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खूंखार कुत्तों पर नकेल कसने की तैयारी, इस राज्य बनने वाला है सख्त कानून 

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गोवा : देश में पालतू कुत्तों के हमलों के बढ़ते मामलों के बीच अब राज्य सरकारें सतर्क हो गई हैं। गोवा सरकार ने पिटबुल और रॉटवीलर जैसी खतरनाक नस्लों पर सख्त रुख अपनाते हुए इन्हें प्रतिबंधित करने वाला विधेयक लाने का निर्णय लिया है। यह विधेयक आगामी 21 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में गोवा विधानसभा में पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की है कि कैबिनेट ने इस कानून को मंजूरी दे दी है, जिसमें इन खूंखार नस्लों की खरीद, बिक्री और प्रजनन पर पूरी तरह से रोक लगाने का प्रावधान है। कानून के उल्लंघन पर तीन महीने की जेल, ₹50,000 तक का जुर्माना और सामुदायिक सेवा की सजा भी प्रस्तावित है।

लोगों की मांग पर सरकार सक्रिय

फरवरी में राज्य में हुए कुत्तों के हमलों के मामलों के बाद आम जनता की ओर से इन नस्लों को बैन करने की मांग उठी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘पशु प्रजनन और घरेलू विनियमन एवं क्षतिपूर्ति अधिनियम 2024’ में संशोधन कर यह फैसला लिया है।

सरकार अब ऐसी नस्लों को ‘खतरनाक’ घोषित करने से पहले 15 दिनों का सार्वजनिक नोटिस देगी, जिसमें जनता से सुझाव और आपत्तियाँ ली जाएंगी। इसके बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी।

उत्तराखंड में भी उठी मांग

इधर, उत्तराखंड में भी हाल के महीनों में पालतू और आवारा कुत्तों द्वारा बच्चों और बुजुर्गों पर हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं। देहरादून, हल्द्वानी और रुद्रपुर जैसे शहरों में पिटबुल और रॉटवीलर नस्लों के कुत्तों द्वारा हमले की शिकायतें मिली हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से इन खतरनाक नस्लों पर कानून लाने की मांग की है।

हाल ही में राजपुर क्षेत्र में एक पिटबुल द्वारा एक बुजुर्ग महिला को गंभीर रूप से घायल कर देने की घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया। नैनीताल में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। नगर निगम और पशुपालन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं कि क्या इन नस्लों का पंजीकरण और निगरानी सही से हो रही है?

क्या उत्तराखंड भी गोवा की राह चलेगा?

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उत्तराखंड सरकार गोवा की तरह कदम उठाती है या नहीं। जानकारों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों और छोटे कस्बों में ऐसे हमलों का रिस्क और ज़्यादा है क्योंकि वहां न तो ट्रेन्ड वेटरनरी सिस्टम है, न ही इन नस्लों को नियंत्रित करने की तैयारी।

 

कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैफे पर फायरिंग, मुंबई पुलिस पहुंची उनके घर, सुरक्षा जांच तेज़

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मुंबई/सरे :  लोकप्रिय कॉमेडियन और टीवी होस्ट कपिल शर्मा के कनाडा स्थित रेस्टोरेंट ‘कैप्स कैफे’ पर बुधवार रात को फायरिंग की सनसनीखेज घटना हुई है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति कार से रेस्टोरेंट पर कई राउंड फायर करता दिखाई दे रहा है।

यह घटना ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में हुई, जहां शर्मा का नया कैफे हाल ही में, 4 जुलाई को ही खोला गया था। स्थानीय पुलिस Surrey Police Service (SPS) ने जानकारी दी कि उन्हें गुरुवार तड़के 1:50 बजे कॉल मिली थी। हालांकि गोलीबारी में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

