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पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 : डॉ. पूजा गौड़ के नाम एक और उपलब्धि, नवोन्मेषी कार्य के लिए सम्मानित

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नई दिल्ली: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), पूसा में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 के दौरान डॉ. पूजा गौड़ को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘नवोन्मेषी कार्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें कृषि क्षेत्र में किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए उत्कृष्ट एवं नवाचारी योगदान के लिए प्रदान किया गया।

मेले के समापन समारोह में यह सम्मान डॉ. गौड़ को प्रदान किया गया, जहां उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से ग्रामीण भारत में तकनीकी नवाचार, महिला उद्यमिता और किसान-केंद्रित योजनाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डॉ. पूजा गौड़, जो आईटी क्षेत्र में पहले से ही कई पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं, ने इस अवसर पर कहा, “यह सम्मान वास्तव में उन सभी किसान भाइयों-बहनों का है, जो मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस नेक कार्य में लगे हुए हैं। आईटी क्षेत्र में मुझे कई अवार्ड मिले, लेकिन किसानों की सेवा और महिला सशक्तिकरण के लिए मिला यह पुरस्कार मुझे विशेष संतुष्टि और आनंद प्रदान करता है।”

डॉ. गौड़ ने आगे कहा, “यदि मैं किसानों और महिलाओं के उत्थान के लिए कुछ कर पाई हूं, तो यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। मेरा उद्देश्य यही रहा है कि तकनीक और नवाचार को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार किया जाए।”

यह मेले का एक प्रमुख आकर्षण रहा, जहां ‘विकसित कृषि – आत्मनिर्भर भारत’ थीम के तहत उन्नत कृषि तकनीकें, ड्रोन, एआई-आधारित समाधान, क्लाइमेट स्मार्ट फार्मिंग और एग्री-स्टार्टअप्स पर फोकस किया गया। मेले में किसानों को नवाचार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कई पुरस्कार वितरित किए गए, जिसमें डॉ. गौड़ का यह सम्मान विशेष रूप से सराहनीय रहा।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उद्घाटित इस मेले ने किसानों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को एक मंच प्रदान किया, जहां कृषि क्षेत्र में नई दिशा देने वाले प्रयासों को मान्यता मिली। डॉ. पूजा गौड़ का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान को रेखांकित करता है, बल्कि देश में महिलाओं और किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में चल रहे प्रयासों को भी बल प्रदान करता है।

उत्तराखंड में ED की रेड से हड़कंप, स्टील कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी

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रुद्रपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आय से अधिक संपत्ति, कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह में रुद्रपुर के एक प्रमुख स्टील कारोबारी के आवास और कार्यालयों पर छापेमारी की, जिससे स्थानीय कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से आई ईडी की दो टीमों ने आज सुबह करीब 8 बजे कार्रवाई शुरू की। टीम ने पहले मेट्रोपोलिस कॉलोनी स्थित कारोबारी के आवास पर पहुंचकर परिसर को सील किया और फिर सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा। दोनों स्थानों पर मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।

ईडी अधिकारियों ने कई घंटों तक दस्तावेजों, लेखा-जोखा रिकॉर्ड, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की गहन जांच की। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण फाइलें, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए। कार्रवाई देर रात तक जारी रही, जिसके बाद जब्त सामग्री को सील करके एजेंसी के कब्जे में ले लिया गया।

प्रारंभिक जांच में लेन-देन में गड़बड़ी, कर देनदारियों से बचने के संकेत और कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन मिले हैं, जिनके माध्यम से धन के अवैध हस्तांतरण की आशंका जताई जा रही है। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा बताई जा रही है। ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कारोबारी के परिवार या कंपनी प्रबंधन से संपर्क करने के प्रयास असफल रहे, क्योंकि कई नंबर बंद मिले।

इस घटना ने रुद्रपुर और उधम सिंह नगर जिले के व्यापारिक समुदाय में खलबली मचा दी है। कुछ कारोबारी इसे वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे बड़े पैमाने पर जांच की शुरुआत बता रहे हैं। जांच एजेंसियों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं पर सख्ती बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर विवादित नारा, यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है…!

