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महाराष्ट्र कैबिनेट से धनंजय मुंडे का इस्तीफा: सरपंच हत्या केस में सहयोगी की गिरफ्तारी बनी वजह

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मुंबई :महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और एनसीपी विधायक धनंजय मुंडे ने मंगलवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके सहयोगी वाल्मिक कराड का नाम सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के आरोपियों में शामिल होने के कारण मुंडे से इस्तीफा मांगा था।

मुंडे ने इस्तीफा सौंपते हुए कहा, “बीड जिले के मासाजोग में सरपंच संतोष देशमुख की नृशंस हत्या से मैं व्यथित हूं। मेरी हमेशा से मांग रही है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले। साथ ही, मेरी तबीयत भी ठीक नहीं थी, इसलिए मैंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।”

क्या है मामला?

बीड जिले के मासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या 9 दिसंबर 2024 को हुई थी। आरोप है कि वह एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली को रोकने की कोशिश कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें अगवा कर प्रताड़ित किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई।

CID ने 27 फरवरी को 1,200 पन्नों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया, जिसमें वाल्मिक कराड को आरोपी नंबर एक बनाया गया है। इस मामले में अब तक 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और मकोका के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है।

अजित पवार और फडणवीस की बैठक

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोमवार रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इसमें CID की जांच रिपोर्ट और आरोपपत्र पर चर्चा हुई। इस दौरान पवार ने मुंडे के इस्तीफे की संभावना जताई थी।

धनंजय मुंडे पर पत्नी का आरोप

मुंडे की अलग हुई पहली पत्नी करुणा शर्मा-मुंडे ने पहले ही दावा किया था कि बजट सत्र से पहले उनसे इस्तीफा लिया जाएगा। हालांकि, यह इस्तीफा सत्र के दौरान दिया गया।

फडणवीस ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा स्वीकार कर राज्यपाल को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। अब महाराष्ट्र कैबिनेट में नया मंत्री नियुक्त किया जाएगा।

श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति निर्णयों का स्वागत

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श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति

•संस्कृत विद्यालयों में हुए स्थांतरण तर्कसंगत

• कर्मचारियों को एसोर्ड कैरियर प्रोगेसन ( एसीपी) का लाभ दिये जाने का कर्मचारी संघ ने किया स्वागत।

• मंदिर समिति में वर्तमान में हो रहे सकारात्मक कार्यो एवं चार धाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन हेतु मंदिर समिति कर्मचारी संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का आभार जताया।

देहरादून/ रूद्रप्रयाग/ गोपेश्वर: 4 मार्च। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी)के संस्कृत विद्यालयों में दसकों से एक स्थान पर बने हुए अध्यापकों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण को मंदिर समिति प्रशासन ने तर्क संगत बताया है कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता हेतु यह जरूरी था।
संबंधित प्रधानाचार्यो की संतुष्टि पर सक्षम अधिकारी द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने हेतु तबादले किये गये है कोई तबादला नियम विरुद्ध नही है नही स्थांतरित कर्मचारियों एवं अध्यापकों की ओर से इसमें आपत्ति की गयी है। हालांकि वर्तमान में पूर्व मध्यमा तथा उत्तर मध्यमा परिषदीय परीक्षाओं के संपन्न होने तक उन्हें स्थगित रखा गया है।

वही मंदिर समिति में वर्षों से कर्मचारियों को समयमान वेतनमान ( एसीपी) का लाभ नही मिल पाया था। वर्तमान में शासनादेश के अनुरूप पात्र कर्मचारियों को एसीपी का लाभ दिया गया है मंदिर समिति कर्मचारी संघ ने विभागीय एसीपी मान्य किये जाने तथा मंदिर समिति के निर्णयों का स्वागत किया है। मंदिर समिति कर्मचारी संघ ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का भी विशेष आभार जताया है।
कहा कि शासन के निर्देश पर बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल मंदिर समिति तथा कर्मचारियों के हित में बेहद सकारात्मक कार्य कर रहे
है विभागीय मामलों पर बाहर राजनीति करनेवालों का बहिष्कार किया जायेगा।

