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BIG BREAKING: पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट की रोक के बाद निर्वाचन आयोग ने स्थगित की नामांकन प्रक्रिया, सरकार को बड़ा झटका

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नैनीताल/देहरादून:  उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के आदेशों के अनुपालन में राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर एक बार फिर विराम लगा दिया है। आयोग ने दिनांक 21 जून 2025 को जारी अधिसूचना संख्या 1141/रा.नि.आ.-2/4324/2025 में निर्धारित 25 जून 2025 से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया सहित अन्य सभी चुनावी कार्यवाहियाँ अगले आदेश तक स्थगित कर दी हैं।

निर्वाचन आयोग की ओर से यह कदम उच्च न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अब पंचायत चुनाव से संबंधित कोई भी गतिविधि न्यायालय से स्पष्ट आदेश प्राप्त होने के बाद ही आगे बढ़ाई जाएगी।

बताया जा रहा है कि इस आदेश से पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे प्रशासनिक अमले और संभावित उम्मीदवारों को फिलहाल इंतज़ार करना पड़ेगा।

यमुनोत्री यात्रा भूस्खलन से बाधित, दो श्रद्धालु लापता, हजारों यात्री रास्ते में फंसे

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यमुनोत्री/उत्तरकाशी : यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले प्रमुख जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर सोमवार को भैरव मंदिर के समीप भारी भूस्खलन के चलते यात्रा मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। भूस्खलन में दो श्रद्धालुओं के लापता होने की खबर है, जिनकी तलाश के लिए राहत एवं बचाव दल मौके पर जुटा हुआ है। हालात को देखते हुए यमुनोत्री धाम की यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र बड़कोट, दुबाटा बैंड, गंगनानी, खरादी, पालीगाड़ समेत कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका गया है।

मार्ग खुलने का इंतजार
भूस्खलन के कारण सैकड़ों वाहन फंस गए हैं, जिनमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु कल से मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका है और किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचाव के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

भैरव मंदिर के पास पहाड़ी दरकने से यात्रा रोकी गई

प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका

SDM बोले – सुरक्षा सर्वोपरि
उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा रोकने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू टीम लगातार मलबा हटाने और लापता श्रद्धालुओं की खोजबीन में जुटी है।

वैकल्पिक मार्ग भी जोखिम भरा
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यमुनोत्री का वैकल्पिक पैदल मार्ग भंडेली गाड़ होकर जाने वाला ढाई किमी का रास्ता  भी काफी जोखिम भरा है। ऐसे में यात्रा मार्ग पूरी तरह से साफ होने तक किसी भी श्रद्धालु को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

श्रद्धालुओं से धैर्य और सहयोग की अपील
प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। मौसम की स्थिति और मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही यात्रा को पुनः शुरू किया जाएगा।

उत्तराखंड हाई कोर्ट से बड़ी खबर, पंचायत चुनाव पर बरकरार रहेगी रोक, अब कल होगी सुनवाई

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नैनीताल |  उत्तराखंड में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों पर फिलहाल रोक बनी रहेगी। नैनीताल हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से की गई ‘स्टे वेकेशन’ की मांग को लेकर तत्काल कोई राहत नहीं दी। अब इस मामले में अंतिम निर्णय बुधवार को होगा।

 

आज सरकार ने मामले को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष विशेष तौर पर मेंशन किया। खंडपीठ ने सभी संबंधित याचिकाओं को एक साथ जोड़ते हुए इस पर बुधवार को दोपहर में सुनवाई तय की है।

 

राज्य सरकार द्वारा बिना गजट अधिसूचना जारी किए पंचायत चुनाव की घोषणा किए जाने पर कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में आरक्षण व्यवस्था, महिलाओं, अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के आरक्षण के निर्धारण की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है।

 

हाईकोर्ट ने पिछले प्राथमिक रूप से याचिकाओं में उठाए गए सवालों को गंभीर मानते हुए पंचायत चुनावों पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इस आदेश को चुनौती देने और रोक हटवाने की मांग को लेकर सरकार ने ‘स्टे वेकेशन’ की अर्जी दाखिल की थी।

 