इस घटना की खबर भारत में कपिल शर्मा के प्रशंसकों के बीच चिंता का कारण बनी, जिसके बाद मुंबई पुलिस भी हरकत में आ गई। शुक्रवार को पुलिस की एक टीम ओशिवारा इलाके में स्थित कपिल शर्मा के घर पहुंची।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य हास्य कलाकार के पते की पुष्टि करना था। अधिकारी ने बताया, “कनाडा में उनके रेस्टोरेंट पर गोलीबारी की सूचना के बाद हमारी टीम डीएलएच एन्क्लेव बिल्डिंग पहुंची। पता सत्यापित करने के बाद टीम वहां से लौट गई। न तो सुरक्षा में इजाफा किया गया और न ही कपिल शर्मा का बयान दर्ज किया गया है।”

वहीं, कनाडा पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह फायरिंग किसी आपराधिक गिरोह की धमकी का हिस्सा हो सकती है।कपिल शर्मा की ओर से अब तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है।

कपिल शर्मा का यह कैफे ‘Caps Café’ 4 जुलाई को कनाडा के सरे में लॉन्च किया गया था, जिसे उन्होंने अपने करियर का एक नया अध्याय बताया था। उनका यह नया वेंचर प्रवासी भारतीयों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा था। फायरिंग की यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है—क्या यह कोई रैकेट है, या स्थानीय आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा कोई मामला?

टेकऑफ के सेकेंड भर बाद दोनों इंजन बंद: अहमदाबाद एयर क्रैश की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

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अहमदाबाद :  एअर इंडिया के बोइंग ड्रीमलाइनर विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन (गैटविक) जा रही फ्लाइट VT-ANB के क्रैश में 260 लोगों की मौत हुई थी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि टेकऑफ के महज कुछ सेकेंड बाद दोनों इंजन अचानक बंद हो गए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, विमान पहले से निर्धारित टेकऑफ ऊंचाई तक पहुंच चुका था, लेकिन इसी दौरान दोनों इंजन ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ मोड में चले गए, जिससे फ्यूल सप्लाई बंद हो गई। हैरानी की बात यह है कि कॉकपिट में पायलट और को-पायलट के बीच हुई बातचीत में किसी ने भी फ्यूल कटऑफ स्विच बंद करने की जिम्मेदारी नहीं ली।

हादसे की मुख्य बातें:

  • विमान: बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, पंजीकरण संख्या VT-ANB.
  • तारीख और समय: 12 जून 2025, दोपहर 1:39 बजे (IST).
  • उड़ान मार्ग: अहमदाबाद से लंदन गैटविक
  • मृतक संख्या: कुल 260, जिनमें 229 यात्री, 12 क्रू सदस्य और 19 जमीन पर मौजूद लोग शामिल.
  • घायल: एक यात्री गंभीर रूप से घायल
  • स्थान: विमान टेकऑफ के बाद BJ मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकराया.
  • विमान की उम्र: 2012 में निर्मित, GE GENx-1B इंजन लगे थे.

तकनीकी बिंदु

रिपोर्ट में बताया गया कि उड़ान से पहले विमान की नियमित जांच हुई थी और उसमें कोई गंभीर तकनीकी खराबी नहीं पाई गई थी। टेकऑफ के दो मिनट बाद पायलट द्वारा ‘MAYDAY’ कॉल दी गई, जो आपात स्थिति की घोषणा होती है। पायलटों ने इंजन दोबारा चालू करने का प्रयास किया, लेकिन एक इंजन चालू नहीं हो पाया।

ब्लैक बॉक्स का डेटा

दो फ्लाइट रिकॉर्डर में से एक से 46 घंटे की फ्लाइट डेटा और 2 घंटे की कॉकपिट ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई है। दूसरा रिकॉर्डर क्षतिग्रस्त होने के कारण उपयोग नहीं हो सका।

जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग

भारत की AAIB के साथ-साथ अमेरिका (NTSB), ब्रिटेन (AAIB-UK), कनाडा और पुर्तगाल के विशेषज्ञ इस हादसे की विस्तृत जांच में शामिल हैं।

