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वसई में श्री बद्रीनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला, भव्य महोत्सव का सफल समापन

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महाराष्ट्र :महाराष्ट्र के वसई (पश्चिम) में उत्तरांचल मित्र मंडल के की ओर से आयोजित पांच दिवसीय भव्य धार्मिक महोत्सव के सफल समापन के बाद श्री बद्री विशाल मंदिर अब श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु विधिवत रूप से खोल दिया गया है। 18 से 22 अप्रैल तक चले इस आयोजन के बाद क्षेत्र में गहरा धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है।

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करीब 35 वर्षों की श्रद्धा, साधना और निरंतर प्रयासों का परिणाम रहे इस ऐतिहासिक आयोजन के अंतर्गत भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा स्वामीनारायण मंदिर से प्रारंभ होकर सन सिटी स्थित मंदिर परिसर तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं द्वारा सिर पर कलश धारण कर शामिल होने से यात्रा की शोभा और बढ़ गई। ढोल-ताशों और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

महोत्सव के दौरान श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी जी महाराज के सान्निध्य में विधिवत पूजा-अर्चना और कलशारोहण संपन्न हुआ। देशभर से आए विद्वान ब्राह्मणों ने सनातन परंपराओं के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठानों को पूर्ण किया।

कार्यक्रम में भगत सिंह कोश्यारी द्वारा लोक भवन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर महापौर राजीव पाटील, पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकूर, पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, पूर्व महापौर नारायण मानकर सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत काशी से आए आचार्यों द्वारा मंडप पूजन और गणेश पूजन के साथ हुई। आचार्य हरिश्चंद्र लखेड़ा और आचार्य ताराचंद करगेती के मार्गदर्शन में वैदिक विधियां सम्पन्न कराई गईं। भजन सम्राट अनूप जलोटा ने अपने भक्ति गीतों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे आयोजन का आध्यात्मिक वातावरण और गहरा हो गया।

महोत्सव की सफलता में अध्यक्ष माधवानंद भट्ट, महासचिव महेश चंद्र नैनवाल सहित मंडल के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पांच दिनों तक चले इस आयोजन से वसई क्षेत्र पूर्णतः भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। मंदिर खुलने के बाद अब श्रद्धालुओं का दर्शन क्रम लगातार जारी है।

बेटी की शादी से घर लाैट रहा था परिवार, हादसे में पांच लोगों की मौत

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मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर कुसुम्हा बशारतपुर के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में जा रहे ट्रेलर से भिड़ गई।

जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र के रानीडीहा निवासी विनय श्रीवास्तव (60) अपनी बेटी की शादी के लिए झारखंड के रांची गए थे। विवाह के बाद वह पत्नी अर्चना श्रीवास्तव (58) और बेटे कृतार्थ श्रीवास्तव (27) के साथ स्कॉर्पियो से घर लौट रहे थे। वाहन बिहार के गया निवासी चालक पुरुषोत्तम (47) चला रहा था, जबकि दूसरा चालक नितीश (46) भी साथ में मौजूद था।

बताया जा रहा है कि शनिवार रात करीब 2:30 बजे कुसुम्हा बशारतपुर के पास चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सभी सवार उसमें फंस गए।

सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह और थाना प्रभारी संजय कुमार त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वाहन को काटकर सुबह पांच बजे सभी शवों को बाहर निकाला।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। इस हृदयविदारक हादसे से मृतकों के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

पंतनगर सिडकुल में श्रमिकों का प्रदर्शन, पुलिस का बलप्रयोग, कई घायल, कुछ बेहोश

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उधमसिंह नगर जिले के पंतनगर सिडकुल क्षेत्र में स्थित वी-गार्ड कंपनी के बाहर चल रहा श्रमिकों का धरना शनिवार को अचानक उग्र हो गया। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हालात तनावपूर्ण हो गए, जहां हल्के बल प्रयोग के बाद कई श्रमिकों के घायल और बेहोश होने की खबर है। बेहोश होने वालों में महिला श्रमिक भी शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, श्रमिक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर कंपनी परिसर के बाहर धरना दे रहे थे। स्थिति बिगड़ने पर तहसीलदार दिनेश कुटेला और सिडकुल चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह बिष्ट मौके पर पहुंचे। प्रशासन के नेतृत्व में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाने की कोशिश की, जिसके दौरान झड़प हो गई।

