मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, इम्फाल ईस्ट में फायरिंग और बम से दहशत
मौसम विभाग ने जारी किया बर्फबारी और शीतलहर का अलर्ट
देहरादून: मौसम विभाग ने कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रया, देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में 2500 मीटर तक के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो सकती है।
वहीं, दूसरी ओर मौसम विभाग ने टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिलों में शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने बाकायदा येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों ठंड से बचने की सलाव दी है। जिन क्षेत्रों के लिए अलर्ट किया गया है। उन जगहों पर अलाव की व्यव्सथा के लिए कहा गया है। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर लोगों को खुले में रहने से बचने की सलाह दी गई है।
बाल-बाल बचे WHO चीफ, एयरपोर्ट पर हुई बमबारी
हवाई अड्डे पर कम से कम दो लोगों के मारे जाने की खबर है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर, प्रस्थान लाउंज – जहाँ हम थे, वहाँ से कुछ मीटर की दूरी पर और रनवे क्षतिग्रस्त हो गए। हमें रवाना होने से पहले हवाई अड्डे को हुए नुकसान की मरम्मत होने तक इंतजार करना होगा। मेरे UN और WHO के सहकर्मी और मैं सुरक्षित हैं।
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डॉ. मनमोहन सिंह : उदारीकरण, RTE से लेकर मनरेगा और आधार तक, आर्थिक सुधारों के जनक
पूर्व वित्त मंत्री और दो बार प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का गुरुवार को 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। जब मनमोहन सिंह ने 1991 में पीवी नरसिम्ह राव की सरकार में वित्त मंत्रालय की बागडोर संभाली थी, तब भारत का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 8.5 प्रतिशत के करीब था, भुगतान संतुलन घाटा बहुत बड़ा था और चालू खाता घाटा भी GDP के 3.5 प्रतिशत के आसपास था। इसके अलावा देश के पास जरूरी आयात के भुगतान के लिए भी केवल दो सप्ताह लायक विदेशी मुद्रा ही मौजूद थी। इससे साफ पता चलता है कि अर्थव्यवस्था बहुत गहरे संकट में थी।
डॉ. सिंह ने केंद्रीय बजट 1991-92 के माध्यम से देश में नए आर्थिक युग की शुरुआत कर दी। यह स्वतंत्र भारत के आर्थिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसमें साहसिक आर्थिक सुधार, लाइसेंस राज का खात्मा और कई क्षेत्रों को निजी एवं विदेशी कंपनियों के लिए खोलने जैसे कदम शामिल थे। इन सभी उपायों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का था।
भारत को नई आर्थिक नीति की राह पर लाने का श्रेय डॉ. सिंह को दिया जाता है। उन्होंने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), रुपये के अवमूल्यन, करों में कटौती और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के निजीकरण की अनुमति देकर एक नई शुरुआत की।
आर्थिक सुधारों की एक व्यापक नीति की शुरुआत में उनकी भूमिका को दुनिया भर में स्वीकार किया जाता है। उनकी नीतियों ने ही भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण, वैश्वीकरण और निजीकरण की दिशा में ले जाने का काम किया। वह 1996 तक वित्त मंत्री के तौर पर आर्थिक सुधारों को अमलीजामा पहनाते रहे।
मनमोहन सिंह को मई 2004 में देश की सेवा करने का एक और मौका मिला और इस बार वह देश के प्रधानमंत्री बने। अगले 10 वर्षों तक उन्होंने देश की आर्थिक नीतियों और सुधारों को मार्गदर्शन देने का काम किया। उनके कार्यकाल में ही 2007 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर नौ प्रतिशत के उच्चतम स्तर पर पहुंची और दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया।
2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) लेकर आए और बिक्री कर की जगह मूल्य वर्धित कर (वैट) लागू हुआ। इसके अलावा डॉ. सिंह ने देश भर में 76,000 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना लागू कर करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचाने का काम किया।
उन्होंने 2008 की वैश्विक वित्तीय मंदी के समय भी देश का नेतृत्व किया और मुश्किल स्थिति से निपटने के लिए एक विशाल प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की। उनके कार्यकाल में ही भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के माध्यम से आधार की शुरुआत हुई।
इसके अलावा उन्होंने वित्तीय समावेशन को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया और प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान देश भर में बैंक शाखाएं खोली गईं। भोजन का अधिकार और बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम जैसे अन्य सुधार भी उनके कार्यकाल में हुए।
पूर्व PM डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे अमित शाह और जेपी नड्डा
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तबीयत बिगड़ने के बाद गुरुवार शाम को उन्हें एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था। रात करीब आठ बजे एम्स की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। पूर्व PM को श्रद्धांजलि देने अमित शाह और जेपी नड्डा भी पहुंचे।
मनमोहन सिंह के निधन पर देश में शोक की लहर है। विश्व के कई बड़े नेता भी पूर्व पीएम के निधन पर शोक जता चुके हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया टूर पर गई भारतीय क्रिकेट टीम भी काली पट्टी बांधकर श्रद्धांजलि दे रही है। केंद्र सरकार ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन पर आज के सभी कार्यक्रम रद कर दिए हैं और 7 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
हार्ट से संबंधित परेशानी के चलते 92 वर्षीय सिंह को अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया था। जहां उनका इलाज किया जा रहा था, लेकिन बाद में उनके निधन की खबर सामने आई। गुरुवार रात 9 बजकर 51 मिनट पर मनमोहन सिंह ने अंतिम सांस ली।
इससे पहले 13 अक्टूबर 2021 को मनमोहन सिंह बुखार की शिकायत के बाद दिल्ली एम्स में भर्ती कराए गए थे। उस दौरान उनका बुखार ठीक हो गया था, लेकिन बाद में उन्हें कमजोरी होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इस दौरान पूर्व पीएम के आवास पर मौजूद रहे।
बड़ी खबर: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन
नई दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन हो गया है। तबीयत बिगड़ने के बाद आज (गुरुवार) शाम को उन्हें AIIMS दिल्ली में भर्ती कराया गया। 92 वर्षीय सिंह को अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया। उनको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
इस वजह से कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नितीश नाइक की देखरेख में उनका इलाज किया गया, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को नहीं बचाया जा सका।
केदारनाथ में माइनस 15 डिग्री पहुंचा तापमान
केदारनाथ धाम में बर्फबारी व कड़ाके की ठंड को देखते हुए मजदूर लगातार वापस लौट रहे हैं, निर्माण कार्य की गति काफी सुस्त हो गई है। आगामी 28 दिसंबर को भारी बर्फबारी को देखते हुए तीस से चालीस मजदूर वापस लौट रहे हैं, वहीं स्थितियां अनुकूल रही तो 10 जनवरी तक केदारनाथ से पुनर्निर्माण में लगे सभी मजदूर वापस लौट जाएंगे।
केदारनाथ धाम में लगातार तापमान में गिरवाट आ रही है, गत दिनों हुई बर्फबारी के बाद यहां एक से डेढ़ फीट बर्फ जम गई है, जबकि आगामी 28 व 29 को मौसम विभाग की बर्फबारी का अनुमान है।
धाम में यदि तीन से चार फीट तक बर्फ जमी तो पुनर्निर्माण कार्य जारी रखना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि शुक्रवार को भी बीस से तीन मजदूरों के लौटने की संभावना है। वर्तमान में सौ मजदूर यहां कार्य कर रहे हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकर की लोनिवि शाखा के अधिशासी अभियंता विनय झिंक्वाण ने बताया कि केदारनाथ धाम में लगातार मौसम ठंडा हो रहा है। तापमान माइनस 15 डिग्री से नीचे जा रहा है। आने वाले दिनों में बर्फबारी के आसार है।
