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कश्मीर में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, दो अलग-अलग ऑपरेशन में 6 आतंकवादी ढेर

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श्रीनगर: कश्मीर में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर सतर्कता और तेज़ कार्रवाई से आतंकियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पिछले 48 घंटों में दो अलग-अलग ऑपरेशनों में कुल छह आतंकवादियों को मार गिराया गया है। ये ऑपरेशन केरन और त्राल जैसे ऊंचाई व संवेदनशील इलाकों में चलाए गए थे, जहाँ आतंकी छिपे हुए थे और किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सफलता की जानकारी दी गई।

आईजीपी कश्मीर वी.के. बिरदी का बयान
आईजीपी कश्मीर वीके बिरदी ने कहा, “पिछले दो दिनों में हमने दो बेहद सफल ऑपरेशन अंजाम दिए हैं। केरन और त्राल इलाकों में इन कार्रवाइयों के दौरान छह आतंकवादियों को मार गिराया गया है। हमारा मकसद सिर्फ आतंकियों को ढेर करना नहीं, बल्कि आतंक के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करना है।”

मेजर जनरल धनंजय जोशी की जानकारी
वी फोर्स के जीओसी मेजर जनरल धनंजय जोशी ने विस्तार से बताया कि पहला ऑपरेशन 12 मई को केरन सेक्टर के ऊंचे इलाकों में शुरू हुआ था। “हमें इन इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। 13 मई की सुबह हलचल दिखाई दी, तो हमारी टुकड़ी ने मोर्चा संभाला। जवाबी गोलीबारी में तीन आतंकी मारे गए।”

इसके बाद त्राल के सीमावर्ती गांव में दूसरा ऑपरेशन चलाया गया। “यहां आतंकवादी अलग-अलग घरों में छिपे हुए थे और उन्होंने ग्रामीणों को ढाल बनाकर हम पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों के लिए चुनौती थी — बिना नागरिकों को नुकसान पहुंचाए जवाब देना। लेकिन हमारे जवानों ने साहस के साथ कार्रवाई करते हुए तीन और आतंकियों को मार गिराया,” मेजर जनरल जोशी ने बताया।

शाहिद कुट्टे भी मारा गया
इन छह मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान शाहिद कुट्टे के रूप में हुई है। वह कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल था, जिनमें एक हमले में एक जर्मन पर्यटक को भी निशाना बनाया गया था। शाहिद आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण में भी लिप्त था।

कश्मीर में आतंक के खिलाफ कड़ा संदेश
इन सफल अभियानों से सुरक्षाबलों ने न सिर्फ सीमा पार से होने वाली घुसपैठ की साजिशों को नाकाम किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर में आतंक के लिए अब कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी।

मोदी सरकार रक्षा बजट के लिए खोलने जा रही खजाना

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केंद्र की मोदी सरकार ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट में वृद्धि की तैयारी में है। इस बजट का उपयोग आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और नई तकनीक की खरीद के लिए किया जाएगा।   सूत्रों के मुताबिक, अनुपूरक बजट के माध्यम से 50,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव है, जिसे संसद के शीतकालीन सत्र में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 9.53% अधिक है। एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले 10 वर्षों में रक्षा बजट लगभग तीन गुना बढ़ गया है।

भारत का शक्तिशाली वायु रक्षा तंत्र

भारत ने अपने वायु रक्षा तंत्र को मजबूत करने में भारी निवेश किया है, जिसका परिणाम पाकिस्तान के साथ हाल के सैन्य टकराव में देखने को मिला। इस दौरान पाकिस्तान द्वारा दागे गए सभी ड्रोन और मिसाइलों को भारत के वायु रक्षा तंत्र ने नष्ट कर दिया। वर्ष 2014-15 में रक्षा बजट 2.29 लाख करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 6.81 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो कुल बजट का 13.45% है।

पीएम मोदी का वैश्विक संदेश

पाकिस्तान के साथ टकराव के दौरान भारतीय सेना ने अपने उन्नत हथियारों और सिस्टम की क्षमता का प्रदर्शन किया। 12 मई को अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इस सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे स्वदेशी हथियारों की विश्वसनीयता साबित हुई है। अब दुनिया यह मानती है कि 21वीं सदी के युद्ध में मेड-इन-इंडिया रक्षा उपकरणों का समय आ गया है।”

