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उत्तराखंड: गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग पर प्रशासन सख्त, FIR दर्ज

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देहरादून: जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग की लगातार मिल रही शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर ऋषिकेश क्षेत्र के बनखण्डी में एक वाहन में अवैध गैस रिफिलिंग के मामले का संज्ञान लेते हुए जांच कराई गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जांच में पाया गया कि संदिग्ध वाहन ऋषिकेश स्थित अंकुर गैस एजेंसी, प्रगतिविहार से जुड़ा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। एजेंसी प्रबंधन ने बताया कि संबंधित चालक योगेन्द्र कुमार और उसके सहयोगी आशीष को वीडियो सामने आने के बाद हटा दिया गया है। हालांकि जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि इन दोनों व्यक्तियों के नियुक्ति या सत्यापन से संबंधित कोई भी वैध अभिलेख एजेंसी के पास उपलब्ध नहीं थे।

क्यूआरटी टीम द्वारा अभिलेखों की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 12 अप्रैल 2026 तक उक्त वाहन और चालक को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति जारी थी, जिससे एजेंसी की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधितों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दी है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के चलते गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जिले की सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने सभी कर्मचारियों का अनिवार्य सत्यापन कराएं और वितरण प्रणाली को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित करें। साथ ही क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। अब तक कुल 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन के अनुसार, आज जिले में करीब 16,275 घरेलू और 817 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरित किए गए हैं। वर्तमान में 28,937 घरेलू और 4,745 व्यावसायिक सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है। प्रशासन का कहना है कि मांग के अनुसार आपूर्ति लगातार बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी उपभोक्ता को परेशानी न हो।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी गैस की कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग या अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियां दिखाई दें, तो तुरंत कंट्रोल रूम या व्हाट्सएप नंबर पर सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संगीत जगत के एक युग का अंत, सुरों की मल्लिका आशा भोसले आज 92 वर्ष आयु में निधन 

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मुंबई :  भारतीय सिनेमा और संगीत की मखमली आवाज, सुरों की मल्लिका आशा भोसले आज 92 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह गईं। मुंबई के प्रतिष्ठित ब्रीच कैंडी अस्पताल में दोपहर करीब 12:55 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे आनंद भोसले ने इसकी पुष्टि की है। आशा ताई शनिवार 11 अप्रैल को चेस्ट इंफेक्शन, थकान और कार्डियक कंप्लिकेशन्स के कारण अस्पताल में भर्ती हुई थीं। आज उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हो गया।

आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। वे मंगेशकर परिवार की सदस्य थीं और लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आठ दशकों से अधिक के शानदार करियर में उन्होंने 12,000 से ज्यादा गाने गाए, जो हिंदी के अलावा 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में थे। ओ.पी. नैय्यर, एस.डी. बर्मन, आर.डी. बर्मन, ए.आर. रहमान जैसे दिग्गज संगीतकारों के साथ उन्होंने काम किया। उनका विवाह भी आर.डी. बर्मन से हुआ था।

उन्हें सात फिल्मफेयर पुरस्कार, दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण समेत अनेक सम्मान प्राप्त हुए। उनके गाए अमर गीत जैसे ‘पिया तू अब तो आ जा’, ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘ये मेरा दिल’, ‘दिल चीज क्या है’ और ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश भर के गणमान्य व्यक्तियों, बॉलीवुड सितारों, संगीतकारों और लाखों फैंस ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। आशा भोसले सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की एक जीवंत धरोहर थीं जिनकी आवाज ने कई पीढ़ियों को रिझाया और भावनाओं को आवाज दी।

उनका अंतिम संस्कार कल सोमवार 13 अप्रैल को शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क, दादर में होगा। सुबह 11 बजे से उनके आवास कासा ग्रांडे, लोअर परेल पर अंतिम दर्शन के लिए लोग पहुंच सकेंगे।

‘मासूम’ नहीं, बिगड़ैल है ये ‘शर्मा’

