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मुख्यमंत्री धामी की उच्चस्तरीय बैठक : संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण पर रोक, आपदा प्रबंधन को लेकर सख्त निर्देश

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में एक उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को भूस्खलन, हिमस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को तत्काल चिन्हित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसे क्षेत्रों में नई बसावट या निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के प्राकृतिक जल स्रोतों, नदियों और नालों के किनारों पर किसी भी प्रकार के सरकारी या निजी निर्माण पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और नियमित निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि इन आदेशों का उल्लंघन हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के तहत रोकथाम के उपायों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और संवेदनशील क्षेत्रों में जनहित को ध्यान में रखते हुए ठोस व प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जनधन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी भी मौजूद रहे।

चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर उतरा विपक्ष, हिरासत में राहुल-प्रियंका

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नई दिल्ली :बिहार में चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर शुरू हुआ विरोध अब राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। संसद के मानसून सत्र के दौरान इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकालते हुए केंद्र सरकार और आयोग पर जमकर हमला बोला।

यह मार्च संसद भवन के मकर द्वार से शुरू होकर निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग का मुख्यालय) तक निकाला गया, जिसमें कई दिग्गज विपक्षी नेता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव बैरिकेडिंग कूदकर मार्च में आगे बढ़ते दिखाई दिए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

विपक्ष के मार्च का कारण

यह विरोध मार्च, बिहार में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ निकाला गया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत हजारों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। साथ ही, 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘वोट चोरी’ का आरोप भी विपक्ष की ओर से लगाया गया है।

मार्च में कौन-कौन हुए शामिल?

मार्च की अगुवाई राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और डिंपल यादव सहित कई बड़े विपक्षी नेता कर रहे थे। इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियों के सैकड़ों सांसदों और कार्यकर्ताओं ने इस मार्च में भाग लिया। सभी सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च शुरू किया गया।

पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

मार्च को देखते हुए संसद मार्ग, रायसेना रोड और पंडित पंत मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई और रूट डायवर्ट किया गया। पुलिस ने संसद से निर्वाचन सदन तक जाने वाले रास्ते में भारी पुलिस बल तैनात किया था।

कहां से कहां तक निकला मार्च?

मार्च संसद भवन के मकर द्वार से शुरू हुआ और लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर निर्वाचन सदन तक पहुंचा। यह रास्ता कर्तव्य पथ, रायसेना रोड और पंडित पंत मार्ग से होकर गुजरता है।

विपक्ष की मांग

विपक्ष ने चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों की समीक्षा, और भविष्य में चुनावों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ बिहार की नहीं बल्कि लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए है।

बस ने 6 लोगों को रौंदा, दो शिक्षकों की मौत, चार गंभीर घायल

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रामनगर : रामनगर से लगभग 22 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ। धनगढ़ी नाले के पास बरसाती पानी का स्तर कम होने का इंतजार कर रहे छह लोगों को एक तेज रफ्तार बस ने रौंद दिया। हादसे में दो शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय धनगढ़ी नाले के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। नाले के जलस्तर के कम होने का इंतजार कर रहे लोगों में से छह लोग सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान पीछे से एक तेज रफ्तार प्राइवेट बस अनियंत्रित होती हुई आई और इन लोगों को रौंदते हुए निकल गई।

दो शिक्षकों की मौत, चार घायल

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतक शिक्षक थे।

  • सुरेंद्र सिंह पंवार (53 वर्ष), निवासी गंगोत्री विहार कनियाँ, रामनगर।

  • वीरेंद्र शर्मा (42 वर्ष), निवासी मानिला विहार चोरपानी, रामनगर। दोनों शिक्षक हर रोज की तरह हरणा (सल्ट) स्कूल पढ़ाने जा रहे थे।

हादसे में घायल चार अन्य लोगों में तीन शिक्षक और एक कर्मचारी शामिल हैं:

  • ललित पांडे – इंडियन मेडिसिन फार्मास्यूटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IMPCL), मोहान में कार्यरत।

