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उत्तराखंड अधीनस्थ न्यायालयों में 398 पदों पर भर्ती, 22 जून से शुरू होंगे आवेदन

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देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने प्रदेश के अधीनस्थ न्यायालयों में समूह ‘ग’ के कुल 398 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। यह भर्ती माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल के अधीन संचालित सिविल एवं कुटुम्ब न्यायालयों के लिए की जाएगी। आयोग ने कनिष्ठ सहायक तथा स्टेनोग्राफर ग्रेड-1/वैयक्तिक सहायक के पदों पर योग्य अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

आयोग द्वारा जारी विज्ञापन संख्या 78/उ०अ०से०च०आ०/2026 के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 जून 2026 से प्रारंभ होगी तथा अभ्यर्थी 6 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार हेतु 8 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक संशोधन का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। भर्ती परीक्षा की संभावित तिथि 23 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

भर्ती के अंतर्गत सिविल न्यायालयों में कनिष्ठ सहायक के 230 पद तथा कुटुम्ब न्यायालयों में 29 पद शामिल हैं। वहीं स्टेनोग्राफर ग्रेड-1/वैयक्तिक सहायक के लिए सिविल न्यायालयों में 128 तथा कुटुम्ब न्यायालयों में 11 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इस प्रकार कुल 398 पदों पर भर्ती होगी।

कनिष्ठ सहायक पद के लिए वेतनमान 21,700 रुपये से 69,100 रुपये (लेवल-3) निर्धारित किया गया है। स्टेनोग्राफर ग्रेड-1/वैयक्तिक सहायक के पदों के लिए 29,200 रुपये से 92,300 रुपये (लेवल-5) तथा कुछ पदों पर 44,900 रुपये से 1,42,400 रुपये (लेवल-7) का वेतनमान देय होगा।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया के तहत वस्तुनिष्ठ प्रकार की बहुविकल्पीय प्रतियोगी परीक्षा ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। परीक्षा तिथि में किसी भी प्रकार के परिवर्तन की सूचना आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, समाचार पत्रों, एसएमएस तथा ई-मेल के माध्यम से अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को हाईस्कूल प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड के दोनों पक्षों की प्रति तथा आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्रों को ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को सही मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी दर्ज करने की सलाह दी है ताकि भर्ती से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं समय पर प्राप्त हो सकें।

इच्छुक अभ्यर्थी विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन संबंधी जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट http://www.sssc.uk.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया को प्रदेश के युवाओं के लिए न्यायिक विभाग में रोजगार का एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

दो दिवसीय दौरे पर फिर उत्तराखंड आएंगी कुमारी शैलजा, संगठनात्मक बैठकों में लेंगी हिस्सा

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देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की महासचिव, उत्तराखंड प्रभारी एवं लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा 17 और 18 जून को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह पार्टी संगठन की मजबूती, विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी।

उत्तराखंड कांग्रेस की मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव महर्षि ने बताया कि कुमारी शैलजा मंगलवार सुबह नई दिल्ली से इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-5298 से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगी। देहरादून आगमन के बाद वह सुबह 11 बजे जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों के साथ बैठक कर संगठनात्मक प्रदर्शन और पार्टी गतिविधियों की समीक्षा करेंगी।

दोपहर 2 बजे वह पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों, विभागों और फ्रंटल संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगी। वहीं शाम 4 बजे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ एक-से-एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। रात्रि विश्राम देहरादून में होगा। 18 जून को कुमारी शैलजा दोपहर 12 बजे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक करेंगी। इस बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ आगामी राजनीतिक चुनौतियों और रणनीतियों पर चर्चा किए जाने की संभावना है।

बैठकों के बाद वह दोपहर 3 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी और शाम 4:35 बजे इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-6227 से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करना, पार्टी की विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार करना है।

उत्तराखंड : बिजली का खंभा लगाते समय करंट की चपेट में आए पांच कर्मचारी, एक की मौत

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देहरादून। पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत बिजली का खंभा लगाने के दौरान हुए हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, रविवार को पथरीबाग स्थित ओम सिटी के समीप आरडीएसएस योजना के तहत बिजली संबंधी कार्य किया जा रहा था। ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी बिजली का खंभा स्थापित कर रहे थे। इसी दौरान खंभा पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे उसमें करंट दौड़ गया।

