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बड़ी खबर : गृह मंत्रालय ने जारी की भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’, जानें इसमें क्या है खास

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नई दिल्ली: गृह मंत्रालय (MHA) ने सोमवार को भारत की पहली व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति और रणनीति जारी की, जिसका नाम ‘प्रहार’ (PRAHAAR) रखा गया है। यह नीति दस्तावेज़ (8-9 पेज) MHA की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। ‘प्रहार’ का अर्थ ‘हमला’ या ‘प्रहार’ है और यह आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को औपचारिक रूप देता है। नीति का उद्देश्य आतंकवाद के सभी रूपों को रोकना, आतंकियों, उनके फाइनेंसरों और समर्थकों को फंड, हथियार और सुरक्षित ठिकानों से वंचित करना है।

यह नीति भारत को दशकों से प्रभावित करने वाले सीमा पार राज्य-प्रायोजित आतंकवाद पर खास फोकस करती है। दस्तावेज़ में कहा गया है कि जिहादी आतंकी संगठन और उनके फ्रंटल (मुखौटा) संगठन भारत में हमलों की साजिश रचने, समन्वय करने, सुविधा प्रदान करने और उन्हें अंजाम देने में लगे हुए हैं। वैश्विक आतंकी समूह जैसे अल-कायदा और ISIS स्लीपर सेल्स के जरिए देश में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। विदेशी धरती से काम करने वाले हिंसक चरमपंथी आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिशें रच रहे हैं।

उभरते खतरे: ड्रोन, साइबर, CBRNED और क्रिप्टो नीति में नए खतरे पर गंभीर चिंता जताई गई है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हैंडलर ड्रोन जैसी नई तकनीक का इस्तेमाल कर आतंकी गतिविधियां आसान बना रहे हैं। आतंकी समूह संगठित आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल लॉजिस्टिक्स, भर्ती और हमलों के लिए कर रहे हैं। सोशल मीडिया, इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स, एन्क्रिप्शन, डार्क वेब और क्रिप्टो वॉलेट जैसे टूल्स से प्रोपेगैंडा, फंडिंग और निर्देशन गुमनाम तरीके से हो रहा है।

CBRNED (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर, एक्सप्लोसिव, डिजिटल) सामग्री तक पहुंच और इस्तेमाल की कोशिशों को रोकना बड़ी चुनौती है। क्रिमिनल हैकर्स और राष्ट्र-राज्य साइबर अटैक्स से भारत को निशाना बना रहे हैं। ड्रोन और रोबोटिक्स का खतरनाक इस्तेमाल भी चिंता का विषय है।

नीति के सात स्तंभ (PRAHAAR acronym) 

  • P — Prevention of terror attacks to protect Indian citizens and interests (आतंकी हमलों की रोकथाम)
  • R — Responses, which are swift and proportionate to the threat posed (तेज और संतुलित प्रतिक्रिया)
  • A — Aggregating internal capacities for achieving synergy in a whole-of-government approach (सरकारी एजेंसियों में समन्वय और क्षमता वृद्धि)
  • H — Human rights and Rule of Law based processes for mitigation of threats (मानवाधिकार और कानून के दायरे में कार्रवाई)
  • A — Attenuating the conditions enabling terrorism, including radicalisation (रेडिकलाइजेशन और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को कम करना)
  • A — Aligning and shaping the international efforts to counter terrorism (अंतरराष्ट्रीय सहयोग)
  • R — Recovery and resilience through a whole-of-society approach (पुनर्बहाली और समाज की मजबूती)

प्रतिरोध और प्रतिक्रिया तंत्र

  • इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) और जॉइंट टास्क फोर्स ऑन इंटेलिजेंस (JTFI) रियल-टाइम इनपुट शेयरिंग का नोडल प्लेटफॉर्म बने रहेंगे।
  • स्थानीय पुलिस पहले रिस्पॉन्स देगी, जिसे स्पेशल स्टेट/CT फोर्स और NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) सपोर्ट करेगी। NSG नोडल नेशनल CT फोर्स है।
  • जल, जमीन और हवा तीनों मोर्चों पर खतरे का सामना; क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (पावर, रेलवे, एविएशन, पोर्ट्स, डिफेंस, स्पेस, एटॉमिक एनर्जी) की सुरक्षा मजबूत।
  • गैर-कानूनी हथियार सिंडिकेट और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ राज्यों में संयुक्त कार्रवाई। आतंकी फंडिंग को कानूनी ढांचे से बाधित करने पर जोर।

