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होली के बाद मौसम ने ली करवट, उत्तर भारत में गर्मी बढ़ी, पहाड़ों पर बारिश की संभावना

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देहरादून/नई दिल्ली: होली (4 मार्च) के ठीक बाद मौसम ने तेजी से मिजाज बदला है। रंगों के त्योहार के दौरान मैदानी इलाकों में चुभन भरी गर्मी रही, जबकि अब भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में तापमान और बढ़ेगा, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

IMD की ताजा प्रेस रिलीज और अपडेट्स के मुताबिक:

  • उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से 3-6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में अगले 4-5 दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
  • दिल्ली-NCR में आज (5 मार्च) अधिकतम तापमान 33-35 डिग्री के आसपास रह सकता है, जो सामान्य से 3-5 डिग्री अधिक है। अगले सप्ताह तक यह 35-36 डिग्री तक पहुंच सकता है।
  • पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव: एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 4 मार्च से प्रभावी है, जिससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 4-9 मार्च तक हल्की बारिश/बर्फबारी संभव है। 6-7 मार्च से नया विक्षोभ सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसका असर हिमाचल प्रदेश (7-10 मार्च) और उत्तराखंड (8-10 मार्च) में हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी के रूप में दिखेगा।
  • पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय में 3-4 मार्च को हल्की-मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें देखी गईं/देखी जा सकती हैं। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश संभव।
  • तेज सतही हवाएं (20-30 किमी/घंटा) हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और असम-मेघालय में चल सकती हैं, जिससे प्रदूषण में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन गर्मी का एहसास बढ़ेगा।
  • दक्षिण भारत और पश्चिमी तट पर मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में गर्म और आर्द्र हालात बने रहेंगे।

IMD ने सलाह दी है कि मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी से सावधानी बरतें—हाइड्रेटेड रहें, दोपहर में बाहर निकलने से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, यात्रा करते समय सतर्क रहें।

कांग्रेस ने की राज्यसभा चुनावों के लिए छह उम्मीदवारों की घोषणा

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नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए छह उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। तेलंगाना से वरिष्ठ नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी को दोबारा नामित किया गया है, जबकि दूसरी सीट पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के करीबी सलाहकार वेम नरेंद्र रेड्डी को मैदान में उतारा गया है।

एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी आधिकारिक संचार में यह जानकारी दी गई है। सिंघवी वर्तमान में तेलंगाना से राज्यसभा सदस्य हैं और यह उनका संभावित पांचवां कार्यकाल होगा। वहीं, वेम नरेंद्र रेड्डी राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और पहले तेलुगु देशम पार्टी से जुड़े रहे थे, लेकिन 2017 में कांग्रेस में शामिल हो गए।

अन्य उम्मीदवारों में शामिल हैं:

  • छत्तीसगढ़ से आदिवासी नेता फूलो देवी नेताम (वर्तमान सदस्य, पुनर्नामांकन)।
  • हरियाणा से करमवीर सिंह बौद्ध।
  • हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा।
  • तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक।

राज्यसभा की कुल 37 सीटें 10 राज्यों (महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना) से अप्रैल 2026 में खाली हो रही हैं। इन चुनावों के लिए मतदान 16 मार्च 2026 को होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे होगी।

नॉमिनेशन दाखिल करने की अंतिम तिथि आज (5 मार्च) है, स्क्रूटनी कल (6 मार्च) को होगी और उम्मीदवार 9 मार्च तक नाम वापस ले सकते हैं। तेलंगाना में कांग्रेस के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या है, जिससे एक सीट पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट के लिए अन्य दलों के विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण होगा।

नाम घोषित होने के बाद वेम नरेंद्र रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सहित पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