  • सत्य प्रकाश – निवासी जसपुर, शिक्षक।

  • दीपक शाह – निवासी मालधन, शिक्षक।

  • सुनील राज – शिक्षक, जिन्होंने बताया कि “मैं सड़क किनारे खड़ा था, तभी अचानक बस ने टक्कर मार दी।”

घायलों का इलाज जारी

घायलों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से रामनगर संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। रामनगर की तहसीलदार मनीषा मारखान ने जानकारी दी कि “हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। प्रथम दृष्टया बस के ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है, हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।”

उत्तराखंड में 15 अगस्त तक के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी, रहे सतर्क

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देहरादून: उत्तराखंड में देर रात से लगातार भारी बारिश जारी है। भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बेहद खराब बना रहने की संभावना है। देहरादून, बागेश्वर, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर सहित अन्य जिलों में भारी बारिश के आसार जताए गए हैं।

देहरादून में रविवार देर रात से ही मूसलधार बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए देहरादून और बागेश्वर जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

इस बीच मौसम विभाग की ओर से 12 से 15 अगस्त तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके अनुसार 12 अगस्त को नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की संभावना। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, उधम सिंह नगर, चंपावत और उत्तरकाशी में भी भारी बारिश का अनुमान।

राज्य के अधिकांश जिलों में आकाशीय बिजली और तेज़ गर्जना के साथ तेज़ बारिश के दौर रह सकते हैं। 13 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। अन्य सभी सभी जिलों में तेज़ से बहुत तेज़ बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

14 अगस्त को सभी जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा के आसार हैं। साथ ही तेज़ गर्जना, आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान भी लगाया गया है। जबकि, 15 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत में फिर से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अन्य जिलों में भी भारी बारिश होने का अनुमान है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी जिलों में राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। शासन ने निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

बारिश के कारण नहीं शुरू हुआ हेली से रेस्क्यू, लिमचीगाड में बेली ब्रिज तैयार

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उत्तरकाशी। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर लिमच्यागाड़ में आपदा से बह गए पुल के स्थान पर सीमा सड़क संगठन ने मात्र तीन दिनों में युद्धस्तर पर कार्य कर वैली ब्रिज का निर्माण पूरा कर दिया है। इसके साथ ही सोनगाड़ तक सड़क संपर्क बहाल हो गया है और आगे क्षतिग्रस्त मार्ग के पुनर्निर्माण का रास्ता भी खुल गया है।

हाल की अतिवृष्टि में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए थे। गंगनानी से आगे लिमच्यागाड़ पर 30 मीटर लंबा पुल बह जाने से सीमांत टकनौर क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली इस सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा के तुरंत बाद स्थल पर पहुंचकर राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए थे। वे लगातार कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। राज्य व केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से रेस्क्यू और राहत कार्य तेजी से संचालित हो रहे हैं। संचार, बिजली और पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

भटवाड़ी समेत अन्य स्थानों पर सड़क बहाली के बाद लोनिवि के सहयोग से सीमा सड़क संगठन ने लिमच्यागाड़ में चुनौतीपूर्ण वैली ब्रिज निर्माण कार्य रविवार शाम पूरा किया। अब सोनगाड़ तक सड़क खुल जाने से आगे के हिस्सों में पुनर्निर्माण कार्य और तेजी से हो सकेंगे, जिससे राहत एवं पुनर्वास अभियान को और अधिक गति मिलेगी।

कांग्रेस ने घोषित किए जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख पदों के प्रत्याशी, पौड़ी से दीपिका इष्टवाल के नाम पर मुहर

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देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विभिन्न जिलों में होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख पदों के चुनाव के लिए पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने जानकारी दी कि सभी वरिष्ठ एवं स्थानीय कांग्रेस नेताओं से व्यापक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रत्याशियों का चयन किया गया है।

जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर समर्थित प्रत्याशी

नैनीताल – अध्यक्ष:  पुष्पा नेगी

उपाध्यक्ष:  देवकी विष्ट

पौड़ी – अध्यक्ष:  दीपिका इस्टवाल

रुद्रप्रयाग – अध्यक्ष:  प्रीति पुष्पवान

अल्मोड़ा – अध्यक्ष:  सुनीता कुंजवाल

ब्लॉक प्रमुख पद पर समर्थित प्रत्याशी

अगस्त्यमुनि – गायत्री देवी

जखोली – विनीता चमोला

गैरसैंण (चमोली) – सुमति बिष्ट

कर्णप्रयाग –  माहेश्वरी देवी

थराली – प्रवीण पुरोहित

पोखरी – राजी देवी

जोशीमठ – अनूप नेगी

धस्माना ने कहा कि शेष जिलों के प्रत्याशियों की दूसरी सूची शीघ्र जारी की जाएगी।

टिंचरी माई: द अनटोल्ड स्टोरी” का ट्रेलर और पोस्टर 11 अगस्त को होगा लॉन्च…VIDEO

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देहरादून। उत्तराखंड की एक सशक्त और संघर्षशील महिला समाजसेवी टिंचरी माई के जीवन पर आधारित हिंदी फीचर फिल्म “टिंचरी माई: द अनटोल्ड स्टोरी” का ट्रेलर और पोस्टर 11 अगस्त को लॉन्च किया जाएगा। यह कार्यक्रम देहरादून के सिद्धार्थ होटल, प्रिंस चौक में पूर्वाह्न 11 बजे आयोजित होगा। फिल्म का निर्माण एन.एन. प्रोडक्शन की ओर से  किया गया है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नितिन उपाध्याय, कार्यकारी अधिकारी, फिल्म विकास परिषद् उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि चन्द्रवीर गायत्री, प्रदेश अध्यक्ष, बीएसपीएस तथा विशिष्ट अतिथि रमा गोयल, प्रदेश अध्यक्ष, वैश्य महिला समाज रहेंगी। साथ ही राजीव थपलियाल (प्रदेश महामंत्री), पुष्कर नेगी, विवेक तोमर, नवल खाली, एस. पी. दुबे जैसी कई गणमान्य हस्तियां भी शिरकत करेंगी।

फिल्म की कहानी – एक अनसुनी किंतु प्रेरक गाथा

फिल्म “टिंचरी माई: द अनटोल्ड स्टोरी” उत्तराखंड की समाज सुधारिका टिंचरी माई के जीवन पर आधारित है। यह फिल्म उनके संघर्ष, त्याग, सामाजिक आंदोलनों और नारी सशक्तीकरण की यात्रा को दर्शाती है। मुख्य किरदार में मेधा माथुर, दिल्ली की एक युवा टीवी पत्रकार हैं, जिन्हें असाधारण कार्य करने वाली महिलाओं पर आलेख बनाने की जिम्मेदारी मिलती है। खोजबीन के दौरान उसे “टिंचरी माई” का नाम मिलता है, और वह उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों की यात्रा पर निकलती है।

यह यात्रा उसे टिंचरी माई के जीवन की अनेक पीड़ाओं और संघर्षों से रूबरू कराती है। टिंचरी माई का जन्म पौड़ी गढ़वाल के मंञ्यूर गांव में हुआ था। बाल्यावस्था में माता-पिता का साया उठने और कम उम्र में विवाह के बाद भी उनके जीवन में दुखों का अंत नहीं हुआ। पति की द्वितीय विश्व युद्ध में शहादत, फिर बच्चों की हैजे से मृत्यु और समाज के तिरस्कार ने उन्हें एक नई राह पर ला खड़ा किया – एक जोगन और सामाजिक क्रांतिकारी के रूप में।उन्होंने कोटद्वार भाबर क्षेत्र में शिक्षा, पेयजल और नशाखोरी के खिलाफ अनेक आंदोलनों का नेतृत्व किया। सिगड्डी गांव में पानी के लिए आंदोलन और टिंचरी (देशी शराब) के विरोध में सामाजिक जागरण की अलख जगाई।

फिल्म का सामाजिक सरोकार

फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मेधा को टिंचरी माई की कहानी में वर्तमान समाज की परछाइयां नजर आती हैं। फिल्म यह स्पष्ट करती है कि टिंचरी माई की लड़ाई आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी उनके समय में थी। फिल्म पितृसत्तात्मक समाज, नारी सशक्तीकरण, और सामाजिक बदलाव जैसे गहन विषयों को छूती है, जो आज के संदर्भ में अत्यंत जरूरी हैं।

