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श्री सिद्धबली बाबा का वार्षिक अनुष्ठान महोत्सव कोटद्वार में धूमधाम से प्रारंभ

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कोटद्वार, उत्तराखंड – श्री सिद्धबली मंदिर में शुक्रवार से तीन दिवसीय श्री सिद्धबली बाबा का वार्षिक अनुष्ठान महोत्सव पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शुरू हो गया। इस अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो सिद्धबली मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए देवी मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यह शोभायात्रा पूरे शहर में श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बिंदु बन गई।

महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक, ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया। शोभायात्रा में भाग लेते हुए उन्होंने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा, “श्री सिद्धबली बाबा का मंदिर कोटद्वार का एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है, जहां लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था और भक्ति अर्पित करने आते हैं। इस वार्षिक महोत्सव के दौरान हम बाबा के आशीर्वाद से अपने नगर और जीवन को समृद्ध बनाने की प्रार्थना करते हैं।”

ऋतु खण्डूडी ने आगे कहा, “हम सभी भाग्यशाली हैं कि बाबा सिद्धबली जी के आशीर्वाद से इस पवित्र आयोजन का हिस्सा बन पा रहे हैं। मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करती हूं कि वे महोत्सव में भाग लें और बाबा के दर्शन कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें।”

शोभायात्रा के दौरान कोटद्वार के विभिन्न चौराहों और मार्गों पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। पूरा शहर फूलों की मालाओं और रोशनी से सजाया गया, जिससे माहौल में भक्ति और उल्लास का अद्वितीय समावेश हुआ।

यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने शोभायात्रा में हिस्सा लिया और बाबा सिद्धबली के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।

महोत्सव के आगामी दो दिनों में भी अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्थानीय और बाहर से आए श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। यह महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए बाबा सिद्धबली के आशीर्वाद प्राप्त करने और आध्यात्मिक आनंद का अनोखा अवसर है।

प्रयागराज में शंकराचार्य शिविर में भूमिपूजन हुआ संपन्न

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प्रयागराज: आज मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी के अवसर पर आगामी महाकुंभ के लिए प्रातः शुभ मुहूर्त में गंगाप्रसाद शुक्ल के आचार्यत्व में इक्कीस अन्य ब्राह्मणों द्वारा मोरी मार्ग के दक्षिण पट्टी में आदिशंकराचार्य भगवान द्वारा स्थापित चार आम्नाय शांकर पीठ में से ज्योतिष्पीठ और द्वारकापीठ के शिविर में भूमि पूजन ब्रह्मचारी शंकर स्वरूप जी के द्वारा सम्पन्न हुआ ।

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द्वारकापीठ के शिविर प्रभारी श्रीधरानन्द ब्रह्मचारी ने बताया की आज उत्तम मुहूर्त में पूजा करके कार्य आरम्भ कर दिया गया है, द्वारकापीठ के शिविर में पूरे पर्व के दौरान अनेंको धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन होंगे । पूज्यपाद द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती जी महाराज के दर्शन का लाभ सबको मिलेगा ।

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ज्योतिष्पीठ शिविर के कुम्भ मेला प्रभारी मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी ने बताया कि 100 करोड से अधिक सनातन धर्मियों के लिए ये सबसे बडा पर्व है , इस महापर्व पर ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘1008’ जी महाराज के सान्निध्य पूरे मास धार्मिक विषयों पर निर्णय हेतु परमधर्मसंसद् के अनेकों सत्र होंगे जिसमें सभी धार्मिक समसामयिक विषयों पर शंकराचार्य जी महाराज अपना निर्णय सुनाएंगे।

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भूमिपूजन के कार्यक्रम में स्वामी विद्याचैतन्य, स्वामी विचित्रानन्द, अपर मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी, उप मेलाधिकारी श्री विवेक शुक्ल, संजय ममगाई जोनल अधिकारी, लवकुश महाराज, देवेंद्र त्रिपाठी पीलीकोठी, अवधेश त्रिपाठी, अनूप त्रिपाठी रईस चंद्र शुक्ला, रवि उपाध्याय, आलोक पांडे रघुनाथ द्विवेदी, रामचंद्र शुक्ल, विद्याकांत पाण्डेय, संजय मिश्र, रामसजीवन शुक्ल, पशुपतिनाथ पंडा, नीरज शुक्ला एडवोकेट चन्दन तिवारी, योगेश शुक्ल, दीपेन्द्र नायक, आर्य शेखर , विकास दुबे, राजेश मिश्रा, उदित त्रिपाठी, सोमजी शास्त्री दशामेध मंदिर आदि अनेकों भक्तजन उपस्थित रहे।

