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देहरादून में संपत्ति विवाद में मां ने कराई बेटे की हत्या: 12 लाख की सुपारी पर हुआ खौफनाक कांड, पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

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देहरादून: देहरादून के व्यस्त तिब्बती मार्केट में दिनदहाड़े गैस एजेंसी मालिक अर्जुन शर्मा (42) की गोली मारकर हत्या का मामला सनसनीखेज खुलासे के साथ सामने आया है। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश मृतक की मां बीना शर्मा ने ही रची थी। संपत्ति विवाद के चलते उन्होंने बेटे को रास्ते से हटाने के लिए 12 लाख रुपये में सुपारी दी थी, जिसमें से 3 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। दून पुलिस ने मुख्य शूटर्स समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का पूरा विवरण

11 फरवरी 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे, परेड ग्राउंड के निकट तिब्बती मार्केट (पुलिस मुख्यालय से महज 500 मीटर दूर) में अर्जुन शर्मा टेनिस खेलकर लौट रहे थे। फल खरीदने के बाद वे अपनी कार में सवार होने वाले थे, तभी स्कूटी सवार दो युवकों ने उन पर तमंचे से कई गोलियां दाग दीं। गंभीर रूप से घायल अर्जुन को दून अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अर्जुन अमरदीप गैस एजेंसी (भारत गैस) के मालिक थे और एक रिटायर्ड कर्नल के बेटे थे। वे टेनिस के शौकीन भी थे।

यह घटना शहर में पिछले कुछ दिनों में हुई चौथी हत्या है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और खुलासा

मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने तहरीर दी, जिसमें मां बीना शर्मा, विनोद उनियाल, उनकी पत्नी संगीता उनियाल और डॉ. अजय खन्ना पर हत्या का आरोप लगाया। जांच में पता चला कि अर्जुन और उनकी मां के बीच 14-40 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति, पारिवारिक व्यवसाय और वित्तीय लेन-देन को लेकर लंबा विवाद चल रहा था। मां बीना शर्मा ने पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट में बेटे से जान का खतरा बताकर सुरक्षा मांगी थी।

12 फरवरी की तड़के पुलिस ने दो मुख्य अभियुक्तों—राजीव उर्फ राजू और पंकज राणा (सगे भाई, निवासी इंदिरा कॉलोनी, चक्खुवाला)—को अलग-अलग स्थानों (लाडपुर और लालतप्पड़) पर चेकिंग के दौरान रोका। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में मुठभेड़ हुई। दोनों घायल होकर गिरफ्तार हुए। उनके पास से 315 बोर की दो तमंचे, कारतूस और स्कूटी बरामद हुई।

पूछताछ में दोनों ने हत्या कबूल ली और बताया कि उन्हें 12 लाख रुपये (3 लाख एडवांस) में सुपारी दी गई थी। साजिशकर्ताओं के नाम पर पुलिस ने बीना शर्मा (मृतक की मां), विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना को भी गिरफ्तार किया। सभी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज है।

पुलिस अधिकारी का बयान

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह संपत्ति विवाद से उपजी सुपारी हत्या का मामला है। आरोपियों की गहन पूछताछ जारी है और मामले की हर पहलू की जांच हो रही है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

उच्चतम न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला: लालढांग-चिल्लरखाल सड़क को मिली मंजूरी, 18 गांवों को ऑल वेदर कनेक्टिविटी

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देहरादून/कोटद्वार: वर्षों से लंबित लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण को लेकर उच्चतम न्यायालय ने आज महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। टी.एन. गोदावर्मन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में आज (12 फरवरी 2026) पारित आदेश के तहत न्यायालय ने इस 11.5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण की अनुमति प्रदान कर दी है। इस फैसले से कोटद्वार क्षेत्र के लगभग 18 गांवों और 40,000 से अधिक आबादी को सभी मौसमों में बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

इस सड़क का करीब 4.7 किलोमीटर हिस्सा केंद्रीय वन क्षेत्र से गुजरता है, जिसके कारण पर्यावरणीय नियमों और वन संरक्षण कानूनों के तहत निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ था। उच्चतम न्यायालय के इस सकारात्मक फैसले ने क्षेत्र के विकास के रास्ते में बड़ी बाधा को दूर कर दिया है।