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बदरीनाथ बामणी स्थिति मां नंदा , माता उर्वशी और प्राचीन हनुमान मंदिर में किए दर्शन

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चमोली : श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी बुधवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। इस धार्मिक यात्रा में उन्होंने न सिर्फ श्री बदरीविशाल की अभिषेक पूजा कर जनकल्याण की कामना की, बल्कि यात्रा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उनके साथ बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और विजय कपरवाण भी मौजूद रहे, जिन्होंने गुरुवार को बदरीनाथ में विभिन्न धार्मिक गतिविधियों में भाग लिया।

अध्यक्ष द्विवेदी एवं अन्य पदाधिकारियों ने सरस्वती-अलकनंदा संगम तट पर चल रहे पुष्कर कुंभ का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं से संवाद भी स्थापित किया। इससे पहले वे मंदिर समिति के झुनझुन काटेज में आयोजित हवन यज्ञ में शामिल हुए और समिति के विश्रामगृहों का भी निरीक्षण किया।

इस धार्मिक आयोजन में बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, अमित बंदोलिया समेत अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

नंदा देवी, उर्वशी और प्राचीन हनुमान मंदिर में की पूजा

बीकेटीसी अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों ने बामणी गांव स्थित मां नंदा मंदिर, माता उर्वशी मंदिर और खाक चौक में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन कर परंपराओं के संरक्षण का संकल्प दोहराया। खाक चौक में उन्होंने परमाध्यक्ष बाबा बालक योगेश्वर दास से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

हकहकूकधारियों का पारंपरिक स्वागत

बामणी गांव के कमदी, मेहता, और भंडारी थोक के हकहकूकधारियों ने ढोल-दमाऊं और फूलमालाओं के साथ परंपरागत ढंग से बीकेटीसी अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने बीकेटीसी अध्यक्ष को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें परंपराओं के संरक्षण की अपेक्षा जताई गई।

कर्मचारी संघ ने जताया आभार

बदरीनाथ धाम में बीकेटीसी कर्मचारी संघ ने अध्यक्ष द्विवेदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। संघ के सचिव भूपेंद्र रावत के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने शॉल ओढ़ाकर और माल्यार्पण कर स्वागत किया। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का बीकेटीसी बोर्ड गठन के लिए आभार प्रकट किया।

इस प्रतिनिधिमंडल में संघ के उपाध्यक्ष रविंद्र भट्ट, संतोष तिवारी, कोषाध्यक्ष केदार सिंह रावत, अजय सती सहित कई सदस्य शामिल थे।

अन्य गणमान्य रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में बीकेटीसी के पूर्व उपाध्यक्ष किशोर पंवार, कमदी थोक अध्यक्ष जगदीश पंवार, भंडारी थोक से कल्याण सिंह भंडारी, मेहता थोक से राजदीप मेहता, महिला मंगल दल की बीना देवी, ग्राम प्रधान बबीता पंवार, कुबेर देवरा समिति अध्यक्ष उत्तम मेहता, राजेश मेहता, परमजीत भंडारी, जगदीप मेहता, सरपंच हरेंद्र भंडारी, अरविंद शर्मा, गौरव चौधरी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

केंद्रीय पंचायत की ओर से स्वागत

श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत की ओर से पवन डिमरी ने बीकेटीसी पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर चंडी प्रसाद थपलियाल भी मौजूद रहे।

दोपहर बाद अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी बदरीनाथ से देहरादून के लिए रवाना हुए। उनके साथ श्रेयांस द्विवेदी, रमेश कुनियाल, पीआरओ अजय जी, आर्किटेक्ट अजीत जी, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़, और दफेदार कुलानंद पंत भी मौजूद रहे।

उत्तराखंड : नहीं चली आबकारी विभाग की मनमानी, बंद होंगी ये शराब की दुकानें

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देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लेते हुए उन शराब की दुकानों को स्थायी रूप से बंद करने का निर्देश जारी किया है, जहां हर बार स्थानीय लोगों का विरोध देखने को मिलता है। यह निर्णय जनता की भावनाओं, आक्रोश और सामाजिक दबाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