Big News : किसानों पर पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, रबड़ की गोलियां और मिर्च का स्प्रे भी किया

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पंजाब के किसान अपनी मांगों के लिए फरवरी माह से शंभू बाॅर्डर पर मोर्चा लगाकर बैठे हैं। अब किसानों ने पैदल दिल्ली जाने का एलान किया है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे संगठन से जुड़े 100 सदस्य शंभू बॉर्डर से आगे बढ़े।

किसानों का पहला जत्था आज दोपहर दिल्ली कूच के लिए रवाना हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में 101 किसान शुक्रवार दोपहर एक बजे पटियाला-अंबाला की सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर से पैदल दिल्ली कूच करने के लिए आगे बढ़े।

किसानों को रोकने के लिए पुलिस जगह-जगह पर बैरिकेड्स लगाई थी। जिसे तोड़ते हुए किसान आगे बढ़ गए। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं। साथ ही मिर्च का स्प्रे भी डाला है।

क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें

-सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बने।
-फसलों की डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के हिसाब से कीमत तय हो।
-किसान-खेत मजदूरों का कर्ज माफ हो, पेंशन दी जाए।
-भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 दोबारा लागू किया जाए।
-लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा दी जाए।
-भारत मुक्त व्यापार समझौते से बाहर आए।
-किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा, सरकारी नौकरी मिले।
-विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद किया जाए।
-मनरेगा में हर साल 200 दिन का काम, 700 रुपये दिहाड़ी दी जाए।

‘पुष्पा 2’ पहले दिन सबसे ज्यादा कलेक्शन कर बनी देश की हाईएस्ट ओपनर, तोड़े सारे रिकॉर्ड

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काफी ज्यादा लंबे इंतजार के बाद अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) की मोस्ट अवेटेड फिल्म पुष्पा 2: द रूल (Pushpa 2: The Rule) सिनेमाघरों में कल यानी पांच दिंसबर को रिलीज हो गई। फिल्म ने पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस में गदर मचा दी और कई सारी फिल्मों के रिकॉर्ड भी तोड़ डाले। ओपनिंग डे पर पुष्पा 2 ने सोलिड ओपनिंग की। फिल्म ने हाईएस्ट ओपनिंग का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। चलिए जानते है कि फिल्म ने पहले दिन(Pushpa 2 Box Office Collection Day 1) कितनी कमाई की।

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बॉक्स ऑफिस को पुष्पा 2 द रूल ने हिला डाला। फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच काफी बज बना हुआ था। फैंस का एक्साइटमेंट लेवल पीक पर था। एडवांस बुकिंग में भी फिल्म ने बेहतरीन कमाई की। सुबह से लेकर रात तक के शोज हाउसफुल रहे। ऐसी दिवानगी शायद ही किसी और फिल्म के लिए देखने को मिली होगी जो इस पुष्पा 2 को मिल रही है। जिसके चलते ओपनिंग डे पर फिल्म ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो फिल्म पुष्पा 2 ने बुधवार को तेलुगु भाषा में 10.1 करोड़ की कमाई की। तो वहीं पहले दिन गुरुवार को सभी भाषाओं में फिल्म ने 165 करोड़ का कलेक्शन किया। जिसमें केवल तेलुगु भाषा में फिल्म ने सबसे ज्यादा 85 करोड़ का कारोबार किया। तो वहीं हिंदी में 67 करोड़, तमिल में सात, मलयालम में पांच और कन्नड़ में एक करोड़ का कलेक्शन किया।

इसी के साथ फिल्म ने तेलगु पेड प्रीव्यू की कमाई मिलाकर पहले दिन टोटल 175.1 करोड़ का कलेक्शन किया है। हालांकि ये शिर्फ शुरूआती आंकड़े है। ऑफिशियल डाटा आने के बाद इस फिगर में थोड़ा बदलाव हो सकता है।