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देहरादून: हरियाणवी संगीत जगत का चर्चित नाम मासूम शर्मा इन दिनों अपने गानों से ज्यादा विवादों को लेकर चर्चा में है। हाल ही में देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में हुए एक कार्यक्रम के दौरान उनका व्यवहार फिर से सवालों के घेरे में आ गया। छात्रसंघ कार्यक्रम में परफॉर्मेंस देने पहुंचे मासूम शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह मंच से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आए। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में माहौल भी बिगड़ गया और छात्रों के बीच झड़प की खबर सामने आई, जिसमें एक छात्र के घायल होने की बात भी कही गई।

बताया गया कि सिंगर ने मंच से कहा कि होटल में उनके साथ कुछ लोगों ने दुर्व्यवहार किया, जिसके चलते वह गुस्से में आ गए और उन्होंने मंच से प्रतिक्रिया दी। हालांकि, इस तरह के सार्वजनिक मंच पर गाली-गलौज ने न केवल छात्रों बल्कि आम लोगों के बीच भी नाराजगी पैदा कर दी। शिक्षा संस्थानों में इस तरह के कार्यक्रमों और कलाकारों के चयन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब मासूम शर्मा विवादों में आए हों। इससे पहले वर्ष 2025 में उनके खिलाफ चंडीगढ़ में एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक ऐसा गाना गाया जो हिंसा और गन कल्चर को बढ़ावा देता है। इस मामले ने उनके संगीत की प्रकृति और समाज पर उसके प्रभाव को लेकर बहस छेड़ दी थी। कार्यक्रम की शर्तों के उल्लंघन का आरोप भी उन पर लगा था, जिससे उनकी पेशेवर छवि पर असर पड़ा।

इसके अलावा वर्ष 2026 में हरियाणा के जींद में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान भी विवाद का कारण बने। बताया गया कि उन्होंने सरपंचों को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी फैल गई। कई संगठनों ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और उनके कार्यक्रमों के बहिष्कार की चेतावनी भी दी। बढ़ते दबाव के बाद मासूम शर्मा को सफाई देनी पड़ी और अपने बयान को लेकर नरमी दिखानी पड़ी।

इन तमाम घटनाओं को देखें तो मासूम शर्मा के साथ एक पैटर्न साफ नजर आता है, जिसमें मंच पर आक्रामक रवैया, विवादित बयान और फिर बाद में सफाई या माफी शामिल है। कई बार उनके लाइव शो के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें उनका व्यवहार संतुलित नहीं दिखता। यही वजह है कि अब उनके नाम “मासूम” और उनकी सार्वजनिक छवि के बीच बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है।

देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज की ताजा घटना ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है कि क्या कलाकारों को अपने व्यवहार और शब्दों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, खासकर तब जब उनके दर्शकों में बड़ी संख्या में युवा छात्र शामिल हों। फिलहाल, मासूम शर्मा का करियर एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां उनका टैलेंट और विवाद दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।

चारधाम यात्रा 2026: बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के बीच ‘डेंजर जोन’ बने बड़ी चुनौती

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देहरादून: चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत इस महीने 19 अप्रैल से होने जा रही है। हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के बीच इस बार यात्रा मार्ग पर मौजूद ‘डेंजर जोन’ सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं।

लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या

चारधाम यात्रा में आस्था का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा की, जबकि 2024 में यह आंकड़ा लगभग 46 लाख था। इस साल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

यात्रा मार्ग पर बढ़े खतरे

  • उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, यात्रा मार्ग पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के खतरे तेजी से बढ़े हैं।
  • 2025 में 53 बड़े लैंडस्लाइड जोन चिन्हित किए गए थे।
  • 2026 में ऐसे खतरनाक क्षेत्रों की संख्या बढ़कर लगभग 100 हो गई है।

इनमें से करीब 80 स्थानों पर सुधार और सुरक्षा कार्य शुरू कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने इन कार्यों के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है।

सबसे ज्यादा संवेदनशील मार्ग

चारोंधामों में अलग-अलग स्थानों पर खतरे मौजूद हैं, लेकिन यमुनोत्री और केदारनाथ मार्ग सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जा रहे हैं। केदारनाथ मार्ग पर सोनप्रयाग और गौरीकुंड के पास भूस्खलन की समस्या अक्सर बनी रहती है, जबकि बदरीनाथ मार्ग पर तोता घाटी, लामबगड़, पागल नाला और पीपलकोटी जैसे क्षेत्र जोखिम भरे हैं।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

  • यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है।
  • पूरे यात्रा क्षेत्र को 15 सुपर जोन, 41 जोन और 137 सेक्टर में बांटा गया है।
  • हर सेक्टर लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा।
  • कंट्रोल रूम में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है।

इसके अलावा यात्रा के दौरान 10 से 15 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें पुलिस, ITBP, CRPF, SDRF और NDRF के जवान शामिल होंगे।

20 से अधिक विभाग रहेंगे सक्रिय

यात्रा प्रबंधन में 20 से ज्यादा विभाग जुटे रहेंगे, जिनमें स्वास्थ्य, लोक निर्माण, बिजली, जल संस्थान, परिवहन, पर्यटन और वन विभाग प्रमुख हैं। इनका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव देना है।

अब तक 8 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन

  • इस साल अब तक 8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करवा चुके हैं।
  • गंगोत्री-यमुनोत्री के लिए लगभग 1.5 लाख।
  • केदारनाथ-बदरीनाथ के लिए करीब 2.5 लाख पंजीकरण हो चुके हैं।

पिछले साल के आंकड़े

  • केदारनाथ: 17.68 लाख.
  • बदरीनाथ: 16.60 लाख.
  • गंगोत्री: 7.57 लाख.
  • यमुनोत्री: 6.44 लाख श्रद्धालु पहुंचे।

यात्रा का क्रम

सबसे पहले यमुनोत्री, फिर गंगोत्री, उसके बाद केदारनाथ और अंत में बदरीनाथ धाम के दर्शन किए जाते हैं।

चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ-बदरीनाथ में पूजा व्यवस्था में बदलाव, पहली बार 11 लाख का ‘मेगा स्पेशल पूजा’ पैकेज तैयार

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उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में पूजा व्यवस्थाओं को और सरल बनाया गया है। साथ ही पहली बार करीब 11 लाख रुपये का “मेगा स्पेशल पूजा” पैकेज भी तैयार किया जा रहा है।

कब खुलेंगे कपाट

यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

पूजा शुल्क में बढ़ोतरी

बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, इस वर्ष विभिन्न पूजाओं के शुल्क में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। समिति का कहना है कि मंदिर के संचालन और व्यवस्थाओं के लिए यही प्रमुख आय स्रोत है।

11 लाख का मेगा पूजा पैकेज

इस बार खास तौर पर एक “मेगा स्पेशल पूजा” मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है, जिसकी कीमत करीब 11 लाख रुपये होगी। इस पैकेज में श्रद्धालुओं को अलग-अलग पूजाएं बुक करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सभी प्रमुख अनुष्ठान एक ही पैकेज में शामिल होंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं और दानदाताओं के लिए तैयार की जा रही है, जो एक साथ सभी धार्मिक अनुष्ठान करना चाहते हैं।

रात में होंगे विशेष अनुष्ठान

मंदिर समिति के अनुसार, ये विशेष पूजाएं रात के समय कराई जाएंगी, जब मंदिर में भीड़ अपेक्षाकृत कम होती है। इससे आम श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी।

अन्य धामों जैसा मॉडल

समिति ने बताया कि इस तरह के विशेष पूजा पैकेज देश के अन्य बड़े तीर्थस्थलों में भी प्रचलित हैं, जैसे तिरुपति बालाजी मंदिर और वैष्णो देवी मंदिर, जहां विशेष अनुष्ठानों के लिए अलग व्यवस्था और शुल्क निर्धारित हैं।

देशभर के मंदिरों में अलग-अलग शुल्क

  • काशी विश्वनाथ मंदिर: 5,000 से 50,000 रुपये।
  • केदारनाथ धाम: 4,500 से 15,000 रुपये।
  • बदरीनाथ धाम: 3,000 से 6,000 रुपये।
  • वैष्णो देवी मंदिर: 1,500 से 20,000 रुपये।
  • महाकालेश्वर मंदिर: 200 से 10,000 रुपये।

भीषण सड़क हादसा: बस-पिकअप टक्कर में 13 की मौत, 30 से अधिक घायल

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कटिहार जिले में शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा एनएच-31 पर कोढ़ा थाना क्षेत्र के बसगाढ़ा के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर कई वाहनों से टकरा गई।