ईडी के कार्यालय में सीबीआई का छापा, रिश्वत का आरोपी डिप्टी डायरेक्टर फरार
आपने सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में ईडी और सीबीआई की छापेमारी देखी और सुनी भी होगी। इससे जुड़ी खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं। लेकिन, हिमाचल में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे।
भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में सीबीआई चंडीगढ़ की टीम ने शिमला के स्ट्रॉबेरी हिल्स स्थित ईडी के ऑफिस में छापेमारी की। सीबीआई की दबिश से पहले ही रिश्वत का आरोपी ईडी का डिप्टी डायरेक्टर एक बिचौलिए के साथ फरार हो गया। डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय को घंटों खंगालने के बाद सीबीआई ने कई फाइलें और अन्य दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी अवैध वसूली की रकम भी साथ ले गए हैं।
आरोपियों की तलाश में सीबीआई की टीमें अब जगह-जगह दबिश दे रही हैं। डिप्टी डायरेक्टर के शिमला स्थित आवास पर भी रेड की गई है। मंगलवार देर शाम तक सीबीआई की टीम शिमला में ईडी के दफ्तर को खंगालती रही। शिमला में ईडी के डिप्टी डायरेक्टर के पास धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित एक मामले की जांच चल रही थी।
आरोप है कि मामले को निपटाने की एवज में डिप्टी डायरेक्टर की ओर से बिचौलिए के जरिये आरोपियों से लाखों रुपये मांगे थे। इस संबंध में आरोपियों की ओर से चंडीगढ़ में सीबीआई को लिखित शिकायत दे दी गई। मामला ईडी के डिप्टी डायरेक्टर से जुड़ा था, ऐसे में आलाधिकारियों के दिशा-निर्देशानुसार जांच के लिए स्पेशल टीम गठित की गई।
शिकायतकर्ता पक्ष व बिचौलिए के बीच सीबीआई ने एक मीटिंग भी करवाई। इसमें उनके बीच पैसों के लेनदेन को लेकर रिकॉर्डिंग भी करवाई गई। इसकी भनक ईडी के डिप्टी डायरेक्टर को भी लग गई और वह बिचौलिए के साथ फरार हो गया। सोमवार को ही चंडीगढ़ सीबीआई की ओर से उसके खिलाफ भ्रष्टाचार सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया।
ईडी के दफ्तार में सीबीआई की रेड का यह मामला चर्चा में है। यह दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियां हैं। ईडी धन शोधन से संबंधित मामले की जांच करती है, जबकि सीबीआई भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की जांच करती है।
सीबीआई की टीम ने मंगलवार सुबह ही ईडी के दफ्तर में दबिश दी। इसके बाद कार्यालय में मौजूद कर्मियों में से न तो किसी को बाहर जाने दिया गया और न ही किसी को अंदर आने दिया गया। मंगलवार को शुरू हुई रेड बुधवार देर शाम तक जारी रही। 36 घंटों से सीबीआई ईडी के दफ्तर में दस्तावेजों को खंगालती रही है।
क्रिसमस की छुट्टी पर भी ईडी कार्यालय के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर बुलाया था। सीबीआई की ओर से ईडी दफ्तर में रेड का मामला चर्चा में रहा।
CWC अधिवेशन में लगे भारतीय नक्शे पर मचा बवाल, BJP ने उठाए कई सवाल
कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक आयोजित की गई है। 26 और 27 दिसंबर को बैठक आयोजित की गई है। बैठक से पहले पार्टी की ओर से नेताओं के स्वागत में पोस्टर लगाए गए। हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए पोस्टर पर विवाद खड़ा हो गया है।
आरोप लगाया गया है कि जो पोस्टर लगाए गए हैं, उनमें भारत का नक्शा विकृत रूप से प्रस्तुत किया गया है। इस मैप में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और अक्साई चीन का क्षेत्र गायब है। टुकड़े गैंग से है कांग्रेस का गठबंधन: सुधांशु त्रिवेदी भाजपा नेताओं ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से कांग्रेस के उन ताकतों के साथ गठबंधन को दर्शाता है जो भारत को टुकड़ों में बांट रहे हैं। यह नक्शा (बैनर पर) स्पष्ट रूप से इसे दर्शाता है। कांग्रेस ने पहले भी कई बार भारत के नक्शे को विकृत किया है।















