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रक्षाबंधन पर इस बार नहीं रहेगा भद्रा का साया, लेकिन…डेढ़ घंटे नहीं रहेगा शुभ मुहूर्त!

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हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल सावन पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाएगा। इस शुभ पर्व पर आमतौर पर भद्राकाल का साया रहता है, जिसे अशुभ माना जाता है। लेकिन, इस बार रक्षाबंधन बिना भद्रा के मनाया जाएगा, जो कि एक शुभ संकेत है। हालांकि, राखी बांधने से पहले राहुकाल का विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि यह भी शुभ कार्य के लिए अशुभ माना जाता है।

राखी बांधने का शुभ समय और राहुकाल

पंचांग के मुताबिक, 9 अगस्त को राहुकाल सुबह 9 बजे से लेकर 10:30 बजे तक रहेगा। इस डेढ़ घंटे की अवधि को शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए इस दौरान भाई को राखी बांधने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि राहुकाल में शुरू किए गए कार्य सफल नहीं होते हैं।

क्या होता है राहुकाल?

राहुकाल हर दिन सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच लगभग 90 मिनट की एक विशिष्ट अवधि होती है, जिसे ज्योतिष में अशुभ समय माना गया है। यह समय छाया ग्रह राहु द्वारा शासित होता है, जिसे बाधाओं, भ्रम और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। इसी कारण राहुकाल में कोई भी नया शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

राहुकाल में क्या करें और क्या न करें?

  • क्या न करें: राहुकाल में कोई भी नया या शुभ काम शुरू करने से बचें। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय शुरू करना, यात्रा करना या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना अशुभ माना जाता है। धार्मिक कार्यों जैसे यज्ञ या पूजा-पाठ से भी इस समय बचना चाहिए।
  • क्या करें: राहुकाल के दौरान आप ध्यान, जप और साधना कर सकते हैं। भगवान शिव, देवी दुर्गा और भगवान काल भैरव की उपासना करना शुभ माना जाता है, क्योंकि इनकी पूजा से राहु के नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं। अगर यात्रा करना जरूरी हो तो पान, दही या कुछ मीठा खाकर निकलना चाहिए। पढ़ाई-लिखाई करना भी इस समय शुभ माना जाता है।

चीनी घुसपैठ पर राहुल के बयान पर SC जज की टिप्पणी से कांग्रेस नाराज, उठाए सवाल

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नई दिल्ली: कांग्रेस ने सीमावर्ती इलाकों में चीनी घुसपैठ से संबंधित विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर सुप्रीम कोर्ट के एक जज की टिप्पणी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। पार्टी ने आश्चर्य व्यक्त किया है कि एक न्यायविद ने इस तरह की व्यंग्यात्मक टिप्पणी क्यों की।

यह मामला राहुल गांधी के खिलाफ एक मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया, जब न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने कथित तौर पर कांग्रेस नेता की ‘चीन द्वारा भारतीय भूमि पर कब्जा’ संबंधी पूर्व टिप्पणी पर ये टिप्पणियां कीं। न्यायाधीश ने सवाल किया कि राहुल गांधी को संसद में ऐसे मुद्दे उठाने से किसने रोका, और कहा, “क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है। अगर आप सच्चे भारतीय होते, तो ये सब बातें नहीं कहते।”

‘संसद में बोलने नहीं देते तो कहां बोलें?’

न्यायाधीश की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, अरुणाचल प्रदेश के एआईसीसी प्रभारी चेल्ला कुमार ने कहा, “हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन संबंधित न्यायाधीश को यह बताना चाहिए कि जब विपक्ष के नेता जैसे सच्चे राष्ट्रवादी को संसद में बोलने की अनुमति नहीं है तो वह कहां बोलें।” उन्होंने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी कोई महत्वपूर्ण मुद्दा उठाने की कोशिश करते हैं, तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है। कुमार ने यह भी कहा कि राहुल गांधी एक सार्वजनिक व्यक्ति हैं और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर संसद के बाहर भी अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं।

पूर्व सांसद और अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बोसीराम सिरम ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में चीनी घुसपैठ एक नियमित घटना है, जिससे स्थानीय लोग वर्षों से जूझ रहे हैं। सिरम ने भाजपा सांसद तापिर गाओ की पहले की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि यह समस्या पुरानी है और केंद्र सरकार इससे अवगत है।

