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उत्तरकाशी धराली आपदा: मुख्यमंत्री ने की राहत कार्यों की समीक्षा

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देहरादून: उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत और बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और सेना के प्रतिनिधियों से मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू और मेडिकल कैंप स्थापित कर दिए गए हैं और लोगों के लिए भोजन व अन्य जरूरी सामान की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।

धामी ने कहा कि राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। भारतीय वायुसेना के चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता हर प्रभावित नागरिक तक मदद पहुंचाना है।

9 अगस्त को मनाया जाएगा पावन पर्व रक्षाबंधन, आचार्य डॉ. सुरेश उनियाल ने दी शुभ मुहूर्त की जानकारी

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विकासनगर :  श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाएगा। यह पर्व सावन माह में होने के कारण श्रावणी या सावनी के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर यमुना पुत्र आचार्य डॉ. सुरेश उनियाल “महाराज” ने पर्व की महत्ता, शुभ मुहूर्त और इससे जुड़े धार्मिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।

आचार्य उनियाल ने बताया कि रक्षाबंधन में राखी या रक्षासूत्र का विशेष महत्व है। परंपरागत रूप से यह कच्चे सूत के धागे से बनाई जाती है, हालांकि आजकल रेशमी, सोने और चांदी की राखियां भी प्रचलन में हैं। उन्होंने कहा, “धार्मिक दृष्टि से सबसे अधिक महत्व कच्चे धागे से बनी राखी का ही है।”

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं हैं, जैसे महाभारत में द्रौपदी द्वारा श्रीकृष्ण को राखी बांधना, रानी कर्णावती द्वारा हुमायूँ को राखी भेजना, और माता लक्ष्मी द्वारा राजा बलि को राखी बांधकर भगवान विष्णु को उनके वचन से मुक्त कराना।

इस वर्ष भद्रा का कोई दोष नहीं रहेगा। भद्रा काल 9 अगस्त को सुबह 1:52 बजे समाप्त हो जाएगा। शुभ मुहूर्त सुबह 5:39 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा। पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त दोपहर 1:40 बजे से प्रारंभ होकर 9 अगस्त दोपहर 1:24 बजे तक रहेगी, जबकि श्रवण नक्षत्र दोपहर 2:24 बजे तक रहेगा।

आचार्य उनियाल ने कहा, “भाई-बहन जब भी मिलते हैं, वह समय शुभ ही होता है। नारी का सम्मान करें, हर बहन को बहन समझें, यही सच्चा रक्षाबंधन है। जिस घर में बहनों और भांजों का आदर नहीं, वह घर नरक के समान है और जहां उनका सम्मान होता है, वह घर बैकुंठ बन जाता है।” उन्होंने समाज से आह्वान किया कि इस रक्षाबंधन पर बहनों की रक्षा का संकल्प लें, तभी पर्व का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।

उत्तराखंड में कुदरत का कहर : धराली में बादल फटने से भारी तबाही, 70 लोग लापत, गंगोत्री हाईवे ध्वस्त

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उत्तरकाशी: गंगोत्री धाम का प्रमुख पड़ाव धराली मंगलवार को बादल फटने से आए सैलाब से पूरी तरह तबाह हो गया। खीरगंगा नदी में आए अचानक सैलाब के कारण चारों ओर मलबा फैल गया, जिसमें 15 से 20 होटल और घर क्षतिग्रस्त हो गए। जिला प्रशासन ने इस आपदा में चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। इस घटना ने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा की यादें ताजा कर दी हैं।

राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी, सेना के जवान लापता
आपदा की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, पुलिस, राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीमों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। भारतीय सेना के जवान भी बचाव अभियान में जुटे हैं। हालांकि, निचले हर्षिल क्षेत्र में एक शिविर से भारतीय सेना के 8-10 जवानों के लापता होने की खबर है, जबकि दो को सकुशल बचा लिया गया है। इस मुश्किल घड़ी में भी सेना के जवान राहत कार्यों में लगे हुए हैं। आईटीबीपी द्वारा 80 स्थानीय लोगों को कोपांग राहत शिविर में सुरक्षित पहुंचाया गया है।

पीएम मोदी और गृहमंत्री ने लिया हालात का जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सीएम धामी से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली। गृह मंत्रालय ने बताया कि आईटीबीपी की तीन और एनडीआरएफ की चार टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी फोन पर सीएम धामी को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