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “यह सिर्फ एक सड़क का निर्माण नहीं है, बल्कि कोटद्वार और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए जीवनरेखा साबित होगी। पिछले चार वर्षों से मैं इस मुद्दे पर लगातार प्रयासरत थी। शासन स्तर पर निरंतर संवाद, विभागीय समन्वय और उच्चतम न्यायालय में प्रभावी पैरवी के कारण ही आज यह ऐतिहासिक फैसला आया है।”

श्रीमती खण्डूड़ी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सांसद अनिल बलूनी, संबंधित विभागों के अधिकारियों और क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सड़क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी नई गति लाएगी। क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए उनका संकल्प जारी रहेगा।

स्थानीय निवासियों में इस फैसले से खुशी की लहर है। लंबे इंतजार के बाद अब बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार, बाजार पहुंच और आपातकालीन सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। राज्य सरकार अब सड़क के कार्य को तेजी से शुरू करने की तैयारी में है।

उत्तराखंड के कर्नल जीवन सिंह की बटालियन को ईस्टर्न कमांड का प्रतिष्ठित यूनिट साइटेशन

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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के पथरकानी गांव के निवासी कर्नल जीवन सिंह की कमान वाली बटालियन को भारतीय सेना के ईस्टर्न कमांड द्वारा उच्चतम व्यावसायिक मानकों और असाधारण परिचालन उपलब्धियों के लिए आर्मी कमांडर का यूनिट साइटेशन प्रदान किया गया है। यह सम्मान बिन्नागुड़ी (असम) में उनकी कमान अवधि के दौरान बटालियन द्वारा दिखाए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया है।

कर्नल जीवन सिंह के प्रेरणादायक नेतृत्व में बटालियन ने अनुकरणीय अनुशासन, सुदृढ़ परिचालन तत्परता, प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था और मिशन-उन्मुख दृष्टिकोण का परिचय दिया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उच्च स्तर की ऑपरेशनल दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और उत्कृष्ट समन्वय सुनिश्चित किया गया। कमांडिंग ऑफिसर के रूप में उन्होंने प्रशिक्षण, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल तैयारियों के हर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया।

नवीन प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाने, नेतृत्व विकास को बढ़ावा देने तथा सैनिकों के मनोबल और कल्याण को प्राथमिकता देने से बटालियन की युद्ध तत्परता और मिशन निष्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। बिन्नागुड़ी में तैनाती के दौरान प्रभावी सुरक्षा उपायों, पेशेवर आचरण और निरंतर उच्च प्रदर्शन ने न केवल फॉर्मेशन की परिचालन क्षमता को मजबूत किया, बल्कि भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को भी और सुदृढ़ किया।

इस उपलब्धि से कर्नल जीवन सिंह के परिवार, पैतृक गांव पथरकानी और पूरे पिथौरागढ़ क्षेत्र में गर्व का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने इसे कर्नल जीवन सिंह की सफल कमान और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण बताते हुए पूरे क्षेत्र तथा भारतीय सेना के लिए गौरव का विषय करार दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के टाइटल पर लगाई फटकार

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मनोज बाजपेयी अभिनीत आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ (Ghooskhor Pandat) के विवादित टाइटल पर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुयान की पीठ ने फिल्ममेकर नीरज पांडे को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे टाइटल का इस्तेमाल करके समाज के एक हिस्से को बदनाम नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक फिल्म का नाम बदलकर नया टाइटल नहीं बताया जाता, तब तक रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी।

फिल्म, जो ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी, के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समुदाय सहित विभिन्न वर्गों में व्यापक विरोध हुआ था। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि टाइटल जाति-आधारित स्टीरियोटाइपिंग को बढ़ावा देता है, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और सार्वजनिक व्यवस्था व सांप्रदायिक सद्भाव को खतरे में डाल सकता है।

