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केदारनाथ उपचुनाव: मनोज रावत और आशा नौटियाल ने डाला वोट, किसका पलड़ा भारी?

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रुद्रप्रयाग: इसी साल केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद केदारनाथ विधानसभा सीट खाली हो गई थी। इसके चलते ही इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है, जिसके लिए आज मतदान हो रहा है। केदारनाथ विधानसभा के 90 हजार से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। केदारनाथ में कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत ने भणज पोलिंग बूथ पर वोट डाला। भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने सारी गांव में अपना मतदान किया। पोलिंग बूथों पर भी लोगों के आने का सिलसिला जारी है।

उपचुनाव में कांग्रेस की ताकत केदारनाथ धाम के नाम पर दिल्ली में प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण, धाम से सोना गायब होना, केदारघाटी में आपदा के मुद्दे को ताकत मान रही है। 2017 में केदारनाथ विस जीत कर मनोज रावत ने महिला उम्मीदवार जीतने का मिथक तोड़ा था। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार भी मनोज रावत मिथक को तोड़ेंगे।

कांग्रेस की चाहत केदारनाथ में जीत के साथ 2027 के लिए एक बड़ा संदेश देने की भी है। लोस चुनाव में पांचों सीट हारने के बाद कांग्रेस के हौसले पस्त थे, लेकिन बदरीनाथ व मंगलौर विस उपचुनाव में जीत ने उम्मीदों से भर दिया। उसने मिशन केदारनाथ के लिए प्रचार में पूरी ताकत झोंकी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मोर्चा संभाला।

अलग-अलग गुटों में बंटी कांग्रेस उपचुनाव के प्रचार युद्ध में भाजपा पर पूरी एकजुटता संग वार-पलटवार करती नजर आई। अब उसे मनचाहे नतीजे का इंतजार है। बदरीनाथ व मंगलौर उपचुनाव में जीत का उत्साह केदारनाथ के प्रचार को प्रचंड बनाने में उसके खूब काम आया

वहीं, भाजपा की बात करें तो भाजपा का सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट यह है कि उनकी प्रदेश और केंद्र में सरकार है। केदारनाथ धाम से सीधे पीएम मोदी का जुड़ाव, सीएम, मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारियों का प्रचार, महिला मतदाता बहुल सीट पर दो बार की विधायक रही महिला चेहरे आशा नौटियाल पर लगाया गया दांव, कराए गए विकास कार्य मजबूत पक्ष माने जा रहे हैं। भाजपा को उम्मीद है कि एक बार फिर महिला प्रत्याशी पर लगाया गया दांव सही साबित होगा।

दिल्ली में वर्क फ्रॉम होम का फॉर्मूला लागू, सरकार ने लिया अहम फैसला

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प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत सरकारी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे। इसके इंप्लीमेंटेशन के लिए सचिवालय में आज यानी बुधवार दोपहर एक बजे अधिकारियों के साथ बैठक होगी।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इसकी जानकारी अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करके दी है। इससे पहले मंगलवार को गोपाल राय प्रेस वार्ता करके दिल्ली में ऑड-ईवन नियम लागू करने के भी संकेत दिए थे। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के तहत सरकार के ग्रेप-4 के लागू हुए नियमों के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने शहर के सभी निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए सभी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं।
धूल उत्सर्जन की प्रभावी निगरानी के लिए सभी डिवीजनों के कार्यकारी अभियंताओं को अनिवार्य रूप से अपने कार्यस्थलों की निगरानी करने के लिए कहा गया है। सभी निर्माण स्थलों पर काम इस समय काम बंद करने के लिए कहा गया है, धूल न हो इस दिशा में निरंतर काम करने के लिए कहा गया है।
इसके लिए निर्माण स्थलों पर लगाई गई एंटी स्मागगन काे नियमित चलाने के साथ साथ स्थलों पर किसी तरह से धूल न हो, इसके इंतजाम करने के लिए कहा गया है। अभियंताओं को दिल्ली ई-मानिटरिंग मोबाइल एप पर निरीक्षण का विवरण भी अपलोड करना होगा।
अभियंताओं को धूल प्रदूषण के लिए जिम्मेदार प्रत्येक कारक की जांच करनी होगी और तत्काल उपचारात्मक उपाय करने होंगे। सभी निर्माण स्थलों पर पार्टिकुलेट मैटर और प्रदूषण के स्तर की निगरानी के लिए सेंसर लगाने के साथ-साथ सेंसर डेटा की हर रोज निगरानी करने के आदेश जारी किए गए हैं।