परमानेंट बंद किया जाएगा

मंगलवार शाम (14 मई) को आबकारी आयुक्त हरि चंद्र सेमवाल ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला आबकारी अधिकारियों को पत्र जारी किया। पत्र में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से उन सभी शराब की दुकानों को परमानेंट बंद किया जाएगा, जिन्हें हर साल स्थानीय विरोध का सामना करना पड़ता है।

wine shop cloesd in uttrakhand

जिला अधिकारियों से मांगी गई रिपोर्ट

आयुक्त सेमवाल ने सभी जिला अधिकारियों से यह जानकारी तलब की है कि उनके क्षेत्र में ऐसी कितनी दुकानें हैं, जहां हर वित्तीय वर्ष में लाइसेंस मिलने के बाद स्थानीय लोग विरोध जताते हैं। यह रिपोर्ट जल्द से जल्द आबकारी मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर लिया गया फैसला

इस निर्णय के पीछे मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश बताया जा रहा है। हरि चंद्र सेमवाल ने पत्र में लिखा है कि, “स्थानीय जन आक्रोश और मात्र शक्तियों (महिलाओं) की जनभावनाओं को देखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि विरोध झेल रही दुकानों को अब दोबारा न खोला जाए।”

जमा की गई राशि होगी लौटाई

वहीं, जिन दुकानों को बंद किया जाएगा, यदि उन पर किसी लाइसेंसधारी (अनुज्ञापि) द्वारा अग्रिम तौर पर कोई राजस्व राशि जमा की गई है, तो उसे नियमानुसार वापस लौटाया जाएगा।

पोती से छेड़छाड़, भतीजी से दुष्कर्म का आरोप, पूर्व सैनिक गिरफ्तार

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देहरादून के थाना प्रेमनगर क्षेत्र में एक पूर्व सैनिक पर रिश्तों को कलंकित करने का गंभीर आरोप लगा है। उस पर अपनी नाबालिग पोती के साथ छेड़छाड़ और भतीजी के साथ दुष्कर्म का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रेमनगर निवासी एक महिला ने पुलिस को बताया कि 11 मई 2025 की शाम उसकी 19 वर्षीय बेटी रोते हुए उसके पास आई। बेटी ने खुलासा किया कि उसके ताऊ ने 12 साल की नाबालिग पोती के साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद बेटी ने अपनी मां को अपनी आपबीती सुनाई कि जब वह 13 साल की थी, तब ताऊ ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। यह घटना 2019 की है, जब युवती नौवीं कक्षा में थी और अपने दादी के घर पर रहती थी। उस समय उसके पिता का कैंसर का इलाज चल रहा था, और मां रात को अस्पताल में रहती थी।

युवती ने बताया कि एक रात वह कमरे में अकेली थी, तभी ताऊ उसके बिस्तर पर आकर बैठ गया। उसने कहा कि वह उसके पिता के इलाज के लिए पैसे दे सकता है, और यह कहकर उसका मुंह बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। डर के मारे युवती ने किसी को कुछ नहीं बताया। लेकिन जब उसे पता चला कि ताऊ ने उसकी 12 साल की पोती के साथ भी अश्लील हरकत की, तो उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को सब बता दिया। शिकायतकर्ता महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उस पर भी गलत नजर रखता था।

महिला की तहरीर और क्षेत्रवासियों की शिकायत के आधार पर थाना प्रेमनगर पुलिस ने 12 मई 2025 को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। थाना प्रभारी मोहन सिंह ने बताया कि जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह मामला रिश्तों को शर्मसार करने वाला है और पुलिस इसकी गहन जांच कर रही है।

जम्मू-कश्मीर : ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पहला दौरा, जवानों का जताया आभार

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जवानों से मुलाकात की और अपने संबोधन में उनके प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत किसी भी हद तक जा सकता है। पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “आतंकियों ने धर्म देखकर हमारे लोगों को मारा, और हमने उनका कर्म देखकर जवाब दिया।”

