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उत्तराखंड: राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप का औली चमोली में भब्य शुभारंभ

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औली राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप एवं विंटर कार्निवल 2026 का भव्य शुभारंभ

औली, जनपद चमोली, उत्तराखंड बहुप्रतीक्षिIMG 20260213 WA0045त औली राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप एवं विंटर कार्निवल 2026 का भव्य शुभारंभ आज 13 फरवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे औली स्थित स्की लिफ्ट के निकट किया गया। चार दिवसीय यह विशाल शीतकालीन आयोजन (13–16 फरवरी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद( यूटीडीबी) द्वारा जिला प्रशासन, चमोली एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सतपाल महाराज माननीय कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार द्वारा किया गया। अपने संबोधन में सतपाल महाराज ने औली को उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कीइंग गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि औली में अपार संभावनाएं हैं, जो देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने एवं उत्तराखंड को अग्रणी शीतकालीन खेल गंतव्य के रूप में स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके उपरांत स्थानीय लोक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। मुख्य अतिथि का स्वागत इंडियन आर्मी बैंड द्वारा किया गया। सतपाल महाराज ने विभिन्न स्कीइंग टीमों एवं प्रतिभागियों से औपचारिक भेंट भी की।

विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल एवं उपाध्यक्ष  ऋषि प्रसाद सती ने अपने संबोधन में यूटीडीबीएवं जीएमवीएन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के भव्य आयोजन राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेंगे। प्रतिभागियों द्वारा मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया तथा शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। मुख्य ढलान पर आईटीबीपी द्वारा प्रभावशाली स्कीइंग प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन घोषित किया गया।

इस अवसर पर धीराज सिंह गर्ब्याल (आईएएस), सचिव पर्यटन;  विशाल मिश्रा (आईएएस), प्रबंध निदेशक, जीएमवीएन;  गौरव कुमार (आईएएस), जिलाधिकारी चमोली; तथा कमांडेंट, आईटीबीपी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

13 से 16 फरवरी 2026 तक आयोजित यह चैंपियनशिप एवं विंटर कार्निवल प्रतिस्पर्धात्मक शीतकालीन खेलों, साहसिक गतिविधियों और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप में 3 कि.मी. (महिला) एवं 5 कि.मी. (पुरुष) स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। विंटर कार्निवल के अंतर्गत स्नो मैराथन, स्नो शू रेस, औली मैराथन, बच्चों के स्नो गेम्स, चेयरलिफ्ट राइड तथा स्नो योग जैसी रोमांचक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं, जो प्रतिभागियों एवं पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

कार्निवल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जा रही है। इस अवसर पर पांडवास उत्तराखंड फोक बैंड द्वारा लाइव प्रस्तुति दी गई, जिसने हिमाच्छादित पर्वतों के मध्य वातावरण को और भी उत्सवमय बना दिया।

अंत में विशाल मिश्रा (आईएएस), प्रबंध निदेशक, जीएमवीएन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि विंटर कार्निवल उत्तराखंड की लोक परंपराओं, संगीत और सामुदायिक सहभागिता को प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच है, जो औली की हिमाच्छादित वादियों में भव्य उत्सव का वातावरण निर्मित करता है।

उत्तराखंड ब्रेकिंग: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, देहरादून से हटाए गए अजय सिंह, प्रमेंद्र डोभाल को बनाया नया SSP

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देहरादून: उत्तराखंड पुलिस विभाग में शासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह को हटाकर उन्हें स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का एसएसपी नियुक्त किया गया है। उनकी जगह हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल को देहरादून जिले की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा राज्य के कई अन्य जिलों में भी एसएसपी और एसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। शासन के इस फैसले से पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर हेरफेर हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, देहरादून में अजय सिंह के कार्यकाल के दौरान लगातार हो रही हत्याओं, लूट-डकैती और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ रहा था। उनका तीन साल का कार्यकाल भी पूरा हो चुका था। ऐसे में हाल की आपराधिक घटनाओं ने ट्रांसफर की प्रक्रिया को तेज कर दिया।

parmendra dobhal SSP dehradun

प्रमेंद्र डोभाल, जो हरिद्वार में एसएसपी के रूप में कार्यरत थे, अब देहरादून जैसे संवेदनशील और राजधानी जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे। दोनों अधिकारियों के नए पदों पर जल्द ही कार्यभार ग्रहण करने की उम्मीद है। पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि ये तबादले प्रशासनिक सुविधा और बेहतर कानून-व्यवस्था के मद्देनजर किए गए हैं।