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सहारनपुर/देहरादून : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के मोहंड क्षेत्र में एलिवेटेड रोड पर पेंट से लिखा गया आपत्तिजनक नारा “यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है” सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग (जिन्हें हिंदू रक्षा दल से जुड़े बताया जा रहा है) दीवार पर यह संदेश लिखते और जय श्री राम जैसे नारे लगाते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना का विडियो वायरल  

वीडियो में दिखाया गया है कि दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे के मोहंड एलिवेटेड रोड (उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा के पास) पर कुछ कार्यकर्ता पेंट से बड़े-बड़े अक्षरों में “यह रोड मुसलमानों के लिए नहीं है” और अंग्रेजी में “This road is not for Muslims” लिख रहे हैं। वीडियो में भगवा पट्टा पहने महिलाएं और पुरुष शामिल दिख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे रिकॉर्ड कर रहे हैं। यह घटना होली से ठीक पहले हुई है, जिससे धार्मिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

हिंदू रक्षा दल का दावा

हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने घटना की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा, “हम टैक्स देते हैं, इसलिए सड़क पर चलना हमारा अधिकार है। जेहादी टैक्स नहीं देते, तो उन्हें सड़क पर चलने का हक नहीं है।” संगठन का दावा है कि यह उनकी महिला विंग के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया कार्य है।

पुलिस कार्रवाई

सहारनपुर जिले के बिहारी गढ़ थाना प्रभारी अक्षय शर्मा ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान तथा जांच जारी है। पुलिस ने इसे साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करार दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में घटना को गाजियाबाद या सहारनपुर सीमा से जोड़ा गया है, लेकिन मुख्य स्थान मोहंड एलिवेटेड रोड बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने इसे घृणा फैलाने वाला कृत्य बताया, जबकि कुछ ने संगठन के बयान का समर्थन किया। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति पर ऐसे नारे लिखना कानूनी रूप से दंडनीय है और यह सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा है।

उत्तराखंड: ग्राम प्रधान जेल में बंद, फिर भी हो गया10 लाख से ज्यादा का घोटाला, आखिर कैसे?

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रुद्रपुर/किच्छा : उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के ग्राम दरऊ में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान नाजिया बी, जो 13 दिसंबर 2025 से पौड़ी जेल में बंद हैं, उनके डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) का इस्तेमाल कर सरकारी खाते से 10 लाख 39 हजार 535 रुपये निकाल लिए गए। यह खुलासा किच्छा के कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने रुद्रपुर में प्रेसवार्ता कर किया है।

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मामले की पृष्ठभूमि जुलाई 2025 में हुए पंचायत चुनाव में भाजपा नेता अब्दुल गफ्फार की पत्नी नाजिया बी ने ग्राम दरऊ से प्रधान पद जीता था। विधायक बेहड़ के अनुसार, चुनाव लड़ते समय नाजिया बी कोटद्वार में दर्ज तीन धोखाधड़ी के मुकदमों में वांछित थीं। 13 दिसंबर 2025 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पौड़ी जेल भेज दिया, जहां वे तब से बंद हैं।

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डीएससी का कथित दुरुपयोग विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेसवार्ता में दस्तावेज साक्ष्य पेश करते हुए दावा किया कि जेल में बंद होने के बावजूद नाजिया बी का डीएससी फ्रीज नहीं किया गया। उन्होंने एक पत्र का हवाला दिया, जिसमें नाजिया बी ने अपने पैर में फ्रैक्चर होने का बहाना बनाकर पति अब्दुल गफ्फार को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया था। इसी आधार पर विकासखंड अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर 30 दिसंबर 2025 से 24 फरवरी 2026 के बीच 14 बिलों के माध्यम से कुल 10,39,535 रुपये का भुगतान डीएससी से कराया गया।

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विधायक की मांग और चेतावनी बेहड़ ने कहा, “जब प्रधान जेल में थीं, तब नियमानुसार उनकी डीएससी तत्काल निलंबित या फ्रीज की जानी चाहिए थी। यह प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत का मामला है।” उन्होंने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से तीन दिन के भीतर नाजिया बी के पति अब्दुल गफ्फार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे डीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया मुख्य विकास अधिकारी देवेश शासनी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जानकारी मिलते ही पंचायती राज अधिकारी को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि विस्तृत जांच कर साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

