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BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने किए बदरीनाथ धाम के दर्शन, व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

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श्री बदरीनाथ: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी आज बुधवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। धाम में उनके आगमन पर तीर्थ पुरोहितों और हकहकूकधारियों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों—ढोल दमाऊं और फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। उनके साथ बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और विजय कपरवाण भी मौजूद रहे।

धाम में दर्शन और निरीक्षण

श्री बदरीनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद अध्यक्ष द्विवेदी ने रावल अमरनाथ नंबूदरी से आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और बीकेटीसी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक में व्यवस्थाओं को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस बैठक में मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल एवं मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ समेत समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

ज्योर्तिमठ में सैनिकों के नाम महाभिषेक पूजा

इससे पूर्व अध्यक्ष द्विवेदी ने ज्योर्तिमठ स्थित श्री नृसिंह मंदिर में देश के सैनिकों के नाम महाभिषेक पूजा संपन्न की और राष्ट्र की समृद्धि व सुरक्षा की कामना की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष विजय कपरवाण भी पूजा में सम्मिलित हुए। उन्होंने ज्योर्तिमठ के यात्री विश्राम गृह और बीकेटीसी कार्यालय का भी निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। मंदिर परिसर में शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।

12-13 मई को केदारनाथ और गुप्तकाशी का भ्रमण

इससे पूर्व 12 मई को अध्यक्ष द्विवेदी ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए थे और यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। 13 मई को वे गुप्तकाशी पहुंचे जहां उन्होंने यात्री विश्राम गृह और श्री विद्यापीठ फार्मेसी का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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प्रारंभिक यात्रा और विभिन्न स्थलों का दौरा

बीकेटीसी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 11 मई को अध्यक्ष द्विवेदी ने तीर्थनगरी ऋषिकेश स्थित चंद्रभागा यात्री विश्राम गृह से अपने भ्रमण की शुरुआत की थी। उसी दिन उन्होंने देवप्रयाग, श्रीनगर (डालमिया यात्री विश्राम गृह), कलियासौड़-धारी देवी और रुद्रप्रयाग के यात्री विश्राम गृहों का निरीक्षण किया। इसके उपरांत वे उखीमठ होते हुए ज्योर्तिमठ पहुंचे थे।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं से भेंट

ज्योर्तिमठ में बुधवार सुबह भी ढोल-दमाऊं और फूलमालाओं के साथ पारंपरिक स्वागत हुआ। स्वागत में भाजपा नेता सुभाष डिमरी, मंडल अध्यक्ष अमित सती, देवपूजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, सभासद ललिता देवी, प्रवेश डिमरी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बदरीनाथ में व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण

बुधवार को श्री बदरीनाथ धाम में अध्यक्ष द्विवेदी ने दर्शन पंक्ति में तीर्थयात्रियों से संवाद किया, कुशलक्षेम पूछी और सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने मंदिर परिसर, कार्यालय, तोसाखाना, पुलिस कंट्रोल रूम, प्राथमिक उपचार केंद्र, सीसीटीवी कक्ष, प्रसाद काउंटर, भोग मंडी, तप्तकुंड, गांधी घाट और ब्रह्म कपाल क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। साथ ही बदरीनाथ मास्टर प्लान का अवलोकन कर निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से माणा क्षेत्र में आयोजित होने वाले पुष्कर कुंभ की तैयारियों की भी जानकारी ली। तप्तकुंड में श्री बदरीश पंडा पंचायत के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनकी बातों को सुना और सम्मानित किया।

 

आरती और महाभिषेक पूजा में होंगे शामिल

बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी एवं उपाध्यक्ष सती और कपरवाण 14 मई की शाम श्री बदरीनाथ की आरती में और 15 मई को प्रातःकालीन महाभिषेक पूजा में शामिल होंगे। यह पूजा रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल और वेदपाठी रविंद्र भट्ट, अमित बंदोलिया द्वारा संपन्न कराई जाएगी।

दुश्मनों के ठिकानों को तबाह करने में नाविक सैटेलाइट की भूमिका महत्वपूर्ण: महाराज

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देहरादून /उत्तराखंड

भारतीय सेना के आगे धरे रह गये पाक के न्यूक्लियर वेपन्स

देहरादून। प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण,पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों के ठिकानों को चुन-चुनकर तबाह कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी एयर बेस और आतंकी ठिकानों को नष्ट करने में नाविक उपग्रह की भी अति महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने बताया कि नाविक उपग्रह एक स्वदेशी नौवहन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने विकसित किया है। यह नेविगेशन, समय निर्धारण और स्थिति निर्धारण सेवाएं प्रदान करता है। यह अमेरिका के जीपीएस (GPS) की तरह ही काम करता है।नाविक का उपयोग स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन, आपदा प्रबंधन, वाहन ट्रैकिंग और अन्य कई अनुप्रयोगों में किया जाता है।

