॉस्‍टल लौटना चाहते हैं लेकिन एबीवीपी के स्‍टूडेंट्स से भयभीत हैं. वे चाहते हैं कि दिल्‍ली पुलिस हॉस्‍टल लौटने के मामले में उनकी मदद करे. वसंतकुंज पुलिस के शिकायत दर्ज करने के बाद जेएनयू के छात्रों ने मार्च खत्म कर दिया.

कुछ दिन पहले ही जेएनयू ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ना दिखाने का फैसला किया था, लेकिन JNUSU ने ऐलान कर दिया कि वो अपनी तरफ से छात्रों के लिए डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करेगा. इसके बाद विवाद हुआ. बीबीसी की ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ डाक्यूमेंट्री सीरीज गुजरात दंगों (Gujarat Riots) पर आधारित है, जब नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे.

 

लखीमपुर खीरी केस : आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत, UP नहीं जाने का आदेश

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नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट ने 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुना दिया है.

आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है. न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी की पीठ ने ये आदेश सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 19 जनवरी को आशीष मिश्रा की अंतरिम जमानत की अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.

3 अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में आठ लोगों की मौत होने के बाद हिंसा भड़क गई थी. ये घटना तक हुई, जब किसान उत्तर प्रदेश के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इलाके में दौरे का विरोध कर रहे थे. उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, एक एसयूवी ने चार किसानों को कुचल दिया, जिसमें आशीष मिश्रा बैठे थे.

इस घटना के बाद, एसयूवी के चालक और दो भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित रूप से गुस्साए किसानों ने पीट-पीट कर मार डाला. हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई थी.