नए एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल से देहरादून में अपराध नियंत्रण और जनता का भरोसा बहाल करने की अपेक्षा की जा रही है। यह फेरबदल राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच हुआ है, जहां विपक्ष लगातार सरकार पर अपराध नियंत्रण में नाकामी का आरोप लगा रहा है।

17 फरवरी से शुरू हो रहे CBSE के एग्जाम, बोर्ड ने जारी किया पेपर लिखने के लिए नया पैटर्न

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नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। जिले में इन परीक्षाओं के लिए 58 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहां छात्रों को सख्त निगरानी में प्रवेश दिया जाएगा। इस साल परीक्षा पैटर्न, प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका लिखने के तरीके में किए गए बदलावों के कारण खासकर 10वीं कक्षा के छात्रों में घबराहट और मानसिक दबाव बढ़ गया है।

CBSE ने पहली बार उत्तर पुस्तिका को विषय के विभिन्न सेक्शन में बांटकर लिखने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसका मतलब है कि विज्ञान विषय में भौतिकी (फिजिक्स) के सवालों के जवाब फिजिक्स सेक्शन में, रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) के जवाब केमिस्ट्री सेक्शन में और जीव विज्ञान (बायोलॉजी) के जवाब बायोलॉजी सेक्शन में ही लिखने होंगे। यदि कोई छात्र गलती से फिजिक्स सेक्शन में बायोलॉजी का जवाब लिख देता है, तो संबंधित प्रश्न के अंक कट सकते हैं या पूरी तरह शून्य हो सकते हैं।

इस नए नियम से 10वीं कक्षा के छात्रों में भारी भ्रम और तनाव है। नोएडा स्थित स्कूल काउंसलरों को रोजाना 40-50 कॉल्स आ रहे हैं, जिनमें से 20-30 छात्र एक ही सवाल पूछ रहे हैं- “सेक्शन कैसे बांटें? क्या उत्तर पुस्तिका में सेक्शन का क्रम प्रश्न पत्र जैसा ही रखना होगा?” छात्र कार्तिक ने बताया, “अगर मैं फिजिक्स सेक्शन में बायोलॉजी का जवाब लिख दूं, तो क्या सारे मार्क्स कट जाएंगे?”

इतिहास और भूगोल जैसे विषयों में मैप कार्य को लेकर भी सावधानियां बरतनी होंगी। CBSE ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मैप को उत्तर पुस्तिका के अंतिम खाली पन्नों के बीच में ही बांधना होगा। यदि मैप किसी अन्य स्थान पर बांधा गया, तो उसके अंक नहीं दिए जाएंगे।

शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा से महज चार दिन पहले यह नया नियम छात्रों पर अनावश्यक दबाव डाल रहा है। अभिभावक भी चिंतित हैं और बच्चों को बार-बार समझा रहे हैं कि सेक्शन का ध्यान रखकर ही जवाब लिखें। CBSE की ओर से कहा गया है कि यह बदलाव मूल्यांकन को और पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है, लेकिन छात्रों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

‘भीष्म’ थिंक टैंक का शुभारंभ, राज्यपाल और सीडीएस अनिल चौहान ने की शुरुआत 

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देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक चिंतन के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने लोक भवन में ‘भारत हिमालयन इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक मंच (भीष्म)’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भीष्म का लोगो और आधिकारिक वेबसाइट का भी अनावरण किया।

भीष्म एक स्वतंत्र रणनीतिक थिंक टैंक है, जो देहरादून के बौद्धिक संसाधनों को एकत्रित कर उत्तराखंड को देश का प्रमुख रणनीतिक चिंतन केंद्र बनाने का लक्ष्य रखता है। राज्यपाल ने कहा कि देहरादून में भीष्म की स्थापना उत्तराखंड और पूरे राष्ट्र के लिए गौरव की बात है। यह मंच राष्ट्रीय सुरक्षा, हिमालयी सीमाओं और सामरिक मुद्दों पर गहन अध्ययन और नीति सुझाव देगा।

शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने “फ्रंटियर्स, बॉर्डर्स एंड एलएसी: द मिडिल सेक्टर” विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने मध्य सेक्टर (उत्तराखंड-हिमाचल क्षेत्र) में हिमालयी सीमाओं के बढ़ते सामरिक महत्व पर जोर दिया और सरकार द्वारा सीमा क्षेत्रों में अवसंरचना विकास पर दिए जा रहे विशेष ध्यान की सराहना की।

जनरल अनिल चौहान ने भारत-चीन संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1954 में पंचशील समझौते के समय भारत ने तिब्बत को चीन का हिस्सा मान लिया था। भारत को लगा था कि इससे उत्तरी सीमा का विवाद काफी हद तक सुलझ जाएगा, लेकिन चीन ने इसे केवल व्यापार और संबंध सुधार से जुड़ा समझौता माना। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत पड़ोसी चीन के साथ सकारात्मक संबंध चाहता था और पंचशील उसी नीति का हिस्सा था।

सीडीएस ने आगे बताया कि आजादी के बाद ब्रिटिश शासन समाप्त होने पर भारत को अपनी सीमाओं की परिभाषा खुद तय करनी पड़ी। जवाहरलाल नेहरू को मैकमोहन रेखा और लद्दाख में भारत के दावों का आभास था, लेकिन कई इलाकों में स्थिति अस्पष्ट थी। नेहरू सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता चाहते थे, जबकि चीन तिब्बत में अपनी स्थिति मजबूत करने के बाद संतुलन चाहता था।

भीष्म थिंक टैंक की संस्थापक टीम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के अलावा लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त), कर्नल (डॉ.) गिरिजा शंकर मुंगली (सेवानिवृत्त), संजीव चोपड़ा (आईएएस, सेवानिवृत्त), प्रो. दुर्गेश पंत, प्रो. दीवान सिंह रावत, प्रो. सुरेखा डंगवाल, नितिन गोखले और राजन आर्य जैसे अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं।

भजन सम्राट अनूप जलोटा ने घोषित किए 14वें ग्लोरी अवार्ड-2026 प्राप्त करने वालों के नाम, 20 फरवरी को इस्कॉन जुहू में होगा समारोह

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मुंबई: प्रसिद्ध भजन सम्राट पद्मश्री पंडित अनूप जलोटा ने जलोटा वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से 14वें वार्षिक ग्लोरी अवार्ड-2026 के प्राप्तकर्ताओं के नामों की घोषणा कर दी है। ये पुरस्कार संगीत, नृत्य, ग़ज़ल और अन्य कलाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। पुरस्कार प्राप्तकर्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं।

यह पुरस्कार अनुभवी भजन सम्राट पद्मश्री पंडित पुरुषोत्तम दास जलोटा की स्मृति में आयोजित किए जाते हैं। पंडित अनूप जलोटा स्वयं भारतीय शास्त्रीय संगीत (गायन) के क्षेत्र में योगदान के लिए 2012 में पद्मश्री सहित कई सम्मानों से नवाजे जा चुके हैं।

इनको मिलेगा सम्मान

भजन सम्राट पद्मश्री पंडित पुरुषोत्तमदास जलोटा संगीत सेवा पुरस्कार, प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार पद्मभूषण और ग्रैमी पुरस्कार विजेता पंडित विश्वमोहन भट्ट को प्रदान किया जाएगा। पंडित विश्वमोहन भट्ट ने मोहन वीणा और विश्व वीणा की रचना की है और उन्हें 1994 में ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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भजन सम्राट पद्मश्री पं. पुरूषोत्तमदास जलोटा संगीत सेवा पुरस्कार प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार पद्मभूषण एवं ग्रैमी पुरस्कार विजेता पं. विश्व मोहन भट्ट  को दिया जाएगा। : पं. विश्व मोहन भट्ट ने “मोहन वीणा” और “विश्व वीणा” की रचना की है और उन्हें वर्ष 1994 में “ग्रैमी पुरस्कार” से सम्मानित किया गया था।

भजन महर्षि पंडित हरिओम शरण भक्ति संगीत पुरस्कार, सुप्रसिद्ध गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष को दिया जाएगा।