अब बुधवार को कोर्ट इस मामले में गहन सुनवाई करेगा। अगर कोर्ट सरकार की दलीलों से संतुष्ट हुआ तो पंचायत चुनावों की राह दोबारा खुल सकती है, अन्यथा चुनाव प्रक्रिया लंबी कानूनी उलझनों में फंस सकती है।

उत्तराखंड : नैनीताल हाईकोर्ट पर सबकी निगाहें, चुनाव होगा या बदल जाएगा पूरा कार्यक्रम

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देहरादून/नैनीताल : उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के दो दिन बाद ही सरकार को न्यायिक झटका लग गया है। नैनीताल हाईकोर्ट ने सोमवार को चुनाव प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी। यह रोक चुनाव में आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी नियमावली की अधिसूचना (गजट नोटिफिकेशन) जारी किए बिना ही चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने के कारण लगाई गई है।

आरक्षण प्रक्रिया को लेकर कई याचिकाएं

हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव की तैयारियों और आरक्षण प्रक्रिया को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। सोमवार को इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना पर रोक लगाते हुए चुनाव कार्यक्रम को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है।

चुनाव की अधिसूचना हुई थी जल्दबाज़ी में जारी

राज्य निर्वाचन आयोग ने बीते शनिवार को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी थी, जिसके तहत 25 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी थी और प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई थी। लेकिन आरक्षण नियमों को लेकर अभी तक गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया था, जो कि चुनाव प्रक्रिया का कानूनी और संवैधानिक हिस्सा होता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

आज होगी अहम सुनवाई, सरकार रखेगी पक्ष

मंगलवार 24 जून को इस मामले में हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई होनी है। जानकारी के अनुसार, पंचायती राज विभाग आज अदालत के समक्ष आरक्षण संबंधी गजट नोटिफिकेशन पेश कर सकता है और चुनाव की अनुमति मांगेगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि आयोग अभी हाईकोर्ट के लिखित आदेश की प्रति का इंतजार कर रहा है। आदेश प्राप्त होते ही उसके अनुरूप ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या होगा असर?

यदि अदालत द्वारा स्थगन आदेश को यथावत रखा जाता है, तो पंचायत चुनाव की पूरी समय-सारणी प्रभावित होगी। वहीं गजट नोटिफिकेशन के आधार पर यदि कोर्ट से चुनाव की अनुमति मिलती है, तो आयोग को नए सिरे से चुनाव कार्यक्रम घोषित करना पड़ सकता है।

सरकार की तैयारी पहले से रही सवालों के घेरे में

पंचायत चुनाव को लेकर धामी सरकार की तैयारी पहले दिन से ही विवादों में रही है। आरक्षण को लेकर स्पष्ट नियमों के अभाव में कई जिलों से आपत्तियां उठाई गई थीं। अब जब मामला न्यायालय में पहुंचा है, तो सरकार और आयोग दोनों पर चुनाव की पारदर्शिता और वैधानिकता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

उत्तराखंड में बदला मौसम, बारिश शुरू, कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

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देहरादून : उत्तराखंड में मानसून ने धीरे-धीरे अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई पर्वतीय अंचलों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पहाड़ों से गिरते मलबे और बोल्डरों ने संपर्क मार्गों को बाधित कर दिया है, जिससे आवागमन कर रहे लोगों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है।

ऑरेंज और येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषकर बागेश्वर जनपद में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

इन जिलों में बरस सकते हैं बादल

देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, देहरादून और ऊधम सिंह नगर जिलों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार और अन्य जिलों में भी भारी बारिश के आसार हैं।

तेज हवाओं का भी अलर्ट

राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

देहरादून में हल्की से मध्यम बारिश 

देहरादून में आज आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। एक-दो दौर की हल्की से मध्यम बारिश गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गयी है।

गर्मी से राहत

हाल ही में हुई बारिश से देहरादून समेत मैदानी इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और मार्ग बाधित होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

उत्तराखंड : पंचायत चुनाव अधिसूचना पर आज होगा बड़ा फैसला, हाईकोर्ट के आदेश के बाद संशय में नामांकन प्रक्रिया

