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बॉबी पंवार-IAS विवाद : जीरो टॉलरेंस की नीति क्यों नहीं कर रही काम?

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  • विवादित अफसर अनिल यादव का सेवा विस्तार है पूरे फसाद की जड़!

देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। सचिवालय में बेरोजगार संघ के नेता बॉबी पंवार पर बदसलूकी, जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाकर आईएएस अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर दिया। इस बीच आईएएस एसोसिएशन भी मनीक्षा सुंदरम के पक्ष में आ खड़ी हुई। आईएएस अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भी मिला। सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने तो आम लोगों की सचिवालय में एंट्री तक पर बैन लगाने की बेतुकी मांग कर डाली।

लेकिन, इन सब बातों के बीच एक बात साफ है कि बॉबी पंवार के लिए सोशल मीडिया में जबरदस्त समर्थन देखने को मिल रहा है। अधिकारियों को लेकर लोग सख्त टिप्पणियां भी कर रहे हैं। अधिकारियों का समर्थन करने वालों को भी लोग निशाने पर ले रहे हैं। जिस तरह से सोशल मीडिया का माहौल है, उससे ऐसा लग रहा है कि उत्तराखंड में फिर बड़ा आंदोलन हो सकता है। बेरोजगार संघ पहले ही संघर्ष करने और पोल खोलने का ऐलान कर चुका है। ऐसे में सरकार के सामने भी अब दोहरी चुनौती है।

इन सब बातों के बीच एक बात सबसे ज्यादा चर्चाओं में है, वह है यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार यादव। अनिल कुमार यादव को सेवा विस्तार दिया गया। इस खबर के सामने आने के बाद से ही बवाल मचा हुआ है। बॉबी पंवार के साथ आईएएस अधिकारी की बहस के पीछे भी यही सबसे बड़ी वहज है। इस विवादित अधिकारी को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी सेवा विस्तार की समीक्षा करने की बात कह चुके हैं।

लेकिन, सवाल यह है कि भ्रष्टाचार पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ के दावे करने वाली सरकार इस मामले में चुप क्यों है ? क्या मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मामले में कोई कार्रवाई कराएंगे ? सेवा विस्तार देने के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों को एमडी क्यों नहीं बनाया गया?

आखिर ऐसा क्या खास है कि एक विवादित और भ्रष्टाचार के गंभीर आरापों से घिरे अधिकारी को ही फिर से जिम्मेदारी दे दी गई ? क्यों सेवा विस्तार का आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया?

इन सवालों के जवाब ना तो अब तक सरकार ने दिए और ना ही सचिव आर मीनाक्षी संदरम ने इस पर कुछ कहा है। बॉबी पंवार भी लगातार यही कह रहे हैं कि अगर कुछ हुआ है, तो उसके प्रमाण सामने लाए जाने चाहिए। उनका आरोप है कि सचिव को एक महीने पहले अनिल कुमार यादव के खिलाफ सबूतों का पूरा पुलिंदा सौंप चुके थे, लेकिन कार्रवाई के बजाय सेवा विस्तार दे दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी ?

कुलमिलाकर देखा जाए तो पूरे फसाद की जड़ विवादित अधिकारी अनिल कुमार यादव हैं। उनका सेवा विस्तार सवालों के घरे में है। उसी सेवा विस्तार को लेकर सचिवालय में बॉबी पंवार और सचिव के बीच हॉट-टॉक हुई। बॉबी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर बॉबी पंवार और बेरोजगार संघ ने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बॉबी पंवार को लोगों को खूब समर्थन भी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के पूर्व रेसकोर्स में चलाया स्वच्छता कार्यक्रम

