Home Blog Page 7

उत्तराखंड: 14 अप्रैल को लच्छीवाला टोल प्लाजा रहेगा टोल मुक्त, डीएम ने दिए निर्देश

0

देहरादून :  देहरादून में 14 अप्रैल को प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनज़र जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के देहरादून दौरे और जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने शहर को जाम से मुक्त रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। इसके तहत 14 अप्रैल को प्रातः 5:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक Lachhiwala Toll Plaza और आशारोड़ी बैरियर को पूरी तरह टोल मुक्त रखा जाएगा। इस अवधि में किसी भी प्रकार के निजी, वाणिज्यिक या अन्य वाहनों से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि सीमावर्ती और पर्वतीय जनपदों से बड़ी संख्या में वाहन कार्यक्रम स्थल की ओर आएंगे, जिससे टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि यातायात सुचारु बना रहे और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
डीएम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह आदेश लागू किया है।

इस दौरान फास्टैग से भी किसी प्रकार की टोल वसूली नहीं की जाएगी और सभी वाहनों का आवागमन पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। जिला प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे निर्धारित यातायात व्यवस्थाओं का पालन करें, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।

मुंबई लोकल में नए युग की शुरुआत: पहली नॉन-एसी ‘बंद दरवाजों’ वाली ट्रेन तैयार

0

मुंबई: मुंबई के लाखों रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। शहर को अपनी पहली नॉन-एसी (Non-AC) लोकल ट्रेन मिल गई है, जो ऑटोमैटिक बंद होने वाले दरवाजों से लैस है। यह पहल न केवल सफर को आधुनिक बनाएगी, बल्कि सालों से चली आ रही गिरकर होने वाली दुर्घटनाओं पर भी लगाम कसेगी।

हादसे से लिया सबक

इस विशेष ट्रेन का निर्माण मुंब्रा में हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद रेल मंत्री के सीधे हस्तक्षेप और निर्देशों पर किया गया है। भारी भीड़ के कारण गेट से गिरकर होने वाली मौतों को रोकने के लिए रेलवे ने ऐसी तकनीक विकसित करने का फैसला किया, जो बिना एसी के भी यात्रियों को सुरक्षित रख सके।

क्यों खास है यह ट्रेन?

आमतौर पर बंद दरवाजे केवल महंगी एसी ट्रेनों में ही देखे जाते थे, लेकिन यह पहली बार है जब सामान्य किराए वाली नॉन-एसी ट्रेन में यह सुविधा दी गई है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • ऑटोमैटिक डोर क्लोजिंग: जब तक दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं होंगे, ट्रेन प्लेटफॉर्म से नहीं चलेगी। इससे ‘फुटबोर्ड’ पर लटककर यात्रा करने की खतरनाक आदत खत्म होगी।

  • बेहतर वेंटिलेशन: दरवाजों के बंद होने पर यात्रियों को घुटन न हो, इसके लिए ट्रेन की छतों और खिड़कियों पर उन्नत वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है, ताकि ताजी हवा का प्रवाह बना रहे।

  • सुरक्षा का कवच: यह कदम विशेष रूप से पीक आवर्स के दौरान होने वाली भीड़भाड़ को देखते हुए उठाया गया है, जहाँ डिब्बों से यात्रियों के गिरने की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं।

यात्रियों के लिए ऐतिहासिक मोड़

मुंबई लोकल के इतिहास में इसे एक ‘ऐतिहासिक कदम’ माना जा रहा है। अब तक बंद दरवाजों का मतलब केवल ‘प्रीमियम क्लास’ या एसी यात्रा समझा जाता था, लेकिन अब यह सुरक्षा आम आदमी के लिए भी उपलब्ध होगी।

संसद परिसर में दिखी खास तस्वीर: पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत

0

नई दिल्ली: संसद भवन परिसर में शुक्रवार को एक खास राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। प्रधानमंत्री Narendra Modi और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत होती नजर आई।

यह मुलाकात प्रेरणा स्थल पर महात्मा ज्योतिराव फुले  की 200वीं जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान हुई। कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से कुछ देर तक बातचीत की।

करीब डेढ़ मिनट के वीडियो में दोनों नेताओं को आपस में चर्चा करते देखा गया, जबकि आसपास भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इस दौरान का दृश्य राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि आमतौर पर दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की सहज बातचीत कम ही देखने को मिलती है।

PM मोदी का दौरा : एक्सप्रेसवे उद्घाटन, विशाल जनसभा, 2300 बसों और मैक्सी वाहन, कड़े सुरक्षा इंतजाम

