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भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

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नई दिल्ली। भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल कर लिया है। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रमण्यम ने शनिवार को यह जानकारी दी। नीति आयोग की शासी परिषद की 10वीं बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत में आर्थिक माहौल अनुकूल बना हुआ है।

भारत की अर्थव्यवस्था: 4,000 अरब डॉलर

सुब्रमण्यम ने बताया कि वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था 4,000 अरब डॉलर की है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब जापान से बड़ी हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही अर्थव्यवस्था के आकार में भारत से आगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहने की संभावना है। इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था ने तेजी से प्रगति की है।

आईफोन निर्माता कंपनी एपल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर एक सवाल के जवाब में सुब्रमण्यम ने कहा, “टैरिफ दरें क्या होंगी, यह अभी अनिश्चित है। लेकिन जिस तरह वैश्विक परिदृश्य बदल रहा है, भारत विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक किफायती और आकर्षक स्थान बनता जा रहा है।”

इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का एलान, शुभमन गिल बने कप्तान

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नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंग्लैंड के आगामी दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम की घोषणा कर दी है। युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है, जबकि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को उप-कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह दौरा 20 जून से शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ इंग्लैंड में होगा, जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2025-27 चक्र का हिस्सा है।

 

नया नेतृत्व: शुभमन गिल को भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया है, जबकि ऋषभ पंत उप-कप्तान होंगे। यह गिल की पहली बार टेस्ट कप्तानी होगी, जो उनके करियर में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

करुण नायर की वापसी: मध्यक्रम के बल्लेबाज करुण नायर ने 8 साल बाद टेस्ट टीम में वापसी की है। नायर ने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में तिहरा शतक लगाया था, लेकिन उनका आखिरी टेस्ट 2017 में था।

 

युवा चेहरों को मौका: यशस्वी जायसवाल, अभिमन्यु ईश्वरन, और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है, जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य को दर्शाता है।

 

बड़े नाम बाहर: श्रेयस अय्यर और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी जैसे स्टार खिलाड़ियों को इस दौरे के लिए टीम में जगह नहीं मिली है। शमी की अनुपस्थिति चोट या रोटेशन नीति के कारण हो सकती है, हालांकि बीसीसीआई ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

 

भारतीय टेस्ट टीम

 

खिलाड़ी: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, अभिमन्यु ईश्वरन, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (उप-कप्तान), करुण नायर, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाशदीप, कुलदीप यादव

 

पांच टेस्ट मैचों की सिरीज

 

पहला टेस्ट: 20-24 जून, हेडिंग्ले, लीड्स

 

दूसरा टेस्ट: 2-6 जुलाई, एजबेस्टन, बर्मिंघम

 

तीसरा टेस्ट: 10-14 जुलाई, लॉर्ड्स, लंदन

 

चौथा टेस्ट: 23-27 जुलाई, ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर

 

पांचवां टेस्ट: 31 जुलाई-4 अगस्त, केनिंग्टन ओवल, लंदन

 

शुभमन गिल की कप्तानी भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है। गिल ने हाल के वर्षों में अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है, और अब उन पर नेतृत्व की जिम्मेदारी होगी। दूसरी ओर, ऋषभ पंत का उप-कप्तान बनना उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग कौशल को देखते हुए स्वाभाविक लगता है।

 

करुण नायर की वापसी आश्चर्यजनक है, लेकिन उनकी अनुभव और इंग्लैंड की परिस्थितियों में पहले प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला तर्कसंगत है। युवा खिलाड़ियों जैसे यशस्वी जायसवाल और नीतीश कुमार रेड्डी को मौका देना बीसीसीआई की भविष्य की योजना को दर्शाता है। हालांकि, शमी और अय्यर जैसे खिलाड़ियों का बाहर होना कुछ सवाल उठा सकता है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ पहुंचे राहुल गांधी, पाकिस्तानी हमले के पीड़ितों से कर रहे मुलाकात

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जम्मू: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ जिले पहुंचे। उन्होंने पाकिस्तानी गोलाबारी में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की और उनकी पीड़ा सुनी। साथ ही, गोलाबारी से प्रभावित अन्य लोगों की समस्याओं को भी समझा। यह राहुल गांधी का 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर का दूसरा दौरा है। इससे पहले, 25 अप्रैल को वह श्रीनगर गए थे। पुंछ जिले में गोलाबारी से सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जहां 20 से ज्यादा लोगों की जान गई।