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के पूर्व दिवस पर रेसकोर्स में स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून नगर निगम के अंतर्गत स्ट्रीट लाइट की शिकायत के लिए बनाए गए क्यू आर स्कैनर का शुभारंभ भी किया। यह स्कैनर देहरादून नगर निगम के अंतर्गत लगी स्ट्रीट लाइट के खंभों पर लगाया जाएगा। स्ट्रीट लाइट खराब होने पर कोई भी व्यक्ति इसे स्कैन कर शिकायत दर्ज कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा के मार्चुला में बस हादसे में दिवंगत लोगों की स्मृति में आज प्रदेशभर में स्वच्छता और सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बस हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 साल पहले चलाए गए स्वच्छ भारत अभियान के परिणामस्वरूप पूरे देश में स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी। प्रधानमंत्री की स्वच्छ और स्वस्थ भारत की परिकल्पना साकार हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पर्यटन और तीर्थाटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आह्वाहन किया है कि स्वच्छता को अपनी नियमित दिनचर्या बनाकर देवभूमि उत्तराखंड को स्वच्छ रखने में सरकार के सहयोगी बने।

मुख्यमंत्री ने कहा की उत्तराखंड राज्य रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इन 24 सालों में हमारी देवतुल्य जनता के सहयोग से हर क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ा है। इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए जन सहभागिता से राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में अल्पकालिक, लघुकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अनेक क्षेत्रों में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान मिला है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टप में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बना है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत कमी लाई गई है।

सीएम ने किया राज्य की तीन हवाई सेवाओं का वर्चुअल शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को उत्तराखण्ड हवाई सम्पर्क योजना के तहत सहस्त्रधारा (देहरादून) से जोशियाडा (उत्तरकाशी) और सहस्त्रधारा (देहरादून) से गौचर (चमोली) के लिए हेलीकॉप्टर सेवा एवं दिल्ली से पिथौरागढ़ विमान सेवा का सीएम आवास से वर्चुअल शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हवाई सेवाएं, राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही हैं, इसलिए सरकार उड़ान योजना के तहत 18 स्थानों पर हेलीपोर्टस का निर्माण कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने इन सेवाओं को प्रारंभ करने में सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राममोहन नायडु जी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये तीनों परियोजनाएँ हमारे राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने जा रही हैं, इन सेवाओं के प्रारंभ होने से राज्य में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को गति मिलने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ की जनता को देश की राजधानी तक पहुँचने के लिए एक नया और बेहतर विकल्प मिल सकेगा। इन हवाई सेवाओं के प्रारंभ होने से आपातकालीन और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी गति आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हवाई सम्पर्क योजना के तहत देहरादून सहस्त्रधारा से जोशियाडा और गौचर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का प्रारम्भ होना हमारे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब देहरादून से जोशियाडा की यात्रा केवल 40 मिनट और गौचर की यात्रा मात्र 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम हमारे पर्वतीय क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कुछ वर्ष पूर्व आम आदमी को भी हवाई यात्रा करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से दूरदर्शी योजना उड़ान का शुभारंभ किया था। इस योजना ने उत्तराखंड में भी हवाई संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में वर्तमान में 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं। जिनमें से अब तक 10 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक शुरू की जा चुकी हैं। इन हेली सेवाओं से श्रीनगर, हल्द्वानी, मुन्स्यारी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत और अल्मोड़ा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सफलतापूर्वक जोड़ा जा चुका है। आने वाले समय में राज्य के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जहाँ पहले पहाड़ों के दुर्गम रास्तों को पार करने में घंटों लग जाया करते थे, वहीं अब हम एक घंटे के अंदर ही सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों तक आसानी से पहुँच सकेंगे। इन हवाई सेवाओं के प्रारंभ होने से जहां एक ओर हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं स्थानीय व्यवसाय, होमस्टे और युवाओं हेतु रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हवाई कनेक्टिविटी की महत्ता को समझते हुए राज्य सरकार घरेलू उड़ानों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा श्रीमती सोनिका, एसीईओ श्री दयानन्द सरस्वती, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पंवन हंस श्री संजय, एलान्स एयर से श्री रंजन दत्ता, श्री आर. सी. शर्मा वर्चुअल माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टमटा, विधायक श्री सुरेश सिंह चौहान, श्री अनिल नौटियाल, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी चमोली डॉ. संदीप तिवारी और जिलाधिकारी पिथौरागढ़ श्री विनोद गिरी गोस्वामी उपस्थित थे।