सवाल अब भी बाकी

रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दोनों इंजन अचानक कैसे बंद हो गए। क्या यह तकनीकी खराबी थी या मानवीय त्रुटि? यह जांच का अगला अहम हिस्सा होगा।

निर्वाचन आयोग को हाईकोर्ट से झटका, कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग ने सरकार के दबाव में लिया गलत फैसला

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देहरादून। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल के फैसले ने राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के आदेश पर रोक लगाकर बड़ा संदेश दे दिया है। अदालत ने उन मतदाताओं को चुनाव लड़ने की अनुमति देने के निर्णय को खारिज कर दिया, जिनके नाम नगरीय और पंचायत दोनों क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज थे। यह आदेश पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के विरुद्ध पाया गया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आयोग ने भाजपा के इशारे पर काम करते हुए गलत आदेश जारी किया, जिसका खामियाजा उसे अदालत में भुगतना पड़ा।

उन्होंने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि कांग्रेस पहले ही इस मुद्दे को लेकर सतर्क थी। पार्टी अध्यक्ष करण माहरा के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य निर्वाचन आयोग से मिला था और दोहरी मतदाता सूची वाले व्यक्तियों को चुनाव लड़ने की अनुमति न देने की मांग की थी।

धस्माना ने आरोप लगाया कि आयोग ने इस गंभीर आपत्ति को हल्के में लिया और भाजपा के दबाव में आकर ऐसे लोगों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी, जिससे स्पष्ट होता है कि आयोग निष्पक्ष नहीं रहा। उन्होंने कहा कि आयोग के कई अधिकारी “भाजपा के एजेंट” की तरह काम कर रहे हैं।

अब जब हाईकोर्ट ने इस निर्णय पर रोक लगा दी है, कांग्रेस इसे लोकतंत्र की जीत और असंवैधानिक फैसलों पर करारा तमाचा मान रही है।

उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र 19 से 22 अगस्त तक भराड़ीसैंण में होगा आयोजित

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देहरादून। उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का वर्ष 2025 का मानसून द्वितीय सत्र आगामी 19 अगस्त से 22 अगस्त, 2025 तक भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधान सभा भवन में आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग ने आधिकारिक जानकारी जारी की है।

विभाग के अनुसार, अधिवेशन आयोजित करने के लिए समय, तिथि और स्थान तय करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के अनुमोदन हेतु मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। कैबिनेट द्वारा मुख्यमंत्री को इस संबंध में अधिकृत किए जाने के पश्चात, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधान सभा का मानसून (वर्षाकालीन) सत्र भराड़ीसैंण में आहूत करने की संस्तुति प्रदान की।

प्रमुख सचिव विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, धनंजय चतुर्वेदी द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि विधान सभा सचिवालय को अधिवेशन की तैयारियों के संबंध में सूचित कर दिया गया है, ताकि समुचित व्यवस्थाएं की जा सकें। साथ ही सूचना एवं जन संपर्क विभाग को भी आवश्यक प्रचार-प्रसार एवं कार्यवाही हेतु प्रतिलिपि प्रेषित कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया है और भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में सत्रों के आयोजन को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। आगामी वर्षाकालीन सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और नीतिगत विषयों पर चर्चा कर सकती है।

उत्तराखंड : हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दो जगह नाम वाले नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

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देहरादून। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उन मतदाताओं और प्रत्याशियों को मतदान और चुनाव लड़ने की अनुमति देने से संबंधित निर्देशों पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिनके नाम नगर निकाय और ग्राम पंचायत दोनों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। कोर्ट ने इसे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और पंचायत राज अधिनियम के विरुद्ध माना है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने गढ़वाल निवासी शक्ति सिंह बर्त्वाल की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका में यह सवाल उठाया गया था कि राज्य में 12 जिलों में हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में कई प्रत्याशियों के नाम नगर निकाय और ग्राम पंचायत दोनों जगह की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं, जो कि न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

याचिका में यह भी बताया गया कि अलग-अलग ज़िलों में रिटर्निंग अधिकारियों ने इस विषय में अलग-अलग निर्णय लिए हैं। कुछ प्रत्याशियों के नामांकन रद्द कर दिए गए, जबकि कुछ को नामांकन की अनुमति दी गई, जिससे चुनाव प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न हो गई।

राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में 6 जुलाई 2025 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जबकि इससे पहले 2019 में भी जिला निर्वाचन अधिकारियों को ऐसे मामलों में दिशा-निर्देश दिए गए थे। परंतु याचिकाकर्ता के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट रूप से इस स्थिति को लेकर न ही कोई सख्त कदम उठाया और न ही पंचायत राज अधिनियम की धारा 9 की उप-धारा 6 और 7 का पालन सुनिश्चित किया।

शिकायतकर्ता शक्ति सिंह बर्त्वाल ने इससे पहले 7 और 8 जुलाई को आयोग को पत्र भेजकर अनुरोध किया था कि दोहरी मतदाता सूची में शामिल लोगों को मतदान और नामांकन से रोका जाए, लेकिन जवाब से असंतुष्ट होकर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।

125 किलो विस्फोटक बरामद, हिमाचल प्रदेश के तीन आरोपी गिरफ्तार

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देहरादून : राजधानी देहरादून के त्यूणी क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक ऑल्टो कार से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

घटना के अनुसार, त्यूणी पुलिस द्वारा की जा रही नियमित चेकिंग के दौरान HP 09C 9788 नंबर की एक ऑल्टो कार को रोका गया। जब वाहन की तलाशी ली गई, तो उसमें पांच पेटियों में भरा लगभग 125 किलोग्राम डायनामाइट, दो डिब्बे डिटोनेटर, एक रोल लाल रंग की तार और एक बंडल आसमानी रंग की बत्ती बरामद हुई।

जब वाहन सवारों से इस विस्फोटक सामग्री के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना त्यूणी में मुअसं0 19/2025, धारा 3/7 विस्फोटक अधिनियम 1884 के अंतर्गत मामला दर्ज किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  • रिंकू पुत्र पानू राम, ग्राम बलंग, थाना ठियोग, जिला शिमला, उम्र 37 वर्ष

  • रोहित पुत्र बिशन सिंह, ग्राम रोणाहाट, थाना सिलाई, जिला सिरमौर, उम्र 19 वर्ष

  • सुनील पुत्र केवल राम, ग्राम सैडोली, थाना कोटखाई, जिला शिमला, उम्र 38 वर्ष

बरामदगी का विवरण:

  • 5 पेटी डायनामाइट (कुल वजन लगभग 125 किलोग्राम)

  • 2 डिब्बे डिटोनेटर

  • 1 रोल लाल रंग की तार

  • 1 बंडल आसमानी रंग की बत्ती

पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और इसका उद्देश्य क्या था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।

“ऑपरेशन कालनेमि”: आस्था के नाम पर पाखंड करने वालों पर सख्ती, मुख्यमंत्री धामी बने सनातन के सजग प्रहरी

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देवभूमि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वे न केवल एक कुशल प्रशासक हैं, बल्कि सनातन धर्म के सच्चे रक्षक भी हैं। कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन से ठीक पहले मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशभर में सक्रिय ढोंगी, फर्जी और छद्म भेषधारियों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि शुरू करने के निर्देश देकर अपनी धर्मरक्षक छवि को और भी मजबूत कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धार्मिक भेष में जनता को ठगने वाले, विशेष रूप से महिलाओं को निशाना बनाने वाले फर्जी साधु-संतों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह निर्णय ऐसे समय पर लिया गया है जब कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड में हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ी जनपदों में पहुंचते हैं। इस दौरान कुछ छद्म भेषधारी धार्मिक चोगा पहनकर आम जनता को ठगने का कार्य करते हैं। जिससे धार्मिक भावनाएं सीधे तौर पर आहत होती हैं।