एआईसीसी पदाधिकारी गुरदीप सप्पल ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने कुछ नया कहा है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष के नेता राहुल गांधी को कुछ कहना है, तो उन्हें संसद में कहना चाहिए, सोशल मीडिया पर कहने की क्या जरूरत है। अब तो विपक्ष के नेता द्वारा जनता के साथ अपने विचार साझा करने पर भी आपत्तियां होने लगी हैं।”

कांग्रेस के शोध पत्र में उठाए गए सवाल

कांग्रेस ने अपने शोध पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 19 जून, 2020 के उस बयान पर सवाल उठाया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “हमारी सीमा में न तो कोई घुसपैठ कर रहा है और न ही कोई वहां मौजूद है”। पार्टी ने इसे चीन को ‘क्लीन चिट’ देने जैसा बताया।

इसके अलावा, पार्टी ने पूछा है कि:

  • क्या 21 अक्टूबर, 2024 का सैन्य वापसी समझौता अप्रैल 2020 की यथास्थिति बहाल करेगा?
  • क्या यह सच है कि देपसांग, डेमचोक और चुमार में भारतीय गश्ती दलों को अब अपने गश्ती प्वाइंट तक पहुंचने के लिए चीन की सहमति की आवश्यकता है?
  • क्या भारतीय गश्ती दलों को बफर जोन के कारण गलवान, हॉट स्प्रिंग्स और पैंगोंग झील के क्षेत्रों में जाने से रोका जा रहा है?
  • क्या यह सही नहीं है कि लेह के पुलिस अधीक्षक ने एक शोधपत्र में कहा था कि भारत ने पूर्वी लद्दाख में 65 गश्ती प्वाइंट में से 26 तक पहुंच खो दी है?

कांग्रेस ने कहा कि चीन के पक्ष में व्यापार असंतुलन भारत के हितों के विरुद्ध है, और चीन ने 7 से 10 मई के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद भी की थी।

उत्तराखंड: बारात में चल रहा था डांस, तभी दो गुटों में हो गया झगड़ा, एक को लगी गोली

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रुड़की (हरिद्वार)। एक ओर जहां शादी के माहौल में खुशियां गूंज रही थीं, वहीं दूसरी ओर देखते ही देखते माहौल गोलियों की गूंज और चीख-पुकार में तब्दील हो गया। मामला गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक बैंक्वेट हॉल का है, जहां सहारनपुर से आई बारात में शामिल कुछ युवकों और स्थानीय युवकों के बीच पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे खूनी संघर्ष में बदल गई। इसी बीच गोली चल गई और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

क्या है पूरा मामला?
पाडली गुर्जर गांव निवासी एक व्यक्ति की दो बेटियों की शादी गंगनहर क्षेत्र के एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित की गई थी। एक बारात मुजफ्फरनगर से और दूसरी बारात सहारनपुर जिले से आई हुई थी। शादी समारोह के बीच ही दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई जो जल्द ही झगड़े में बदल गई।

इसी दौरान सहारनपुर से आए एक युवक ने तमंचा निकालकर स्थानीय युवक फैज (25) पुत्र मोहम्मद यासीन निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी को गोली मार दी। फैज को गोली पीठ की तरफ बाजू में लगी और वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। शादी की खुशियां एक झटके में मातम में बदल गईं और अफरा-तफरी मच गई।

पुरानी रंजिश बना वजह
सूत्रों के मुताबिक, एक माह पूर्व फैज और उसके साथियों का सहारनपुर जिले के कोटा माही गांव के कुछ युवकों से एक शादी समारोह के दौरान विवाद हुआ था। उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन बीती रात रुड़की में हुई शादी के दौरान कोटा माही गांव के वही युवक फिर फैज के सामने आ गए, जिसके बाद पुराना विवाद फिर ताजा हो गया और मामला हिंसक रूप ले बैठा।

अफरा-तफरी और जाम
गोली चलते ही समारोह में भगदड़ मच गई और हाईवे पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे जाम की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। घायल फैज को तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

जांच में पुलिस जुटी
गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि घटना की जांच जारी है। आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। घटनास्थल से कुछ सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, जिससे गोली चलाने वाले की पुष्टि की जा सके।

कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर चट्टान गिरने से बड़ा हादसा, दो की मौत, पांच घायल

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कोटद्वार। सोमवार सुबह कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर सिद्धबली मंदिर के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया। किल्बोखाल से कोटद्वार की ओर आ रही एक मैक्स वाहन पर अचानक पहाड़ी से भारी चट्टान और मलबा आ गिरा। हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतकों की पहचान सतबीर (20) और रविंद्र उर्फ मोटा (32) के रूप में हुई है, जो पौड़ी गढ़वाल जिले के निवासी थे। सभी घायलों को बेस अस्पताल कोटद्वार पहुंचाया गया, जहां चालक देवेंद्र और एक अन्य यात्री दिनेश की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

घायलों में मीनाक्षी, पंकज, सिमरन, देवेंद्र और दिनेश शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

चलती बस में ड्राइवर को पड़ा मिर्गी का दौरा, कई गाड़ियों को मारी टक्कर; एक की मौत

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नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में विकास मार्ग पर सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां एक अनियंत्रित “देवी बस” ने सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे एक ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह उस समय हुआ जब देवी बस विकास मार्ग से झील खुरंजा की ओर जा रही थी। पुलिस को पता चला है कि बस चालक को मिर्गी का दौरा पड़ा, जिसके कारण वह बस पर से नियंत्रण खो बैठा और यह दर्दनाक घटना हुई।

इस हादसे में सड़क किनारे ऑटो खड़ा करके सवारी का इंतजार कर रहे ऑटो चालक मोहम्मद हिम (शहीद नगर निवासी) की मौत हो गई। बस की चपेट में आने से कुल आठ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें ऑटो और कई कारें शामिल हैं। जो कारें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वे विकास मार्ग पर सड़क किनारे बनी फ्री समानांतर पार्किंग में खड़ी थीं।

मॉनसून सत्र 2025: हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही स्थगित, शिबू सोरेन को राज्यसभा में दी गई श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र 2025 का आज सोमवार को 11वां दिन है, लेकिन सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। दोनों सदनों में विपक्ष द्वारा बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। इससे पहले शुक्रवार को भी कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने संसद भवन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया और फिर सदन के अंदर नारेबाजी की। आज भी सदन की कार्यवाही बाधित रही।

शिबू सोरेन के निधन पर शोक

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन के निधन की खबर ने आज संसद की कार्यवाही को प्रभावित किया। राज्यसभा में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद श्रद्धांजलि स्वरूप राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “श्री शिबू सोरेन जी एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने जनता के प्रति अटूट समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में तरक्की की। वे आदिवासी समुदायों, गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए विशेष रूप से समर्पित थे। उनके निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ है।” पीएम मोदी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात कर भी संवेदना व्यक्त की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी शिबू सोरेन के निधन को “बहुत दुखद खबर” बताया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

बिहार वोटर लिस्ट पर लोकसभा में हंगामा

लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने बिहार मतदाता सूची के मुद्दे सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने का अनुरोध किया, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बिहार मतदाता सूची के मुद्दे को “बहुत गंभीर” बताया और कहा कि सरकार को इस पर चर्चा के लिए सहमत होना चाहिए। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा किए गए एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव भी दिया था।

अन्य मुद्दे और आज की कार्यसूची

सत्र में गतिरोध जारी होने के बावजूद, आज लोकसभा में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025 पेश किया जाना है। इस विधेयक पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम, 2022 में संशोधन के साथ चर्चा की जाएगी।

वहीं, कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने छत्तीसगढ़ में दो कैथोलिक ननों और एक आदिवासी युवक की गिरफ्तारी पर चर्चा के लिए कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया है। आप सांसद संजय सिंह ने भी एसएससी फेज-13 परीक्षा में अनियमितताओं और उसके प्रभावों पर चर्चा के लिए राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया है।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन, दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में ली अंतिम सांस

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नई दिल्ली। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, वयोवृद्ध आदिवासी नेता और राज्यसभा सांसद ’’शिबू सोरेन’’ का सोमवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के ’’सर गंगाराम अस्पताल’’ में अंतिम सांस ली। अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष ’’डॉ. एके भल्ला’’ ने उनके निधन की पुष्टि की। डॉ. भल्ला के अनुसार, 81 वर्षीय शिबू सोरेन की हालत पिछले कई दिनों से गंभीर बनी हुई थी। वह ’’डायबिटीज’’, ’’किडनी’’ और ’’फेफड़े की बीमारी’’ से जूझ रहे थे।