सहस्त्रधारा- गौचर हेलीकाप्टर सेवा

इस सेवा में लगभग 50 मिनट का समय लगेगा। सहस्त्रधारा से यह हेलीकाप्टर प्रातः 09ः30 बजे गौचर के लिए रवाना होगा तथा अपराहन् 10ः40 बजे गौचर से सहस्त्रधारा के लिए वापसी करेगा। पवन हंस की यह सेवा सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक 06 दिन होगी। 20 नवम्बर 2024 तक इसका प्रति व्यक्ति एक तरफ किराया 03 हजार रूपये और उसके बाद 3600 रूपये प्रति व्यक्ति होगा।

सहस्त्रधारा-जोशियाड़ा हेली सेवा

इस सेवा में लगभग 40 मिनट का समय लगेगा। सहस्त्रधारा से यह हेलीकाप्टर मध्याहन 12ः00 बजे जोशियाड़ा के लिए रवाना होगा तथा अपराहन् 01ः00 बजे जोशियाड़ा से सहस्त्रधारा के लिए वापसी करेगा। पवन हंस की यह सेवा सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक 06 दिन होगी। 20 नवम्बर 2024 तक इसका प्रति व्यक्ति एक तरफ किराया 03 हजार रूपये और उसके बाद 3300 रूपये प्रति व्यक्ति होगा। इन हवाई सेवाओं की वेबसाईट https://booking.pawanhans.co.in/ है।

दिल्ली-नैनीसैनी (पिथौरागढ) विमान सेवा

यह सेवा ‘एलान्स एयर’ वायुयान के माध्यम से प्रदान की जाएगी।यह सेवा सप्ताह में 03 दिन (मंगलवार, वृहस्पतिवार एवं शनिवार) कोे संचालित होगी। दिल्ली से पिथौरागढ़ की इस वायुयान यात्रा में लगभग 1 घण्टा 25 मिनट का समय लगेगा। यह वायुयान दिल्ली से प्रातः 09ः20 बजे पिथौरागढ़ के लिए रवाना होगा तथा 11ः15 बजे पिथौरागढ़ से दिल्ली के लिए वापसी करेगा। इसका किराया 14 नवम्बर 2024 तक 2499 रूपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है, जबकि 16 नवम्बर से दिल्ली से पिथौरागढ़ का किराया 6999 और पिथौरागढ़ से दिल्ली का किराया 7447 प्रति व्यक्ति तय किया गया है। इस हवाई सेवा की बुकिंग वेबसाईट https://allianceair.in/ पर होगी।