MDDA एचआईजी कॉलोनी में रंगारंग होली कार्यक्रम, खूब उड़ा अबीर-गुलाल

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देहरादून। एमडीडीए एचआईजी कॉलोनी में होली के पावन अवसर पर एक रंगारंग और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलोनी के निवासियों ने जमकर भाग लिया। यह उत्सव रंगों, संगीत, नृत्य और आपसी भाईचारे की मिसाल बन गया।

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उत्सव में उमड़ा रंगों का मेला

एचआईजी कॉलोनी के निवासियों ने होली को पारंपरिक तरीके से मनाया। सुबह से ही लोग एकत्र हुए और एक-दूसरे पर अबीर-गुलाल, रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। कॉलोनी के निवासियों ने बताया कि इस साल का होली मिलन विशेष था, क्योंकि इसमें सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए, जबकि पुरुषों ने ठंडाई और गुजिया का लुत्फ उठाया।

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सामुदायिक एकता का प्रतीक

एमडीडीए एचआईजी कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि यह कार्यक्रम सिर्फ होली मनाने का नहीं, बल्कि पड़ोसियों के बीच रिश्तों को मजबूत करने का भी माध्यम बना। यहां हर साल की तरह इस बार भी सभी परिवारों ने मिल-जुलकर उत्सव मनाया, जिससे आपसी प्रेम और सद्भाव बढ़ा। कॉलोनीवासियों ने बताया कि कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर तक चला, जिसमें स्वच्छता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया। ऑर्गेनिक कलर्स का इस्तेमाल किया।

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होली की शुभकामनाएं

कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर होली की बधाई दी। कॉलोनी के बच्चे और युवा विशेष रूप से उत्साहित दिखे, जो रंगों से लिपटे हुए फोटो खिंचवाते नजर आए। एमडीडीए एचआईजी कॉलोनी का यह रंगारंग होली कार्यक्रम देहरादून के अन्य इलाकों के लिए भी एक उदाहरण बन गया, जहां सामुदायिक स्तर पर त्योहारों को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा सकता है।

अस्पताल का दर्जा बढ़ा, सुविधाएं नहीं: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी की बदहाल एंबुलेंस

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मोरी (उत्तरकाशी)। उत्तरकाशी जिले के दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल है। मोरी का सरकारी अस्पताल, जिसे हाल ही में उपजिला चिकित्सालय का दर्जा दिया गया है, आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

उपजिला अस्पताल बना, लेकिन हालात पुराने

मोरी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और फिर उपजिला चिकित्सालय के रूप में अपग्रेड किया गया। सरकार की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद स्वीकृत किए गए और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे भी किए गए। लेकिन वह केवल हवाई साबित हुए।

लेकिन, स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल में अभी भी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयों और आधुनिक उपकरणों की भारी कमी बनी हुई है। कई बार मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए भी इंतजार करना पड़ता है।

यह होनी चाहिए सुविधाएं 

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया है। अस्पताल के संचालन के लिए 37 पदों (25 अस्थायी व 12 आउटसोर्स) की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत पदों में चिकित्सा अधीक्षक, पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट, जनरल सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, दंत शल्यक, नर्सिंग अधिकारी, लैब टेक्नीशियन आदि मुख्य रूप से शामिल हैं।

एंबुलेंस सेवा सबसे बड़ी चिंता

अस्पताल की एंबुलेंस व्यवस्था भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। एक मात्र उपलब्ध एंबुलेंस पुरानी और खराब हालत में है। ऐसे में अगर किसी गंभीर मरीज को जिला अस्पताल उत्तरकाशी या एम्स ऋषिकेश रेफर करना पड़े, तो समय पर परिवहन की व्यवस्था नहीं हो पाती। इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। आलम यह है कि एंबुलेंस की खिड़की पर शीशा तक नहीं है। यह भरोसा नहीं है कि अगर एंबुलेंस लेकर जाएंगे तो वह गंतव्य तक पहुंच भी पाएगी या नहीं?

