Home Blog Page 188

उत्तराखंड के इन जिलों में हो सकती है भारी से बहुत भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

0

उत्तराखंड में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बेहद खराब रहने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 18 जुलाई से 22 जुलाई 2025 तक के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश, गरज-चमक, तेज़ हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर येलो से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है।

विशेष रूप से 20 और 21 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर जैसे ज़िलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जहां रेड अलर्ट लागू किया गया है।

इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। राज्य के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन, सड़कों के बंद होने और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि यह बारिश जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

 

ऑपरेशन कालनेमी: पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा- सावधानी बरतने की जरूरत

0

देहरादून : उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश में फर्जी साधु-संतों की पहचान और कार्रवाई के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमी’ पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अभियान के उद्देश्य को उचित बताया, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े किए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश में कई ऐसे लोग साधु-संतों के भेष में घूम रहे हैं जिनका सनातन धर्म या भगवा से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाना जरूरी है, लेकिन इस दौरान प्रशासन को सावधानी भी बरतनी चाहिए।

नाम पर को लेकर कही यह बात

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ऑपरेशन के नाम पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘कालनेमी’ एक राक्षस था, जो रावण का मित्र और भगवान राम का विरोधी था। उन्होंने कहा कि हमें यह देखना होगा कि आज के दौर में कौन राम के लिए काम कर रहा है और कौन रावण के लिए। नामकरण करते समय इसकी संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए।

कानूनी आधार पर उठाए सवाल

रावत ने सवाल किया कि अब तक पकड़े गए फर्जी बाबाओं के खिलाफ किस कानूनी धारा के तहत कार्रवाई की गई है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में, जहां सजा सात वर्ष से कम की है, वहां गिरफ्तारी से पहले कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। प्रशासन को इन तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

असली गरीब-संतों पर न हो असर

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ साधु या भिक्षुक सचमुच गरीब, असहाय और धार्मिक हैं, और केवल पारंपरिक रूप से दान-दक्षिणा या भिक्षा मांगते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे लोगों को इस अभियान की चपेट में लाकर परेशान न किया जाए। उनके लिए अलग से कोई समाधान तलाशा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने हाल ही में फर्जी बाबाओं और धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ‘ऑपरेशन कालनेमी’ की शुरुआत की है। अब तक राज्य के कई क्षेत्रों में ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान से साफ है कि भले ही सरकार का इरादा नेक हो, लेकिन क्रियान्वयन में सावधानी और संवेदनशीलता बरतना जरूरी है।

केदारनाथ में घोड़े चलाने से लेकर आईआईटी मद्रास तक का सफर, गणित में मिला एडमिशन

0

रुद्रप्रयाग : पर्वतीय क्षेत्र के सीमित संसाधन और आर्थिक तंगी कभी भी सपनों की उड़ान को रोक नहीं सकते, यह साबित कर दिखाया है उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद के अतुल कुमार ने, जिन्होंने IIT JAM 2025 में ऑल इंडिया रैंक 649 हासिल कर देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT मद्रास में एम.एससी. गणित में प्रवेश पाया है।

बसुकेदार तहसील के बीरों देवल गांव निवासी अतुल का जीवन किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं। उनके पिता ओमप्रकाश जी वर्षों से केदारनाथ यात्रा में घोड़े-खच्चर चलाकर यात्रियों की सेवा करते रहे हैं, जबकि मां संगीता देवी एक गृहिणी हैं। पूरा परिवार केदारनाथ यात्रा सीजन पर निर्भर करता है। लेकिन तमाम आर्थिक कठिनाइयों के बीच भी अतुल ने हार नहीं मानी। अतुल ने उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं परीक्षा में राज्य स्तर पर 17वीं रैंक, और 12वीं में 21वीं रैंक हासिल कर पहले ही अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था।

शुद्ध पहाड़ी परिवेश में पला-बढ़ा यह युवक आज IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पहुंचा है, तो यह केवल उसकी मेहनत और संकल्प की जीत नहीं है, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को खोने लगते हैं।

मैंने कभी हालात को बहाना नहीं बनने दिया,” अतुल कहते हैं। मेरे लिए हर कठिनाई एक चुनौती थी और हर चुनौती एक नया सबक। अतुल अब देश के बेहतरीन शिक्षकों और शोधकर्ताओं के साथ काम करेंगे और उनका लक्ष्य है गणित के क्षेत्र में अनुसंधान करते हुए समाज के लिए कुछ ठोस योगदान देना। उनकी यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड के युवाओं को प्रेरणा देती है, बल्कि एक सशक्त संदेश भी देती है कि अगर लगन हो, तो पहाड़ों से भी ऊंची उड़ान भरी जा सकती है।