वहीं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति प्रशासन ने समिति में किसी भी अनियमितता को सिरे से खारिज किया है कहा कि विभागीय स्थांतरण विभाग का आंतरिक मामला है तथा स्थांतरण कार्य लिए जाने के दृष्टिगत किये गये है यह मात्र अफवाह है कि
पिछली समिति के किसी निर्णय को बदला गया है।

श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति कर्मचारी संघ अध्यक्ष विजेंद्र बिष्ट तथा महामंत्री भूपेंद्र रावत ने कहा कि मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रहे है संघ कर्मचारियों को एसीपी का लाभ दिये जाने के निर्णय का स्वागत किया तथा कहा की विभागीय स्थांतरण सामान्य प्रक्रिया है इन मामलों पर बाहरी तत्वों को राजनीति से बाज आना चाहिये।

 ‘छावा’ ने बनाया एक और रिकॉर्ड, ‘पुष्पा 2’ को छोड़ा पीछे

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विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना स्टारर ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार तहलका मचा रही है। लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने तीसरे हफ्ते में भी अपनी पकड़ बनाए रखी है और अब सोमवार को ‘पुष्पा 2’ के हिंदी वर्जन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

सोमवार को ‘छावा’ का शानदार प्रदर्शन

फिल्म ‘छावा’ ने सोमवार को 8.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। हालांकि, यह आंकड़ा रविवार की कमाई से कम है, लेकिन फिर भी फिल्म का कुल कलेक्शन इसे टॉप पोजीशन पर बनाए हुए है। रविवार को इसने 24.25 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी, जिससे यह तीसरे रविवार सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई। इसने रविवार को कुल 10 फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।

‘छावा’ का कुल कलेक्शन

अब तक ‘छावा’ ने बॉक्स ऑफिस से 467.25 करोड़ रुपये की कुल कमाई कर ली है। इस शानदार कमाई के चलते फिल्म ने सोमवार को ही ‘पुष्पा 2’ के हिंदी वर्जन को पीछे छोड़ दिया। जहां तीसरे हफ्ते में ‘पुष्पा 2’ के हिंदी वर्जन ने 60 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, वहीं ‘छावा’ ने तीसरे हफ्ते में ही 60.10 करोड़ रुपये की कमाई कर ली।

सोहम शाह की ‘क्रेजी’ फ्लॉप!

वहीं दूसरी ओर, सोहम शाह की फिल्म ‘क्रेजी’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। शुरुआती दिनों में धीमी शुरुआत के बाद फिल्म की कमाई लाखों में ही सिमट गई है, जिससे यह एक फ्लॉप फिल्म साबित होती दिख रही है।

‘छावा’ के मौजूदा कलेक्शन को देखते हुए उम्मीद है कि फिल्म जल्द ही 500 करोड़ के क्लब में शामिल हो सकती है। दर्शकों में फिल्म के लिए जबरदस्त क्रेज बना हुआ है और विक्की कौशल के अभिनय की जमकर तारीफ हो रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म आने वाले दिनों में और कितने रिकॉर्ड अपने नाम करती है।

मंगलवार को भी शेयर बाजार में ‘अमंगल’, सेंसेक्स-निफ्टी का गिरना जारी

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मंगलवार को शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि आईटी शेयरों में 1% तक की गिरावट दर्ज की गई है।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 347.07 अंक की गिरावट के साथ 72,738.87 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 109.85 अंक टूटकर 22,009.45 पर कारोबार करता दिखा। बाजार में इस गिरावट के पीछे वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता को कारण माना जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में किया प्रतिभाग।

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धनौरी, / हरिद्वार 3 मार्च 2025।

हरिओम सरस्वती पी.जी. कॉलेज, धनौरी, हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला सशक्तिकरण सप्ताह (03 मार्च से 08 मार्च 2025 तक) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित कर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।

अपने उद्बोधन में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि “आज महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता ही सशक्त समाज की नींव हैं। हमें महिलाओं को समान अवसर प्रदान कर समाज में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। सरकार भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है, लेकिन हमें भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना होगा।”

उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपनी क्षमताओं को पहचाने और हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना सशक्त समाज की कल्पना अधूरी है, इसलिए शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से हर लड़की को आत्मनिर्भर बनना चाहिए।

