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गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड: दो मददगार गिरफ्तार, पुलिस खुलासे के करीब, पत्नी-भाई से भी पूछताछ

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देहरादून। देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में 13 फरवरी को झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसियों ने हत्याकांड में शामिल दो मददगारों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक के बेटे ने हरिद्वार में गाड़ी बुक करने के लिए अपने पिता के UPI अकाउंट से पेमेंट किया था, जबकि दूसरे ने शूटरों को वाहन, टिकट और अन्य सहायता प्रदान की थी। पुलिस अब खुलासे के बेहद करीब पहुंच गई है और जल्द ही पूरी साजिश का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

हत्या का पूरा घटनाक्रम

13 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के बाहर विक्रम शर्मा जिम से निकलकर सीढ़ियां उतर रहे थे। तभी तीन बदमाश बाइक पर आए। दो हमलावर पहले से घात लगाकर सीढ़ियों के पास खड़े थे, जबकि तीसरा साथी मॉल से कुछ दूर बाइक लेकर इंतजार कर रहा था। हमलावरों ने बेहद करीबी दूरी से विक्रम के सिर पर कई गोलियां दाग दीं। विक्रम मौके पर ही मर गए। बदमाश पैदल कुछ सौ मीटर भागे और फिर काली बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।

विक्रम शर्मा झारखंड के सिंहभूम (जमशेदपुर) का निवासी था। वह देहरादून के अमन विहार में रह रहा था और काशीपुर (उत्तराखंड) में स्टोन क्रेशर संचालित करता था। प्रॉपर्टी कारोबार में भी सक्रिय था। उसके खिलाफ झारखंड में हत्या, गैंगस्टर एक्ट समेत 50 से अधिक मामले दर्ज थे, जिनमें कई हाईप्रोफाइल हत्याओं के आरोप शामिल हैं।

पुलिस जांच में अहम सुराग

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल एविडेंस, मोबाइल लोकेशन और फाइनेंशियल ट्रेल से कई कड़ियां जुड़ गई हैं। विक्रम के भाई और पत्नी से भी गहन पूछताछ की गई है। पत्नी ने अपने देवर अरविंद पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुलिस ने झारखंड जाकर दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह से भी लंबी पूछताछ की। विक्रम को अखिलेश का ‘गुरु’ माना जाता था। दोनों झारखंड की अपराध दुनिया में बड़े नाम थे। विक्रम ने अपने चेले अखिलेश को डॉन बनाने में कई दुश्मन बनाए थे। पुरानी रंजिशों में ददई यादव, बड़ा निजाम और हाल ही में गणेश सिंह जैसे नाम सामने आए हैं। जांच में अखिलेश का हाथ होने की आशंका भी जताई जा रही है।

गैंगवार या व्यक्तिगत दुश्मनी?

पुलिस का मानना है कि यह हत्या गैंगवार या पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकती है। विक्रम का रवैया था कि जो लाभ दिखता, उसे अपना बनाने की कोशिश करता। पुलिस, राजनेताओं को साधकर रखता था। उसके गुर्गे अपराध करते और मुकदमे विरोधियों पर दर्ज होते थे। एसएसपी डोबाल ने कहा, “मामले का जल्द खुलासा होगा। सभी पहलुओं पर जांच चल रही है।

क्या गिरफ्तार होंगे BJP विधायक उमेश शर्मा, हरक सिंह रावत ने की गिरफ्तारी की मांग

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देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हुए कथित हमले का मामला अब सिर्फ विपक्षी दलों के आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा के अंदर से भी सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें और वीडियो ने इस पूरे प्रकरण को और भी गंभीर बना दिया है, जिससे सरकार, पार्टी संगठन और प्रशासनिक तंत्र पर भारी दबाव पड़ गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल से जुड़ा है, जिनके साथ कथित मारपीट की घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। आरोप भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ पर लगाए जा रहे हैं। घटना के बाद से विधायक हर तरफ से घिरे हुए हैं। विपक्षी कांग्रेस पार्टी उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रही है, जबकि भाजपा संगठन ने भी विधायक से स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना शिक्षा विभाग से जुड़े किसी मुद्दे पर बहस के दौरान हुई, जहां विधायक ने कथित तौर पर मर्यादा लांघ दी।