चुनावी वादों पर उठे सवाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय नेता क्षेत्र में आकर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद वे वादे सिर्फ कागजों और सोशल मीडिया तक ही सीमित रह जाते हैं।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यहां मरीज को इलाज से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है। अगर कोई इमरजेंसी हो जाए तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। उनका कहना है कि सिर्फ अस्पताल का नाम बदल देने से काम नहीं चलेगा, सुविधाएं भी बढ़ानी होंगी।

जनता की मांग: मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था

मोरी क्षेत्र के लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में—

  • पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती
  • आधुनिक चिकित्सा उपकरण और दवाइयों की उपलब्धता।
  • बेहतर एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं।
  • नियमित निरीक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी जैसे कदम उठाए जाने जरूरी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी और सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जल्द ही मोरी उपजिला अस्पताल की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जाएंंगे राज्यसभा, जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे प्रमुख नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) का है, जिन्हें बिहार से उच्च सदन भेजा जा रहा है।

पश्चिम बंगाल से पार्टी के वरिष्ठ और कद्दावर नेता राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है। कुल 9 उम्मीदवारों की इस सूची में विभिन्न राज्यों से मजबूत चेहरों को जगह दी गई है, जो पार्टी की रणनीतिक तैयारी को दर्शाती है।

जारी उम्मीदवारों की सूची 

बिहार: नितिन नवीन (राष्ट्रीय अध्यक्ष) और शिवेश कुमार

असम: तेराश गोवाला और जोगेन मोहन

छत्तीसगढ़: लक्ष्मी वर्मा

हरियाणा: संजय भाटिया

ओडिशा: मनमोहन सामल और सुजीत कुमार

पश्चिम बंगाल: राहुल सिन्हा

यह घोषणा आगामी विधानसभा चुनावों (जैसे पश्चिम बंगाल, असम आदि) और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा की दूरगामी तैयारियों का संकेत देती है। नितिन नवीन की उम्मीदवारी से बिहार में पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जहां हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया था।

वहीं, राहुल सिन्हा का समृद्ध अनुभव और संगठनात्मक कौशल पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खिलाफ भाजपा की लड़ाई को और मजबूती प्रदान करेगा। राज्यसभा चुनाव 16 मार्च 2026 को होने हैं, और नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित है।

खामेनेई की मौत पर कश्मीर में उबाल, कर्फ्यू जैसे हालात, स्कूल-कॉलेज बंद

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श्रीनगर: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में तनाव चरम पर पहुंच गया है। घाटी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त सुरक्षा उपाय अपनाए हैं। श्रीनगर सहित कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में निषेधाज्ञा और पाबंदियां लागू कर दी गई हैं, जबकि राजौरी और पुंछ जिलों में भी बंद का आह्वान किया गया है।

अमेरिका-इजरायल की संयुक्त हवाई कार्रवाई में खामेनेई की मौत की खबर के बाद रविवार से कश्मीर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। सोमवार को यह दूसरा दिन रहा, जिसमें श्रीनगर के लाल चौक को पूरी तरह सील कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने “डेथ टू अमेरिका, डेथ टू इजरायल” के नारे लगाए और कई जगहों पर पथराव हुआ, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। मोबाइल इंटरनेट सेवाएं धीमी कर दी गई हैं और प्रमुख इलाकों में भारी पुलिस और पैरामिलिट्री बल तैनात हैं।

शैक्षणिक संस्थान बंद, परीक्षाएं टलीं

प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कश्मीर घाटी में सभी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को दो दिनों (2 और 3 मार्च) के लिए बंद कर दिया है। कश्मीर विश्वविद्यालय (KU) ने अपनी चल रही परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। क्लस्टर यूनिवर्सिटी श्रीनगर (CUS) सहित अन्य विश्वविद्यालयों ने भी परीक्षाएं टाल दी हैं। नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। यह फैसला घाटी में सर्दियों की छुट्टियों के बाद कक्षाएं फिर से शुरू होने वाले समय पर आया है, जिससे छात्रों को असुविधा हो रही है।