राज्य में प्रवासी उत्तराखंड परिषद का किया जायेगा गठन – मुख्यमंत्री

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन“ में सभी प्रवासी उत्तराखंड़ियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अल्मोड़ा जनपद में बस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की माटी से जुड़े हुए प्रवासियों ने शिक्षा, अनुसंधान, ब्यूरोक्रेसी, फिल्म निर्माण, उद्योग, व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान उत्तराखंड से हैं। भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस श्री विपिन रावत भी इसी भूमि से थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति अपने आप में विशिष्ट है। हमारे प्रवासी देश के विभिन्न राज्यों में अपनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में उन्हें देश के अनेक राज्यों में पर्वतीय समाज के लोगों से मिलने का अवसर मिला और उन्होंने महसूस किया कि हमारे प्रवासियों के भीतर बसा उत्तराखंड सदैव उनके साथ रहता है। उन्होंने उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और संस्कारों को कभी नहीं छोड़ा। यह प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन सभी को उत्तराखंड की मिट्टी से पुनः जोड़ने का एक प्रयास है। यह ऐसा समागम है जहां सभी प्रवासी भाई बहन न सिर्फ राज्य के अधिकारियों के साथ संवाद कर सकेंगे बल्कि उन्हें विभिन्न राज्यों में निवासरत अन्य उत्तराखंडी प्रवासियों से भी मिलने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यहां से निकलने वाला संदेश लाखों उत्तराखंडी प्रवासियों तक पहुँचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, पेयजल सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से मजबूत हो रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य भी तेजी से चल रहा है। एयर कनेक्टिविटी को मजबूत बनाया जा रहा है। 30 से अधिक नई नीतियां लाकर उत्तराखंड को निवेश और रोजगार सृजन के लिए अनुकूल बनाया है। प्रदेश में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी प्राथमिकता के साथ कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश हित में कई कठोर एवं ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। यूसीसी का कानून राज्य में जल्द लागू होगा। देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण रोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। लैंड जिहाद के खिलाफ भी मुहिम चलाकर प्रदेश भर में 5000 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास के लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी में है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर 4.4 प्रतिशत कम हुई है। राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई फिल्म नीति को भी मंजूरी दी है जिसमें राज्य में फिल्मों की शूटिंग करने पर कई प्रकार की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंड़ियों को प्रदेश की विभिन्न जानकारियां उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से एक डेडीकेटेड वेबसाइट भी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रवासियों से अपील की कि कम से कम वर्ष में एक बार अपने गांव और पैतृक घर पर जरूर आएं और अपनी-अपनी विशेषज्ञता के हिसाब से अपने क्षेत्र के विकास में योगदान दें। आपके सुझावों एवं कार्यों के आधार पर विशिष्ट नीतियां बनाकर उन पर कार्य किया जायेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज होने वाले मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह अवश्य ही उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यह गौरवशाली क्षण है, आज प्रवासी उत्तराखंड़ियों ने अपने संघर्ष और परिश्रम के बल पर देश के कोने-कोने में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। राज्य में कार्य करने के लिए अनेक क्षेत्रों में संभावनाएं हैं। विधायक विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना बड़े संघर्षों के बाद हुई। राज्य में कार्य करने के लिए बहुत अच्छा वातावरण है।

हम सबको राज्य के विकास के लिए सामुहिक प्रयास करने होंगे। प्रवासी उत्तराखंडी और मेयर लखनऊ सुषमा खरकवाल ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें प्रवासी सम्मेलन में आने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मेरे लिए मातृभूमि उत्तराखंड है। यह देवभूमि प्रतिभाओं की धनी है। प्रवासी उत्तराखंडी और अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने कहा कि राज्य में क्षेत्रीय फिल्मों को बढ़ावा मिलना चाहिए। उत्तराखंड की लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के आयोजन सेतु के रूप में कार्य करेंगे।

प्रवासी उत्तराखंडी और भारत सरकार में सचिव वाणिज्य सुनील बर्थवाल ने कहा कि प्रवासियों को अपने गांव को गोद लेने वाला विचार बहुत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए वे हर संभव सहयोग देंगे और अपनी मातृभूमि के विकास के लिए भागीदार बनेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जैविक उत्पाद के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। इनकी मांग राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ी है। सामुहिक खेती से उत्त्राखंड में जैविक उत्पादों को बढ़ाया जा सकता है।

प्रवासी उत्तराखंडी और राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंड़ियों को अपने माटी से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय पहल की गई है। राज्य में पर्यटन, ऊर्जा, वन संपदाओं, उद्योग के क्षेत्र में कार्य के अनेक संभावनाएं हैं। हर क्षेत्र में राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभूमि के लिए कार्य करने के लिए उन्हें जो भी अवसर मिलेगा, वे हमेशा उपस्थित रहेंगे।

बीकेटीसी के लखनऊ स्थित राधा कृष्ण मंदिर का योगी करेंगे जीर्णोद्धार

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लखनऊ स्थित बीकेटीसी के अधीनस्थ श्री राधा कृष्ण मंदिर के विकास में योगी सरकार करेगी एक करोड़ की धनराशि खर्च

देहरादून। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन लखनऊ स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर के विकास में योगी सरकार एक करोड़ की धनराशि खर्च करेगी। इस सन्दर्भ में उप्र पर्यटन द्वारा बीकेटीसी को पत्र प्रेषित किया गया है। श्री राधा कृष्ण मंदिर के विकास में सहयोग देने के लिए बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया है।

उल्लेखनीय है कि लखनऊ के अमीनाबाद में बीकेटीसी के स्वामित्व वाला एक प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर और भवन इत्यादि हैं। वर्षों से इनकी समुचित देखरेख नहीं होने के कारण ये जीर्णशीर्ण स्थिति में पहुंच गए हैं। विगत वर्ष बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर इस संबंध में सहयोग का अनुरोध किया था। इस क्रम में अजेंद्र की उप्र के अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) मुकेश मेश्राम से दूरभाष पर वार्ता भी हुयी थी।