द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

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•ढाई सौ से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।

• कपाट बंद होने के बाद प्रात: को ही भगवान मद्महेश्वर जी की उत्सव डोली देव निशानों के साथ प्रथम पड़ाव गौंडार को प्रस्थान हुई।

• 18 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इस वर्ष द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के दर्शन किये।

रूद्रप्रयाग: पंचकेदारों में प्रतिष्ठित द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट आज बुधवार प्रातः शुभ मुहूर्त में विधि- विधान से शीतकाल के लिए बंद हो गये है। इस अवसर पर मंदिर को सजाया गया था।कपाट बंद होने के बाद भगवान मद्महेश्वर जी की उत्सव डोली तथा देव निशानों ने स्थानीय वाद्य यंत्रों ढोल- दमाऊं सहित बाबा मद्महेश्वर के जय उदघोष के साथ प्रथम पड़ाव गौंडार को प्रस्थान किया इस अवसर पर ढाई सौ से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे।

श्री मद्महेश्वर जी के कपाट बंद होने के अवसर पर अपने संदेश में श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति(बीकेटीसी)अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर प्रसन्नता जताई है। बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया 18 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने भगवान मद्महेश्वर जी के दर्शन किये।

कपाट बंद से एक दिन पहले श्री मद्महेश्वर मंदिर में यज्ञ- हवन किया गया था आज 20 नवंबर प्रात: साढ़े चार बजे मंदिर खुल गया था। प्रात: कालीन पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान मद्महेश्वर जी के दर्शन किये। उसके बाद मंदिर गर्भगृह में कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू हुई। भगवान मद्महेश्वर जी के स्वयंभू शिवलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि स्वरूप में ले जाया गया। शिवलिंग को स्थानीय पुष्पों, फल पुष्पों , अक्षत से ढक दिया गया। इसके बाद पुजारी टी गंगाधर लिंग ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण एवं प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी उपस्थिति में शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट बंद किये।

कपाट बंद होने के बाद मंदिर समिति कर्मचारियों तथा श्रद्धालुओं के साथ मंदिर की परिक्रमा भगवान मद्महेश्वर जी की डोली ने पुरातन वर्तनों तथा सामग्री का निरीक्षण किया। हक-हकूकधारी भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली के साथ प्रथम पड़ाव गोंडार को प्रस्थान हुए। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि 20 नवंबर बुधवार को कपाट बंद होने के बाद भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली रात्रि विश्राम हेतु गौंडार पहुंचेगी। 21 नवंबर को राकेश्वरी मंदिर में प्रवास तथा 22 नवंबर को गिरिया प्रवास करेगी 23 नवंबर को गिरिया से चलकर भगवान मद्महेश्वर जी की चलविग्रह डोली अपने देव निशानो के साथ शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में विराजमान हो जायेगी।

इसी के साथ श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान मद्महेश्वर जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेगी। उल्लेखनीय है कि 23 नवंबर को ही मुख्य रूप से मद्महेश्वर मेला भी आयोजित होता है बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन भगवान मद्महेश्वर जी के दर्शन हेतु पहुंचते हैं। प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान ने बताया कि मद्महेश्वर मेले के लिए श्री ओंकारेश्वर मंदिर मंदिर उखीमठ को फूलों से सजाया जा रहा है। आज कपाट बंद होने के अवसर पुजारी टी गंगाधर लिंग, मंदिर समिति कर्मी पारेश्वर त्रिवेदी ,दिनेश पंवार, अनिल बर्त्वाल सहित गौंडार गांव के प़चगाई हक-हकूकधारी तथा वन विभाग के कर्मचारी एवं श्रद्धालुजन मौजूद रहे।

महाराष्ट्र : 288 सीटों पर वोटिंग जारी, इन बड़े चेहरों ने डाले वोट

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महाराष्ट्र विधानसभा की सभी 288 सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है. 4,136 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. महाराष्ट्र में मुकाबला काफी हद तक द्विध्रुवीय है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), सत्तारूढ़ महायुति के बैनर तले अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन में, विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ रही है, जिसमें शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार) और कांग्रेस पार्टी शामिल हैं.