देश में सड़क दुर्घटनाओं से हर साल 1.80 लाख से ज्यादा मौतें

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नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि ओवरस्पीडिंग के कारण हर साल करीब 1,20,000 मौतें होती हैं, जबकि हेलमेट न पहनने से 54,000 से अधिक और सीट बेल्ट न लगाने से 14,000 से ज्यादा लोगों की जान जाती है।

मंत्री ने ‘इंडियन रोड्स@2030: रेजिंग द बार ऑफ सेफ्टी’ नामक तीसरे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सम्मेलन में यह आंकड़े साझा किए। गडकरी ने कहा कि देश में हर साल लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कुल 1.80 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से 72 प्रतिशत मौतें 18 से 45 वर्ष की आयु के युवाओं की होती हैं, जिससे युवा पीढ़ी की भारी क्षति हो रही है।

बच्चों पर प्रभाव नितिन गडकरी ने विशेष रूप से चिंता जताई कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की 10,000 से अधिक मौतें हर साल सड़क हादसों में होती हैं। उन्होंने कहा कि नशे में गाड़ी चलाना, गलत साइड से वाहन चलाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए ड्राइविंग करना भी मौत के प्रमुख कारण बने हुए हैं।

सरकार की चिंता और प्रयास मंत्री ने जोर देकर कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से देश की GDP का 3 प्रतिशत नुकसान हो रहा है। उन्होंने व्यवहार परिवर्तन (behaviour change) पर जोर दिया और कहा कि सड़क इंजीनियरिंग, वाहन सुरक्षा और सख्त प्रवर्तन के साथ-साथ लोगों की जागरूकता और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम पर विचार कर रही है, ताकि जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहन मिले।

यह आंकड़े हाल के वर्षों के आधिकारिक आंकड़ों (MoRTH रिपोर्ट) पर आधारित हैं, जो दर्शाते हैं कि मानवीय लापरवाही सड़क सुरक्षा के सबसे बड़े खतरे बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हेलमेट, सीट बेल्ट और स्पीड लिमिट का पालन करके बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं।

कोर्ट के फैसले के बाद भावुक हुए केजरीवाल, मीडिया से बातचीत में रो पड़े

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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े सीबीआई मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त (discharged) कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष (सीबीआई) द्वारा पेश किए गए सबूत पर्याप्त नहीं हैं और आरोपों को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है।

कोर्ट का फैसला और टिप्पणियां

27 फरवरी 2026 को विशेष जज जितेंद्र सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है जो किसी षड्यंत्र या भ्रष्टाचार को साबित कर सके। कोर्ट ने टिप्पणी की कि “गंभीर आपराधिक आरोपों को केवल अनुमान या कथानक पर नहीं, बल्कि ठोस सामग्री पर आधारित होना चाहिए।” अदालत ने सीबीआई की जांच में खामियों पर कड़ी फटकार लगाई और कहा कि चार्जशीट में कई कमियां हैं, जो किसी गवाह या बयान से समर्थित नहीं हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आबकारी नीति में कोई “ओवरआर्किंग षड्यंत्र” या “आपराधिक इरादा” नहीं पाया गया।

फैसले के बाद प्रतिक्रियाएं

फैसले के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और मीडिया से बातचीत में रो पड़े। उन्होंने कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं हूं। अदालत ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं।” उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सच की हमेशा जीत होती है।” आम आदमी पार्टी ने इसे “न्याय की जीत” और “राजनीतिक प्रतिशोध की हार” करार दिया।

ये है पूरा मामला 

दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 से जुड़े इस मामले में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नीति में संशोधन कर कुछ निजी शराब कंपनियों (“साउथ लॉबी”) को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और बदले में रिश्वत ली गई। आरोप में 100 करोड़ रुपये की रिश्वत का दावा शामिल था, जो कथित तौर पर आप के चुनावी खर्च में इस्तेमाल हुई। सीबीआई ने 2022 में पहली चार्जशीट दाखिल की थी और बाद में कई सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश कीं। इसमें केजरीवाल, सिसोदिया सहित 23 लोग आरोपी थे। यह मामला लंबे समय से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा, जिसमें दोनों नेताओं ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया था। अदालत ने चार्ज फ्रेमिंग पर सुनवाई पूरी करने के बाद यह फैसला सुनाया, जिससे ट्रायल की प्रक्रिया समाप्त हो गई।

आगे क्या?