जवानों और जम्मू-कश्मीर के लोगों को सलाम
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “विपरीत परिस्थितियों में आपके बीच आकर मुझे गर्व हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपने जो बहादुरी दिखाई, उस पर पूरा देश गर्व करता है। मैं रक्षा मंत्री से पहले एक भारतीय नागरिक के तौर पर आपका आभार व्यक्त करने आया हूं।” उन्होंने पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों द्वारा आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ दिखाए गए गुस्से की सराहना की और कहा, “मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को सलाम करता हूं। मैं उस ऊर्जा को महसूस करने आया हूं, जिसने दुश्मनों को तबाह किया। सीमा पार पाकिस्तानी चौकियों और बंकरों को नष्ट करने की आपकी कार्रवाई को दुश्मन कभी नहीं भूल पाएंगे।”

ऑपरेशन सिंदूर: प्रतिबद्धता और जवाबी कार्रवाई
राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई का नाम नहीं, बल्कि एक प्रतिबद्धता है। भारत ने दिखा दिया कि हम सिर्फ रक्षा ही नहीं करते, बल्कि जरूरत पड़ने पर कठोर कदम भी उठाते हैं। यह ऑपरेशन हर जवान की आंखों में देखा गया सपना था कि हर आतंकी ठिकाना, चाहे वह घाटियों में हो या बंकरों में, हम उसे नष्ट करेंगे।” पहलगाम हमले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “आतंकियों ने धर्म पूछकर निर्दोष लोगों की जान ली, लेकिन हमने उनके कर्मों का जवाब दिया। उन्होंने धर्म देखकर बेगुनाहों को मारा, यह पाकिस्तान का कर्म था; हमने कर्म देखकर उनका खात्मा किया, यह हमारा भारतीय धर्म था।”

पाकिस्तान पर निशाना
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया और कहा, “21 साल पहले अटल जी के सामने इस्लामाबाद में पाकिस्तान ने वादा किया था कि उनकी धरती से आतंकवाद निर्यात नहीं होगा, लेकिन उन्होंने भारत को धोखा दिया। आज भी यह धोखा जारी है। अब पाकिस्तान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है, और यह कीमत आगे और बढ़ेगी।”

आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा, “पिछले 35-40 सालों से भारत सीमा पार से आतंकवाद का सामना कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने दुनिया को साफ संदेश दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं।” यह दौरा और संबोधन न केवल जवानों के हौसले को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति को भी रेखांकित करता है।

BJP के मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान को कोर्ट ने बताया ‘कैंसर जैसा’, सुप्रीम कोर्ट ने भी लगाई फटकार

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Supreme Court

मध्य प्रदेश के आदिवासी विकास मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। शाह ने कुरैशी को “आतंकवादियों की बहन” कहकर संबोधित किया था, जिसे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने “कैंसर जैसा और खतरनाक” करार देते हुए कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने डीजीपी को शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसके बाद बुधवार देर रात मानपुर थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। इसके जवाब में शाह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और एफआईआर पर रोक लगाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने शाह को फटकार लगाते हुए कहा, “आप संवैधानिक पद पर हैं, फिर भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। आपको अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।”

हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी
हाईकोर्ट की जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने शाह के बयान को “गटरछाप” और अस्वीकार्य बताया। कोर्ट ने कहा कि कर्नल कुरैशी को पहलगाम हमले के आतंकियों की बहन कहना अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला और भारत की एकता व अखंडता के लिए खतरा है। कोर्ट ने सशस्त्र बलों को देश की आखिरी ऐसी संस्था बताया, जो ईमानदारी, अनुशासन, त्याग, बलिदान और साहस का प्रतीक है।

कर्नल कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रगति के बारे में मीडिया को जानकारी दी थी, और शाह ने उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई। कोर्ट ने आगे कहा कि कुरैशी के मुस्लिम होने के कारण उन्हें आतंकियों की बहन कहकर उनकी निस्वार्थ सेवा और कर्तव्यों का उपहास किया गया। यह बयान धार्मिक आधार पर भेदभाव को बढ़ावा देता है और देश की एकता को कमजोर करता है।

बीजेपी में असहजता, इस्तीफे की मांग
विवाद के बाद बीजेपी संगठन ने शाह को भोपाल तलब किया। सूत्रों के अनुसार, शाह को पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं ने फटकार लगाई। शाह ने माफी मांगते हुए कुरैशी को “सगी बहन से बढ़कर” बताया, लेकिन यह माफी नाकاफी साबित हुई। बुधवार देर रात मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेंगलुरु दौरे से लौटने के बाद उनके निवास पर हुई बैठक में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और अन्य नेताओं ने शाह से इस्तीफे की मांग की। हालांकि, शाह ने इस्तीफा देने से इनकार कर हाईकोर्ट में पक्ष रखने के लिए समय मांगा।