श्रमिकों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हो गए और कुछ बेहोश हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल श्रमिकों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जबकि कुछ को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।

घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है। एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची, हालांकि कुछ श्रमिकों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।

श्रमिकों की प्रमुख मांगें
श्रमिकों का कहना है कि उन्हें समय पर बोनस नहीं दिया जाता और भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा उनकी मुख्य मांग वेतन बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की है।

फिलहाल प्रशासन दोनों पक्षों के बीच वार्ता कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहा है। गौरतलब है कि सिडकुल क्षेत्र में वी-गार्ड के साथ-साथ अन्य कंपनियों के श्रमिक भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उत्तराखंड बोर्ड के नतीजे जारी: 10वीं में अक्षत ने किया टॉप, 12वीं में गीतिका पंत और सुशीला मेहदीरत्ता टॉपर

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उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद (UBSE) के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के करीब दो लाख से अधिक परीक्षार्थियों का इंतजार शनिवार को खत्म हो गया। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सुबह 10 बजे परीक्षा परिणाम घोषित किए।

इस वर्ष हाईस्कूल (10वीं) में अक्षिता ने 98.2 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं इंटरमीडिएट (12वीं) में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, बागेश्वर की गीतिका पंत और भंगाराम अमर इंटर कॉलेज, भुरापानी (ऊधमसिंह नगर) की सुशीला मेहदीरत्ता ने 98.0 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से टॉप किया।

बोर्ड सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के अनुसार, इस वर्ष कुल 2,15,262 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें हाईस्कूल के 1,12,276 और इंटरमीडिएट के 1,02,986 परीक्षार्थी शामिल रहे। परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च के बीच आयोजित की गईं, जबकि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 27 मार्च से 10 अप्रैल तक किया गया। परीक्षार्थी अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.ubse.uk.gov.in पर देख सकते हैं।

परीक्षार्थियों के लिए हेल्पलाइन जारी
परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों की शंकाओं के समाधान के लिए बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। परीक्षार्थी स्क्रूटनी और अन्य जानकारी के लिए संयुक्त सचिव सीपी रतूड़ी (6396178537), शोध अधिकारी शैलेंद्र जोशी (7055513072) और प्रशासनिक अधिकारी राजीव रावत (7830403040) से संपर्क कर सकते हैं।

दूसरे चरण के मतदान से पहले बंगाल में ED की बड़ी कार्रवाई, कई ठिकानों पर छापेमारी

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पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार सुबह से ही उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा इलाके में ईडी अधिकारियों ने कई स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार केंद्रीय जांच एजेंसी के निशाने पर क्षेत्र के कई बड़े चावल कारोबारी हैं। सुबह से ही उनके आवासों और अन्य ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ईडी टीम के साथ बड़ी संख्या में केंद्रीय बल के जवान भी तैनात हैं, ताकि अभियान के दौरान किसी तरह की बाधा न आए।

उद्योगपति महेन्द्र शर्मा ने बीकेटीसी को 1 करोड़ का दान किया

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प्रसिद्ध उद्योगपति तथा बीकेटीसी वरिष्ठ सदस्य महेन्द्र शर्मा ने मंदिर समिति को ₹1.01 करोड़ का दान दिया।

• एक दशक से बीकेटीसी के सदस्य है उद्योगपति महेंद्र शर्मा

• बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आभार जताया

श्री बदरीनाथ धाम/ गोपेश्वर/ देहरादून: । देश के प्रसिद्ध उद्योगपति एवं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) वरिष्ठ सदस्य महेन्द्र शर्मा ने मंदिर समिति को 1 करोड़ 1 लाख रुपये का चेक दान स्वरूप प्रदान किया। बदरीनाथ धाम में इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उनका स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मूल निवासी महेंद्र शर्मा देश के प्रसिद्ध उद्योगपति है तथा एक दशक से श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य है।
उद्योगपति महेन्द्र शर्मा द्वारा देशभर के तीर्थस्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है इसी क्रम में उन्होंने बीकेटीसी को एक करोड़ एक लाख का दान दिया है। उन्होंने उद्योगपति महेन्द्र शर्मा के योगदान को सराहनीय बताते हुए अन्य श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