इस कार्यक्रम में महिला अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, नेतृत्व विकास और सामाजिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई साथ महाविद्यालय के प्राचार्य ने सभी छात्रों से आग्रह किया कि विधानसभा अध्यक्ष के मार्गदर्शन को अपने जीवन में उतारने से निश्चित ही आपके जीवन को एक नयी दिशा मिलेगी ।

कार्यक्रम में प्राचार्य डा०योगेश कुमार , योगाचार्य अंकित सैनी ,अंजना सैनी , सुमन देवी डा० अजयवीर पुण्डीर ,व डा० अंजली राठौर आदि शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, उपनल के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष में सौंपा 1 करोड़ का चैक।

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देहरादून, 3 मार्च 2025। उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) से एक करोड़ रुपये की धनराशि का चैक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए प्रदान किया।
गौरतलब है कि बीते शनिवार को उपनल के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने इस धनराशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की थी। इसी क्रम में आज सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में उन्होंने औपचारिक रूप से यह चेक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, उपनल के चेयरमैन मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, प्रबंध निदेशक बिग्रेडियर (सेनि) जेएनएस बिष्ट, उप महाप्रबंधक वित्त कर्नल (सेनि) राजेश नेगी उपस्थित रहे।

रणवीर अल्लाहबादिया को ‘सुप्रीम’ राहत, शो ऑन एयर करने की छूट, कोर्ट की नसीहत

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नई दिल्ली: मशहूर पॉडकास्टर और यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके शो को ऑन-एयर करने की इजाजत देते हुए यह स्पष्ट किया कि किसी भी कंटेंट को बिना पर्याप्त आधार के सेंसर नहीं किया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने रणवीर को यह भी नसीहत दी कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली सामग्री में जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

क्या है मामला?

रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट को लेकर कुछ विवादित टिप्पणियों पर आपत्ति जताई गई थी, जिसके चलते उनके शो पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उनके कंटेंट में कुछ संवेदनशील मुद्दों को गैर-जिम्मेदाराना तरीके से पेश किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट का रुख

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक लोकतांत्रिक समाज का अहम हिस्सा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इससे समाज में अशांति फैलाई जाए।” कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि यदि किसी कंटेंट को लेकर आपत्ति हो, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत समाधान निकाला जाना चाहिए, न कि उसे सीधा बैन कर देना चाहिए।

रणवीर का बयान

इस फैसले के बाद रणवीर अल्लाहबादिया ने खुशी जताई और कहा कि वे आगे भी अपने कंटेंट में संतुलन और जिम्मेदारी का ख्याल रखेंगे। उन्होंने अपने दर्शकों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।

क्या रहेगा आगे?

अब रणवीर का पॉडकास्ट बिना किसी रोकटोक के जारी रहेगा, लेकिन डिजिटल मीडिया पर अभिव्यक्ति की सीमा और जिम्मेदारी को लेकर यह मामला बहस का मुद्दा बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ डिजिटल क्रिएटर्स के लिए अहम है, बल्कि ऑनलाइन कंटेंट को लेकर कानूनी सीमाओं की भी नई व्याख्या कर सकता है।

धामी सरकार के बड़े फैसले, कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 17 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार ने उत्तराखंड आंदोलन और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कक्षा 6 से 8 तक ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ विषय को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही, कई अहम नीतिगत फैसले लिए गए जो शिक्षा, रोजगार, कृषि, उद्योग और प्रशासन से जुड़े हैं।

शिक्षा क्षेत्र में बड़े फैसले

  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा छात्रों को 12वीं के समकक्ष मान्यता
    10वीं के बाद तीन वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा करने वाले छात्रों को अब कक्षा 12 के समकक्ष माना जाएगा। यह फैसला छात्रों को उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों में मदद करेगा।

कृषि और गन्ना किसानों के लिए राहत

  • गन्ना मूल्य निर्धारण:
    • अगेती प्रजाति के लिए ₹375 प्रति क्विंटल
    • सामान्य प्रजाति के लिए ₹365 प्रति क्विंटल
    • गन्ना समर्थन मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया

न्यायिक और प्रशासनिक सुधार

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत नए नियमों को मंजूरी।
  • उप महानिरीक्षक और अधीक्षक कारागार के लिए नई नियमावली पास।
  • राज्य संपत्ति विभाग के समूह-क व समूह-ख के सेवा नियमों को अनुमोदन।
  • राज्य कर्मियों के लिए शिथिलीकरण का लाभ सिर्फ एक बार मिलेगा।
  • आबकारी नीति को कैबिनेट ने दी हरी झंडी।

