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दिल दहलाने वाली वारदात, पत्नी और तीन बच्चों की धारदार हथियार से हत्या, आरोपी फरार

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नई दिल्ली: घरेलू कलह ने चार मासूम जिंदगियां छीन लीं। बाहरी उत्तरी दिल्ली के चंदन पार्क इलाके में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों की क्रूर हत्या कर दी। सभी की हत्या धारदार हथियार से की गई। वारदात के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना मंगलवार की रात या बुधवार की सुबह घर के अंदर हुई। आसपड़ोसियों को चीख-पुकार सुनाई देने या संदिग्ध हालात दिखने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घर के अंदर चार शव बरामद किए हैं, जिनमें एक महिला (पत्नी) और तीन नाबालिग बच्चे। प्रारंभिक जांच में सभी की हत्या तेजधार हथियार से किए जाने का संकेत मिला है।

पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। फिलहाल हत्या के पीछे का सटीक कारण सामने नहीं आया है।

पुलिस का मानना है कि यह घरेलू विवाद या पारिवारिक कलह से जुड़ा मामला हो सकता है, लेकिन जांच अभी प्रारंभिक दौर में है। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।

उत्तराखंड : मेहंदी समारोह में लाइसेंसी पिस्टल से चली गोली, महिला गंभीर घायल

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देहरादून: जश्न के बीच लापरवाही ने एक महिला की जान पर बन आई। रायपुर थाना क्षेत्र के नेहरू ग्राम में सोमवार रात मेहंदी के दौरान नाचते हुए एक युवक की लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई। गोली लगने से समारोह में शामिल एक महिला नीलिमा के पैर में गंभीर चोट आई। उसे फौरन कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

घटना की जानकारी गढ़वाली कॉलोनी, नेहरू ग्राम निवासी कमल कुमार यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताई। उनके घर पर शादी से पहले मेहंदी का कार्यक्रम चल रहा था। इसमें शामिल परिचित लक्ष्मण सिंह नेगी समेत कई लोग नाच रहे थे। लक्ष्मण नेगी ने अपनी कमर में लाइसेंसी पिस्टल रखी हुई थी। नाचते-नाचते पिस्टल से अचानक गोली निकल गई, जो नीलिमा के पैर में लग गई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी लक्ष्मण सिंह नेगी को हिरासत में ले लिया और पिस्टल को जब्त कर लिया। थानाध्यक्ष गिरीश नेगी ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया धोखे से गोली चलने की बात सामने आई है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पिस्टल पहले से लोडेड थी और नाचने के दौरान ट्रिगर दब गया, जिससे फायर हो गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पिस्टल लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

समारोह में गोली चलने से वहां सन्नाटा छा गया। पहले लोगों को समझ नहीं आया कि आवाज किसकी है, लेकिन नीलिमा की चीख सुनकर सबको घटना का पता चला। गनीमत रही कि पिस्टल की नाल नीचे की ओर थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। समारोह में छोटे बच्चे भी मौजूद थे, जिससे रिश्तेदारों में भय का माहौल है। पुलिस ने लोगों से हथियारों के साथ जश्न मनाने से बचने की अपील की है और लापरवाही से होने वाली ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

उत्तराखंड : 12 साल के बच्चे के सिर पर नाबालिग ने मारा डंडा, दर्दनाक मौत

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रुड़की : खेल-खेल में हुई छोटी-सी कहासुनी ने एक मासूम की जान ले ली। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पनियाला चंदापुर गांव में सोमवार दोपहर डॉ. आंबेडकर पार्क में क्रिकेट खेलते समय बच्चों के बीच हुए झगड़े में एक नाबालिग किशोर ने 12 वर्षीय भानू पुत्र बालेंद्र के सिर पर डंडे से जोरदार वार कर दिया। इस चोट से गंभीर रूप से घायल भानू को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के अनुसार, सोमवार दोपहर क्षेत्र के बच्चे पार्क में क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान किसी बात पर विवाद बढ़ गया। इसी बीच आरोपी नाबालिग ने भानू के सिर पर डंडे से हमला कर दिया। वार के बाद अन्य बच्चे मौके से भाग गए, जबकि भानू घर पहुंचा और परिवार को घटना बताकर बेहोश हो गया। परिजनों ने उसे तुरंत बीएसएम तिराहा स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता की तहरीर पर गंगनहर कोतवाली में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। इंस्पेक्टर मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपी के नाबालिग होने की पुष्टि हुई है। पुलिस हत्यारोपी की तलाश और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जांच में हत्या के सटीक कारणों, विवाद की जड़ और अन्य पहलुओं का पता लगाया जा रहा है।

वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस दोनों पक्षों के बीच शांति बनाए रखने के लिए सतर्क है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। मामूली खेल-विवाद में एक बच्चे की मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने बच्चों के बीच छोटे-मोटे झगड़ों को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है।

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, इन जिलों में हो सकती है बारिश

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उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज 25 फरवरी और कल 26 फरवरी राज्य भर में मौसम शुष्क रहेगा। किसी भी जिले में बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है, और 13 जिलों में पूरी तरह से सूखा मौसम बना रहेगा।

हालांकि, शुक्रवार 27 फरवरी से मौसम में बदलाव दिखाई देगा। मौसम विभाग ने तीन पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। इनमें गढ़वाल मंडल के सीमांत जिले उत्तरकाशी और चमोली शामिल हैं, जहां कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होगी। इन जिलों में 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी संभव है। कुमाऊं मंडल के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भी इसी तरह बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। शेष 10 जिलों में मौसम शुष्क ही रहेगा।

फरवरी का अंत भी इसी बदलते मौसम के साथ होगा। शनिवार 28 फरवरी को भी उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि 3000 मीटर से ऊपर बर्फबारी जारी रह सकती है। बाकी जिलों में मौसम सामान्य और शुष्क रहेगा।

मार्च की शुरुआत में मौसम फिर से स्थिर हो जाएगा। 1 और 2 मार्च को पूरे राज्य में शुष्क मौसम का अनुमान है, बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं दिख रही। न्यूनतम तापमान में अगले 2-3 दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में वृद्धि शुरू हो सकती है। मौसम केंद्र के अनुसार, 3-4 दिनों के अंदर कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है, जिससे गर्मी का अहसास बढ़ेगा।

मैंने दखल न दिया होता तो पाकिस्तान के पीएम मर भी सकते थे..!

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान एक बार फिर बड़ा दावा किया कि उन्होंने पिछले 10 महीनों में आठ युद्धों को रोक दिया है। ट्रंप ने कहा, “मेरे पहले 10 महीनों में हमने आठ युद्ध खत्म कर दिए हैं, जिनमें कंबोडिया-थाईलैंड, भारत-पाकिस्तान का संघर्ष भी शामिल है। भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध भी हो सकता था।”

ट्रंप ने आगे कहा कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की जान भी जा सकती थी। उन्होंने दावा किया, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने खुद कहा कि मेरे दखल के बिना 35 मिलियन लोग मर सकते थे और प्रधानमंत्री की मौत हो जाती।” ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के अलावा इस्राइल-ईरान, आर्मेनिया-अजरबैजान, कांगो-रवांडा, सर्बिया-कोसोवो, मिस्र-इथियोपिया जैसी अन्य लड़ाइयों को भी रोकने का श्रेय लिया।

इस दौरान ट्रंप ने अपनी विदेश नीति की सफलताओं के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की खास तारीफ की। ट्रंप ने उन्हें “शांतिदूत” बताते हुए कहा कि इनकी मेहनत से अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ट्रंप का यह दावा मध्यावधि चुनावों से पहले उनकी उपलब्धियों को हाइलाइट करने का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, कई फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इन दावों को अतिरंजित या विवादास्पद बताया गया है। कुछ संघर्षों में अमेरिकी भूमिका को लेकर संबंधित देशों (जैसे भारत) ने अलग राय जताई है, और कुछ मामलों में संघर्ष फिर से शुरू होने की खबरें भी आई हैं।

यह बयान ट्रंप के “शांति के राष्ट्रपति” (President of Peace) वाले नैरेटिव को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि विपक्षी डेमोक्रेट्स ने इसे अतिशयोक्ति करार दिया है।

उत्तराखंड: बोर्ड परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा, पकड़े गए 8 मुन्ना भाई