बीकेटीसी अध्यक्ष के अनुरोध के क्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने लखनऊ स्थित बदरीनाथ मंदिर का भ्रमण किया और बीकेटीसी को पत्र लिख कर यात्री सुविधाओं के विकास के लिए एक करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत होने की जानकारी दी है। उत्तर प्रदेश सरकार वहां पर यात्री सुविधाओं के दृष्टिगत यात्री हॉल व यात्री हॉल के प्रथम तल पर विश्राम गृह का निर्माण कराएगी। इसके अतिरिक्त यात्रियों के लिए टॉयलेट, पेयजल व बेंच इत्यादि की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।

निर्माण कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्यदायी संस्था उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को बनाया है। उप्र पर्यटन द्वारा इन कार्यों का आंगणन तैयार करने से पूर्व बीकेटीसी से भू- स्वामित्व के अभिलेख, सहमति पत्र व अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया है।

तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल टहुंची

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तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ जी की उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंची।

• शीतकाल में श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में होगी शीतकालीन पूजायें।

• इस यात्रा वर्ष 173742 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे श्री तुंगनाथ।

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मक्कूमठ/ उखीमठ/रूद्रप्रयाग: 7 नवंबर। पंचकेदारों में प्रतिष्ठित तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली आज समारोह पूर्वक शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में विराजमान हो गयी है। इसी के साथ श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो गयी।

आज डोली के मक्कूमठ पहुंचने के अवसर पर स्थानीय जनता तथा श्रद्धालुओं ने श्री तुंगनाथ जी की डोली का भब्य स्वागत किया। पूरे डोली यात्रा मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ जी की उत्सव डोली के दर्शन किये शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ को श्री तुंगनाथ जी की डोली के पहुंचने के अवसर हेतु फूलों से सजाया गया है।

भगवान तुंगनाथ जी की उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने के अवसर पर अपने संदेश में श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा वर्ष 173742( एक लाख तिहत्तर हज़ार सात सौ बयालीस) तीर्थयात्रियों ने भगवान तुंगनाथ जी के दर्शन किये।

बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने भी श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने पर श्रद्धालुओं को शुभकामनायें प्रेषित की हैं ।

 

उल्लेखनीय है कि श्री तुंगनाथ मंदिर मंदिर के 4 नवंबर सोमवार को शुभ मुहूर्त पर विधि- विधान से शीतकाल के लिए बंद हो गये थे।
कपाट बंद होने के बाद 4 नवंबर सोमवार को भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली चोपता प्रवास किया 5 नवंबर तथा 6 नवंबर को चलविग्रह डोली दूसरे पड़ाव भनकुंड प्रवास पर रही । आज बृहस्पतिवार 7 नवंबर को प्रात: भनकुंड से प्रस्थान कर भगवान तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंची।
इसके बाद भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह मूर्ति को श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ मंदिर गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि इसी के साथ श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो गयी है।

आज श्री तुंगनाथ जी की देवडोली के श्री मक्कूमठ पहुंचने के अवसर पर पूर्व विधायक आशा नौटियाल, सहित मठापति रामप्रसाद मैठाणी, बदरीनाथ धाम के सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, एसएओ/प्रभारी अधिकारी केदारनाथ मंदिर यदुवीर पुष्पवान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

इस अवसर पर डोली यात्रा के साथ प्रबंधक बलबीर नेगी,डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित सहित पुजारीगण अतुल मैठाणी , अजय मैठाणी रविन्द्र मैठाणी, विनोद मैठाणी, चंद्रमोहन बजवाल, प्रमोद कैशिव,दिलवर नेगी, दीपक पंवार,जीतपाल भंडारी, उम्मेद थोर, नरेंद्र भंडारी एवं वन विभाग, पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि, दस्तूरधारी तथा मक्कूमठ गांव हक-हकूकधारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद भी वितरित किया गया।