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देहरादून : उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना अब संशय के घेरे में आ गई है। बीते शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई चुनाव अधिसूचना पर आज मंगलवार को अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह निर्णय सोमवार को नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा दिए गए स्थगन आदेश के आलोक में लिया जाएगा।

25 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी थी

आयोग की अधिसूचना के अनुसार 25 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी थी और इसके साथ ही प्रदेशभर में आदर्श आचार संहिता भी प्रभावी हो गई थी। लेकिन सोमवार को हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में आरक्षण से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया।

आयोग हाईकोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा में

सोमवार देर शाम तक राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी हाईकोर्ट के लिखित आदेश की प्रति प्राप्त होने का इंतजार करते रहे। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि आयोग अपने अधिवक्ताओं के संपर्क में है, लेकिन अभी तक कोर्ट का आदेश आधिकारिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ है।

आयोग अगली कार्यवाही करेगा

जैसे ही आदेश की प्रति मिलेगी, उसके आधार पर आयोग अगली कार्यवाही करेगा। यदि आयोग आज अधिसूचना को स्थगित करने का निर्णय लेता है, तो राज्य में लागू आदर्श आचार संहिता भी आगामी आदेश तक निलंबित मानी जाएगी।

शुरू से रही तैयारी सवालों के घेरे में

गौरतलब है कि पंचायत चुनाव को लेकर इस बार तैयारियां शुरू से ही विवादों में रही हैं। आरक्षण व्यवस्था को लेकर कई याचिकाएं अदालत में दाखिल की गई थीं, जिससे चुनाव कार्यक्रम की वैधता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठे।

क्या है आगे का रास्ता?

अब सभी की नजरें मंगलवार को आयोग के फैसले पर टिकी हैं। यदि अधिसूचना स्थगित की जाती है, तो राज्य में पंचायत चुनाव की पूरी समय-सीमा पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। वहीं, आरक्षण से संबंधित विवाद के हल होने तक चुनाव कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सकता है।

उत्तराखंड : यमुनोत्री पैदल मार्ग पर फिर शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान, मलबे में अब भी दो लोगों के दबे होने की आशंका

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उत्तरकाशी :  यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान सोमवार को जानकीचट्टी—नौकैंची पैदल मार्ग पर अचानक हुए भूस्खलन ने कहर बरपा दिया। तेज बारिश के बाद आए भारी मलबे और बोल्डरों की चपेट में आने से कई लोग खाई में जा गिरे। राहत-बचाव दल द्वारा सोमवार देर शाम तक एक 12 वर्षीय किशोरी और एक पुरुष का शव बरामद किया गया, जबकि एक घायल युवक को जानकीचट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है।

घायल युवक की पहचान मुंबई निवासी रशिक के रूप में हुई है, जिनके सिर और हाथ पर चोटें आई हैं, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले किशोरी और पुरुष की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है।

बारिश ने रोका राहत कार्य, सुबह दोबारा शुरू हुआ अभियान

सोमवार रात करीब 9 बजे तेज बारिश शुरू होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा। प्रशासन के अनुसार, मलबे में एक से दो और लोगों के दबे होने की आशंका है। मंगलवार सुबह मौसम साफ होते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने दोबारा बचाव कार्य शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं और राहत दल सतर्कता के साथ कार्य में जुटा है।

भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन हाई अलर्ट प

मौसम विभाग ने राज्य में 26 जून तक भारी वर्षा की चेतावनी दी है, खासकर देहरादून, नैनीताल, टिहरी और चंपावत जिलों में। यूएसडीएमए के अंतर्गत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों के डीएम को पत्र जारी कर सतर्कता बरतने और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

यमुनोत्री पैदल मार्ग पर लैंडस्लाइड, यात्रियों के दबे होने की आशंका, एक को सुरक्षित निकाला

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उत्तरकाशी। पहाड़ों में मानसून की पहली बारिश ने ही अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सोमवार दोपहर जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर नौ कैंची के पास भयानक भूस्खलन की घटना सामने आई है, जिसमें कई यात्रियों के मलबे में दबने की सूचना है। हालांकि, इसकी आब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब तक एक को सुरक्षित निकाल  लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए एक यात्री को मलबे से सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए पीएचसी जानकीचट्टी भेजा है। अन्य यात्रियों की तलाश में बचाव अभियान जारी है।

जानकीचट्टी पुलिस चौकी प्रभारी गंभीर सिंह तोमर ने बताया कि जैसे ही घटना की सूचना मिली, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। फिलहाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से यात्रा मार्ग पर आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि रास्ता साफ होने और स्थिति सामान्य होने तक यात्रियों की आवाजाही पर रोक बनी रहेगी। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

बिग ब्रेकिंग: त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों पर हाईकार्ट की रोक के बाद सचिव का बयान, ये है सरकार की तैयारी

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देहरादून। पंचायत चुनावों को लेकर प्रदेश भर की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी बीच सचिव पंचायतीराज चंद्रेश कुमार ने सोमवार को एक अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था से संबंधित नियमावली 2025 की अधिसूचना प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है।

सचिव ने स्पष्ट किया कि माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा वर्तमान में पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया पर अंतरिम आदेश (स्थगन) जारी किया गया है, जिसकी पूरी तरह से अनुपालना की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अदालत के आदेशों का सम्मान करते हुए सभी आवश्यक दस्तावेज और नियमावली समय से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

सचिव चंद्रेश कुमार के अनुसार, आरक्षण नियमावली की अधिसूचना की प्रति इस समय प्रिंटिंग के लिए राजकीय प्रेस, रुड़की में तैयार की जा रही है, जिसे शीघ्र प्रकाशित कर उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसका उद्देश्य न्यायालय को स्थिति से अवगत कराना और पंचायत चुनावों के लिए उचित मार्गदर्शन प्राप्त करना है।

उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार पंचायतीराज व्यवस्था को संविधान और कानून के अनुसार पूरी गरिमा के साथ संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में जब तक उच्च न्यायालय से कोई अंतिम आदेश प्राप्त नहीं होता, तब तक चुनावों की प्रक्रिया में कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्र के लाखों मतदाताओं के लिए यह खबर बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि पंचायत चुनावों की समयसीमा और तैयारियों पर इस निर्णय का सीधा असर पड़ रहा है। अब सभी की निगाहें उच्च न्यायालय के आगामी निर्देशों पर टिकी हैं।

उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट की रोक: आरक्षण नियमावली में खामियों के कारण फैसला

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नैनीताल : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर रोक लगा दी है। आरक्षण रोटेशन प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला लिया गया। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने आरक्षण नियमावली को गलत पाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया। कोर्ट ने पहले ही सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था, लेकिन सरकार जवाब देने में नाकाम रही। इसके बावजूद सरकार ने चुनाव तिथि घोषित कर दी, जिसे कोर्ट ने गलत माना और पूरी चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी।

याचिका में क्या कहा गया?

बागेश्वर निवासी गणेश दत्त कांडपाल और अन्य ने याचिका दायर कर सरकार के 9 जून 2025 के आदेश को चुनौती दी, जिसमें नई आरक्षण नियमावली बनाई गई थी। साथ ही 11 जून के आदेश में पुराने आरक्षण रोटेशन को शून्य घोषित कर नया रोटेशन लागू करने का निर्णय लिया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस आदेश से पिछले तीन कार्यकाल से आरक्षित सीटें चौथे कार्यकाल में भी आरक्षित कर दी गईं, जिससे वे चुनाव में हिस्सा नहीं ले पा रहे।

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने 9 जून के नियमों को खंडपीठ में चुनौती दी, जबकि एकलपीठ में केवल 11 जून के आदेश को चुनौती दी गई। सरकार ने बताया कि समान मामले एकलपीठ में भी लंबित हैं।

चुनाव का कार्यक्रम

राज्य निर्वाचन आयोग ने 21 जून को अधिसूचना जारी कर हरिद्वार को छोड़कर 12 जिलों में चुनाव की घोषणा की थी। 25 से 28 जून तक नामांकन, 29 जून से 1 जुलाई तक नामांकन पत्रों की जांच, 2 जुलाई को नाम वापसी, 3 जुलाई को चुनाव चिन्ह आवंटन, 10 जुलाई को पहला चरण, 15 जुलाई को दूसरा चरण और 19 जुलाई को मतगणना का कार्यक्रम था।