हरक सिंह रावत ने खोला मोर्चा

इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत खुलकर मैदान में उतर आए। हरक सिंह, जो कभी भाजपा में रहते हुए उमेश शर्मा के करीबी माने जाते थे, ने न सिर्फ विधायक की गिरफ्तारी की मांग की, बल्कि उनके पुराने व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “यह कोई पहली घटना नहीं है। जब वह भाजपा सरकार में मंत्री थे, तब भी उमेश शर्मा कई बार अधिकारियों पर नाराज होकर मर्यादा लांघते थे और स्थिति को संभालने के लिए उन्हें खुद बीच में आना पड़ता था। इस तरह की घटनाएं उत्तराखंड के लिए ठीक नहीं हैं।

इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर होती है, बल्कि राज्य का माहौल भी खराब होता है। जब जनप्रतिनिधि ही नियमों और मर्यादाओं की अनदेखी करेंगे, तो आम जनता से कानून मानने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को कानून-व्यवस्था का बड़ा सवाल बनाते हुए सरकार पर हमला बोला है। पार्टी नेता इस घटना को भाजपा शासन में अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल के रूप में पेश कर रहे हैं।

भाजपा में अंदरूनी असंतोष

यह प्रकरण सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। भाजपा के भीतर भी इसे लेकर गहरा असंतोष उभर रहा है। पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता खुलकर कहने लगे हैं कि ऐसी घटनाओं से भाजपा की साख को गहरा नुकसान पहुंच रहा है। विधायक उमेश शर्मा पर पहले भी पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ काम करने और उनसे टकराव के आरोप लगते रहे हैं। अतीत में उनके और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के वीडियो भी वायरल हो चुके हैं, जिससे संगठन में पहले से ही नाराजगी थी।

वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश सुमन ध्यानी ने कहा, “जिस तरह से प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के साथ घटना हुई, उससे भाजपा की भारी किरकिरी हुई है। पार्टी ने वर्षों में जो राजनीतिक और नैतिक मर्यादाएं तय की हैं, इस घटना ने उन्हें तोड़ने का काम किया है। यदि भाजपा को अपनी छवि और विश्वसनीयता बचाए रखनी है, तो इस मामले में कठोर कार्रवाई अनिवार्य है, चाहे आरोपी कोई भी हो।”

सरकार और प्रशासन पर दबाव

यह मामला भाजपा के लिए अंदरूनी चुनौती के रूप में उभरा है। विपक्ष के आरोपों का जवाब देना राजनीति का हिस्सा है, लेकिन जब पार्टी के भीतर से ही आवाजें उठने लगें, तो स्थिति गंभीर हो जाती है। खासकर जब घटना एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ी हो और सबूत सोशल मीडिया पर उपलब्ध हों। प्रशासन ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन विपक्ष इसे ढीला रवैया बताकर सरकार को घेर रहा है।

बड़ी खबर : नदी में गिरी बस, 18 लोगों की मौत, कई घायल, विदेशी पर्यटक भी थे सवार

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नेपाल के धादिंग जिले में सोमवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस त्रिशूली नदी में गिर गई। इस दर्दनाक घटना में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से 27 यात्री घायल हुए हैं। मृतकों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, और एक चीनी नागरिक अभी भी लापता बताया जा रहा है।

हादसा कब और कहां हुआ? घटना भारतीय समयानुसार रात करीब 1:15 से 1:30 बजे के बीच पृथ्वी राजमार्ग पर चिनाधारा (चरौंडी के पास) में हुई, जो काठमांडू से लगभग 90 किमी पश्चिम में बेनीघाट रोरांग ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 3 या 5 के भैसेपाटी/भैंसीगौड़ा इलाके के निकट है। बस (नंबर GA 1 KHA 1421) सड़क से फिसलकर करीब 300 मीटर नीचे ढलान से होते हुए नदी में जा गिरी। बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

