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अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल

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किच्छा : रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मृत्यु हो गई, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल है। जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय अर्जुन, 19 वर्षीय प्रजव्वल उर्फ कृष्णा और जतिन, जो ग्राम भंगा, थाना पुलभट्टा के निवासी थे, किच्छा से अपने घर लौट रहे थे।

हादसा सिरोली कला में हाईवे पर शर्मा ढाबे के पास हुआ, जहां अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत किच्छा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने अर्जुन को मृत घोषित कर दिया।

कृष्णा और जतिन की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान कृष्णा ने भी दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए डंपर को जिम्मेदार ठहराया और पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आयकर रिटर्न 2025-26 : दाखिल प्रक्रिया शुरू, सावधानियां और नए नियम

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आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए फॉर्म-2 और फॉर्म-4 जारी किए गए हैं। 50 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय वाले वेतनभोगी करदाता और बिना ऑडिट आवश्यकता वाले व्यवसायी करदाता अपने आईटीआर दाखिल कर रहे हैं।

आईटीआर दाखिल करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि गलत या अधूरी जानकारी देने पर भारी जुर्माना लग सकता है। आयकर विशेषज्ञों के अनुसार, आय के सभी स्रोतों का खुलासा न करने पर 200% तक जुर्माना और अन्य स्रोतों से आय छिपाने पर 50% से 200% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, विदेशी आय, संपत्ति, खातों और शेयरों की जानकारी भी निर्धारित फॉर्म में अनिवार्य रूप से देनी होगी।

आईटीआर फॉर्म चयन में सावधानी

आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करते समय सही फॉर्म का चयन महत्वपूर्ण है, क्योंकि फॉर्म-1 (सहज) और फॉर्म-4 (सुगम) में कई नए बदलाव किए गए हैं।

  • आईटीआर-1 (सहज): यह उन करदाताओं के लिए है, जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है और आय का स्रोत वेतन, एक मकान, ब्याज आदि है।
  • आईटीआर-4 (सुगम): यह प्रिजम्पटिव इनकम स्कीम के तहत रिटर्न दाखिल करने वाले व्यवसायियों और पेशेवरों के लिए है। गलत फॉर्म चुनने या अधूरी जानकारी देने से रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है।

आईटीआर दाखिल करने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • फॉर्म-16
  • बैंक स्टेटमेंट
  • ब्याज प्रमाण पत्र
  • मेडिकल बीमा, गृह ऋण, शिक्षा ऋण आदि की जानकारी
  • आधार और पैन कार्ड

इसके अतिरिक्त, नए बदलावों के तहत हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) के लिए निम्नलिखित विवरण अनिवार्य हैं:

  • कार्यस्थल (वर्क प्लेस)
  • प्राप्त एचआरए
  • भुगतान किया गया वास्तविक किराया
  • बेसिक सैलरी

साथ ही, धारा 80C, 80D, 80E, 80EE, 80EEA और 80EEB के तहत छूट का दावा करते समय पॉलिसी नंबर, बैंक का नाम और ऋण की जानकारी देना जरूरी है। गलत या अधूरी जानकारी देने पर छूट का दावा खारिज हो सकता है।

आईटीआर दाखिल की प्रक्रिया शुरू

आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए फॉर्म-2 और फॉर्म-4 जारी किए गए हैं। 50 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय वाले वेतनभोगी करदाता और बिना ऑडिट आवश्यकता वाले व्यवसायी करदाता अपने आईटीआर दाखिल कर रहे हैं।

आईटीआर दाखिल करते समय सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि गलत या अधूरी जानकारी देने पर भारी जुर्माना लग सकता है। आयकर विशेषज्ञों के अनुसार, आय के सभी स्रोतों का खुलासा न करने पर 200% तक और अन्य स्रोतों से आय छिपाने पर 50% से 200% तक जुर्माना लग सकता है। विदेशी आय, संपत्ति, खातों और शेयरों की जानकारी भी निर्धारित फॉर्म में देना अनिवार्य है।

सही आईटीआर फॉर्म का चयन

आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करते समय सही फॉर्म चुनना महत्वपूर्ण है, क्योंकि फॉर्म-1 (सहज) और फॉर्म-4 (सुगम) में कई नए बदलाव किए गए हैं:

  • आईटीआर-1 (सहज): 50 लाख रुपये तक की आय वाले वेतनभोगी, एक मकान और ब्याज आय वालों के लिए।
  • आईटीआर-4 (सुगम): प्रिजम्पटिव इनकम स्कीम के तहत रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए।
    गलत फॉर्म चुनने या अधूरी जानकारी देने से रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है।