सीबीआई की ओर से उच्च न्यायालय में अपील करने की संभावना बनी हुई है, लेकिन फिलहाल यह फैसला आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक राहत माना जा रहा है। विस्तृत आदेश की प्रति अभी सार्वजनिक हो रही है, और यह दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया बरी, कोर्ट ने कहा- ठोस सबूत नहीं

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राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सभी आरोपों से बरी (discharged) कर दिया है।

कोर्ट का फैसला

27 फरवरी 2026 को विशेष सीबीआई अदालत (राउज एवेन्यू कोर्ट) ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष (सीबीआई) द्वारा आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ कोई ठोस, विश्वसनीय या पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किया गया। किसी आपराधिक षड्यंत्र या भ्रष्टाचार का कोई प्रमाण सामने नहीं आया। कोर्ट ने कहा, “अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में असफल रहा है। निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच अनिवार्य है, लेकिन यहां जांच में गंभीर खामियां पाई गईं।”

कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां

  • सुनवाई के दौरान जज ने चार्जशीट में कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया।
  • गवाह संख्या 5 और 6 के बयान आपस में मेल नहीं खाते और सीबीआई द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज चार्जशीट से सामंजस्य नहीं रखते।
  • अदालत ने “साउथ ग्रुप” और “साउथ लॉबी” जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। जज ने पूछा कि इन शब्दों की उत्पत्ति क्या है और जांच में ऐसी सामूहिक, अस्पष्ट शब्दावली का प्रयोग उचित है या नहीं? कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसे शब्द जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं।
  • कोर्ट ने नाराजगी जताई कि कन्फेशनल स्टेटमेंट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि शुरुआत से इसकी मांग की जा रही थी। सीबीआई ने बताया कि बयान सील कवर में जमा किया गया था, जिस पर अदालत ने असंतोष व्यक्त किया।
  • जज ने कहा, “कभी-कभी फाइल को अधिक पढ़ने पर वही फाइल कई सवाल खड़े कर देती है।”

ये था पूरा आमला

दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 से जुड़े इस मामले में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नीति में संशोधन कर कुछ निजी शराब कंपनियों (कथित “साउथ लॉबी”) को फायदा पहुंचाया गया और बदले में रिश्वत ली गई। आरोपों में 100 करोड़ रुपये की रिश्वत का दावा शामिल था, जो कथित तौर पर आम आदमी पार्टी (आप) के चुनावी खर्च के लिए इस्तेमाल हुई।

सीबीआई ने 2022 में पहली चार्जशीट दाखिल की थी और बाद में कई सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश कीं। इसमें केजरीवाल, सिसोदिया सहित 23 लोग आरोपी थे। यह मामला लंबे समय से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है। दोनों नेताओं ने आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था। अदालत ने चार्ज फ्रेमिंग पर सुनवाई पूरी करने के बाद 27 फरवरी को यह आदेश जारी किया।

तालिबान का दावा, पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट अफगान बॉर्डर पर गिराया

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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान के प्रमुख मीडिया संस्थान टोलो न्यूज के अनुसार, अफगान बलों ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को उनके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने पर मार गिराया है। अफगान पक्ष का दावा है कि यह एक F-16 फाइटर जेट था, जो अमेरिका निर्मित है और पाकिस्तान वायु सेना का प्रमुख विमान है।

घटना की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के कई शहरों—काबुल, कंधार और पक्तिया—पर हवाई हमले शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने “ऑपरेशन घज़ब लिल हक” के तहत आतंकवादी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई बताया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे “ओपन वॉर” करार दिया है। इन हमलों के जवाब में अफगानिस्तान ने सीमा पर जवाबी हमले किए, जिसमें अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, कई पोस्ट नष्ट हुए और कुछ सैनिकों को कैद किया गया।

टोलो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी विमान अफगान हवाई क्षेत्र में घुसा, जिसके बाद अफगान बलों ने इसे मार गिराया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें जलते हुए विमान के मलबे दिखाए गए हैं। वीडियो में कथित तौर पर सीरियल नंबर (जैसे 85610 या 85510) और पाकिस्तानी झंडा दिख रहा है, और दावा किया जा रहा है कि यह F-16 है। एक X अकाउंट (@AFGDefense) ने इसे अफगान रक्षात्मक बलों द्वारा गिराए गए पाकिस्तानी F-16 के रूप में शेयर किया है।