उत्तराखंड : हटेंगे सालों से सचिवालय में जमे अधिकारी, CS ने दिए निर्देश

0

देहरादून : उत्तराखंड सचिवालय में लंबे समय से एक ही अनुभाग या विभाग में तैनात अधिकारियों की अब खैर नहीं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय प्रशासन की नई तबादला नीति को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इस नीति के तहत 31 जुलाई से पहले सभी आवश्यक तबादले कर दिए जाएंगे।

सचिवालय में वर्ष 2007 में भी तबादला नीति लागू की गई थी, लेकिन वह प्रभावी नहीं हो सकी थी। नतीजतन, कई अधिकारी वर्षों से एक ही जगह जमे हुए हैं, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। नई नीति सचिवालय सेवा संवर्ग के अनुभाग अधिकारी से लेकर संयुक्त सचिव तक के अधिकारियों, समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी और कंप्यूटर सहायकों पर लागू होगी।

इसके अंतर्गत श्रेणी–क के अधिकारियों को एक ही विभाग में अधिकतम तीन वर्ष, श्रेणी–ख को एक अनुभाग में अधिकतम पांच वर्ष, समीक्षा व सहायक समीक्षा अधिकारियों को अधिकतम पांच वर्ष और कंप्यूटर सहायकों को अधिकतम सात वर्ष तक ही तैनाती दी जा सकेगी।

तबादलों की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति का गठन मुख्य सचिव की अनुमति से किया जाएगा, जिसमें अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिव (सचिवालय सेवा) में से कोई एक अध्यक्ष होगा। साथ ही अपर सचिव, सचिवालय प्रशासन और मुख्य सचिव द्वारा नामित अधिकारी भी समिति के सदस्य होंगे। इस नीति के लागू होने से सचिवालय प्रशासन में जवाबदेही, निष्पक्षता और कार्यक्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

खाई में गिरी कांवड़ियों की बाइक, दो घायल, SDRF ने किया साहसी रेस्क्यू

0

देवप्रयाग : देवप्रयाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गंभीर सड़क दुर्घटना में दो बाइक सवार हादसे का शिकार हो गए। घटना सुबह की है, जब श्रीनगर से देवप्रयाग की ओर आ रही कांवड़ियों की होंडा शाइन बाइक मूल्या गांव से लगभग 500 मीटर आगे अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

बाइक पर सवार दोनों यात्री कांवड़ यात्रा पर निकले थे। दुर्घटना में मिंटू मिश्रा (उम्र 27 वर्ष), निवासी सुंदर विहार, नई दिल्ली, सड़क पर ही गिरकर घायल हो गया। वहीं दूसरा यात्री रमेश मिश्रा (उम्र 30 वर्ष), पुत्र कुशेखर मिश्रा, निवासी लिलवा, हावड़ा (पश्चिम बंगाल), बाइक से फिसलकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

सूचना मिलते ही पोस्ट श्रीनगर से SDRF टीम मौके के लिए तत्काल रवाना हुई। टीम ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खाई में गिरे रमेश मिश्रा को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया, जहां से एंबुलेंस द्वारा श्रीनगर बेस अस्पताल भेजा गया। इस साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF की तत्परता और कुशलता एक बार फिर सामने आई, जिससे एक अनमोल जान समय रहते बचाई जा सकी।

यूपी में केदारनाथ प्रतिरूप मंदिर निर्माण पर तीर्थ पुरोहितों का विरोध तेज़, अखिलेश यादव के घर धरने की चेतावनी

0

रुद्रप्रयाग: उत्तर प्रदेश के इटावा में ‘केदारनाथ धाम’ के नाम से मंदिर निर्माण को लेकर उत्तराखंड के केदारनाथ तीर्थ पुरोहितों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि इस नाम का प्रयोग देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

तीर्थ पुरोहितों का आरोप है कि यह निर्माण सपा नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संरक्षण में किया जा रहा है। यदि जल्द ही निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई, तो तीर्थ पुरोहित समाज अखिलेश यादव के आवास के बाहर धरने के लिए बाध्य होगा।

दिल्ली में भी हुआ था विरोध
यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व दिल्ली में केदारनाथ धाम के नाम से मंदिर शिलान्यास किए जाने का भी तीर्थ पुरोहितों ने पुरज़ोर विरोध किया था। विरोध के बाद संबंधित ट्रस्ट को निर्णय वापस लेना पड़ा था। अब इटावा में बन रहे ‘केदारेश्वर मंदिर’ को लेकर भी तीर्थ पुरोहितों में तीव्र असंतोष है।