ऐसे में सीएम धामी का “ऑपरेशन कालनेमि” धर्म के प्रति विश्वास को मजबूत करता है। सीएम धामी का साफ तौर पर कहना है कि आस्था और सुरक्षा दोनों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इस पर कार्य प्रारंभ कर दिया है।  मुख्यमंत्री धामी ने कहा “जिस प्रकार त्रेता युग में असुर ‘कालनेमि’ ने साधु का भेष धारण कर भ्रमित करने का प्रयास किया था, वैसे ही आज समाज में अनेक कालनेमि सक्रिय हैं। ऐसे छद्म भेषधारियों को उजागर कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म या संप्रदाय से संबंधित व्यक्ति यदि धार्मिक भेष का दुरुपयोग कर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करता है, तो उस पर कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई होगी। उत्तराखंड सरकार जनभावनाओं, सनातन संस्कृति की गरिमा और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन कालनेमि न केवल उत्तराखंड में आस्था के नाम पर चल रहे पाखंड पर प्रहार है, बल्कि यह संदेश भी है कि देवभूमि में अब धर्म का अपमान नहीं सहा जाएगा।

इस निर्णय ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उस धार्मिक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित किया है जो आस्था की रक्षा के लिए न सिर्फ सजग है, बल्कि निर्णायक भी है। कांवड़ यात्रा से पहले लिया गया यह निर्णय श्रद्धालुओं में विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

देहरादून पुलिस का नशे के खिलाफ बड़ा अभियान, स्लम इलाकों में छापेमारी कर कई संदिग्ध हिरासत में

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देहरादून। राजधानी देहरादून में नशा तस्करी की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शुक्रवार को शहर की स्लम बस्तियों और मलीन क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर की गई।

शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस, पीएसी बल और डॉग स्क्वॉड की संयुक्त टीमें तैनात रहीं। चेकिंग अभियान के तहत नेहरू कॉलोनी क्षेत्र की सपेरा बस्ती से 23 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, प्रेमनगर क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन पर 25 लोगों के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान किया गया और ₹3,250 का जुर्माना वसूला गया।

विकासनगर के कुंजा ग्रांट इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्र में फैले भांग के पौधों को नष्ट कर दिया। यह अभियान कोतवाली नगर के अंतर्गत आने वाले मद्रासी कॉलोनी, त्यागी रोड, चक्कूवाला, नेहरू कॉलोनी के मोथरोवाला, रायपुर के शांति विहार, प्रेमनगर के दशहरा ग्राउंड और विकासनगर के कुंजा ग्रांट क्षेत्र में चलाया गया।

पुलिस ने स्निफर डॉग्स की मदद से संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी ली। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि मलीन बस्तियों को नशामुक्त किया जा सके और नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

उत्तराखंड: मौसम विभाग का येलो अलर्ट, इन जिलों में होगी भारी बारिश

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देहरादून: प्रदेश में मानसूनी बारिश ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। रास्ते बंद हो रहे हैं, नदियां-नाले उफान पर हैं और आम जनजीवन संकट में फंसा नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने एक बार फिर राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश की चेतावनी दी है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, राज्य के पर्वतीय जिलों में अनेक स्थानों पर जबकि अन्य जिलों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। खासतौर पर देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनज़र इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

देहरादून में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, यहां हल्की से मध्यम बारिश गरज और चमक के साथ हो सकती है। लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और संपर्क मार्गों के बाधित होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई ग्रामीण इलाके बाहरी दुनिया से कट गए हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर जगह-जगह मलबा गिरने से चारधाम यात्रा भी प्रभावित हो रही है।

चारधाम यात्रा में अड़चनों के चलते पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें लगातार सतर्क हैं और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने व उनकी सहायता के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के किनारे न जाएं। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सतर्क रहें।