नाविक सैटेलाइट का एक नमूना मसूरी स्थित जार्ज एवरेस्ट के संग्रहालय में भी रखा गया है। श्री महाराज ने कहा कि इस आपरेशन में हमारी सेना की बहादुरी, कौशल और समर्पण ने एक बार फिर देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने आपरेशन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, एनएसएए अजित डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, नौ सेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी.सिंह, भारतीय सेना सभी अधिकारियों और सेना की भूमिका की सराहना करते हुए बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि आपरेशन सिंदूर की सफलता ने दिखा दिया है कि हमारी सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और वह देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है। भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और देश की जनता को गर्व महसूस कराया है। आपरेशन सिंदूर की सफलता में भारतीय वीरांगना कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसी महिला अधिकारियों की भूमिका भी अति महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने अपनी बहादुरी, कौशल और सूझबूझ से इस आपरेशन को अंजाम दिया है। पाकिस्तान द्वारा शुरू किए गए इस अघोषित युद्ध के पश्चात निश्चित रूप से भारत की शक्ति और प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है और भारत विश्व की एक महाशक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है।श्री महाराज ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत पर बार-बार न्यूक्लियर हमले की गीदड़ भपकी देने वाले पाकिस्तान के नूरखान एयर बेस पर भारतीय सेना के हमले के बाद उसके न्यूक्लियर वेपन्स धरे के धरे रह गये हैं। बताया तो यहां तक भी जा रहा है कि पाकिस्तान के किराना हिल्स पर स्थित उसके न्यूक्लियर वेपन्स भी भारतीय हमले की जद में आये हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत में जिस प्रकार की कार्यवाही करते हुए पाकिस्तान के आतंकवादी व सैन्य ठिकानों को तबाह किया उससे न केवल विश्व को भारत की ताकत का पता चला है बल्कि पाकिस्तान को भी घुटने टेकने पर विवश होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि “कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT)” द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान की मदद करने वाले देश तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का पूरी तरह से बहिष्कार का निर्णय उचित एवं स्वागत योग्य है।

कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत रावत का सनसनीखेज बयान, पार्टी में है सुपारी किलर!

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नैनीताल जिले के रामनगर में कांग्रेस कार्यालय को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत रावत ने सनसनीखेज बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पार्टी के कुछ तथाकथित “सुपारी किलर” एक सुनियोजित साजिश के तहत माहौल बना रहे हैं और उनके खिलाफ एक खास नैरेटिव तैयार किया जा रहा है।

“सुपारी किलर” बना रहे माहौल
रणजीत रावत ने कहा कि हाल की घटनाओं के बाद कुछ पार्टी नेताओं ने उनके खिलाफ साजिश रची है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध शराब, जुआ, सट्टा और वसूली जैसे गैरकानूनी कामों में लिप्त लोग ही उनके खिलाफ झूठा नैरेटिव सेट कर रहे हैं। रावत ने एक गैंग और कुछ व्यक्तियों का नाम लेते हुए दावा किया कि ये लोग रामनगर का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये गैंग अवैध गतिविधियों में शामिल होने के साथ-साथ कालाढूंगी कांड के मुख्य जिम्मेदार भी हैं। ये लोग कई घरों का चिराग बुझाने वाले हैं और अब राजनीतिक संरक्षण के बल पर व्यापारियों व आम जनता में दहशत फैला रहे हैं।

पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप
पूर्व विधायक ने कांग्रेस कार्यालय पर कब्जे की कार्रवाई को एकतरफा और गैरकानूनी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने बिना किसी नोटिस के जबरन कब्जा करवाया, जो कानून का उल्लंघन है। रावत ने कहा कि इस कार्रवाई को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के अराजक तत्वों के साथ मिलकर यह कब्जा करवाया।

लोकतंत्र पर हमला
रणजीत रावत ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस कार्यालय पर कब्जा नहीं, बल्कि लोकतंत्र और कानून के खिलाफ साजिश है। उन्होंने रामनगर के व्यापारियों और आम जनता से अपील की कि वे इस घटना को गंभीरता से लें। रावत ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे लोगों को संरक्षण मिलता रहा, तो भविष्य में कोई भी गुंडा किसी की दुकान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है, और प्रशासन मूकदर्शक बना रहेगा।