बस में कितने यात्री थे? बस में 40 से 45 तक यात्री सवार थे, जिनमें कुछ विदेशी पर्यटक (चीनी और अन्य) भी शामिल थे। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतकों में 6 महिलाएं और 11-12 पुरुष हैं, जबकि घायलों में 8 महिलाएं, 18 पुरुष और एक नाबालिग लड़की शामिल हैं।

राहत कार्य और जांच रात के अंधेरे, नदी का तेज बहाव और दुर्गम इलाका होने से बचाव अभियान में काफी चुनौतियां आईं। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस और स्थानीय निवासियों ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। अब तक 17-18 शव बरामद हो चुके हैं, और अधिकांश घायलों को स्थानीय अस्पतालों से काठमांडू के बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है।

पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि चालक ने नियंत्रण खो दिया, ओवरस्पीडिंग थी या सड़क की स्थिति खराब होने से ऐसा हुआ। बस में क्षमता से अधिक यात्रियों की भी जांच हो रही है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

IPS अधिकारी के घर आंध्र पुलिस की छापेमारी ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की तैयारी

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पटना। बिहार कैडर के 2005 बैच के IPS अधिकारी एम. सुनील कुमार नायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोमवार सुबह आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम ने पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में उनके सरकारी आवास पर छापा मारा। पुलिस टीम उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी, क्योंकि संबंधित कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी है।

पूर्व सांसद से जुड़ा पुराना विवाद यह मामला 2021 का है, जब सुनील कुमार नायक आंध्र प्रदेश में CID में डेपुटेशन पर तैनात थे। उनके निर्देश पर उस समय के नरसापुरम से सांसद के. रघुराम कृष्ण राजू (वर्तमान में आंध्र प्रदेश विधानसभा के डिप्टी स्पीकर) को गिरफ्तार किया गया था। पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें बुरी तरह पीटा गया और टॉर्चर किया गया। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री की आलोचना करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।

पूर्व सांसद की शिकायत और कोर्ट के सख्त रवैये के बाद सुनील कुमार नायक सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया।

ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू ताजा घटनाक्रम में जमानत खारिज होने के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस पटना पहुंची। रेड के दौरान स्थानीय शास्त्री नगर थाने की पुलिस भी मौजूद रही। आंध्र पुलिस अब उन्हें गिरफ्तार कर पटना की लोकल कोर्ट में पेश करेगी, जहां से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उन्हें आंध्र प्रदेश ले जाया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, सुनील कुमार नायक वर्तमान में बिहार फायर सर्विसेज विभाग में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) के पद पर तैनात हैं। इस घटना ने बिहार पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।

दिल्ली मैराथन में चमोली की ‘फ्लाइंग गर्ल’ भागीरथी बिष्ट ने जीता रजत पदक, उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया

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नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली जिले की प्रतिभाशाली धाविका भागीरथी बिष्ट ने 11वें कॉग्निजेंट न्यू दिल्ली मैराथन में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की फुल मैराथन श्रेणी में रजत पदक अपने नाम किया है। ‘फ्लाइंग गर्ल’ के नाम से मशहूर 24 वर्षीय भागीरथी ने 42.195 किलोमीटर की कठिन दौड़ को 2 घंटे 43 मिनट 28 सेकंड में पूरा कर द्वितीय स्थान हासिल किया।

रविवार को आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की मैराथन में देशभर से हजारों धावकों ने हिस्सा लिया। एलीट महिलाओं की श्रेणी में ठाकोर निर्माबेन भारतजी (2:41:15) ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि भागीरथी बिष्ट ने रजत पदक पर कब्जा जमाया। तीसरे स्थान पर अश्विनी मदन जाधव (2:56:59) रहीं।

चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के वाण गांव की बेटी भागीरथी ने अपनी बेहतरीन रणनीति, संतुलित गति और अटूट धैर्य से सभी को प्रभावित किया। कड़े मुकाबले के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास बनाए रखा और दौड़ पूरी की। उनकी इस सफलता से चमोली जनपद सहित पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासी, खेल प्रेमी और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी है तथा भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।

भागीरथी के कोच एवं अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक सुनील शर्मा ने बताया, “भागीरथी ने पूरी दौड़ में संयम और फोकस बनाए रखा। कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच उन्होंने अपनी रणनीति पर अडिग रहकर यह उपलब्धि हासिल की।” उल्लेखनीय है कि भागीरथी पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं, जिनमें ईरान में हाफ मैराथन और देश के विभिन्न मैराथन में स्वर्ण पदक शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने 85वीं ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हाफ मैराथन में स्वर्ण पदक भी जीता था।

वर्तमान में पौड़ी जनपद के रासी स्टेडियम में नियमित अभ्यासरत भागीरथी का सपना ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मैराथन में पदक जीतना है। उनकी यह उपलब्धि न केवल चमोली बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो दिखाती है कि कड़ी मेहनत और लगन से पहाड़ी क्षेत्रों से भी विश्व स्तर की सफलता हासिल की जा सकती है।

सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, जैश के शीर्ष कमांडर समेत दो आतंकी ढेर

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आज रविवार को सुरक्षाबलों और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में संगठन का एक शीर्ष कमांडर सहित दो आतंकवादी मारे गए।

आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी

सुरक्षा बलों को विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर किश्तवाड़ के छात्रू बेल्ट के पासेरकुट इलाके में दो पाकिस्तानी मूल के जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना (व्हाइट नाइट कोर), जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और 2 पैरा स्पेशल फोर्सेस की संयुक्त टीम ने ‘ऑपरेशन ट्राशी-I’ के तहत सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

सुबह करीब 10:30 बजे जंगलों में मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें आतंकवादियों ने भारी गोलीबारी की। हालांकि, सुरक्षा बलों ने रणनीतिक सटीकता और बेहतरीन समन्वय के साथ जवाबी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों आतंकवादी ढेर हो गए।

मारे गए आतंकवादियों की पहचान

मारे गए आतंकवादियों में से एक जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख कमांडर सैफुल्लाह (Saifullah) बताया जा रहा है, जो डोडा-किश्तवाड़ बेल्ट में कई हमलों के लिए जिम्मेदार था और पहले भी कई बार सुरक्षा बलों को चकमा दे चुका था। दोनों पाकिस्तानी नागरिक थे। मुठभेड़ स्थल से दो एके-47 राइफलें, पांच एके मैगजीन और अन्य हथियार व गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।

सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान जारी है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य आतंकवादी छिपा न हो। यह क्षेत्र पिछले कुछ महीनों में कई एनकाउंटरों का गवाह रहा है, जहां सुरक्षाबलों ने आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने में सफलता हासिल की है।

दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर शनिवार की देर शाम देहरादून पहुंच गए हैं। आरएसएस के शताब्दी वर्ष (Centenary Year) के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष यात्रा के दौरान वे विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद कार्यक्रमों में भाग लेंगे और संघ के विजन को साझा करेंगे।

डॉ. भागवत शनिवार शाम तिलक रोड स्थित जन कल्याण व्यास (भारत माता मंदिर परिसर) पहुंचे, जहां वे प्रवास करेंगे। रविवार को भी वे सुबह यहीं रहेंगे और दोपहर से कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

रविवार दोपहर दो बजे नींबूवाला स्थित संस्कृति विभाग (हिमालयन कल्चरल सेंटर या संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम) में प्रमुख नागरिकों (प्रबुद्ध जन) के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य संगठनों के प्रमुख लोगों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम में मंत्री, विधायकों तथा आरएसएस कार्यकर्ताओं को शामिल नहीं किया गया है, ताकि यह शुद्ध रूप से समाज के बुद्धिजीवियों और प्रमुख व्यक्तियों का संवाद बने।