गंगोत्री हाईवे ध्वस्त, बिजली-पेयजल ठप
इस आपदा से यातायात और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। गंगोत्री हाईवे का भटवाड़ी के पास डेढ़ सौ मीटर हिस्सा पूरी तरह से धंस गया है, जिससे जिला मुख्यालय से उपला टकनौर और हर्षिल का सड़क संपर्क कट गया है। जो राहत बल और रसद धराली भेजी जा रही थी, वह भी रास्ते में फंस गई है। इसके अलावा, धराली क्षेत्र में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी पूर्ण रूप से ठप हो गई है। मौसम साफ होने का इंतजार किया जा रहा है ताकि क्षतिग्रस्त लाइनों की जांच कर बहाली का काम शुरू किया जा सके।

यात्रा पर पड़ा असर, स्कूल बंद
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा को अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया है। इसके अलावा, मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए चमोली, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी और उधमसिंह नगर समेत कई जिलों में 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज अवकाश घोषित किया गया है। उत्तरकाशी से लेकर देहरादून तक स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

दो और स्थानों पर बादल फटने से दहशत
धराली की घटना के कुछ घंटों बाद ही जिले में दो और स्थानों पर बादल फटने की खबर है। दोपहर करीब तीन बजे हर्षिल और गंगनानी के बीच सुक्की टाप के पास बादल फटने से लोगों में और भी दहशत फैल गई है। राज्य सरकार ने राहत कार्यों के लिए वायुसेना से भी मदद मांगी है।

उत्तराखंड में बारिश का कहर, 11 अगस्त तक जारी रहेगा खतरा

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देहरादून। लगातार दो दिन से हो रही बारिश ने उत्तराखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बुधवार को भी मौसम से राहत की उम्मीद नहीं है। पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश की संभावना के बीच कई जिलों में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, देहरादून, नैनीताल, चम्पावत और पौड़ी के कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। अन्य जिलों में भी तेज दौर की बारिश की चेतावनी दी गई है। स्थिति को देखते हुए बुधवार को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, चमोली और उत्तरकाशी में सभी स्कूल बंद रहेंगे।

मौसम केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल ने बताया कि 11 अगस्त तक प्रदेश भर में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उन्होंने चेतावनी दी कि 6 अगस्त को विशेष रूप से पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने अपील की, कि अनावश्यक रूप से पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से बचें और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोग अधिक सतर्क रहें।

उत्तरकाशी धराली आपदा: 70 लोग बताए जा रहे लापता, सेना के 8-10 जवानों का भी नहीं चल रहा पता

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने से भीषण तबाही मच गई। ऊंचाई वाले क्षेत्र में बादल फटने से खीरगंगा नदी में अचानक सैलाब आ गया, जिसने देखते ही देखते धराली का मुख्य बाजार, कई होटल, घर और होम स्टे को बहा दिया। प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में समा गया।

आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस हादसे के कुछ समय बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की सूचना मिली, हालांकि वहां किसी तरह के नुकसान की जानकारी नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर स्थिति की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। इसी बीच, निचले हर्षिल क्षेत्र के एक शिविर से 8 से 10 भारतीय सेना के जवानों के लापता होने की खबर है। बावजूद इसके, सेना के जवान अपने साथियों की तलाश और स्थानीय लोगों की मदद में जुटे हुए हैं।

उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही, 70 लापता

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने से भीषण तबाही मच गई। ऊंचाई वाले क्षेत्र में बादल फटने से खीरगंगा नदी में अचानक सैलाब आ गया, जिसने देखते ही देखते धराली का मुख्य बाजार, कई होटल, घर और होम स्टे को बहा दिया। प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में समा गया।

आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस हादसे के कुछ समय बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की सूचना मिली, हालांकि वहां किसी तरह के नुकसान की जानकारी नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर स्थिति की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। इसी बीच, निचले हर्षिल क्षेत्र के एक शिविर से 8 से 10 भारतीय सेना के जवानों के लापता होने की खबर है। बावजूद इसके, सेना के जवान अपने साथियों की तलाश और स्थानीय लोगों की मदद में जुटे हुए हैं।

उत्तरकाशी आपदा: राहत कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विशेष बलों की तैनाती

