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मणिपुर हिंसा : कई जिलों में कर्फ्यू, इंटरनेट बंद, CAPF की 50 और टुकड़ियां तैनात

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मणिपुर फिर से हिंसा की आग में जल रहा है. यहां उग्रवादियों और सुरक्षाबलों के मुठभेड़ के बाद जिरीबाम में 6 लोगों के अपहरण और उनकी लाश मिलने के बाद से भीड़ हिंसक हो गई है. कई मंत्रियों के घरों पर हमले हो चुके हैं. प्रदर्शनकारियों ने सीएम के घर पर भी हमला करने की कोशिश की थी.

कुकी उग्रवादियों की ओर से क ही परिवार के 6 लोगों की नृशंस हत्या के बाद नाराज मैतेई समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए हैं. लगातार हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर कुकी समुदाय 11 नवंबर की मुठभेड़ को फर्जी बता रहा है. इन लोगों का कहना है कि वह उनके शवों का अंतिम संस्कार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही करेंगे. कुकी समुदाय का कहना है कि उन्हें शक है कि सुरक्षाबलों ने उन्हें पकड़कर मारा है.

राज्य के कई इलाके हिंसा की चपेट में हैं. एक तरफ कुकी समुदाय के लोग अपनी मांग को लेकर हिंसा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ मैतेई समुदाय एक ही परिवार के छह लोगों की हत्या के विरोध में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सड़कों पर है. मौजूदा हालात को देखते हुए मणिपुर में 19 नवंबर को तमाम स्कूल बंद कर दिए गए हैं. इंटरनेट सेवा पहले से ही बंद है.

उत्तराखंड : संघर्ष समिति का निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान, 26 नवंबर से भूख हड़ताल पर बैठेंगे मोहित डिमरी

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देहरादून। मूल निवास,भू- कानून संघर्ष समिति ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना दिया है। संघर्ष समिति आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाने की तैयारी कर चुकी है। संविधान दिवस 26 नवंबर से संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी की अगुवाई में भूख हड़ताल शुरू करने जा रही है।

देहरादून के कचहरी स्थित शहीद स्मारक में हुई संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि 26 नवंबर (संविधान दिवस) से शहीद स्मारक देहरादून में भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इनके समर्थन में विभिन्न सामाजिक और राजनैतिक दल धरना देंगे।

बैठक में बताया गया कि सरकार से 26 नवंबर से पूर्व 2018 के बाद भूमि कानूनों में हुए संशोधनों को रद्द करने की मांग की गई है। इसके लिए सरकार कैबिनेट बैठक बुलाकर अध्यादेश ला सकती है। इसके साथ ही भूमि कानून का ड्राफ्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। भूमि कानून की धारा 2 हटाने की भी मांग प्रमुख मांग शामिल है। यह धारा होने से लगातार निकायों का विस्तार के चलते गांव की कृषि भूमि खत्म हो रही है। पूरे उत्तराखंड में एक जैसा भू-कानून होना चाहिए। अभी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भू-कानून अलग-अलग हैं।

इसके साथ ही सरकार मूल निवास की परिभाषा तय करे। यूसीसी के कानून में सरकार ने एक साल से रह रहे लोगों को स्थायी निवासी माना है। इस फैसले को वापस लिया जाय। बैठक में उपस्थित राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि अब निर्णायक लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। उन्होंने संघर्ष समिति के भूख हड़ताल के निर्णय का पूर्ण समर्थन किया।

इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व सैन्य अधिकारी पीसी थपलियाल संतन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की अस्मिता को बचाने की इस लड़ाई में हम सभी को आगे आना होगा और युवाओं को ताकत देनी होगी। यह संघर्ष करो या मरो का है। समानता पार्टी के महासचिव एलपी रतूड़ी, सुरेंद्र सिंह नेगी, महेश सिंह मेहता ने कहा कि संघर्ष समिति लंबे समय से सड़कों पर लड़ रही है। हम संघर्ष समिति के साथ हैं। अपनी जमीनों और संसाधनों को बचाने की इस लड़ाई में उत्तराखंड की जनता साथ खड़ी है।

वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत ने भू-कानून और मूल निवास की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को उत्तराखंड की जनता के हित में जल्द निर्णय लेना चाहिए। पहाड़ के पहाड़ खरीदे जा चुके हैं। सरकार मूल निवास की परिभाषा भी तय नहीं कर पा रही है।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल, महिला अध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तराखंड के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को लेकर साथ में खड़ी है। अब इस संघर्ष को निर्णायक मोड पर ले जाना है।

सुराज सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जोशी, उपनल कर्मचारी संगठन के संयोजक विनोद गोदियाल, ओपीएस के अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली, धाद संस्था के सचिव तन्मय ममगाई ने कहा कि यह आंदोलन ही उत्तराखंड का भविष्य तय करेगा। आंदोलन में सभी लोगों की भागेदारी जरूरी है। जनता की भागेदारी से ही उत्तराखंड की अस्मिता को बचाने की इस लड़ाई को मजबूती से लड़ा जा सकता है।

इस मौके पर संघर्ष समिति के सह संयोजक लुशुन टोडरिया, सचिव प्रांजल नौडियाल, दिनेश भंडारी, हिमांशु धामी, विनय प्रसाद, अंबुज शर्मा, विभोर जुयाल, विजय राणा अतुल, टीएस नेगी, प्रभात डंडरियाल, हेमा रावल, उषा डोभाल, आरआर पैन्यूली, महेश सिंह मेहता, खिलाफ सिंह बिष्ट ,संतन सिंह रावत, संजय तिवारी, अश्वनी मैंन्दोला, जगदीश सिंह, राधा कृष्ण तिवारी, प्रताप सिंह रावत, अतुल रमोला सहित अन्य लोग मौजूद थे।

कैलाश गहलोत BJP में शामिल, केजरीवाल बोले-‘वो फ्री हैं…जहां मर्जी जाएं

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कैलाश गहलोत ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मंत्री पद और आम आदमी पार्टी (आप ) से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को राष्ट्रीय कार्यालय में उन्हें भाजपा ज्वाइन कराई है।
इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली के चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा सहित अन्य नेताओं ने उनका पार्टी में स्वागत किया।
कैलाश गहलोत ने रविवार को आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी थी। कैलाश गहलोत के भाजपा में जाने के सवाल पर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “वो फ्री हैं जहां मर्जी है वहां जाएं।” वहीं, मनीष सिसोदिया कहा कि उनके साथ गरिमापूर्ण साथ रहा है। अब वह अगर भाजपा के साथ काम करना चाहते हैं, कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं, अब यह उनकी इच्छा है।

नेता हिन्दू-मुसलमान नहीं, चुनाव जीतने के लिए सब बन जाते हैं : शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद

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देहरादून: देहरादून पहुंचे ज्योतिषपीठाधिश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सरकार का काम है कि वह जनता को न्याय दे। सरकारें इसपर ध्यान नहीं देती हैं। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य आपके गुरु हैं, हम कोई भी पक्षपात नहीं कर सकते। हम वही बात कहेंगे, जो शास्त्र के अनुसार उचित होती है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि राजनीति की आड में हमारे साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार गौ हत्या की छूट दे, हम उसका विरोध करेंगे। कश्मीर से धारा 370 हटाई गई, परंतु उसके साथ रणबीर दंड संविदा क्यों हटाई। रणबीर दंड संविदा में गौ माता को लेकर 2 प्रावधान थे। कश्मीर में गौ हत्या कोई नहीं कर सकता था। सरकार को चाहिए कि नया कानून जो बनाया है, उसमें रणबीर दंड संविदा लागू हो। गौ हत्या बंद हानी चाहिए, जैसे पहले कश्मीर में गौ हत्या पर कठोर दंड था, धारा 370 हटाएं, लेकिन उसमें रणबीर दंड संविदा लागू हो।