0

देहरादून: प्रधानमंत्री Narendra Modi 14 अप्रैल को उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इस दौरे को लेकर राज्य में तैयारियां जोरों पर हैं और सभी विभागों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

एक्सप्रेसवे का उद्घाटन और बड़ी परियोजनाएं

प्रधानमंत्री दौरे के दौरान उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा स्थित मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, जिसके बाद करीब 11,970 करोड़ रुपये की लागत से बने 210 किमी लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय घटकर करीब ढाई घंटे रह जाएगा।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री कई अहम परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे, जिनमें 1000 मेगावाट क्षमता वाला टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट, पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार और बनबसा लैंड पोर्ट शामिल हैं।

महिंद्रा ग्राउंड में होगी विशाल जनसभा

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री देहरादून के गढ़ीकैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस रैली को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था कड़ी

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यापक तैयारियां की हैं:

  • 11 डॉक्टरों की टीमें और 3 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तैनात रहेंगी.
  • कार्यक्रम स्थल और रूट के पास दो अस्पतालों को चिन्हित किया गया है.
  • रोड शो मार्ग पर कई स्थानों पर मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी.
  • जौलीग्रांट एयरपोर्ट और हेलीपैड पर भी विशेष चिकित्सा व्यवस्था रहेगी.

परिवहन विभाग का बड़ा प्लान

जनसभा में आने वाले लोगों के लिए बड़े स्तर पर परिवहन व्यवस्था की गई है। देहरादून और हरिद्वार जिलों से करीब 2300 बसों और मैक्सी वाहनों के जरिए लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जाएगा।

  • देहरादून से 1500–1600 बसों की मांग.
  • हरिद्वार से 600–700 वाहनों की व्यवस्था.
  • परिवहन निगम से 300 बसें अतिरिक्त मांगी गई हैं.

सीएम धामी ने बताया खास दौरा

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और उनके इस दौरे से राज्य को बड़ी सौगात मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे से प्रदेश में कनेक्टिविटी और विकास को नया आयाम मिलेगा।

SIR के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव: 6.08 करोड़ नाम कम, कई राज्यों में व्यापक संशोधन

0

नई दिल्ली: देश में चल रही गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दूसरे चरण के पूरा होने के बाद नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूची में करीब 6.08 करोड़ मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।

Election Commission of India द्वारा साझा आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत Uttar Pradesh, West Bengal, Tamil Nadu, Rajasthan, Chhattisgarh, Kerala, Gujarat, Madhya Pradesh, Goa के साथ-साथ Puducherry, Andaman and Nicobar Islands और Lakshadweep की अंतिम मतदाता सूचियां प्रकाशित कर दी गई हैं।

51 करोड़ से घटकर 44.92 करोड़ हुई सूची

SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 51 करोड़ थी। संशोधन के बाद यह घटकर करीब 44.92 करोड़ रह गई है।

चुनाव आयोग के मुताबिक, यह प्रक्रिया पहले ही Bihar में पूरी हो चुकी थी। अब कुल मिलाकर 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरा चरण पूरा हो चुका है।

देशभर में जारी रहेगा अभियान

देश के लगभग 99 करोड़ मतदाताओं में से अब तक करीब 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। शेष 40 करोड़ मतदाताओं को 17 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों में आगामी चरणों में शामिल किया जाएगा।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा कमी

प्रतिशत के आधार पर सबसे अधिक गिरावट Gujarat में 13.40% दर्ज की गई, जबकि Uttar Pradesh में 13.24% मतदाता कम हुए। इसके अलावा:

  • Chhattisgarh: 11.77%
  • West Bengal: 11.61%
  • Tamil Nadu: 11.55%
  • Goa: 10.76%
  • Puducherry: 7.57%
  • Madhya Pradesh: 5.97%
  • Bihar: 5.95%
  • Rajasthan: 5.74%
  • Kerala: 3.22%

उत्तर प्रदेश में बड़ा असर

Uttar Pradesh में अभियान से पहले 15.44 करोड़ मतदाता थे, जो अब घटकर 13.40 करोड़ रह गए हैं।
जिलों में सबसे अधिक कमी:

  • Lucknow: 9,14,185
  • Prayagraj: 8,26,885
  • Kanpur: 6,87,201
  • Agra: 6,37,653
  • Ghaziabad: 5,74,478

पश्चिम बंगाल में भी बड़ी कटौती

West Bengal में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए। इससे मतदाताओं की संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई।