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भजन महर्षि पंडित हरिओम शरण भक्ति संगीत पुरस्कार सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष को दिया जा रहा है। डॉ. सोमा घोष: बनारस घराने से हैं और “भारत रत्न” उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की “मानसपुत्री” हैं, जिनके साथ उनहोने कई जुगलबंदिया प्रस्तुत की हैं।

पद्मश्री डॉ. रवींद्र जैन बहुमुखी प्रतिभा पुरस्कार से सुप्रसिद्ध गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी को प्रदान किया जाएगा।

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प्रसिद्ध बहुमुखी गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी को पद्मश्री डॉ. रवींद्र जैन बहुमुखी प्रतिभा पुरस्कार: मालिनी अवस्थी एक भारतीय गायिका हैं, जिन्हें भारत की लोक संगीत की रानी कहा जाता है। शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित होने के कारण, वे दादरा, ठुमरी, कजरी चैती आदि जैसे हिंदुस्तानी संगीत के विभिन्न रूपों में समान रूप से निपुण हैं। संगीत के प्रति उनका ज्ञान ग़ज़लों और सूफ़ियाना कलाम की उनकी प्रस्तुतियों में भी झलकता है।

वहीं, मेधा जलोटा श्रेष्ठतम मेधावी नृत्य कलाकार पुरस्कार, प्रतिभाशाली उभरते नृत्य कलाकार गौतम मराठे को दिया जाएगा।

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गौतम मराठे को मेधा जलोटा श्रेष्ठतम मेधावी नृत्य कलाकार पुरस्कार: श्री गौतम मराठे गुरु श्री वैभव अरेकर जी के शिष्य हैं। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय कलाकारों के लिए “आंगिका” नामक एक विशेष फिटनेस मॉड्यूल डिजाइन किया है।

समारोह में पद्मश्री डॉ. अनूप जलोटा अपने शिष्यों के साथ संगीत रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। यह आयोजन तथास्तु प्रोडक्शंस की ओर से प्रबंधित किया जाएगा और ठीक शाम 7 बजे शुरू होगा। कार्यक्रम शुक्रवार, 20 फरवरी को इस्कॉन, जुहू, मुंबई में आयोजित होगा। जिसके लिए निःशुल्क पास प्राप्त करने के लिए भरत ओझा से उनके मोबाइल 9820101159 या 7710064130 संपर्क कर सकते हैं।

जलोटा वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से यह पहल कलाकारों के योगदान को सम्मानित करने और भारतीय कला-संगीत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जाती है। यह समारोह संगीत प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर होगा, जहां प्रतिष्ठित कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।

खोद डाली लाइफलाइन : मसूरी-उत्तरकाशी NH-707-A धंसा, खुलने में लगेंगे कई दिन

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मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में अवैध खनन माफिया की मनमानी ने एक बार फिर प्रशासन को चुनौती दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707ए पर वाल्मीकि मंदिर के निकट भू-माफियाओं द्वारा बिना अनुमति की गई बड़े पैमाने पर खोदाई के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे मार्ग पूरी तरह यातायात के लिए बंद हो गया है। यह मार्ग मसूरी को कैंपटी फॉल्स, उत्तरकाशी और चारधाम यात्रा से जोड़ता है, जिसके प्रभाव से हजारों यात्रियों और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। शुक्रवार को मसूरी एसडीएम राहुल आनंद के नेतृत्व में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, मसूरी नगर पालिका, खनन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और मसूरी पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि अवैध खनन से सड़क की नींव कमजोर हो गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि संबंधित भूखंड पर विकास प्राधिकरण द्वारा आवासीय नक्शा स्वीकृत था, लेकिन स्वीकृत नक्शे के विपरीत प्लॉटिंग और निर्माण कार्य किया जा रहा था। उन्होंने प्राधिकरण को धारा 15/9 के तहत तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं तथा नियम विरुद्ध निर्माण पाए जाने पर नक्शे निरस्त करने का आदेश दिया है।

एसडीएम ने चेतावनी दी कि यह मार्ग चारधाम यात्रा के लिए महत्वपूर्ण है। यदि घटना के समय यातायात चल रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। निजी स्वार्थ के लिए अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनन विभाग को बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जबकि मसूरी पुलिस को सड़क क्षति और जनता को असुविधा पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने को कहा गया है। सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण का पूरा खर्च दोषियों से वसूला जाएगा।