शंकराचार्य जी ने कहा कि आजकल बहुत सारे गुरु हो गए हैं, जो आप सुनना चाहते हैं, उसके अनुसार आपको सुना देते हैं। हम सनातनी लोग हैं। हम विचारकारी हैं, बिना विचारे कुछ नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि सहसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए। कोई भी आपदा बिना विचारे कार्य करने से होती हैं।

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हम लोग पाप को नहीं स्वीकारते हैं, जिसका चित हिंसा से दुखी हो जाता है, वह सनातनी है। आजकल हम लोग बिना विचारे कार्य कर रहे हैं, जिसका परिणाम यह हुआ कि अगर एक हिन्दू मतदान करेगा, तो हमारे यहां दान देना कितना अच्छा भी है और कितना खतरनाक भी है। अगर पात्र व्यक्ति को दे दिया तो अच्छा होगा और यदि अयोग्य व्यक्ति को दे दिया तो अनिष्ठ ही होगा। उन्होंने कहा कि हम सनातनी दान भी विचार करके करते हैं। आप भी सदपात्र को दान करिए।

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शास्त्रों में लिखा है कि दान करने से धन कभी कम नहीं होता है। आप जो देते हो वह सोच समझकर देना है। राजा जैसा चाहेगा वैसा बना देगा। राजा सदपात्र होगा तो समाज के लिए अच्छा करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों में हिन्दू हैं और दोनों पार्टी में मुसलमान भी हैं। चुनाव आयोग में देख लीजिए, हर राजनेता ने हलफनामा भरा है कि वह धर्मनिरपेक्ष है और रहेगा। इसलिए नेता हिन्दू मुसलमान नहीं है वो केवल राजनेता है, चुनाव जीतने के लिए वह हिंदू मुस्लमान सब बन जाते हैं।

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हिन्दू को सोचना है कि किसे समर्थन दें, क्या अपने कभी अपने नेता से कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करे। क्या उन्होंने आजतक इसपर कुछ किया? इसलिए मतदाता को खड़ा होना है और कहे कि गौ हत्या बंद करें वरना वोट मांगने नहीं आना, तो देखिए कैसे यह नेता सीधे हो जाएंगे। भाजपा, कांग्रेस ही नहीं बल्कि मुस्लिम लोग भी इसपर सोचने को मजबूर हो जाएंगे। इसलिए सनातनी को सोचना है, अगर आप चाहतें हैं कि गौ माता न कटे तो आपको राजनेता को कहना पड़ेगा कि गौ हत्या बंद करो वरना वोट नहीं।

देहरादून पहुंचे ज्योतिष पीठाधिश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज

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WhatsApp Image 2024 11 18 at 12.53.43 PMदेहरादून : ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ऑफिसर्स कॉलोनी वसंत विहार में पहुंचे हैं। जहां विकास त्यागी, रोहित गुप्ता, अभिषेक त्यागी व समस्त त्यागी परिवार की ओर से भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। परिवार की ओर से पादुका पूजन भी किया।

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शंकाराचार्य जी ने सभी को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर रामशरण नौटियाल, पीसी थपलियाल, जगदंबा प्रसाद सती, पंडित दिनकर बाबुलकर, नरेशानंद नौटियाल, किशन त्रिवेदी और बड़ी संख्या में अनगिनत भक्त गण मौजूद रहे।

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आज BJP में शामिल हो सकते हैं कैलाश गहलोत

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आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री रहे कैलाश गहलोत आज बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, आज साढ़े 12 बजे वो दिल्ली बीजेपी हेडक्वार्टर में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. कल यानी रविवार को उन्होंने केजरीवाल की पार्टी से इस्तीफा दिया था. पहले उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया.

इसके बाद फिर उन्होंने पार्टी छोड़ी. अपने इस्तीफे में कैलाश कहलोत ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला बोला. कैलाश गहलोत ने कल जब AAP से इस्तीफा दिया, दिल्ली की सियासत में खलबली मच गई.

गहलोत एक समय में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बेहद खास थे. वह केजरीवाल और आतिशी दोनों की ही कैबिनेट में मंत्री रहे. मगर उन्होंने अपने इस्तीफे में केजरीवाल सरकार पर कई बड़े व गंभीर आरोप लगाए.