रेडिकलाइजेशन और युवाओं की भर्ती पर फोकस आतंकी समूह भारतीय युवाओं को भर्ती करने की कोशिश कर रहे हैं। पहचान होने पर ग्रेडेड पुलिस कार्रवाई की जाती है। समुदाय, धार्मिक नेता, उदारवादी प्रचारक और NGOs जागरूकता फैला रहे हैं। युवाओं को रचनात्मक तरीके से शामिल किया जा रहा है। जेलों में कट्टरपंथ रोकने के लिए स्टाफ को अलर्ट किया जाता है।

यह नीति आतंकवाद को किसी धर्म, जाति, राष्ट्रीयता या सभ्यता से नहीं जोड़ती। भारत अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ व्यापक फ्रेमवर्क की मांग करता रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘प्रहार’ रिएक्टिव से प्रोएक्टिव, इंटेलिजेंस-लेड अप्रोच की ओर बड़ा कदम है, जो उभरते डिजिटल और हाइब्रिड खतरों से निपटने में मदद करेगा।

उत्तराखंड 2027 की अग्निपरीक्षा : चुनाव, अर्धकुंभ और जनगणना एक साथ…कब होंगे विधानसभा चुनाव?

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देहरादून: उत्तराखंड के लिए 2027 सिर्फ एक कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि प्रशासनिक, राजनीतिक और लॉजिस्टिकल स्तर पर एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने जा रहा है। एक ही साल में विधानसभा चुनाव, हरिद्वार अर्धकुंभ और राष्ट्रीय जनगणना जैसे ये तीन बड़े आयोजन राज्य की सरकारी मशीनरी पर दबाव डालने वाले हैं। यही वजह है कि सरकार ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं, जबकि सियासी गलियारों में समय से पहले चुनाव की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।

राज्य की 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव मूल रूप से फरवरी-मार्च 2027 में प्रस्तावित हैं। ठीक उसी दौरान हरिद्वार में अर्धकुंभ का भव्य आयोजन होना है, जो 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) से शुरू होकर 20 अप्रैल 2027 (चौत्र पूर्णिमा) तक चलेगा। इसमें 10 प्रमुख स्नान तिथियां हैं, जिनमें फरवरी-मार्च के चार अमृत स्नान (6 फरवरी मौनी अमावस्या, 11 फरवरी बसंत पंचमी, 20 फरवरी माघ पूर्णिमा और मार्च-अप्रैल के अमृत स्नान) शामिल हैं। लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़, शाही स्नान और अखाड़ों की व्यवस्था को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन की चुनौती पहले से ही भारी है।

चुनाव के दौरान केंद्र और राज्य की सुरक्षा बलों की भारी तैनाती होती है। अर्धकुंभ में भी सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और अन्य राज्यों से अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ती है। दोनों आयोजन एक साथ होने पर पुलिस बल, वाहन, कमांड सेंटर और यहां तक कि हेलीकॉप्टरों की डिमांड में टकराव तय है। इसके अलावा जनगणना की प्रक्रिया भी फरवरी-मार्च 2027 के आसपास शुरू होने वाली है, जिसमें हजारों सरकारी कर्मचारियों को घर-घर सर्वे के लिए लगाना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में केंद्र से 500 करोड़ रुपये का बजट अर्धकुंभ के लिए हासिल किया है और इसे ‘पूर्ण कुंभ’ की तर्ज पर आयोजित करने का ऐलान किया है। लेकिन, प्रशासनिक अधिकारी मान रहे हैं कि तीन बड़े कार्यक्रमों का एक साथ होना राज्य के लिए बड़ी चुनौती होगी।

सियासी गलियारों और सोशल मीडिया में इन दिनों यह चर्चा गरम है कि क्या सरकार चुनाव नवंबर-दिसंबर 2026 में करा सकती है? कारण साफ है, अर्धकुंभ जैसा बड़ा और धार्मिक आयोजन, जनवरी से अप्रैल तक होगा। अगर चुनाव फरवरी-मार्च में हुए तो कुंभ की सुरक्षा और चुनावी ड्यूटी में टकराव होना साफ है। ऐसे में सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।