288 विधानसभा सीटों में से 234 सामान्य श्रेणी में आती हैं, 29 अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित हैं और 25 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं. 52,789 स्थानों पर 1,00,186 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा. इसमें 42,604 शहरी मतदान केंद्र और 57,582 ग्रामीण मतदान केंद्र शामिल हैं. इनमें से 299 मतदान केंद्रों का प्रबंधन दिव्यांग व्यक्तियों (PwD) द्वारा किया जाता है.

अपडेट की गई मतदाता सूची के अनुसार, महाराष्ट्र में लगभग 9.7 करोड़ (97 मिलियन) पात्र मतदाता हैं. इसमें 4.97 करोड़ पुरुष मतदाता और 4.66 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं. 1.85 करोड़ युवा मतदाता (18-29) हैं, जिनमें 20.93 लाख पहली बार मतदाता (18-19) शामिल हैं.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 पर मुंबई सिटी कलेक्टर संजय यादव ने कहा कि आज हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है. मैंने अभी-अभी अपना वोट डाला है और मैं सभी मुंबईकरों, महाराष्ट्र के सभी मतदाताओं से ऐसा ही करने का अनुरोध करता हूं. हमने सुचारू और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी सुविधाएं प्रदान करने की पूरी कोशिश की है.

श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ एवं योग बदरी पांडुकेश्वर में शीतकालीन पूजायें शुरू हुई

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श्री बदरीनाथ धाम यात्रा 2024

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• योग बदरी पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य जी की पावन गद्दी श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंची।

• गढ़वाल स्काट जोशीमठ सेंटर स्थित मां भुवनेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल हुए रावल , धर्माधिकारी, वेदपाठी।

• योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में आज 19 नवंबर से शीतकालीन पूजाएं शुरू हुई।

पांडुकेश्वर/ जोशीमठ 19 नवंबर। विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बीते रविवार 17 नवंबर रात्रि को शीतकाल हेतु बंद होने के बाद आज मंगलवार प्रात: सेना के बैंड के भक्तिमय धुनों तथा बदरी विशाल के उदघोष के साथ आदि गुरु शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी आज दोपहर बाद योग बदरी पांडुकेश्वर से समारोह पूर्वक गद्दीस्थल श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ मंदिर पहुंच गयी है।इस अवसर पर श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ को भब्य रूप से फूलों से सजाया गया था। इसी के साथ इस यात्रा वर्ष की श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का समापन हो गया है।

देव डोली का ग्रीफ केंप सहित स्थान -स्थान पर श्रद्धालुओं द्वारा भब्य स्वागत हुआ।ज्ञातब्य उद्धव जी एवं कुबेर जी शीतकाल में पांडुकेश्वर प्रवास करेंगे तथा बीते सोमवार 18 नवंबर को पांडुकेश्वर प्रवास के बाद आज मंगलवार 19 नवंबर को आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी रावल, धर्माधिकारी वेदपाठी सहित श्रद्धालुजन श्री नृसिह मंदिर जोशीमठ पहुंच गये ।

आज प्रात: दस बजे आदि गुरु शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी को बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ के लिए रवाना किया।
आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ रावल अमरनाथ नंबूदरी, स्वामी मुकुंदानंद महाराज,सहित बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान वेदपाठी रविंद्र भट्ट, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी , स्वामी आत्मानंद,मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़, श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचे।

श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/ प्रभारी अधिकारी गिरीश चौहान ने आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी तथा आगंतुक अतिथियों की अगवानी की।
इसके बाद श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ परिसर में रावल, धर्माधिकारी वेदपाठी ब्राह्मणों संतों ने श्री गणेश भगवान श्री नृसिंह का आव्हान कर यात्रा समापन पूजा संपन्न की

इससे पहले सीमा सड़क संगठन ( बीआरओ) केंप में प्रभारी सेनानायक सीआर मीना सहित सभी जवानों अधिकारियों ने आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी के दर्शन किये तथा रावल को पालकी में बिठाकर केंप तक ले गये तथा भब्य स्वागत किया इस अवसर पर रावल, धर्माधिकारी, वेदपाठी ने बीआरओ के योगदान को सराहा एवं साधुवाद दिया।इसके अलावा स्वामी धरनीधर महाराज आश्रम मारवाड़ी तथा श्रद्धालुओं ने अपने प्रतिष्ठान में देव डोली का पुष्प वर्षा से स्वागत किया।

इसके पश्चात रावल अमरनाथ नंबूदरी सहित धर्माधिकारी वेदपाठी, मंदिर समिति के अधिकारी गढ़वाल स्काट जोशीमठ स्थिति मां भुवनेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल हुए तथा रेजीमेंट को भगवान बदरीविशाल का आशीष प्रदान किया इस अवसर पर सेनानायक कर्नल शांतनु वौरी, सुबेदार मेजर नारायण सेना पंडित वीके दुबे सहित गढ़वाल स्काट के अधिकारी एवं समस्त जवान मां भुवनेश्वरी तथा भगवान बदरीविशाल की पूजा में शामिल हुए।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी शीतकाल में योगबदरी पांडुकेश्वर प्रवास करेंगे तथा आदि गुरु शंकराचार्य जी की पावन गद्दी आज मंगलवार 19 नवंबर को योग बदरी पांडुकेश्वर से प्रस्थान कर दोपहर बाद श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ स्थित गद्दी स्थल पहुंची इसी के साथ योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में शीतकालीन पूजायें भी शुरू हो गयी ।

आज श्री नृसिंह मंदिर में आदि गुरु शंकराचार्य जी की डोली के स्वागत अवसर पर म बड़ी संख्या में श्रद्धालु तथा देव पुजाई समिति के सदस्य मंदिर समिति अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

महाराष्ट्र की इन 5 सीटों पर ‘महा’ मुकाबला, दांव पर दिग्गजों की साख

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महाराष्ट्र : राज्य की 288 विधानसभा सीटों के लिए कल 20 नवंबर को वोटिंग हीनी है. सभी राजनीतिक दल मुकाबले के लिए तैयार हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी का खिताब जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं. वहीं, उनके संबंधित सहयोगी दल – शिवसेना, शिवसेना (UBT), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और एनसीपी (शरद पवार) भी मैदान में हैं.

चुनाव अभियान के दौरान बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ताबड़तोड़ रैलियां कीं. वहीं, कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य राष्ट्रीय नेताओं ने अपने उम्मीदवारों के लिए वोट मांगा. इस बार चुनाव में 5 सीटों पर कड़ा मुकाबला होनी की उम्मीद है. चुनाव में सब की नजर इन सीटों पर रहने वाली है. इनमें वर्ली और बारामती की सीट भी शामिल है, जहां क्रमश: ठाकरे और पवार परिवार के सदस्य आमने-सामनें हैं.

मुंबई की हाई-प्रोफाइल वर्ली विधानसभा सीट पर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के मिलिंद देवड़ा, शिवसेना (UBT) के आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता संदीप देशपांडे के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है. दक्षिण मुंबई के पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा मिडिल क्लास वोटर्स पर मजबूत पकड़ रखते हैं.

वहीं, शिवसेना (UBT) के आदित्य ठाकरे भी वर्ली सीट से ताल ठोक रहे हैं. 2019 में उन्होंने यहां से 89,248 वोटों के साथ शानदार जीत हासिल की थी. ठाकरे को कोविड-19 महामारी के दौरान अपने हाथों-हाथ काम करने के लिए पहचान मिली थी.

हालांकि, यहां MNS का मतदाता आधार छोटा है, लेकिन संदीप देशपांडे स्थानीय मुद्दों, खासकर बुनियादी ढांचे और आवास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए जाने जाते हैं. इसे अलवा उनके डायरेक्ट अप्रोच और काम ने उन्हें विशेष रूप से वर्ली में मराठी भाषी मतदाताओं के बीच लोकप्रियता दिलाई है.

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद बारामती में एक बार फिर पवार परिवार के बीच टकराव देखने को मिल रहा है. इस बार शरद पवार के पोते युगेंद्र पवार उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को चुनौती दे रहे हैं. एनसीपी (शरद पवार) अपने पारंपरिक गढ़ में उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रही है. युगेंद्र, शरद पवार की देखरेख में अपने राजनीतिक डेब्यू की तैयारी कर रहे हैं. वह इससे पहलेसुप्रिया सुले के लोकसभा अभियान के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.

दूसरी ओर, अजीत पवार भी इस निर्वाचन क्षेत्र के निर्विवाद नेता रहे हैं, जिन्होंने 1991 से लगातार सात बार सीट हासिल की है. 2019 में अजीत पवार ने लगभग 1.95 लाख वोट और 83.24 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करते हुए निर्णायक जीत हासिल की थी.

वांद्रे विधानसभा क्षेत्र में जीशान सिद्दीकी और वरुण सरदेसाई के बीच कड़ा मुकाबला होने वाला है. जीशान सिद्दीकी के पास युवा वोटर्स के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय का भी समर्थन हासिल है. वे स्थानीय मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद उन्हें सहानुभूति वोट मिलने की भी उम्मीद है.

दूसरी ओर इस सीट से उद्धव ठाकरे के भतीजे वरुण सरदेसाई मैदान में हैं, जो 2022 में पार्टी के विभाजन के दौरान शिवसेना (UBT) के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं. वांद्रे ईस्ट में उनका काफी प्रभाव है, उन्हें शिवसेना के पारंपरिक वोटर्स का समर्थन हासिल है.

नागपुर साउथ वेस्ट विधानसभा सीट से उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में उनकी नजर लगातार चौथी बार अपने गढ़ को सुरक्षित करने पर है. वे 2009 से नागपुर दक्षिण पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और लगातार तीन बार जीतते आए हैं.

फडणवीस को कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल गुडधे चुनौती दे रहे हैं, जो अपनी गहरी स्थानीय जड़ों और जमीनी स्तर के संबंधों के लिए जाने जाते हैं. माना जा रहा है कि उन्हें बीजेपी के प्रति मतदाताओं की उदासीनता, वर्तमान प्रशासन के प्रति असंतोष, सार्वजनिक सेवाओं और बीजेपी की आर्थिक नीतियों पर चिंताओं का फायदा मिल सकता है.

ठाणे के कोपरी-पचपाखड़ी विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का मुकाबला केदार दिघे से होगा, जो उनके राजनीतिक गुरु दिवंगत शिवसेना नेता आनंद दिघे के भतीजे हैं.एकनाथ शिंदे ने अक्सर आनंद दिघे को राजनीति में अपने मार्गदर्शक के रूप में संदर्भित किया है. दिघे से उनका गहरा संबंध है.

हिमाचल भवन कुर्क करने का आदेश, हाईकोर्ट के फैसले से मची खलबली

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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आर्बिट्रेशन अवॉर्ड का पालन करने के लिए नई दिल्ली के 27 सिकंदरा रोड मंडी हाउस स्थित हिमाचल भवन को कुर्क करने का आदेश जारी किया है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने सेली हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी लिमिटेड की ओर से ऊर्जा विभाग के विरुद्ध दायर अनुपालना याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।

कोर्ट ने ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव को इस बात की तथ्यात्मक जांच करने का आदेश भी दिया कि किस विशेष अधिकारी अथवा अधिकारियों की चूक के कारण 64 करोड़ रुपये की सात प्रतिशत ब्याज सहित अवॉर्ड राशि कोर्ट में जमा नहीं की गई है। कोर्ट ने कहा कि दोषियों का पता लगाना इसलिए आवश्यक है क्योंकि ब्याज को दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से वसूलने का आदेश दिया जाएगा।

दैनिक जागरण की रोपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट अगली तिथि को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया। मामले पर सुनवाई छह दिसंबर को होगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 13 जनवरी 2023 को प्रतिवादियों को याचिकाकर्ता की ओर से जमा किए गए 64 करोड़ रुपये के अग्रिम प्रीमियम को याचिका दायर करने की तिथि से इसकी वसूली तक सात प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित वापस करने का निर्देश दिया था।

इस निर्णय पर खंडपीठ ने इस शर्त पर रोक लगाई थी कि यदि प्रतिवादी उक्त राशि कोर्ट में जमा करवाने में असमर्थ रहते हैं तो अंतरिम आदेश हटा लिए जाएंगे। राशि जमा न करने पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 15 जुलाई 2024 को एकलपीठ के निर्णय पर लगाई रोक हटाने का आदेश जारी किया।