मुख्यमंत्री ने दी विभिन्न विकास योजनाओं की स्वीकृति

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देहरादून /उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ में बरड़ बैंड से पांखू कोकिला देवी मंदिर तथा पांखू से धरम घर होते हुए कोटमनिया तक सडक सुधारीकरण व डामरीकरण किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पूर्व में मसूरी स्थित शहीद स्थल पर शैड के निर्माण किये जाने की घोषणा को मसूरी शहीद स्मारक समिति द्वारा किये गये अनुरोध पर संशोधित करते हुए मसूरी शहीद स्थल से लगी भूमि पर उत्तराखण्ड आंदोलन में शहीदों के नाम पर संग्रहालय बनाए जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की वित्तीय स्वीकृति।

मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोडा के विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर में ग्राम पंचायत पीतना में बहुउद्देशीय भवन के निर्माण किये जाने हेतु 95.84 लाख तथा गांधी इण्टर कालेज पनुआनौला में 04 कक्षो के निर्माण किये जाने हेतु 99.95 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

BJP के मंत्री ने कर्नल सोफिया कुरैशी को कहा था “आतंकवादियों की बहन”, कांग्रेस ने की बर्खास्तगी की मांग

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मध्य प्रदेश के आदिवासी मामलों के मंत्री और बीजेपी नेता कुंवर विजय शाह ने भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर विवाद खड़ा कर दिया है। शाह ने कुरैशी को “आतंकवादियों की बहन” कहकर संबोधित किया, जिसे कांग्रेस ने सैन्य सम्मान और राष्ट्रीय एकता पर हमला करार दिया है। यह बयान सोमवार को इंदौर के पास रामकुंडा गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए दिया गया, जहां शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र किया। इस ऑपरेशन में कुरैशी ने प्रेस ब्रीफिंग के जरिए देश को आतंकवाद के खिलाफ सेना की कार्रवाई की जानकारी दी थी।

शाह ने अपने बयान में कहा, “उन्होंने (आतंकवादियों ने) हमारे हिंदू भाइयों को कपड़े उतारकर मारा। पीएम मोदी जी ने उनकी (आतंकवादियों की) बहन को सेना के विमान में भेजकर उनके घरों में हमला किया। उन्होंने हमारी बहनों को विधवा बनाया, तो मोदी जी ने उनके समुदाय की बहन को भेजकर सबक सिखाया।” इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और जनता ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे “अत्यंत अपमानजनक, शर्मनाक और ओछी टिप्पणी” बताते हुए कहा, “पहलगाम के आतंकवादियों ने देश को बांटने की कोशिश की, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर में पूरा देश एकजुट था। बीजेपी-आरएसएस की मानसिकता हमेशा से महिला विरोधी रही है। पहले पहलगाम में शहीद नौसैनिक की पत्नी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया, फिर विदेश सचिव विक्रम मिश्री की बेटी को परेशान किया, और अब कर्नल सोफिया कुरैशी पर ऐसी टिप्पणी। पीएम मोदी को तत्काल इस मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए।”

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शाह के बयान का वीडियो साझा कर सवाल किया, “क्या बीजेपी इस ओछी सोच से सहमत है?” उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से जवाब मांगा। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने कहा, “कर्नल सोफिया कुरैशी को सिर्फ उनकी धर्म के आधार पर अपमानित किया जा रहा है। पीएम मोदी कब इस पर कार्रवाई करेंगे?”

विवाद बढ़ने के बाद शाह ने मंगलवार को सफाई दी, “मेरे बयान को गलत संदर्भ में लिया जा रहा है। सोफिया कुरैशी हमारी बहन हैं और उन्होंने सेना के साथ मिलकर शानदार बदला लिया। मेरे परिवार में कई लोग सेना में शहीद हुए हैं। अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” बीजेपी के मध्य प्रदेश महासचिव हितानंद शर्मा ने शाह को भोपाल मुख्यालय बुलाकर फटकार लगाई, और सूत्रों के अनुसार, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भी उन्हें ऐसी टिप्पणियों से बचने की सलाह दी।

कांग्रेस ने शाह के पिछले विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की पत्नी पर टिप्पणी के बाद उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था, और 2024 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में प्रतिबंधित क्षेत्र में पिकनिक के लिए उनकी आलोचना हुई थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि शाह की ऐसी टिप्पणियां उनकी सांप्रदायिक मानसिकता को दर्शाती हैं।