उद्योगपति एवं बीकेटीसी सदस्य महेन्द्र शर्मा ने कहा कि भगवान बदरीनाथ और केदारनाथ के प्रति उनकी गहरी आस्था है, और यह दान उसी श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने आशा जतायी कि मंदिर समिति इस राशि का उपयोग धार्मिक प्रयोजन और श्रद्धालुओं की सेवा हेतु करेगी।
मंदिर समिति के अन्य सदस्यों और अधिकारियों ने भी इस अवसर पर उपस्थित रहकर दानदाता का अभिनंदन किया वहीं श्रद्धालुओं द्वारा उद्योगपति महेंद्र शर्मा की दानशीलता की प्रशंसा की जा रही है।

इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,प्रभारी अधिकारी गिरीश चौहान, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान निजी सचिव प्रमोद नौटियाल आदि भी मौजूद रहे।

 

हिमालयी राज्यों के समन्वय से बनेगी मजबूत नीति: सीएम धामी

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हिमालयी राज्यों के समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में हिमालयी राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने, साझा चुनौतियों के समाधान और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक, पर्यावरणीय और सामाजिक परिस्थितियां काफी हद तक समान हैं, ऐसे में आपसी अनुभवों और बेहतर कार्यों (बेस्ट प्रैक्टिस) को अपनाकर प्रभावी नीति निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

बैठक में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर तेजी से अमल किया जाएगा।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि हिमालयी राज्यों की चुनौतियों के समाधान के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया जाएगा और इस दिशा में राष्ट्रीय संस्थानों का सहयोग भी लिया जाएगा। बैठक में विधायक किशोर उपाध्याय, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी समेत विभिन्न विशेषज्ञों ने हिमालयी पारिस्थितिकी, जल संसाधन, आजीविका और संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सुझाव दिए।

विशेषज्ञों ने हिमालयी क्षेत्रों के वैज्ञानिक अध्ययन, संयुक्त टास्क फोर्स के गठन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि समन्वित प्रयासों से ही हिमालयी राज्यों का सतत विकास संभव है।

केदारनाथ धाम यात्रा : हाई अलर्ट पर प्रशासन, ड्रोन उड़ाने पर रोक, भ्रामक वीडियो, ब्लॉग या रील बनाने होगी कारवाई 

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रुद्रप्रयाग में चल रही श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने हालात की गंभीरता को देखते हुए स्वयं मोर्चा संभाल लिया है और लगातार दूसरी बार धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं की जमीनी समीक्षा की। केदारनाथ धाम पहुंचने पर जिलाधिकारी ने यात्रा मजिस्ट्रेट, सेक्टर व सब-सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, पेयजल, विद्युत, पशुपालन और सुलभ सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान पिछले दो दिनों की यात्रा व्यवस्था का फीडबैक लिया गया और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए मौके पर ही सख्त निर्देश जारी किए गए।

ड्रोन और भ्रामक सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में यूट्यूबर, ब्लॉगर या किसी भी व्यक्ति द्वारा ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही भ्रामक वीडियो, ब्लॉग या रील बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला सूचना अधिकारी को 24×7 निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

24×7 अलर्ट मोड में विभाग, 10 मिनट में समाधान अनिवार्य

स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत और सुलभ सेवाओं से जुड़े सभी कर्मियों को 24×7 अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी समस्या का समाधान अधिकतम 10 मिनट के भीतर करना अनिवार्य किया गया है। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र, संयमित और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा की छवि और श्रद्धालुओं का अनुभव सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए हर स्तर पर संवेदनशीलता और तत्परता जरूरी है।