आईटीआर दाखिल के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • फॉर्म-16
  • बैंक स्टेटमेंट
  • ब्याज प्रमाण पत्र
  • मेडिकल बीमा, गृह ऋण, शिक्षा ऋण आदि की जानकारी
  • आधार और पैन कार्ड

नए नियमों के तहत, हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) के लिए कार्यस्थल, प्राप्त एचआरए, भुगतान किया गया किराया, और बेसिक सैलरी की जानकारी देना अनिवार्य है। धारा 80C, 80D, 80E, 80EE, 80EEA और 80EEB के तहत छूट का दावा करते समय पॉलिसी नंबर, बैंक और ऋण की जानकारी देना जरूरी है। गलत जानकारी देने पर छूट का दावा खारिज हो सकता है।

आईटीआर दाखिल की अंतिम तिथि बढ़ी

सीए आशीष रोहतगी और सीए रश्मि गुप्ता के अनुसार, फॉर्म जारी होने में देरी को देखते हुए आयकर विभाग ने आईटीआर दाखिल की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी है। बीते सप्ताह जारी अधिसूचना के तहत यह निर्णय लिया गया है। इससे करदाताओं को अंतिम समय की भीड़ से बचने और रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की पोस्ट…बोले मैं रहूं न रहूं…देशवासियों को सच बताना जरूरी है!

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जम्मू-कश्मीर, गोवा, बिहार और मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें रविवार शाम को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के आईसीयू में स्थानांतरित किया गया। मलिक को 11 मई को किडनी में संक्रमण बढ़ने के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं और डायलिसिस चल रहा है। कुछ समय पहले उनकी हालत में सुधार होने पर उन्हें आईसीयू से नर्सिंग होम में शिफ्ट किया गया था, लेकिन अब फिर से नर्सिंग होम के आईसीयू में भर्ती किया गया है। उनका इलाज नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. ललित की देखरेख में चल रहा है।

सत्यपाल मलिक के एक्स पोस्ट में खुलासा

सत्यपाल मलिक के आधिकारिक एक्स हैंडल से उनकी बिगड़ती सेहत और कुछ गंभीर खुलासों के बारे में जानकारी साझा की गई है। पोस्ट में लिखा गया:

नमस्कार साथियों। मैं पिछले लगभग एक महीने से अस्पताल में भर्ती हूं और किडनी की समस्या से जूझ रहा हूं। परसों सुबह से मैं ठीक था, लेकिन आज फिर से मुझे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है। मैं रहूं या न रहूं, इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं।

जब गवर्नर के पद पर था, तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश हुई, परंतु मैं अपने राजनीतिक गुरु स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी की तरह ईमानदारी से काम करता रहा और मेरा ईमान कभी डिगा नहीं। जब मैं गवर्नर था, उस समय किसान आंदोलन चल रहा था। मैंने बिना किसी राजनीतिक लोभ-लालच के किसानों की मांग को उठाया। महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा। पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई।

सरकार मुझे सीबीआई का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं, उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था। मैंने खुद प्रधानमंत्री जी को बताया था कि इस मामले में करप्शन है और उनके बताने के बाद मैंने उस टेंडर को कैंसिल किया। मेरे तबादले के बाद किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ। मैं सरकार और सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान कौम से हूं, न डरने वाला हूं, न झुकने वाला हूं। सरकार ने मुझे बदनाम करने में पूरी ताकत लगा दी। अंत में मेरा सरकार और सरकारी एजेंसियों से अनुरोध है कि मेरे प्यारे देश की जनता को सच्चाई जरूर बताना कि आपको छानबीन में मेरे पास मिला क्या?

सच्चाई यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने के बाद भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं और कर्ज में हूं। अगर मेरे पास धन-दौलत होती, तो मैं प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाता।

केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप

मलिक ने केंद्र सरकार पर सीबीआई के जरिए उन्हें झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस टेंडर को लेकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, उसे उन्होंने भ्रष्टाचार के कारण स्वयं रद्द किया था और इसकी जानकारी प्रधानमंत्री को दी थी। उनके तबादले के बाद यह टेंडर किसी और के हस्ताक्षर से पास हुआ। मलिक ने कहा कि वे किसान समुदाय से हैं और न डरेंगे, न झुकेंगे। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि उनकी जांच में मिले तथ्य जनता के सामने लाए जाएं।

राजनीतिक करियर और वर्तमान स्थिति

सत्यपाल मलिक ने 50 वर्षों से अधिक के अपने राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर देश की सेवा की। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए धारा 370 हटाए जाने और केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के दौरान वे वहां के पहले उपराज्यपाल भी रहे। इसके बाद उन्हें गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। वर्तमान में वे आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और एक कमरे के मकान में रहते हैं। मलिक ने कहा कि अगर उनके पास धन होता, तो वे निजी अस्पताल में इलाज करवाते।

14 जून को आ सकता है NEET UG-2025 का रिजल्ट, MBBS क्वालीफाई नहीं हुआ तो इन कोर्सेज में मिलेगा एडमिशन!