हेलीकॉप्टर से पुंछ पहुंचे राहुल
राहुल गांधी शनिवार सुबह करीब 9 बजे जम्मू हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए पुंछ गए। उनके साथ कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला और युवा नेता नीरज कुंदन भी थे। राहुल गांधी पुंछ में लगभग तीन घंटे रुके और इस दौरान प्रभावित परिवारों से मिले।

पार्टी नेताओं की बैठक और मांगें
राहुल गांधी के दौरे से पहले जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा और पार्टी के प्रभारी डॉ. सैयद नसीर अहमद पुंछ पहुंचे। उन्होंने स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। तारिक हमीद कर्रा ने राहुल गांधी को क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान सीमावर्ती इलाकों में बंकरों के निर्माण, पुराने बंकरों की मरम्मत और प्रभावित लोगों के लिए व्यापक राहत पैकेज की मांग पर चर्चा हुई।

उत्तराखंड में फिर कोरोना की दस्तक, सामने आए दो नए मामले

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देहरादून : देश के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। उत्तराखंड में स्थानीय स्तर पर अभी कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन अन्य राज्यों से आए दो लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।

एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा है…

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि गुजरात से ऋषिकेश आई 57 वर्षीय महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। महिला को डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं और उनका एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा है। इसके अलावा, एम्स की एक महिला चिकित्सक, जो हाल ही में बेंगलुरु से लौटी थीं, भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। वह वर्तमान में होम आइसोलेशन में हैं।

सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश

डॉ. टम्टा ने कहा कि राज्य में अभी स्थानीय स्तर पर कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी ताकि नए वैरिएंट की समय रहते पहचान हो सके। इसके साथ ही मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन, दवाओं और उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

डॉ. टम्टा ने देश में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कोरोना, इन्फ्लूएंजा या सार्स जैसे मामलों का समूह (क्लस्टर) सामने आता है, तो त्वरित जांच और रोकथाम के उपाय लागू किए जाएंगे।

जुलाई में जेब पर भारी पड़ेगा बिजली का बिल, प्रति यूनिट इतना bad

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उत्तराखंड में जुलाई माह के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट करीब 20 पैसे अधिक चुकाने होंगे। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच बिजली खरीद और फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) के तहत 22.73 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए नियामक आयोग से अनुमति मांगी थी, जिसे आयोग ने मंजूरी दे दी। यह राशि जून के बिल में जोड़कर जुलाई में वसूली जाएगी।

एफपीपीसीए के तहत रिकवरी और छूट की प्रक्रिया
यूपीसीएल हर महीने बिजली खरीद की लागत के आधार पर एफपीपीसीए के तहत अगले माह रिकवरी या छूट लागू करता है। यदि बिजली निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खरीदी जाती है, तो उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। वहीं, कम कीमत पर खरीद होने पर छूट दी जाती है। इस प्रक्रिया की मासिक और त्रैमासिक रिपोर्ट नियामक आयोग को प्रस्तुत की जाती है।

22.73 करोड़ रुपये की रिकवरी को मंजूरी
यूपीसीएल ने नियामक आयोग को बताया कि अक्टूबर-दिसंबर 2024 के दौरान एफपीपीसीए के तहत उपभोक्ताओं से 35 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई, जबकि इस अवधि में बिजली खरीद की कुल लागत 57.73 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार 22.73 करोड़ रुपये का अंतर रह गया। यूपीसीएल ने इस राशि की वसूली के लिए आयोग से अनुमति मांगी थी।

केवल एक माह के लिए लागू होगी बढ़ोतरी
नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद और सदस्य विधि अनुराग शर्मा की पीठ ने जून के बिल में इस राशि की वसूली को सशर्त मंजूरी दी है। जुलाई में उपभोक्ताओं से यह राशि वसूली जाएगी। आयोग ने निर्देश दिया कि मासिक ऑडिट डेटा उपलब्ध न होने के कारण इस वसूली का हिसाब अलग से रखा जाए। इससे बिजली बिल में औसतन 22 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी होगी, जो केवल जुलाई माह के लिए लागू होगी।