कुछ विशेषज्ञ और राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर भाजपा को अपनी वापसी पर भरोसा है तो वह 2026 के अंत में चुनाव करा सकती है, ताकि कुंभ के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। वहीं अगर विपक्षी दलों (विशेषकर कांग्रेस) की गतिविधियां बढ़ीं तो चुनाव को अप्रैल 2027 (कुंभ समाप्त होने के बाद) तक टाला भी जा सकता है। हालांकि चुनाव आयोग अभी कोई आधिकारिक संकेत नहीं दे रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों की तैयारियां 2027 को लक्ष्य करके ही चल रही हैं।

2027 उत्तराखंड के लिए सिर्फ चुनावी साल नहीं, बल्कि एक अग्निपरीक्षा है। अगर सरकार इन तीनों आयोजनों को सुचारू रूप से संभाल लेती है तो यह उसकी बड़ी उपलब्धि होगी। लेकिन, अगर समय से पहले चुनाव की अटकलें सही साबित हुईं तो यह फैसला प्रशासनिक दबाव कम करने के साथ-साथ राजनीतिक रणनीति भी साबित होगा। फिलहाल सभी की नजरें चुनाव आयोग और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

AI समिट में प्रदर्शन के मामले में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पिछले सप्ताह भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए ‘शर्टलेस’ (बिना शर्ट) विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है। पुलिस ने चिब को तिलक मार्ग थाने में लगभग 15-20 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

प्रदर्शन 20 फरवरी 2026 को समिट के एग्जिबिशन हॉल में हुआ था। युवा कांग्रेस के करीब एक दर्जन कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर समिट में प्रवेश किया और अचानक अपनी शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने टी-शर्ट्स पर प्रिंटेड स्लोगन और प्रधानमंत्री की तस्वीर वाली टी-शर्ट्स लहराते हुए विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार पर ‘कंप्रोमाइज्ड’ होने का आरोप लगाया।

पुलिस ने घटना के तुरंत बाद चार युवा कांग्रेस नेताओं—कृष्णा हरि और कुंदन यादव (बिहार), नरसिम्हा यादव (तेलंगाना) और अजय कुमार (उत्तर प्रदेश)—को गिरफ्तार किया था। बाद में ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से तीन और कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया। उदय भानु चिब को मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए पूछताछ के लिए 23 फरवरी को तिलक मार्ग थाने बुलाया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिब ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया और जांच को गुमराह करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया है।

युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और सरकार की नीतियों के खिलाफ वैध विरोध बताया था। उदय भानु चिब ने पहले कहा था कि यह “पीसफुल प्रोटेस्ट” था और पार्टी जांच में सहयोग करेगी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने वैश्विक आयोजन को अपनी “गंदी और नंगी राजनीति” का मंच बना दिया, जो विचारधारात्मक दिवालियापन दर्शाता है।

बीजेपी उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने प्रदर्शन को “देश विरोधी” करार दिया। वहीं, कुछ विपक्षी दलों और सहयोगियों ने भी प्रदर्शन की शैली पर सवाल उठाए और इसे “अनुचित” तथा “शर्मनाक” बताया। कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बताते हुए गिरफ्तारी को “अवैध हिरासत” करार दिया। IYC के एक महासचिव ने कहा कि यह “अंग्रेजों जैसा शासन” है। प्रदर्शन के बाद तिलक मार्ग थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवान गेट पर मुस्तैद हैं। इलाके में आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है।

बड़ा विमान हादसा: रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश, सातों सवारों की मौत

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रांची/चतरा : झारखंड के चतरा जिले में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज, उसका परिजन, डॉक्टर, पैरामेडिक स्टाफ और दो पायलट शामिल हैं।

हादसा चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के खसियातु करम टांड जंगल (कसरिया पंचायत के पास) में हुआ। विमान बीचक्राफ्ट किंग एयर C90 (रजिस्ट्रेशन VT-AJV) था, जो रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित मेडिकल एवेक्युएशन (एयर एंबुलेंस) फ्लाइट थी। यह विमान रांची एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे (19:11 IST) दिल्ली के लिए उड़ा था।

