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उत्तराखंड तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद

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IMG 20240813 WA0053तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद हुए।

• इस यात्रा वर्ष पौने दो लाख श्रद्धालु पहुंचे श्री तुंगनाथ।

• पांच सौ से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।

श्री तुंगनाथ/ उखीमठ/रूद्रप्रयाग: 4 नवंबर। पंचकेदारों में प्रतिष्ठित तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट आज पूर्वाह्न 11 बजे शुभ मुहूर्त पर विधि- विधान से शीतकाल के लिए बंद हो गये है। इस अवसर पर मंदिर को सजाया गया था।
कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ जी की उत्सव डोली ने स्थानीय वाद्य यंत्रों ढोल- दमाऊं सहित बाबा तुंगनाथ के जय उदघोष के साथ प्रथम पड़ाव चोपता को प्रस्थान किया इस अवसर पर पांच सौ से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे।

श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर अपने संदेश में श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।

बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने  कपाट बंद होने अवसर पर बताया  कि इस यात्रा वर्ष एक लाख सत्तर हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने भगवान तुंगनाथ जी के दर्शन किये। बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी ने कपाट बंद होने अवसर पर श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनायें प्रेषित की हैं ।

कपाट बंद होने के एक दिन पहले 3 नवंबर को श्री तुंगनाथ मंदिर में यज्ञ- हवन किया गया था आज 4 नवंबर प्रात: साढ़े चार बजे मंदिर खुल गया था
प्रात कालीन पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान तुंगनाथ जी के दर्शन किये। ठीक दस बजे से मंदिर गर्भगृह में कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू हुई।

भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि स्वरूप में ले जाया गया। शिवलिंग को स्थानीय पुष्पों, फल पुष्पों , अक्षत से ढक दिया गया।
इसके बाद मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रबंधक बलबीर नेगी डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित,की उपस्थिति में पुजारी अतुल मैठाणी तथा अजय मैठाणी ने तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद किये।

कपाट बंद होने के बाद मंदिर समिति कर्मचारियों तथा श्रद्धालुओं के साथ मंदिर की परिक्रमा पश्चात अखोड़ी और हुडु गांव के हक-हकूकधारी भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली के साथ चोपता को प्रस्थान हुए।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 4 नवंबर सोमवार को भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली चोपता प्रवास करेगी।
5 नवंबर तथा 6 नवंबर को चलविग्रह डोली दूसरे पड़ाव भनकुन प्रवास करेगी।
7 नवंबर को भगवान तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में विराजमान हो जायेगी।
इसी के साथ श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेगी।

आज कपाट बंद होने के अवसर पर मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रबंधक बलबीर नेगी,डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित सहित पुजारीगण रवीन्द्र मैठाणी, विनोद मैठाणी, चंद्रमोहन बजवाल,दिलवर नेगी, दीपक पंवार,जीतपाल भंडारी, उम्मेद थोर, नरेंद्र भंडारी एवं वन विभाग, पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि, दस्तूरधारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे।

उत्तराखंड : अल्मोड़ा हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत! कई घायल

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अल्मोड़ा में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। मार्चुला के पास एक बस खाई में गिर गई है। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

SDRF की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। जानकारी के अनुसार, नैनी डांडा से रामनगर जा रही एक बस आज सुबह खाई में गिर गई। गीत जागीर नदी के किनारे गिरी बस में 15 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हैं।

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आपदा प्रबंधन अधिकारी अल्मोड़ा विनीत पाल ने बताया कि 15 से अधिक यात्रियों की मौत हो चुकी है। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। टीम रेस्क्यू में जुटी है। हादसे में कितने यात्रियों की मौत हुई है, यह रेस्क्यू होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। बताया जा रहा है कि 42 सीटर बस में 35 से ज्यादा यात्री थे। हादसे के बाद कुछ यात्री खुद ही बस से बाहर निकल आए। कुछ लोग छिटक कर नीचे गिर गए।
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घायल लोगों ने ही जानकारी दूसरों तक पहुंचाई। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। घायलों को अस्पताल ले जाने का काम किया जा रहा है। एसएसपी अल्मोड़ा भी मौके के लिए रवाना हो चुके है, सल्ट पुलिस मौके पर पहुंच गई है, SDRF की टीम को भी रवाना किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा के मार्चुला में हुई बस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है । साथ ही मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तेजी के साथ राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटनास्थल पर स्थानीय प्रशासन एवं SDRF की टीमें घायलों को रेस्क्यू कर उपचार के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचाने हेतु तेजी से कार्य कर रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एयरलिफ्ट करने के लिए भी निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में बड़ा हादसा, गहरी खाई में गिरी बस, रेस्क्यू जारी