क्या बॉबी को फंसाया जा रहा है ? बॉबी – “झूठे आरोपों से डरने वाले नहीं हैं”

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देहरादून: युवा नेता बॉबी पंवार पर आईएएस मीनीक्षी सुंदरम ने गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। बॉबी पंवार के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। इसको लेकर डीजीपी ने भी बयान दिया है कि सख्त कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज पोर्टल और अखबारों में खबरें इस तरह से छापी गई हैं, जैसे बॉबी पंवार कोई बहुत बड़ा गुंडा है। इन सब आरोपों पर बॉबी पंवार ने अपना बयान जारी किया है और पूरे मामले में कई सवाल खड़े किए हैं।

बॉबी पंवार ने कहा कि जो भी घटना न्यूज पोर्टल और अखबारों में छपी हैं, उनका सच सामने आना चाहिए। सचिव के केबिन में सीसीटीवी लगे हैं, उनको सामने क्यों नहीं लाया गया। सारे सबूत सामने आने चाहिए। बॉबी ने कहा कि हम गिरफ्तारी से डरने वाले नहीं हैं।

बॉबी ने कहा कि मीनाक्षी सुंदरम शासन में सरकार के पसंदीदा अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी कानूनी कार्रवाई बनती है तो आप करिए पर मैं यह कहना चाहता हूं कि जिस प्रकार से मीनाक्षी सुंदरम ने अपना पक्ष रखा है और न्यूज़ पोर्टल में देख रहा हूं। आज सुबह के अखबारों में देख रहा हूं कि बॉबी आए और कोई टेंडर को लेकर दबाव बन रहे थे।

उन्होंने कहा कि इसको लेकर मैं साफतौर पर यह कहना चाहता हूं कि यह पूरी तरह से झूठे आरोप हैं। गिरफ्तारी का डर दिखाया जा रहा है। हम इससे डरने वाले नहीं हैं, इस लड़ाई को और मजबूती से लड़ेंगे। अब सच्चाई क्या है आपने तो टेंडर का आरोप लगा दिया। मेरे आपसे सवाल है कि क्या बॉबी पंवार ठेकेदारी करता है?

बॉबी का कहना है कि हम यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार यादव के खिलाफ पूर्व में की गई अपनी शिकायत की अपडेट लेने गए थे। उस अधिकारी को 2 साल का सेवा विस्तार दिया गया। ऐसे अधिकारी का जो भ्रष्टाचार में लिप्ट है, जिन पर लगभग 200 करोड़ भ्रष्टाचार करने का आरोप है या उनकी संपत्ति 200 करोड है। जिन पर पिटकुल में रहते हुए भी गंभीर आरोप लगे थे। तत्कालीन पिटकुल बोर्ड की अध्यक्ष और वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे, उस आदेश का क्या हुआ ? उस अधिकारी को सेवा विस्तार दे दिया गया ?

आरोप लगाया कि आईएएस अधिकारी और अनिल कुमार यादव के बीच गठजोड़ है। हमने भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ सारे एविडेंस दिए। जांच कराने की मांग की। सेवा विस्तार का पत्र मांगा तो उस वक्त आपकी जो शब्दावली थी, वह आपको याद होगी। इतना ही नहीं और भी बहुत कुछ बातें हैं, जिनको सामने आना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जो भी आपने आरोप लगाए हैं, उनकी सत्यता क्या है?

आपके केबिन में, ऑफिस में सीसीटीवी फुटेज है, उन सीसीटीवी फुटेज को साझा करें? सत्यता की पुष्टि होगी। आईएएस के समर्थन में आए संगठनों पर भी बॉबी पंवार ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब हमने 200 करोड़ के आरोपी के खिलाफ आवाज उठाई। जब हमने कभी भी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाई, भ्रष्ट नेता के खिलाफ आवाज उठाई, तब ऐसे संगठन कहां थे ? तब किसी ने हमें समर्थन क्यों नहीं दिया ?