भ्रामक सूचनाओं पर सख्ती, FIR दर्ज

इधर, प्रशासन और पुलिस ने भ्रामक सूचनाओं और रील्स बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक रुद्रप्रयाग में 3 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

बेहतर समन्वय पर जोर

जिलाधिकारी ने बीकेटीसी कार्मिकों को प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर दर्शन व्यवस्था को निर्बाध, तेज और सुगम बनाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी श्रद्धालु को अनावश्यक प्रतीक्षा या असुविधा का सामना न करना पड़े।

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान, बंगाल में 92.54% और तमिलनाडु में 84.69% वोटिंग दर्ज

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नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार को हुए विधानसभा चुनावों में आज़ादी के बाद रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। दोनों राज्यों में मतदाताओं की भारी भागीदारी के साथ इस बार लोकतंत्र का नया रिकॉर्ड बना। पश्चिम बंगाल में जहां पहले चरण की 152 सीटों पर 92.54 प्रतिशत मतदान हुआ, वहीं तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 84.69 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।

बंगाल में रिकॉर्ड मतदान, हिंसा में गिरावट

पश्चिम बंगाल में इस बार मतदान को ऐतिहासिक माना जा रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। पिछले चुनावों की तुलना में इस बार मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। 2021 के पहले चरण में जहां 81.16 प्रतिशत मतदान हुआ था, वहीं इस बार यह आंकड़ा 92 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया।

कोलकाता ब्यूरो के अनुसार, लंबे समय से चुनावी हिंसा के लिए चर्चा में रहने वाले बंगाल में इस बार अपेक्षाकृत शांत माहौल देखने को मिला। कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर बड़े पैमाने पर कोई अप्रिय घटना दर्ज नहीं की गई।

महिलाओं और प्रवासी मतदाताओं की बड़ी भागीदारी

इस बार मतदान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इसके अलावा विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों ने भी बड़ी संख्या में मतदान किया। कई मतदान केंद्रों पर शाम छह बजे के बाद भी लंबी कतारें लगी रहीं, जिसके चलते अंतिम आंकड़े और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान

चुनाव आयोग ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की थी। पहले चरण में केंद्रीय बलों की 2407 कंपनियां, 2193 क्विक रिस्पांस टीमें और लगभग 40,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। भारी गर्मी और 40 डिग्री तक पहुंचे तापमान के बावजूद मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक मतदान किया।

छिटपुट घटनाएं और हिंसा की खबरें

हालांकि मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं। सिलीगुड़ी में एक भाजपा प्रत्याशी पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने की सूचना मिली। बीरभूम जिले में केंद्रीय बलों पर पथराव हुआ, जिसमें छह जवान घायल हो गए। दक्षिण दिनाजपुर, मालदा और मुर्शिदाबाद के कुछ क्षेत्रों में भी झड़प और हमले की घटनाएं दर्ज की गईं। कुल मिलाकर चार लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई।

तमिलनाडु में भी ऐतिहासिक वोटिंग

तमिलनाडु में 5.73 करोड़ मतदाताओं में से 84.69 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो राज्य के इतिहास में उच्चतम मतदान में से एक है। करूर जिला 91.86 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा, जबकि चेन्नई में 83.09 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।

कोयंबटूर, मदुरै और तिरुचिरापल्ली जैसे जिलों में भी मतदान प्रतिशत 80 से 85 प्रतिशत के बीच रहा। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन सहित कई प्रमुख नेताओं की राजनीतिक किस्मत ईवीएम में बंद हो गई।

रिकॉर्ड मतदान का राजनीतिक संकेत

चुनावी विश्लेषकों के अनुसार, इस बार मतदान में बढ़ोतरी के पीछे मतदाता सूची को लेकर जागरूकता, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा प्रमुख कारण रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद मतदाताओं में मतदान को लेकर अधिक सक्रियता देखी गई।

बंगाल का ऐतिहासिक ट्रेंड

पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में उच्च मतदान अक्सर सत्ता परिवर्तन से जुड़ा रहा है। 1967, 1977 और 2011 के चुनावों में रिकॉर्ड मतदान के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन देखने को मिला था।