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मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2025: ड्राइवरों और यात्रियों के लिए नई सुरक्षा, पारदर्शिता

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नई दिल्ली : भारत सरकार ने ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं को विनियमित करने के लिए ‘मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश, 2025’ जारी किए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने बताया कि ये दिशानिर्देश ड्राइवरों और यात्रियों की सुरक्षा, निष्पक्षता और डिजिटल मोबिलिटी क्षेत्र में समावेशिता सुनिश्चित करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 2020 के दिशानिर्देशों को अपडेट करते हुए यह नया कदम उठाया है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत तैयार ये नियम ओला, उबर, रैपिडो जैसे एग्रीगेटर्स के लिए स्पष्ट ढांचा प्रदान करते हैं।

ड्राइवरों के लिए बेहतर सुरक्षा

नए दिशानिर्देश ड्राइवरों की आय और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हैं। अब एग्रीगेटर्स को राज्यों द्वारा निर्धारित न्यूनतम किराए के आधार पर प्रति घंटे आय सुनिश्चित करनी होगी। किराया निपटान दैनिक, साप्ताहिक या पाक्षिक आधार पर होगा। प्रत्येक ड्राइवर के लिए 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का सावधि बीमा अनिवार्य किया गया है। कमीशन को 20% तक सीमित करने और पारदर्शी भुगतान प्रणाली लागू करने से ड्राइवरों को उचित आय मिलेगी।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा

यात्रियों के लिए भी कई सुधार किए गए हैं। सभी ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन, स्वास्थ्य जांच और व्यवहार प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। वाहनों में आपातकालीन बटन, जीपीएस निगरानी और यात्रा साझा करने की सुविधा होगी। सर्ज प्राइसिंग को आधार किराए के 1.5 से 2 गुना तक सीमित किया गया है। किराए का विवरण पारदर्शी रूप से प्रदर्शित करना होगा। डेटा गोपनीयता के लिए, एग्रीगेटर्स को भारत-स्थित सर्वरों पर डेटा संग्रह और डेटा संरक्षण अधिनियम का पालन करना होगा।

समावेशिता और पर्यावरण

दिशानिर्देशों में दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल वाहन और ड्राइवरों में उनका प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए, एग्रीगेटर्स को इलेक्ट्रिक और शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों को बेड़े में शामिल करना होगा।

प्रशिक्षण और सड़क सुरक्षा

ड्राइवरों के लिए 40 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें सड़क सुरक्षा, लैंगिक संवेदनशीलता और डिजिटल साक्षरता शामिल होगी। सरकार ने IDTR, RDTC और DTC जैसे प्रशिक्षण केंद्रों के लिए 2.5 से 17.25 करोड़ रुपये तक का अनुदान देने की योजना बनाई है। यह पहल 2030 तक सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को 50% कम करने के लक्ष्य को सपोर्ट करेगी।

सहकारी संघवाद

ये दिशानिर्देश राज्यों को लाइसेंसिंग, किराया नियमन और इलेक्ट्रिक वाहन लक्ष्य निर्धारित करने का अधिकार देते हैं। यह भारत के सहकारी संघवाद को दर्शाता है, जहां नीति निर्माण केंद्रीकृत और कार्यान्वयन राज्य-विशिष्ट है।

कानूनी आधार

सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्णयों ने इन दिशानिर्देशों को मजबूती दी है। ये गिग श्रमिकों के अधिकारों और यात्रियों की सुविधा के बीच संतुलन बनाते हैं, जो ‘विकसित भारत@2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पॉक्सो कैदी के साथ जेल में मारपीट पर हाईकोर्ट सख्त, डिप्टी जेलर और कांस्टेबल निलंबित

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नैनीताल : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सितारगंज जेल में बंद एक पॉक्सो कैदी के साथ हुई मारपीट के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए डिप्टी जेलर और एक कांस्टेबल को निलंबित करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने इस घटना में शामिल अन्य कर्मियों के नाम भी कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उधम सिंह नगर के सचिव योगेंद्र कुमार सागर ने 11 जुलाई 2025 को सितारगंज जेल का निरीक्षण किया। जेल निरीक्षण के दौरान उनकी मुलाकात पॉक्सो मामले में बंद कैदी सुभान से हुई, जो काफी डरा और सहमा हुआ नजर आया। सचिव ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि सुभान के शरीर पर कई जगह जख्मों के निशान थे। पूछताछ में सुभान ने बताया कि 28 जून को डिप्टी जेलर, एक कांस्टेबल और कुछ अन्य जेलकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इतना ही नहीं, जब वह अपनी बात बता रहा था, तो संबंधित कांस्टेबल और अन्य जेलकर्मी उसे इशारे कर धमकाने की भी कोशिश कर रहे थे।

इस घटना का संज्ञान लेते हुए सचिव ने तत्काल कार्रवाई की संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट उत्तराखंड हाईकोर्ट को भेजी। हाईकोर्ट ने 14 जुलाई को प्रस्तुत इस रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए। कोर्ट के निर्देश पर कैदी सुभान को अदालत में पेश किया गया, जहां जजों ने उसकी चोटों को खुद देखा और इस मामले को गंभीरता से लिया।

हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन से पूछा कि आखिर जेल जैसे सुरक्षित स्थानों पर इस प्रकार की अमानवीय घटनाएं क्यों हो रही हैं, जबकि जेल मैनुअल में कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं, बल्कि मानवाधिकारों का भी उल्लंघन हैं। सुनवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव योगेंद्र सागर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित रहे। कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वे समय-समय पर जेलों का निरीक्षण करते रहें और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्क दृष्टि बनाए रखें।

मारपीट में शामिल बताए जा रहे कांस्टेबल अनील यादव और जेलकर्मी सुनील शर्मा के नाम भी रिपोर्ट में सामने आए हैं। कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और साफ किया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल जेलों में कैदियों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार को उजागर करता है, बल्कि न्यायिक निगरानी और पारदर्शिता की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा एक दिन के लिए स्थगित

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पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहलगाम और बालटाल दोनों आधार शिविरों से अमरनाथ यात्रा गुरुवार के लिए स्थगित कर दी गई है। यह रोक ऐसे समय में लगाई गई है जब अधिकारी भारी बारिश से प्रभावित तीर्थयात्रियों के मार्गों पर तत्काल मरम्मत कार्य करवाने में जुटे हैं।

भारी बारिश के कारण दोनों मार्गों पर मरम्मत कार्य करना जरूरी 

इस संबंध में जम्मू-कश्मीर जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दोनों मार्गों पर मरम्मत कार्य करना जरूरी हो गया है। सीमा सड़क संगठन ने 18 जुलाई को दोनों आधार शिविरों से यात्रा शुरू होने से पहले काम पूरा करने के लिए अपने कर्मियों और मशीनों की तैनाती की है। इस वर्ष यह पहला अवसर है जब जम्मू से तीर्थयात्रा एक दिन के लिए रोकी गई है।

मौसम की स्थिति के आधार पर यात्रा कल फिर से शुरू होने की पूरी संभावना 

संभागीय आयुक्त कश्मीर विजय कुमार बिधूड़ी ने भी यात्रा स्थगित होने की पुष्टि की और कहा कि मौसम की स्थिति के आधार पर तीर्थयात्रा 18 जुलाई को फिर से शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों मार्गों पर तत्काल मरम्मत और रखरखाव कार्य किए जाने की आवश्यकता है इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि आज दोनों आधार शिविरों से पवित्र गुफा की ओर किसी भी प्रकार की आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अब तक 2.35 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके

हालांकि पिछली रात पंजतरणी शिविर में रुके यात्रियों को बीआरओ और पर्वतीय बचाव दलों की पर्याप्त तैनाती के तहत बालटाल जाने की अनुमति दी जा रही है। दिन के दौरान मौसम की स्थिति के आधार पर यात्रा कल फिर से शुरू होने की पूरी संभावना है। तीन जुलाई को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 2.35 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। अब तक 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने तीर्थयात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। 38 दिनों तक चलने वाली यह तीर्थयात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी।

UIDAI की नई पहल: अब myAadhaar पोर्टल पर दे सकेंगे मृत परिजनों की सूचना, 24 राज्यों में सेवा शुरू

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नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार से जुड़ी धोखाधड़ी और पहचान के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अब परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु की सूचना myAadhaar पोर्टल के माध्यम से सीधे दी जा सकेगी। यह नई सेवा फिलहाल देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू की गई है, और जल्द ही इसे शेष राज्यों तक भी विस्तारित किया जाएगा।

इस सुविधा के तहत परिवार का कोई भी सदस्य अपने मृत परिजन की मृत्यु की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करा सकता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को स्वप्रमाणन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और मृतक का आधार नंबर, मृत्यु पंजीकरण संख्या तथा अन्य विवरण दर्ज करने होंगे। सत्यापन प्रक्रिया के बाद मृत व्यक्ति का आधार नंबर निष्क्रिय कर दिया जाएगा, जिससे उसकी पहचान का गैरकानूनी उपयोग रोका जा सकेगा।

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार संख्या किसी एक व्यक्ति के लिए आजीवन आवंटित होती है और इसे कभी दोहराया नहीं जाता। ऐसे में मृत व्यक्ति के आधार नंबर को निष्क्रिय करना आवश्यक हो जाता है ताकि वित्तीय धोखाधड़ी, पहचान की चोरी जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि आधार डेटाबेस की सटीकता बनाए रखने के लिए UIDAI ने कई सक्रिय पहल की हैं। हाल ही में UIDAI ने भारत के महापंजीयक (RGI) से आधार नंबर से जुड़े मृत्यु रिकॉर्ड साझा करने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के माध्यम से लगभग 1.55 करोड़ मृत्यु रिकॉर्ड प्रदान किए गए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर करीब 1.17 करोड़ आधार नंबरों को निष्क्रिय किया जा चुका है।

CRS से बाहर के राज्यों से भी UIDAI मृत्यु रिकॉर्ड प्राप्त कर रहा है। अब तक लगभग 6.7 लाख मृत्यु रिकॉर्ड प्राप्त हुए हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही UIDAI, बैंकों और अन्य आधार से जुड़ी संस्थाओं से भी मृत्यु से संबंधित जानकारी साझा करने की संभावनाएं तलाश रहा है।

UIDAI ने राज्य सरकारों की सहायता से एक पायलट परियोजना भी शुरू की है, जिसमें 100 वर्ष से अधिक आयु वाले आधार धारकों का डेमोग्राफिक डेटा संबंधित राज्यों को भेजा जा रहा है। इस डेटा के सत्यापन के बाद, आवश्यक पुष्टि होने पर संबंधित आधार नंबर निष्क्रिय किए जाएंगे।

UIDAI ने नागरिकों से अपील की है कि किसी परिजन की मृत्यु होने पर, मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद myAadhaar पोर्टल पर उस व्यक्ति की मृत्यु की सूचना जरूर दें, ताकि मृतक का आधार नंबर समय पर निष्क्रिय किया जा सके और उसका कोई अनुचित उपयोग न हो सके। यह पहल UIDAI की ओर से डिजिटल सुरक्षा और पहचान व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

उत्तराखंड में पांच दिवसीय मौसम अलर्ट जारी, कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

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देहरादून । उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 17 जुलाई से 21 जुलाई 2025 तक के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन पांच दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और एहतियात बरतने की सलाह दी है।

17 जुलाई को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। उत्तरकाशी, चमोली, हरिद्वार, पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। राज्य के अन्य जिलों में भी तीव्र बारिश और आंधी-तूफान का खतरा बना हुआ है।

18 जुलाई को पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट के तहत गरज-चमक और हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है।

19 जुलाई को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। शेष जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना के मद्देनजर येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

20 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। यहां बहुत भारी वर्षा, बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका है। बाकी जिलों में ऑरेंज या येलो अलर्ट लागू रहेगा।

21 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में फिर से रेड अलर्ट जारी हुआ है। लगातार भारी वर्षा की संभावना के कारण भूस्खलन, सड़कों के बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी भी दी गई है।

मौसम विभाग ने सभी जिलों में 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। प्रशासन ने SDRF, आपदा प्रबंधन टीमें और पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

सावधानी बरतें:

  • पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा से बचें।

  • नदी-नालों के पास जाने से परहेज करें।

  • बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में न रुकें।

  • मौसम की अद्यतन जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों से संपर्क बनाए रखें।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वह मौसम को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की मदद लें।

रंगेहाथ रिश्वत लेते पकड़ा गया डाकघर इंस्पेक्टर, सीबीआई ने किया गिरफ्तार

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पिथौरागढ । सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पिथौरागढ़ के नाचनी डाकघर के इंस्पेक्टर शशांक सिंह राठौर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह रिश्वत बागेश्वर जनपद के खेती गांव निवासी दुकानदार सुरेश चंद से ली जा रही थी, जो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत मिली लोन सब्सिडी की रिपोर्ट पास कराने के एवज में मांगी गई थी।

सब्सिडी के लिए डाली गई रिश्वत की अड़चन

जानकारी के अनुसार, सुरेश चंद की नाचनी में “ममता म्यूजिक एंड इलेक्ट्रॉनिक्स” नाम से दुकान है। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र, पिथौरागढ़ से वर्ष 2020 में छह लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया था। इस लोन पर उन्हें योजना के अनुसार 2.10 लाख रुपये की सब्सिडी मिलनी थी, जिसकी पुष्टि रिपोर्ट नाचनी डाकघर से लगनी थी।

जब सुरेश ने इस रिपोर्ट के लिए डाक निरीक्षक शशांक राठौर से संपर्क किया, तो वह फाइल में कई कमियां बताकर टालमटोल करने लगा। इसके बाद 20 जून को दोबारा संपर्क करने पर राठौर ने पोस्ट मास्टर नंदन गिरी और डाकिया खुशाल सिंह के माध्यम से 21 हजार रुपये की मांग की।

रिकॉर्डिंग बनी सबूत

सुरेश चंद ने मामले की शिकायत सीबीआई से की और बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सौंप दी। बातचीत में रिश्वत की रकम पर सौदेबाज़ी करते हुए 15 हजार रुपये पर सहमति बनी। इसके बाद सीबीआई ने शिकायत की पुष्टि करते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और एक ट्रैप टीम गठित की।

बुधवार को टीम ने नाचनी डाकघर में दबिश दी और राठौर को सुरेश चंद से 15 हजार रुपये लेते रंगेहाथ दबोच लिया। सीबीआई ने बताया कि जांच में पोस्ट मास्टर व डाकिया की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई।

दिग्विजय सिंह का कांवड़ यात्रा पर विवादित पोस्ट, सियासी बवाल

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नई दिल्ली : कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक फेसबुक पोस्ट ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। पोस्ट में कांवड़ यात्रा को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर दो तस्वीरें साझा कीं—एक में कांवड़ यात्रा के दृश्य दिखाए गए हैं, जबकि दूसरी में लोग सड़क पर नमाज अदा करते नजर आ रहे हैं। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, “एक देश, दो कानून?”

भाजपा ने इस पोस्ट को लेकर दिग्विजय सिंह पर तीखा हमला बोला है। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने सिंह को “सनातन विरोधी” करार देते हुए उन्हें “मौलाना” कहा और विवाद फैलाने का आरोप लगाया। सारंग ने कहा कि दिग्विजय सिंह कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र पर्व को विवादास्पद बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने आगे आरोप लगाया, “जाकिर नाइक का महिमामंडन करने वाले, आतंकवादियों को संरक्षण देने वाले, सेना के ऑपरेशन पर सवाल उठाने वाले, पाकिस्तान समर्थक बातें करने वाले और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दिग्विजय सिंह से और क्या उम्मीद की जा सकती है?”

कांग्रेस ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन बीजेपी के तीखे हमले के बाद यह मामला और तूल पकड़ सकता है। कांवड़ यात्रा, जो लाखों हिंदू श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक है, को लेकर इस तरह का विवाद पहले भी संवेदनशील रहा है।

सख्ती से लागू होंगे आचरण नियम: 5000 रुपये से अधिक की खरीद या जमीन लेनी हो तो अफसर को देनी होगी जानकारी

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देहरादून :  उत्तराखंड सरकार ने राज्य कर्मियों के लिए उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली 2022 के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि नियमावली का हर कर्मचारी ईमानदारी से पालन करे।

मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार, कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने नाम या परिवार के नाम से जमीन तभी खरीद सकेगा, जब वह इसकी पूर्व सूचना अपने विभागाध्यक्ष को देगा। वहीं, 5000 रुपये या एक माह के वेतन (जो भी कम हो) से अधिक की चल संपत्ति जैसे टीवी, फ्रिज, एसी आदि खरीदने से पहले भी अफसर को सूचित करना अनिवार्य होगा।

हर पांच वर्ष में देनी होगी संपत्ति की जानकारी

नियमों के तहत नियुक्ति के समय और इसके बाद हर पांच वर्षों में कर्मचारियों को अपनी अचल संपत्ति की घोषणा करनी होगी, जिसकी वह स्वयं मालिक हो। इसके साथ ही, अधिकारी किसी भी समय कर्मचारी से चल और अचल संपत्ति का पूर्ण विवरण मांग सकता है।

इस विवरण में यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि संपत्ति किस स्रोत से अर्जित की गई है। मुख्य सचिव ने दो टूक कहा है कि किसी भी प्रकार की संपत्ति की खरीद बिना जानकारी दिए नहीं की जा सकती और इसका सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। सरकार का यह कदम सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

छह साल की बेटी की निर्मम हत्या: मां ने प्रेमी संग रची साजिश, पति को फंसाने की कोशिश

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लखनऊ | कैसरबाग के खंदारी बाजार में इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। एक मां ने अपनी छह साल की मासूम बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। हैरान कर देने वाली बात यह रही कि इस हत्या में उसका प्रेमी भी शामिल था, और पूरा षड्यंत्र अपने ही पति को जेल भिजवाने के लिए रचा गया था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी रोशनी खान ने अपने प्रेमी उदित जायसवाल के साथ मिलकर रविवार रात को बेटी सोना की हत्या कर दी थी, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना सोमवार रात तीन बजे दी गई। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार, रोशनी ने पुलिस को फोन कर दावा किया कि उसके पति शाहरूख ने सोना की हत्या की है।

जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो कमरे से तेज दुर्गंध आ रही थी और शव सड़ चुका था। फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि हत्या 36 घंटे पहले ही हो चुकी थी। पुलिस को रोशनी के बयानों में विरोधाभास नजर आया, जिससे शक गहराया। पूछताछ के दौरान पहले तो रोशनी गुमराह करती रही, लेकिन जब उदित से सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और पूरी कहानी बयां कर दी।

पार्टी के बाद मौत का तांडव

हत्या के बाद भी रोशनी और उदित उसी फ्लैट में शव के सामने पार्टी करते रहे। उन्होंने न सिर्फ मासूम की जान ली, बल्कि उसकी लाश को 36 घंटे तक कमरे में सड़ा छोड़ दिया। सोमवार रात जब शाहरूख बेटी से मिलने आया तो उसका रोशनी से झगड़ा हो गया और वह वापस चला गया। इसके बाद रोशनी ने पुलिस को हत्या की सूचना दी।

साजिश की परतें खुलती गईं

जांच में सामने आया कि रोशनी और शाहरूख के बीच पिछले दो साल से रिश्ते बिगड़ चुके थे। रोशनी ने पहले अपने ससुराल वालों के खिलाफ भी कई मुकदमे दर्ज कराए और उन्हें जेल भिजवाया। फिर पति से मारपीट कर उसे घर से बाहर कर दिया और शाहरूख के ही फ्लैट में प्रेमी उदित के साथ लिव-इन में रहने लगी।

संपत्ति पर थी नजर?

शाहरूख का दावा है कि जिस फ्लैट में ये पूरी वारदात हुई, वह उसकी मां की जमीन पर बना हुआ है। बिल्डर के साथ एग्रीमेंट के तहत चार मंजिला अपार्टमेंट बनवाया गया था, जिसमें चौथा फ्लोर उनका था। लेकिन रोशनी ने धीरे-धीरे पूरे परिवार को वहां से निकाल दिया और अब उस प्रॉपर्टी पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया था।

हत्या के पीछे क्या थी मंशा?

पुलिस की पूछताछ में रोशनी ने स्वीकार किया कि वह किसी भी तरह शाहरूख को जेल भिजवाना चाहती थी। इसके लिए उसने अपनी ही बेटी की बलि दे दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर कैसरबाग अंजनी कुमार मिश्र ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पिथौरागढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा: पीएम मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा

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पिथौरागढ़ : थल मोटर मार्ग पर मंगलवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में मैक्स वाहन के 150 फीट गहरी खाई में गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा मुवानी के समीप भंडारीगांव पुल के पास हुआ, जब यात्रियों से भरा वाहन अनियंत्रित होकर बरसाती नाले में जा गिरा। इस दुर्घटना में तीन छात्राओं समेत सभी मृतक बोकटा गांव के रहने वाले हैं, जिससे गांव में कोहराम मच गया है।

हादसा शाम करीब पांच बजे हुआ जब मैक्स वाहन मुवानी कस्बे से बोकटा गांव की ओर जा रहा था। रास्ते में भंडारीगांव पुल के पास वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 150 फीट गहरी खाई में जा गिरा और बरसाती नाले में समा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए।

मौके पर ही छह लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही बोकटा गांव के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। ग्रामीणों ने घायलों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाया, जहां से उन्हें मुवानी अस्पताल लाया गया।

अस्पताल पहुंचने पर आठ वर्षीय सिमरन और चालक नरेंद्र सिंह ने भी दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल छह लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

हादसे में मृतकों में से एक दीक्षा पत्नी पंकज बोरा पिथौरागढ़ के चंडाक क्षेत्र की निवासी थीं, जो हरेला पर्व पर मायके गई थीं। बाकी सभी मृतक बोकटा गांव के निवासी हैं।

मृतकों की सूची:

सिमरन (8) पुत्री कुंदन सिंह

तनुजा (14) पुत्री चंद्र सिंह

विनीता (15) पुत्री चंद्र सिंह

नरेंद्र सिंह (40) पुत्र चंद्र सिंह (चालक)

राजन सिंह (60) पुत्र किशन सिंह

होशियार सिंह (65) पुत्र भीम सिंह

शांति देवी (50) पत्नी केशव राम

दीक्षा (26) पत्नी पंकज बोरा, निवासी चंडाक, पिथौरागढ़

गंभीर घायल:

विनीता (20) पुत्री बहादुर सिंह

योगेश कुमार, पुत्र किशन राम, छात्र

श्याम सिंह मुनौला (35) पुत्र बहादुर सिंह

दीवान सिंह (55) पुत्र भीम सिंह

सुमित सिंह (22) पुत्र प्रवीण सिंह

पूजा मुनौला (30) पत्नी कुंदन सिंह मुनौला

पीएम और सीएम ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ हादसे पर गहरा शोक जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सड़क दुर्घटना से हुई जान-माल की हानि से दुखी हूं। इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणा से शोकाकुल परिजनों को संबल मिलेगा। प्रदेश सरकार भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देगी। सरकार हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।

गाँव में पसरा मातम

इस दर्दनाक हादसे ने पूरे बोकटा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों के घरों में मातम पसरा है। हरेला पर्व की खुशियां अब चीख-पुकार और चीत्कार में बदल चुकी हैं।