बता दें कि फिल्म ने पहले दिन रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है। फिल्म ने शाहरुख खान की जवान (75 करोड़),पठान (57 करोड़), प्रभास की कल्कि 2898 एडी (95 करोड़), बाहुबली 2(121 करोड़), यश की केजीएफ 2 (116 करोड़), रणबीर कपूर की एनिमल (63.80), जूनियर एनटीआर और रामचरण की आरआरआर (163 करोड़) आदि फिल्मों को ओपनिंग डे की कमाई के मामले में धूल चटा दी।

फिल्म देश की अब तक की सबसे बड़ी ओपनर का खिताब अपने नाम कर लिया है। पुष्पा 2 का क्रेज देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म वीकेंड में और भी ज्यादा कमाई कर सकती है। उम्मीद है कि फिल्म पहले वीकेंड में 250 करोड़ का आंकड़ा आराम से पार कर लेगी।

युवा कांग्रेस ने “नशा नहीं, नौकरी दो” को लेकर “सचिवालय घेराव” किया

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देहरादून :  भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री उदय भानु चिब के नेतृत्व में उत्तराखंड में “नशा नहीं, नौकरी दो” कार्यक्रम की शुरुआत रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में एक शक्तिशाली कार्यक्रम “सचिवालय घेराव” के साथ की। अभियान का उद्देश्य बेरोजगारी और नशे की लत की दोहरी चुनौतियों का समाधान करना था, जिसने क्षेत्र के युवाओं को गहराई से प्रभावित किया है।

इस कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह, हरीश रावत, करण महारा, गणेश गोदियाल, हरीश धामी, रवि बहादुर, प्रकाश जोशी, भुवन कापड़ी और अन्य वरिष्ठ और शीर्ष स्तर के नेता मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत रेंजर्स ग्राउंड में एक विशाल जनसभा से हुई, जहां सैकड़ों युवाओं और कार्यकर्ताओं ने रोजगार सृजन और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बढ़ते खतरे से निपटने के उपायों पर ठोस कार्रवाई की मांग की।

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कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, IYC अध्यक्ष श्री उदय भानु चिब ने कहा कि “यह अभियान हमारे युवाओं के भविष्य की आवाज है। हम सरकार से अवसर प्रदान करने और बेरोजगारी से निपटने की जिम्मेदारी लेने का आह्वान कर रहे हैं। नशा केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि एक सामाजिक समस्या है, और यह सीधे हमारे युवाओं में रोजगार और उद्देश्य की कमी से जुड़ी है।”

पीसीसी अध्यक्ष करण महारा ने राज्य में बढ़ते नशे और रोजगार के मुद्दे पर बात की। उन्होंने देहरादून में नदी के किनारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को दी गई 3 साल की राहत अवधि के बारे में भी बताया। रेंजर्स ग्राउंड में एकत्र होने के बाद, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण लेकिन मुखर तरीके से अपनी मांगों को व्यक्त करने के लिए “सचिवालय घेराव” का आयोजन किया। रैली में “रोजगार दो, नशा छोड़ो” जैसे नारे गूंजते रहे और मार्च करने वालों ने तत्काल कार्रवाई के लिए अपने आह्वान पर जोर दिया।

यह अभियान भारतीय युवा कांग्रेस की महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें युवाओं को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों से बचाने और नौकरी के अवसरों के माध्यम से उनकी आर्थिक भलाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

“नशा नहीं, नौकरी दो” कार्यक्रम उत्तराखंड में आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है और इसमें जागरूकता अभियान, विरोध प्रदर्शन और नीति निर्माताओं के साथ बातचीत सहित कई कार्यक्रम शामिल होंगे। मार्च के समापन पर अधिकारियों को मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सरकार से रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने और सख्त नशा विरोधी उपायों को लागू करने का आग्रह किया गया। उदय भानु चिब और सुमित्तर भुल्लर के नेतृत्व में भारतीय युवा कांग्रेस युवाओं के अधिकारों और कल्याण के लिए लड़ने के अपने मिशन में दृढ़ है। यह अभियान केवल उत्तराखंड के लिए एक आंदोलन नहीं है, बल्कि राष्ट्र के लिए एक आह्वान है।

