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उत्तराखंड : पौड़ी जिले में दर्दनाक हादसा, 3 लोगों की मौत, 4 घायल

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पाैड़ी जिले में दर्दनाक हादसा हो गया। रसिया महादेव-तकुलसारी-मैठाणाघाट मोटर मार्ग पर रणिहाट गांव के पास एक वाहन खाई में गिर गया। इस हादसे में चालक समेत 3 लोगों की मौके पर मौत हो गई। जबकि, 4  स्कूली बच्चे घायल हैं।

घटना दोपहर करीब ढाई बजे की है। पिकप वाहन नैनीडांडा के भटवाड़ों से बीरोंखाल ब्लॉक के बंदरकोट जा रहा था। इस दाैरान वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और खाई में जा गिरा। इस वाहन में छुट्टी के बाद अपने घर जा रहे इंटर कॉलेज ललितपुर के छात्र भी सवार थे।

साथ में ड्राइवर समेत तीन अन्य लोग भी थे। वाहन खाई में गिरते ही तीन लोगों की जान चली गई। वहीं, चार छात्र घायल हो गए। घायल स्कूली बच्चों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में उपचार चल रहा है।

मृतकों के नाम

– आनंद सिंह(60) पुत्र शेर सिंह निवासी ग्राम  क्वीन धूमाकोट। ( चालक)
– मोहन सिंह(65) पुत्र कोतवाल सिंह निवासी  किंगोडीखाल धूमाकोट।
– अर्जुन सिंह(60) पुत्र गुमान सिंह निवासी ग्राम बंदर कोट तह बीरोंखाल।

ये हुए घायल

– सानू(16) पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी ठकुलसारी, बीरोंखाल
– अनुराग(14) पुत्र रनवीर सिंह निवासी ठकुरसारी बीरोंखाल।
– आदित्य(14) पुत्र रनवीर सिंह नेगी निवासी ठकुरसारी बीरोंखाल।
– आयुष(11) पुत्र चंद्र सिंह निवासी ठकुलसारी।

केदारनाथ उपचुनाव: BJP-कांग्रेस को किसका सहारा, क्या है दोनों दलों का माहौल?

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  • प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’

इसी साल कुछ महीने पहले ही उत्तराखंड की बदरीनाथ और मंगलौर सीटों पर विधानसभा के उप चुनाव हुए। दोनों ही सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की। दो सीटों की जीत ने कांग्रेस में उत्साह जरूर भरा, लेकिन कांग्रेस की गुटबाजी उस पर भारी पड़ सकती है। वहीं सत्तारूढ़ भाजपा दो सीटों पर मिली हार का बदला लेना चाहती है। केदारनाथ सीट का उप चुनाव आने वाले चुनावों के लिए माहौल सेट करने वाला होगा।

आनेवाले चुनाव यानि निकाय और पंचायत चुनाव, जिनके परिणाम 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी असर दिखा सकते हैं। ऐसे में दोनों ही राजनीतिक दल पूरा जोर लगा रहे हैं। दोनों ही हर हाल में केदारनाथ उपचुनाव में इस सीट को जीतना चाहते हैं। हालांकि, अब तक दोनों ही दलों भाजपा-कांग्रेस ने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान नहीं किया है।

अगर भाजपा चुनाव हारती है, तो कांग्रेस को यहां से एक बूस्टर जरूर मिलेगा। लेकिन, अगर कांग्रेस यहां चुनाव हार जाती है, तो निकाय और पंचायत चुनाव में उसे नए सिरे से सोचने की जरूरत होगी। केदारनाथ धाम में पीएम मोदी हर साल पहुंचते हैं, ऐसे में उनके लिए भी परिणामों के मायने होंगे।

20 नवंबर को होने जा रहे केदारनाथ उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस लगातार जीत के दावे कर रहे हैं। भाजपा को इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहारा है। भाजपा उन्हीं के नाम का राग अलाप रही है। भाजपा कह रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केदारनाथ और उत्तराखंड से खास लगाव है।

वहीं, कांग्रेस केदारनाथ धाम का अपमान करने का भाजपा पर अरोप लगा रही है। पिछले दिनों दिल्ली में केदारनाथ मंदिर बनाने को लेकर खूब बवाल भी मचा था। मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी गए थे। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केदारनाथ प्रतिष्ठिा यात्रा भी निकाली थी।