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अल्मोड़ा में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। मार्चुला के पास एक बस खाई में गिर गई है। हादसे में कई लोगों की मौत की खबर है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है।

जानकारी के अनुसार, नैनी डांडा से रामनगर जा रही एक बस आज सुबह खाई में गिर गई। गीत जागीर नदी के किनारे गिरी बस में कई लोगों के हताहत होने की खबर है। हादसे का शिकार हुई बस नैनीडांडा के किनाथ से सवारियों को लेकर जा रही थी। बस को रामनगर जाना था। यूजर्स कम्पनी की बस है। बस सारड बैंड के पास नदी में गिरी है। मरने वालों की संख्या 25 से ज्यादा हो सकती है।

बस 42 सीटर थी। बस में 35 से ज्यादा यात्री थे। हादसे के बाद कुछ यात्री खुद ही बस से बाहर निकल आए। कुछ लोग छिटक कर नीचे गिरे। घायल लोगों ने ही जानकारी दूसरों तक पहुंचाई। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। घायलों को अस्पताल ले जाने का काम किया जा रहा है। एसएसपी अल्मोड़ा भी मौके के लिए रवाना हो चुके है, सल्ट पुलिस मौके पर पहुंच गई है, SDRF की टीम को भी रवाना किया है।

चकराता का खूबसूरत ‘होटल उत्तरायण’, जहां से आप लौटना नहीं चाहेंगे…

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चकराता…हिमालय पर 7000 फ़ीट की ऊंचाई पर बसा यह नगर अपने शांत वातावरण, प्रदूषण मुक्त पर्यावरण से यहां आने वाले हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। यह नगर देहरादून से 78 किलोमीटर दूर है और उत्तर पश्चिम उत्तराखंड के जौनसर-बावर क्षेत्र के अंतर्गत आता है। दिल्ली से यहां की दूरी लगभग 298 किलोमीटर है।

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Evening 5 pm Purodi Chakrata covered with Clouds

चकराता की स्थापना कर्नल ह्यूम और उनके सहयोगी अधिकारियों ने की थी। उनका सम्बंध ब्रिटिश सेना के 55 रेजिमेंट से था। यहां के वातावरण को देखते हुए अंग्रेजों ने इस स्थान को समर आर्मी बेस के रूप में इस्तेमाल किया। वर्तमान में यहां सेना के जवानों को कमांडों की ट्रैनिंग दी जाती है। आने वाले सैलानियों के लिए यहां अच्छे होटल, रिसोर्ट हैं और इसी श्रृंखला में पुरोड़ी (चकराता) में एक और बेहतरीन होटल खुला है, नाम है ‘होटल उत्तरायण‘।

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Sun Basking with early morning Green tea 

हाल के दिनों हम अपने चकराता ट्रिप पर होटल उत्तरायण में रुके। तीन रात उत्तरायण में बिताने के बाद भी मेरा बीटा देवांश यहां से देहरादून (घर) नहीं आना चाहता था।

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Hotel Uttrayan, Chakrata

बहुत ही उत्तम विलाज, रूम्स, इंडोर गेम्स, कमरों के बालकनी से खूबसूरत सूर्योदय, आपके बिस्तर पर सूर्योदय होते ही पड़ती सुनहरी धूप, हॉट वॉटर बाथ टब विथ जकूज़ी और स्वादिष्ट भोजन मिल जाये तो किसे यहां से जाने का मन करेगा। होटल उत्तरायण के मालिक अमित जोशी बताते हैं कि “मेरा सपना था की चकराता में ऐसा होटल बनाएं, जहां गेस्ट के लिए हर आराम-सुविधा का इंतेज़ाम हो। आज जिस तरह से मसूरी, नैनीताल में अच्छे होटल तो बहुत हैं, पर शांति नहीं है।

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Hot Bath n Jacuzzi

हमारी कोशिश है कि हम चकराता की खूबसूरत वादियों में गेस्ट को लक्ज़री स्टे कराएं” , और यकीन मानिए इस सोच पर हमने होटल उत्तरायण को खरा पाया। होटल का स्टाफ आपका बहुत अच्छा ख्याल रखेगा, होटल उत्तरायण का शरीर अगर उसके मालिक अमित जोशी हैं तो उसकी आत्मा उनकी 22 वर्षीय बेटी सारा जोशी है।

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Owner Shri Amit Joshi and his daughter Sara Joshi

सारा ने दिल्ली से अपना ग्रेजुएशन किया है और आज अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए पहाड़ों पर आ गयी है, अपनी जड़ों में।  सारा कहती हैं कि “हम अगर अपने गांव अपने पहाड़ छोड़कर शहरों की चकाचौंद देख कर भागेंगे तो यहां कौन रहेगा।”

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उत्तराखंड के पहाड़ों में बूढी दिवाली मनाई जाती है, जो दिवाली (31 अक्टूबर 2024) के ठीक एक महीने बाद मनाई जाएगी। सारा जोशी ने बताया कि “इस साल हम अपने होटल के गेस्ट्स के लिए बूढी दिवाली में तीन दिनों का कार्यक्रम करने जा रहे हैं, जिसमें गेस्ट्स उत्तराखंड के पहाड़ों के गांव में दिवाली मना सकेंगे, यहां की संस्कृति और  हमारी पहाड़ी विरासत का अनुभव कर सकेंगे”।

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5.45 am Sunrise from Hotel Uttrayan

उत्तरायण होटल में हमने एक ही दिन में सुबह 6 बजे सम्मोहित कर देना वाला सूर्योदय देखा, दोपहर पुरोड़ी गांव से चकराता (3 किलोमीटर) टहलते हुए साफ़ नीले आसमान में हिमालयन ईगल्स देखे तो पहाड़ों पर भेड़, बकरी, गाय घास चरते देखे, चकराता के सदर बाजार में घूमने का आनंद उठाया।

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Sadar bazar Chakrata

शाम 4 – 4.30 बजे उत्तरायण लौटते समय पुरोड़ी गांव में हमारे स्वागत में बादल आ गए और बादलों के बीच में पुरोड़ी गांव और होटल उत्तरायण की खूबसूरती उसका एक अलग मनमोहक रूप दिखा रही थी।

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लगभग एक दो घंटे में आसमान फिर से साफ़ हो गया और अब रात को आसमान में टिमटिमाते हज़ारों तारे हमें अपनी ओर खींच रहे थे। शांत हिमालय में अपने होटल के डेक एरिया से प्रकृति के इस नज़ारे ने हमें सम्मोहित कर दिया। एक दिन में प्रकृति के इतने खूबसूरत रूप आप हिमालय से ही देख पाते हैं।

  • भारत नौटियाल 

शीतकाल के लिए बंद हुए यमुनोत्री धाम के कपाट, खरसाली के लिए रवाना हुई डोली

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यमुनोत्री धाम के कपाट विशेष पूजा अर्चना के बाद पूर्व निर्धारित समयानुसार 12 बजकर पांच मिनट पर पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। अब छह महीने शीतकाल में मां यमुना के दर्शन व पूजा अर्चना शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली गांव में किए जाएंगे।

इससे पहले सुबह आठ बजे मां यमुना के भाई शनिदेव समेश्वर महाराज अपनी बहन को लेने यमुनोत्री धाम पहुंचे थे। उसके बाद यहां सैकड़ों श्रद्धालुओं और स्थानीय देव डोलियों की मौजूदगी में मां यमुना के मंदिर कपाट बंद हुए। ग्रामीणों ने मां यमुना की डोली का फूल मालाओं, धूप, दीप नैवेद्य के साथ भव्य स्वागत किया।

इस मौके पर पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, पुरोहित समाज के सुरेश उनियाल, मनमोहन उनियाल, प्यारे लाल उनियाल, भागेश्वर उनियाल,सुभाष उनियाल,गौरव उनियाल,आशिष उनियाल,कमल सिंह बिष्ट,महावीर पंवार, आनंद सिंह राणा, जसपाल परमार,सीओ सुरेंद्र सिंह भंडारी,एस ओ दीपक कठैत, विक्रम सिंह, एसडीएम बृजेश तिवारी के अलावा सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

उद्धव और अजित पवार पर रेप-वसूली का आरोप लगाने का बनाया था दबाव, इस नेता की आत्मकथा से सियासी तूफ़ान

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मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपनी आत्मकथा ‘डायरी ऑफ ए होम मिनिस्टर’ में बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। NBT की रिपोर्ट के अनुसार देशमुख ने दावा किया है कि फडणवीस ने समीत कदम नाम के एक व्यक्ति के जरिए उन्हें एक झूठा हलफनामा देने को कहा था, जिससे उद्धव ठाकरे सरकार को गिराया जा सके। इस हलफनामे में उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और अजित पवार पर कई गंभीर आरोप लगाने थे।

हालांकि देशमुख ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि वह झूठे आरोप लगाकर किसी का करियर बर्बाद नहीं करेंगे। यह पूरा मामला फरवरी 2021 में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली संदिग्ध कार के बाद शुरू हुआ था। इस मामले में मुंबई पुलिस के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे थे। इसी दौरान मार्च 2021 में मुंबई पुलिस के तत्कालीन कमिश्नर परमबीर सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये वसूली का आरोप लगाया था। इसके बाद सीबीआई ने देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया। नवंबर 2021 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में देशमुख को अरेस्ट कर लिया। 2022 में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

देशमुख का आरोप है कि अप्रैल 2021 में जब सीबीआई उनसे पूछताछ कर रही थी। उसी दौरान देवेंद्र फडणवीस ने उनसे संपर्क साधा और मदद का वादा किया। फडणवीस ने कथित तौर पर समीत कदम नाम के शख्स को देशमुख के पास भेजा। उसने बताया कि ईडी जल्द ही मामले में शामिल होगी और कुछ सवाल पूछकर केस खारिज कर देगी। कुछ दिन बाद समीत कदम एक बंद लिफाफा लेकर देशमुख के पास पहुंचे। इस लिफाफे में एक हलफनामा था, जिसमें चार प्वाइंट थे।

देशमुख के मुताबिक, पहले प्वाइंट में उन्हें लिखना था कि उद्धव ठाकरे ने उन्हें अपने सरकारी आवास वर्षा बंगले पर बुलाकर मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए 300 करोड़ रुपये इकट्ठा करने को कहा था। दूसरे प्वाइंट में उन्हें यह झूठा दावा करना था कि आदित्य ठाकरे दिशा सलियन की मौत में शामिल थे। तीसरे प्वाइंट में यह आरोप लगाना था कि अजित पवार ने उन्हें तंबाकू उद्योग से पैसे वसूलने को कहा था।

चौथे प्वाइंट में अनिल परब के दापोली स्थित साईं रिजॉर्ट में निवेश को लेकर झूठे दावे करने थे। देशमुख ने अपनी किताब में लिखा है कि उन्होंने समीत कदम से कहा कि यह हलफनामा एक हथियार है। समीत कदम अपने देवेंद्र फडणवीस को बताओ कि मैं किसी पर भी ये झूठे आरोप नहीं लगाऊंगा। मैं जिंदगी भर जेल में बिता दूंगा लेकिन किसी के खिलाफ इस तरह के झूठे और घटिया आरोप नहीं लगाऊंगा।


देशमुख के मुताबिक, उन्होंने समीत कदम को फटकार लगाते हुए कहा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार गिराने के लिए ऐसी घटिया हरकत कैसे कर सकते हैं? हैरानी की बात तो यह है कि सुबह अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस ने सरकार बनाई थी, जो 72 घंटे भी नहीं चली। अब वे मुझे अजित दादा के खिलाफ भी भड़का रहे हैं। यह बहुत ही भयानक है। क्योंकि एक समय वे शिवसेना और ठाकरे परिवार के साथ सरकार बनाते थे, लेकिन अब उसी परिवार के वारिस के चरित्र हनन में लगे हैं… कितने भयानक आदमी हैं देवेंद्र फडणवीस।

जम्मू-कश्मीर BJP के प्रदेश अध्यक्ष बने सत शर्मा, रविंदर रैना को नई जिम्मेदारी

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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के बाद BJP ने संगठन में नई नियुक्ति शुरू कर दी है।भाजपा ने सत शर्मा (Sat Sharma) को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सत शर्मा को भारतीय जनता पार्टी जम्मू और कश्मीर का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।

BJP के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। सत शर्मा को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सत शर्मा पहले भी इस पद पर रह चुके हैं और एक अनुभवी संगठन व्यक्ति हैं।

रविंदर रैना जो 2018 से अध्यक्ष थे, का कार्यकाल बहुत पहले खत्म हो गया था, और भाजपा संगठनात्मक चुनावों की तैयारी कर रही है, इसलिए नेतृत्व में बदलाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। आने वाले दिनों और हफ्तों में पार्टी को कई राज्यों में नए अध्यक्ष मिलने की संभावना है।

CM योगी ने इस्तीफा नहीं दिया तो बाबा सिद्दीकी की तरह…पुलिस को मिली धमकी

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Yogi Adityanath
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी मिली है। मुंबई पुलिस को एक धमकी भरे मैसेज में कहा गया है कि अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 दिनों में इस्तीफा नहीं देते तो उन्हें एनसीपी के नेता बाबा सिद्दीकी की तरह ही मार दिया जाएगा।
मुंबई पुलिस ट्रैफिक कंट्रोल सेल को शनिवार शाम को एक अज्ञात नंबर से यह संदेश मिला। पुलिस ने कहा कि धमकी भरा संदेश किसने भेजा, इसका पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। इस धमकी के बारे में जानकारी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की सुरक्षा टीम को दे दी गई है और सुरक्षा को कड़ी कर दिया गया है।
बाबा सिद्दीकी की कुछ दिन पहले गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। विजयादशमी के दिन हुई इस घटना ने सभी को सकते में डाल दिया था। बाबा को बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर मारा गया था।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हुए

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जय बाबा केदार के जयघोष के साथ ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हुए।

• श्री केदारनाथ मंदिर को भब्य रूप से फूलो से सजाया गया

केदारनाथ / रूद्रप्रयाग 3 नवंबर। विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट रविवार को भैया दूज के पावन पर्व पर प्रातः 08:30 बजे शीतकाल के लिए बंद हो गए। ऊं नम् शिवाय, जय बाबा केदार के जय घोष तथा भारतीय सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच वैदिक विधि-विधान व धार्मिक परंपराओं के साथ कपाट बंद किए गए। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय समेत 15 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। कपाट बंद होने के अवसर पर मंदिर को दीपावली के दिन से ही भव्य रूप से फूलों से सजाया गया था ।

रविवार प्रातः पांच बजे से बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय की उपस्थिति में कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। बीकेटीसी के आचार्य, वेदपाठियों, पुजारीगणों ने भगवान केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग की समाधि पूजा की। स्वयंभू शिवलिंग को भस्म, स्थानीय पुष्पों बेल पत्र आदि से समाधि रूप दिया गया। प्रातः 08:30 बजे बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली को मंदिर से बाहर निकाल कर कपाट बंद कर दिए गए।

कपाट बंद होने के साथ ही बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली ने अपने पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान किया। हजारों श्रद्धालु बाबा की पंचमुखी डोली के साथ पैदल ही रवाना हुए। श्रद्धालुओं के लिए जगह – जगह भंडारे आयोजित किये गये थे। आज केदारनाथ में मौसम साफ रहा। आस-पास बर्फ होने से सर्द बयारें भी चलती रही लेकिन श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहा।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि बाबा केदार की डोली 4 नवंबर सोमवार को श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी और 5 नवंबर मंगलवार को शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। शीतकाल में बाबा केदार की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर में ही संपादित होगी।
बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि इस यात्राकाल में रिकार्ड साढ़े 16 लाख से अधिक तीर्थ यात्री श्री केदारनाथ धाम पहुंचे। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से आज भव्य व दिव्य केदारपुरी का पुनर्निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम यात्रा का सफल संचालन हुआ। उन्होंने सफल यात्रा संचालन के लिए बीकेटीसी के कार्मिकों, पुलिस – प्रशासन, यात्रा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विभागों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी आदि का आभार जताया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा. सौरभ गहरवार, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल सदस्य श्रीनिवास पोस्ती प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान आदि मौजूद रहे।

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बम-बम भोले के जयकारों के साथ 11वें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद 

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केदारनाथ :  विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट रविवार को भैया दूज के पावन पर्व पर प्रातः 08:30 बजे शीतकाल के लिए बंद हो गए। ऊं नम् शिवाय, जय बाबा केदार के जय घोष तथा भारतीय सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच वैदिक विधि-विधान व धार्मिक परंपराओं के साथ कपाट बंद किए गए। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय समेत 15 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। कपाट बंद होने के अवसर पर मंदिर को दीपावली के दिन से ही भव्य रूप से फूलों से सजाया गया था ।

रविवार प्रातः पांच बजे से बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय की उपस्थिति में कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। बीकेटीसी के आचार्य, वेदपाठियों, पुजारीगणों ने भगवान केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग की समाधि पूजा की। स्वयंभू शिवलिंग को भस्म, स्थानीय पुष्पों बेल पत्र आदि से समाधि रूप दिया गया। प्रातः 08:30 बजे बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली को मंदिर से बाहर लाया गया इसके बाद श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए।

कपाट बंद होने के साथ ही बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली ने अपने पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान किया। हजारों श्रद्धालु बाबा की पंचमुखी डोली के साथ पैदल ही रवाना हुए। श्रद्धालुओं के लिए जगह – जगह भंडारे आयोजित किये गये थे। आज केदारनाथ में मौसम साफ रहा। आस-पास बर्फ होने से सर्द बयारें भी चलती रही लेकिन श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहा।

कपाट बंद होने के अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि इस यात्राकाल में रिकार्ड साढ़े 16 लाख से अधिक तीर्थ यात्री श्री केदारनाथ धाम पहुंचे। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से आज भव्य व दिव्य केदारपुरी का पुनर्निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम यात्रा का सफल संचालन हुआ। उन्होंने सफल यात्रा संचालन के लिए बीकेटीसी के कार्मिकों, पुलिस – प्रशासन, यात्रा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विभागों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी आदि का आभार जताया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि बाबा केदार की पंचमुखी डोली आज 3 नवंबर को रामपुर रात्रि प्रवास करेगी 4 नवंबर सोमवार को श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी रात्रि प्रवास कर 5 नवंबर मंगलवार को शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। शीतकाल में बाबा केदार की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में ही संपादित होगी।

आज कपाट बंद होने के अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के अलावा स्वामी संबिदानंद महाराज,रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी डा.सौरव गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, केदारनाथ विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, सदस्य श्रीनिवास पोस्ती,भास्कर डिमरी, प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग, धर्माचार्य ओंकार शुक्ला, तीर्थ पुरोहितों की संस्था केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी,पूर्व अध्यक्ष विनोद शुक्ला, वेदपाठी स्वयंबंर सेमवाल, डोली प्रभारी प्रदीप सेमवाल, ललित त्रिवेदी,देवानंद गैरोला अरविंद शुक्ला, कुलदीप धर्म्वाण, उमेश पोस्ती,प्रकाश जमलोकी, रविंद्र भट्ट आदि मौजूद रहे।

यहां यह भी उल्लेखनीय है इस यात्रा वर्ष की उत्तराखंड चारधाम यात्रा शनै- शनै समापन की ओर है। धामों में मौसम सर्द हो गया है। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष 17 नवंबर को बंद हो रहे है।श्री गंगोत्री धाम के कपाट बीते शनिवार 2 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो गये है।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज भैयादूज 3 नवंबर को प्रात: बंद हुए तथा श्री यमुनोत्री धाम के कपाट आज भैयादूज के अवसर पर आज 3 नवंबर दोपहर को बंद हो जायेंगे।

जबकि पवित्र गुरूद्वारा हेमकुंट साहिब तथा लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट बीते 10 अक्टूबर को बंद हो गये। द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 20 नवंबर को बंद हो रहे है तथा तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट कल सोमवार 4 नवंबर को बंद हो रहे है जबकि चतुर्थ केदार रूद्रनाथ जी के कपाट 17 अक्टूबर को बंद हुए।