हादसे में अमरोहा (उत्तर प्रदेश) निवासी उमेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पप्पू, जसमान समेत चार अन्य कर्मचारी करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को तत्काल निकटवर्ती निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां घायलों का उपचार जारी है।

बताया जा रहा है कि मृतक और घायल सभी कर्मचारी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के निवासी हैं तथा एक निजी कंपनी के अधीन ठेकेदार के माध्यम से आरडीएसएस योजना में कार्यरत थे। घटना के बाद विभागीय और कंपनी स्तर पर जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। संबंधित अधिकारी आरडीएसएस योजना के तहत कार्य होने की जानकारी से भी पल्ला झाड़ते नजर आए।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि अस्पताल से करंट लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। हादसे में एक कर्मचारी की मृत्यु हो चुकी थी। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

यमुनोत्री हाईवे पर बाइक सवार को इनोवा ने मारी टक्कर, पैर में फ्रैक्चर, पुलिस ने बैरीकेडिंग कर रोका

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बड़कोट/उत्तरकाशी। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिनौटी गांव के समीप एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़कोट निवासी 21 वर्षीय किशन कुमार पुत्र राजेंद्र कुमार अपने भाई शोभित कुमार का उत्तरकाशी में प्रवेश कराने के बाद मोटरसाइकिल संख्या UK 07 AS 9975 से वापस बड़कोट लौट रहे थे। इसी दौरान गिनौटी गांव के पास बड़कोट की ओर से आ रही इनोवा कार संख्या UK14 TB 0477 ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।

दुर्घटना में किशन कुमार की टांग में फ्रैक्चर हो गया, जबकि उनकी मोटरसाइकिल सड़क से नीचे जा गिरी। आरोप है कि दुर्घटना के बाद इनोवा चालक वाहन सहित मौके से फरार होकर उत्तरकाशी की ओर भाग गया।

घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार संबंधित इनोवा कार को आगे बैरिकेडिंग पर रोक लिया गया है। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

अमेरिका-ईरान समझौता: कौन झुका, किसे मिला फायदा और भारत पर क्या होगा असर?

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वॉशिंगटन/तेहरान। तीन महीने से अधिक समय तक चले सैन्य तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम तथा व्यापक शांति समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच अंतरिम समझौते का मसौदा तैयार हो चुका है और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। हालांकि समझौते की कई शर्तों और उनके क्रियान्वयन को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद अब भी बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित समझौते में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं जिन पर अमेरिका और ईरान दोनों को अपने-अपने रुख में नरमी दिखानी पड़ी है। सबसे अधिक चर्चा होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल निर्यात, आर्थिक प्रतिबंधों और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हो रही है।

समझौते की प्रमुख शर्तें

प्रस्तावित मसौदे के अनुसार लेबनान सहित सभी क्षेत्रीय मोर्चों पर तत्काल युद्धविराम लागू किया जाएगा। अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान के खिलाफ लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति बनेगी। समझौते में ईरान को अपने नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम जारी रखने की अनुमति देने का प्रावधान भी शामिल है। इसके बदले ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की प्रतिबद्धता दोहराएगा और संवर्धित यूरेनियम के भंडार पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी स्वीकार करेगा। इसके अलावा अमेरिका ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से निलंबित करेगा। विदेशों में जब्त ईरानी संपत्तियों को भी चरणबद्ध तरीके से जारी करने की योजना पर चर्चा चल रही है।

कौन झुका, किसे मिली बढ़त?

विश्लेषकों के अनुसार समझौते के मसौदे में कई ऐसे मुद्दे हैं जहां अमेरिका को अपने शुरुआती रुख से पीछे हटना पड़ा है। अमेरिका पहले ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रॉक्सी संगठनों को बातचीत का हिस्सा बनाना चाहता था, लेकिन मौजूदा मसौदे में इन विषयों को प्रमुख एजेंडे से बाहर रखा गया है। दूसरी ओर ईरान को भी कुछ अहम मामलों में समझौता करना पड़ा है। तेहरान को परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी स्वीकार करनी होगी और संवर्धित यूरेनियम के भंडार को सीमित करना होगा। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खोलने पर भी सहमति जतानी पड़ी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या बनी सहमति?

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। अनुमान है कि विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन इसी मार्ग से होता है। समझौते के तहत 30 दिनों के भीतर इस मार्ग को फिर से खोला जाएगा। हालांकि इसका प्रशासनिक नियंत्रण ईरान के पास रहेगा। टोल शुल्क की जगह ईरान जहाजों से सीमित सेवा शुल्क वसूल सकेगा। यही बिंदु दोनों पक्षों के बीच सबसे बड़ी सहमति के रूप में देखा जा रहा है।

भारत के लिए क्या मायने?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है और इसका अधिकांश तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है। ऐसे में इस मार्ग के खुलने से तेल आपूर्ति सामान्य होने और वैश्विक बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद है। ईरान पर तेल प्रतिबंधों में ढील मिलने से भारतीय रिफाइनरियों को एक अतिरिक्त आपूर्ति स्रोत उपलब्ध हो सकता है। अतीत में ईरान भारत को अपेक्षाकृत अनुकूल शर्तों पर तेल उपलब्ध कराता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और भारत को ऊर्जा आयात बिल में राहत मिल सकती है। हालांकि होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर सेवा शुल्क लागू रहने की स्थिति में शिपिंग लागत बढ़ सकती है, जिससे पूरी राहत मिलने की संभावना सीमित हो सकती है।

अब भी क्यों बना हुआ है तनाव?

समझौते के मसौदे के बावजूद कई मुद्दों पर मतभेद कायम हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को नष्ट करे या देश से बाहर भेजे, जबकि ईरान इसे अपनी संप्रभुता से जुड़ा विषय मानता है। इसके अलावा विदेशों में जब्त 24 अरब डॉलर की ईरानी संपत्तियों को जारी करने के समय और प्रक्रिया पर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। लेबनान में हिजबुल्ला और क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों की भूमिका भी विवाद का विषय बनी हुई है। इसी कारण समझौते के मसौदे पर सहमति बनने के बावजूद अंतिम हस्ताक्षर और उसके क्रियान्वयन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

आगे क्या?

यदि प्रस्तावित समझौता अंतिम रूप लेता है तो यह पश्चिम एशिया में पिछले कई वर्षों का सबसे बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम साबित हो सकता है। इससे न केवल क्षेत्रीय तनाव कम होगा बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी राहत मिलने की उम्मीद है। भारत सहित तेल आयातक देशों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका और ईरान कब और किन शर्तों के साथ इस समझौते को अंतिम रूप देते हैं।

अपराधियों के हौसले बुलंद, देहरादून में वकील की गोली मारकर हत्या

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देहरादून। राजधानी देहरादून में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए। शिमला बायपास रोड स्थित बुड्ढी गांव में रविवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान साहिल उर्फ सोहेल के रूप में हुई है, जो पेशे से अधिवक्ता बताया जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, साहिल देर रात अपने घर पर भाई के साथ मौजूद था। इसी दौरान कुछ हमलावर सुनियोजित तरीके से वहां पहुंचे और साहिल को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पटेलनगर थाना पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।  पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी हत्या के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

गौरतलब है कि जिले में यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब एक दिन पहले ही सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने पुलिस की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।

उत्तराखंड : अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े ऑडियो-वीडियो मामले में BJP के पूर्व विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तार

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देहरादून। भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को डालनवाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। राठौर का नाम उन मामलों में सामने आया है, जिनमें अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के झबरेड़ा और बहादराबाद थाना क्षेत्रों के साथ-साथ देहरादून के नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो-वीडियो सामग्री के माध्यम से कुछ भाजपा नेताओं के संबंध में आपत्तिजनक दावे किए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा।

विवाद उस समय गहरा गया जब सोशल मीडिया पर वायरल कुछ ऑडियो और वीडियो क्लिप में अंकिता भंडारी हत्याकांड के कथित “वीआईपी” कनेक्शन को लेकर दावे किए गए। इन क्लिप्स को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सामग्री सुनियोजित तरीके से प्रसारित कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। इस बीच, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हाल ही में इन मामलों से संबंधित चार एफआईआर में से दो को निरस्त कर दिया था, जबकि दो अन्य मामलों में जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। अदालत ने कहा था कि शेष मामलों की जांच जारी रहेगी और तथ्यों का परीक्षण विवेचना के दौरान किया जाएगा।

गौरतलब है कि अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो सामने आने के बाद सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर दोनों विभिन्न जांच एजेंसियों और पुलिस की जांच के दायरे में रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

भाजपा नेता हत्याकांड के बाद पलायन जैसा माहौल, क्या घर छोड़कर जा रहे लोग!

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देहरादून। बैरागीवाला में भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। घटना के बाद उत्पन्न हालातों के चलते आरोपियों के परिजनों सहित आसपास रहने वाले कई परिवारों ने सुरक्षा कारणों से गांव छोड़ दिया है। सूत्रों के अनुसार शनिवार और रविवार की रात कई परिवार अपने घरों से निकलकर रिश्तेदारों के यहां चले गए। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद गांव में बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। स्थिति तनावपूर्ण होने पर आरोपियों के परिवारों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों में भी भय का माहौल बन गया। घटना के बाद सभी नामजद आरोपी फरार बताए जा रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक महिलाओं और बच्चों में सबसे अधिक दहशत थी। पूर्व ग्राम प्रधान इस्पाक के परिवार को भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी थी। जैसे-जैसे माहौल तनावपूर्ण होता गया, आसपास रहने वाले कई परिवारों ने एहतियातन अपने घर खाली कर दिए। अधिकांश परिवार सहारनपुर और अन्य स्थानों पर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार गांव के करीब छह से सात परिवारों ने बीती रात अपने घर छोड़ दिए। रविवार को दिनभर चले घटनाक्रम और क्षेत्र में बढ़ी हलचल के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बनी रही।

हालांकि प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों के बाद तनाव में कुछ कमी आई है, लेकिन क्षेत्र में अब भी पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। वहीं मृतक विनोद कुमार के परिजन अभी तक पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए तैयार नहीं हुए हैं। प्रशासन सोमवार को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कराने का प्रयास करेगा। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ऐक्टिंग की पाठशाला ‘उड़ान’ का भव्य शुभारंभ, कला समाज और देश को जोड़ने का माध्यम : धस्माना

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देहरादून: उत्तराखंड की प्रमुख सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था रंगायन एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित ऐक्टिंग की पाठशाला ‘उड़ान’ का रविवार को भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर फिल्म लेखक कनिष्क कुमार, वरिष्ठ रंगकर्मी मंजुल मिश्रा, नवनीत गैरोला, ज्ञान गुप्ता, अमित बहुखंडी, प्रत्यूष, अमित सेमवाल, शुभम एवं रुचि पंवार सहित अनेक कलाकार उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूर्यकांत धस्माना ने रंगायन एसोसिएशन और इसकी संस्थापक अध्यक्ष तथा मुंबई की प्रसिद्ध रंगकर्मी निवेदिता बौनठीयाल को इस पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक समय देहरादून का रंगमंच देशभर में अपनी अलग पहचान रखता था। यहां से हिमानी शिवपुरी, मुकेश धस्माना, निवेदिता बौनठीयाल और चंद्रमोहन जैसे कलाकार निकले, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया।

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उन्होंने कहा कि संगीत, कला और रंगमंच समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। धस्माना ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी देहरादून सहित पूरे उत्तराखंड में कलाकारों के लिए समर्पित कला केंद्र का अभाव है। इसके लिए कला एवं संस्कृति से जुड़ी संस्थाओं को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।

रंगायन एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजिका निवेदिता बौनठीयाल ने कहा कि कार्यशाला आयोजित करने का उद्देश्य युवा कलाकारों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारना और उन्हें रंगमंच की बारीकियों से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में रंगमंच के क्षेत्र में जो अनुभव और ज्ञान उन्हें प्राप्त हुआ है, उसे अपनी मातृभूमि के कलाकारों तक पहुंचाना उनका दायित्व है।

उन्होंने बताया कि देहरादून उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि रही है, इसलिए वे यहां के युवा कलाकारों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी जुलाई माह में देहरादून में तीन दिवसीय रंगमंच उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से कलाकार भाग लेंगे।

बैरागीवाला में खूनी संघर्ष पर SSP का बयान, चार आरोपी गिरफ्तार, 50 से अधिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज 

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देहरादून। सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेत में पानी छोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मारपीट की इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम बैरागीवाला गांव में खेतों की सिंचाई के लिए पानी चलाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से तनाव चल रहा था। विवाद बढ़ने पर एक पक्ष के दर्जनों लोगों ने दूसरे पक्ष के अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार के साथ मारपीट कर दी।

घटना में गंभीर रूप से घायल तीनों भाइयों को ग्रामीणों द्वारा उपचार के लिए लेहमन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान विनोद कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर पर सहसपुर कोतवाली में 12 नामजद आरोपियों समेत 30-40 अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों रज्जाक, सलमान, जावेद और शहबाज को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

एसएसपी देहरादून ने आमजन से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर कठोर सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।