ATC से कोई संपर्क नहीं हो सका

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अनुसार, टेकऑफ के लगभग 23 मिनट बाद शाम 7:34 बजे विमान ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और खराब मौसम (थंडरस्टॉर्म) के कारण रूट डेविएशन (मार्ग परिवर्तन) की अनुमति मांगी। इसके तुरंत बाद विमान का संचार और रडार संपर्क टूट गया। यह संपर्क वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल माइल दक्षिण-पूर्व में टूटा था। उसके बाद वाराणसी या लखनऊ ATC से कोई संपर्क नहीं हो सका।

खराब मौसम को मुख्य वजह

चतरा के डिप्टी कमिश्नर कीर्तिश्री ने पुष्टि की कि क्रैश साइट पर पहुंचकर सभी सात शव बरामद कर लिए गए हैं और पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिए गए हैं। बचाव दल, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में खराब मौसम को मुख्य वजह बताया जा रहा है, लेकिन ब्लैक बॉक्स और अन्य सबूतों की जांच के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होगा।

मरीज की दर्दनाक कहानी

एयर एंबुलेंस में सवार मरीज संजय कुमार (41 वर्ष), लातेहार जिले के चंदवा निवासी थे। वे एक व्यवसायी थे और 16 फरवरी को अपने होटल में आग लगने या पेट्रोलियम पदार्थ से संबंधित दुर्घटना में 65% झुलस गए थे। उन्हें रांची के देवकमल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां प्रख्यात प्लास्टिक सर्जन डॉ. अनंत सिन्हा के नेतृत्व में उनका इलाज चल रहा था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण परिवार ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का फैसला किया।

8 लाख रुपये का लोन भी लिया था

परिवार ने इसके लिए 8 लाख रुपये का लोन भी लिया था। संजय की पत्नी अर्चना देवी उनके साथ तीमारदार के रूप में सवार थीं। यह हादसा पिछले एक महीने में दूसरा बड़ा विमान हादसा है, जिसने एविएशन सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों ने भी जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

मृतकों की सूची

  • कैप्टेन विवेक विकास भगत (पायलट)
  • कैप्टेन सवराजदीप सिंह (को-पायलट)
  • संजय कुमार (मरीज)
  • अर्चना देवी (परिजन/तीमारदार)
  • धीरू कुमार (परिजन/तीमारदार)
  • डॉ. विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर)
  • सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिक/नर्सिंग स्टाफ)

चकराता के फेडिज गांव में ग्राम दुकान का उद्घाटन, महिलाओं की आजीविका को मिली नई दिशा

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देहरादून: नावार्ड एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकासखंड चकराता के फेडिज ग्राम पोस्ट ऑफिस अटIल में ग्राम दुकान की स्थापना  की गई है। ग्राम दुकान का उद्घाटन अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष लीलावती राना ने किया, जिसमें सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि महिलाओं को आजीविका के लिए ग्राम दुकान एक बहुत अच्छा प्लेटफार्म है, इससे महिलाओं की आजीविका तो सुधरेगी ही, इसके साथ-साथ महिलाओं को घर से बाहर निकलने व व्यवसाय से जुड़ने के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे।

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उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के विकास के लिए प्रतिबंध है तथा महिलाओं को आगे कौशल विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, चक्राता एनआरएलएम की ब्लॉक मिशन प्रबंधक डॉक्टर पूजा गौड़ ने बताया कि अब महिलाओं द्वारा निर्मित सभी वस्तुओं को उपभोक्ता तक पहुंचाने के लिए ग्राम दुकान बहुत अच्छा माध्यम है।

सभी महिलाओं के विभिन्न प्रकार की वस्तुएं निर्मित की जा रही हैं, उनको ग्राम दुकान के माध्यम से अह उनको मार्केट तक पहुंचाने का एक अच्छा प्लेटफार्म साबित होगा, अब महिलाओं को मार्केट तक अपनी उत्पाद को मार्केट तक ले जाने की तलाश खत्म हो चुकी है।

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NRLM चकराता की संपूर्ण टीम अपने हर संभव देहरादून जिले के विकासखंड चकराता के फेडिज ग्राम (पोस्ट ऑफिस अटाल) में नाबार्ड (NABARD) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के संयुक्त तत्वावधान में एक ग्राम दुकान की स्थापना की गई है। इस दुकान का उद्घाटन उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष डॉ. लीलावती राना ने किया।

उद्घाटन समारोह में स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. लीलावती राना ने कहा कि यह ग्राम दुकान महिलाओं के लिए आजीविका का एक उत्कृष्ट प्लेटफॉर्म साबित होगी।

इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि महिलाएं घर से बाहर निकलकर व्यवसाय से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के बेहतर अवसर प्राप्त करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके उत्थान के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

NRLM चकराता की ब्लॉक मिशन प्रबंधक डॉ. पूजा गौड़ ने बताया कि अब स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों, जैसे हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री और अन्य स्थानीय वस्तुओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए यह ग्राम दुकान एक प्रभावी माध्यम बनेगी। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों को बाजार तक ले जाने की चुनौती से मुक्ति मिलेगी और उनकी आय में स्थिर वृद्धि होगी।

NRLM की पूरी टीम दूर-दराज के गांवों में स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर महिलाओं के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

समारोह में पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक श्री मयंक सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि बैंक विभिन्न लिंकेज कार्यक्रमों के तहत महिलाओं को सस्ती ब्याज दरों पर सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे अपनी आजीविका से जुड़े कई नए व्यवसाय शुरू कर रही हैं।

इस अवसर पर समाजसेवी एवं भाजपा नेता दुल्हाराम शर्मा, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य सुरेंद्र राणा, सुरवीर सिंह धोबाल सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं।

यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो NRLM के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।

नवीन चकराता टाउनशिप को बड़ी सौगात, करोड़ों की पेयजल योजना स्वीकृत, रंग ला रही राम शरण नौटियाल की मेहनत

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देहरादून/चकराता :  जौनसार बावर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नवीन चकराता टाउनशिप के लिए एक महत्वपूर्ण पेयजल योजना को स्वीकृति मिल गई है। इस योजना की लागत करोड़ों रुपये आंकी गई है, जिससे चकराता कैंटोनमेंट सहित आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लंबे समय से परेशान कर रही पीने के पानी की समस्या दूर होने की उम्मीद जगी है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष (देहरादून) राम शरण नौटियाल के अथक प्रयासों और दूरगामी सोच का ही नतीजा है कि नवीन चकराता टाउनशिप को वर्ष 2023 में उत्तराखंड कैबिनेट से मंजूरी मिली थी। इस टाउनशिप का निर्माण मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन, संस्कृति, लोक भाषा और समग्र विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। राम शरण नौटियाल ने 1997 में ही नवीन चकराता का शिलान्यास किया था और अब उनके निरंतर प्रयासों से विकास कार्य तेजी पकड़ रहे हैं।

पेयजल योजना के तहत स्वच्छ और पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में चकराता कैंट और आसपास के निवासियों को पानी के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। योजना की स्वीकृति के बाद फाइल वित्त विभाग को भेज दी गई है, और जल्द ही कार्य शुरू होने की संभावना है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि टाउनशिप के विकास को भी मजबूती प्राप्त होगी।

राम शरण नौटियाल ने कहा कि चकराता और जौनसार बावर क्षेत्र को विकसित बनाने की उनकी सोच अब धरातल पर उतर रही है। पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय संस्कृति की संरक्षण और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में यह टाउनशिप मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार का आभार जताया कि उनके प्रयासों को समर्थन मिल रहा है।

नवीन चकराता टाउनशिप पुरोड़ी-नागथात-लखवाड़ से यमुना नदी तक फैली हुई है, और इसका मास्टर प्लान तैयार करने के लिए पहले ही धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी और जौनसार बावर की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास सुनिश्चित करेगी।

स्थानीय निवासियों ने राम शरण नौटियाल के प्रयासों की सराहना की है और कहा कि अब पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने की नौबत नहीं आएगी। यह योजना जल जीवन मिशन और अन्य राज्य स्तरीय प्रयासों से जुड़ी हो सकती है, जिससे पूरे क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की पहुंच बढ़ेगी। विकास के इस क्रम में नवीन चकराता टाउनशिप जौनसार बावर के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभर रही है, जहां पर्यटन, संस्कृति और आर्थिक प्रगति साथ-साथ फल-फूल सकें।

राहुल गांधी ने उत्तराखंड के ‘मोहम्मद दीपक’ से की मुलाकात, एकता और साहस की मिसाल बताकर सराहा

