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बस ने टेंपो को मारी टक्कर, 12 लोगों की दर्दनाक मौत

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राजस्थान के धौलपुर में शनिवार देर रात एक एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक स्लीपर कोच बस ने टेंपो को टक्कर मार दी। हादसे में टेंपो सवार 11 लोगों की मौत हो गई। ये सभी लोग एक भात कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे में जान गंवाने वालों में पांच बच्चे और दो महिलाओं समेत 12 लोग शामिल है। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल बताएं जा रहे हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

हादसा इतना भयानक था कि घटना स्थल पर शव ही शव बिखर गए। मौके पर चीख पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार बाड़ी शहर के करीम गुमट में रहने वाले नहून और जहीर परिवार के करीब 15 लोग बरौली गांव में एक रिश्तेदार के यहां भात समारोह में शामिल होने गए थे। देर रात करीब 11:30 बजे यह सभी लोग टेंपो से वापस लौट रहे थे, इस दौरान नेशनल हाईवे-11 बी पर सुन्नीपुर गांव के पास स्लीपर कोच बस ने टेंपो को टक्कर मार दी।

यह बस धौलपुर से जयपुर जा रही थी। तेज रफ्तार बस की टक्कर से टेंपो के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सभी घायलों को बाड़ी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्क्ट ने जांच के बाद 12 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।

इनकी हुई मौत

हादसे में 13 वर्षीय आसमा पुत्री बंटी, 35 वर्षीय बंटी पुत्र गफफो, 7 वर्षीय सलमान पुत्र बंटी, 5 वर्षीय साकिर पुत्र बंटी, 9 वर्षीय दानिश पुत्र जहीर, 5 वर्षीय असीम का पुत्र, 30 वर्षीय जरीना पत्नी नहनू, 10 वर्षीय आशियाना पुत्री नहनू, 8 वर्षीय सुखी पुत्री नहनू, 9 बर्षीय सानिज पुत्र नहनू की घटना स्थल पर मौत हुई है। वहीं, जिला अस्पताल रेफर किए गए घायलों में 34 बर्षीय महिला जुली ने रास्ते में दम तोड़ दिया है। मृतकों में एक अन्य भी शामिल है।

 

इनका चल रहा इलाज

हादसे में घायल 37 वर्षीय धर्मेंद्र पुत्र मलखान और 11 वर्षीय साजिद पुत्र आशिक को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। गंभीर हालत में उनका इलाज चल रहा है।

उत्तराखंड: पटवारी ने 1000 के लिए बेचा ईमान, गिरफ्तार

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हल्द्वानी। विजिलेंस ने एक पटवारी को दाखिल खारिज के नाम पर एक हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक अपनी गांव की जमीन की दाखिल खारिज करवाने के लिए एक व्यक्ति ने आवेदन किया था।

इसके एवज में पटवारी देवेन्द्र सिंह बोरा मूल निवासी ग्राम थान डंगोली पोस्ट थान डंगोली थाना बैजनाथ तहसील गरूड़ जनपद बागेश्वर हाल पटवारी पट्टी नंदीगांव तहसील काफलीगैर जनपद बागेश्वर द्वारा 2000/- रूपये रिश्वत की मांग की गई थी। आरोपी शिकायतकर्ता से 1000/- रूपया पूर्व में ही ले चुका था तथा शेष 1000/- रूपये की मांग कर रहा था। उक्त शिकायत जाँच से प्रथम दृष्टया सही पाये जाने पर अनिल सिंह मनराल द्वारा तत्काल निरीक्षक प्रकाश चन्द्र जोशी के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया।

टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए पटवारी देवेन्द्र सिंह बोरा आज 19-10-2024 को कठफुड़छिना में किराये के पटवारी कार्यालय से शिकायतकर्ता से 1000/- (एक हजार) की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उक्त प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गित प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा । निदेशक सतर्कता डॉ० वी० मुरूगेशन द्वारा ट्रैप टीम को नगद पुरुष्कार से पुरूस्कृत करने की घोषणा की गयी।

नीति आयोग उपाध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री धामी की बैठक, विषम भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप बनें नीतियां

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी के साथ राज्य से जुड़े अहम विषयों पर बैठक की। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में पर्वतीय, मैदानी, भाबर और तराई क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा, वनाग्नि, पलायन और फ्लोटिंग जनसंख्या बड़ी चुनौती है।

 

दो देशों की अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे होने के कारण उत्तराखण्ड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थियों को ध्यान में रखते हुए नीतियों का निर्धारण किया जाए। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की आजीविका में वृद्धि के लिए विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी किया। इससे पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन जैसी बड़ी समस्या का समाधान होगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़े जाने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य कर रही है, इसके दीर्घकालिक परिणाम गेम चेंजर साबित होंगे। “नदी-जोड़ो परियोजना“ के क्रियान्वयन के लिए अत्यधिक धनराशि की आवश्यकता है जिसके लिये उन्होंने इसके नीति आयोग से तकनीकी सहयोग के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जनसख्या मूल रूप से लगभग सवा करोड़ है।

 

लेकिन, धार्मिक और पर्यटन प्रदेश होने की वजह से राज्य में इससे 10 गुना लोगों की आवाजाही है। राज्य में फ्लोटिंग जनंसख्या को ध्यान में रखते हुए आधारभूत और बुनियादी सुविधाओं के विकास की आवश्यकता होती है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया राज्य में फ्लोटिंग आबादी को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए नीति बने।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से बहुत संवेदनशील राज्य है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को प्रत्येक साल जन-धन की काफी क्षति होती है। राज्य में विकसित किया गया इन्फ्रास्टक्चर प्राकृतिक आपदाओं के कारण काफी प्रभावित होता है। उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य की प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए नीति बनाई जाय। उन्होंने कहा कि वनाग्नि भी राज्य की बड़ी समस्या है। राज्य में वनाग्नि की चुनौतियों से समाधान के लिए राज्य को पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता होगी। राज्य के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में लिए ’सशक्त उत्तराखण्ड पहल“ वर्ष 2022 में आरम्भ किया गया, जिसके अन्तर्गत आगामी पांच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हमने राज्य की आर्थिकी वर्ष 2022 के सापेक्ष 1.3 गुना हो चुकी है। हमने इस लक्ष्य को पूरा करने हेतु अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किये है।

 

नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज बैठक में राज्य की प्रमुख चुनौतियों से संबंधित जिन विषयों पर चर्चा हुई है, इन सभी विषयों पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के आकांक्षी जनपदों और विकासखण्डों के विकास के लिए भी नीति आयोग द्वारा हर संभव सहयोग दिया जायेगा।

20 से अधिक विमानों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, इमरजेंसी लैंडिंग

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देश में फ्लाइट में बम की धमकियों की अचानक बाढ़ सी आ गयी है। लगातार धमकियां मिल रही हैं। आज (शनिवार) भी भारतीय एयरलाइनों के 20 से अधिक विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। लगातार मिल रहीं इन धमकियों से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था-चाक चौबंद है। जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, विस्तारा, स्पाइसजेट, स्टार एयर और एलायंस एयर के विमानों को धमकी मिली है। इनमें से कुछ विमानों की आपात लैंडिंग भी करानी पड़ी। धमकी मिलने वाली फ्लाइट में इंडिगो की दिल्ली और मुंबई से इस्तांबुल, जोधपुर से दिल्ली और विस्तारा की उदयपुर से मुंबई जाने वाली उड़ान शामिल हैं।

दुबई-जयपुर एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट की शनिवार तड़के एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हालांकि जांच में बम की धमकी अफवाह निकली। विमान में कुल 189 यात्री सवार थे। उधर, दिल्ली से लंदन जा रही विस्तारा की एक फ्लाइट में बम की धमकी मिली। इसके बाद फ्लाइट को फ्रैंकफर्ट डायवर्ट किया गया। अनिवार्य सुरक्षा जांच के बाद विमान को लंदन रवाना किया गया है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा कि 18 अक्टूबर को दिल्ली से लंदन जा रही फ्लाइट को सोशल मीडिया से माध्यम से बम की धमकी दी गई। इसके बाद अधिकारियों को सूचित किया गया और एहतियातन फ्लाइट को फ्रैंकफर्ट डायवर्ट किया गया।

शुक्रवार को भी अकासा एयर को बम की धमकी मिली थी। एयर लाइन ने बताया कि शुक्रवार को बेंगलुरु से मुंबई जाने वाली फ्लाइट (QP 1366) को धमकी मिली। इसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी यात्रियों को विमान से उतारकर जांच की गई। एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए माफी भी मांगी।

इंडिगो की मुंबई से इस्तांबुल और दिल्ली से इस्तांबुल जाने वाली फ्लाइट को धमकी मिली। इसके अलावा जोधपुर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट को भी सुरक्षा संबंधी अलर्ट मिला है। विमान को दिल्ली में उतारा गया। इसके बाद जांच पड़ताल की गई। उधर, विस्तारा एयरलाइन की मुंबई से उदयपुर जा रही फ्लाइट को भी धमकी मिली। मुंबई एयरपोर्ट पर उतार कर विमान की गहन जांच की गई।

बता दें कि हाल ही के दिनों में करीब 40 फ्लाइट को बम की धमकी मिल चुकी है। हालांकि जांच में यह सभी फर्जी निकलीं। मगर इन धमकियों की वजह से फ्लाइट को डायवर्ट और रद करना पड़ रहा है। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक बम की धमकी देने वाले व्यक्ति को नो-फ्लाई सूची में डाला जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो आरोपी फ्लाइट में उड़ान नहीं भर सकेंगे।

केदारनाथ उपचुनाव : कौन मारेगा बाजी, कैसा है इस सीट का इतिहास?

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देहरादून: केदारनाथ उप चुनाव 20 नवंबर को होना है। तारीखों का ऐलान हो चुका है। जुबानी जंग जारी है। BJP-कांग्रेस लगातार अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। लेकिन, अब तक किसी भी दल ने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। BJP प्रत्याशी चयन के लिए पैनल आलाकमान को भेज चुकी है। वहीं, कांग्रेस में भी मंथन जारी है। यह सीट भाजपा विधायक शैला रानी रावत के निधन के बाद खाली हुई है।

राजनीतिक दल फिलहाल उलझन में नजर आ रहे हैं। अगर इस सीट पर BJP-कांग्रेस के पलड़े की बात करें तो यहां मुकाबला दोनों लगभग बराबर रहा है। राज्य गठन के बाद हुए विधानसभा चुनाव में 2002 में इस सीट से भाजपा की आशा नौटियाल ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस की शैलारानी रावत को हराया था।

साल 2007 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर BJP की आशा नौटियाल और कांग्रेस के कुंवर सिंह नेगी आमने-सामने थे। इस बार भी बाजी आशा नौटियाल ने ही मारी। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से शैलारानी रावत और बीजेपी से आशा नौटियाल आमने-सामने थीं। इस बार बाजी कांग्रेस की शैलारानी रावत ने मारी।

2017 में देश में मोदी लहर थी। हर कोई उम्मीद कर रहा था कि इस बार BJP इस सीट पर फिर जीत हासिल करेगी। लेकिन, इस पर कांग्रेस ने जीत हासिल की। उसका कारण यह माना गया कि 2016 में कांग्रेस में बगावत हुई और कांग्रेस की शैलारानी रावत ने भाजपा का दामन थाम लिया था। जिसके बाद BJP ने आशा नैटियाल का टिकट काट दिया और शैलारानी रावत को प्रत्याशी बनाया।

शैलारानी रावत के BJP में जाने के बाद कांग्रेस ने मनोज रावत को अपना प्रत्याशी बनाया। इधर, टिकट कटने से नाराज आशा नैटियाल निर्दलीय मैदान में उतर गई। जिसका सीधा लाभ कांग्रेस को मिला और कांग्रेस के मनोज रावत मोदी लहर में भी जीतने में सफल रहे।

साल 2022 में एक बार फिर BJP ने शैला रानी रावत को ही मैदान में उतारा। वहीं, कांग्रेस ने भी मनोज रावत पर ही दांव खेला। लेकिन, निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप रावत ने मुकाबले को त्रिकोंणीय बना दिया। हुआ यह कि कांग्रेस के मनोज रावत के मुकाबले कुलदीप को ज्यादा वोट मिले। जिसका फायदा भाजपा को मिला और एक बार फिर शैला रानी रावत विधायक बनी।

अब सवाल यह है कि शैला रानी रावत के बाद BJP इस सीट पर किस पर दांव लगाएगी। BJP में दावेदार कई हैं, लेकिन माना जा रहा है कि भाजपा दिवंगत विधायक के परिवार से ही किसी पर दांव लगा सकती है। वहीं, कांग्रेस में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है। यहां नेताओं की अलग-अलग राय है। बैठकों में मंथन किया जा रहा है। मुहर किसके नाम पर लगती है, फिलहाल इसका सभी का इंतजार है।

इसमें BJP के लिए चिंता की बात यह है कि पिछले दिनों हुए दो सीटों के उपचुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। BJP बद्रीनाथ और मंगलौहर का उपचुनाव हार गई थी। केदारनाथ चुनाव BJP हर हाल में जीतना चाहेगी। इस सीट पर चुनाव जीतने का असर आने वाले निकाय चुनावों पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में BJP-कांग्रेस (INC) हर हाल में केदारनाथ उपचुनाव को जीतने पर फोकस किए हुए हैं।

केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव 20 नवंबर को होगा जबकि परिणाम की घोषणा 23 नवंबर को की जाएगी।उत्तराखंड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने यहां मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 22 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर होगी।

शूटर के फोन में मिली फोटो, क्या निशाने पर है महाराष्ट्र का ये विधायक?

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NCP नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की तीन शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस इस मामले में अभी तक नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं एक शूटर और फरार साजिशकर्ता शुभम लोनकर की तलाश है।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने शुभम लोनकर के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया है। मुंबई पुलिस को शक है कि वह नेपाल भाग सकता है। इस बीच बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक और खुलासा हुआ है। आरोपी स्नैपचैट एप के माध्यम से एक-दूसरे से बात करते थे।

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मुंबई पुलिस हत्याकांड की गहनता से जांच कर रही है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सलमान खान की वजह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया है? उधर, एनडीटीवी ने पुलिस सूत्रों के आधार पर बताया है कि एक शूटर के फोन पर बाबा सिद्दीकी के विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी की फोटो भी मिली है।

चौथे विकेट के लिए मजबूत साझेदारी, सरफराज ने ठोका करियर का पहला शतक

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भारतीय बल्लेबाज सरफराज खान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट करियर का अपना पहला शतक जड़ा। सरफराज ने चौथे दिन 70 रन से आगे खेलना शुरू किया और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। सरफराज के शतक की मदद से भारत ने दूसरी पारी में तीन विकेट पर 274 रन बना लिए हैं और वह अभी न्यूजीलैंड से 82 रन पीछे चल रहा है। शतक लगाते ही सरफराज खुशी से झूम उठे और उन्होंने अपनी पारी का जश्न मनाया।

सरफराज खान और ऋषभ पंत के बीच चौथे विकेट के लिए 50 रनों की साझेदारी पूरी हो चुकी है। सरफराज ने इस दौरान अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा। दूसरे छोर पर पंत ने भी उनका अच्छा साथ दिया। भारत ने दूसरी पारी में अब तक तीन विकेट पर 287 रन बना लिए हैं। भारतीय टीम हालांकि, अब भी न्यूजीलैंड से 69 रन पीछे चल रही है। सरफराज 106 रन और पंत 18 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।

 दोनों बल्लेबाजों के बीच अब तक 88 रनों की साझेदारी हो चुकी है और जिसकी मदद से भारत ने दूसरी पारी में 300 रन का आंकड़ा पार कर लिया है। भारत अभी भी न्यूजीलैंड से 37 रन पीछे चल रहा है। सरफराज 115 रन और पंत 40 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। पंत को इस बीच जीवनदान भी मिला।

एजाज पटेल की गेंद पर एलबीडब्ल्यू की अपील हुई और अंपायर ने पंत को आउट दिया। भारती बल्लेबाज ने तुरंत ही डीआरएस का इस्तेमाल किया जिसमें दिखा कि गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर पैड पर लगी है। इस तरह अंपायर का फैसला पलटा गया। चौथे दिन शानदार बल्लेबाजी की और भारत को मुश्किल से उबारा। भारत अब न्यूजीलैंड से 21 रन पीछे है और बढ़त हासिल करने के करीब पहुंच गया है।

मेरा बेटा नहीं मांगेगा माफी, जानें धमकियों पर सलीम खान ने क्या कहा?

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बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद सलमान खान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बाबा सिद्दीकी की मौत की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। बिश्नोई गैंग ने एक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट लिखते हुए कहा था कि जो भी सलमान खान के साथ खड़ा होगा, उसे अपने अंजाम के बारे में पता रहना चाहिए। हाल ही में लारेंस बिश्नोई गैंग के शूटर सुक्खा उर्फ सुखबीर बलबीर सिंह की गिरफ्तारी हुई। सुक्खा उन आरोपियों में शामिल हैं, जो सलमान खान को मारने की प्लानिंग बना रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, सुक्खा ने वीडियो कॉल के जरिए पाकिस्तान स्थित हथियार डीलर डोगर से संपर्क किया, जिसमें हथियारों के सौदे की शर्तों पर बातचीत करते हुए AK-47 और अन्य बड़े हथियार दिखाए। सलमान खान और उनके परिवार को मिल रही जान से मारने की धमकियों के बीच सलीम खान ने दावा किया है कि उनके बेटे ने काले हिरण का शिकार नहीं किया है।

एक टीवी चैनल के दिए इंटरव्यू में सलीम खान ने कहा कि आज तक मेरे बेटे ने कॉकरोच तक नहीं मारा, उसने काले हिरण की हत्या नहीं की। न ही सलान खान के पास बंदूक थी। हमने किसी कॉकरोच तक को नहीं मारा। हमारा परिवार हिंसा में विश्वास नहीं करता। सलमान खान जानवरों से बहुत प्यार करते हैं, वो किसी जानवर का हत्या नहीं कर सकते।सलीम खान ने आगे कहा कि लोग बोल रहे हैं कि सलमान खान माफी मांग ले। सलमान खान माफी नहीं मांगेंगे क्योंकि उन्होंने कोई गुनाह नहीं किया है।

वहीं, सलीम खान ने बाबा सिद्दीकी की हत्या पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बाबा सिद्दीकी की हत्या का सलमान खान से कोई ताल्लुक नहीं है। जब सलीम खान से पूछा गया कि बाबा सिद्दीकी की हत्या से उनके परिवार पर क्या असर पड़ा? तो उन्होंने कहा कि ‘बाबा सिद्दीकी मेरा दोस्त था। मिलता था। बहुत पुराना दोस्त था। अफसोस तो हुआ। अब क्या कर सकते हैं। अच्छा व्यक्ति था। बहुत से लोगों की उसने मदद भी की थी।

अब राहुल गांधी से बात करूंगा…संजय राउत के बयान पर सियासी बवाल

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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए तारीख सामने आ गई है, लेकिन शिवसेना (UBT) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर अभी भी पेंच फंसा हुआ है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे और 23 नवंबर को परिणाम आएंगे।

ऐसे में सीट शेयरिंग को लेकर शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने बयान जारी किया है। संजय राउत ने कहा, महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता फैसले लेने में सक्षम नहीं है। कांग्रेस नेताओं को बार-बार लिस्ट दिल्ली भेजनी पड़ती है, फिर चर्चा होती है। उन्होंने आगे कहा कि अब समय बहुत कम है। उन्होंने अब सीधे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ सीट शेयरिंग पर चर्चा करने की बात कही है।

संजय राउत ने एलान किया कि वह महा विकास अघाड़ी गठबंधन के लिए राहुल गांधी के साथ सीट-बंटवारे की व्यवस्था पर चर्चा करने की योजना बना रहे हैं। शिवसेना (UBT) सांसद ने ये भी बताया, मैंने सुबह मुकुल वासनिक से बात की है।

आज मैं राहुल गांधी से भी बात करूंगा और सीट बंटवारे के संबंध में लंबित निर्णय होगा। कई सीटों पर निर्णय लिया जा चुका है, कुछ सीटें ऐसी हैं, जिन पर निर्णय नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, NCP और शिवसेना के बीच कोई बड़ा मतभेद नहीं है, यहां तक ​​कि कांग्रेस में भी ऐसा कुछ नहीं है, लेकिन कुछ सीटें ऐसी हैं, जिन पर तीनों पार्टियों का दावा है। नाना पटोले महाराष्ट्र में हमारे सहयोगी हैं, लेकिन इस पर पेंच है। कुछ सीटों पर इसका समाधान हो जायेगा।

शिव सेना (UBT) नेता ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि मेरे जैसे लोग जेल गए हैं और वापस आ गए हैं, हम जानते हैं कि निशाने पर कौन हैं और भाजपा क्या करेगी। राउत ने भाजपा की रणनीति की तुलना बिश्नोई गैंग से की और दावा किया कि वे सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों को अपने विरोधियों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

 

उत्तराखंड: CM को सौंपा UCC नियमावली का ड्राफ्ट, 9 नवंबर को होगा लागू

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देहरादून: समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम के राज्य में क्रियान्वयन के लिए सेवानिवृत्त IAS शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई ‘नियमावली और क्रियान्वयन समिति’ ने शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नियमावली का ड्राफ्ट सौंपा।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त IAS शत्रुघ्न सिंह, सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता श्री मनु गौड़, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, अपर पुलिस महानिदेशक अमित सिन्हा और स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा मौजूद थे।

समिति द्वारा समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली का ड्राफ्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद हमने मंत्री मण्डल की पहली बैठक में निर्णय लिया कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करेंगे।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देशाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई गई। कमेटी के रिपोर्ट सौंपने के बाद 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा में पारित किया गया। उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति के बाद 12 मार्च, 2024 को समान नागरिक संहिता उत्तराखण्ड, 2024 अधिनियम पारित हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता अधिनियम की नियमावली आज सौंपी गई है। इस नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग है। जिसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण तथा उत्तराधिकार सम्बन्धी नियमों के पंजीकरण सम्बन्धी प्रक्रियाएं उल्लिखित है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंत्रीमण्डल की बैठक में इस अधिनिनियम को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए तिथि तय की जायेगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।

जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत इस समान नागरिक संहिता के लिए एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं जन सामान्य को ऑनलाईन माध्यम से सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में सबको समान रूप से न्याय मिले।

महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विधेयक बना है। जल्द इस अधिनियम को धरातल पर उतारा जायेगा। आजादी के बाद उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन जायेगा जिसे समान नागरिक संहिता लागू करने का गौरव प्राप्त होगा।