बिजली की मांग और आपूर्ति की स्थिति
प्रदेश में पिछले दो दिनों से मौसम के नरम रहने के कारण बिजली की मांग में 50 से 80 लाख यूनिट की कमी आई है। वर्तमान में बिजली की मांग 4.9 करोड़ यूनिट है, जिसकी पूर्ति के लिए केंद्रीय पूल से 2.2 करोड़ यूनिट, राज्य से 2.1 करोड़ यूनिट और शेष की पूर्ति के लिए यूपीसीएल प्रतिदिन बाजार से करीब 3 करोड़ यूनिट बिजली खरीद रहा है। यूपीसीएल ने दावा किया है कि वर्तमान में कहीं भी बिजली कटौती नहीं की जा रही है।

उत्तराखंड: स्टेडियमों के नाम बदलने पर भड़की कांग्रेस, फैसला नहीं बदलने पर होगा विरोध-प्रदर्शन

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देहरादून : उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार के चार प्रमुख स्टेडियमों के नाम बदलने और देहरादून की रिस्पना व बिंदाल नदियों पर एलिवेटेड रोड बनाने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। इन फैसलों को “पूर्वाग्रहपूर्ण” और “विनाशकारी” करार देते हुए, कांग्रेस ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है, जिसमें स्टेडियमों पर धरना-प्रदर्शन और राज्यपाल से मुलाकात शामिल है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन व प्रशासन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने चार प्रमुख खेल सुविधाओं के नाम बदलने के राज्य सरकार के फैसले की निंदा की। ये हैं:

  1. देहरादून के रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज और राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, जिन्हें अब रजत जयंती खेल परिसर नाम दिया गया है।

  2. हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, जिसे मानसखंड खेल परिसर नाम दिया गया।

  3. रुद्रपुर के मनोज सरकार स्टेडियम, जिसका नाम बदलकर एक नया नाम दिया गया।

  4. हरिद्वार के वंदना कटारिया खेल स्टेडियम, जिसे योगस्थली खेल परिसर नाम दिया गया।

धस्माना ने बीजेपी सरकार पर पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए कहा, “राज्य सरकार को कांग्रेस के महान नेताओं राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के नाम से एलर्जी है। लेकिन इस पूर्वाग्रह में उन्होंने महान शासक महाराणा प्रताप और खेल प्रतिभाओं मनोज सरकार व वंदना कटारिया का भी अपमान किया है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस “अपमान” को बर्दाश्त नहीं करेगी और स्टेडियमों पर धरना-प्रदर्शन करेगी, साथ ही राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर नाम बदलने के फैसले को रद्द करने की मांग करेगी।

धस्माना ने बीजेपी सरकार पर खेल अवसंरचना में योगदान न देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकारों ने ही उत्तराखंड में खेलों को प्रोत्साहन दिया और पूरे राज्य में स्टेडियमों का निर्माण व विकास कराया। बीजेपी का एकमात्र योगदान नाम बदलना है।”

रिस्पना और बिंदाल पर एलिवेटेड रोड को बताया विनाशकारी

कांग्रेस ने देहरादून की रिस्पना और बिंदाल नदियों पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना को देहरादून घाटी के लिए “विनाशकारी” करार दिया। धस्माना ने कहा कि देहरादून की भौगोलिक परिस्थितियों में रिस्पना और बिंदाल नदियां प्रकृति की अनमोल देन हैं, जो बरसात के पानी को समेटकर शहर को बाढ़ से बचाती हैं। उन्होंने बताया कि राज्य बनने से पहले देहरादून में ईस्ट कैनाल और वेस्ट कैनाल थीं, जो शहर के भीतरी हिस्सों का पानी समेटती थीं। लेकिन सड़क चौड़ीकरण के लिए इन नहरों को भूमिगत कर दिया गया, जिसके कारण अब बरसात में जलभराव की समस्या बढ़ गई है।

धस्माना ने कहा, “एलिवेटेड रोड के लिए नदियों में कंक्रीट के पिलर डाले जाएंगे, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित होगा। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ेगा और भूजल स्तर, जो पहले ही काफी नीचे जा चुका है, और प्रभावित होगा।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि 25-30 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से शहर का तापमान, जो पहले ही 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, और बढ़ेगा। साथ ही, इस परियोजना के लिए 2,500 से 3,000 मकानों और इमारतों को तोड़ा जाएगा, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई पुनर्वास योजना तैयार नहीं की है।

धस्माना ने स्मार्ट सिटी परियोजना की भी आलोचना की, जिसमें हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद देहरादून को कोई खास लाभ नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “लोगों को स्मार्ट सिटी के नाम पर सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत जनता के सामने है।”