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उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्यों को तेज़ी से अंजाम देने के लिए पुलिस मुख्यालय से बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर दो पुलिस महानिरीक्षक (IG), तीन पुलिस अधीक्षक (SP), एक कमांडेंट और 11 डिप्टी एसपी सहित विशेष पुलिस बल को तत्काल उत्तरकाशी भेजा गया है। राहत एवं समन्वय कार्यों का नेतृत्व आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी और आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप करेंगे। उनके साथ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रदीप कुमार राय, अमित श्रीवास्तव (प्रथम), सुरजीत सिंह पंवार, सेनानायक IRB द्वितीय श्रीमती श्वेता चौबे, 1 डिप्टी कमांडेंट और 11 डिप्टी एसपी भी तैनात रहेंगे।

आपदा प्रबंधन को और सशक्त बनाने के लिए 40वीं वाहिनी पीएसी के विशेष आपदा राहत दल (ई कंपनी) और आईआरबी द्वितीय, देहरादून की सी कंपनी को भी प्रभावित क्षेत्र में रवाना किया गया है। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी से कुल 160 पुलिसकर्मी—निरीक्षक से आरक्षी स्तर तक—आवश्यक राहत उपकरणों के साथ भेजे गए हैं।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा, “उत्तरकाशी में हुई इस आपदा से जो पीड़ा और नुकसान हुआ है, वह अत्यंत दुखद है। पुलिस विभाग द्वारा सभी संसाधनों और मानवीय संवेदनाओं के साथ राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। हमारा प्रयास है कि हर प्रभावित व्यक्ति तक शीघ्र सहायता पहुंचे और पुलिस बल 24×7 अनवरत कार्यरत रहे।”

उत्तरकाशी धराली आपदा : मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, त्वरित राहत कार्य जारी।

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  • विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना, अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक।

  • 108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर, जिला स्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष स्थापित,लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई- डॉ.आर. राजेश कुमार।

देहरादून: उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में सोमवार को बादल फटने से उत्पन्न भीषण आपदा के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं, ताकि समय पर पीड़ितों तक सहायता पहुंच सके।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम तत्काल धराली क्षेत्र के लिए रवाना करने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में सर्जन, निश्चेतक, फिजीशियन और आर्थोपेडिक सर्जन शामिल हैं। टीम का संचालन गढ़वाल मंडल के निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सौंपा गया है, जिन्हें इस आपदा में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन के तहत राज्य के सभी प्रमुख चिकित्सालयों को निर्देश दिए गए हैं कि गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए बेड आरक्षित रखें। साथ ही, सभी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। यह सुनिश्चित किया गया है कि अस्पतालों में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी न रहे।

108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर

धराली और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन सेवाओं के माध्यम से घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देना, उन्हें निकटतम अस्पतालों तक पहुंचाना और संवेदी वर्गों की प्राथमिक चिकित्सा सुनिश्चित करना प्रमुख उद्देश्य है। आसपास के जनपदों से भी एंबुलेंस सेवाओं का समन्वय कर आपदा क्षेत्र में भेजा गया है।

जिला स्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष स्थापित

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि उत्तरकाशी जिले में 24×7 सक्रिय एक आपात नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। यह नियंत्रण कक्ष राहत और चिकित्सा कार्यों की निरंतर निगरानी करेगा और आवश्यक समन्वय स्थापित करेगा, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर किया जा सके।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय आपदा है, जिसमें हर अधिकारी और कर्मचारी से संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

बीकेटीसी के विश्राम गृह आपदा के दृष्टिगत निशुल्क उपलब्ध होंगे: हेमंत द्विवेदी

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• आपदा के मद्देनजर चारधाम यात्रा मार्ग स्थित बीकेटीसी के सभी विश्राम गृह तीर्थयात्रियों को निशुल्क उपलब्ध रहेंगे: हेमंत द्विवेदी

देहरादून: 5 अगस्त। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उत्तरकाशी के श्री गंगोत्री धाम मार्ग पर स्थित धराली में अतिवृष्टि से हुए जन धन की हानि पर दु:ख जताया है वही तीर्थयात्रियों से अपील की है कि मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार धामों की यात्रा करें।

इसी परिप्रेक्ष्य में बीकेटीसी अध्यक्ष ने श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति की यात्रा मार्ग स्थित सभी धर्मशालाओं एवं विश्राम गृहों को आपदा तथा अतिवृष्टि जैसी स्थिति में तीर्थयात्रियों को निशुल्क उपलब्ध करवाने के आदेश दिये है। इस यात्रा वर्ष बरसात के मौसम में किसी भी आपदा तथा संकट में चारधाम तीर्थयात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा।इस संबंध में अधिकारिक आदेश जारी कर दिये गये हैं।

