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भाजपा मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला, खालिस्तानी आतंकी संगठन ने ली जिम्मेदारी

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चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर बुधवार शाम ग्रेनेड हमले ने शहर में हड़कंप मचा दिया। धमाके से कार्यालय के बाहर खड़ी एक कार और एक स्कूटर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि आसपास की दीवारों पर 50 से अधिक जगहों पर छरों के निशान पाए गए। हालांकि, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

घटना के तुरंत बाद मौके पर भाजपा कार्यालय, रोटरी एंड ब्लड बैंक सोसाइटी और लॉ भवन में मौजूद लोग बाहर आए। सूचना मिलने पर आईजी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। जांच में ऑपरेशन सेल, क्राइम ब्रांच, जिला क्राइम सेल, बम डिटेक्शन टीम, डॉग स्क्वॉड, सीएफएसएल, फॉरेंसिक टीम और एनआईए की टीमें शामिल हो गई हैं।

प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन से जुड़े सुखजिंदर सिंह बब्बर ने सोशल मीडिया पोस्ट में हमले का दावा किया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस्तेमाल किया गया हैंड ग्रेनेड पाकिस्तान से कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में भेजा गया था। इस हैंड ग्रेनेड की समान खेप पहले 6 अक्टूबर 2024 को पुंछ में बरामद की गई थी।

घटना के कुछ समय बाद सामने आए 10 सेकंड के वीडियो में एक व्यक्ति हेलमेट हाथ में लिए ग्रेनेड फेंकते हुए दिखा, जिसने गले में भगवा रंग का परना बांधा था। हमलावरों ने मोटरसाइकिल पर आकर हमला किया और वारदात के बाद मोहाली की ओर भाग गए। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि चंडीगढ़ में हुई यह घटना पंजाब और देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि यह हमला पाकिस्तान द्वारा भेजी गई हथियारों और हैंड ग्रेनेड की सप्लाई का हिस्सा है। लुधियाना और कश्मीर में पहले बरामद हथियारों की जांच से भी पता चला है कि पाकिस्तान लगातार पंजाब में अस्थिरता फैलाने की साजिश रच रहा है।

ट्रंप का दावा: ईरान पर अभियान सफलता के करीब, युद्ध जल्द खत्म होगा

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नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों के बहुत करीब पहुंच चुका है और आने वाले 2-3 हफ्तों में इस युद्ध को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों, खासकर इजरायल, को किसी भी हालत में नुकसान नहीं होने देगा।

अभियान में ईरान को भारी नुकसान
ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान में ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, उसकी वायुसेना कमजोर हो गई है और कई उच्च अधिकारी मारे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत को समाप्त करना था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है।

आगामी हमले और रणनीति
राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य अहम ढांचे को निशाना बना सकता है। उन्होंने अन्य देशों से आग्रह किया कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

युद्ध की जरूरत और तेल पर असर
ट्रंप ने इसे अमेरिका और विश्व की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान आतंकवाद को लंबे समय से समर्थन दे रहा है और परमाणु हथियार बनाने के करीब था। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

इसके अलावा, उन्होंने हाल के दिनों में वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि तेल टैंकरों पर हमलों से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई। ट्रंप ने क्षेत्रीय सहयोगियों सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन की तारीफ करते हुए भरोसा जताया कि अमेरिका इस संकट का सामना करने में सक्षम है।

सेंसेक्स 1400 अंक से गिरा, निफ्टी 22,250 के नीचे, रुपये में 1.51 रुपये की तेजी

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मुंबई : भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी गिरावट के साथ खुला। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सुबह 1,394 अंक या 1.90% की गिरावट के साथ 71,739.94 पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 शेयरों वाला इंडेक्स 407.75 अंक (1.80%) टूटकर 22,271.65 पर कारोबार कर रहा था।

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-अमेरिका तनाव से प्रेरित है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा कि अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ने बाजार की धारणा को नकारात्मक कर दिया है।”

इस दौरान बैंकिंग और फार्मा सेक्टर में तेज बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियां नुकसान में थीं। सबसे अधिक प्रभावित शेयरों में सन फार्मा, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक शामिल रहे। वैश्विक बाजारों में भी गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.31%, जापान का निक्केई 2.24%, हांगकांग का हैंगसेंग 1.04% और शंघाई कंपोजिट 0.53% लुढ़क गया।

रुपया मजबूत
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.51 रुपये मजबूत होकर 94.62 से बढ़कर 93.19 पर पहुंच गया। यह तेजी मुख्य रूप से आरबीआई द्वारा ऑनशोर फॉरवर्ड मार्केट में बैंकों की नेट ओपन पोजीशन सीमित करने के कदम के कारण आई।

देहरादून में ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़े पैमाने पर चेकिंग, हिरासत में 149 लोग

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देहरादून। बुधवार देर रात देहरादून के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 149 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया और 40 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही 67 वाहनों को सीज किया गया।

एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि अभियान शहर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान का मकसद सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने, शराब पीकर वाहन चलाने, हुड़दंग करने और अन्य नियमों का उल्लंघन रोकना था।

यातायात नियमों का उल्लंघन भी कड़ा किया गया

चेकिंग के दौरान यातायात नियम तोड़ने वाले 143 वाहन चालकों से कुल 86 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा 157 वाहनों के चालान किए गए और 67 वाहनों को सीज किया गया।

प्रतिष्ठान और किरायेदारों पर कार्रवाई

पुलिस ने बिना सत्यापन अपने प्रतिष्ठानों में काम कराने और किरायेदार रखने वालों पर भी कार्रवाई की। इस संबंध में तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

पीजी और हॉस्टल में आकस्मिक निरीक्षण

एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस ने शहर के पीजी और हॉस्टल में आकस्मिक चेकिंग अभियान भी चलाया। इस दौरान छात्रों को चेतावनी दी गई कि पढ़ाई की आड़ में हुड़दंग या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बदरीनाथ धाम में अब धार्मिक और अस्थायी कार्यक्रम के लिए अनुमति जरूरी

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चमोली। बदरीनाथ धाम में धार्मिक आयोजनों और अस्थायी निर्माण पर अब नगर पंचायत की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। नगर पंचायत बदरीनाथ द्वारा जारी तीन नई उपविधियों के तहत भागवत कथा, भंडारा और अन्य विशेष कार्यक्रम बिना अनुमति आयोजित करने पर ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। नगर पंचायत की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अनुमति लेना आवश्यक होगा। इसके अलावा, बदरीनाथ क्षेत्र में मांस लाने या झुग्गी-झोपड़ी बनाने पर भी सख्त रोक लगाई गई है।

  1. मांसाहार परिवहन एवं उपयोग प्रतिबंध उपविधि, 2026 – क्षेत्र में मांस का सेवन और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित।
  2. झोपड़ी, अस्थायी आवास नियंत्रण एवं स्वच्छता उपविधि – झुग्गी-झोपड़ी बनाने से पहले अनुमति अनिवार्य, और नियमित रूप से शौचालय निर्माण करना भी जरूरी।
  3. भंडारा, भागवत कथा एवं विशेष कार्यक्रम नियंत्रण उपविधि – धार्मिक आयोजन केवल अनुमतियों के साथ ही संभव होंगे।

नगर पंचायत ने इन उपविधियों के साथ यूजर चार्ज की व्यवस्था भी की है ताकि व्यवस्थाएं और नियंत्रण सुनिश्चित किए जा सकें। ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद उपविधियां लागू कर दी जाएंगी। नगर पंचायत ईओ सुनील पुरोहित ने बताया कि बीते वर्षों में क्षेत्र में कुछ मजदूर मांस के साथ पकड़े गए थे, अब इस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

नगर पंचायत की यह नई व्यवस्था मुख्य रूप से पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि इन नियमों के बावजूद तीर्थयात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। सभी नियम और उपविधियां यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वच्छ बनाने के लिए हैं।

उत्तराखंड: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 30 अधिकारियों के तबादले

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देहरादून में पुलिस महकमे में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जारी ट्रांसफर सूची के अनुसार 3 थानाध्यक्षों सहित कुल 30 अधिकारियों का तबादला किया गया है।

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यह आदेश आधी रात को जारी किए गए, जिससे पुलिस विभाग में हलचल मच गई। कई थानों में प्रभारी अधिकारियों को बदला गया है, वहीं नए अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि यह फैसला कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से पुलिस व्यवस्था में सुधार होगा और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनेगी।

देहरादून में अपराध पर सख्ती: “ऑपरेशन प्रहार” शुरू, डीजीपी के कड़े निर्देश

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देहरादून। राजधानी में हालिया आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” शुरू करने का फैसला लिया है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने की।

बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर नियंत्रण के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि देहरादून में कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आईजी गढ़वाल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि एसएसपी देहरादून को अधीनस्थ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और बैरियरों पर सघन चेकिंग करने को कहा गया है।

विशेष रूप से सुबह के समय पुलिस बल की उपस्थिति और सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
एसटीएफ को भी देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, किरायेदारों और पीजी में रहने वालों का सत्यापन अभियान तेज करने तथा होम-स्टे गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के बाद संचालित बार और पब्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत राजधानी में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी और सतर्कता के साथ काम करेगी, ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

तहसीलदार निलंबित, पहले ही हो चुकी गिरफ्तार, KBC में जीते थे 50 लाख

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श्योपुर (मध्यप्रदेश)। श्योपुर जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) में 50 लाख रुपये जीतकर चर्चा में आईं तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को निलंबित कर दिया गया है। चंबल संभागायुक्त ने श्योपुर कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को यह आदेश जारी किया।