कांग्रेस में दो धड़े साफतौर पर नजर आ रहे हैं। एक धड़ा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और दूसरा धड़ा गणेश गोदियाल की ओर झुका हुआ है। हालांकि, गोदियाल हमेशा ही गुटबाजी से साफ इंकार करते रहे हैं, लेकिन अपनी बातों को वो बहुत ही बेबाकी से रखते नजर आते हैं। कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष भले ही करन माहरा हों, लेकिन पॉवर सेंटर कहीं ना कहीं गोदियाल ही बने हुए हैं।

कांग्रेस में पिछले एक-दो सालों में बहुत बदलाव देखने को मिला है। हमेशा आमने-सामने नजर आने वाले हरीश रावत और प्रीतम सिंह अचानक चुप हो गए हैं। हरीश रावत तो सुर्खियों में बने रहते हैं, लेकिन प्रीतम सिंह की सक्रियता पहले से कम है। इसके अलावा कांग्रेस में कुछ नेता ऐसे भी हैं, जो शीतयुद्ध की तर्ज पर अपना काम करते हैं।

दूसरी ओर भाजपा में गुटबाजी और शीतयुद्ध दोनों ही चल रहे हैं। भाजपा संगठन अपने नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी करने की अनुमति नहीं देता है और करने पर कड़ा कदम भी उठाता है। इसीलिए भाजपा खेमे के नेता पार्टी लाइन से बाहर बयानबाजी नहीं करते हैं। यही वजह है कि नेताओं के बीच आपसी खींचातान होने के बावजूद सबकुछ व्यवस्थित नजर आता है।

बहरहाल, सभी को इंतजार है कि भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने पत्ते खोलें,  असल में दोनों ही राजनीतिक दल एक-दूसरे की रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं। अब देखना यह होगा कि केदारनाथ के रण में किसकी तरफ से कौन मोर्चा संभालता है ?

ऑर्डिनेंस फैक्टरी में बड़ा धमाका, कई लोग हुए घायल; राहत बचाव कार्य जारी

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मध्य प्रदेश के जबलपुर की आयुध निर्माणी खमरिया के एफ6 अनुभाग में मंगलवार की सुबह पिच्योरा बम को बॉयल्ड आउट करते समय फायर हो गया। जिस समय ब्‍लास्‍ट हुआ उस वक्‍त भवन में लगभग 12 से 13 लोग काम कर रहे थे। हादसे में सभी लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को महाकौशल हॉस्पिटल भेज दिया गया है, जहां उपचार जारी है।

चिकित्‍सकों ने बताया कि महाकौशल हॉस्पिटल रेफर किया गया है उनके नाम है श्यामलाल और रणधीर है। दोनों की हालत गंभीर है, जिन्‍हें कम चोट लगी है उनका भी उपचार किया जा रहा है। वहीं मलबे में कई कर्मचारियों के दबे होने की आशंका। राहत बचाव कार्य जारी है।

Lawrence Bishnoi के एनकाउंटर पर करणी सेना देगी 1 करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 रुपये का इनाम

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Lawrence Bishnoi को जान से मारने की धमकी दी गई है।  क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने लॉरेंस बिश्नोई को लेकर एक बड़ी घोषणा की है।

राज शेखावत ने कहा है कि जो पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करेगा उसके 1 करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 रुपये का इनाम करणी सेना की तरफ से दिया जाएगा। क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इस वायरल वीडियो में राज शेखावत कह रहे हैं कि मुझे सिर्फ इतना पता है कि हमारी धरोहर परम आदरणीय अमर शहीद सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या लॉरेंस बिश्नोई ने कराई थी।

राज शेखावत ने आगे कहा कि जो पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करेगा, उस पुलिसकर्मी को करणी सेना की तरफ से इनाम के तौर पर एक करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 रुपये दिए जाएंगे। इतना ही नहीं  बहादुर पुलिसकर्मी के परिवार की सुरक्षा और संपूर्ण व्यवस्थाओं का दायित्व भी हमारा ही रहेगा। पिछले साल 5 दिसंबर को सुखदेव सिंह गोगामेडी की उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

वहीँ, हाल ही में हुई एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी भी बिश्नोई गैंग ने ही ली है। गैंग से जुड़े तथाकथित एक गुर्गे ने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा था कि जो भी सलमान खान के साथ खड़ा होगा, उसे अपने अंजाम के बारे में पता रहना चाहिए।

हर साल बढ़ रहे सड़क हादसे, पिछले साल चली गई 1,73,000 लोगों की जान

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एक्सीडेंट में हर दिन देश के किसी ना किसी कोने में लोगों की जान जाने की खबरें सामने आती रहती हैं। हादसों में जान गवांने वालों की जानकारी राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार को दी है। इससे जो आंकड़े सामने आए हैं, वो बेहद चौंकाने वाले हैं। 2023 में देश में 1,73,000 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा बैठे। इनमें से लगभग 55% मौतें केवल छह बड़े राज्यों – उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई हैं। राजस्थान में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा इजाफा देखा गया है, जहां 2022 की तुलना में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 6% की वृद्धि हुई है।

पिछले 2023 में सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या को लेकर चौकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। आंकड़ों के अनुसार पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1.73 लाख लोग मारे गए। इसका मतलब है कि हर दिन औसतन 474 लोगों की जान गई या लगभग हर तीन मिनट में एक मौत हुई। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण घायल होने वालों की संख्या किस तरह बढ़ रही है क्योंकि पिछले साल अधिकतम लगभग 4.63 लाख लोग घायल हुए थे, जो 2022 की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक था।

सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या 1.68 लाख थी, जबकि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या 1.71 लाख थी। दोनों एजेंसियों ने अभी तक 2023 के लिए सड़क दुर्घटना के आंकड़े प्रकाशित नहीं किए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, असम और तेलंगाना सहित कम से कम 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2022 की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई, जबकि आंध्र प्रदेश, बिहार, दिल्ली, केरल और चंडीगढ़ जैसे राज्यों में मृत्यु दर में मामूली गिरावट आई।

इन राज्यों में सबसे ज्यादा मौतें

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में, पिछले साल उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा मौतें (23,652) हुईं, उसके बाद तमिलनाडु (18,347), महाराष्ट्र (15,366), मध्य प्रदेश (13,798) और कर्नाटक (12,321) का स्थान रहा। हालांकि, सड़क दुर्घटनाओं के कारण घायल होने वालों के मामले में तमिलनाडु 72,292 लोगों के साथ सूची में सबसे ऊपर रहा, उसके बाद मध्य प्रदेश (55,769) और केरल (54,320) का स्थान रहा।

सूत्रों ने बताया कि पिछले साल मारे गए लोगों में से लगभग 44 प्रतिशत (लगभग 76,000) दोपहिया वाहन सवार थे, यह प्रवृत्ति पिछले कुछ सालों से जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले साल मारे गए दोपहिया वाहन सवारों में से लगभग 70 प्रतिशत हेलमेट नहीं पहने हुए थे।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अब समय आ गया है कि केंद्र और राज्य सरकारें दोपहिया वाहन चालकों की मौतों को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाएं, क्योंकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निजी परिवहन का सबसे लोकप्रिय साधन दोपहिया वाहन ही हैं।

पंजाब सरकार के यातायात और सुरक्षा सलाहकार नवदीप असीजा ने कहा, फिलहाल, केवल हेलमेट और एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम ही दो ऐसी विशेषताएं हैं जो दुर्घटना की स्थिति में मोटरसाइकिल चालकों को मौत या चोट के जोखिम से बचाती हैं।

अब समय आ गया है कि सरकार शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले राजमार्गों पर दोपहिया वाहनों के लिए अलग लेन बनाने के लिए एक अनिवार्य नियम बनाए। इसकी पुष्टि करते हुए सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ रोहित बलूजा ने कहा कि मलेशिया में राजमार्गों पर दोपहिया वाहनों के लिए अलग लेन बनाने से दुर्घटनाओं और मौतों में कमी आई है।

उन्होंने कहा, हमें जिस चीज पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, वह है सभी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करना। हमारे सिस्टम में विज्ञान के रूप में ट्रैफ़िक इंजीनियरिंग गायब है और ट्रैफ़िक प्रबंधन को परिभाषित नहीं किया गया है। इसलिए कोई जवाबदेही नहीं है। सरकारी संस्थाओं को परामर्श पर निर्भर रहने के तरीके से बाहर आना चाहिए। उन्हें इस बड़ी समस्या से निपटने के लिए सिस्टम के भीतर क्षमता निर्माण के लिए आगे आना चाहिए।

लश्कर-ए-तैयबा बना रहा था नया आतंकी संगठन, J&K पुलिस ने किया भंडाफोड़

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जम्मू कश्मीर पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर विंग ने स्थानीय आतंकियों की भर्ती का पता लगाते हुए आज घाटी के विभिन्न जिलों में छापेमारी की है। छापेमारी से कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा टीआरएफ की तर्ज पर तैयार किया जा रहा तहरीक-ए- लब्बैक या मुस्लिम नामक आतंकी संगठन बनाने का षड्यंत्र विफल हो गया।

यह छापेमारी श्रीनगर, गांदरबल, बांडीपोर, कुलगाम, बडगाम, अनंतनाग और पुलवामा में हुई है। इसका हैंडलर बाबा हमास नामक एक पाकिस्तानी आतंकी बताया जा रहा है। छापेमारी के दौरान टीएलएम से जुड़े कुछ नए आतंकियों और ओवर ग्राउंड वर्करों को भी पकड़ा गया है।

दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंची हवा की गुणवत्ता, आज से ये नियम लागू

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दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ रहा है, दिल्ली में सांसा लेने कठिन हो रहा है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार यानी बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अलर्ट के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQM) ने आपात बैठक कर एनसीआर में ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के दूसरे चरण को लागू कर दिया है।

इसके तहत 11 सूत्रीय प्रविधानों और प्रतिबंधों को लागू किया गया है। इसमें आपात सेवाओं को छोड़कर आज मंगलवार सुबह आठ बजे से आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों में डीजल जनरेटर पर रोक लगा दी गई है।

CPCB की ओर से जारी देश के 238 शहरों के AQI रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को दिल्ली देश में सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां का एक्यूआई 310 रहा। इससे पहले गत 19 अक्टूबर को AQI-306 था। अगले तीन दिन तक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी। चार माह बाद राजधानी की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंची है।

ग्रेप-2 के तहत दिए गए ये निर्देश

  • आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों में डीजल जनरेटर पर रोक
  • पार्किंग शुल्क, सीएनजी-इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो के फेरे बढ़ाने के निर्देश
  • इमरजेंसी सेवाओं के लिए डीजल जनरेटर के इस्तेमाल में छूट दी गई
  • ग्रेप-2 के तहत सीएक्यूएम ने पार्किंग शुल्क बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम हो।
  • इसके अलावा एनसीआर में सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों के साथ ही मेट्रो के फेरे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • CQM ने लोगों से निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की है।
  • जनवरी तक धूल उत्पन्न करने वाले निर्माण कार्य न करें।
  • खुले में लकड़ी या कूड़ा न जलाएं।
  • सड़कों से धूल उड़ने से रोकने के लिए मशीन से सफाई के साथ ही पानी से छिड़काव करना होगा।
  • एकत्रित धूल को सड़क से हटाकर लैंडफिल साइट पर ले जाना होगा।
  • कम से कम हर दूसरे दिन धूल नियंत्रित करने वाला घोल मिलाकर स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव जरूरी होगा।
  • अधिक धूल और हाट स्पाट और वाहनों के अधिक दबाव वाली सड़कों पर भी घोल मिलाकर पानी का छिड़काव होना चाहिए।

DPCC सहित NCR की संबंधित सभी एजेंसियों को ग्रेप-2 के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है। सीपीसीबी के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के 36 प्रदूषण निगरानी केंद्रों में से 26 जगहों पर एक्यूआई 300 से अधिक रहा। सिर्फ 10 जगहों पर एक्यूआई 300 से कम यानी खराब श्रेणी में रहा।

उत्तराखंड : केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बी.आर. गवई

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श्री केदारनाथ धाम: 21 अक्टूबर। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई आज श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे।

श्री केदारनाथ मंदिर पहुंचने पर श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने न्यायमूर्ति का स्वागत किया।

भगवान केदारनाथ के दर्शन करने के पश्चात बीकेटीसी अध्यक्ष ने न्यायमूर्ति को भगवान केदारनाथ का प्रसाद तथा अंगवस्त्र भेंट किया।
न्यायमूर्ति ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम के दर्शन के पश्चात वह अविभूत है। उन्होंने मंदिर समिति की यात्रा व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की।

करवा चौथ पर घर आ रही महिला सिपाही से रेप

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करवा चौथ के त्योहार पर अयोध्या से छुट्टी लेकर ससुराल आ रही महिला सिपाही संग युवक ने दुष्कर्म किया। विरोध पर सिपाही ने आरोपित के हाथ की अंगुली में काट लिया। जिसपर आरोपित ने घूंसा मारकर महिला के दांत तोड़ दिए। रविवार को महिला सिपाही की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित को जेल भेज दिया। यह घटना शनिवार देर शाम की है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। मामला सेन पश्चिम पारा कोरियां चौकी क्षेत्र पाली रोड का है। सिपाही अयोध्या में तैनात थी, जहां से छुट्टी आ रही थी।

महिला सिपाही के मुताबिक, वह शनिवार शाम करीब सात बजे पैदल ससुराल आ रही थी। तभी रास्ते में सुनसान क्षेत्र व आंधेरा देख पड़ोसी धर्मेंद्र पासवान उर्फ कल्लू ने शराब के नशे में उसे पकड़ लिया। विरोध करने पर बाल पकड़कर पास के बाजरे के खेत में खींच ले गया। जहां उसने दुष्कर्म किया।

विरोध पर उसने इसके हाथ की अंगुली पर काट लिया और चेहरे पर नाखून मारे। जिसपर आरोपित ने मुंह मे घूंसा मारकर एक दांत तोड़ दिया। चीखपुकार सुन ग्रामीणों को आता देख आरोपित मौके से भाग निकला। स्वजनों संग महिला सिपाही ने पहले पाली पुलिस चौकी पहुंची। जहां से उसे घटना स्थल सेन पश्चिम पारा कोरियां चौकी होने की बात बताई गई।

जिसपर उसने सेन पश्चिम में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने रविवार को धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। महिला सिपाही द्वारा बताई गई घटना के मुताबिक धर्मेंद्र के हाथ की अंगुली दांतों से कटी पाई गई। साथ ही उसके चेहरे पर नाखून से खरोंच के निशान भी मिले है। रविवार शाम आरोपित को जेल भेज दिया गया है।

पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री ने की 4 बड़ी घोषणाएं

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित  किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आन्तरिक सुरक्षा व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने का उत्तरदायित्व राज्यों के पुलिस बल एवं अर्द्ध सैनिक बलों का है। विगत एक वर्ष में सम्पूर्ण भारत में कुल 216 अर्द्ध सैनिक बलों एवं विभिन्न राज्यों के पुलिस कर्मी शहीद हुए, जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस के 04 वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना की गई है, जो हमारे पुलिस बल के अद्वितीय समर्पण और बलिदान का प्रतीक है।

पिछले कुछ वर्षों में हमारी पुलिस ने अनेक चुनौतियों का सामना किया है। आतंकवाद, देश के विभिन्न क्षेत्रों में नक्सलवाद, प्राकृतिक आपदाओं, कानून व्यवस्थाओं से संबंधित जटिल परिस्थितियों में हमारी पुलिस ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक एवं सामरिक महत्व के दृष्टिगत राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यन्त संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने में हमारे पुलिस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। किसी भी राज्य की पुलिस व्यवस्था उस राज्य की सुरक्षा और समृद्धि का एक अभिन्न स्तम्भ है। राज्य पुलिस भी सेवा की भावना और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए अनेकों चुनौतियों नशा, साइबर क्राईम, महिला अपराध, यातायात व्यवस्था, चारधाम यात्रा, आपदा, भूस्खलन, काँवड यात्रा प्रबंधन का सामना करती है।

  • पुलिस कार्मिकों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु आगामी वर्ष में 100 करोड़ दिया जायेगा।

  • उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में कार्यरत कार्मिकों के पौष्टिक आहार भत्ते में 100/- की वृद्धि की जाएगी।

  • उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में कार्यरत निरीक्षक से सहायक उप निरीक्षक पदधारकों के वर्दी भत्ते की वर्तमान दर में 3,500/- की वृद्धि की जाएगी।

  • 9,000 फिट से अधिक ऊँचाई पर तैनात पुलिस कर्मियों।

  • SDRF कर्मियों को प्रदान की जा रही उच्च तुंगता भत्ते की वर्तमान दर में 200/- प्रतिदिन के स्थान पर 300/- प्रतिदिन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस के अन्तर्गत एक त्रिस्तरीय एण्टी नारकोटिक फोर्स का गठन किया गया है। इस वर्ष 1100 से ज्यादा नशे के सौदागरों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए लगभग 23 करोड़ रूपये के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक बड़ा खतरा बन चुका है। हमारी पुलिस को इस दिशा में भी सजग रहना होगा और तकनीकि रूप से और अधिक दक्ष होना पड़ेगा। राज्य में महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने पर “महिला हैल्प डेस्क” के अन्तर्गत ‘क्यूआरटी’ का गठन किया गया है। बच्चों एवं महिलाओं के प्रति हुए अपराधों में 95 प्रतिशत से अधिक मामलों का अनावरण कर 50 प्रतिशत से अधिक अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी है। जिसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस बधाई की पात्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कर्मियों के आवासीय स्तर को सुधारने के लिए 150 करोड़ से अधिक की लागत से 380 आवासों का निर्माण किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 42 करोड़ की लागत से 05 पुलिस थानों 02 पुलिस चौकियों, 02 फायर स्टेशनों और तीन पुलिस लाईनों के प्रशासनिक भवनों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पुलिस के रिस्पॉस टाइम को बेहतर करने के लिए 1105 पुलिस वाहनों की खरीद के लिए मंजूरी दी गई है। पुलिस सैलरी पैकेज के अन्तर्गत पुलिस कार्मिकों के लिए 75 लाख से 1 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा कराया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत 15 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि दिवंगत पुलिस कार्मिकों के परिजनों को प्रदान की जा चुकी है।

आपदा एवं राहत के क्षेत्र में सरकार द्वारा एस0डी0आर0एफ0 की एक कम्पनी स्वीकृत करते हुए 162 पदों का सृजन किया गया। 06 थानों व 21 पुलिस चौकियों के क्रियान्वयन हेतु 327 पद स्वीकृत किये गये, पीपीएस के ढांचे में 11 नये पदों का सृजन किया गया। उप निरीक्षक स्तर के 222 पदों पर भर्ती निकाली गयी है तथा 2000 सिपाहियों की भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है। राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए उत्तराखण्ड खेल नीति के अन्तर्गत कुशल खिलाड़ी कोटे में भी पुलिस विभाग में भर्तियां की जायेंगी।

216 कर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी

1 आन्ध्र प्रदेश 2
2 अरुणांचल प्रदेश 2
3 असम 6
4 बिहार 15
5 छत्तीसगढ़ 11
6 झारखण्ड 4
7 कर्नाटक 5
8 केरल 1
9 मध्य प्रदेश 23
10 महाराष्ट्र 3
11 मणिपुर 6
12 मेघालय 1
13 नागालैण्ड 2
15 पंजाब 2
16 राजस्थान 20
17 तमिलनाडू 5
18 तेलंगाना 1
19 त्रिपुरा 3
20 उत्तर प्रदेश 2
21 उत्तराखण्ड़ 4
22 पश्चिम बंगाल 9
23 अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह 1
24 दिल्ली 5
25 जम्मू एवं कश्मीर 7
26 बीएसएफ 19
27 सीआईएसएफ 6
28 सीआरपीएफ 23
29 आईटीबीपी 6
30 एसएसबी 2
31 एफएस, सीडी एवं एचजी 2
32 आरपीएफ 14
कुल 216
4 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी 
1- अपर उप निरीक्षक ना0पु0 कान्ता थापा, जनपद उत्तरकाशी
2- मुख्य आरक्षी 29 ना0पु0 गणेश कुमार, जनपद उत्तरकाशी
3- आरक्षी 106 स0पु0 गणेश कुमार, जनपद ऊधमसिंहनगर
4- आरक्षी 10 स0पु0 गोविन्द सिंह भण्डारी, जनपद ऊधमसिंहनगर
देश भर की पुलिस के सभी शहीद पुलिस जनों को कोटि-कोटि नमन्।