सोशल मीडिया पर भी शाह की टिप्पणी की निंदा हो रही है। एक यूजर ने लिखा, “जिन कर्नल सोफिया कुरैशी पर देश को गर्व है, उन्हें आतंकवादी कहना शर्मनाक है। यह सेना का अपमान है।” यह विवाद बीजेपी के लिए नई चुनौती बन गया है, क्योंकि विपक्ष इसे सैन्य सम्मान और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ बता रहा है।

देहरादून-मसूरी रोप-वे: 2026 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट, 15 मिनट में होगा मसूरी का सफर

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देहरादून-मसूरी रोप-वे परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। 26 टावरों में से 20 का निर्माण शुरू हो चुका है। मसूरी के गांधी चौक में अपर टर्मिनल का समतलीकरण पूरा होने के बाद स्टील बाइंडिंग का कार्य चल रहा है। गांधी चौक से रोप-वे तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग भी तैयार किया जा रहा है। वहीं, पुरुकुल में लोअर टर्मिनल स्टेशन के तीन टावरों का निर्माण तेजी से हो रहा है, और तीन मंजिल की पार्किंग बन चुकी है, जबकि चौथी मंजिल का काम जल्द शुरू होगा। उत्तराखंड पर्यटन विभाग का दावा है कि यह परियोजना 2026 के अंत तक पूरी होकर संचालन शुरू कर देगी।

पर्यटन सीजन में मसूरी की भीड़ और समस्याएं
मई से जुलाई के पर्यटन सीजन में रोजाना 25,000 से अधिक पर्यटक देहरादून से मसूरी पहुंचते हैं। इस दौरान भारी भीड़ और वाहनों की संख्या से मसूरी में जाम की समस्या आम है। देहरादून-मसूरी मार्ग भी अक्सर व्यस्त रहता है। बारिश के मौसम में भूस्खलन के कारण यह मार्ग कई बार बंद हो जाता है। इन समस्याओं के समाधान और पर्यटकों की सुविधा के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने 300 करोड़ रुपये की लागत से दून-मसूरी रोप-वे परियोजना शुरू की है। यह प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइव.Envेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत मसूरी स्काइवार कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है।

रोप-वे की विशेषताएं
रोप-वे का एक छोर पुरुकुल गांव (देहरादून से 12 किमी) और दूसरा मसूरी के गांधी चौक में होगा। पुरुकुल में लोअर टर्मिनल का फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है, और अब टावर निर्माण चल रहा है। यह रोप-वे पहाड़ों के बीच से गुजरते हुए मात्र 15 मिनट में पर्यटकों को मसूरी पहुंचाएगा। एक बार में 1300 पर्यटकों को ले जाने की क्षमता होगी। सड़क मार्ग से देहरादून-मसूरी की 33 किमी की दूरी की तुलना में रोप-वे का सफर सिर्फ 5.5 किमी का होगा।

फ्रांस से आएंगे रोप और केबिन
रोप-वे के लिए रोप, केबिन और अन्य उपकरण फ्रांस से मंगाए जा रहे हैं। प्रत्येक केबिन में 10 पर्यटक बैठ सकेंगे, और इसके दरवाजे स्वचालित रूप से खुलेंगे और बंद होंगे। शुरुआत में 55 केबिन होंगे, जिनकी संख्या बाद में बढ़कर 71 हो जाएगी। रोप-वे की अधिकतम गति 6 मीटर प्रति सेकेंड होगी, और खराब मौसम में रेस्क्यू मोड के तहत गति स्वचालित रूप से कम हो जाएगी। संचालन पूरी तरह ऑनलाइन होगा, और फ्रांस से विशेषज्ञों की टीम स्थानीय कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेगी।

पर्यटन विभाग की प्रतिबद्धता
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के सचिव सचिन कुर्वे ने बताया कि दून-मसूरी रोप-वे का निर्माण तेजी से चल रहा है, और अधिकांश टावरों का काम पूरा हो चुका है। निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। 2026 के अंत तक यह परियोजना पर्यटकों के लिए उपलब्ध होगी, जो मसूरी की यात्रा को सुगम और रोमांचक बनाएगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा” का किया गया भव्य आयोजन