हाल ही में उन्हें ’’ब्रेन स्ट्रोक’’ भी हुआ था, जिसके चलते उनके शरीर का बायां हिस्सा पैरालाइज़ हो गया था। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही वह ’’आईसीयू’’ में थे, और उनकी देखभाल के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके पुत्र ’’हेमंत सोरेन’’ दिल्ली में ही डटे हुए थे। इस दौरान कई वरिष्ठ नेता भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लेने आए।

शिबू सोरेन के निधन की जानकारी सबसे पहले उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने ’’एक्स (पूर्व ट्विटर)’’ पर साझा की। भावुक शब्दों में उन्होंने लिखा, पिताजी के जाने से मैं शून्य हो गया हूं। यह सिर्फ मेरा व्यक्तिगत नहीं, झारखंड के आदिवासी समाज और राजनीति का अपूरणीय नुकसान है।

शिबू सोरेन, जिन्हें श्रद्धापूर्वक ’गुरुजी’ कहा जाता था, झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा थे। उन्होंने आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन लंबे समय तक केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। उनके निधन से राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी शोक की लहर है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश का अलर्ट: तीनों ज़िलों में स्कूल बंद, कई बच्चे आधे रास्ते से लौटे

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देहरादून : भारत मौसम विज्ञान विभाग और NDMA की चेतावनी के बाद उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश से हालात बिगड़ते दिख रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में 4 अगस्त 2025 आज स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

देहरादून ज़िले में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सुबह ही आदेश जारी किया, लेकिन समय पर सूचना न मिलने के कारण कई बच्चे पहले ही स्कूल के लिए निकल चुके थे। बहुत से छात्रों को आधे रास्ते से वापस लौटना पड़ा, जबकि कुछ छात्र-छात्राएं अपने स्कूल तक पहुंच भी चुके थे, जिन्हें वहां से वापस भेजा गया।

बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भी भारी वर्षा, तेज़ हवाएं (40–50 किमी/घंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी के मद्देनज़र प्रशासन ने स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। तीनों जिलों के ज़िला प्रशासन ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे बच्चों को घर पर ही रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन, जलभराव और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन सतर्क है, लेकिन, आम जनता से भी सजग और सहयोगी बने रहने की अपील की गई है।

 

 

उत्‍तराखंड शासन ने IAS, PSC समेत कई अफसरों के किये तबादले

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देहरादून। उत्‍तराखंड शासन ने चार आइएएस, दो पीसीएस और सचिवालय सेवा के पांच अधिकारियों के दायित्व में फेरबदल किया है।

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बड़ा हादसा: नहर में गिरी श्रद्धालुओं की गाड़ी, 11 की मौत, 4 गंभीर घायल

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गोंडा, उत्तर प्रदेश |  उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें 11 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इटियाथोक थाना क्षेत्र में उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं से भरी एक गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी नहर में जा गिरी। सभी श्रद्धालु गोंडा के प्रसिद्ध पृथ्वीनाथ मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन के लिए जा रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी में कुल 15 लोग सवार थे। हादसे में 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

तेज रफ्तार और खराब सड़क बनी हादसे की वजह?
प्रारंभिक जांच में तेज गति और सड़क की जर्जर हालत को हादसे का कारण माना जा रहा है। नहर के पास सुरक्षा दीवार न होने की वजह से गाड़ी सीधे पानी में जा समाई। घटना के वक्त गाड़ी बेकाबू हो चुकी थी और चालक उसे संभाल नहीं सका।

प्रशासन और राहत टीमें मौके पर
हादसे की खबर मिलते ही इटियाथोक थाना पुलिस, एनडीआरएफ, और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए क्रेन, नाव और अन्य उपकरणों की मदद ली गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जबकि घायलों का उपचार जारी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने और घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

श्रद्धालुओं की यात्रा बनी मातम का सबब
सावन के महीने में पृथ्वीनाथ मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। मगर इस हादसे ने भक्तों की आस्था की यात्रा को मातम में बदल दिया।