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पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम का मिजाज, उत्तर भारत को भीषण गर्मी से राहत के संकेत

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नई दिल्ली/देहरादून: पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे उत्तर भारत के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश, धूल भरी आंधी और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मंगलवार से अगले तीन दिनों तक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि, तापमान अभी भी 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है, लेकिन लू के असर में कमी आएगी।

इन राज्यों में असर

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में फिलहाल भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। यूपी में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है, जबकि राजस्थान में 45-46 डिग्री तक गर्मी बनी हुई है। उत्तराखंड में भी तापमान सामान्य से अधिक 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।

मौसम बदलने की वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जो उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा है। दूसरा, मध्य पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन, जो मौसम में अस्थिरता पैदा कर रहा है।

सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। धूल भरी आंधी के दौरान विजिबिलिटी कम हो सकती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर होर्डिंग्स से दूर रहने की हिदायत दी गई है। सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को मास्क का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

RTI खुलासे से बीकेटीसी में नियुक्तियों और भुगतान पर उठे सवाल, दर्जाधारी ने पत्नी को नियुक्त किया अपना चपरासी!

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देहरादून: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाए गए हैं कि समिति में पदस्थ एक दर्जाधारी राज्यमंत्री द्वारा नियमों के विपरीत नियुक्तियों और भत्तों का लाभ लिया जा रहा है।

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सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने आरोप लगाया है कि बीकेटीसी के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री विजय कप्रवाण ने अपने वैयक्तिक सहायक के रूप में एक पड़ोसी को नियुक्त किया है, जबकि चतुर्थ श्रेणी कार्मिक के रूप में अपनी पत्नी को दर्शाकर प्रतिमाह 12 हजार रुपये का भुगतान लिया जा रहा है। नेगी का दावा है कि यह व्यवस्था सरकारी दिशा-निर्देशों और नैतिक मानकों के विपरीत है।

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उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्था के अनुसार दायित्वधारियों को निजी स्तर पर वैयक्तिक सहायक (15 हजार रुपये प्रतिमाह) और चतुर्थ श्रेणी कार्मिक (12 हजार रुपये प्रतिमाह) रखने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसका दुरुपयोग किया गया है। आरोप के अनुसार, बीकेटीसी में पहले से पर्याप्त अस्थायी कार्मिक मौजूद होने के बावजूद इन नियुक्तियों को व्यक्तिगत स्तर पर किया गया।

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इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया है कि उपाध्यक्ष द्वारा आवास एवं कार्यालय भत्ते के रूप में 25 हजार रुपये प्रतिमाह प्राप्त किए जा रहे हैं, जबकि देहरादून स्थित बीकेटीसी मुख्यालय में उन्हें कार्यालय कक्ष उपलब्ध है। आरोपों के अनुसार, उन्होंने अपना आवास एवं कार्यालय रुद्रप्रयाग में दर्शाकर अतिरिक्त भत्ते का लाभ लिया है।

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सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि कार्यालय से जुड़ी फर्नीचर और अन्य व्यवस्थाएं भी समिति के धन से की गई हैं, जो नियमों के उल्लंघन हैं। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर बीकेटीसी या संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलेगा, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

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देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 28 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि, तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं 29 अप्रैल को भी मौसम का असर बना रहेगा। इस दिन नैनीताल, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा 28 से 30 अप्रैल तक राज्य के अन्य जिलों में कहीं-कहीं गर्जन, बिजली चमकने, ओलावृष्टि, तेज बारिश और तेज हवाओं के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सभी आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली से जुड़े अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

उत्तरकाशी में भीषण अग्निकांड: जुणगा गांव में आवासीय मकान जलकर खाक, दो लोग घायल

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उत्तरकाशी: डुंडा तहसील के जुणगा गांव के डांगड़ा तोक में रविवार देर रात एक बड़े आवासीय भवन में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरा मकान उसकी चपेट में आ गया और पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।

इस हादसे में दो लोग झुलसकर घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल उत्तरकाशी में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही ब्रह्मखाल चौकी पुलिस, फायर सर्विस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।

ग्राम प्रधान अनिल भंडारी के अनुसार, इस अग्निकांड में मकान के अंदर रखा खाद्यान्न, घरेलू सामान और अन्य आवश्यक वस्तुएं पूरी तरह जलकर राख हो गईं। प्रभावित मकान अनिल सिंह भंडारी और महेश सिंह भंडारी का बताया जा रहा है, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना में सुमेर सिंह भंडारी और प्रमिला देवी झुलस गए, जिन्हें 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत का इलाज जारी है।

आपदा प्रबंधन अधिकारी शरदुल गुसाईं ने बताया कि देर रात आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन, SDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना की गई थीं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवार को राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जिले में बढ़ रही आग की घटनाएं

जनपद में हाल के दिनों में आग की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। इससे पहले मोरी ब्लॉक के कई गांवों में आग लगने से मकान और गोशालाएं जलकर राख हो चुकी हैं। फिताड़ी गांव और आराकोट बंगाण क्षेत्र के डामटी थुनारा गांव में भी ऐसे ही हादसों में आवासीय भवन पूरी तरह नष्ट हो गए थे। मोरी ब्लॉक के सट्टा गांव में हुए एक अन्य अग्निकांड में दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे और एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

NEET UG 2026 Admit Card जारी, 3 मई को होगी परीक्षा, 22 लाख से अधिक छात्र होंगे शामिल

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नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। अभ्यर्थी अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। 3 मई 2026 को होने वाली इस परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं, वहीं छात्रों में उत्साह के साथ तनाव भी बढ़ता दिख रहा है। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि एडमिट कार्ड 27 अप्रैल को जारी होंगे, लेकिन NTA ने तय समय से एक दिन पहले 26 अप्रैल की देर रात ही एडमिट कार्ड जारी कर दिए, जिससे अभ्यर्थियों को राहत मिली।

3 मई को होगी परीक्षा

NEET UG 2026 का आयोजन 3 मई (रविवार) को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन मोड (OMR शीट) पर किया जाएगा। परीक्षा में कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे, जो भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों से होंगे। कुल 720 अंकों की यह परीक्षा 3 घंटे की होगी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश दोपहर 1:30 बजे के बाद बंद कर दिया जाएगा। इस वर्ष 22 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है। परीक्षा देश के 552 शहरों के साथ-साथ विदेशों के 14 शहरों में भी आयोजित की जाएगी, जिससे इसकी व्यापकता और प्रतिस्पर्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

अभ्यर्थी निम्न आसान चरणों का पालन कर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं—

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • Candidate Activity सेक्शन में NEET UG 2026 Admit Card लिंक पर क्लिक करें।
  • आवेदन संख्या, जन्मतिथि और सुरक्षा पिन दर्ज करें।
  • सबमिट करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।
  • भविष्य के उपयोग के लिए 3-4 प्रिंट निकाल लें।

परीक्षा दिवस के लिए जरूरी निर्देश

परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड के साथ वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड) साथ रखना अनिवार्य होगा। हल्के और आरामदायक कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, जबकि जूते की बजाय सैंडल या चप्पल पहनना बेहतर रहेगा। मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या अन्य किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को परीक्षा केंद्र में ले जाना प्रतिबंधित है। इस बार सुरक्षा के मद्देनजर “लाइव फोटो” से जुड़ा नियम भी लागू किया गया है, इसलिए एडमिट कार्ड पर फोटो स्पष्ट होना आवश्यक है।

यात्रा की योजना पहले बनाएं

2 और 3 मई को कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं होने के कारण छात्रों को अपनी यात्रा पहले से तय करने की सलाह दी गई है। खासकर कोटा और झुंझुनूं जैसे प्रमुख कोचिंग हब में छात्रों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र का लोकेशन पहले ही देख लेने और एक दिन पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। NEET परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए देशभर के मेडिकल कॉलेजों में 2 और 3 मई को अवकाश रद्द कर दिया गया है और स्टाफ व मेडिकल छात्रों को ड्यूटी पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

छात्रों के लिए हेल्पलाइन

परीक्षा के दबाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए Tele-MANAS हेल्पलाइन उपलब्ध कराई है। छात्र 24×7 टोल-फ्री नंबर 14416 या 18008914416 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सेवा पूरी तरह गोपनीय है और कई भाषाओं में काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराती है।

लू से निपटने के लिए सख्त एक्शन प्लान लागू, दोपहर में काम पर रोक

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नई दिल्ली। राजधानी में लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने “हीट वेव एक्शन प्लान 2026” को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर इसे और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक निर्माण स्थलों और अन्य बाहरी कार्यों पर रोक रहेगी। श्रमिकों को गर्मी से बचाव के लिए कार्यस्थलों पर पानी, कैप (टोपी) और गमछे उपलब्ध कराए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। अत्यधिक गर्मी की स्थिति में बच्चों को घर भेजने से पहले ओआरएस घोल पिलाया जाएगा, ताकि डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके।

सरकार ने अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा है। हीट वेव से प्रभावित मरीजों के लिए “कूल रूम” तैयार किए जा रहे हैं और विशेष मेडिकल टीमें तैनात की जा रही हैं।

इसके अलावा पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है।

बिजली आपूर्ति को लेकर भी सरकार सतर्क है। बढ़ती मांग को देखते हुए लगभग 9000 मेगावाट तक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को गर्मी के बीच बिजली कटौती का सामना न करना पड़े।

विशेषज्ञों के अनुसार, राजधानी में पिछले कुछ वर्षों से तापमान लंबे समय तक 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने का ट्रेंड बढ़ा है, जिससे हीट वेव का खतरा और गंभीर हो गया है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और जरूरी सावधानियां बरतें।

उत्तराखंड : भीषण गर्मी के चलते देहरादून में स्कूल और आंगनबाड़ी एक दिन के लिए बंद

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देहरादून में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) को जनपद के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है।

प्रशासन के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की चेतावनी के मुताबिक जिले में अत्यधिक तापमान और हीट वेव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने 27 अप्रैल को भी भीषण गर्मी की आशंका जताई है, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं।

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आदेश के तहत कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे तेज धूप और गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।

यूनेस्को धरोहर ‘रम्माण’ मेले में उमड़ा जनसैलाब, सलूड-डूंगरा गांव बना सांस्कृतिक केंद्र

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चमोली जनपद के सलूड-डूंगरा गांव में विश्व प्रसिद्ध सांस्कृतिक धरोहर रम्माण मेले का भव्य आयोजन कड़ी सुरक्षा और व्यापक व्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुआ। रामायण की मूल कथा और उत्तराखंड की पारंपरिक मुखौटा शैली पर आधारित इस अद्वितीय लोकनाट्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मुख्य रूप से मौजूद रहे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। अधिकारियों ने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।

रम्माण मेला अपनी विशिष्ट प्रस्तुति शैली के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, जिसमें पारंपरिक वाद्य यंत्रों और स्थानीय शिल्प का विशेष महत्व होता है। आयोजन के दौरान भोजपत्र से निर्मित 18 मुखौटों का उपयोग किया गया, वहीं 12 ढोल, 12 दमाऊ, 18 ताल और 8 भंकोरों की थाप ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। राम जन्म, वनगमन, स्वर्ण मृग वध, सीता हरण और लंका दहन जैसे प्रसंगों का सजीव मंचन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया।

वर्ष 2009 में UNESCO द्वारा रम्माण को विश्व सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा दिया गया था। यह आयोजन स्थानीय आराध्य भूम्याल देवता को समर्पित है और उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। मेले के दौरान चमोली पुलिस द्वारा सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

जंतर-मंतर पर अंकिता भंडारी केस में न्याय और VIP आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, जोरदार प्रदर्शन

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर जंतर मंतर में अंकिता भंडारी न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित VIP आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घटना को तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक पूरी तरह न्याय नहीं मिला है और कथित VIP आरोपी अभी भी जांच के दायरे से बाहर हैं।

मंच की प्रतिनिधि कमला पंत ने आरोप लगाया कि मामले में कुछ नामों का उल्लेख होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है और सरकार इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं कर रही है। वहीं निर्मला बिष्ट ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) सर्वेश डंगवाल ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए मामले में पारदर्शी जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाए और सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में मामले की सुनवाई हो। साथ ही कथित VIP व्यक्तियों को तुरंत जांच के दायरे में लाकर कार्रवाई करने की मांग की गई।

सभा को कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने संबोधित किया, जबकि दिल्ली और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

168वें बलिदान दिवस पर बाबू वीर कुंवर सिंह को देशभर में श्रद्धांजलि

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  • प्रशांत सी. बाजपेयी

1857 की क्रांति के महानायक और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह के 168वें बलिदान दिवस पर उन्हें देशभर में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बिहार के जगदीशपुर रियासत से ताल्लुक रखने वाले बाबू कुंवर सिंह का जन्म 13 नवंबर 1777 को हुआ था, जबकि उन्होंने 26 अप्रैल 1858 को मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में वे सबसे उम्रदराज और साहसी सेनानायकों में से एक माने जाते हैं। उस समय दानापुर, बैरकपुर और अन्य क्षेत्रों में विद्रोह की चिंगारी भड़कने के बाद उन्होंने भारतीय सैनिकों और जनसमूह का नेतृत्व किया।

इतिहास के अनुसार, उन्होंने 80 वर्ष की आयु में भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस का परिचय दिया। 25 जुलाई 1857 को दानापुर के सैनिकों के साथ मिलकर आरा पर कब्जा किया और ब्रिटिश सेना को करारी शिकस्त दी।लंबे गुरिल्ला युद्ध के दौरान उन्होंने आजमगढ़, बलिया और गाजीपुर तक अंग्रेजों को चुनौती दी। घायल होने के बावजूद उन्होंने लड़ाई जारी रखी और जगदीशपुर किले को पुनः अपने नियंत्रण में लिया।

बताया जाता है कि गंगा पार करते समय वे घायल हुए और अंतिम समय तक संघर्ष करते रहे। 26 अप्रैल 1858 को उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनका साहस, नेतृत्व और मातृभूमि के प्रति समर्पण भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। आज भी उनका बलिदान स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया जाता है।