ऐसा हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्णिया से भागलपुर जा रही एक तेज रफ्तार बस पहले दो मोटरसाइकिल सवारों को रौंदते हुए आगे बढ़ी और फिर एक पिकअप वैन से जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस चालक नियंत्रण खो बैठा और हादसा बेहद भयावह हो गया।

मेला देखकर लौट रहे थे लोग

बताया जा रहा है कि पिकअप वैन में सवार सभी लोग झारखंड से मेला देखकर लौट रहे थे। वाहन में करीब 35-40 लोग सवार थे, जिससे टक्कर के बाद भारी जनहानि हुई। अधिकांश मृतक पूर्णिया और कटिहार जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

इस हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जान चली गई। मृतकों में अधिकतर महिलाएं और एक बच्ची शामिल है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।

चालक पर लापरवाही के आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बस चालक नशे में था और तेज रफ्तार के कारण वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। हालांकि, पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

राहत और बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।

पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने पुष्टि की कि हादसे में 13 लोगों की मौत हुई है और घायलों का इलाज जारी है। वहीं, डीएसपी रंजन कुमार सिंह ने बताया कि 32 लोग घायल हुए हैं।

मुआवजे की घोषणा

जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। केंद्र सरकार की ओर से भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से समान सहायता दी जाएगी।

शीर्ष नेताओं ने जताया शोक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

WhatsApp और Instagram होंगे और स्मार्ट, Meta ने लॉन्च किया ‘Muse Spark’ AI मॉडल

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Meta (पूर्व में Facebook) ने अपना नया और पावरफुल AI मॉडल ‘Muse Spark’ लॉन्च कर दिया है, जो आने वाले समय में WhatsApp और Instagram सहित कंपनी के सभी बड़े प्लेटफॉर्म को और ज्यादा स्मार्ट बनाने वाला है।

क्या है Muse Spark?

Muse Spark, Meta के नए AI डिवीजन Meta Superintelligence Labs द्वारा विकसित पहला मॉडल है। यह कंपनी की नई AI रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए Meta AI की दुनिया में Google और OpenAI जैसे दिग्गजों को टक्कर देना चाहता है।

यह मॉडल फिलहाल Meta AI ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही इसे WhatsApp, Instagram, Facebook और Messenger में भी इंटीग्रेट किया जाएगा।

क्या बदल जाएगा WhatsApp और Instagram में?

Muse Spark के आने के बाद यूजर्स को कई एडवांस फीचर्स मिलेंगे:

  • AI चैट और स्मार्ट रिप्लाई पहले से ज्यादा तेज और सटीक होंगे
  • फोटो और टेक्स्ट दोनों को समझने वाला मल्टीमॉडल AI
  • एक साथ कई AI “सब-एजेंट” काम करके बेहतर जवाब देंगे
  • कंटेंट रिकमेंडेशन और पर्सनलाइजेशन और मजबूत होगा

Meta का दावा है कि यह AI यूजर की जरूरतों को समझकर उसे बेहतर सुझाव देगा—चाहे वह चैट हो, कंटेंट देखना हो या कोई जानकारी हासिल करना।

हेल्थ, शॉपिंग और डेली लाइफ में भी मदद

Muse Spark को सिर्फ चैटिंग तक सीमित नहीं रखा गया है। यह:

  • फोटो देखकर जानकारी दे सकता है (जैसे फूड कैलोरी)
  • हेल्थ से जुड़े सवालों में मदद कर सकता है
  • शॉपिंग और प्रोडक्ट सजेशन में भी काम आएगा

क्यों खास है यह AI?

यह मॉडल “फास्ट मोड” और “डीप थिंकिंग मोड” जैसे फीचर्स के साथ आता है, जिससे यह आसान सवालों से लेकर जटिल समस्याओं तक को हल कर सकता है।

हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अभी कोडिंग और एडवांस लॉजिक में प्रतिस्पर्धियों से थोड़ा पीछे है, लेकिन Meta इसे भविष्य के “पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस” की शुरुआत मान रहा है।

इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल, 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा

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इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई उच्च स्तरीय शांति वार्ता 21 घंटे तक चली, लेकिन अंततः किसी ठोस नतीजे पर पहुंचे बिना समाप्त हो गई। वार्ता के विफल होने के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत के बाद संकेत दिया कि मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर था। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपना “अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव” रखा था, लेकिन ईरान ने परमाणु हथियारों से जुड़ी आवश्यक शर्तों को स्वीकार नहीं किया।