मुख्यमंत्री यादव ने एक्स पर कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी शाह की तत्काल बर्खास्तगी और एफआईआर की मांग की। प्रदेश भर में शाह के बयान के खिलाफ प्रदर्शन हुए, और सामाजिक व राजनीतिक हलकों में तीखी नाराजगी देखी गई।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
शाह के बयान ने बीजेपी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस ने इसे सैन्य सम्मान और राष्ट्रीय एकता पर हमला करार दिया। कांग्रेस नेताओं ने शाह के पिछले विवादों का जिक्र करते हुए उनकी सांप्रदायिक मानसिकता पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर भी शाह की टिप्पणी की कड़ी निंदा हुई, और कर्नल कुरैशी के प्रति व्यापक समर्थन देखा गया।

स्लीपर बस में लगी आग, जिंदा जले पांच यात्री, कई घायल

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लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में लखनऊ-रायबरेली रोड पर किसान पथ के पास बिहार के बेगूसराय से दिल्ली जा रही एक निजी स्लीपर बस (UP17 AT 6372) में गुरुवार सुबह करीब 5 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद भी बस लगभग एक किलोमीटर तक जलती हुई दौड़ती रही। ड्राइवर और कंडक्टर ने खिड़की का शीशा तोड़कर भागने में कामयाबी हासिल की, लेकिन यात्रियों को बाहर निकलने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कांच तोड़कर कुछ यात्रियों को बाहर निकाला गया, लेकिन पांच लोग जिंदा जल गए। दमकल विभाग ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बस में थे 80 यात्री
बस में लगभग 80 यात्री सवार थे। हादसे में दो बच्चों, दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत हुई। मृतकों में से चार की पहचान हो चुकी है, जबकि एक पुरुष की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मृतकों के नाम हैं:

  1. लख्खी देवी, पत्नी अशोक मेहता, उम्र 55 वर्ष

  2. सोनी, पुत्री अशोक महतो, उम्र 26 वर्ष

  3. देवराज, पुत्र रामलाल, उम्र 3 वर्ष

  4. साक्षी कुमारी, पुत्री रामलाल, उम्र 2 वर्ष

  5. एक अज्ञात पुरुष

इमरजेंसी गेट न खुलने से बढ़ी मुसीबत
प्रारंभिक जांच में पता चला कि आग लगने के बाद बस का मुख्य गेट जाम हो गया और इमरजेंसी गेट भी नहीं खुला, जिसके कारण कई यात्री बस में फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि वे एक किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थीं। यात्रियों ने बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर ने बस रोकने के बाद तुरंत खिड़की से कूदकर भाग गए, जिससे यात्रियों को और मुश्किल हुई। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि हादसा पीजीआई कल्ली के पास किसान पथ पर हुआ। आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, और बस के इमरजेंसी गेट के न खुलने ने हताहतों की संख्या बढ़ा दी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।

बदलेगा मौसम का मिजाज, इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

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देहरादून : उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसको लेकर येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में आज कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश हो सकती है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

वहीं, प्रदेश के शेष जिलों में मौसम शुष्क बना रहने की संभावना है। खासकर हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून जैसे मैदानी इलाकों में तेज धूप और भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है और दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा छा रहा है, लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।

राजधानी देहरादून की बात करें तो यहां आज आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हाल के दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वहां के मौसम में हल्की ठंडक बनी हुई है।

मौसम विभाग ने खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की ताज़ा जानकारी लेते रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कांग्रेस कमेटी के मुख्य समन्वयक एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि की शिष्टाचार भेंट।

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देहरादून 14 मई 2025।आज उत्तराखंड के परम सम्मानित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से देहरादून मुख्यमंत्री निवास में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य समन्वयक एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि एवं पूर्व राज्य मंत्री अजय सिंह ने शिष्टाचार भेंट की और जनहित से जुड़े कुछ मुद्दों पर विचार किया।