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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच MHA ने राज्यों को किया अलर्ट, कश्मीर में इंटरनेट पर पाबंदी

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नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल के हमलों और ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद बढ़े तनाव के बीच भारत में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हाई अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय ने 28 फरवरी को भेजे गए एक पत्र में चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया के हालिया सैन्य घटनाक्रमों का घरेलू स्तर पर असर पड़ सकता है, खासकर यदि धार्मिक जमावड़ों या सार्वजनिक सभाओं में विदेशी घटनाओं का जिक्र किया जाता है।

पीटीआई और अन्य समाचार एजेंसियों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने राज्यों से अनुरोध किया है कि वे अशांति फैलाने वाले व्यक्तियों और समूहों पर कड़ी नजर रखें। विशेष रूप से ईरान समर्थक रेडिकल उपदेशकों पर फोकस करने को कहा गया है, जो भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिक भावनाओं को उकसा सकते हैं। मंत्रालय ने बेहतर खुफिया समन्वय, समय पर हस्तक्षेप और कानून-व्यवस्था की स्थिति में किसी भी गिरावट को रोकने पर जोर दिया है।

खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सार्वजनिक रूप से संयम बरतने और घटनाक्रम पर नजर रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि सरकार न केवल भू-राजनीतिक स्थिति बल्कि इसके घरेलू प्रभावों पर भी गहन निगरानी कर रही है।

कश्मीर में प्रदर्शनों के बाद सख्ती बढ़ी खामेनेई की मौत की खबर के बाद जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और मातम सभाएं हुईं। श्रीनगर के लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा सहित कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल विरोधी नारे लगाए। कश्मीर में अनुमानित 15 लाख शिया आबादी के कारण यहां सबसे बड़ी भीड़ जमा हुई।

इन प्रदर्शनों के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए सोमवार को घाटी में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई। अधिकारियों ने इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया। श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है—लाल चौक के घंटाघर को बैरिकेड से सील कर दिया गया है और पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस तथा सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है। कुछ इलाकों में लोगों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

खामेनेई की मौत 28 फरवरी को तेहरान में अमेरिका-इजराइल के संयुक्त एयरस्ट्राइक में हुई थी। इस घटना के बाद ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया है। भारत में शिया समुदाय के अलावा लखनऊ, दिल्ली, कर्नाटक और अन्य जगहों पर भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

गृह मंत्रालय की इस एडवाइजरी को मध्य पूर्व संकट के घरेलू प्रभाव को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने सभी राज्यों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

ईरान का बड़ा दावा, कुवैत में अमेरिकी F-15 फाइटर जेट मार गिराया

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मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां अमेरिका और इज़राइल द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले जारी हैं। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई सहित दर्जनों शीर्ष अधिकारी मारे गए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने इज़राइल, इराक, यूएई, कतर, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

ईरानी मीडिया और अधिकारियों ने दावा किया है कि कुवैत में अमेरिकी सेना का एक F-15 लड़ाकू विमान क्रैश हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में विमान को आसमान में आग लगते और घूमते हुए गिरते देखा जा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट ने समय रहते पैराशूट से कूदकर अपनी जान बचाई और सुरक्षित है। कुछ स्रोतों में इसे ईरानी हमले का नतीजा बताया जा रहा है, जबकि अन्य रिपोर्ट्स में फ्रेंडली फायर (अपनी ही सेना से गलती से गोलीबारी) की आशंका जताई गई है।

अभी तक अमेरिकी सेना या कुवैती अधिकारियों की ओर से इस घटना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने इसे अपनी “संतुलित प्रतिशोध कार्रवाई” करार दिया है और आगे बढ़ते संघर्ष की चेतावनी दी है।

यह घटना ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान हुई है, जिसमें अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों, मिसाइल साइटों और सैन्य कमांड को निशाना बनाया। क्षेत्र में हमले-प्रतिहमले का दौर जारी है, जिसमें लेबनान में हिजबुल्लाह और इज़राइल के बीच भी झड़पें बढ़ गई हैं।

मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव : पीएम मोदी ने नेतन्याहू और यूएई राष्ट्रपति से की बात

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नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल दाग रहा है और इजराइल को भी निशाना बना रहा है। इस बढ़ते संघर्ष के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने दोनों नेताओं से बातचीत में नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और दुश्मनी को जल्द खत्म करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इजराइली पीएम नेतन्याहू से हुई बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, “क्षेत्र के मौजूदा हालात पर बात करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताएं बताईं और इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत दुश्मनी को जल्द खत्म करने की जरूरत पर फिर से जोर देता है।” इस बातचीत में पीएम मोदी ने मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और आम लोगों की जान-माल की रक्षा पर बल दिया।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से भी फोन पर चर्चा की। उन्होंने खाड़ी देश पर हाल ही में हुए हमलों की कड़ी निंदा की और जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताया। एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “यूएई के राष्ट्रपति, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से बात की। यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में जान-माल के नुकसान पर दुख जताया। भारत इस मुश्किल समय में यूएई के साथ एकजुटता में खड़ा है। यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए उनका धन्यवाद किया। हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।”

यह घटनाक्रम 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन के बाद तेज हुआ है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद और नाती भी मारे गए थे। इसके बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया। अमेरिकी और इजराइली फाइटर जेट ईरान पर लगातार बमबारी कर रहे हैं, जबकि ईरान ने जवाब में मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और इजराइल पर मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका जताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठनों ने तत्काल युद्धविराम की अपील की है। भारत ने हमेशा की तरह शांति और बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने की वकालत की है। पीएम मोदी की इन बातचीतों को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत मध्य पूर्व में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। यूएई में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, और पीएम मोदी ने यूएई राष्ट्रपति से बात में उनके कल्याण का जिक्र भी किया। इस बीच, ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकता है, क्योंकि मध्य पूर्व तेल उत्पादन का प्रमुख केंद्र है।

सनसनीखेज वारदात : बेटे ने कुल्हाड़ी से माता-पिता, दादी और बहन की हत्या, बड़ा भाई भी घायल

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उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रुपईडीहा थाना क्षेत्र के रामनगर गांव (बसंतपुर उदल मजरा) में रविवार रात करीब 1:30 बजे एक पारिवारिक विवाद ने भयावह रूप ले लिया। संपत्ति बंटवारे को लेकर छोटे बेटे ने कुल्हाड़ी से हमला कर अपने माता-पिता, दादी और बहन की बेरहमी से हत्या कर दी। विरोध करने पहुंचे बड़े भाई पर भी हमला किया गया, जबकि संघर्ष में आरोपी छोटा भाई भी घायल हो गया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल फैला दिया है।

मृतकों की पहचान 

  • दादी शीतला देवी.
  • पिता बदलूराम.
  • मां संजू देवी.
  • बहन पार्वती.

घायलों में बड़ा भाई गुरुदेव (33 वर्ष) और छोटा भाई (आरोपी) निरंकार (27 वर्ष) शामिल हैं। निरंकार की हालत नाजुक होने पर उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है, जबकि गुरुदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा में भर्ती हैं।

घटना की शुरुआत रात करीब 1 बजे हुई, जब निरंकार ने संपत्ति के मामले को लेकर पिता पर अनर्गल आरोप लगाए। कहासुनी बढ़ने पर उसने घर में रखी कुल्हाड़ी से एक-एक कर परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बाहर मौजूद गुरुदेव अंदर पहुंचे तो निरंकार ने उन पर भी कुल्हाड़ी से वार किया। संघर्ष के दौरान गुरुदेव ने विरोध किया, जिसके बाद निरंकार ने कुल्हाड़ी छोड़ दी और पास पड़ी ईंट से अपने सिर पर प्रहार कर खुद को घायल कर लिया।

ग्रामीणों की सूचना पर चौकी प्रभारी बाबागंज शिवेश कुमार शुक्ला और 112 पुलिस टीम रात में ही मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने चारों मृतकों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर घायल गुरुदेव और निरंकार को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां से निरंकार को लखनऊ भेजा गया।

भोर होते ही थाना प्रभारी आरएस रावत, क्षेत्राधिकारी पहुप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटवाए। घर के अंदर खून के निशान, टूटी-फूटी वस्तुएं बिखरी मिलीं, जबकि प्रयुक्त कुल्हाड़ी घर के बाहर से बरामद हुई।

पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।

गुरुदेव ने पुलिस पूछताछ में बताया कि पिछले 4 साल से निरंकार संपत्ति के मामले को लेकर पिता पर आरोप लगाता रहता था और मारपीट करता था। 4 साल पहले इसी कलह के चलते उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद वह और अधिक निरंकुश हो गया। रात में फिर से विवाद शुरू होने पर उसने कुल्हाड़ी उठा ली।

ग्रामीणों ने बताया कि परिवार में लंबे समय से बंटवारे को लेकर तनाव था, लेकिन किसी ने इतनी भयानक घटना की उम्मीद नहीं की थी। पुलिस ने जांच पूरी होने तक किसी भी अटकल से बचने की अपील की है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

उत्तराखंड में महिला के साथ सामूहिक गैंग रेप, होटल मैनेजर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

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हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां अपने पति से मिलने आई एक महिला के साथ होटल में सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। इस वारदात ने पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए होटल मैनेजर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद सभी तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

शहर कोतवाली पुलिस के अनुसार, पीड़िता बिजनौर (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली है और उसके पति हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं। महिला शनिवार को अपने पति से मिलने हरिद्वार पहुंची थी। बस अड्डे के निकट एक ऑटो चालक ने मदद के बहाने उसे अपने वाहन में बैठाया और कुछ दूरी पर ले जाकर एक कार में सवार कर दिया। कार चालक ने उसे शिवमूर्ति गली स्थित एक होटल में ले जाकर कमरे में पहुंचाया। इसके बाद ऑटो चालक भी वहां पहुंच गया। पीड़िता का आरोप है कि होटल में ले जाकर तीनों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। किसी तरह जान बचाकर महिला शहर कोतवाली थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।

कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। लोकेशन ट्रेसिंग और अन्य सुरागों के आधार पर नहर पटरी क्षेत्र से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में शामिल, एक आरोपी मूल निवासी नहटौर (बिजनौर), हाल पता श्रीराम एन्क्लेव, सराय ज्वालापुर, दूसरा आरोपी निवासी शास्त्रीनगर कड़च्छ, ज्वालापुर और तीसरा आरोपी होटल मैनेजर, मूल निवासी कुंदरकी (मुरादाबाद), हाल पता हरिद्वार के साथ ही पुलिस ने बताया कि एक आरोपी ऑटो चालक है, जबकि दूसरा कार चालक के रूप में शामिल था।

घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के सात होटलों के मालिकों को करीब 23 घंटे तक हिरासत में रखकर पूछताछ की गई। घटनास्थल के आसपास के होटलों के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों से भी विस्तृत जानकारी ली गई। प्रभारी रितेश शाह के नेतृत्व में चल रही जांच में होटल संचालकों से आईडी, रजिस्ट्रेशन और कैमरों की स्थिति के बारे में पूछताछ हुई, जिसके बाद आरोपियों तक पहुंच बन पाई। पुलिस ने मामले की गहन जांच जारी रखी है और पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई है।

कई स्कूलों को फिर मिली बम की धमकी, ई-मेल से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के स्कूलों को मिल रही बम धमकियों का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह एक बार फिर कई प्रमुख स्कूलों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरदार पटेल विद्यालय (लोधी एस्टेट), सलवान पब्लिक स्कूल सहित कम से कम तीन स्कूलों को यह धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। स्कूल प्रशासन ने तुरंत दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस (DFS) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया।

सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें, बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) और अन्य सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। स्कूल परिसरों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई स्कूलों को एहतियातन खाली कराया गया। छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है, जबकि परिसर के अंदर और आसपास के इलाकों की गहन जांच की जा रही है।

सरदार पटेल विद्यालय ने अभिभावकों को संदेश भेजकर बताया कि छात्रों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया है और जांच जारी है। फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की कोई रिपोर्ट नहीं है, लेकिन जांच पूरी होने तक सतर्कता बरती जा रही है।

दिल्ली पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। विशेषज्ञों की टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने, आईपी एड्रेस ट्रेस करने और यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या ये धमकियां किसी संगठित गिरोह की ओर से हैं या फिर कोई व्यक्ति द्वारा अफवाह फैलाई जा रही है। अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना दिल्ली में पिछले कुछ समय से जारी बम धमकी की घटनाओं की श्रृंखला का हिस्सा है, जिससे स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग बढ़ गई है। अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे शांत रहें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

मिडिल ईस्ट संकट से दहला बाजार, 1072 अंक गिरा सेंसेक्स, निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूबे

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भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार बिकवाली देखी गई, जिसके पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारण रहे। अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में युद्ध की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट प्री-ओपन सेशन में सेंसेक्स 2,743 अंक तक गिरकर 78,543 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 533 अंक लुढ़ककर 24,645 पर आ गया। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 1,000 से 1,100 अंकों की गिरावट के साथ 80,200-80,300 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले सत्र के बंद भाव से करीब 1.3% नीचे था। निफ्टी भी 300-350 अंकों की गिरावट के साथ 24,800-24,900 के दायरे में ट्रेड कर रहा था।

निवेशकों की संपत्ति में भारी नुकसान इस तेज गिरावट से बीएसई सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के ₹463.50 लाख करोड़ से घटकर शुरुआती मिनटों में ₹455 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया। इससे निवेशकों की संपत्ति में ₹8 लाख करोड़ से अधिक की कमी आई।

रुपया और सुरक्षित निवेशों में उछाल रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 24 पैसे कमजोर होकर 91.32 पर पहुंच गया। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूर होकर सुरक्षित निवेशों की ओर मुड़े। सोने की कीमतें 3% बढ़कर ₹1,67,329 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) और चांदी ₹2,85,700 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गईं।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ब्रेंट क्रूड की कीमतें 7-10% उछलकर $82.37 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जो जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 7% से अधिक बढ़कर $71.86 पर ट्रेड कर रहा था। होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित बाधा के डर से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका ने कीमतों को हवा दी।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी दबाव एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट देखी गई—निक्केई 1.55%, स्ट्रेट्स टाइम्स 1.86%, हैंग सेंग 2% से अधिक और ताइवान का इंडेक्स 0.33% नीचे रहा। अमेरिकी बाजारों में भी डॉव जोन्स फ्यूचर्स 0.77% गिरे, जबकि शुक्रवार को एसएंडपी 500 और नैस्डैक में क्रमशः 0.43% और 0.94% की गिरावट आई।

विशेषज्ञों की राय मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक स्थिरता की तलाश में हैं। ईरान के विदेश मंत्री के बयान से कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद नहीं होगा और नया नेतृत्व अमेरिका से वार्ता चाहता है, से कुछ रिकवरी दिखी, लेकिन तनाव बरकरार है। उन्होंने ईरान-अमेरिका तनाव के भारत पर तीन प्रमुख प्रभाव बताए:

  1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल — इससे महंगाई, चालू खाता घाटा और कॉरपोरेट लागत बढ़ सकती है।
  2. खाड़ी क्षेत्र के व्यापारिक साझेदारों पर असर — शिपिंग रूट बाधित होने से निर्यात प्रभावित हो सकता है।
  3. 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा — क्षेत्र में तनाव बढ़ने से रेमिटेंस और अर्थव्यवस्था पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।

बाजार में रिस्क-ऑफ माहौल बना हुआ है, और निवेशक सोने, डॉलर जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति स्थिर होने तक अस्थिरता बनी रह सकती है।

सिर्फ 10 मिनट की स्क्रॉलिंग और खुद से नफरत, सोशल मीडिया बिगाड़ रहा टीनएज लड़कियों की मेंटल हेल्थ

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आज की डिजिटल दुनिया में इंटरनेट और सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अभिन्न अंग बन चुके हैं। मनोरंजन, जानकारी और कनेक्शन के साधन के रूप में इस्तेमाल होने वाले ये प्लेटफॉर्म अब विशेष रूप से किशोरावस्था से गुजर रही लड़कियों के लिए मानसिक यातना का कारण बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों और रिपोर्ट्स के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रही विषाक्त सामग्री, बॉडी शेमिंग और नफरत भरी टिप्पणियां न केवल लड़कियों के आत्मविश्वास को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि उन्हें गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की ओर धकेल रही हैं।

10 मिनट की स्क्रॉलिंग और खुद से नफरत का सिलसिला

सोशल मीडिया का प्रभाव कितना तेज और गहरा हो सकता है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज 10 मिनट तक स्क्रीन पर स्क्रॉल करने से एक टीनएज लड़की को अपने शरीर और चेहरे से नफरत होने लगती है। मनोवैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई जाने वाली ‘परफेक्ट’ तस्वीरें और वीडियो लड़कियों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। वे खुद को उन आदर्श छवियों से तुलना करने लगती हैं, जिससे बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर जैसी समस्या जन्म लेती है। नतीजतन, लड़कियां खुद को कमजोर और असुरक्षित महसूस करने लगती हैं, और डिप्रेशन की दर लड़कों की तुलना में दोगुनी हो जाती है। कुछ मामलों में यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि लड़कियां आत्मघाती विचारों तक पहुंच जाती हैं।

लड़कियों को वस्तु की तरह पेश करने का खेल

सोशल मीडिया पर लड़कियों को इंसान के बजाय एक वस्तु के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यहां उनके लुक्स की रेटिंग की जाती है, और सांकेतिक भाषा में अभद्र टिप्पणियां आम हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा, दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाओं पर भद्दे मजाक बनाए जाते हैं, और ऐसी पोस्ट्स को हजारों लाइक्स मिलते हैं। यह न केवल समाज की गिरती मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि कम उम्र के लड़कों को अनजाने में ऐसी अश्लीलता और नफरत भरी भाषा को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है। इससे वर्षों की मेहनत से हासिल लैंगिक समानता पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

एल्गोरिदम का कुप्रभाव और नकली मर्दानगी

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि सोशल मीडिया के एल्गोरिदम विशेष रूप से टीनएजर्स को ऐसा कंटेंट दिखाते हैं जो पुरुष श्रेष्ठता को बढ़ावा देता है। इससे लड़कों के मन में यह गलत धारणा पैदा हो रही है कि लड़कियों को नीचा दिखाना ही असली मर्दानगी है। वहीं, लड़कियां जब खुद को इंटरनेट पर मौजूद ‘आदर्श’ तस्वीरों से तुलना करती हैं, तो वे मानसिक रूप से टूटने लगती हैं। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 38% महिलाएं ऑनलाइन हिंसा का शिकार होती हैं। इस खतरे को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि उन्हें इस जहरीली मानसिकता से बचाया जा सके।

डराने वाले आंकड़े और बढ़ती चिंता

विश्व स्वास्थ्य संगठन और विभिन्न सर्वेक्षणों से मिले आंकड़े चिंताजनक हैं। भारत में भी सोशल मीडिया से जुड़ी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि 70% से अधिक टीनएज लड़कियां सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग का सामना करती हैं, जिससे उनका आत्मसम्मान प्रभावित होता है। इसके अलावा, ऑनलाइन ट्रोलिंग और साइबर बुलिंग के मामले में लड़कियां लड़कों की तुलना में अधिक प्रभावित होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या एक महामारी का रूप ले सकती है।

बचाव के उपाय: शिक्षा और जागरूकता जरूरी

सिर्फ तकनीकी प्रतिबंध लगाना समस्या का समाधान नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण कदम है स्कूलों और घरों में बच्चों को ऑनलाइन एथिक्स सिखाना। लड़कों को यह समझाना आवश्यक है कि वर्चुअल दुनिया में भी किसी का सम्मान करना उतना ही जरूरी है जितना वास्तविक जीवन में। अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें सकारात्मक कंटेंट की ओर निर्देशित करना चाहिए।

विषाक्त सामग्री को सीमित करना चाहिए

इसके अलावा, सोशल मीडिया कंपनियों को अपने एल्गोरिदम में बदलाव लाकर विषाक्त सामग्री को सीमित करना चाहिए। सरकारें भी सख्त कानून बनाकर ऑनलाइन हिंसा को रोक सकती हैं। यह मुद्दा न केवल व्यक्तिगत, बल्कि सामाजिक स्तर पर ध्यान देने योग्य है। अगर हम समय रहते जागरूक नहीं हुए, तो सोशल मीडिया का यह अंधेरा पक्ष हमारी आने वाली पीढ़ियों को और अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।

उत्तराखंड: पड़ोसियों का विवाद, झोंका फायर, तीन लोग घायल

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अल्मोड़ा: धौलछीना थाना क्षेत्र के मंगलता गांव में पड़ोसियों के बीच छत निर्माण को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक व्यक्ति ने लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर दी, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ग्राम पंचायत मंगलता निवासी अर्जुन सिंह छत डालने के लिए मिस्त्री को लेकर अपने पड़ोसी मकान की छत दिखाने गए थे। जैसे ही वे सड़क पर पहुंचे, पड़ोसी राजू उर्फ राजेंद्र सिंह नेगी (55) ने उनसे गाली-गलौज शुरू कर दी। अर्जुन सिंह की पत्नी दीपा देवी और बेटा मनजीत सिंह मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन राजेंद्र सिंह नहीं माने।

तैश में आकर राजेंद्र सिंह ने घर से अपनी लाइसेंसी 12 बोर डीबीबीएल बंदूक लाकर सार्वजनिक स्थान पर उनके ऊपर फायर कर दिया। छर्रों की चपेट में आने से अर्जुन सिंह, दीपा देवी और मनजीत सिंह घायल हो गए। तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही धौलछीना थानाध्यक्ष सुनील सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी राजेंद्र सिंह नेगी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बंदूक, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद कर सील किया गया है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1)/352 के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपी को जेल भेज दिया गया है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस अलर्ट पर है।

महाराष्ट्र के नागपुर जिले में भीषण विस्फोट: एसबीएल एनर्जी लिमिटेड कारखाने में धमाके से 15 से 17 लोगों की मौत, 18 घायल

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नागपुर : महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कटोल तहसील में रविवार सुबह एक खनन और औद्योगिक विस्फोटक बनाने वाली कंपनी में भीषण धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 15 से 17 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा कंपनी की डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बचाव कार्य जारी हैं।

पुलिस और कंपनी सूत्रों के अनुसार, विस्फोट एसबीएल एनर्जी लिमिटेड (SBL Energy Limited) के राउलगांव (Raulgaon) स्थित कारखाने में सुबह 7 बजे से 7:15 बजे के बीच हुआ। यह कंपनी खनन, निर्माण और औद्योगिक उपयोग के लिए विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर और संबंधित उत्पाद बनाती है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इकाई में आग लग गई और कुछ हिस्से ढह गए, जिससे कई कर्मचारी मलबे में दब गए।

नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार (Harsh Poddar / Harssh Poddar) ने पुष्टि की कि घटना में 15 लोगों की मौत हुई है और 18 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 16 या 17 बताई गई है, जबकि घायलों को तुरंत नागपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है।

कंपनी के प्रतिनिधियों ने पीटीआई को बताया कि हादसा डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुआ। बचाव अभियान जारी है और कंपनी जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेगी। एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और राहत कार्यों में जुटी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

यह घटना औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रही है, खासकर विस्फोटक निर्माण जैसे संवेदनशील क्षेत्र में। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच चुकी है ताकि धमाके का सटीक कारण पता लगाया जा सके। स्थानीय लोग और कर्मचारियों के परिवार सदमे में हैं।