बॉबी ने कहा कि जो भी कानूनी कार्रवाई बनेगी, हम उसके लिए तैयार हैं। आप इस प्रकार से गिरफ्तारी का जो ढोंग या गिरफ्तारी का जो डर दिखा रहें हैं। हम उससे डरने वाले नहीं हैं। गिरफ्तारी करनी है तो जांच अधिकारी व्हाट्सएप पर मैसेज डालकर कह दे कि आपकी गिरफ्तारी होनी है, हम खुद गिरफ्तार होने आएंगे।

लेकिन, इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कल भी हम लड़ाई लड़ रहे थे। आज भी लड़ रहे हैं और भविष्य में भी लड़ते रहेंगे।बॉबी ने कहा कि कुछ दिनों में इनके जो काले कारनामे हैं, उन काले कारनामों को उत्तराखंड की जनता के बीच रखकर यह बताएंगे कि यह कितने मसीहा हैं और कौन किससे जुड़ा हुआ है। यह बताएंगे कि इनका कहां क्या खेल चल रहा है? भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग जारी रहेगी और लड़ते रहेंगे।

IAS अफसर से अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने के आरोप, मुकदमा दर्ज

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सचिवालय में मुलाकात के बहाने सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम के कक्ष में पहुंचे उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बाबी पंवार और उसके साथियों ने न केवल अभद्रता व गाली-गलौज की, बल्कि सचिव को जान से मारने की धमकी भी दी। आरोप है कि इस दौरान आरोपितों ने बीच-बचाव करने आए सुंदरम के वरिष्ठ निजी सचिव व अपर निजी सचिव के साथ हाथापाई करते हुए उन्हें सचिवालय के बाहर देख लेने की धमकी दी। घटना के तत्काल बाद वरिष्ठ निजी सचिव की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में तहरीर दी गई, जिस पर देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
IAS एसोसिएशन ने भी देर शाम आपातकालीन बैठक बुलाकर घटना की घोर निंदा की। गुरुवार को संगठन के पदाधिकारी इस विषय पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से मिलकर आरोपितों पर कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे।
घटना बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में सचिव (ऊर्जा) आर. मीनाक्षी सुंदरम के कक्ष संख्या-201 में हुई। बताया गया कि सचिव सुंदरम अपना आवश्यक कामकाज निबटा रहे थे। आरोप है कि इस दौरान उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बाबी पंवार अपने दो साथियों के साथ सचिव से मिलने पहुंचा। सचिव ने बाबी पंवार और साथियों को कक्ष में बुलाया।
आरोप है कि अंदर आते ही बाबी पंवार और साथियों ने सचिव के साथ दुर्व्यवहार कर गाली-गलौज शुरू कर दी और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। सचिव सुंदरम ने तत्काल अपने वरिष्ठ निजी सचिव कपिल कुमार और अपर निजी सचिव अनूप डंगवाल को बुलाकर आरोपितों को बाहर करने को कहा। आरोप है कि इस पर बाबी पंवार और उसके दोनों साथियों ने उनके साथ हाथापाई कर दी और भाग निकले। सचिव
IAS सुंदरम के निर्देश पर एसएसपी अजय सिंह ने शहर कोतवाली पुलिस को आरोपित बाबी पंवार व उसके साथियों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। जिस पर पुलिस ने देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया। एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

महाराजाओं ने भारत का गला घोंटा, राहुल गांधी के लेख पर बवाल

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वह इंडियन एक्सप्रेस में लिखे अपने लेख को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने अपने लेख में ऐसा कुछ लिख दिया है कि BJP के कई बड़े नेताओं ने उनकी निंदा की है. राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल गांधी की निंदा की है.

राहुल गांधी ने अपने लेख में लिखा है, ‘भारत को ईस्ट इंडिया कंपनी ने चुप करा दिया था. यह अपनी व्यापारिक ताकत से नहीं, बल्कि अपनी पकड़ से चुप करा दिया था. कंपनी ने हमारे ज़्यादा दब्बू महाराजाओं और नवाबों के साथ साझेदारी करके, उन्हें रिश्वत देकर और धमकाकर भारत का गला घोंट दिया. इसने हमारे बैंकिंग, नौकरशाही और सूचना नेटवर्क को नियंत्रित किया. हमने अपनी आज़ादी किसी दूसरे देश के हाथों नहीं खोई; हमने इसे एक एकाधिकारवादी निगम के हाथों खो दिया जो एक दमनकारी तंत्र चलाता था.

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने X पर अपने पोस्ट में लिखा, ‘मैं आज राहुल गांधी द्वारा भारत के पूर्व राजपरिवारों को बदनाम करने के प्रयास की कड़ी निंदा करती हूं. एकीकृत भारत का सपना भारत के पूर्व राजपरिवारों के बलिदान के कारण ही संभव हो पाया. ऐतिहासिक तथ्यों की आधी-अधूरी व्याख्या के आधार पर लगाए गए निराधार आरोप पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं.

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने X पर पोस्ट लिखकर राहुल गांधी के लेख की निंदा की. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ‘नफरत बेचने वालों को भारतीय गौरव और इतिहास पर व्याख्यान देने का कोई अधिकार नहीं है. राहुल गांधी की भारत की समृद्ध विरासत के बारे में अज्ञानता और उनकी औपनिवेशिक मानसिकता ने सभी हदें पार कर दी हैं. यदि आप राष्ट्र के उत्थान का दावा करते हैं, तो भारत माता का अपमान करना बंद करें और महादजी सिंधिया, युवराज बीर टिकेंद्रजीत, कित्तूर चेन्नम्मा और रानी वेलु नचियार जैसे सच्चे भारतीय नायकों के बारे में जानें, जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता के लिए जमकर लड़ाई लड़ी.

उदपुर के राजकुमार लक्ष्यराज सिंह ने भी राहुल गांधी के लेख की आलोचना की है. उन्होंने X पर अपने पोस्ट में लिखा है, ‘भारत के राजपरिवारों ने पूरे इतिहास में शासन में नियंत्रण और शोषण का सहारा लेने के बजाय सहयोग की भावना को अपनाया है. औपनिवेशिक ढांचे से विभाजित होने के बावजूद, राजपरिवार हमेशा अपने लोगों के रक्षक रहे हैं और उन्होंने भारत के आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने भूमि प्रबंधन में निवेश किया, सिंचाई प्रणाली का निर्माण किया, अपने लोगों के कल्याण में योगदान देने वाले बुनियादी ढांचे का विकास किया. वे हमेशा संप्रभुता के रक्षक रहे हैं.’

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बवाल, ‘अनुच्छेद 370’ की बहाली वाले पोस्टर को लेकर विधायकों में हाथापाई

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जम्मू कश्मीर विधानसभा में आज काफी हंगामा हो रहा है। अनुच्छेद 370 को लेकर सदन में हाथापाई होने लगी। हंगामे के बाद स्पीकर ने विधानसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी। जिसके बाद स्पीकर ने कहा कि जो वेल में आए उनको बाहर निकालो।  मर्शलों ने कुछ भाजपा विधायकों को विधासभा से बाहर निकाला।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बारामूला से लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद के भाई और लेंगेट से विधायक खुर्शीद अहमद शेख द्वारा अनुच्छेद 370 पर बैनर दिखाए। विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने इस पर आपत्ति जताई। बैनर को देखकर भाजपा के विधायक भड़क गए और उन्होंने उनके हाथ से उस पोस्टर को छीन लिया। भाजपा विधायकों ने शेख खुर्शीद के हाथ से पोस्टर लेकर उसे फाड़ दिया। इस दौरान हाथापाई होने लगी और जमकर हंगामा हुआ।

जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा और हाथापाई के बाद सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। भाजपा ने सुरक्षा पर आवाज उठाई कि ऐसी चीजों को कैसे अनुमति दी जाती है। मार्शलों ने सदन में हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी विधायकों को सदन से बाहर निकाला।

पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली की मांग को लेकर प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा कि इन्होंने स्पेशल स्टेटस के तहत अपने अपने महल बनाए और कब्रिश्तान खड़े किए। इस पर नेकां के नेता भड़क पड़े। सदन में भाजपा ने नारेबाजी शुरू की। उधर नेकां के नेताओं ने भी सदन में नारेबाजी की।