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हरिद्वार : उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षाओं में हिंदी विषय के पेपर के दौरान हरिद्वार के राजकीय इंटर कॉलेज, सलेमपुर परीक्षा केंद्र पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कुल आठ फर्जी परीक्षार्थी (चार छात्र और चार छात्राएं) असली छात्रों की जगह परीक्षा देते हुए पकड़े गए। इन्हें लोकप्रिय फिल्मी संदर्भ में ‘मुन्ना भाई’ और ‘मुन्नी बहन’ कहा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, इन फर्जी परीक्षार्थियों ने मूल अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड में अपनी फोटो चिपका कर या बदलकर परीक्षा देने की कोशिश की। कक्ष निरीक्षक की सतर्कता और सख्त निगरानी के कारण यह खेल शुरुआती दौर में ही पकड़ा गया। जांच के दौरान एक-एक कर सभी आठ आरोपी बेनकाब हो गए।

परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी संदिग्धों की उत्तर पुस्तिकाएं जब्त कर सील कर दीं और गोपनीय अनुभाग को भेज दिया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। जांच में स्कूल प्रबंधन, बाहरी लोगों या किसी संगठित गिरोह के संलिप्त होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फर्जी परीक्षार्थी एक ही निजी स्कूल (सावित्री देवी मेमोरियल स्कूल) से जुड़े बताए जा रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। बोर्ड परीक्षाओं में नकल और प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बढ़ा रखी है, लेकिन यह घटना परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा नियमों के उल्लंघन में शामिल सभी लोगों को दंडित किया जाएगा। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने भी इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, हल्द्वानी में रेलवे की जमीन से हटेगा अतिक्रमण

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हल्द्वानी (उत्तराखंड) में रेलवे की जमीन पर बसे परिवारों के पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कोर्ट ने उत्तराखंड विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश दिया कि वह एक विशेष शिविर आयोजित करे, ताकि रेलवे परियोजना के लिए आवश्यक सरकारी/रेलवे भूमि पर रह रहे और बेदखली का सामना कर रहे परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत पुनर्वास के लिए आवेदन कर सकें।
यह मामला हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र से जुड़ा है, जहां रेलवे की लगभग 29-32 एकड़ भूमि पर दशकों से हजारों परिवार (करीब 50,000 लोग) बसे हुए हैं। रेलवे ने इस भूमि को परियोजना विकास (जैसे रेलवे विस्तार) के लिए आवश्यक बताते हुए अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
याचिकाकर्ताओं की प्रमुख दलीलें
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी कि:
यहां करीब 5,000 परिवार दशकों से रह रहे हैं, कई के पास पट्टे वाली जमीन है।
रेलवे ने पहले कभी इस भूमि की मांग नहीं की थी।
उन्होंने एक मैप पेश किया, जिसमें पास की खाली जमीन का उपयोग सुझाया गया।
एक साथ इतने बड़े पैमाने पर परिवारों को पीएमएवाई के तहत घर उपलब्ध कराना व्यावहारिक नहीं है।
दिल्ली की झुग्गी पुनर्वास नीति की तरह यहां भी कोई कट-ऑफ तारीख निर्धारित होनी चाहिए।
भूषण ने कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन बहुत कम परिवार ही पात्र पाए जाएंगे।
केंद्र सरकार और रेलवे का पक्ष
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि:
भूमि रेलवे की है और परियोजना के लिए आवश्यक है; अतिक्रमणकारी शर्तें नहीं थोप सकते।
पात्र परिवारों को विस्थापन के बाद छह महीने तक प्रति माह 2,000 रुपये का अंतरिम भत्ता दिया जाएगा।
रेलवे और राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों की सामूहिक पहचान करने तथा पुनर्वास व्यवस्था का आश्वासन दिया।
केंद्र ने बताया कि 13 जमीनों पर फ्रीहोल्ड है, और हर्जाना राज्य व रेलवे दोनों मिलकर देंगे।
कोर्ट के प्रमुख निर्देश और अगली सुनवाई
उत्तराखंड विधिक सेवा प्राधिकरण (State Legal Services Authority) को शिविर लगाने का निर्देश, जहां परिवार पीएमएवाई आवेदन कर सकें। शिविर रमजान के बाद (15 मार्च के बाद) आयोजित हो, और 31 मार्च तक पूरा किया जाए।
नैनीताल के कलेक्टर को आवेदनों की पात्रता जांचकर रिपोर्ट सौंपने का आदेश।
तब तक रेलवे भूमि से कोई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं होगी।
मामले की अगली सुनवाई अप्रैल 2026 में होगी।
यह निर्देश हल्द्वानी में लंबे समय से चले आ रहे विवाद में एक अहम कदम है, जहां पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में हाईकोर्ट के बेदखली आदेश पर रोक लगाई थी और मानवीय पुनर्वास पर जोर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रेलवे की भूमि पर रहने वालों को पुनर्वास का अधिकार है, लेकिन वे भूमि पर दावा नहीं कर सकते।

शंकराचार्य को फंसाने की साजिश? शाहजहांपुर के पत्रकार ने किया बड़ा खुलासा

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वाराणसी : ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट के आदेश पर दर्ज यौन शोषण के आरोपों के बीच नया मोड़ आया है। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर दीक्षित ने सोमवार देर शाम केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि आशुतोष पांडेय (आशुतोष ब्रह्मचारी) ने उन्हें फोन पर दबाव बनाकर शंकराचार्य को फंसाने की कोशिश की और झूठे आरोप लगाने के लिए आर्थिक लालच दिया।

पत्रकार रमाशंकर दीक्षित का आरोप रमाशंकर दीक्षित ने मठ में पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी और एक लिखित बयान सौंपा। उन्होंने कहा, “आशुतोष पांडेय ने मुझे फोन किया और दबाव बनाते हुए कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बद्रीनाथ में एक छोटी बच्ची के यौन शोषण का आरोप लगाओ। तुम्हारा पूरा आर्थिक सहयोग किया जाएगा।

उन्होंने आगे बताया, “मैंने साफ इनकार कर दिया और कहा कि मेरे पिताजी दंडी संन्यासी थे, इसलिए मेरी आत्मा ऐसी गवाही नहीं दे सकती। इस पर आशुतोष ने धमकी दी कि ‘अगर तुम हमारा साथ नहीं दोगे तो हमारे पास और रास्ते हैं। रमाशंकर ने कहा कि वे इस तरह के किसी भी झूठे आरोप में शामिल नहीं होना चाहते और शंकराचार्य के प्रति अपनी निष्ठा जताई। उन्होंने मठ में हस्ताक्षरित बयान देकर घटना की जानकारी दी।

शंकराचार्य का बयान: यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं, गैर-बीजेपी राज्य से कराई जाए जांच केदारघाट में मौजूद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुझ पर लगे आरोप पूरी तरह निराधार और साजिशपूर्ण हैं। मैं जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हूं, लेकिन जनता का यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है। इसलिए जांच यूपी पुलिस की बजाय किसी गैर-बीजेपी शासित राज्य की पुलिस से कराई जाए।

उन्होंने कहा कि जांच जल्द शुरू हो, सच सामने आए और झूठ बोलने वाले बेनकाब हों। मैंने कभी किसी बच्चे या महिला के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया। यह मेरी छवि खराब करने की सुनियोजित साजिश है। प्रयागराज के झूंसी थाने में आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत पर स्पेशल POCSO कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज हुई है, जिसमें शंकराचार्य और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी पर दो नाबालिग वेदपाठी छात्रों के यौन शोषण का आरोप है। पुलिस ने पीड़ितों के मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

टीवी डिबेट के बाद हिंसा: कांग्रेस प्रवक्ता हनुमंत पवार पर हिंदुत्व कार्यकर्ता तुषार दमगुडे समेत साथियों ने की मारपीट 

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पुणे : पुणे में एक टीवी डिबेट के बाद राजनीतिक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हनुमंत पवार पर हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तुषार दमगुडे तथा उनके पांच साथियों ने कथित तौर पर मारपीट की। घटना सोमवार शाम करीब 5:30 बजे पुडारी न्यूज (Pudhari News) चैनल के कार्यालय के बाहर मित्र मंडल चौक में हुई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना की शुरुआत डिबेट से

हनुमंत पवार और तुषार दमगुडे पुडारी न्यूज के एक लाइव डिबेट में हिस्सा लेने पहुंचे थे। दोनों पहले भी कई टीवी बहसों में आमने-सामने आ चुके हैं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों बाहर निकले, जहां बहस फिर से शुरू हो गई। पवार के अनुसार, दमगुडे ने उनसे भाजपा-आरएसएस का विरोध करने और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ का समर्थन करने पर सवाल किया। बहस के दौरान पवार ने एक वायरल वीडियो का जिक्र किया, जिसमें हरियाणा के सिकरी बैंक्वेट हॉल के शौचालय के दरवाजों पर छत्रपति शिवाजी महाराज और महारानी पद्मिनी के चित्र लगे थे। पवार ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता शिवाजी महाराज का अपमान करते हैं।

पवार का दावा है कि डिबेट खत्म होने पर उन्होंने सपकाळ को कॉल करने के लिए बाहर गए। तभी दमगुडे और उनके साथियों ने गालियां देना शुरू किया और धमकियां दीं। जब पवार ने कहा कि वे धमकियों से नहीं डरते, तो दमगुडे ने थप्पड़ मारा और पिस्तौल दिखाकर धमकाया। इसके बाद उनके साथियों ने लात-घूंसे और बुक्के मारे।

पुलिस में शिकायत, दो गिरफ्तार

हनुमंत पवार ने स्वारगेट पुलिस स्टेशन में तुषार दमगुडे, बाळासाहेब गालफाडे, गौरव राठोड, श्रीनिवास निगडे, ऋषिकेश परदेशी और अभिमन्यू मैड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोपों में मारपीट, शिवीगाल, जीवे मारने की धमकी और हथियार दिखाना शामिल है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की है। अब तक दो आरोपियों को ताबे में लिया गया है। तुषार दमगुडे की पिस्तौल जब्त की गई है और उसका लाइसेंस भी जांच के दायरे में है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई करेगी।

दमगुडे का पलटवार

तुषार दमगुडे ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि हाल ही में एक अन्य न्यूज चैनल डिबेट में टीपू सुल्तान के मुद्दे पर पवार ने उनसे आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। दमगुडे का आरोप है कि चैनल के बाहर भी पवार ने उन्हें गालियां दीं और नक्सलियों के खिलाफ बोलने पर धमकाया। दमगुडे ने कहा कि वे पवार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहे हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

कांग्रेस ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया है। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने वीडियो शेयर कर निंदा की और कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हिंसा और दहशत से आवाज दबाना अस्वीकार्य है। कांग्रेस नेताओं ने तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।

उत्तराखंड कुंभ मेला 2027 : तैयारियों के लिए 500 करोड़ रुपये जारी होने पर CM धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार

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देहरादून: केंद्र सरकार ने हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेला 2027 की तैयारियों के लिए उत्तराखंड को 500 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इस फैसले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया है। सीएम धामी ने कहा कि यह धनराशि कुंभ को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा, “कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का विश्वविख्यात महापर्व है। केंद्र द्वारा स्वीकृत यह राशि आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्यों को तेज गति देगी।”

केंद्र का निरंतर सहयोग

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की उत्तराखंड के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने चारधाम परियोजना, ऑल वेदर रोड, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार जैसे प्रमुख विकास कार्यों में केंद्र के सहयोग को राज्य के लिए मजबूत संबल बताया। “यह सहयोग कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा,” उन्होंने कहा।

धामी ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से कुंभ 2027 ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप में आयोजित होगा। करोड़ों श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य सरकार समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुंभ की तैयारियां तेज

हरिद्वार में जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) से अप्रैल 2027 (चैत्र पूर्णिमा) तक चलने वाले इस अर्धकुंभ में प्रमुख स्नान तिथियां शामिल हैं। लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ को देखते हुए तैयारियां जोरों पर हैं। हाल ही में सीएम धामी ने हरिद्वार पहुंचकर कुंभ मेला कंट्रोल बिल्डिंग में समीक्षा की और 234 करोड़ रुपये के 34 स्थायी विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें बुनियादी ढांचे, पुलों की मरम्मत, पार्किंग, बिजली, पानी, शौचालय और पैदल मार्ग शामिल हैं।राज्य सरकार ने कुल 3848 करोड़ रुपये की मांग की है, जिसमें से 500 करोड़ की पहली किस्त मिल गई है। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर 2026 तक अधिकांश इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं।