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सलमान खान के पिता को महिला ने दी धमकी, लॉरेंस बिश्नोई को भेजूं क्या…?

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बॉलीवुड स्टार सलमान खान के बाद अब उनके पिता सलीम खान को धमकी मिली है। सुबह की सैर पर निकले सलीम खान को एक बुर्का पहने महिला ने लॉरेंस बिश्नोई के नाम की धमकी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्टर के परिवार ने इस संबंध में बांद्रा पुलिस स्टेशन में एक शिकायत भी दर्ज करायी है। यह पहली बार नहीं है, जब सलमान खान के परिवार को लॉरेंस के नाम की धमकी मिली हो। इससे पहले सलमान खान के मुंबई स्थित घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर 14 अप्रैल को फायरिंग की गई थी।

जानकारी के अनुसार, 18 सितंबर को सलीम खान सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए बैंडस्टैंड एरिया में निकले थे। तभी एक स्कूटी सवार शख्स और बुर्का पहने महिला उनके पास पहुंचते हैं और उनसे कहते हैं कि, “सही से रहो, वरना लॉरेंस को भेजूं क्या?” इससे पहले सलीम खान कुछ समझ पाते तब तक दोनों लोग फरार हो चुके थे। धमकी देने वाली महिला कौन थी, अभी तक यह पता नहीं चल सका है।

पुलिस के ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, सलमान खान के पिता का नाम सलीम खान 18 सिंतबर को सुबह 8.45 बजे बैंडस्टैंड पर सुबह की सैर के लिए गए थे। जब वे थक गए और विंडमियर बिल्डिंग के सामने सैरगाह पर बैठ गए, तो  एक अज्ञात स्कूटी चालक और उसके पीछे बैठी एक बुर्के वाली महिला ने अपनी स्कूटी यू-टर्न कर ली और सलीम खान के पास स्कूटी रोक दी।

महिला ने सलीम खान से कहा कि, ”लॉरेंस बिश्नोई को भेजूं क्या?” धमकी भरे अंदाज में इतना कहने के बाद उन्होंने यू-टर्न लिया और वहां से चले गए। वादी ने बताया कि स्कूटर नं. 7444 प्रतीत होता है। उन्होंने पूरा नंबर नहीं देख पाया। अभियोजक का विस्तृत जवाब दर्ज करने के बाद स्कूटी चालक और पर्दानशीन महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

बांद्रा पुलिस ने सलमान खान के पिता सलीम खान को धमकी देने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।  रिपोर्ट सलीम खान के बॉडीगार्ड की ओर से दर्ज करवायी गई है। बांद्रा पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे सलीम खान के साथ शरारत कर रहे थे। हमने जांच शुरू की और एक महिला समेत दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। जांच के दौरान उन्होंने हमें बताया कि वे शरारत कर रहे थे।

IED ब्लास्ट, CRPF जवान घायल, नक्सलियों ने बिछाया था बम

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पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में गुरुवार की सुबह नक्सलियों ने आइईडी ब्लास्ट किया है। इस घटना में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया है। जवान को एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए रांची लाया गया है।

इलाज उपरांत उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनल, अनमोल, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन अपने दस्ता के सदस्यों के साथ सारंडा के कोल्हान क्षेत्र में भ्रमणशील है।

सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों के जवानों ने छोटानागरा एवं जराईकेला थाना के सीमावर्ती जंगली क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान प्रारंभ किया। अभियान के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के जवानों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से बम लगाया था जिसकी चपेट में आने से सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया।

‘कंगुवा’ की नई रिलीज डेट का ऐलान, इस दिन पर्दे पर देगी दस्तक

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तमिल सुपरस्टार सूर्या और बॉबी देओल स्टारर फिल्म ‘कंगुवा’ के मेकर्स ने आज, 19 सितंबर को एक अनाउंसमेंट किया है. मेकर्स ने फिल्म की नई रिलीज डेट का एलान किया है. इसके लिए मेकर्स ने सोशल मीडिया का एलान किया है.

https://www.instagram.com/reel/DAFjwDUSZV0/?utm_source=ig_embed&ig_rid=5894b349-4fc2-4fb2-89ab-7e60db18e96e

गुरुवार को स्टूडियो ग्रीन ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पर ‘कंगुवा’ के अपडेट के बारे में जानकारी साझा की. मेकर्स ने सूर्या शिवकुमार और बॉबी देओल का धांसू मोशन पोस्टर शेयर किया है और कैप्शन में लिखा है, ‘गर्व और गौरव की लड़ाई, जिसे दुनिया देखेगी. कांगुवा का शक्तिशाली शासन 14-11-24 से स्क्रीन पर छाएगा’.

JDU की पूर्व MLC मनोरमा देवी के घर पर NIA की छापेमारी, नक्सली कनेक्शन

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बिहार के गया JDU की पूर्व MLC मनोरमा देवी के आवास पर NIA की टीम की छापेमारी चल रही है। यह छापेमारी सुबह 5 बजे से चल रही है। इस दौरान एनआईए को कई दस्तावेज भी मिलने की खबर मिल रही है। घर के अंदर रहे लोगों से पूछताछ चल रही है। पूर्व MLC मनोरमा देवी पति बिंदेश्वरी यादव तो नहीं रहे।

लेकिन, उस समय नक्सलियों को हथियार और कारतूस सप्लाई मामले में पकड़े गए थे। साथ ही उनके खिलाफ नक्सल गतिविधि और सांठगांठ का भी केस चला था। उनकी गाड़ी से गया में ही सैकड़ों की संख्या में कारतूस बरामद किए गए थे। उस वक्त उनके खिलाफ देश द्रोह के केस भी दर्ज किया गया था।

JDU की पूर्व MLC मनोरमा देवी का बड़ा बेटा रॉकी यादव देश के चर्चित रोड रेज गोली कांड का मुख्य आरोपी रहा है। सूत्रों की मानें तो बीते दिनों टिकरी पुलिस अनुमंडल क्षेत्र में एनआईए की छापेमारी हुई थी। छापेमारी के क्रम में दो युवकों से पूछताछ हुई थी।

दोनों युवकों ने JDU नेत्री मनोरमा देवी का भी नाम का खुलासा किया गया था। उन लड़कों का नक्सली कनेक्शन जांच में उजागर हुआ था। NIA ने दोनों युवकों से विशेष रूप से पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया था। इस दौरान एनआईए को मोबाइल बरामद हुआ था। सुत्रों का कहना है कि NIA ने बरामद मोबाइल में लगे सिम मनोरमा देवी के नाम से लिया गया था।

ठेके पर सेल्समैन ने DM को 20 रुपये महंगी दी शराब की बोतल, सच्चाई पता चलते ही मंच गया हड़कंप

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देहरादून: देहरादून के DM सविन बंसल ने जब से चार्ज संभाला है, तब से ही लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। चाहे उनके कार्यालय की बात हो या फिर नगर निगम दफ्तर की हालत में सुधार करना। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था हो या समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की क्लास लेना। DM सविन बंसल लगातार खुद ग्राउंड पर उतरकर उनको मिल रही शिकायतों की जांच कर एक्शन ले रहे हैं।

कल रात को DM सविन बंसल ने ओल्ड मसूरी रोड और राजपुर रोड मार्केट की शराब की दुकानों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बगैर तामझाम के खुद ही एक प्राइवेट वाहन लिया और खुद ही ड्राइव कर शराब की दुकान पर पहुंच गए। शराब ठेके पर मौजूद सेल्समैन को इस बात का जरा भी पता नहीं चला कि वह DM को ओवर रेट शराब बेच रहा है। जानकारी मिलते ही वहां हड़कंप मच गया। DM ने दुकान का 50 हजार रुपये का चालान कर दिया।

DM सविन बंसल को सेल्समैन ने निर्धारित दामों से अधिक दरों पर शराब की बोतल बेच दी। सेल्समैन ने 660 रुपये की बोतल के लिए 680 रुपये वसूले। मौके पर ओवर रेट सहित कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद दुकानदार के खिलाफ एक्शन लिया गया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रेट लिस्ट सही स्थान पर चस्पा नहीं थी,जिससे ग्राहकों को रेट स्पष्ट नहीं दिख रहे थे। साथ ही ठेका खुलने व बंद होने का समय भी नहीं लिखा था। यहां तक कि दुकान के कर्मचारियों के पास आईडी कार्ड भी नहीं था।

DM ने वहां आसपास लोगों से भी जानकारी ली। हर व्यक्ति ने बताया कि ठेके पर आते हैं तो उनसे 20 से 25 रुपये अधिक लिए जाते हैं।  उन्होंने अधिकारियों को लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

नवोदय विद्यालय गैरसैंण में लगी भीषण आग, टल गया बड़ा हादसा

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गैरसैंण: नवोदय विद्यालय गैरसैंण में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। जिस वक्त आग लगी, विद्यालय में बच्चे सो रहे थे। गनीतम रही कि आग की लपटें बच्चों तक नहीं पहुंची। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नवोदय विद्यालय की एक बिल्डिंग के हॉल में जो की टीन और फाइबर का बना हुआ है, इसमें चार पार्ट हैं। तीन पार्ट में बच्चे रात में सोए थे और चौथे भाग में बच्चों के रजाई गद्दे बिस्तर समान और खेल का सामान रखा हुआ था।

आचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और पूरे फैब्रिकेटेड हॉल में लग गई। सभी बच्चे सुरक्षित हैं। किसी भी बच्चे को या स्टाफ कर्मचारी टीचर को हानि नहीं हुई। फायर ब्रिगेड व स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे। स्टोर में रखे बच्चों के रजाई गद्दा सामान बैग्स तथा खेल सामग्री जल गई है।

उत्तराखंड: यहां हुआ दर्दनाक हादसा, तीन लोगों की मौत

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उत्तराखंड में बड़ा हादसा हो गया है। श्रीनगर के कीर्तिनगर विकासखंड के पैंडुला-मैखंडी मोटरमार्ग पर एक मैक्स वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन में सवार चार लोगों में से तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए बेस अस्पताल भेजा गया है।

पैंडुला-मैखंडी मोटर मार्ग पर शाम चार बजे सेमला व काटल के बीच में मैक्स वाहन अचानक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। बताया जा रहा है वाहन इस मार्ग से न्यूली की ओर जा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही पहुंचे स्थानीय लोगों, पुलिस एवं राजस्व टीम ने राहत कार्य कर शवों को खाई से निकाला।

मृतकों की पहचान पंकज फोदणी (36) निवासी न्यूली, रमेश लाल (40) निवासी अमरोली, चालक गणेश मिंया (31) निवासी अमरोली के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में मनोज (29) निवासी अमरोली घायल हुआ है।

अंकिता भंडारी को 2 साल बाद भी न्याय का इंतजार – गणेश गोदियाल

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उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन और भावपूर्ण स्मरण करने के साथ ही साथ न्याय न मिल पाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। गोदियाल ने कहा कि एक तरफ उत्तराखंड की गूंगी बहरी सरकार है और दूसरी तरफ अंकिता भंडारी के माता-पिता और समूचा उत्तराखंड है, जिसे आज 2 साल बाद भी न्याय का इंतजार है।

गोदियाल ने कहा की इन 2 सालों में लगातार भाजपा की सरकार द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड में लीपा पोती का प्रयास किया गया , दो बार रिसोर्ट में आगजनी हो गई,साक्ष्य और सबूत मिटाने के लिए वनंतरा रिजॉर्ट में बुलडोजर चला दिया गया, उत्तराखंड की जनता सीबीआई जांच की मांग करती रही, लेकिन मामला आज तक फास्ट्रेक कोर्ट में तक नहीं है।

उन्होंने कहा कि शायद यही वजह है कि आज प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में बाढ़ सी आ गई है क्योंकि अपराधियों को यह संदेश जा चुका है कि धामी सरकार में अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की सिर्फ बात की जाती है पर असल में तो उनको संरक्षण दिया जाता है।

गोदियाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में अपराधों की बाढ़ सी आ गई है। चोरी डकैती लूटमार इत्यादि तो आम बात थी परंतु अब दिनदहाड़े हत्याएं और महिला अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। महिला अपराध में भी दुखद पहलू यह है की नाबालिगों के साथ दुष्कर्म किया जा रहा है जिसमें सत्ता रूढ़ दल के लोग संलिप्त पाए जा रहे हैं।

ये घटनाएं हुई 

रुद्रपुर में एक महिला नर्स के साथ गैंगरेप और हत्या , देहरादून के आईएसबीटी में 16 वर्षीय किशोरी के पांच लोगों के द्वारा बारी-बारी से दुष्कर्म , सल्ट से भाजपा मंडल अध्यक्ष भगत बोरा ,लालकुआं दुग्ध संघ अध्यक्ष भाजपा नेता मुकेश बोरा द्वारा नाबालिगों से दुष्कर्म इसके अलावा हल्द्वानी में सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती किशोरी के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश, पिथौरागढ़ में एक छात्रा के साथ चौकीदार द्वारा छेड़छाड़ के मामले शर्मसार करने वाले हैं।

गोदियाल ने कहा कि आज 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी अंकिता भंडारी को न्याय न मिलना बताता है की हमारे प्रदेश की कानून व्यवस्था बिना रीड के चल रही है।

Big Breaking : वन नेशन, वन इलेक्शन प्रस्ताव पर मोदी कैबिनेट की मुहर

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One Nation One Election देश में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ करवाने की राह अब आसान हो गई है। एक देश एक चुनाव के प्रस्ताव को आज मोदी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है।

 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर कोविंद समिति की रिपोर्ट स्वीकार कर लिया है। कोविंद समिति को एक साथ चुनाव कराने के लिए व्यापक समर्थन मिला है। मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविंद समिति की सिफारिशों पर पूरे भारत में विभिन्न मंचों पर चर्चा की जाएगी।

 

उच्च स्तरीय समिति ने पहले चरण के तौर पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की है। इसके 100 दिनों के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाने की बात कही गई है। समिति ने सिफारिशों के क्रियान्वयन पर विचार करने के लिए एक ‘कार्यान्वयन समूह’ के गठन का भी प्रस्ताव रखा है। 

 

समिति के मुताबिक, एक साथ चुनाव कराने से संसाधनों की बचत होगी। विकास और सामाजिक सामंजस्य को बढ़ावा मिलेगा। लोकतांत्रिक ढांचे की नींव मजबूत होगी। इससे ‘इंडिया, जो भारत है’ की आकांक्षाओं को साकार करने में मदद मिलेगी। समिति ने राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श से चुनाव आयोग की ओर से एक समान मतदाता सूची और मतदाता पहचान पत्र तैयार करने की भी सिफारिश की थी।

 

फिलहाल भारत का चुनाव आयोग लोकसभा और विधानसभा चुनावों को ही देखता है। नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए स्थानीय निकाय चुनाव राज्य चुनाव आयोगों की ओर से कराए जाते हैं। बताया गया कि समिति ने 18 संवैधानिक संशोधनों की सिफारिश की है, जिनमें से अधिकांश को राज्य विधानसभाओं से समर्थन की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इनके लिए कुछ संविधान संशोधन विधेयकों की जरूरत होगी, जिन्हें संसद से पारित कराना होगा।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 साल के होने के बावजूद देश के प्रधानमंत्री बने रहेंगे। वे अपनी दिव्य दृष्टि से एक हजार साल आगे तक के भारत की परिकल्पना साकार करने में लगे हैं। एक देश एक कानून, एक देश एक बाजार जैसी परियोजनाओं के बाद अब वे एक देश एक चुनाव की परियोजना भी लागू कर रहे हैं।वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव को बुधवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, शीतकालीन सत्र में बिल को पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में वन नेशनल वन इलेक्शन का वादा किया था।

 

 

हालांकि, इसके बाद आगे का सफर आसान नही होने वाला है। इसके लिए संविधान संशोधन और राज्यों की मंजूरी भी जरूरी है, जिसके बाद ही इसे लागू किया जाएगा।माना जा रहा है कि अब केंद्र सरकार इसे शीतकालीन सत्र में संसद में लाएगी। हालांकि, ये संविधान संशोधन वाला बिल है और इसके लिए राज्यों की सहमति भी जरूरी है।

 

 

बताया जा रहा है कि मोदी सरकार इसी कार्यकाल में बिल आएगी। अगर ये बिल कानून बनता है तो हो सकता है कि 2029 में लोकसभा के साथ-साथ विधानसभाओं के चुनाव भी करवा लिए जाएं। बिल लायेंगे तो पास भी हो जाएगा।नीतीश, नायडू साथ हैं तो कटा फटा विपक्ष क्या कर लेगा? भाजपा के एजेंडे को बुलडोजर की तरह लागू करने में मोदीजी को कोई दिक्कत कभी हुई है? इसीलिए तो वे संघी घराने के सर्वोत्तम उत्पाद हैं।

 

 

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से दिए अपनी स्पीच में भी प्रधानमंत्री ने वन नेशन-वन इलेक्शन की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि बार-बार चुनाव देश की प्रगति में बाधा पैदा कर रहे हैं। यदि लोकसभा और राज्यसभा से एक देश एक चुनाव वाले बिल को मंजूरी मिल जाए तो फिर देश भर में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ ही कराए जा सकेंगे। वहीं एक इलेक्टोरल रोल और सिंगल आईडी कार्ड के लिए देश के आधे राज्यों की विधानसभाओं से भी प्रस्ताव पारित कराना होगा। इस मामले में जल्दी ही विधि आयोग की ओर से भी एक रिपोर्ट पेश की जा सकती है।

 

 

वन नेशन वन इलेक्शन पर विचार के लिए बनाई गई पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट 18 हजार 626 पन्नों की है।

 

 

पैनल का गठन 2 सितंबर 2023 को किया गया था। यह रिपोर्ट स्टेकहोल्डर्स-एक्सपर्ट्स से चर्चा के बाद 191 दिन की रिसर्च का नतीजा है। कमेटी ने सभी विधानसभाओं का कार्यकाल 2029 तक करने का सुझाव दिया है।

 

 

कमेटी की रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं। इसके अलावा अगले 100 दिनों के अंदर ही पूरे देश में निकाय चुनाव हो सकते हैं।

 

 

पैनल की ओर से इन सिफारिशों को लागू करने के लिए भी एक अलग समूह के गठन का सुझाव दिया गया है। पैनल का कहना है कि इससे संसाधनों की बचत हो सकेगी। इसके अलावा जटिल प्रक्रिया को भी आसान किया जा सकेगा। पैनल का कहना है कि इस फॉर्मूले को लागू करने के लिए सबसे जरूरी चीज यह है कि कॉमन इलेक्टोरल रोल यानी मतदाता सूची तैयार की जाए।

 

 

इससे तात्कालिक फायदा यह होगा कि चाहे परिस्थितियां कुछ भी हों, राज्य सरकारों को चुनाव से पहले जनादेश लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्यों के मसलों में प्रधानमंत्री का ध्यान नहीं भटकेगा और उन्हें बार बार चुनावी भाषण देना नहीं पड़ेगा। वे पूरी तरह ध्यानस्थ होकर देश के विकास में तन मन धन से लगे रहेंगे। इससे उनका तनाव भी घटेगा।हो सकता है कि हजार साल की परिकल्पनाओं और परियोजनाओं को लिए वे हजार साल तक जिएं और प्रधानमंत्री बने रहें। आम लोगों को नया प्रधानमंत्री चुनने के झंझट से भी मुक्ति मिल जाएगी।

 

 

पैनल के 5 सुझाव…

 

 

सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी-2029 तक बढ़ाया जाए।

हंग असेंबली (किसी को बहुमत नहीं), नो कॉन्फिडेंस मोशन होने पर बाकी 5 साल के कार्यकाल के लिए नए सिरे से चुनाव कराए जा सकते हैं।

पहले फेज में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं, उसके बाद दूसरे फेज में 100 दिनों के भीतर लोकल बॉडी के इलेक्शन कराए जा सकते हैं।

चुनाव आयोग लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकाय चुनावों के लिए राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श से सिंगल वोटर लिस्ट और वोटर आई कार्ड तैयार करेगा।

कोविंद पैनल ने एकसाथ चुनाव कराने के लिए उपकरणों, जनशक्ति और सुरक्षा बलों की एडवांस प्लानिंग की सिफारिश की है।

आदित्‍य ठाकरे ने BCCI और विदेश मंत्रालय पर दागे सवाल, ये है मसला

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भारत और बांग्लादेश के बीच 19 सितंबर से चेन्नई में टेस्ट मैच खेला जाना है। दोनों टीमें इस सीरीज में पहला टेस्ट जीतकर साथ आगाज करना चाहेगी। इस टेस्ट मैच की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने अपने दादा बाल ठाकरे की राह पर चलते हुए क्रिकेट मैच पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के संदर्भ में विदेश मंत्रालय और BCCI पर सवाल खड़े किए। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार और BCCI से सवाल किया कि क्यों वह बांग्लादेश क्रिकेट टीम को भारत दौरे की अनुमति क्यों दे रहे है, जबकि पड़ोसी देश में हिंदू समुदाय हिंसा का सामना कर रहा है।

एक्स पर एक पोस्ट में ठाकरे ने कहा कि भारत में ट्रोल बांग्लादेश में हिंसा के बहाने नफरत फैला रहे हैं, जबकि बीसीसीआई अपनी टीम की मेजबानी कर रहा है।