सनी देओल से मिले उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सीईओ बंशीधर तिवारी, बॉर्डर 2 के सेट पर हुई सकारात्मक चर्चा

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सनी देओल से मिले उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सीईओ बंशीधर तिवारी, बॉर्डर 2 के सेट पर हुई सकारात्मक चर्चा

देहरादून, 20 मई। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने आज देहरादून के हल्दूवाला स्थित बॉर्डर 2 के सेट पर सुप्रसिद्ध अभिनेता सनी देओल और निर्देशक अनुराग सिंह से मुलाकात की। इस अवसर पर उनके साथ परिषद के संयुक्त सीईओ डॉ. नितिन उपाध्याय भी मौजूद थे। मुलाक़ात के दौरान उत्तराखंड की फिल्म नीति, लोकेशन विविधता और राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे समर्थन पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बनी उत्तराखंड की वर्तमान फिल्म नीति को देश की सबसे प्रगतिशील नीतियों में एक माना जा रहा है, जहां फिल्म निर्माताओं को समय से शूटिंग की अनुमति, प्रशासनिक सहयोग और स्थानीय संसाधनों की सहज उपलब्धता मिलती है। श्री तिवारी ने बताया कि यहां फिल्म यूनिट को जिस तरह का सकारात्मक और सहज वातावरण मिल रहा है, वह प्रदेश को फिल्म निर्माण की दृष्टि से एक सशक्त गंतव्य बनाता है। सनी देओल भी इस दौरान काफी सहज और उत्साहित नज़र आए।

बॉर्डर 2 की बात करें तो यह फिल्म जेपी दत्ता, निधि दत्ता और टी-सीरीज़ के प्रोडक्शन में बन रही है, जिसकी शूटिंग फरवरी से देहरादून में चल रही है। केसरी फेम अनुराग सिंह इसके निर्देशक हैं और इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे प्रमुख कलाकार शामिल हैं।

फ़िल्म के प्रोड्यूसर बिनोय गांधी ने बताया कि फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है और इसके लिए देहरादून के हल्दूवाला क्षेत्र में कश्मीर के एक गांव का भव्य सेट बनाया गया है। सेट निर्माण की शुरुआत पिछले साल नवंबर में हुई थी। फिल्म में युद्ध के सीन, टैंक और सेना के मूवमेंट जैसे दृश्य शामिल हैं और इसका विजुअल प्रजेंटेशन VFX के लिहाज़ से भी बेहद महत्वपूर्ण है। फिल्म के आर्ट डायरेक्टर मयूर शर्मा हैं और एक्शन डायरेक्शन की जिम्मेदारी रवि वर्मा निभा रहे हैं, जो पहले जाट जैसी फिल्मों में भी अपने काम के लिए सराहे जा चुके हैं। इस प्रोजेक्ट से रोज़ाना लगभग 350 स्थानीय लोगों को काम मिल रहा है।

फिल्म बॉर्डर 2 के अलावा इस समय उत्तराखंड में कई प्रमुख फिल्मों की शूटिंग चल रही है। तनु वेड्स मनु फेम निर्माता विनोद बच्चन की फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 की शूटिंग देहरादून में हो रही है, जिसमें अविनाश तिवारी और 12वीं फेल फेम एक्ट्रेस मेधा शंकर मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके साथ गोविंद नामदेव और सुधीर पांडे जैसे अनुभवी कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। वहीं, अन्नू कपूर, पवन मल्होत्रा और बिजेंद्र काला अभिनीत कॉमेडी सटायर ‘उत्तर दा पुत्तर’ की शूटिंग देहरादून और ऋषिकेश में चल रही है।

उत्तराखंडी सिनेमा को प्रोत्साहन देने के तहत इन दिनों गढ़वाली भाषा की तीन फिल्में—मारचा, तेरी माया और नमक—की शूटिंग क्रमशः देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी में हो रही है। राज्य सरकार की पहल से इन फिल्मों को स्थानीय लोकसंस्कृति, परंपरा और बोली के साथ तकनीकी संसाधनों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को एक नई दिशा और पहचान मिल रही है।

वहीं, बीते कुछ समय में उत्तराखंड में कई उल्लेखनीय हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जिनमें ‘विकी विद्या का वो वाला वीडियो’, ‘तिकड़म’, ‘दो पत्ती’, ‘पुतुल’, ‘रौतू का राज’, ‘तन्वी द ग्रेट’, ‘पास्ट टेंस’, ‘केसरी 2’ और ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ प्रमुख हैं। वर्ष 2024 -25 में उत्तराखंड सरकार द्वारा 225 शूटिंग अनुमतियाँ जारी की गईं ।