अमिता सिंह तोमर को 26 मार्च 2026 को बाढ़ राहत राशि घोटाले के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जहां वह अभी भी बंद हैं। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई मंगलवार को प्रस्तावित थी, लेकिन किसी कारणवश तारीख आगे बढ़ा दी गई।

ढाई करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर वर्ष 2021 में आई बाढ़ के दौरान राहत राशि वितरण में लगभग 2.57 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। आरोपों के अनुसार, उस समय बड़ौदा तहसील में पदस्थ रहते हुए उन्होंने करीब दो दर्जन पटवारियों और दलालों के साथ मिलकर 127 फर्जी खातों में यह राशि ट्रांसफर कर दी।

यह अनियमितता डिप्टी कलेक्टर द्वारा किए गए ऑडिट में सामने आई, जिसके बाद बड़ौदा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस जांच में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें अमिता तोमर और 25 पटवारी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
गिरफ्तारी से पहले अमिता सिंह तोमर ने अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि मामले में अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।

KBC से मिली थी पहचान
अमिता सिंह तोमर वर्ष 2011 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन-5 में 50 लाख रुपये जीतने के बाद चर्चा में आई थीं। इसके बाद उन्हें ‘KBC वाली मैडम’ के नाम से भी जाना जाने लगा।

पहले भी रही हैं विवादों में
अपने 14 साल के सेवा कार्यकाल में अमिता तोमर कई बार विवादों में रही हैं। सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और प्रशासनिक टिप्पणियों के चलते उन्हें पहले भी निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा, बार-बार तबादलों को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री और तत्कालीन मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भी सुर्खियां बटोरी थीं।

अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़, आईएमए उपाध्यक्ष समेत छह गिरफ्तार

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कानपुर। शहर में पिछले दो वर्षों से सक्रिय अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस गिरोह के तार विदेशों तक जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह अब तक 50 से अधिक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट कर चुका है।

मामले का खुलासा 29 मार्च को हुआ, जब कल्याणपुर स्थित आहूजा हॉस्पिटल में एक संदिग्ध ट्रांसप्लांट की सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

कार्रवाई के दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कानपुर की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ. सुरजीत आहूजा, दलाल शिवम अग्रवाल और तीन अस्पताल संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने कुल 15 आरोपियों के खिलाफ मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

विदेशी मरीजों तक पहुंचा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि 3 मार्च को इसी अस्पताल में दक्षिण अफ्रीका की एक महिला का भी अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था। गिरोह गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर उनकी किडनी 5 से 10 लाख रुपये में खरीदता था और अमीर मरीजों को 60 लाख से एक करोड़ रुपये तक में बेचता था।

फर्जी दस्तावेजों से करते थे खेल
पुलिस के मुताबिक, किडनी देने वाले और लेने वाले को फर्जी बीमारी दिखाकर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया जाता था। हालिया मामले में डोनर बिहार का छात्र आयुष और रिसीवर मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर थीं। दोनों को गॉल ब्लैडर की बीमारी बताकर भर्ती किया गया था।

नोएडा से आती थी डॉक्टरों की टीम
ट्रांसप्लांट करने के लिए नोएडा से डॉक्टरों की टीम बुलाई जाती थी, जिसमें डॉ. रोहित, डॉ. अफजाल, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग शामिल बताए जा रहे हैं। ये सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस की टीमें दिल्ली-एनसीआर में दबिश दे रही हैं। गिरोह के सदस्य आपस में टेलीग्राम के जरिए संपर्क में रहते थे।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने मेडलाइफ हॉस्पिटल को सील कर दिया है, जबकि आहूजा और प्रिया हॉस्पिटल को बंद करने के नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि जांच के दौरान कुछ अस्पतालों में गतिविधियां जारी मिलने से विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

कड़ी सजा का प्रावधान
आरोपियों पर मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोषी पाए जाने पर उन्हें 10 साल तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही, मेडिकल पेशे से जुड़े आरोपियों के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।

ऋषिकेश बाईपास को मिली बड़ी मंजूरी: ₹1105.79 करोड़ की 4-लेन परियोजना

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देहरादून। उत्तराखण्ड में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए Ministry of Road Transport and Highways ने ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को मंजूरी दे दी है। मंत्रालय ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए 1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की है।

यह परियोजना Rishikesh क्षेत्र में National Highway 7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। करीब 12.670 किलोमीटर लंबा यह 4-लेन बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। परियोजना को EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।

मंत्रालय के अनुसार, परियोजना की प्रारंभिक लागत 1151.18 करोड़ आंकी गई थी, जिसे संशोधित कर 1139.40 करोड़ किया गया और अंततः 1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। निर्माण कार्य को तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि न तो लागत में वृद्धि स्वीकार की जाएगी और न ही समयसीमा में देरी।

परियोजना पर होने वाला व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के तहत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस परियोजना के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।

इस बाईपास के निर्माण से ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा तथा जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।