सोमवार को पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें सेवानिवृत्त सैनिकों से विचार-विमर्श होगा। दोनों दिनों के कार्यक्रमों में क्रमशः लगभग एक-एक हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

14वें गौरव पुरस्कार 2026: अनूप जलोटा ने सम्मानित किए दिग्गज कलाकार, इस्कॉन जुहू में छाया भक्ति-संगीत का जादू

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मुंबई : भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा द्वारा प्रस्तुत 14वां वार्षिक ‘गौरव पुरस्कार 2026’ का आयोजन मुंबई के प्रतिष्ठित इस्कॉन मंदिर, जुहू में बड़ी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। जलोटा वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से आयोजित यह प्रतिष्ठित समारोह संगीत, नृत्य, ग़ज़ल, भक्ति संगीत तथा विभिन्न कलाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले दिग्गज कलाकारों को सम्मानित करने के लिए समर्पित था।

इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से अनूप जलोटा के पिता एवं भजन महर्षि पुरुषोत्तमदास जलोटा की पुण्य स्मृति में समर्पित किया गया, जिनकी आध्यात्मिक एवं संगीतमय विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास इस कार्यक्रम के माध्यम से किया जा रहा है।

पुरस्कार विजेता और उनके सम्मानभजन सम्राट पद्मश्री पुरुषोत्तमदास जलोटा संगीत सेवा पुरस्कार: प्रसिद्ध शास्त्रीय वादक पद्मभूषण पंडित विश्व मोहन भट्ट को प्रदान किया गया, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में मोहन वीणा के माध्यम से वैश्विक स्तर पर योगदान दिया है।

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भजन महर्षि पंडित हरिओम शरण भक्ति संगीत पुरस्कार: सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष को सम्मानित किया गया, जिनकी भक्ति एवं क्लासिकल संगीत में गहन प्रस्तुतियां प्रसिद्ध हैं।

पद्मश्री डॉ. रवींद्र जैन बहुमुखी प्रतिभा पुरस्कार: जानी-मानी लोक गायिका पद्मश्री श्रीमती मालिनी अवस्थी को दिया गया, जो अपनी मधुर लोक धुनों और भक्ति गीतों के लिए विख्यात हैं।

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मेधा जलोटा श्रेष्ठतम मेधावी नृत्य कलाकार पुरस्कार: उभरते प्रतिभाशाली नृत्य कलाकार श्री गौतम मराठे को प्रदान किया गया, जिन्होंने नृत्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से प्रभावित किया है।

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कार्यक्रम की झलकियां
समारोह की शुरुआत उभरती कथक नृत्यांगना सुश्री विधि ओझा द्वारा सरस्वती वंदना से हुई, जिसने दर्शकों को आध्यात्मिक माहौल में ले जाकर शुरूआत की। इसके बाद सुश्री वैष्णवी शर्मा ने अर्जुन कृष्ण के संवाद का आलेखन प्रस्तुत किया। पद्मश्री अनूप जलोटा ने अपने शिष्यों के साथ भक्तिमय प्रस्तुति दी, जिसमें उनके प्रसिद्ध भजन और ग़ज़लों ने समां बांध दिया। श्रोता भावविभोर हो उठे और पूरे सभागार में भक्ति एवं संगीत की लहर दौड़ गई।

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प्रमुख अतिथि और उपस्थिति
कार्यक्रम में संगीत, कला, पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र से जुड़ी कई नामचीन हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें अशोक खोसला, घनश्याम वासवानी, दुर्गा जसराज, अनुराधा पाल, संजय टंडन तथा संगीतकार पद्मश्री अली गनी प्रमुख थे। कार्यक्रम का संचालन कुशलता से अंकिता खत्री “नादान” ने किया, जबकि सफल प्रबंधन “तथास्तु प्रोडक्शंस” द्वारा किया गया।