केदारनाथ धाम से आचार्य संतोष त्रिवेदी ने स्पष्ट कहा, ष्केदारनाथ कोई प्रतीक नहीं, यह साक्षात शिव की उपस्थिति है। इसके नाम से प्रतीकात्मक निर्माण करना धार्मिक भावना के विरुद्ध है।ष् उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंदिर निर्माण नहीं रुका तो तीर्थ पुरोहित समाज आंदोलन के लिए तैयार है।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने दिया जवाब
वहीं, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (ठज्ञज्ब्) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि, ष्हम इसकी जांच करवाएंगे और विधिक राय के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड में 5 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने का भी खतरा

0

देहरादून : उत्तराखंड में एक बार फिर आसमान से आफ़त बरसने को तैयार है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य में 18 जुलाई से 22 जुलाई 2025 तक भारी से बहुत भारी बारिश, तेज़ गर्जना, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के अधिकतर मैदानी और पर्वतीय जिलों में मौसम बिगड़ने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

18 जुलाई

  • पिथौरागढ़ और बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश, गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

  • शेष पर्वतीय जिलों में भी तीव्र बारिश और गर्जना के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

  • मैदानी जनपदों में भी तेज हवाओं और बिजली चमकने की संभावना है।

19 जुलाई

  • बागेश्वर जिले में भारी बारिश और तीव्र से अति तीव्र वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

  • अन्य पर्वतीय जिलों में भी तेज गर्जना, बिजली गिरने और झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका।

  • मैदानी जिलों में भी हल्की आंधी और बिजली गिरने के आसार।

20 जुलाई

  • देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है।

  • पूरे राज्य में कहीं-कहीं तेज आंधी (30-40 किमी/घंटा) चल सकती है।

  • अन्य सभी जिलों में भी गर्जना और अति तीव्र बारिश के दौर हो सकते हैं।

21 जुलाई

  • अब इस लिस्ट में हरिद्वार भी शामिल हो गया है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

  • पूरे राज्य में बिजली गिरने और तेज़ हवाओं की चेतावनी बरकरार है।

22 जुलाई

  • मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 जुलाई को भी स्थिति गंभीर बनी रहेगी।

  • देहरादून से लेकर चंपावत और हरिद्वार तक अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

  • सभी जिलों में आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सभी आपदा प्रबंधन इकाइयों को अलर्ट पर रखा है। SDRF, NDRF, पुलिस और लोक निर्माण विभाग को संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

ये करें और न करें

  • नदी-नालों के पास न जाएं.

  • पहाड़ी सड़कों पर बेवजह यात्रा से बचें.

  • बिजली कड़कने के समय खुले में खड़े न हों.

  • प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.

उत्तराखंड की पहाड़ियों में हर साल मानसून चुनौती लेकर आता है। इस बार भी प्रकृति का मिज़ाज उखड़ा हुआ है। ज़रा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। मौसम की मार से बचना है तो सतर्क रहना ही एकमात्र रास्ता है।

लोकतंत्र का गला घोंट रही भाजपा सरकार, राज्यपाल विपक्ष से नहीं मिल रहे : माहरा

0

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा प्रमुख विपक्षी दल को समय न देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं की सीधी अवहेलना है।

राजीव भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में माहरा ने कहा कि भाजपा पंचायत चुनावों को प्रभावित करने के लिए षड्यंत्र कर रही है। वहीं, राज्य निर्वाचन आयुक्त उच्च न्यायालय के आदेशों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। कांग्रेस ने कई बार राज्यपाल से मिलकर निर्वाचन आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग की, लेकिन अब तक उन्हें मिलने का समय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदेश में लोकतंत्र की अवहेलना और विपक्ष की उपेक्षा है।

कांवड़ यात्रा पर भी उठाए सवाल

करन माहरा ने कहा कि भाजपा कांवड़ यात्रा को केवल एक दिखावे का साधन बना रही है। “मुख्यमंत्री और मंत्री एक ओर फूल बरसा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ कांवड़िए उत्पात मचाकर महिलाओं से अभद्रता कर रहे हैं, वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। ऐसे में जो ईमानदार पुलिसकर्मी कार्रवाई करना चाहते हैं, उन्हें रोका जा रहा है,” उन्होंने कहा। कांग्रेस ऐसे पुलिसकर्मियों के साथ खड़ी है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा नंबर की एक गाड़ी में सवार व्यक्ति ने एक गुर्जर युवक को गोली मारी, साथ ही वैभव रावत को धमकाया गया। माहरा ने आरोप लगाया कि हमलावर को भाजपा का संरक्षण प्राप्त है, और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