डॉ. पूजा गौड़ को मिला मिलेनियम फार्मर ऑफ इंडिया नेशनल अवार्ड

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देहरादून: खेती-किसानी के लिए अवार्ड की जब भी बात होती है, आपको सबसे ज्यादा नाम पुरुषों के ही सुनने को मिलते हैं। जबकि, पुरुषों को मिले अवार्ड में सबसे अहम रोल महिलाओं का ही होता है। लेकिन, अब महिलाएं भी अपने काम से राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बना रही हैं। अपने काम के जरिए वो देश और दुनिया में नाम कमा रही हैं। ऐसा ही एक नाम हैं उत्तराखंड की डॉ. पूजा गौड़। उन्होंने आधुनिक और जैविक खेती के जरिए किसानों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। लगातार किसानों के लिए काम कर रही हैं।

डॉ. पूजा गौड़ को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और कृषि जागरण की ओर से प्रगतिशील किसान डॉ. पूजा गौड़ को मिलेनियम फार्मर ऑफ इंडिया (MFOI) नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनको केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदान किया गया। Screenshot 2024 12 06 10 58 39 30 92460851df6f172a4592fca41cc2d2e6

डॉ. पूजा गौड़ को यह सम्मान उनके द्वारा किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे अनूठे कार्यों के लिए दिया गया। देश और विदेश से आए प्रगतिशील किसानों के इस महासम्मेलन में चुनिंदा लोगों को ही यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया। उत्तराखंड की डॉ. गौड़ उनमें से एक थीं।

इससे पहले भी, लखनऊ में आयोजित एक समारोह में डॉ. पूजा गौड़ को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिल्ली प्रेस की ओर से सम्मानित किया जा चुका है। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद, डॉ. गौड़ ने कहा कि किसानों के हित में काम करना मेरी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के सम्मान मिलने से मेरी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उनका कहना है कि किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और उनके उत्पादों के लिए उचित मूल्य दिलाने जैसे मुद्दों पर काम कर रही हैं।

डॉ. गौड़ ने बताया कि ऐसे महासम्मेलन में भाग लेना उनके लिए प्रेरणादायक है और इससे कृषि क्षेत्र में और अधिक कार्य करने का उत्साह मिलता है। डॉ. पूजा का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों में पूरे देश से आए किसानों को अपने अनुभवों और विचारों को साझा करने का अवसर मिलता है।

रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव, RBI गवर्नर ने किया MPC के फैसले का एलान

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RBI की मौद्रिक नीति समिति ने तीन दिनों तक चली बैठक में रेपो रेट को एक बार फिर 6.5% पर बरकरार रखने का फैसला किया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि यह फैसला MPC के सदस्यों ने 4:2 के बहुमत से लिया है। उन्होंने कहा है कि आरबीआई की पॉलिसी का लोगों के जीवन पर असर पड़ता है। RBI का पहला काम महंगाई को कंट्रोल करना है।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 4-2 बहुमत से ब्याज दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया, जबकि एसडीएफ दर 6.25% और एमएसएफ दर 6.75% पर बनी हुई है। केंद्रीय बैंक का रुख तटस्थ बना हुआ है।

MPC ने सर्वसम्मति से इस तटस्थ नीति रुख को बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की, जो वर्तमान आर्थिक स्थितियों के प्रति सतर्क दृष्टिकोण का संकेत देता है। RBI गवर्नर दास के अनुसार जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर उम्मीद से कम 5.4 प्रतिशत रही। दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था में मंदी का संकेत देने वाले संकेतक समाप्त हो गए हैं।

सौ करोड़ की लागत से बनेगा राफ़्टिंग बेस स्टेशन

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PIB Dehradun
Govt of Ind

सौ करोड़ की लागत से बनेगा राफ़्टिंग बेस स्टेशन

  • केंद्र सरकार ने 23 राज्यों में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए स्वीकृत किए ₹3295 करोड़
  • पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता नामक योजना के अंतर्गत स्वीकृत हुई धनराशि
  • इसी योजना के अंतर्गत ऋषिकेश में बनेगा आधुनिक राफ़्टिंग बेस स्टेशन
  • परियोजना के माध्यम से लगभग 1500 लोगों को नौकरियां मिलने का भी है अनुमान

देहरादून : केंद्र सरकार ने पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता नामक योजना के अंतर्गत देश के 23 राज्यों के 40 विभिन्न पर्यटक स्थलों के विकास के लिए ₹3295 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।