वेंस के अनुसार, अमेरिका चाहता था कि ईरान स्पष्ट और ठोस प्रतिबद्धता दे कि वह न तो परमाणु हथियार विकसित करेगा और न ही ऐसी क्षमता हासिल करेगा, जिससे वह जल्दी परमाणु हथियार बना सके। उन्होंने यह भी कहा कि यही उद्देश्य डोनाल्ड ट्रंप की नीति का हिस्सा है।

बताया जा रहा है कि वार्ता के दौरान जब ईरान से दीर्घकाल में परमाणु हथियार विकसित न करने की इच्छा पर सवाल किया गया, तो उसका जवाब नकारात्मक रहा, जिससे बातचीत और अधिक जटिल हो गई।

वहीं, ईरान ने वार्ता विफल होने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने 21 घंटे तक गंभीरता से बातचीत की, लेकिन अमेरिकी पक्ष की “अतार्किक और अनुचित मांगों” के कारण कोई सहमति नहीं बन सकी।

वार्ता के दौरान ईरान की जब्त संपत्तियों सहित कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई, लेकिन दोनों पक्ष किसी साझा समझ तक नहीं पहुंच सके।इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय शांति प्रयासों को झटका लगा है और आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों में और तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

साइबर ठगी: निवेश के नाम पर महिला से 69 लाख रुपये ठगे

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देहरादून में साइबर ठगों द्वारा बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक महिला को निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच देकर 69 लाख रुपये हड़प लिए गए। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, राजपुर रोड निवासी महिला, जो एक गृहिणी हैं, ने 10 फरवरी को फेसबुक पर आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड के नाम से जुड़ा एक निवेश विज्ञापन देखा। विज्ञापन में कम समय में अधिक लाभ का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद महिला को एक मोबाइल नंबर मिला, जिस पर संपर्क करने पर खुद को “कावेरी मल्होत्रा” बताने वाली महिला ने निवेश संबंधी जानकारी दी और एक फॉर्म भरवाया।

इसके बाद पीड़िता को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया और लॉगिन आईडी व पासवर्ड देकर एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दिखाया गया, जहां निवेश की राशि बढ़ती हुई दिखाई देती थी। 17 फरवरी को महिला ने शुरुआत में 50 हजार रुपये निवेश किए, जो प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित भी हुए।

ठगों के झांसे में आकर महिला ने अधिक मुनाफे के लालच में लगातार निवेश बढ़ाया। 25 मार्च तक उसने अपने और अपने पति के खातों के अलावा लोन व कर्ज लेकर कुल 69 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जब महिला ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने 50 लाख रुपये “सिक्योरिटी” के नाम पर और जमा करने की मांग की। इस पर महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कुमारी शैलजा जगा रहीं कांग्रेस का खोया आत्मविश्वास, जामवंत-हनुमान प्रसंग से समझाया संदेश : धस्माना

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कोटद्वार कार्यकर्ता सम्मेलन में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, धस्माना ने शैलजा को बताया ‘जामवंत’

कोटद्वार। कोटद्वार में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में उस समय सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने अपने संबोधन में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की भूमिका को ‘जामवंत’ से जोड़ा।

धस्माना ने कहा कि कुमारी शैलजा उत्तराखंड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनकी भूली हुई ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराने आई हैं। उन्होंने रामायण प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह जामवंत ने Hanuman को उनकी शक्ति का स्मरण कराया था, उसी तरह शैलजा कार्यकर्ताओं को उनकी क्षमता याद दिला रही हैं। इस दौरान उन्होंने रामायण की प्रसिद्ध चौपाई भी सुनाई, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बन गया।

उन्होंने आगे कहा कि “हनुमान रूपी कांग्रेस कार्यकर्ता” आम जनता, गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के हित में अपनी पूरी ताकत और संघर्ष का उपयोग करेंगे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुमारी शैलजा ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर जनविरोधी, युवा विरोधी, महिला विरोधी और विकास विरोधी नीतियों वाली सरकार को सत्ता से बाहर करना होगा।

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और सुरेंद्र सिंह नेगी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने विचार रखे।