प्रशासन ने साफ कहा है कि मसूरी में अवैध निर्माण और खनन अब सहन नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई हो। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई दिनों से अवैध खनन चल रहा था, लेकिन प्रशासन की ओर से समय पर रोक नहीं लगाई गई। सड़क खुलने में एक महीने तक का समय लग सकता है, जिससे पर्यटन और यात्रा पर असर पड़ रहा है। प्रशासन ने दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

सिल्वर सिटी मॉल हत्याकांड अपडेट : स्टोन क्रेशर संचालक विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या, 50 से अधिक मुकदमे दर्ज, झारखंड गैंग से कनेक्शन

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देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपराध की लहर थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार सुबह राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल में जिम से बाहर निकलते कारोबारी विक्रम शर्मा (45) पर अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में नए तथ्य सामने आए हैं, जिसमें मृतक को एक कुख्यात गैंगस्टर बताया जा रहा है, जिस पर 50 से अधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें 30 से ज्यादा हत्या के मामले शामिल हैं। उसके तार झारखंड के एक गैंग से जुड़े होने की बात उजागर हुई है, जिसके आधार पर पुलिस इस हत्या को गैंगवार का नतीजा मानकर जांच कर रही है।

घटना के अनुसार, विक्रम शर्मा (मूल निवासी काशीपुर, वर्तमान में देहरादून के रेसकोर्स इलाके में रहते थे) सुबह करीब 9 बजे सिल्वर सिटी मॉल के जिम पहुंचे थे। करीब 10:30 बजे जब वे जिम से नीचे उतर रहे थे (सीढ़ियों या एस्केलेटर पर), तभी पहले से घात लगाए दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं। गोली सिर और अन्य हिस्सों में लगने से विक्रम गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। हमलावरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया। मुख्य सड़क पर एक बाइक चालक को तैयार रखा था, जिस पर तीनों आरोपी फायरिंग के बाद फरार हो गए।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि विक्रम शर्मा काशीपुर (उधम सिंह नगर) में स्टोन क्रेशर का कारोबार करते थे और प्रॉपर्टी से भी जुड़े थे। वे अपने साथ लाइसेंसी पिस्टल लेकर आए थे, क्योंकि उन्हें पहले से किसी खतरे की आशंका थी, लेकिन हमलावरों ने उन्हें हथियार निकालने का मौका ही नहीं दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फोरेंसिक टीम के साथ जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।

देहरादून एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, मृतक पर 50 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। उसके झारखंड (जमशेदपुर/दुमका क्षेत्र) के माफिया डॉन अखिलेश सिंह जैसे गैंग से पुराने संबंध थे। पुलिस को संदेह है कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी या गैंगवार का परिणाम है। जांच में देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम झारखंड पुलिस के साथ समन्वय कर रही है। आईजी गढ़वाल रेंज ने भी मामले की उच्च स्तरीय निगरानी की बात कही है और सघन चेकिंग अभियान जारी है।

यह घटना महज तीन दिन पहले 11 फरवरी को तिब्बती मार्केट में अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हत्या के बाद हुई है, जिसमें संपत्ति विवाद के चलते मृतक की मां सहित पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। पिछले 15-17 दिनों में देहरादून में यह पांचवीं या इससे अधिक हत्या है मछली बाजार युवती हत्या, चंद्रबनी नाले में शव आदि सहित। इन घटनाओं से शहर में दहशत का माहौल है और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

देहरादून में अपराध का ग्राफ चरम पर: चंद्रबनी श्मशान घाट के पास नाले में अज्ञात युवक का शव मिला, हत्या की आशंका

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देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार सुबह एक के बाद एक दो सनसनीखेज घटनाओं ने शहर में दहशत का माहौल बना दिया। पहले राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास जिम से निकलते कारोबारी विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या हुई, तो कुछ देर बाद ही चंद्रबनी क्षेत्र के श्मशान घाट के पास एक नाले में अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों ने चंद्रबनी श्मशान घाट के निकट नाले में एक युवक का शव पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में शव की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है, लेकिन शव की हालत और परिस्थितियों से हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस शव के कपड़ों, आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है ताकि मृतक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और सबूत जुटा रही है।