बीकेटीसी अध्यक्ष पर भी साधा निशाना

माहरा ने केदारनाथ यात्रा से जुड़े हेलीकॉप्टर हादसों का जिक्र करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी कर हेलीकॉप्टर से यात्रा करना गंभीर विषय है, और यूकाडा को स्पष्ट करना चाहिए कि द्विवेदी को किस आधार पर अनुमति दी गई। उन्होंने बीकेटीसी अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देने की मांग की, साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री से की।

पत्रकार वार्ता में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश अध्यक्ष के सलाहकार अमरजीत सिंह, महामंत्री नवीन जोशी, देहरादून महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, एवं वरिष्ठ नेता गिरिराज किशोर हिंदवाण मौजूद रहे।

धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर प्रहार तेज, विजिलेंस को मिली खुली छूट से बढ़ी कार्रवाई

0

देहरादून : उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का जीरो टॉलरेंस अभियान अब ज़मीन पर असर दिखा रहा है। विजिलेंस को पूरी छूट मिलने के बाद से राज्य में न केवल भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी तेज़ हुई है, बल्कि अदालतों से सजा दिलाने की दर भी लगातार बढ़ रही है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में जहां मात्र सात गिरफ्तारी हुई थीं, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 38 तक पहुंच गया है। बीते साढ़े चार वर्षों में विजिलेंस ने कुल 82 ट्रैप केस में 94 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 13 राजपत्रित अधिकारी भी शामिल हैं। यही नहीं, इन मामलों में 71 प्रतिशत आरोपियों को सजा दिलाने में भी सतर्कता विभाग सफल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हम देवभूमि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना चाहते हैं और इसके लिए विजिलेंस को पूरी स्वतंत्रता दी गई है। हमारा लक्ष्य है कि न सिर्फ भ्रष्टाचारियों की पहचान हो, बल्कि उन्हें अदालत से सजा भी मिले।” सरकार का यह रुख साफ संकेत है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है और आने वाले समय में यह अभियान और तेज़ हो सकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने सत्ता संभालते ही विजिलेंस को भ्रष्टाचार के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्यवाही करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि जब तक आरोपियों पर अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक उन्हें किसी भी महत्वपूर्ण दायित्व से दूर रखा जाए। साथ ही ट्रैप मामलों में अभियोजन की प्रक्रिया को तेज़ करने और शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 1064 भी जारी किया गया है।

वर्षवार विजिलेंस कार्रवाई पर एक नजर

वर्ष गिरफ्तारी निर्णय सजा
2021 07 02 02
2022 15 03 01
2023 20 18 16
2024 38 13 07
2025 (15 जुलाई तक) 14 03 02

इन बड़े मामलों ने बटोरी सुर्खियां

  • लोक निर्माण विभाग, नैनीताल: सहायक अभियंता को ठेकेदार से ₹10,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।

  • यूपीसीएल, देहरादून: हरबर्टपुर के जेई को ₹15,000 की रिश्वत लेते पकड़ा गया।

  • एलआईयू, रामनगर: उप निरीक्षक और मुख्य आरक्षी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।

  • रोडवेज, काशीपुर: एजीएम को ₹90,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।

  • खंड शिक्षा अधिकारी, खानपुर: ₹10,000 घूस लेते गिरफ्तार।

  • जीएसटी विभाग, देहरादून: सहायक आयुक्त को ₹75,000 की रिश्वत लेते पकड़ा गया।

  • जिला आबकारी अधिकारी, रुद्रपुर: शराब कारोबारी से 10 लाख के माल पर 10% रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।

मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार में धोए कांवड़ियों पैर, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

0

हरिद्वार : श्रावण मास में जारी कांवड़ यात्रा अब अपने चरम पर पहुंच गई है और हरिद्वार पूरी तरह से शिवभक्ति में डूबी हुई है। गंगा घाटों से लेकर नेशनल हाईवे तक केसरिया रंग की छटा बिखरी हुई है। इसी बीच बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ियों का स्वागत किया और उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने हरकी पैड़ी पर पहुंचकर श्रद्धालुओं के पैर धोए और सेवा भाव का परिचय दिया। इसके पश्चात हेलीकॉप्टर से हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की गई। इस अनूठे स्वागत से कांवड़ यात्री गदगद नजर आए और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरी धर्मनगरी गूंज उठी।

इस दौरान कांवड़ मेले में उमड़े श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा की व्यापक व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि होनी चाहिए।

हरिद्वार जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अनुसार, कांवड़ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है और इसके लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। कांवड़ियों के स्वागत में सरकारी तंत्र पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया।