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उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025: 3,382 नामांकन निरस्त, 58,814 प्रत्याशी मैदान में; दो करोड़ से अधिक की अवैध नकदी-शराब जब्त

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देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का शोर अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि कुल 63,509 नामांकनों में से 3,382 को निरस्त किया गया है, जबकि 1,313 उम्मीदवारों ने स्वेच्छा से अपना नाम वापस ले लिया है।

इसके बाद अब 58,814 प्रत्याशी चुनावी समर में डटे हुए हैं। शनिवार दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की अंतिम समयसीमा तय की गई है, जिसके बाद साफ हो जाएगा कि किन पदों पर कितने उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए जाएंगे और किन सीटों पर कड़ा मुकाबला होगा।

इस बार का चुनाव खास इसलिए भी है क्योंकि मैदान में उतरी महिला प्रत्याशियों की संख्या कुल उम्मीदवारों का 59 प्रतिशत है, जो स्थानीय लोकतंत्र में महिला भागीदारी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

इधर, चुनावी सरगर्मी के बीच पुलिस और आबकारी विभाग की सक्रियता भी रंग दिखा रही है। अब तक दो करोड़ से अधिक की अवैध नकदी, शराब, मादक पदार्थ और कीमती धातु जब्त की जा चुकी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से जुटी हैं।

अब निगाहें 14 जुलाई को होने वाले चुनाव चिह्न आवंटन और 24 जुलाई को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं। ग्रामीण सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी, यह फैसला अब जनता के हाथों में है।

महिला शक्ति का दबदबा

इस बार पंचायत चुनाव में महिला प्रत्याशियों की भागीदारी ने नया कीर्तिमान रच दिया है। कुल प्रत्याशियों में 59 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो ग्रामीण सत्ता में महिलाओं की मज़बूत दस्तक का संकेत दे रही हैं।

पंचायत चुनाव की सख्ती के बीच पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई भी जारी है। पुलिस ने अब तक 3.29 किलो मादक पदार्थ, 0.3915 किलो कीमती धातु, और 4.22 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। आबकारी विभाग ने 1.14 हजार लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद की है, जिसकी कीमत लगभग 6.41 लाख रुपये आंकी गई है। कुल मिलाकर 2 करोड़ 1 लाख 51 हजार 924 रुपये की अवैध नकदी, शराब और मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं।

जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, चुनावी माहौल में सरगर्मी बढ़ती जा रही है। निर्वाचन आयोग की सक्रियता और पुलिस-प्रशासन की निगरानी इस बार पंचायत चुनाव को और अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने की ओर बढ़ रही है। अब देखना यह है कि 24 जुलाई को किसे गांव की सत्ता का जनादेश मिलता है।

कांवड़ यात्रा 2025: देहरादून से दिल्ली-हरिद्वार समेत कई शहरों के लिए रूट डायवर्ट, जानिए नया रूट प्लान

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देहरादून | कांवड़ यात्रा 2025 का आगाज हो चुका है, और इसके मद्देनज़र देहरादून से बाहर जाने वाले वाहनों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने 11 जुलाई से 23 जुलाई तक कई मार्गों को डायवर्ट कर दिया है। यात्रा के दौरान भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

देहरादून से दिल्ली, हरिद्वार, सहारनपुर, हल्द्वानी, पौड़ी, टिहरी, यमुनोत्री और गंगोत्री जाने वाले रूटों को अस्थायी रूप से बदला गया है। साथ ही, डाक कांवड़ के दौरान (20 से 23 जुलाई) कुछ अतिरिक्त बदलाव भी लागू रहेंगे।

11 जुलाई से 19 जुलाई तक के रूट डायवर्जन:

▶️ दिल्ली जाने वाले वाहन

आईएसबीटी से छुटमलपुर – देवबंद – रामपुर तिराहा – मेरठ होकर गुजरेंगे।

▶️ हरिद्वार जाने वाले वाहन

रिस्पना पुल से जोगीवाला – नेपाली फार्म होकर जाएंगे।

▶️ सहारनपुर जाने वाले वाहन

छुटमलपुर होते हुए आगे बढ़ेंगे।

▶️ हल्द्वानी/नैनीताल/कुमाऊं

रिस्पना – जोगीवाला – नेपाली फार्म – हरिद्वार – नजीबाबाद होकर जाएंगे।

▶️ पौड़ी/रुद्रप्रयाग/चमोली

रिस्पना – जोगीवाला – भानियावाला – रानीपोखरी – ऋषिकेश – तपोवन – श्रीनगर होकर वाहन चलेंगे।

▶️ टिहरी/उत्तरकाशी

मसूरी – सुआखोली – धनोल्टी – चंबा मार्ग से जाएंगे।

▶️ यमुनोत्री/गंगोत्री

शिमला बाईपास – धूलकोट – विकासनगर – नैनबाग – नौगांव – बड़कोट रूट रहेगा।

20 से 23 जुलाई: डाक कांवड़ स्पेशल डायवर्जन:

▶️ दिल्ली जाने वाले वाहन

आईएसबीटी – छुटमलपुर – सहारनपुर – शामली – बागपत या

छुटमलपुर – सहारनपुर – सरसावा – करनाल – सोनीपत होकर निकल सकेंगे।

▶️ हल्द्वानी/नैनीताल/कुमाऊं

रिस्पना – जोगीवाला – भानियावाला – रानीपोखरी – मनि इच्छा मंदिर तिराहा – गुजराड़ा – नरेंद्रनगर – पुरानी टिहरी रोड – टिहरी डेम – टिपरी – जाखणीधार – पोखाल – दुगड्डा – मलेथा – श्रीनगर – कर्णप्रयाग।

या

पौड़ी – सतपुली – कोटद्वार – नजीबाबाद रूट से भी जा सकेंगे।

▶️ टिहरी/उत्तरकाशी और यमुनोत्री/गंगोत्री के लिए

पूर्ववत मार्ग (मसूरी, सुआखोली, चंबा या शिमला बाईपास – विकासनगर – बड़कोट) से आवाजाही होगी।

सावधानी ज़रूरी

ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि यात्रा से पहले रूट की जानकारी अवश्य लें और निर्देशों का पालन करें। भीड़-भाड़ से बचने और समय की बचत के लिए तय वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।

हरिद्वार में तैनात होंगे 4000 जवान

हरिद्वार को यात्रा के दौरान 16 सुपर ज़ोन, 37 ज़ोन और 134 सेक्टरों में बांटा गया है। चार हज़ार पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में कोई चूक न हो।

बिहार में मतदाता सूची संशोधन : SC ने चुनाव आयोग से आधार, राशन कार्ड और वोटर ID को मान्यता देने पर विचार करने को कहा

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नई दिल्ली : बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कड़े सवाल उठाए और आयोग से आधार कार्ड, राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र को वैध दस्तावेज के रूप में शामिल करने पर गंभीरता से विचार करने को कहा। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि “न्याय के हित में ECI को उन दस्तावेजों पर भी विचार करना चाहिए जो नागरिक की पहचान और निवास प्रमाण के रूप में स्वीकार्य हैं।”

कोर्ट ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान जस्टिस धूलिया ने टिप्पणी करते हुए कहा, “अगर मतदाता सूची में नागरिकता की जांच करनी थी, तो यह काम पहले शुरू करना चाहिए था। अब चुनाव के कुछ महीने पहले यह संशोधन लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार करने जैसा है।”

पीठ ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में संशोधन चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है, और इसे रोका नहीं जा सकता, लेकिन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता भी उतनी ही जरूरी है।

ECI का बचाव और आधार पर बहस

चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने तर्क दिया कि आधार कार्ड, पहचान के लिए मान्य हो सकता है, लेकिन नागरिकता का प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य योग्य मतदाताओं को जोड़ना और अपात्रों को हटाना है, न कि किसी वर्ग को बाहर करना।”

द्विवेदी ने बताया कि अब तक करीब 5.5 से 6 करोड़ फॉर्म भरे जा चुके हैं, जिनमें से आधे अपलोड भी हो चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से किसी का नाम स्वतः नहीं हटाया जाएगा, जब तक वह कानूनन अपात्र घोषित न हो।

आधार क्यों नहीं? कोर्ट का सवाल

जस्टिस धूलिया ने सवाल किया कि “जब जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज SIR में मान्य हैं, तो आधार जैसे मूलभूत दस्तावेज को क्यों बाहर रखा गया है?” इस पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया कि आधार अधिनियम स्वयं नागरिकता या निवास का प्रमाण नहीं मानता, इसलिए उसे शामिल करना उचित नहीं है।

SIR की जरूरत क्यों?

ECI ने SIR की आवश्यकता को उचित ठहराते हुए कहा कि पिछला पूर्ण पुनरीक्षण वर्ष 2003 में हुआ था, और अब समय आ गया है कि सूची को अपडेट किया जाए। आयोग के अनुसार, “करीब 1.1 करोड़ मृत मतदाताओं और 70 लाख पलायन करने वालों की जानकारी मिलने के बाद गहन पुनरीक्षण अनिवार्य हो गया है।”

अगली सुनवाई 28 जुलाई को

सुप्रीम कोर्ट ने ECI को 21 जुलाई तक अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। याचिका में विपक्षी नेताओं और नागरिक संगठनों ने मतदाता सूची में बिना पर्याप्त सूचना के नाम काटने और सामाजिक समूहों के साथ भेदभाव की आशंका जताई थी।

अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की मांग

याचिकाकर्ता अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कोर्ट से आग्रह किया कि आधार, वोटर ID और राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों को SIR प्रक्रिया में मान्यता दी जाए। उन्होंने कहा, “अदालत ने माना है कि चुनाव आयोग अगर चाहे तो इन दस्तावेजों को स्वीकार कर सकता है। इसमें कोई बाध्यता नहीं है, पर यह आवश्यक है कि आयोग पारदर्शिता बरते।”

देहरादून में अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण, राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के रायपुर क्षेत्र में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने किरसाली चौक, आईटी पार्क, ननूरखेड़ा, आमवाला, तपोवन और शांति विहार जैसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही संवेदनशील इलाकों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सतर्कता बरती जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय पुलिस बल और संबंधित सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जाए और रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।

इस दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ सहित जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।

शशि थरूर का सियासी बाण: कांग्रेस के सांसद ने इमरजेंसी पर उठाए सवाल, इंदिरा-संजय गांधी की नीतियों को बताया ‘क्रूर’

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नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर पार्टी लाइन से हटकर अपनी ही पार्टी की नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। इस बार निशाने पर है 1975 में लगाया गया आपातकाल, जिसे थरूर ने भारत के लोकतंत्र पर पड़ा “काला धब्बा” करार दिया है।

मलयालम भाषा के एक अखबार में प्रकाशित लेख में थरूर ने लिखा कि “अनुशासन और व्यवस्था के नाम पर की गई कार्रवाइयों की परिणति क्रूरता में हुई”, जिसे किसी भी तरह से न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपातकाल को सिर्फ इतिहास का एक काला अध्याय मानना नाकाफी है, बल्कि इससे मिले सबक को आज भी गंभीरता से समझना और आत्मसात करना जरूरी है।

संजय गांधी की नीतियों पर तीखा प्रहार

थरूर ने इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी द्वारा चलाए गए जबरन नसबंदी अभियान को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए इसे आपातकाल की सबसे बड़ी त्रासदी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाने लक्ष्य थोपे गए और उन्हें हासिल करने के लिए हिंसा व ज़बरदस्ती का सहारा लिया गया।

नई दिल्ली जैसे शहरों में झुग्गियों को बेरहमी से ध्वस्त कर दिया गया, हजारों लोग बेघर हुए लेकिन उनके पुनर्वास या कल्याण की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

लोकतंत्र के लिए चेतावनी का संकेत

थरूर ने अपने लेख में लोकतंत्र की महत्ता पर बल देते हुए कहा, “आज का भारत 1975 का भारत नहीं है। हम अधिक आत्मविश्वासी, विकसित और मजबूत लोकतंत्र हैं। लेकिन आपातकाल की चेतावनी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

उन्होंने आगाह किया कि सत्ता केंद्रीकरण, असहमति का दमन और संविधानिक सुरक्षा उपायों की अनदेखी – ये प्रवृत्तियां फिर सिर उठा सकती हैं, जिन्हें अक्सर राष्ट्रहित या स्थिरता के नाम पर जायज़ ठहराने की कोशिश होती है।

कांग्रेस में फिर उभरा अंतर्विरोध

थरूर का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब कांग्रेस खुद संगठनात्मक फेरबदल और आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटी है। कार्यसमिति के सदस्य होते हुए इस प्रकार से पार्टी की नीतियों की आलोचना करना, कांग्रेस के भीतर विचारधारा और इतिहास को लेकर मतभेदों की गहराई को भी उजागर करता है।

थरूर के इस लेख ने न केवल सियासी गलियारों में बहस छेड़ दी है, बल्कि पार्टी के भीतर आत्ममंथन की जरूरत पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।

सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके, घबराकर घरों से बाहर निकले लोग

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नई दिल्ली : गुरुवार सुबह दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में भूकंप के तेज झटकों से अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब 9:04 बजे आए इन झटकों के बाद कई इलाकों में लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

भूकंप के झटके दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में महसूस किए गए। हालांकि, फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

जैसे ही कंपन महसूस हुए, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया तेज हो गई और कई इलाकों से झटकों की पुष्टि होने लगी। समाचार एजेंसी ANI ने भी भूकंप की पुष्टि करते हुए बताया कि झटके काफी तेज थे और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

भूकंप का केंद्र और तीव्रता को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी आनी बाकी है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार झटके शक्तिशाली थे और कुछ सेकंड तक महसूस किए गए।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांत रहें और किसी भी अफवाह से बचें। एनडीआरएफ और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

बारिश का कहर, तपोवन में युवक बहा, मसूरी में पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त

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देहरादून : राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार-बृहस्पतिवार की रात मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रायपुर क्षेत्र के तपोवन खाले में उफान के चलते एक युवक बह गया, जिसका शव बाद में नदी किनारे बरामद किया गया। वहीं, कालसी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण इछाड़ी डैम से लालढांग के बीच करीब 45 वाहन फंस गए, जिन्हें पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

तपोवन में युवक की मौत

बारिश के चलते रायपुर के लेन नंबर 7 निवासी अनिल रात लगभग आठ बजे तपोवन खाले में बह गए। पुलिस को सूचना मिलते ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नदी किनारे युवक का शव बरामद किया गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखा गया है।

रुद्रप्रयाग-बद्रीनाथ मार्ग पर भूस्खलन

तेज बारिश से रुद्रप्रयाग से बद्रीनाथ को जोड़ने वाले मार्ग पर भूस्खलन हुआ है। सड़क पर मलबा आने से मार्ग बाधित हो गया। प्रशासन की ओर से बहाली कार्य तेजी से जारी है। वहीं मौसम विभाग ने पहले ही देहरादून समेत कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया था, जो सही साबित हुआ।

देहरादून शहर में जलभराव की स्थिति

राजधानी देहरादून के प्रिंस चौक, मोहकमपुर सहित कई क्षेत्रों में भारी जलभराव देखने को मिला। रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को रात में ही अलर्ट कर दिया गया। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

मसूरी में पेड़ गिरा, वाहन क्षतिग्रस्त

मसूरी के धनोल्टी रोड पर ओल्ड टिहरी बस स्टैंड के पास तेज बारिश के बीच एक भारी भरकम बांझ का पेड़ सड़क पर गिर गया। इस हादसे में एक कार और एक स्कूटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस, फायर और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ को काटकर रास्ता साफ कराया।

वन दरोगा अभिषेक सजवाण ने बताया कि पेड़ बारिश के कारण गिरा। नगर पालिका सभासद विशाल खरोला ने बताया कि समय पर रेस्क्यू न होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, देर शाम एक बार फिर शहर में तेज बारिश हुई, जिससे जगह-जगह मलबा और जलभराव की स्थिति बन गई।

उत्तराखंड में बारिश का कहर: 87 सड़कें बंद, कई जिलों में येलो अलर्ट, आज बंद रहेंगे स्कूल

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देहरादून :  प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। इससे राज्यभर में 87 सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, बंद सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बनी हुई है।

जिलावार स्थिति

चमोली: 17 सड़कें

पिथौरागढ़: 15 सड़कें

उत्तरकाशी: 12 सड़कें (एक राजमार्ग समेत)

बागेश्वर: 9 सड़कें

टिहरी: 8 सड़कें

नैनीताल: 7 सड़कें

पौड़ी: 6 सड़कें

देहरादून: 5 सड़कें

रुद्रप्रयाग: 4 सड़कें

चंपावत: 3 सड़कें

अल्मोड़ा: 1 सड़क

मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, आज गुरुवार (10 जुलाई) को देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

देहरादून में स्कूल बंद

तेज बारिश और संभावित खतरे को देखते हुए देहरादून जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र आज (10 जुलाई) बंद रहेंगे।

प्रशासन सतर्क, राहत दल सक्रिय

प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में आवाजाही को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है। संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और लोक निर्माण विभाग के साथ SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।

भाजपा ने ब्लॉक प्रमुख चुनावों के लिए घोषित किए जिला प्रभारी, संगठन ने कसी कमर

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देहरादून : पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा ने अब अपनी रणनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में पार्टी ने ब्लॉक प्रमुख चुनावों के लिए प्रदेशभर में ज़िला प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर यह नियुक्तियाँ की गई हैं। इसकी जानकारी भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने दी।

चौहान ने बताया कि हर ज़िले के अलग-अलग ब्लॉकों के लिए ज़िम्मेदार पदाधिकारियों को तैनात किया गया है जो चुनावी रणनीति, कार्यकर्ताओं के समन्वय और मतदाताओं तक संगठन की बात पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

उत्तरकाशी जिले में नौगांव ब्लॉक की जिम्मेदारी डॉ. विजय बडोनी को, पुरोला ब्लॉक की सत्ये सिंह राणा को, मोरी के लिए नारायण सिंह चौहान, चिन्यालीसैंण के लिए जगत सिंह चौहान, भटवाड़ी के लिए राम सुंदर नौटियाल और डूंडा के लिए धन सिंह नेगी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

चमोली जिले में दसौली से लेकर कर्णप्रयाग तक 11 ब्लॉकों में प्रभारी बनाए गए हैं। देवल में विनोद नेगी, गैरसैंण में कृष्ण मणि थपलियाल और कर्णप्रयाग में विक्रम भंडारी को जिम्मेदारी मिली है।

रुद्रप्रयाग जिले में अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ और जखोली जैसे ब्लॉकों के लिए क्रमशः रमेश गाड़िया, वाचस्पति सेमवाल और रमेश मैखुरी को नामित किया गया है।

टिहरी जिले में भिलंगना से लेकर जौनपुर तक 8 ब्लॉकों में अतर सिंह तोमर, विनोद रतूड़ी, जोत सिंह बिष्ट, रविंद्र राणा, महावीर सिंह रंगड़, सुभाष रमोला, दिनेश घने और खेम सिंह चौहान जैसे नाम सामने आए हैं।

देहरादून जिले में कालसी, चकराता, विकासनगर, सहसपुर, रायपुर और डोईवाला के लिए भी जिम्मेदार पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर जिलों में भी इसी तरह सभी ब्लॉकों के लिए पार्टी ने मजबूत संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने के उद्देश्य से सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में भाजपा राज्य के पंचायत चुनावों को पूरी गंभीरता से ले रही है। संगठन की मंशा है कि ज़मीनी स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत की जाए और लोकतांत्रिक संस्थाओं में भाजपा की भागीदारी और अधिक व्यापक हो।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति बोर्ड बैठक में बीकेटीसी 2025-26 हेतु 127 करोड़ के बजट का अनुमोदन

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देहरादून : श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की बोर्ड औपचारिक बैठक अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी जी की अध्यक्षता में समिति के केनाल रोड कार्यालय सभागार में शुरु हुई ।भगवान श्री बदरीविशाल तथा भगवान श्री केदारनाथ की आरती के साथ बैठक की शुरुआत हुई।बैठक में सर्वप्रथम नवनियुक्त सदस्यों का परिचय हुआ साथ ही पदाधिकारियों तथा सदस्यों का स्वागत किया गया । देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप अब तक सफलतापूर्वक चल चारधाम यात्रा कुशल मार्गदर्शन हेतु प्रदेश सरकार तथा यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया गया।

बैठक का संचालन करते हुए बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने नवगठित बीकेटीसी की पहली बैठक में सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का स्वागत किया इसके बाद वित्त अधिकारी मनीष कुमार उप्रेती ने बजट मंदिर समिति बोर्ड के समक्ष रखा बैठक में चर्चा के बाद मंदिर समिति के वर्ष 2025-26 के बजट का अनुमोदन किया गया।‌

श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम तथा श्री केदारनाथ धाम हेतु कुल 1,270999070 (एक सौ सत्ताईस करोड़ नौ लाख निन्यानबे हजार सत्तर) रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। श्री बदरीनाथ धाम हेड 64,2227070 (चौसठ करोड़ बाईस लाख सत्ताईस हजार सत्तर रुपये) का बजट प्रावधान किया गया है. इसे प्रस्तावित आय माना गया है।

श्री केदारनाथ धाम हेड 628770000 (बासठ करोड़ सत्तासी लाख सत्तर हजार रुपये बजट प्राव‌धान किया है। यह बजट में प्रस्तावित आय है। आय के सापेक्ष श्री केदारनाथ धाम हेतु 409337000 चालीस करोड़ तिरानबे लाख सैंतीस हजार रुपये व्यय दिखाया गया है इसी तरह श्री बदरीनाथ धाम हेतु प्रस्तावित आय के सापेक्ष 568683320 ( छप्पन करोड़ छियासी लाख तिरासी हजार तीन सौ बीस रुपये व्यय दिखाया गया है।

बताया कि श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम में 8 जुलाई 2025 तक 2478963 (चौबीस लाख अठहत्तर हजार नौ सौ तिरसठ तीर्थ यात्रियों ने दर्शन कर लिये है। जिनमें से श्री बदरीनाथ धाम में 1137628 (बारह लाख सैतीस हजार छ सौ अठाइस श्रद्धालुओं ने दर्शन किये है तथा श्री केदारनाथ धाम में 1341335 (तेरह लाख इकतालीस हजार तीन सौ पैंतीस तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किये हैं।

श्री बदरीनाथ धाम हेतु अभी तक 1432983 पजीकरण हुए है तथा श्री केदारनाथ धाम हेतु 1549930 तीर्थ यानियों ने पंजीकरण करवाया है। चारों धामों में यात्रा सुचारु है तथा मानसून के मौसम में यात्रा सतत चल रही है। बैठक में सभी पदाधिकारियो, दोनों उपाध्यक्षों सहित सभी सदस्यगणों ने बैठक चर्चा प्रतिभाग किया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने अवगत कराया कि बैठक की समाप्ति से पहले केदारनाथ हैली दुर्घटना में दिवंगत हुए मंदिर समिति कर्मचारी विक्रम रावत सहित यात्राकाल के दौरान दुर्घटनाओं में दिवंगत हुए तीर्थयात्रियों के प्रति शोक संवेदना स्वरूप दो मिनट का मौन रखा गया।

बैठक में उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्यगण क्रमशः श्रीनिवास पोस्ती, महेंद्र शर्मा,धीरज पंचभैया मोनू, देवी प्रसाद देवली, राजपाल जड़धारी, प्रह्लाद पुष्पवान, डा. विनीत पोस्ती, राजेंद्र प्रसाद डिमरी,नीलम पुरी,दिनेश डोभाल सहित प्रभारी अधिकारी बदरीनाथ विपिन तिवारी, विधि अधिकारी एसएस बर्त्वाल, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल, अतुल डिमरी, विश्वनाथ, संजय भट्ट आदि मौजूद रहे।