इन तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि चूंकि प्रतिवादी-राज्य के पक्ष में कोई अंतरिम आदेश नहीं है, इसलिए आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को लागू करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि सरकार की ओर से अवॉर्ड राशि जमा करने में देरी से दैनिक आधार पर ब्याज लग रहा है, जिसका भुगतान सरकारी खजाने से किया जाना है।

दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात, ऑनलाइन हुई पढ़ाई

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दिल्ली समेत आस-पास के राज्य पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण की मार झेल रहे हैं. 6 दिनों से तो हालात काफी ज्यादा बिगड़ते दिख रहे हैं. लेकिन सोमवार को तो आलम ये था कि सुबह के समय विजिबिलिटी शून्य के बराबर पहुंच गई थी. सांस लेना तो दुभर हो ही रहा है, लेकिन स्कूल और ऑफिस जाने वालों को इस कारण अच्छी-खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. गाड़ियां कछुए की रफ्तार से चल रही हैं.

इस बीच दिल्ली में सरकार ने कुछ समय के लिए स्कूल और कॉलेज बंद करवा दिए हैं. छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं. सभी के मन में अब ये सवाल उठ रहा है कि क्या ऑफिस भी बंद होंगे? यानि कोरोना काल जैसे वर्क फ्रॉम (WFH) फिर से शुरू हो जाएगा?

दिल्ली के कई इलाकों में AQI 500 के पार है. खराब विजिबिलिटी से हवाई और रेल सेवा पर भी असर पड़ा है. कई फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं तो ट्रेनों की रफ्तार भी कम विजिबिलिटी के कारण धीमी पड़ गई है.

दिल्ली-NCR में धुंध और प्रदूषण का डबल अटैक पड़ा है. प्रदूषण से राजधानी दिल्ली गैस चेंबर बनी हुई है. जहरीली हवा से लोगों को सांस लेने में दिक्कत आ रही है. दमघोंटू हवा में सांस लेना काफी मुश्किल भरा हो रहा है. अगले 5 दिनों तक प्रदूषण से राहत नहीं मिलेगी.

ट्रक से टकराई कार : 6 लोगों की मौत, 2 घायल

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गुजरात के भरूच जिले में एक राज्य राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार कार के ट्रक से टकराने के बाद तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं, पुलिस ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है।
मृतकों में से तीन लोगों की भावनगर निवासी मितेश चावड़ा (20) और चेतन भट्टी (26) और महावीर अग्रावत के रूप में पहचान हुई है।
जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने घटना का जायजा लिया, साथ ही  घायलों को कार से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जंबूसर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मणिपुर हिंसा : कई जिलों में कर्फ्यू, इंटरनेट बंद, CAPF की 50 और टुकड़ियां तैनात

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मणिपुर फिर से हिंसा की आग में जल रहा है. यहां उग्रवादियों और सुरक्षाबलों के मुठभेड़ के बाद जिरीबाम में 6 लोगों के अपहरण और उनकी लाश मिलने के बाद से भीड़ हिंसक हो गई है. कई मंत्रियों के घरों पर हमले हो चुके हैं. प्रदर्शनकारियों ने सीएम के घर पर भी हमला करने की कोशिश की थी.

कुकी उग्रवादियों की ओर से क ही परिवार के 6 लोगों की नृशंस हत्या के बाद नाराज मैतेई समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए हैं. लगातार हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर कुकी समुदाय 11 नवंबर की मुठभेड़ को फर्जी बता रहा है. इन लोगों का कहना है कि वह उनके शवों का अंतिम संस्कार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही करेंगे. कुकी समुदाय का कहना है कि उन्हें शक है कि सुरक्षाबलों ने उन्हें पकड़कर मारा है.

राज्य के कई इलाके हिंसा की चपेट में हैं. एक तरफ कुकी समुदाय के लोग अपनी मांग को लेकर हिंसा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ मैतेई समुदाय एक ही परिवार के छह लोगों की हत्या के विरोध में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सड़कों पर है. मौजूदा हालात को देखते हुए मणिपुर में 19 नवंबर को तमाम स्कूल बंद कर दिए गए हैं. इंटरनेट सेवा पहले से ही बंद है.