योग और पर्यटन नगरी ऋषिकेश को भी इस योजना का लाभ मिला है।इस योजना के अंतर्गत आइकोनिक सिटी ऋषिकेश में आधुनिक राफ़्टिंग बेस स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। दरअसल राफ़्टिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला मौजूदा बुनियादी ढांचा अपर्याप्त है। जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। राफ़्टिंग के शुरुआती स्थलों जैसे ब्रह्मपुरी, शिवपुरी, मरीन ड्राइव और कौड़ीयाला और समापन स्थलों जैसे नीम बीच, लक्ष्मण झूला और जानकी झूला सहित यहाँ अभी राफ़्टिंग रोमांच की बुकिंग के लिए एक सुव्यवस्थित प्रणाली स्थापित नहीं हो पाई है। शौचालय और कपड़े बदलने के लिए उचित स्थान की व्यवस्था जैसी सुविधाओं के अभाव के साथ-साथ सुरक्षा प्रावधानों में कमी और ऋषिकेश-तपोवन-शिवपुरी कॉरिडोर पर यातायात से होने वाली भीड़ भी अन्य मुद्दों में शामिल है।

राफ़्टिंग बेस स्टेशन परियोजना का उद्देश्य ऋषिकेश के राफ़्टिंग पर्यटन में बुनियाद ढांचे की चुनौतियों से निपटना और कमियों को दूर करना है।इस परियोजना का उद्देश्य अंतर राज्य बस टर्मिनल पर राफ़्टिंग संचालन को केंद्रित करना और साथ ही अधिक धन ख़र्च करने की क्षमता वाले पर्यटकों को आकर्षित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मानकीकृत बुकिंग प्रणाली और उन्नत सुविधाएँ प्रदान करना है।

इस परियोजना द्वारा पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए शौचालय, कपड़े बदलने के लिए उचित व्यवस्था और सड़क किनारे खानपान की छोटी दुकानों जैसी आवश्यक सुविधाओं से परिपूर्ण केंद्रीकृत राफ्टिंग बेस स्टेशन का विकास शामिल है। इसमें तपोवन क्षेत्र में भीड़-भाड़ को कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्माण और सुरक्षा तथा दक्षता सुनिश्चित करने के लिए आईटीसी आधारित निगरानी प्रणाली को लागू करना भी शामिल है।

इसके अलावा पर्यावरण स्थिरता को बढ़ावा देने और क्षेत्र के ईको सिस्टम को बनाए रखने के लिए एक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। इस परियोजना के माध्यम से लगभग 1500 लोगों को नौकरियां मिलने का भी अनुमान है।

योजना के लिए ज़मीन राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी और इसे लागू भी राज्य सरकार ही करेगी।केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय इसकी निगरानी करेगा।योजना के लिए 66% राशि राज्यों को जारी कर दी गई है। केंद्र सरकार ने राज्यों से इस योजना के अंतर्गत विकसित हो रहे पर्यटन स्थलों के विकास के कार्यों को पूरा करने के लिए दो वर्षों की समयसीमा तय की।