रोजगार और स्वरोजगार योजनाएं

  • मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को मंजूरी।
    • महिलाओं को ₹2 लाख तक का आर्थिक सहयोग मिलेगा।
  • पेंशन एवं हकदारी निदेशालय में 13 कनिष्ठ सहायक पद सृजित।
  • उत्तराखंड में UPS (Unified Procurement System) लागू होगा।
    • इच्छुक कर्मचारी इसमें शामिल हो सकते हैं।

उद्योग और आर्थिक सुधार

  • उधमसिंह नगर की 1354 एकड़ भूमि इंडस्ट्री को दी जाएगी।
  • स्टाम्प और निबंधन विभाग में पदों की संख्या 213 से बढ़ाकर 240 की गई।
  • अपर पुलिस अधीक्षक के उच्चतम वेतनमान की नियमावली को मंजूरी।

मत्स्य और जल संसाधन विकास

  • ट्राउट प्रोत्साहन योजना को मंजूरी (₹200 करोड़ का बजट)।
    • मत्स्य पालकों को 5 वर्षों तक इनपुट सपोर्ट मिलेगा।
  • गौला, कोसी और दाबका नदियों में सुरक्षा एवं सीमांत शुल्क को संशोधित किया गया।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • रिवॉल्विंग फंड के इस्तेमाल की नियमावली को मंजूरी।
  • एकीकृत स्वयं सहायता योजना के तहत 2.3 करोड़ रुपये का प्रावधान।

उत्तरकाशी में एवलांच की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट

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उत्तरकाशी : उत्तरकाशी जिले में 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है और प्रशासन से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

संभावित खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और विशेष वाचर तैनात करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

पर्यटकों व स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा निर्देश

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से हिमालयी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाएं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जल्द से जल्द प्रशासन को सूचित करें।

आपातकालीन संपर्क नंबर:

जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र

  • 7310913129
  • 01374-222722
  • टोल फ्री – 1077

पुलिस कंट्रोल रूम

  • 9411112976

Rohit Sharma को ‘मोटा’ कहने वालीं शमा मोहम्मद की कांग्रेस ने लगाई क्लास

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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद की टिप्पणी से बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। शमा ने रोहित शर्मा की फिटनेस और कप्तानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि “एक खिलाड़ी के तौर पर रोहित को वजन कम करने की जरूरत है। उनकी कप्तानी भी बेअसर रही है।”

कांग्रेस ने किया किनारा

शमा मोहम्मद के बयान पर उठे बवाल के बाद कांग्रेस ने खुद को इस टिप्पणी से अलग कर लिया है। पार्टी के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने कहा कि “शमा मोहम्मद का बयान कांग्रेस के आधिकारिक रुख से मेल नहीं खाता। उन्हें ट्वीट हटाने और भविष्य में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।” खेड़ा ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस खिलाड़ियों के योगदान का सम्मान करती है और किसी भी तरह की अनुचित बयानबाजी का समर्थन नहीं करती।

भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार

शमा मोहम्मद की टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए! अब वे भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के पीछे पड़ गए हैं! क्या राहुल गांधी अब राजनीति छोड़कर क्रिकेट खेलेंगे?”

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “जो लोग राहुल गांधी की कैप्टेंसी में 90 चुनाव हार चुके हैं, वे रोहित शर्मा की कप्तानी पर सवाल उठा रहे हैं! पहले अपने कप्तान और अपने ‘डक’ (लगातार हार) को संभालो!”

सोशल मीडिया पर भी मचा बवाल

रोहित शर्मा के फैंस ने सोशल मीडिया पर शमा मोहम्मद के बयान की कड़ी आलोचना की। कई यूजर्स ने कहा कि खेल को राजनीति से दूर रखना चाहिए और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान पर अनुचित टिप्पणी करना सही नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता की एक टिप्पणी से शुरू हुआ यह विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। कांग्रेस भले ही खुद को इस बयान से अलग कर रही हो, लेकिन भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है और कांग्रेस पर तीखे हमले कर रही है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या यह विवाद यहीं थम जाएगा या आगे और गरमाएगा?