यह घटना आज की दूसरी बड़ी वारदात है। इससे पहले सुबह राजपुर रोड सिल्वर सिटी मॉल के बाहर जिम से निकलते विक्रम शर्मा (काशीपुर में स्टोन क्रेशर कारोबार से जुड़े) पर अज्ञात हमलावरों ने सिर पर गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात कही है और सघन चेकिंग अभियान चला रही है।

देहरादून में पिछले 15 दिनों में यह कई हत्याओं और संदिग्ध मौतों की श्रृंखला में एक और कड़ी है। 11 फरवरी को तिब्बती मार्केट में कारोबारी अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या हुई, जिसमें उनकी मां बीना शर्मा सहित पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इससे पहले मछली बाजार में युवती की चाकू से हत्या और हल्द्वानी में डबल मर्डर जैसी घटनाएं हो चुकी हैं।

इन लगातार घटनाओं से शहरवासियों में भय का माहौल है और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आईजी गढ़वाल रेंज ने कहा है कि सभी वरिष्ठ अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे हैं और हमलावरों की तलाश तेज है। पुलिस ने पूरे शहर में नाकेबंदी और सघन चेकिंग बढ़ा दी है।

Uttarakhand Breaking : राजपुर रोड पर सिल्वर सिटी के पास युवक की गोली मारकर हत्या! 14 दिन में 5 मर्डर

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देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार हो रही हत्याओं ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। महज कुछ दिनों के भीतर कई सनसनीखेज हत्याकांड सामने आए हैं, जिससे शहरवासियों में भय का माहौल है। तिब्बती मार्केट में दिनदहाड़े गैस एजेंसी मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या के बाद अब राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास एक युवक की गोली से हत्या की खबर ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

जानकारी के अनुसार, सिल्वर सिटी मॉल में जिम से बाहर निकल रहे युवक विक्रम शर्मा पर अज्ञात हमलावर ने गोली मार दी। घटना के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सुनियोजित हत्या लग रही है, लेकिन अभी तक हमलावर की पहचान नहीं हो पाई है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।

यह घटना देहरादून में पिछले 14 दिनों के भीतर चौथी या इससे अधिक हत्या है। इससे पहले 11 फरवरी को तिब्बती मार्केट (पुलिस मुख्यालय से निकट) में 42 वर्षीय अर्जुन शर्मा (अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक) को दो स्कूटी सवार हमलावरों ने दिनदहाड़े गोली मार दी थी। वह टेनिस खेलकर लौट रहे थे। उनकी मौत दून अस्पताल में हो गई। पुलिस ने जांच में परिवारिक संपत्ति विवाद (करीब 40-42 करोड़ रुपये की संपत्ति) को मुख्य कारण बताया।

मृतक की पत्नी की शिकायत पर उनकी मां बीना शर्मा सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें दो शूटर राजीव राणा और पंकज राणा शामिल थे। पुलिस ने मुठभेड़ में दोनों शूटरों को घायल कर गिरफ्तार किया और हथियार बरामद किए। आरोप है कि मां और सहयोगियों ने 12 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाई।

इससे पहले 2 फरवरी को मछली बाजार में एक 22 वर्षीय युवती की चाकू से गला काटकर हत्या की गई थी। विकासनगर और ऋषिकेश में भी हाल के दिनों में हत्याएं हुई हैं। हल्द्वानी में भी डबल मर्डर की घटना सामने आई, जहां एक युवक और युवती के शव पत्थर से कुचले हालत में मिले, जिससे पूरे प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ता दिख रहा है।

कई मामलों में पीड़ितों या परिजनों ने पहले पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन कथित लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। शहरवासी और व्यापारी अब सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस और प्रशासन पर दबाव है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो और शहर में कानून का राज स्थापित किया जाए।

उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, IAS और PCS अधिकारियों के तबादले

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देहरादून:उत्तराखंड सरकार ने राज्य की ब्यूरोक्रेसी में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए आईएएस (IAS), पीसीएस (PCS) और सचिवालय सेवा के कुल 11 अधिकारियों के तबादले किए हैं। लंबे समय से तबादलों की चर्चा चल रही थी, जिसके बाद बृहस्पतिवार देर शाम शासन ने आदेश जारी कर इन अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया। इस सूची में सबसे ज्यादा ध्यान रुद्रप्रयाग जिले के जिलाधिकारी प्रतीक जैन पर रहा है, जिन्हें हाल ही में इस पद पर तैनात किया गया था, लेकिन अब उन्हें हटा दिया गया है। उनकी जगह 2018 बैच के आईएएस अधिकारी विशाल मिश्रा को रुद्रप्रयाग का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रतीक जैन को अब गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। साथ ही उन्हें मिशन निदेशक जल जीवन मिशन, परियोजना निदेशक नमामि गंगे और परियोजना निदेशक केएफडब्ल्यू की अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रतीक जैन हाल के दिनों में एक धार्मिक विवाद से जुड़े मुद्दे पर चर्चा में रहे थे, जिसके बाद उनके तबादले को लेकर प्रशासनिक हलकों में बातें हो रही हैं।

PCS Officers Transfers in Uttarakhand

प्रमुख बदलाव 

  • आईएएस संजय कुमार से निदेशक सेवायोजन की जिम्मेदारी वापस ली गई है।
  • 2016 बैच के आईएएस सौरभ गहरवार को अपर सचिव उद्योग और निदेशक राजकीय मुद्रणालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
  • 2016 बैच के नरेंद्र सिंह भंडारी को अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद के साथ निदेशक सेवायोजन की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • 2017 बैच के विनोद गिरि गोस्वामी को अपर सचिव आवास और मुख्य कार्यपालक अधिकारी भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है।
PCS Officers Transfers in Uttarakhand

पीसीएस अधिकारियों में गिरधारी सिंह रावत को अपर सचिव अल्पसंख्यक कल्याण, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण और निदेशक उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद की जिम्मेदारी दी गई है। सचिवालय सेवा के सुरेश जोशी को अपर सचिव जनगणना की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है, जबकि कविंद्र सिंह को अपर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। त्रिलोक सिंह मार्तोलिया को प्रबंध निदेशक शुगर मिल किच्छा का अतिरिक्त प्रभार मिला है। अब्ज प्रसाद वाजपेयी को सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी बनाया गया है, और कमलेश मेहता को टिहरी गढ़वाल के डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात किया गया है।

नए रुद्रप्रयाग डीएम विशाल मिश्रा (2018 बैच) अपनी नवाचारी प्रशासनिक सोच और विकासोन्मुखी पहलों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एचबीटीआई कानपुर से इंजीनियरिंग और आईआईटी कानपुर से जल संसाधन इंजीनियरिंग में एमटेक किया है। इससे पहले वे अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं तथा कोसी नदी परियोजना से भी जुड़े रहे, जहां उनके कार्यों की सराहना हुई।

PCS Officers Transfers in Uttarakhand

ट्रांसफर से जुड़ा आदेश (फोटो सोर्स- Uttarakhand Govt)

रुद्रप्रयाग के नए जिलाधिकारी बने 2018 बैच के IAS विशाल मिश्रा: उत्तराखंड कैडर के साल 2018 बैच के आईएएस अधिकारी विशाल मिश्रा को रुद्रप्रयाग जिले का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है. इससे पहले वे प्रबंध निदेशक जीएमवीएन, मिशन निदेशक जल जीवन मिशन, परियोजना निदेशक नमामि गंगे और परियोजना निदेशक केएफडब्ल्यू परियोजना के पदों पर कार्यरत थे.

IAS Vishal Mishra

आईएएस विशाल मिश्रा (फोटो सोर्स- Information Department)

वहीं, प्रतीक जैन को प्रबंध निदेशक जीएमवीएन, मिशन निदेशक जल जीवन मिशन, परियोजना निदेशक नमामि गंगे और परियोजना निदेशक केएफडब्ल्यू परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आईएएस विशाल मिश्रा अपनी नवाचारी प्रशासनिक सोच और विकासोन्मुखी पहलों के लिए जाने जाते हैं.

उन्होंने एचबीटीआई कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और आईआईटी कानपुर से जल संसाधन इंजीनियरिंग में एमटेक किया. मिश्रा पूर्व में अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रह चुके हैं. इसके साथ ही वे कोसी नदी परियोजना से भी जुड़े रहे हैं. जहां उनके कार्यों की सराहना हुई.