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG-2025 की आंसर की 3 जून को जारी की थी, जिस पर 5 जून तक छात्रों से आपत्तियां मांगी गई थीं। अब सभी परीक्षार्थी रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। NTA के ब्रोशर के अनुसार, नीट यूजी रिजल्ट 14 जून 2025 को जारी होने की संभावना है।

रिजल्ट कहां और कैसे चेक करें

नीट यूजी रिजल्ट केवल ऑनलाइन माध्यम से जारी किया जाएगा। परिणाम घोषित होते ही आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर रिजल्ट का लिंक सक्रिय हो जाएगा। परीक्षार्थी अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स का उपयोग कर रिजल्ट चेक कर सकेंगे। रिजल्ट चेक करने और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

MBBS क्वालीफाई न होने पर वैकल्पिक मेडिकल कोर्सेज

जिन छात्रों का रिजल्ट अपेक्षा के अनुरूप नहीं होगा और वे MBBS के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाएंगे, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। मेडिकल क्षेत्र में कई अन्य कोर्सेज उपलब्ध हैं, जिनमें प्रवेश लेकर वे अपने करियर को आकार दे सकते हैं। कुछ प्रमुख कोर्सेज निम्नलिखित हैं:

  • B.Sc नर्सिंग
  • B.Sc बायोटेक्नोलॉजी
  • बैचलर ऑफ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • B.Pharma
  • B.Sc बायोलॉजी
  • BNYS (बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगा साइंसेज)
  • BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी)
  • BVSc (बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंसेज)
  • बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी
  • डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन
  • B.Sc कार्डियक टेक्नोलॉजी
  • B.Sc माइक्रोबायोलॉजी
  • B.Sc न्यूट्रिशन
  • BA साइकोलॉजी
  • B.Sc फिजियोथेरेपी

BDS: एक और बेहतरीन विकल्प

MBBS के अलावा, छात्र बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। यह पाठ्यक्रम दंत चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने का शानदार अवसर प्रदान करता है, जिसके माध्यम से छात्र दांतों के विशेषज्ञ डॉक्टर बन सकते हैं।छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट की जांच के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें और अपने करियर विकल्पों का मूल्यांकन सावधानी से करें।

राजा रघुवंशी हत्याकांड : पुलिस का दावा, नई नवेली दुल्हन सोनू ने कराई हत्या, हनीमून पर गए थे घूमने!

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इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी नई नवेली पत्नी सोनम संग 20 मई को शिलांग हनीमून पर निकले थे। लेकिन 25 मई के बाद दोनों का परिवार से संपर्क टूट गया। फोन बंद, कोई सुराग नहीं। 10 दिन बाद शिलांग में राजा की लाश मिली, लेकिन सोनम का कहीं अता-पता नहीं था।

अब इस सनसनीखेज मामले में जो नया खुलासा हुआ है, उसने सभी को हिला कर रख दिया है। सोनम रघुवंशी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र में एक ढाबे पर बदहवास हालत में देखा गया। ढाबा संचालक ने बताया कि लड़की ने उससे मोबाइल मांगा और फोन पर बात करते हुए जोर-जोर से रोई।

पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद महिला को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया। लेकिन, असली धमाका तब हुआ जब पूछताछ में पता चला कि सोनम ही पति राजा की हत्या की मास्टरमाइंड है! सोनम ने मध्य प्रदेश के तीन लोगों को सुपारी देकर राजा की हत्या करवाई और खुद लापता हो गई थी।

मेघालय के मुख्यमंत्री ने की पुष्टि

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने भी इस मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है। अपने ‘X’ (Twitter) हैंडल पर उन्होंने लिखा कि “राजा रघुवंशी मर्डर केस में मेघालय पुलिस ने 7 दिनों के भीतर बड़ी सफलता पाई है। तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। एक और आरोपी की तलाश जारी है।”

शादी, हनीमून और फिर हत्या!

  • राजा और सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी।

  • 20 मई को दोनों शिलांग रवाना हुए।

  • 25 मई तक परिवार से बातचीत होती रही, फिर संपर्क टूट गया।

  • कुछ दिनों बाद राजा की लाश मिली। सोनम गायब थी।

  • अब गाजीपुर में सोनम के मिलने से ये साफ हो गया है कि ये साजिश पहले से रची गई थी।

पुलिस की गिरफ्त में तीन आरोपी

मेघालय और मध्य प्रदेश पुलिस की संयुक्त जांच में अब तक सोनम समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सोनम के पकड़े जाने के बाद केस में नया मोड़ आ गया है। अब पुलिस यह जानने में जुटी है कि:

  • आखिर सोनम ने राजा की हत्या क्यों करवाई?

  • हत्यारों से संपर्क कैसे हुआ?

  • हत्या की प्लानिंग कब और कहां हुई?

  • गाजीपुर तक वह कैसे और किसके जरिए पहुंची?

राजा के परिजनों ने पहले मेघालय पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए थे और सीबीआई जांच की मांग की थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस बाबत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा था। मगर उससे पहले ही इस हत्याकांड की परतें खुलने लगीं। अब सभी की नजरें सोनम पर टिकी हैं। पुलिस पूछताछ में उससे वो जवाब चाहिए जिसका इंतज़ार इंदौर से लेकर शिलांग और गाजीपुर तक हर कोई कर रहा है कि  राजा की हत्या का असली मकसद क्या था?

भगवान केदारनाथ दर्शन को पहुंचे थल सेनाध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी

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श्री केदारनाथ धाम: 8 जून। थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी आज पूर्वाह्न श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे। मंदिर में रूद्राभिषेक पूजा संपन्न की । देश के सुख समृद्धि की कामना की।

मंदिर में दर्शन के पश्चात श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से मुख प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी को भगवान केदारनाथ का प्रसाद भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने देखा ‘हिन्द दी चादर’ नाटक का मंचन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष को समर्पित नाटक ‘हिन्द दी चादर’ के मंचन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड सिक्ख कोऑर्डिनेशन कमेटी एवं श्री गुरू तेग बहादुर चैरिटेबल चिकित्सालय द्वारा नाटक ‘हिन्द दी चादर’ का मंचन कार्यक्रम दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर देहरादून में किया गया।

मुख्यमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के अद्वितीय बलिदान और धर्मरक्षा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने उस समय प्राणों की आहुति दी, जब देश की संस्कृति, आस्था और आत्म सम्मान पर संकट गहराया हुआ था। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी को ‘हिन्द दी चादर’ यूं ही नहीं कहा गया। उन्होंने राष्ट्र की एकता, धर्म की स्वतंत्रता और सामाजिक समरसता के लिए सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनका साहस, बलिदान और उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

मुख्यमंत्री ने कह कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार सिख समाज के हितों की रक्षा तथा उनके धार्मिक स्थलों के विकास हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर, श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए पंजीकरण, वीर बाल दिवस की घोषणा, 1984 दंगा पीड़ितों को न्याय और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना जैसे निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्हें ऐतिहासिक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस को राज्यभर में भव्य रूप से मनाने हेतु दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का कार्य प्रगति पर है, जिससे श्रद्धालुओं को 45 मिनट में यात्रा सुलभ होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नाटक के आयोजकों और कलाकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मंचन के माध्यम से युवा पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास किया गया है। यह नाटक केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक सजीव प्रेरणा का स्रोत है।

नागथात में जुबिन नौटियाल के गीतों ने बिखेरा रंग, बोले-जब अपनों के बीच होता हूं, भावनाएं खुद-ब-खुद उमड़ पड़ती हैं…

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नागथात: जौनसार-बावर सांस्कृतिक पुनरुत्थान समिति के तत्वावधान में शनिवार को नागथात में स्व. महावीर सिंह चौहान ‘गुरुजी’ की स्मृति में 32वें वार्षिक लोक सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सुप्रसिद्ध बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल ने अपने गीतों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

मंच पर पहुंचते ही जुबिन का लोगों ने तालियों और नारों से जोरदार स्वागत किया। जुबिन ने मंच से कहा, कि मैं दुनिया के किसी भी कोने में चला जाऊं, लेकिन मेरी मातृभूमि जौनसार बावर हमेशा मेरे दिल के करीब रही है। यहां की संस्कृति, परंपराएं और लोकगीत मुझे बार-बार अपनी ओर खींच लाते हैं। जब मैं अपनों के बीच होता हूं, तो भावनाएं खुद-ब-खुद उमड़ पड़ती हैं।

इसके बाद जुबिन ने ‘झूरो लागी तेरी’, ‘मेरे घर राम आए हैं’, और ‘ओ ईजा’ जैसे अपने लोकप्रिय पहाड़ी गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हजारों की संख्या में मौजूद दर्शक उनके गीतों पर झूमते नजर आए और बार-बार उनसे फरमाइश करते रहे। जुबिन ने भी श्रोताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए एक के बाद एक गीत गाकर खूब तालियां बटोरीं।

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इस अवसर पर जुबिन नौटियाल ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय नागथात के चार स्टूडेंट्स वागीशा तोमर, प्रियांशी तोमर, विराट तोमर और अंशिका सिंह को 11-11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इन चारों ने सैनिक स्कूल की लिखित परीक्षा पास की है। जुबिन ने उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि बच्चों की प्रतिभा को मंच और मार्गदर्शन देना समाज की ज़िम्मेदारी है।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने इस अवसर पर कहा कि जौनसार बावर की जनता ने खत बहलाड़ क्षेत्र को हमेशा प्यार दिया है। जिला पंचातय अध्यक्ष बनाने और विधायक का चुनाव लड़ाने में भी जौनसार-बावर की जनता ने खूब समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोगों ने जुबिन को भी भरपूर स्नेह और आशीर्वाद दिया है।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और खेलकूद प्रतियोगिताओं ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। नागथात का यह महोत्सव न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का संदेश भी देता नजर आया।

इस भव्य आयोजन में पूर्व आईएएस कुलानंद जोशी, लोक सेवा अधिकरण के उपाध्यक्ष राजेंद्र चौहान, रुद्र सेना के संस्थापक राकेश उत्तराखंडी, रामराम एसोसिएट के संस्थापक देवेंद्र समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, अधिकारी और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

Uttarakhand : निर्माण कंपनी की गुंडागर्दी, युवक की पोकलैंड मशीन से हत्या, इलाके में आक्रोश

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पौड़ी : पौड़ी गढ़वाल जनपद में सतपुली-गुमखाल मार्ग पर निर्माण कार्य कर रही कंपनी श्री कल्याण शिवालिक इंफ्रा पर गंभीर आरोप लगे हैं। देर रात नोसिन डाडामंडी निवासी एक युवक सुमन देवरानी की पोकलैंड मशीन से कुचलकर हत्या कर दी गई। सतपुली थाना क्षेत्र के मल्ली गांव में सड़क चौड़ीकरण कार्य में लगे पोकलैंड मशीन चालक द्वारा युवक की निर्मम हत्या कर दी गई। आरोप है कि चालक ने मशीन के अगले हिस्से से युवक सुमन देवरानी के सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

सुमन डाडामंडी का निवासी था और सतपुली में फोटोग्राफर का काम करता था। घटना के समय वह गांव में आयोजित विवाह समारोह में शामिल होकर वापस सतपुली लौट रहा था। घटना के कई घंटे बाद भी पंचायतनामा नहीं बनने पर मृतक के स्वजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कोटद्वार के बेस चिकित्सालय के बाहर जाम लगा दिया। पुलिस ने वार्ता कर स्थिति को शांत कराया और जाम खुलवाया।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर श्री कल्याण शिवालिक इंफ्रा को रात के समय कार्य करने की अनुमति किसने दी? जब सार्वजनिक निर्माण कार्यों को लेकर दिन के समय ही तय मानदंड हैं, तो फिर रात के अंधेरे में मशीनें क्यों चलाई जा रही थीं?प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुमन देवरानी सोमवार रात को किसी काम से निर्माण स्थल के पास गया था। उसी दौरान कंपनी की पोकलैंड मशीन ने उसे कुचल दिया।

घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद कराने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है। सुमन देवरानी के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  परिजन चिकित्सालय में हत्यारोपी को उनके सामने लाने की मांग कर रहे हैं।

कौडियाला के पास सड़क हादसा, रोडवेज बस और कार की टक्कर में कई घायल

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ऋषिकेश के कौडियाला क्षेत्र में रविवार तड़के एक सड़क हादसे में रोडवेज बस और कार की आमने-सामने की टक्कर हो गई। दुर्घटना में कई लोग घायल हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब दिल्ली से गोपेश्वर जा रही उत्तराखंड रोडवेज की बस कौडियाला के पास पहुंची। इसी दौरान हरियाणा के यात्रियों से भरी एक कार गलत दिशा से आ गई और बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार दो से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों को तुरंत ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि बस में सवार अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।