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद लगातार राज्य को एक आकर्षक फिल्म निर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है, जहां संस्कृति, प्रकृति, तकनीक और प्रशासनिक सहयोग का संगम फिल्म निर्माताओं को विशेष अनुभव प्रदान करता है।

राज्यपाल लैप्टिनेंट जनरल ( सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह से मिले बीकेटीसी अध्यक्ष

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राज्यपाल लैप्टिनेंट जनरल ( सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह से मिले बीकेटीसी अध्यक्ष।

देहरादून:19 मई श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने प्रदेश के राज्यपाल लैप्टिनेंट जनरल ( अवकाश प्राप्त)गुरमीत सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने अपनी पुस्तक “संस्कृति ओर भारतीय ज्ञान प्रणाली की पुनर्स्थापना उत्तराखंड के विशेष संदर्भ में”पुस्तक बीकेटीसी अध्यक्ष को भेंट की ।

उत्तराखंड चारधाम श्री केदारनाथ, श्री बदरीनाथ श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री यात्रा सहित 25 मई से शुरू होने वाली पवित्र श्री हेमकुंट साहिब यात्रा विषयक चर्चा हुई।

6 मई श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की कार्यभार संभालने के बाद तथा श्री केदारनाथ तथा श्री बदरीनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओंं के निरीक्षण से लौटने के पश्चात महामहिम राज्यपाल महोदय से राजभवन में भेंट हुई है।
धामों में यात्रा व्यवस्थाओंं,मंदिर समिति द्वारा धामों में तीर्थयात्रियों को सरल सुगम दर्शन, धामों में सुरक्षा व्यवस्था के विषय में बीकेटीसी अध्यक्ष ने राज्यपाल को अवगत कराया।

उत्तराखंड: कैबिनेट के फैसले में धर्मस्व परिषद को मंजूरी

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धामी कैबिनेट की बैठक ख़त्म, पढ़िए अहम फैसले

•रोप वे के लिए टेक्निकल पार्टनर रखें जाएंगे डेवलपर अलग होगारोपवे बनाने के लिए SPV बनाया जाएगा

•गृह विभाग के फायर सर्विस के मामले में 12 मीटर से कम और ज्यादा उद्योग के लिए फैसला 12 मीटर से कम मामले में भी अब एरिया के हिसाब से सुरक्षा मानको को वर्गीकरण किया गया है

•स्वजल कार्यक्रम के तरह अब कर्मचारियों को 2021 से 2026 के लिए इनके पदों की निरंतरता दी जाएगी

•प्रदेश में रजिस्ट्रेशन के मामले में वर्चुवल रजिस्ट्रेशन के मामले में हुआ फैसला

•नई पेशन योजना और पुरानी पेंशन योजना के तहत कौन से पद अधिसूचित होंगे इसको लेकर हुआ फैसला अब भर्ती के विज्ञापन की अधिसूचना की तिथि मानी जाएगी

•परिवहन विभाग का मद ग्रीन सेस लेने का फैसला प्रवेश उपकार में बढ़ोतरी को लेकर फैसला जल्द होगा लागू

• *धर्मस्व और तीर्थंटन विकास परिषद को कैबिनेट की मंजूरी मिली*

 

•वित्त विभाग के सयुक्त आयुक्त की सेवा नियमावली को दी मंजूरी

•महिला सशक्तिकरण बाल विकास विभाग के तहत

•किशोर न्याय नीति कॉपास फंड के उपयोग की नियमावली बनाई गई

•कैबिनेट ने स्ट्रीट चिल्ड्रन के लिए पॉलिसी को मंजूरी

•सीएम एकल महिला स्वरोजगार योजना को मिली मंजूरी सभी जिलों में लागू होगी 30 करोड़ के बजट से महिलाओ को स्वरोजगार दिया जाएगा 75 प्रतिशत सब्सिडी सरकार देगी 2 हजार महिलाओ को हर साल मदद देने का टारगेट

•सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के समन्वयक को विभाग अध्यक्ष बनाया गया

•सीएम स्वरोजगार योजना की दो अलग अलग योजनाओं को किया गया विलय पहले सीएम स्वरोजगार योजना और सूक्ष्म स्वरोजगार योजना जारी थी

•नरेन्द्र नगर में तपोवन कुंजापूरी योजना के लिए पर्यटन विभाग के द्वारा रोप वे के लिए टेक्निकल पार्टनर रखें जाएंगे डेवलपर अलग होगा.