सहयोगी संस्थाएं
इस भव्य आयोजन में हिंदुजा फाउंडेशन, वी आई पी, एफ ई आई कार्गो, ऐ डी एन फायर सेफ्टी, मोहता फाउंडेशन, साधना चैनल, टीवी एशिया, नूतन सवेरा तथा कटिंग चाय – मंच आपके विचारों का जैसी प्रमुख संस्थाओं एवं संगठनों ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

सांस्कृतिक महत्व
14वां गौरव पुरस्कार 2026 महज एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति, भक्ति संगीत और कलाओं का अनूठा संगम था। इसने एक बार फिर सिद्ध किया कि भारतीय संगीत एवं कला का प्रभाव न केवल देश में, बल्कि विश्व स्तर पर भी अमिट और अनमोल है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उत्तराखंड: बोर्ड परीक्षाओं के बीच BJP विधायक का तांडव, परीक्षा संचालन पर पड़ सकता है असर, पार्टी में बढ़ी टेंशन

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देहरादून :  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई हिंसक घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। राज्य में बोर्ड परीक्षाओं के बीच भाजपा के रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ पर निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ मारपीट और तोड़फोड़ का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना से शिक्षा विभाग में दहशत का माहौल है और परीक्षा संचालन पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

घटना की जानकारी के अनुसार, विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ निदेशालय पहुंचे थे। अशासकीय विद्यालयों के प्रबंधन या किसी विभागीय विवाद को लेकर बहस शुरू हुई, जो जल्द ही उग्र हो गई। आरोप है कि विधायक के समर्थकों ने निदेशक के कक्ष में घुसकर मारपीट की, कुर्सियां फेंकीं, फाइलें फाड़ीं, फर्नीचर तोड़ा और तोड़फोड़ की।

निदेशक अजय कुमार नौडियाल को सिर, आंखों और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई कार्मिक भी घायल हुए। कुछ वीडियो में धक्का-मुक्की, कुर्सियां फेंकने और हंगामा देखा जा सकता है।

घटना के बाद भाजपा उच्च नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य” करार दिया। उन्होंने कहा, “कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे पद कितना भी बड़ा क्यों न हो।

पार्टी ने रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ से पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब तलब किया है। भट्ट ने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा ने अराजकता और हिंसा की राजनीति को बर्दाश्त न करने का भी ऐलान किया है।

पार्टी ने शिक्षक समुदाय से संयम बरतने की अपील की है और कहा है कि छात्रों के भविष्य से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बोर्ड परीक्षाओं के संवेदनशील समय को देखते हुए यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। निदेशक ने विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं (जैसे 307, 147, 323, 506 आदि) में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता है।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर जानलेवा हमला, बीजेपी विधायक उमेश शर्मा काऊ के समर्थकों ने कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा

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देहरादून: राजधानी देहरादून के शिक्षा निदेशालय (नानुरखेड़ा) में बड़ा हादसा हुआ है। प्रारंभिक शिक्षा के निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर अशासकीय विद्यालय प्रबंधन से जुड़े विवाद के दौरान जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों में बीजेपी के रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ के समर्थक शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में दहशत का माहौल छा गया।

सूत्रों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ निदेशालय में पहुंचे और निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हमला बोल दिया। मारपीट इतनी तेज थी कि निदेशक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत कोरोनेशन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर बताया है, लेकिन खतरे से बाहर होने की उम्मीद जताई है।

इस घटना ने पूरे प्रशासनिक और सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं कि सरकारी कार्यालय में विधायक और उनके समर्थकों द्वारा इस तरह का हमला कैसे संभव हुआ। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि हमले के दौरान काफी देर तक मारपीट होती रही और कोई रोक-टोक नहीं हुई।

घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल विधायक उमेश शर्मा काऊ या उनके समर्थकों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

यह घटना उत्तराखंड की सियासत में नए तनाव का संकेत दे रही है। विपक्षी दल इसे सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने का मौका मान रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी घटना को विभागीय विवाद बताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दे रहे हैं।