सुनवाई के दौरान पीठ ने फिल्ममेकर से सवाल किया, “आप ऐसे टाइटल का इस्तेमाल करके समाज के एक हिस्से को बदनाम क्यों कर रहे हैं? यह नैतिकता और पब्लिक ऑर्डर के खिलाफ है।” कोर्ट ने निर्देश दिया कि फिल्ममेकर्स एक एफिडेविट दाखिल करें, जिसमें स्पष्ट किया जाए कि फिल्म किसी भी वर्ग या समुदाय को नीचा नहीं दिखाती। साथ ही, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) को भी नोटिस जारी किया गया है।

मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को निर्धारित की गई है। कोर्ट ने फिलहाल फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार नहीं किया, लेकिन नए टाइटल की जानकारी के बिना कोई अनुमति नहीं देने का सख्त रुख अपनाया। यह विवाद तब और तेज हुआ जब दिल्ली हाईकोर्ट में भी इसी टाइटल पर याचिका दायर की गई थी, जहां नेटफ्लिक्स ने पहले ही टाइटल बदलने की सहमति जताई थी और प्रचार सामग्री हटा ली थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में PIL के रूप में मामला पहुंचने के बाद अब केंद्र स्तर पर जांच और फैसला होगा।

फिल्म निर्देशक नीरज पांडे और निर्माताओं ने अभी तक नए टाइटल की घोषणा नहीं की है। विपक्षी नेता अखिलेश यादव सहित कई हस्तियों ने टाइटल को एक विशेष जाति के लिए अपमानजनक बताया था। दूसरी ओर, फिल्म इंडस्ट्री के कुछ संगठनों ने रिलीज से पहले स्क्रीनिंग की मांग की है।

क्या खतरे में राहुल गांधी की सदस्यता?

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बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने राहुल गांधी की संसदीय सदस्यता समाप्त करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग करते हुए एक सब्सटेंटिव मोशन (substantive motion) का नोटिस दिया है।

यह नोटिस 12 फरवरी 2026 को लोकसभा में दिया गया, जो राहुल गांधी के हालिया लोकसभा भाषण के एक दिन बाद आया है। राहुल गांधी ने बजट सत्र के दौरान इंडिया-यूएस ट्रेड डील और यूनियन बजट पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट्स (जुजुत्सु) से जोड़ते हुए कहा था कि राजनीति में ‘ग्रिप’ (पकड़), ‘चोक’ (गला घोंटना) और ‘टैप’ (समर्पण) की प्रक्रिया छिपी होती है, और उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने भारत सरकार को ‘चोक’ में लिया हुआ है। इस बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई थी और सदन में कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की थी।

निशिकांत दुबे ने अपने मोशन में आरोप लगाया है कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं और वे सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन, यूएसएआईडी जैसे संगठनों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम, कंबोडिया और अमेरिका जैसे देशों में यात्राएं करते हैं और कथित तौर पर ‘एंटी-इंडिया फोर्सेस’ के साथ मिलकर काम करते हैं। दुबे ने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार हनन (privilege motion) का प्रस्ताव नहीं है, बल्कि एक सब्सटेंटिव मोशन है, जिसमें राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और उन्हें स्थायी रूप से चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। राहुल गांधी से जब इस मोशन पर सवाल किया गया, तो उन्होंने व्यंग्यात्मक जवाब दिया, “आप लोगों को वे लोग कीवर्ड्स देते हैं क्या?”

पृष्ठभूमि में राहुल गांधी की पिछली सदस्यता रद्द होना यह घटना राहुल गांधी के लिए नई नहीं है। वर्ष 2023 में, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान (कर्नाटक के कोलार में) पर मानहानि के मामले में सूरत की अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता अस्थायी रूप से रद्द कर दी गई थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से सजा पर रोक लगी और उनकी सदस्यता बहाल हो गई।

यदि यह मोशन सदन में आगे बढ़ता है और स्वीकार होता है, तो राहुल गांधी के लिए राजनीतिक और संसदीय चुनौतियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल, यह नोटिस लोकसभा की कार्यवाही में चर्चा का विषय बना हुआ है, और कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है। कांग्रेस ने कहा कि निशिकांत दुबे मंत्री बनने की चाह में ऐसा कर रहे हैं।

देहरादून में तिब्बती मार्केट हत्याकांड का खुलासा, पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार

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देहरादून। तिब्बती मार्केट के सामने हुए सनसनीखेज हत्याकांड में देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चेकिंग के दौरान मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को संदिग्धों की सूचना मिली। घेराबंदी करने पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देशी तमंचे और एक स्कूटी बरामद की है। बरामद हथियारों और वाहन को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने टीम की सराहना करते हुए मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था पर सवाल: देहरादून हत्या के बाद हल्द्वानी में डबल मर्डर से सनसनी

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हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड की कानून-व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। जहां एक तरफ देहरादून में हाल ही में हुई हत्या की घटनाओं ने लोगों को हिलाकर रख दिया था, वहीं अब हल्द्वानी के बरेली रोड स्थित नवीन मंडी की गल्ला मंडी में गुरुवार सुबह एक युवक और युवती के शव मिलने से इलाके में दहशत का माहौल है। दोनों की निर्मम हत्या पत्थरों से कुचलकर की गई, जिससे यह सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड बन गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुबह मंडी में काम के लिए पहुंचे व्यापारियों और मजदूरों ने मंडी परिसर के अंदर खून से सने दोनों शव देखे। शवों के सिर और चेहरे बुरी तरह कुचले हुए थे, जिससे प्रारंभिक जांच में पत्थरों से हमला करके हत्या की पुष्टि हुई। मौके पर युवक की दो पहचान पत्र (आईडी) बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार, युवक चंपावत जिले का निवासी था। युवती की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, एसएसपी और अन्य टीम मौके पर पहुंची। इलाके को सील कर दिया गया है और फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि हत्या की वजह, संबंध और आरोपी/आरोपियों की तलाश में गहन पूछताछ और जांच जारी है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि यह व्यक्तिगत रंजिश, प्रेम प्रसंग या किसी अन्य विवाद से जुड़ा मामला हो सकता है।

यह घटना राज्य में बढ़ते अपराधों की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे क्रूर अपराध सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करते हैं। हल्द्वानी जैसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र में दिनदहाड़े ऐसी वारदात से स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भय का माहौल है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। जांच में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सुरागों की जांच की जा रही है।

UNSC की रिपोर्ट में पाकिस्तान फिर बेनकाब, जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका

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नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध निगरानी समिति की नवीनतम रिपोर्ट में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए घातक हमले से जोड़ा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक सदस्य देश ने जानकारी दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिसमें 9 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किले के निकट हुए कार बम विस्फोट का भी संबंध है। इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक घायल हुए थे।

यह विस्फोट एक संदिग्ध सुसाइड कार बम हमला था, जिसमें एक सफेद हुंडई i20 कार में विस्फोटक भरे गए थे। पुलिस जांच में इसे आतंकी कृत्य करार दिया गया और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामला अपने हाथ में ले लिया। जांच में ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें डॉक्टर और प्रोफेशनल शामिल थे, जो जैश-ए-मोहम्मद और अन्य समूहों से जुड़े थे।

रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर द्वारा 8 अक्टूबर 2025 को ‘जमात-उल-मुमिनात’ (Jamaat ul-Muminat) नामक महिला-केंद्रित विशेष विंग की औपचारिक घोषणा की भी पुष्टि की गई है। यह विंग आतंकी हमलों को समर्थन देने, भर्ती और सहायता के लिए बनाई गई है, जो संगठन की बदलती रणनीतियों को दर्शाता है। UN की निगरानी टीम ने चिंता जताई है कि दबाव के बावजूद जैश जैसे समूह नए भर्ती मॉडल और प्रतीकात्मक हमलों के जरिए अनुकूलन जारी रखे हुए हैं।

रिपोर्ट में सदस्य देशों के बीच मतभेद भी उजागर हुए हैं—कुछ देश जैश को सक्रिय और खतरनाक मानते हैं, जबकि अन्य (जैसे पाकिस्तान) इसे निष्क्रिय बताते हैं। ऐसी विसंगतियां दक्षिण एशिया में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई को जटिल बनाती हैं।

यह खुलासा पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि जैश को UN द्वारा अल-कायदा से जुड़ा आतंकी संगठन घोषित किया गया है और भारत लंबे समय से इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लाल किला जैसे प्रतीकात्मक स्थल पर हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।