•ऑपरेशन सिंदूर के सफल ता पूर्वक चलाये जाने को लेकर पीएम मोदी को दी बधाई

•मेकेंजी कंपनी ने ऊर्जा विभाग के नुकसान को लेकर अपनी रिपोर्ट कैबिनेट को दी

•सीएम राहत कोष के पैसो को उन्ही बैंक्स में रखा जाएगा जहाँ ज्यादा लाभस मिलेगा

•पशुपालन विभाग का फैसला पोल्ट्री फर्म्स के तहत बड़े पोल्ट्री फर्म्स बनेगा पहाड़ी इलाकों में 40 प्रतिशत सब्सिडी मैदानी जिलों में 30 प्रतिशत सब्सिडी रहेगी

•गोवंश को रखने के लिए बड़ा फैसला गौशाला में रखने के लिए हुआ फैसला 16 हजार पशु सड़क पर रहता है अब पशुपालन विभाग निर्माण के लिए पैसा देगा, अब DM गौशाला बनाने के प्रस्ताव को मंजूर कर सकते है प्राइवेट NGO के द्वारा निर्माण के तहत सरकार 60 प्रतिशत सब्सिडी देगी 40 प्रतिशत लगाएंगे

•वित्त विभाग के सयुक्त आयुक्त की सेवा नियमावली को दी मंजूरी

उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर गर्व, कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में 20 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर की अभूतपूर्व सफलता पर भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय शौर्य और साहस की सराहना की गई। बैठक में वीर सैनिकों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

सीएम धामी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति, रणनीतिक सूझबूझ और राष्ट्र की रक्षा के लिए अटूट संकल्प का प्रतीक है। सैन्यभूमि उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक इस गौरवपूर्ण क्षण में देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।”

बैठक में स्वीकृत प्रमुख प्रस्ताव:

  1. पशुपालन क्षेत्र में निवेश
    उत्तराखंड में पोल्ट्री फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई। बड़े निवेशकों को पहाड़ी क्षेत्रों में 40% और मैदानी क्षेत्रों में 20% सब्सिडी दी जाएगी। हरियाणा की तर्ज पर पोल्ट्री फार्म बनाए जाएंगे, जिसमें 35 अंडा उत्पादन और 20 चिकन उत्पादन फर्म शामिल होंगी। इससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
  2. जीएसटी सेवा नियमावली
    संयुक्त आयुक्त की सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई।
  3. ऊर्जा क्षेत्र में सुधार
    मैकेंजी कंपनी की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में सुधार के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई। इससे ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी और बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।
  4. सचिवालय प्रशासन
    मुख्यमंत्री राहत कोष की राशि अब अधिक ब्याज देने वाले बैंकों में जमा की जाएगी।
  5. मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना
    निराश्रित एकल महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए इस योजना को मंजूरी दी गई। पहले वर्ष में 2,000 महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य है। महिलाएं 2 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट बना सकेंगी, जिसमें सरकार 1.5 लाख रुपये की सब्सिडी देगी। योजना में कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, ब्यूटी पार्लर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके लिए 30 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यदि व्यवसाय शुरू नहीं हुआ तो सरकार राशि वसूल करेगी, लेकिन मुख्य उद्देश्य रोजगार को बढ़ावा देना है।
  6. किशोर न्याय और स्ट्रीट चिल्ड्रन पॉलिसी
    किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 110 के तहत किशोर न्याय निधि के उपयोग की नियमावली और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार स्ट्रीट चिल्ड्रन पॉलिसी को मंजूरी दी गई।
  7. गौवंश संरक्षण नीति
    सड़कों पर गौवंश की देखभाल के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई। 16,000 पशुओं के लिए पशुपालन विभाग अब पूरा खर्च वहन करेगा। पहले तीन विभागों से फंडिंग होती थी, अब यह जिम्मेदारी केवल पशुपालन विभाग की होगी। प्रस्ताव अब जिलाधिकारी स्तर पर ही स्वीकृत होंगे।
  8. गौशाला निर्माण को प्रोत्साहन
    गौशाला निर्माण के लिए नई नीति के तहत एनजीओ को 40% खर्च वहन करना होगा, जबकि सरकार 60% सब्सिडी देगी। इससे गौशाला निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।