मुख्यमंत्री ने प्रकाश सुमन ध्यानी की पुस्तक ‘उपनिषदीय दर्शन बोध’ का विमोचन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में श्री प्रकाश सुमन ध्यानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘उपनिषदीय दर्शन बोध’ का विमोचन किया। पुस्तक विमोचन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूरी भूषण एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने ‘उपनिषदीय दर्शन बोध’ पुस्तक के लेखक श्री प्रकाश सुमन ध्यानी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे भारतीय वैदिक दर्शन और सनातन संस्कृति के संभावक के रूप में एक नई पहचान स्थापित कर रहे हैं। इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने उपनिषद के जटिल और गूढ़ रहस्यों को साधारण तरीके से लिखा है। भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों को सबके समक्ष रखा है। उपनिषद भारतीय संस्कृति और दर्शन की अमूल्य निधि है, जिसने संपूर्ण विश्व को ज्ञान और चेतना का मार्ग दिखाया है। हमारी ज्ञान परंपरा संपूर्ण विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम के रूप में मानती है। उपनिषद आध्यात्मिक चितंन के स्रोत के साथ ही मानवता को व्यावहाकि जीवन दृष्टि भी प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से ज्ञान-विज्ञान आगे बढ़ रहा है, तब उपनिषदों और वेदों का ज्ञान हमारे लिए और भी प्रासांगिक हो जाता है। जीवन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, भौतिकवाद की चकाचौंध के बीच में आत्मा और ब्रह्मा की खोज निश्चित रूप से हमें प्रेरणा देने का कार्य करेगी। यह पुस्तक सभी को आत्म विकास, आत्म चिंतन और स्वयं की खोज के लिए भी प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश देवभूमि होने के साथ ही आध्यात्मिक चिंतन का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है। आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानन्द और ऋषि-मुनियों ने इस पुण्य धरा को अपनी शरण स्थली बनाया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक हमारी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि श्री प्रकाश सुमन ध्यानी ने जीव विज्ञान की पढ़ाई कर आत्मज्ञान तक पहुंचकर ‘उपनिषदीय दर्शन बोध’ पुस्तक लिखी इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि उपनिषद जैसे विषय पर व्याख्यान करना बड़ी बात है। आज भारत की आस्था, निधि और गौरव ‘अध्यात्म’ की ओर आज पूरी दुनिया आ रही है। उन्होंने कहा कि भारत के मूल में आध्यात्मिक इंटेलीजेंस है। आध्यात्मिक इंटेलीजेंस हमारे देश की ख्याति है। भारत दुनिया को अध्यात्म और योग का ज्ञान देने वाला है।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूरी भूषण ने कहा कि ‘उपनिषदीय दर्शन बोध’ पुस्तक के माध्यम से लेखक ने आम जनमानस को उपनिषद और वेदों से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया है। हमारे वेद उपनिषद और प्राचीन ग्रंथ 21वीं सदी की आवश्यकता बन रहे हैं। जीवन जीने की शैली हमारे ये ग्रंथ सिखाते हैं। भावी पीढ़ी को अपने नैतिक मूल्यों से जोड़ना जरूरी है। आसान भाषा में हमारे ग्रंथो को बच्चों और जनमानस के साथ जोड़ना जरूरी है। आत्मा का चिंतन और परमात्मा से जुड़ाव होना आवश्यक है। इस पुस्तक के माध्यम से इस दिशा में सराहनीय प्रयास किया गया है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, भाजपा के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, ‘उपनिषदीय दर्शन बोध’ पुस्तक के लेखक प्रकाश सुमन ध्यानी, गणेश खुगशाल एवं साहित्य से जुड़े लोग उपस्थित थे।

सीएस राधा रतूड़ी का कडा रुख, UP निर्माण निगम को इन मामलों में नोटिस जारी करने के निर्देश

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सीएस राधा रतूड़ी ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को आधी-अधूरी एवं गुणवत्ताहीन निर्माणधीन आईटीआई भवनों के मामले में तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए

भुगतान वापसी के नोटिस का अनुपालन नही होने की दशा में प्राथिमिकी रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने की सख्त हिदायत

उत्तराखण्ड पेयजल निगम को आईटीआई सुरक्षा निर्माण सहित सभी निर्माण कार्यो में दीर्घ अवधि के विजन तथा हाॅलिस्टिक अप्रोच के साथ कार्य करने के कड़ी नसीहत

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) को आधी-अधूरी एवं गुणवत्ताहीन निर्माणधीन आईटीआई भवनों के मामले में तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने यूपीआरएनएन को आधी-अधूरी एवं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों के कारण भुगतान वापसी हेतु नोटिस जारी करने तथा नोटिस का अनुपालन नही होने की दशा में उनके विरूद्ध प्राथिमिकी रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड पेयजल निगम को आईटीआई सुरक्षा निर्माण सहित सभी निर्माण कार्यो में दीर्घ अवधि के विजन तथा हाॅलिस्टिक अप्रोच के साथ कार्य करने की कड़ी हिदायत दी है। उन्होंने आईटीआई के सुरक्षा निर्माण कार्यो के साथ ही ड्रेनेज सिस्टम तथा बाउण्ड्री वाॅल पर भी कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आईटीआई नारसन (हरिद्वार) में सुरक्षा निर्माण कार्यो के सम्बन्ध में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक की अध्यक्षता के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने 187.30 लाख रूपये के प्रोजेक्ट लागत पर अनुमोदन देते हुए उत्तराखण्ड पेयजल निगम को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। आईटीआई में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने इस प्रोजेक्ट की 10 दिन के भीतर सिंचाई विभाग से टेक्नीकल परीक्षण करवाने के बाद निर्माण कार्य आरम्भ करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अगले मानसून से पहले निर्माण कार्यों को पूरा करने तथा आईटीआई कैम्पस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर सचिव सी रविशंकर सहित पेयजल निगम एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।