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देहरादून /उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा” का किया गया भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बुधवार को शौर्य स्थल चीड़बाग से गांधी पार्क तक भव्य “तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा” का आयोजन किया गया। यह यात्रा हाल ही में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सफलतापूर्वक चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” की ऐतिहासिक विजय को समर्पित रही। हजारों की संख्या में आमजन, पूर्व सैनिक, युवा वर्ग एवं मातृशक्ति ने तिरंगे के साथ पद यात्रा में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शौर्य स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी दी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने वाले वीर सैनिकों, वायुसेना, नौसेना और सभी सुरक्षा बलों को नमन करते हुए कहा कि भारत ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में पूरी तरह सक्षम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने न केवल अपने वीर सपूतों की बहादुरी का प्रदर्शन किया, बल्कि आतंकवाद और उसके समर्थकों को यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि नया भारत अब हर आतंकी कार्रवाई का जवाब उसी की भाषा में देगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत किसी भी आतंकी चुनौती का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम है और अब देश की सीमाओं की रक्षा अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक से की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड वीर भूमि है, जहाँ का लगभग हर परिवार देशसेवा से जुड़ा है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि वे सेना और सुरक्षा बलों के अनुशासन, शौर्य और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक विजय के उपलक्ष्य में ‘तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा’ को प्रत्येक वर्ष मनाए जाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक,विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, बृज भूषण गैरोला, भरत चौधरी, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, पूर्व राजसभा सांसद तरुण विजय, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, दर्जाधारी रजनी रावत, डॉ. देवेंद्र भसीन, श्याम अग्रवाल मौजूद थे।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कार्ष्णि स्वामी गुरुशरणानंद महाराज का लिया आशीर्वाद।

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देहरादून, 14 मई 2025 । कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज मसूरी स्थित उदासीन कृष्ण आश्रम पहुंचकर ब्रज के प्रसिद्ध संत कार्ष्णि स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंत्री जोशी और स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज के बीच इस दौरान गहन आध्यात्मिक चर्चा हुई। दोनों ने सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर संवाद किया तथा मानव कल्याण के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन की महत्ता पर बल दिया। कैबिनेट मंत्री ने इस मुलाकात को अत्यंत सौभाग्यपूर्ण बताया और कहा कि संतों का सान्निध्य जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।

बीआर गवई बने देश के 52वें चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

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नई दिल्ली: जस्टिस बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ने उन्हें शपथ दिलाई। जस्टिस गवई भारत के पहले बौद्ध CJI हैं और आजादी के बाद दलित समुदाय से दूसरे मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका कार्यकाल छह महीने का होगा।

जस्टिस गवई के प्रमुख फैसलों में बुलडोजर कार्रवाइयों के खिलाफ सख्त रुख, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, नोटबंदी को बरकरार रखने और अनुसूचित जाति कोटे में उप-वर्गीकरण को मंजूरी जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

बुलडोजर कार्रवाइयों पर फैसला देते हुए जस्टिस गवई ने आश्रय के अधिकार पर बल दिया। उन्होंने मनमानी तोड़फोड़ की निंदा करते हुए इसे प्राकृतिक न्याय और कानून के शासन के खिलाफ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यपालिका को जज, जूरी और जल्लाद की भूमिका नहीं निभानी चाहिए।

परिवहन विभाग की वेबसाइट ठप, जनता परेशान, नई वेबसाइट में तकनीकी अड़चनें

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उत्तराखंड परिवहन विभाग की वेबसाइट के ठप होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा तैयार की गई नई वेबसाइट नए प्लेटफॉर्म पर लॉन्च नहीं हो पा रही है। इस वेबसाइट पर टैक्स जमा करने, चारधाम यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड बनाने, विभागीय निविदाएं जारी करने और केंद्रीय परिवहन मंत्रालय सहित अन्य वेबसाइटों के लिंक जैसी सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध थीं। इसके अलावा, विभाग की सभी गतिविधियों का अपडेट भी इसी वेबसाइट पर मिलता था।

पिछले कई दिनों से वेबसाइट बंद है। जांच में पता चला कि नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने पुरानी तकनीक पर आधारित इस वेबसाइट को बंद कर दिया है। नई तकनीक पर आधारित वेबसाइट तैयार हो चुकी है, लेकिन इसे लॉन्च करने में बार-बार तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। इससे लोगों को वेबसाइट की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञ नई वेबसाइट को लॉन्च करने में जुटे हैं और उम्मीद है कि यह सप्ताह के भीतर सुचारू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रीन कार्ड के लिए लोग सीधे  https://greencard.uk.gov.in/के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

एनआईसी के पुराने सर्वर और तकनीक पर चल रही उत्तराखंड के कई अन्य विभागों की वेबसाइटें भी बंद हो गई हैं। इन सभी को स्वास (SWAAS) प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी चल रही है। आईटीडीए की निदेशक नितिका खंडेलवाल ने बताया कि स्वास प्लेटफॉर्म पर वेबसाइटें साइबर हमलों से सुरक्षित रहेंगी।