हालांकि, इस वीडियो और दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कई रिपोर्ट्स में इसे फेक या AI-जनरेटेड बताया गया है, क्योंकि मलबे का आकार और संरचना F-16 से मेल नहीं खाती (F-16 एक छोटा, कॉम्पैक्ट फाइटर जेट है)। कुछ फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह पुराना फुटेज हो सकता है या प्रोपगैंडा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। पाकिस्तान की ओर से अभी तक किसी विमान के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है, और उन्होंने किसी भी हानि से इनकार किया है।

यह घटना दुर्दांत लाइन पर लंबे समय से चल रहे विवाद का हिस्सा है, जहां दोनों देश एक-दूसरे पर आतंकवादियों को शेल्टर देने का आरोप लगाते हैं। कतर-मध्यस्थता वाली पिछले समझौते के बावजूद तनाव बढ़ता जा रहा है, और अब दोनों पक्ष पूर्ण सैन्य अभियानों की बात कर रहे हैं।

उत्तराखंड: बारात से लौट रही कार खाई में गिरी, तीन लोगों की मौत

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अल्मोड़ा: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में आज एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। ताकुला क्षेत्र के बसौली के पास बागेश्वर रोड पर एक कार (मारुति ब्रेजा, नंबर DL9CBH8402) अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी घायलों को एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से बचाया गया।

जानकारी के अनुसार, कार में कुल 8 लोग सवार थे, जो एक बारात से लौटकर अल्मोड़ा की ओर जा रहे थे। अचानक वाहन का नियंत्रण खो गया और यह गहरी खाई में जा गिरा। हादसे की सूचना मिलते ही डीसीआर अल्मोड़ा से एसडीआरएफ की टीम सरियापानी पोस्ट से उप निरीक्षक पंकज डंगवाल के नेतृत्व में तुरंत घटनास्थल पर पहुंची।

एसडीआरएफ टीम ने जिला पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें 108 एम्बुलेंस के जरिए ताकुला अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्भाग्य से, तीन लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। मृतकों के शवों को पुलिस और ग्रामीणों की सहायता से मुख्य सड़क तक लाया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए पुलिस के हवाले किया गया।

यह हादसा होली से ठीक पहले हुआ है, जिसने इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। प्रारंभिक जानकारी में चालक के वाहन पर नियंत्रण खोने को मुख्य कारण बताया जा रहा है। पुलिस जांच कर रही है कि क्या तेज रफ्तार या अन्य कोई वजह इसके पीछे थी।

हमारे रिश्ते समय की हर कसौटी पर खरे उतरे; आतंकवाद को दिया सख्त संदेश : PM मोदी

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नई दिल्ली/यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रिश्तों को नई मजबूती मिली। पीएम मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए, जिससे रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में सहभागिता बढ़ने की उम्मीद है।

संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘शालोम’ कहकर अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनके प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके लिए वे आभारी हैं। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि नौ साल पहले उन्हें पहली बार इजराइल आने का अवसर मिला था और अब नौ साल बाद दोबारा यहां पहुंचना उनके लिए गर्व का क्षण है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्हें ‘स्पीकर ऑफ द नेस्सेट मेडल’ से सम्मानित किया गया है। उन्होंने इस सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों और भारत-इजराइल की स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हुए कहा कि यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और मजबूत संबंधों का प्रतीक है।

दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी के दौरे को ‘अद्भुत’ और ‘भावुक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह छोटा लेकिन बेहद सफल दौरा रहा। नेतन्याहू ने विशेष रूप से केनेस्सेट में पीएम मोदी के संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके भावुक भाषण के बाद शायद ही किसी इजराइली की आंखें सूखी रही हों। उन्होंने इस दौरे को दोनों देशों के दिलों और दिमागों को और करीब लाने वाला बताया।

दोनों नेताओं ने इस दौरान क्षेत्रीय शांति, आतंकवाद विरोधी सहयोग और बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने पर भी जोर दिया। यह दौरा भारत-इजराइल संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है।