केदारनाथ उपचुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन, किसका पलड़ा भारी?

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  • नूतन सवेरा

केदारनाथ उपचुनाव में जैसे-जैस वोटिंग की तारीख नजदीक आ रही है राजनीतिक घमासान तेज होता जा रहा है। यह चुनाव अब बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिरों पर आकर सिमट गया। जहां कांग्रेस भाजपा पर दिल्ली में केदारनाथ मंदिर बनाने को लेकर निशाना साध रही है। वहीं, अब भाजपा ने 2015 में मुंबई में बने बदरीनाथ मंदिर को लेकर कांग्रेस को घेरा है।

इतना ही नहीं चुनाव में आंसू बहाने का सिलसिला इस चुनाव में भी जारी रहा। केदारनाथ उपचुनाव में प्रचार का आखिरी दिन है। ऐसे में दोनों ही दलों ने पूरी ताकत झोंकी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी लगातार मैदान में हैं, तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पार्टी के बड़े नेता चुनाव मैदान में डेरा जमाए हुए हैं।

केदारनाथ उपचुनाव में कांग्रेस लगातार भाजपा को केदारनाथ में दुकानों पर चले बुल्डोजर, दिल्ली में केदारनाथ मंदिर बनाने और और सोने के पीतल हो जाने के आरोपों के जरिए घेर रही है। कांग्रेस के हमलों पर भाजपा भी पलटवार करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणेश गोदियाल पर मुंबई में बदरीनाथ मंदिर बनाने को लेकर आरोप लगाए तो, गोदियाल ने संगम पर जाकर हाथ में गंगा जल लिया और मुख्यमंत्री को चुनौती दे डाली।

अब 2015 की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं, जिनमें हरीश रावत शिलान्यास कार्यक्रम में नजर आ रहे हैं। इसको लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि जो लोग केदारनाथ की बात कर रहे हैं, वो मुंबई में बदरीनाथ मंदिर की बात भूल जाते हैं।

वहीं, केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल रोती हुई भी नजर आई। लेकिन, सवाल यह है कि उनके ये आंसू काम आएंगे या नहीं? इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी आंसू बहा चुके हैं। कांग्रेस भाजपा के तमाम आरोपों के बावजूद आक्रमकता दिखा रही है।

इधर, अब दोनों ही राजनीतिक दल एक-दूसरे पर शराब परोसने का भी आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस आरोप है कि भाजपा शराब परोस रही है। वहीं, भाजपा का कहना है कि कांग्रेस बदनाम कर रही है। दोनों ही दलों का दावा है कि वो चुनाव जीतने जा रहे हैं, लेकिन चुनाव कौन जीतता है, ये 20 तारीख को वोटर तय करेंगे।

शीतकाल के लिए बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट

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श्रद्धालुओं के जय बदरीविशाल के जयघोष के साथ रात्रि 9 बजकर 7 मिनट पर शीतकाल के लिए बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट पहले ही बंद हो चुके हैं। अब बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष के लिए चारधाम यात्रा का संपन्न हो गई है।

 

कपाट बंद होने के मौके पर धाम में पहुंचे लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ के दर्शन किए। कपाट बंद होने के बाद बदरीनाथ धाम जय बदरीविशाल के उद्घोष से गूंज उठा। बदरीनाथ मंदिर को 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया है।

 

सुबह साढ़े चार बजे बदरीनाथ की अभिषेक पूजा शुरू हुई। बदरीनाथ का तुलसी और हिमालयी फूलों से श्रृंगार किया गया। अपराह्न छह बजकर 45 मिनट पर बदरीनाथ की सायंकालीन पूजा शुरू हुई। देर शाम सात बजकर 45 मिनट पर रावल (मुख्य पुजारी) अमरनाथ नंबूदरी ने स्त्री वेष धारण कर लक्ष्मी माता को बदरीनाथ मंदिर में प्रवेश कराया। बदरीश पंचायत (बदरीनाथ गर्भगृह) में सभी देवताओं की पूजा अर्चना व आरती के बाद उद्धव जी व कुबेर जी की प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाया गया।

 

रात आठ बजकर 10 मिनट पर शयन आरती हुई। उसके बाद कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हुई। रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट व अमित बंदोलिया ने कपाट बंद करने की प्रक्रिया पूरी की। रात सवा आठ बजे माणा गांव की कन्याओं द्वारा तैयार घृत कंबल बदरीनाथ भगवान को ओढ़ाया गया और अखंड ज्योति जलाकर रात ठीक नौ बजकर सात मिनट पर भगवान बदरीनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने किए बदरीविशाल के दर्शन

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बदरीनाथ: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘1008’ जी महाराज ने भगवान बदरीविशाल जी के दर्शन किए। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य प्रतिवर्ष इस परम्परा का परिपालन करने हेतु कपाट खुलते और कपाट मंगल बन्द होते समय उपस्थित होते हैं।

आज मध्याह्न बदरीनाथ पहुंचे शंकराचार्य, भक्तों ने स्वागत अभिनन्दन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दिनभर तमाम भक्तजनों ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मन्दिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल जी ने मुख्यद्वार पर स्वागत कर शंकराचार्य जी की आगवानी की।

भगवान बदरीविशाल के मंगलमय दर्शन के अनन्तर भगवती लक्ष्मी जी के दर्शन और आरती के अनन्तर परम्परानुसार आदि शंकराचार्य जी की गद्दी पर पहुंचकर सब भक्तों के कल्याण का मंगलमय सन्देश दिया।

इस अवसर पर मन्दिर के तमाम अधिकारी गण प्रशासन के पदाधिकारी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल जी, डिमरी पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी जी, शाकम्भरी पीठ के ब्रह्मचारी सहजानन्द जी, शंकराचार्य मठ के प्रभारी मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी, ब्रह्मचारी तीर्थानन्द, विष्णुप्रियानन्द ब्रह्मचारी, कमलेश कान्त कुकरेती, शिवानन्द उनियाल, डॉ. प्रदीप सेमवाल, महिमानन्द उनियाल, अभिषेक बहुगुणा आदि उपस्थित रहे।

प्रोफेसर ने नाई के दुकान में ले जाकर मुंडवा दिया मेडिकल छात्रा का सिर

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हैदराबाद। जबरन एक मेडिकल छात्र के सिर मुंडवाने का मामला सामने आया है। मामला तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज का है। मेडिकल कॉलेज के एक फैकल्टी सदस्य पर आरोप है कि वह एक छात्र को नाई की दुकान पर ले गया और जबरन उसका सिर मुंडवा दिया। मामला प्रकाश में आने के बाद तेलंगाना सरकार ने जांच का आदेश दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक मामला 12 नवंबर का है। सरकार ने मामले में गंभीरता से लिया है। तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ने मामले की जांच का आदेश दिया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह रैगिंग नहीं है।
तेलंगाना सरकार के अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत में मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में कुछ सीनियर ने प्रथम वर्ष के छात्र से कहा कि यह हेयर स्टाइल मेडिकल कॉलेज के छात्र के लिए उचित नहीं है। उसे अपने बाल ट्रिम करवाने को कहा। हालांकि बाद में छात्र ने बाल ट्रिम करवा लिए। मगर छात्रावास में ही रहने वाले रैगिंग विरोधी समिति के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और एक सहायक प्रोफेसर ने कहा कि यह अजीब लग रहा है। इसके बाद दोनों छात्र को सैलून लेकर पहुंचे। यहां उसका सिर मुंडवा दिया।
मामला प्राचार्य के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने शनिवार को चिकित्सा अधिकारी को छात्रावास से हटाने का आदेश दिया और घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि सहायक प्रोफेसर की ओर से इस तरह की गतिविधि में शामिल होना ठीक नहीं है। उधर, उनके विभाग का कहना है कि ऐसा करने का उनका कोई इरादा नहीं था। वह केवल छात्र को अनुशासित करना चाहते थे।