देहरादून में नृशंस हत्याकांड,आईजी गढ़वाल ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

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डालनवाला गोलीकाण्ड-: आईजी गढ़वाल ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश।

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देहरादून 11 फरवरी।जनपद देहरादून के थाना डालनवाला क्षेत्रान्तर्गत घटित गोलीकाण्ड की गंभीर घटना के संबंध में राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा घटनास्थल पर पहुँचकर विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों तथा अब तक की गई पुलिस कार्यवाही की गहन समीक्षा की उल्लेखनीय है कि देहरादून के तिब्बती मार्केट परेड ग्राउंड के निकट आज बुधवार प्रात: को एक युवक की दो स्कूटी सवार युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी । मृतक युवक की पहचान अर्जुन शर्मा भारत गैस एजेंसी संचालक जीएमएस रोड के रूप में हुई जोकि टेनिस खेलने के बाद वापस जा रहे थे।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को निर्देशित किया कि घटना में संलिप्त आरोपियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करते हुए विशेष टीमों का गठन किया जाए तथा गिरफ्तारी के लिए सभी आवश्यक विधिक, तकनीकी एवं सर्विलांस संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को अतिशीघ्र गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस रणनीति तैयार की जाए।

उक्त संवेदनशील घटना के दृष्टिगत परिक्षेत्रीय कार्यालय में जनपद देहरादून के समस्त क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जनपद में हाल के दिनों में घटित आपराधिक घटनाओं की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित अनावरण एवं प्रभावी रोकथाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सभी क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमणशील रहेंगे तथा पुलिस बल की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। वे अधीनस्थ थाना एवं चौकी प्रभारियों को नियमित रूप से ब्रीफ करते हुए कानून व्यवस्था के प्रति सजग बनाए रखेंगे।
विवादित मामलों, जिनसे शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए उनका निस्तारण क्षेत्राधिकारी अपने निकट पर्यवेक्षण में कराना सुनिश्चित करेंगे।

देहरादून में दिनदहाड़े गोलीकांड: कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना का तीखा हमला, कहा- उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

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देहरादून: तिब्बती मार्केट के पास सुबह गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या के बाद उत्तराखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस ने फिर से सरकार पर जोरदार हमला बोला है। एआईसीसी सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह रसातल में चली गई है और अपराधियों के दिल-दिमाग से पुलिस का खौफ पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

धस्माना ने कहा, “आज तिब्बती मार्केट में प्रेस क्लब से चंद कदमों की दूरी पर हुई गोलीबारी और अर्जुन शर्मा की हत्या से कांग्रेस का आरोप एक बार फिर साबित हो गया है। सुबह परेड ग्राउंड में टेनिस खेलकर घर लौट रहे युवक पर बेखौफ बदमाशों ने गोली चलाई और फरार हो गए।” उन्होंने पिछले सप्ताह की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पलटन बाजार में गुंजन नाम की युवती की सुबह-सुबह चाकू से गर्दन काटकर हत्या की गई और आरोपी ने हत्या के बाद टहलता हुआ पुलिस के पास जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

उन्होंने आगे कहा, “उसी सप्ताह ऋषिकेश समेत तीन युवतियों की हत्या और हरिद्वार में रविदास जयंती पर भंडारे में गोलीबारी से दो लोगों की मौत के प्रकरण उत्तराखंड को अपराध की श्रेणी में यूपी व बिहार की बराबरी में ला खड़ा कर रहे हैं।” धस्माना ने आरोप लगाया कि धामी सरकार को नफरत फैलाने और नफरती क्रियाकलाप करने वाले अराजक तत्वों की पीठ थपथपाने से फुर्सत नहीं है, जबकि उनकी पुलिस को जमीनों के विवाद सुलझाने से फुर्सत नहीं है। इस बीच अपराधी इन परिस्थितियों का लाभ उठाकर लगातार अपराधिक वारदातें अंजाम दे रहे हैं।

धस्माना ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा कि अंकिता भंडारी समेत राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधिक हिंसा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी का आगामी 16 फरवरी को राजभवन कूच मार्च का एक प्रमुख मुद्दा प्रदेश की ध्वस्त पड़ी कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसा होगा।