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नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ से आज दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने दीपक को गले लगाया और उनके साहस की जमकर तारीफ की। उन्होंने दीपक को ‘मोहब्बत की दुकान’ का योद्धा करार देते हुए कहा कि उनकी एकता, भाईचारे और हिम्मत की मिसाल देश के हर युवा को अन्याय व नफरत के खिलाफ लड़ने का हौसला देगी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में लिखा, “हर इंसान, एक समान। यही है भारतीयता, यही है मोहब्बत की दुकान। उत्तराखंड के भाई ‘मोहम्मद दीपक’ से मुलाकात – एकता और साहस की ऐसी ही लौ हर भारतीय युवा में जलनी चाहिए। दीपक ‘मोहब्बत की दुकान’ के योद्धा हैं – पूरे देश को इन पर गर्व है।”

यह मुलाकात उस घटना के करीब एक महीने बाद हुई है, जब 26 जनवरी को कोटद्वार में दीपक कुमार ने एक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद को कुछ लोगों के कथित उत्पीड़न से बचाया था। दुकान का नाम ‘बाबा स्कूल ड्रेस’ था, जिसके ‘बाबा’ शब्द को लेकर विवाद हुआ। दीपक ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताकर भाईचारे का संदेश दिया और भीड़ को रोका। इस वीडियो के वायरल होने के बाद दीपक की काफी सराहना हुई थी।

मुलाकात के बाद दीपक कुमार ने मीडिया से कहा कि राहुल गांधी ने उनके परिवार से भी बात की और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने उनके जिम में सदस्यता लेने का वादा किया है और कोटद्वार आने की बात कही है। दीपक ने कहा, “मेरा राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन राहुल जी ने मुझे और मेरे परिवार को साथ देने का भरोसा दिया।”

 

मातृभाषा दिवस पर लोक रंगों में रंगा रवांल्टा सम्मेलन, ‘मातृशक्ति का सम्मान, हम सबका सम्मान’ थीम पर समारोह

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हरिद्वार। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर हरिद्वार में रवांई अंचल के लोगों का पारंपरिक ‘रवांल्टा सम्मेलन’ लोक संस्कृति और आत्मीयता के रंगों में रंगा हुआ। ‘मातृशक्ति का सम्मान, हम सबका सम्मान’ थीम पर आधारित इस समागम ने माँ गंगा के तट पर अपनी माटी, बोली और परंपराओं को जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ। गणेश पूजन, कलश स्थापना, दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चारण के बाद मातृशक्ति के हाथों से दीप प्रज्वलित किया गया, जिसने पूरे आयोजन को लोक गरिमा प्रदान की। मंगल तिलक, पुष्पमाला, कलावा बंधन और पिठांईं की परंपरा के साथ पहले सभी मातृशक्तियों का फिर उपस्थित हर व्यक्ति का स्वागत किया गया।

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जैसे ही लोकगीतों की मधुर स्वर लहरियां गूंजीं, पूरा वातावरण पहाड़ी लोक रंग में डूब गया। रवांई अंचल के पारंपरिक गीत, लोकधुनें और थिरकते कदमों ने उपस्थित जनों को अपनी जड़ों से गहराई से जोड़ दिया। लोककला पर आधारित विशेष सेल्फी प्वाइंट भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा, जहां लोगों ने उत्साह से स्मृति-चित्र संजोए।

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सम्मेलन में हरिद्वार जनपद के विभिन्न विभागों, संस्थानों और संगठनों में कार्यरत रवांई अंचल के लोग शामिल हुए। अपनी माटी से दूर रहते हुए भी अपनी बोली-भाषा, गीत-संगीत, नृत्य और परंपराओं को जीवित रखने का यह सामूहिक प्रयास भावनात्मक रूप से सभी को छू गया। सहभोज के दौरान आपसी अपनत्व और आत्मीयता की झलक साफ नजर आई।

कार्यक्रम के सूत्रधार शिक्षक दिनेश रावत ने बताया, “वर्ष 2023 से शुरू यह पहल अब एक सतत अभियान बन चुकी है। हमारा उद्देश्य समाज को मातृभाषा, मातृभूमि और मातृसंस्कृति से जोड़े रखना है। यह महज एक समागम नहीं, बल्कि अपनी महान परंपराओं का उत्सव और भावी पीढ़ी को सांस्कृतिक रूप से मजबूत करने का प्रयास है।

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सम्मेलन में प्रमुख रूप से दिनेश रावत, अमित गौड़, सहदेव रावत, संतोष सेमवाल, बृजमोहन रावत, अभिजीत सिंह राणा, राजेश बिष्ट, उदय सेमवाल, हरवीर चौहान, देव नौडियाल, जयदेव असवाल, कपिल देव रावत, मनीष पंवार, प्रवीण राणा, प्रियंका गौड़, रजनी रावत, अंजना सेमवाल सहित दर्जनों रवांल्टे उपस्थित रहे।

मां गंगा के पावन तट पर लोकास्था और सांस्कृतिक गौरव के साथ संपन्न यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि अपनी लोक अस्मिता, माटी और मातृशक्ति के प्रति गहरी श्रद्धा व सम्मान का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा। रवांई अंचल के लोग इसे हर साल बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि यह उन्हें अपनी जड़ों से फिर से जोड़ने का अवसर देता है।

सरकारी कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनेगी SOP, मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश

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देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को तत्काल SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के साथ ही हाल के दिनों में अन्य स्थानों पर सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए ऐसी वारदातों पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुना और स्पष्ट कहा कि सरकार कार्मिकों के मान-सम्मान और सुरक्षा के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा, “अधिकारी और कर्मचारी राज्य की सेवा में दिन-रात लगे रहते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने तुरंत मुख्य सचिव को फोन कर निर्देश दिए कि अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक और प्रभावी एसओपी तैयार की जाए। साथ ही उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री ने एसएसपी देहरादून को विशेष निर्देश देते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को कहा।

कर्मचारी संगठनों में राहत की उम्मीद

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के त्वरित संज्ञान और कार्रवाई के निर्देशों की सराहना की है।

यह कदम उत्तराखंड में हाल के दिनों में बढ़ी घटनाओं के बाद आया है, जहां विधायकों और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा सरकारी अधिकारियों के साथ बदसलूकी के कई मामले सामने आए हैं। सरकार अब एसओपी के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का रास्ता अपनाने की तैयारी में है।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कार्यालय में तोड़फोड़-मारपीट मामले में एक हिस्ट्रीशीटर सहित 4 गिरफ्तार

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देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मारपीट विवाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर थाना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, तोड़फोड़ और अन्य गंभीर आरोपों में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक हिस्ट्रीशीटर अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली भी शामिल है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना शनिवार को रायपुर क्षेत्र के ननूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक कार्यालय में हुई। भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थक रायपुर क्षेत्र में एक विद्यालय का नाम निशुल्क भूमि दान करने वाले दाताओं के नाम पर रखने के मुद्दे पर चर्चा के लिए पहुंचे थे। वार्ता के दौरान विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने कार्यालय में अराजकता फैलाई। कुर्सियां, फर्नीचर और अन्य सामान इधर-उधर फेंककर तोड़फोड़ की गई। इस दौरान मौजूद कुछ लोगों को चोटें भी आईं।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने थाना रायपुर में तहरीर दी, जिसमें विधायक उमेश शर्मा काऊ और कुछ अज्ञात लोगों पर आरोप लगाए गए। उनकी शिकायत पर बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना, चोट पहुंचाना, बलवा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, जान से मारने की धमकी और गाली-गलौज शामिल हैं। दूसरी ओर, विधायक की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुशील रमोला की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें निदेशालय के कुछ अज्ञात कर्मचारियों पर चोट पहुंचाने, परिरोध करने, हमला करने और अपमानजनक व्यवहार का आरोप है।

पुलिस की कार्रवाई

थाना रायपुर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, प्राप्त साक्ष्य और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली (हिस्ट्रीशीटर), लक्ष्मण नवानी, राकेश थपलियाल और अक्षय राणा शामिल हैं। चारों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच अभी जारी है और मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है।

राजनीतिक हलचल जारी

यह घटना उत्तराखंड की राजनीति में तनाव का कारण बनी हुई है। विपक्षी दल कांग्रेस इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताकर सरकार पर हमला बोल रही है, जबकि भाजपा के भीतर भी इस मामले को लेकर असंतोष की आवाजें उठ रही हैं। विधायक उमेश शर्मा काऊ पहले से ही इस प्रकरण में घिरे हुए हैं और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।