विदित है कि भारी बारिश के कारण श्री बदरीनाथ – केदारनाथ यात्रा मार्ग भी जगह-जगह बाधित हो रहा है जिससे तीर्थयात्री समय पर अपने गंतव्य तक नही पहुंच पा रहे है ऐसी स्थिति में आवासीय व्यवस्था हेतु मंदिर समिति ने तीर्थयात्रियों की सहायता हेतु यह निर्णय लिया है।

उल्लेखनीय है कि बीकेटीसी के ऋषिकेश सहित देवप्रयाग, टिहरी, घनशाली, पौड़ी, श्रीनगर, रूद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग
तथा श्री बदरीनाथ मार्ग पर चमोली, नंदप्रयाग, जोशीमठ, श्री बदरीनाथ धाम में धर्मशालाएं/ विश्राम गृह स्थित है जहां तीर्थयात्रियों से आवासीय व्यवस्था हेतु सीमित शुल्क लिया जाता है।

उत्तरकाशी धराली आपदा : बचने के लिए भागे लेकिन बहा ले गया जलजला…!  

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उत्तरकाशी: धराली में मंगलवार को हुई भीषण आपदा ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई है। खीरगाड़ में बादल फटने के बाद आए मलबे ने खीरगंगा नदी को उफान पर ला दिया, जिससे धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है। इस दौरान का एक भयावह वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ ही सेकंड में कई होटल और लॉज ढहते नजर आ रहे हैं।

धराली, गंगोत्री यात्रा का एक प्रमुख पड़ाव है, जहां बड़ी संख्या में होटल, लॉज और रेस्टोरेंट स्थित हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि खीरगंगा नदी के मार्ग पर भारी मलबा तेज गति से बह रहा था, जिसने अपने रास्ते में आए कई होटलों और लॉजों को पलक झपकते ही ध्वस्त कर दिया। वीडियो में कुछ लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है, जबकि दूर खड़े लोग उन्हें चिल्लाकर आगाह करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पानी और मलबे का शोर इतना तेज था कि कुछ भी सुनाना मुश्किल था।

चार की मौत, रेस्क्यू जारी

इस आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं और कुछ लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। एनडीआरएफ की 4 टीमें, एसडीआरएफ की 3 टीमें और भारतीय सेना के जवान मौके पर बचाव अभियान में जुटे हुए हैं।

सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन

भारतीय सेना ने बताया कि हर्षिल स्थित भारतीय सेना शिविर से लगभग 4 किलोमीटर दूर धराली गांव के पास दोपहर 1:45 बजे हुए भूस्खलन के बाद से ही सेना के जवान बचाव अभियान में लगे हुए हैं। सेना ने अब तक 15-20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है और घायलों को हर्षिल स्थित अपने चिकित्सा केंद्र में उपचार दिया जा रहा है। खोज और बचाव कार्य लगातार जारी है।

उत्तरकाशी में बादल फटने से उफान पर नदी, धराली क्षेत्र में भीषण तबाही

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उत्तरकाशी : उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल घाटी में स्थित धराली गांव मंगलवार सुबह तबाही के मंजर से गुज़रा, जब खीरगंगा क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ ने पूरे गांव को अपने आगोश में ले लिया। सैलाब की रफ्तार और मलबे के सैलाब ने गांव की शांति को चीख-पुकार में बदल दिया।

सूत्रों के अनुसार, बाढ़ की चपेट में आकर कई लोग मलबे में दब गए हैं। धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है, जबकि कई होटल और दुकानें ध्वस्त हो गई हैं। होटलों में पानी और मलबा घुस जाने से भारी नुकसान की खबर है।

स्थानीय प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए आर्मी हर्षिल, पुलिस व एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्यों के लिए भटवाड़ी की ओर रवाना कर दी हैं।

उधर, बड़कोट तहसील क्षेत्र की बनाल पट्टी में भी प्रकृति का प्रकोप देखने को मिला। भारी वर्षा के चलते कुड गदेरे में अचानक उफान आ गया, जिससे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। गदेरे की चपेट में आकर करीब डेढ़ दर्जन बकरियां बह गईं।

मौसम विभाग ने राज्य के लिए अगामी दिनों में और भी ज्यादा सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. रोहित थपलियाल ने बताया कि प्रदेशभर में आगामी 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के कई दौर होने की आशंका जताई गई है।

प्रशासन ने सभी स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि नदी-नालों से दूरी बनाए रखें और सतर्कता बरतें।