क्या है SIR प्रक्रिया

गहन संशोधन (SIR) के तहत मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, जबकि नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है।

उत्तराखंड में सुबह-सुबह दो बार हिली धरती, हल्के भूकंप के झटके दर्ज

0

पौड़ी : उत्तराखंड में शनिवार सुबह भूकंप के दो हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में हलचल मच गई। हालांकि दोनों ही झटकों की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

पहला भूकंप सुबह 05:02 बजे दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 3.3 मापी गई। इसका केंद्र 30.007 अक्षांश और 78.751 देशांतर पर, करीब 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। इसके बाद दूसरा झटका सुबह 06:29 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.6 दर्ज की गई। इसका केंद्र 30.029 अक्षांश और 78.785 देशांतर पर, लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में रहा।

दोनों भूकंपों का असर आसपास के कई इलाकों में महसूस किया गया। झटकों का केंद्र हरियाणा के कुरुक्षेत्र से करीब 180 किलोमीटर पूर्व, शिमला से लगभग 195 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, चंडीगढ़ से करीब 205-207 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, नोएडा से 210-214 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और नई दिल्ली से लगभग 215-219 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में रहा।

देहरादून में संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी, पूछताछ में बड़े साजिश का खुलासा

0

देहरादून: झाझरा क्षेत्र से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी विक्रांत से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी शहर के भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पंजाबी गायक Sidhu Moose Wala का कट्टर प्रशंसक था और उनकी हत्या से आक्रोशित होकर कट्टरपंथी विचारों के प्रभाव में आ गया था। इसी दौरान वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी के संपर्क में आया, जो भड़काऊ सामग्री साझा करता था।

रेकी और गोपनीय जानकारी साझा

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी को शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क दिए गए। उसे Dehradun और आसपास के इलाकों, विशेषकर पुलिस थानों और प्रमुख स्थानों की वीडियो बनाकर भेजने को कहा गया।
बताया जा रहा है कि उसने झाझरा पुलिस चौकी की लोकेशन और वीडियो फुटेज भी पाकिस्तान भेजी थी।

संवेदनशील ठिकानों को बनाया निशाना

आरोपी को बाद में और गंभीर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसमें Indian Military Academy, ISBT Dehradun और पुलिस मुख्यालय (PHQ) जैसे महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी शामिल थी। उसने इन स्थानों के फोटो और वीडियो भी साझा किए।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे निर्देश दिया गया था कि इन जगहों पर बम धमाके करने हैं, जिसके लिए हथियार और पैसा ‘गुर्जर’ नामक व्यक्ति उपलब्ध कराएगा। हालांकि, घटना को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

आतंकी संगठन के नाम पर दहशत फैलाने की कोशिश

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी को “तहरीक-ए-तालिबान- हिन्दुस्तान (TTH)” के नाम से दहशत फैलाने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत उसने सेलाकुई, अडवाणी पुल और झाझरा क्षेत्र में दीवारों पर स्प्रे पेंट से TTH लिखकर उसकी वीडियो भी भेजी।

सीसीटीवी लोकेशन तक भेजी

आरोपी ने शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन भी अपने विदेशी हैंडलर को साझा की। पुलिस के अनुसार, वह पिछले कई महीनों से देहरादून में अलग-अलग जगहों की रेकी कर रहा था।

उत्तराखंड : चारधाम यात्रा 2026 को लेकर बड़ा फैसला, 6 बड़े अधिकारीयों की तैनाती

0

उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है। इस बार 6 वरिष्ठ अधिकारी यात्रा मार्गों की सीधी मॉनिटरिंग और स्थलीय निरीक्षण करेंगे। डीजीपी ने 2 एडीजी और 4 आईजी रैंक के अधिकारियों को अलग-अलग धामों और प्रमुख पड़ावों की जिम्मेदारी सौंपी है।

इनको दी गयी जिम्मेदारी

  • गंगोत्री धाम मार्ग का निरीक्षण एडीजी वी मुरुगेशन करेंगे।
  • बद्रीनाथ धाम मार्ग की मॉनिटरिंग एडीजी एपी अंशुमन को दी गई है।
  • हरिद्वार पड़ाव की जिम्मेदारी आईजी विमी सचदेवा संभालेंगी।
  • केदारनाथ धाम मार्ग पर आईजी नीलेश आनंद भरणे नजर रखेंगे।
  • यमुनोत्री धाम मार्ग की देखरेख आईजी अनंत शंकर ताकवाले करेंगे।
  • ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला और मुनिकीरेती क्षेत्र की मॉनिटरिंग आईजी सुनील कुमार करेंगे।

यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 7 हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। पूरे यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा ग्रिड को सुदृढ़ करने के लिए एटीएस की टीमें भी प्रमुख धामों में तैनात रहेंगी।

आपदा प्रबंधन के तहत 80 स्थानों पर आपदा टीमें, 37 जगहों पर एसईआरएफ और 8 स्थानों पर एनडीआरएफ की तैनाती की गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 118 पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है।

हालांकि यात्रा मार्ग में कई चुनौतियां भी सामने हैं। प्रशासन ने 52 बॉटल नेक, 109 लैंडस्लाइड जोन, 274 दुर्घटना संभावित क्षेत्र और 61 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं, जिन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस बार चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: मध्य-पूर्व संघर्ष खत्म करने की कोशिश

0

नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात Islamabad पहुंचा। यहां ईरान और United States के बीच अहम वार्ता प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़े असर को कम करना है।

मौजूदा संघर्ष के बीच फिलहाल दो सप्ताह का संघर्ष-विराम लागू है। हालांकि, इस दौरान भी हजारों लोगों की जान जा चुकी है और वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग बाधित होने से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर देखा जा रहा है।जहां एक ओर ईरान और अमेरिका ने सीधे हमलों पर विराम लगाया है, वहीं Israel द्वारा Lebanon में सैन्य कार्रवाई जारी है। ऐसे में इस्लामाबाद में होने वाली यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कब और कहां होगी वार्ता

Shehbaz Sharif के निमंत्रण पर यह बैठक इस्लामाबाद में आयोजित हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत शनिवार सुबह (पाकिस्तान समयानुसार) शुरू हो सकती है। हालांकि आधिकारिक स्थल की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके Serena Hotel Islamabad में होने की संभावना जताई जा रही है।

कौन-कौन होगा शामिल

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति J. D. Vance करेंगे। उनके साथ विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल होंगे।
ईरान की ओर से विदेश मंत्री Abbas Araghchi और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।

एजेंडा क्या है

वार्ता का मुख्य केंद्र अमेरिका का 15-सूत्रीय प्रस्ताव और ईरान का 10-सूत्रीय जवाबी प्रस्ताव होगा।

  • अमेरिका की मांग: ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को सौंपे और Strait of Hormuz को फिर से खोले।
  • ईरान की मांग: होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखना, जहाजों पर टोल वसूली, क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाइयों का अंत और सभी प्रतिबंधों को हटाना।

लेबनान में जारी संघर्ष पर औपचारिक चर्चा होगी या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता क्यों

पाकिस्तान के ईरान और अमेरिका दोनों के साथ मजबूत संबंध हैं। ईरान ने 1947 में पाकिस्तान को सबसे पहले मान्यता दी थी और दोनों देशों के बीच लगभग 900 किलोमीटर लंबी सीमा साझा होती है।
साथ ही, पाकिस्तान को 2004 से अमेरिका का ‘प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी’ का दर्जा प्राप्त है।

सुरक्षा और तैयारी

उच्च-स्तरीय वार्ता को देखते हुए इस्लामाबाद में दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है। शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं—अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, यातायात में बदलाव और प्रमुख स्थानों पर पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर वन्यजीव संरक्षण में बड़ी सफलता, रिपोर्ट में खुलासा 

0

देहरादून/नई दिल्ली: दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता सामने आई है।

FB IMG 1775826816257

National Highways Authority of India (NHAI) और Wildlife Institute of India (WII) द्वारा किए गए संयुक्त अध्ययन में पाया गया है कि कॉरिडोर पर लागू किए गए वन्यजीव सुरक्षा उपाय (Wildlife Mitigation Measures) काफी प्रभावी साबित हो रहे हैं।

FB IMG 1775826819359

यह अध्ययन कॉरिडोर के 18 किलोमीटर लंबे गणेशपुर–अशारोड़ी खंड पर किया गया। अध्ययन के दौरान अंडरपास के माध्यम से गुजरने वाले वन्यजीवों की निगरानी की गई।

FB IMG 1775826825359

जिसमें कुल 18 अलग-अलग प्रजातियों के जानवरों की 40,444 तस्वीरें रिकॉर्ड की गईं। इससे यह पुष्टि हुई है कि वन्यजीव इन अंडरपास का नियमित और सुरक्षित रूप से उपयोग कर रहे हैं।