राजौरी-पुंछ में बंद का आह्वान

राजौरी और पुंछ जिलों में भी मुस्लिम समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। कई मुस्लिम संगठनों ने मंगलवार को राजौरी में बंद का ऐलान किया है। मंडी और अन्य इलाकों में भी बंद का असर देखा गया। इन जिलों में शिया आबादी काफी है, जहां खामेनेई की मौत पर शोक सभाएं और प्रदर्शन हुए।

उत्तराखंड में सोलर रूफटॉप उपभोक्ताओं को झटका: सरप्लस बिजली अब मात्र 2 रुपये प्रति यूनिट पर खरीदेगी UPCL

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देहरादून : उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने छतों पर सोलर रूफटॉप पैनल लगाने वाले उपभोक्ताओं की सरप्लस (अतिरिक्त) बिजली को अब केवल 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदने का फैसला किया है। पहले इसकी कोई निश्चित दर नहीं थी, लेकिन उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) के 20 अगस्त 2025 के आदेश के बाद यूपीसीएल ने यह नई दर लागू कर दी है। यह बदलाव नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत ग्रिड में भेजी जाने वाली अतिरिक्त बिजली पर लागू होगा।

यूपीसीएल के मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) एनएस बिष्ट द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह 2 रुपये प्रति यूनिट की दर वित्त वर्ष 2025-26 और उसके बाद स्थापित होने वाले सोलर पीवी प्लांट्स (ग्रिड इंटरएक्टिव रूफटॉप एवं स्मॉल सोलर पीवी प्लांट्स) के लिए प्रभावी है। आयोग ने बेंचमार्क कैपिटल कॉस्ट की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया, जिसमें नेट मीटरिंग के तहत सरप्लस बिजली की जेनेरिक टैरिफ को 2 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है, चाहे उपभोक्ता को कितनी भी सब्सिडी मिल रही हो। नई दर 20 अगस्त 2025 से लागू मानी जाएगी।

उदाहरण से समझें

मान लीजिए किसी घर की मासिक बिजली खपत 200 यूनिट है और सोलर रूफटॉप से 300 यूनिट उत्पादन होता है। पहले नेट मीटरिंग में अतिरिक्त 100 यूनिट ग्रिड में जाती थीं और उपभोक्ता को उचित क्रेडिट मिलता था। अब इन 100 यूनिट पर केवल 2 रुपये प्रति यूनिट (कुल 200 रुपये) का भुगतान होगा। इससे उपभोक्ताओं को कम रिटर्न मिलेगा, जिससे कई लोग इसे ‘झटका’ बता रहे हैं। UPCL मुख्यालय ने प्रदेश के सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में सरप्लस बिजली की बिलिंग इसी नई दर के आधार पर सुनिश्चित करें। यह नियम सभी नेट मीटरिंग से जुड़े सोलर प्लांट्स पर लागू होगा।

प्रदेश में सोलर रूफटॉप की स्थिति

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तराखंड में अब तक 70,183 सोलर रूफटॉप लग चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 253.88 मेगावाट है। 1,08,896 आवेदन आए थे, जिनमें से 1,08,779 की टेक्निकल फिजिबिलिटी रिपोर्ट (टीएफआर) स्वीकृत हो चुकी है। 66,801 प्लांट्स का इंस्पेक्शन अप्रूव हो गया है। राज्य ने हाल ही में कुल सोलर क्षमता 1 गीगावाट (1,027.87 मेगावाट) का आंकड़ा पार किया है, जिसमें रूफटॉप, ग्राउंड-माउंटेड और अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।

चारधाम यात्रा 2026 : दिल्ली से यमुनोत्री के लिए प्रस्तावित हेलीकॉप्टर सेवा में अभी देरी, कुछ कंपनियां दिखा रही रुचि

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चारधाम यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के प्रयासों के तहत दिल्ली से यमुनोत्री के लिए प्रस्तावित हवाई (हेलीकॉप्टर) सेवा में अभी देरी हो रही है, हालांकि निजी कंपनी स्काईहाप (Skyhop) ने इसमें रुचि दिखाई है। उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) और संबंधित विभागों द्वारा चारधाम यात्रा 2026 के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिशें जारी हैं।

यमुनोत्री के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं देहरादून (सहस्त्रधारा हेलीपैड) से खरसाली हेलीपैड तक उपलब्ध होती हैं, जहां से यात्रियों को पालकी, पोनी या पैदल 6 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। दिल्ली से सीधी हवाई सेवा शुरू करने का विचार यात्रा को और आसान बनाने के लिए है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और समय की कमी वाले श्रद्धालुओं को लाभ हो।

हालांकि, विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली-यमुनोत्री रूट पर हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत में देरी हो रही है। कारणों में मौसम संबंधी मंजूरियां, हेलीपैड की तैयारियां, DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) की मंजूरी प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों की जांच और ऑपरेटरों के साथ टेंडर/समझौते शामिल हो सकते हैं। स्काईहाप जैसी निजी हेली कंपनी ने इस रूट पर संचालन में रुचि दिखाई है और संभावित रूप से पैकेज या चार्टर सेवा प्रदान करने की तैयारी कर रही है, लेकिन अभी आधिकारिक लॉन्च या शेड्यूल घोषित नहीं हुआ है।

चारधाम यात्रा 2026 के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं मुख्य रूप से अप्रैल-मई से शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल हैं। देहरादून से शुरू होने वाले सामान्य पैकेज (5-6 दिन) की कीमत ₹1.95 लाख से ₹2.20 लाख प्रति व्यक्ति तक है, जिसमें VIP दर्शन, होटल ठहरना और स्थानीय परिवहन शामिल होता है। दिल्ली से सीधी सेवा शुरू होने पर यात्रा समय और सुविधा में और सुधार होगा।

कराची में अमेरिकी सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर चलाई गोली

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पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में रविवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर भीड़ ने धावा बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने परिसर की बाहरी दीवार तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, जिस पर अमेरिकी मरीन सिक्योरिटी गार्ड्स (Marine Security Guards) ने गोली चलाई। इस गोलीबारी में कम से कम 10 प्रदर्शनकारी मारे गए और 60 से अधिक घायल हो गए।

रॉयटर्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश पर सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की। प्रदर्शनकारी “डेथ टू अमेरिका, डेथ टू इजरायल” के नारे लगा रहे थे और कुछ ने परिसर की खिड़कियां तोड़ीं तथा पास के पुलिस चौकी में आग लगा दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तानी पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेस को भी तैनात किया गया, जिन्होंने आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।

यह हिंसा अमेरिका और इजरायल की संयुक्त हवाई कार्रवाई के बाद हुई, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई सहित कई शीर्ष अधिकारी मारे गए थे। पाकिस्तान में शिया समुदाय के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कराची सबसे प्रभावित रहा। पूरे पाकिस्तान में ऐसे प्रदर्शनों में कुल 22 से 24 लोगों की मौत हुई है, जिसमें कराची के अलावा इस्लामाबाद, स्कार्दू और गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र शामिल हैं। कुछ स्थानों पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचा।

अमेरिकी दूतावास ने X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी कर कहा कि वह कराची, लाहौर, इस्लामाबाद और पेशावर में अमेरिकी मिशनों के आसपास प्रदर्शनों की निगरानी कर रहा है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने बड़े प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया है और स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया है।

यह घटना 1979 के बाद अमेरिकी दूतावास पर सबसे गंभीर हमलों में से एक मानी जा रही है, जब इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में नया संकट पैदा कर सकती है, खासकर जब ईरान-इजरायल संघर्ष क्षेत्रीय स्तर पर फैल रहा है।

सोनिया गांधी का सरकार पर हमला: खामेनेई की मौत पर चुप्पी- ‘कर्तव्यहीनता’

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\9नई दिल्ली: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोलते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत सरकार की चुप्पी को ‘तटस्थता नहीं, बल्कि कर्तव्यहीनता’ करार दिया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित अपने ओपिनियन एडिटोरियल (ओप-एड) में सोनिया ने कहा कि सरकार का कोई जवाब न देना इस दुखद घटना को चुपचाप मंजूरी देने जैसा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में इस हत्या को एक बड़ी दरार बताते हुए भारत की चुप्पी पर सवाल उठाया।

सोनिया गांधी ने अपने लेख में लिखा, “चल रही बातचीत के बीच एक मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की हत्या आज के अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में एक बड़ी दरार दिखाती है। फिर भी, इस घटना के सदमे के अलावा जो बात उतनी ही साफ तौर पर सामने आती है, वह है नई दिल्ली की चुप्पी।” उन्होंने आगे कहा कि शुरू में अमेरिका-इजरायल के बड़े हमले को नजरअंदाज करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने केवल यूएई पर ईरान के जवाबी हमले की निंदा तक खुद को सीमित रखा, लेकिन पूर्व की घटनाओं पर कुछ नहीं बोला। बाद में उन्होंने ‘गहरी चिंता’ और ‘बातचीत व कूटनीति’ की बात की, जो हमलों से पहले ही चल रही थी।

विदेश नीति पर संदेह जताया

सोनिया ने भारत की विदेश नीति की दिशा पर गंभीर संदेह जताते हुए कहा, “जब किसी विदेशी नेता की टारगेटेड किलिंग पर हमारे देश की तरफ से संप्रभुता या अंतरराष्ट्रीय कानून का कोई साफ बचाव नहीं होता और निष्पक्षता को छोड़ दिया जाता है, तो इससे हमारी विदेश नीति की दिशा और भरोसे पर गंभीर शक पैदा होता है।” उन्होंने ईरान पर हमलों से ठीक पहले पीएम मोदी के इजरायल दौरे का जिक्र करते हुए ‘बिना किसी नैतिक स्पष्टता के भारत के हाई-प्रोफाइल राजनीतिक समर्थन’ पर चिंता जताई।

उन्होंने लिखा, “टाइमिंग की वजह से बेचैनी और बढ़ गई है। हत्या से मुश्किल से 48 घंटे पहले प्रधानमंत्री इजरायल के दौरे से लौटे थे, जहां उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के लिए साफ तौर पर अपना समर्थन दोहराया था, जबकि गाजा लड़ाई में आम लोगों की मौत को लेकर दुनिया भर में गुस्सा है।” सोनिया ने कहा कि ऐसे समय में जब ग्लोबल साउथ के ज्यादातर देशों के साथ-साथ बड़ी ताकतों और ब्रिक्स में भारत के पार्टनर जैसे रूस व चीन ने दूरी बनाए रखी है, भारत का बिना किसी नैतिक स्पष्टता के समर्थन एक साफ और परेशान करने वाला बदलाव है।

बजट सत्र में चर्चा की मांग

कांग्रेस नेत्री ने बजट सत्र के दूसरे हिस्से में सरकार की चुप्पी पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राष्ट्रीय महत्व का है और संसद में इस पर खुली बहस होनी चाहिए। विपक्षी नेताओं ने भी सोनिया के इस ओप-एड का समर्थन किया है, जबकि भाजपा ने इसे ‘राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया मुद्दा’ बताकर खारिज कर दिया।

ईरान-इजरायल तनाव

यह850e3 बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। भारत ने अभी तक आधिकारिक रूप से केवल ‘चिंता’ जताई है, लेकिन कोई स्पष्ट निंदा या समर्थन नहीं दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तटस्थता ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए है, लेकिन विपक्ष इसे ‘कमजोर रुख’ बता रहा है।