निर्माण और लोकेशन

फिल्म का निर्देशन युवा निर्देशक के. डी. उनियाल ने किया है और इसे नवीन नौटियाल ने निर्मित किया है। लेखक लोकेश नवानी द्वारा रचित इस फिल्म में 70 से अधिक कलाकारों ने अभिनय किया है। शूटिंग लोकेशन्स में बीठ गांव, टिहरी, चोपता, उखीमठ, धारी देवी, मलेथा, देवप्रयाग संगम, बुग्गावाला, ज्वाल्याजी, सवांणी, झंडा जी महाराज, गांधी पार्क, मालदेवता और राजपुर मार्ग सहित उत्तराखंड के कई दर्शनीय और ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।

सपा नेता ने कहा : मुस्लिम धर्म का हुआ अपमान, धराली में इसलिए आई आपदा, अब बयान से पलटे

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समाजवादी पार्टी के नेता एस.टी. हसन ने उत्तराखंड के धराली में आई आपदा को लेकर दिए गए अपने बयान पर अब सफाई पेश की है। उन्होंने पहले आपदा का कारण दूसरे धर्मों के प्रति असम्मान को बताया था, लेकिन अब वे अपने बयान से पलटते हुए इसे पर्यावरण और इको-सिस्टम को हुए नुकसान से जोड़ रहे हैं।

पर्यावरण को बताया आपदा का कारण

पूर्व सांसद एस.टी. हसन ने शनिवार को एक नए बयान में कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आई आपदा का मुख्य कारण इको-सिस्टम का विनाश है। उन्होंने कहा कि हमने अंधाधुंध पेड़ों की कटाई की है, जिससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंची है और इसी कारण इस तरह की आपदाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमने अपने निर्माता यानी भगवान को नाराज किया है, क्योंकि हमने मंदिरों और मस्जिदों पर बुलडोजर चलाकर आस्था को चोट पहुंचाई है।

पहले दिए गए बयान पर विवाद

इससे पहले, एस.टी. हसन ने एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा था कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं किया जाता, जिसकी वजह से ऐसी आपदाएं आई हैं। उनके इस बयान की चारों ओर आलोचना हुई थी, जिसके बाद उन्होंने अब अपने बयान से पलटते हुए इसे पर्यावरण से जोड़ दिया है।

धराली आपदा: हेलीकॉप्टरों से जारी राहत व बचाव अभियान, मौसम खुलते ही फिर भरी उड़ान

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उत्तरकाशी: धराली क्षेत्र में आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए हेलीकॉप्टरों के माध्यम से चलाया जा रहा राहत व बचाव अभियान रविवार को भी जारी रहा। सुबह खराब मौसम के कारण हेली ऑपरेशन लगभग पौने दस बजे शुरू हो सका।

मातली हेलीपैड से बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री और राहत सामग्री हेलीकॉप्टरों के जरिए हर्षिल हेलीपैड तक भेजी जा रही है। वापसी में हेलीकॉप्टर आपदा प्रभावित क्षेत्रों से जरूरतमंद लोगों को मातली पहुंचा रहे हैं।

राज्य सरकार द्वारा संचालित इस हेली ऑपरेशन में अब तक 260 से अधिक फेरे पूरे हो चुके हैं। मातली हेलीपैड से आठ हेलीकॉप्टर लगातार सेवा में जुटे हैं। इसके साथ ही चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी से सेना के चिनूक, एमआई, एएलएच और चीता हेलीकॉप्टर भी राहत और रेस्क्यू अभियान में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

उत्तराखंड: 14 अगस्त तक के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, रहें सकर्त

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देहरादून: उत्तराखंड में आज 10 अगस्त समेत 11 अगस्त से 14 अगस्त तक के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें राज्य के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार 11 अगस्त को बागेश्वर, देहरादून, चमोली, और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, उधम सिंह नगर, और चंपावत में भी भारी बारिश हो सकती है।

12 अगस्त को बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, और नैनीताल में भारी वर्षा की संभावना है, जिसके बाद 13 अगस्त को नैनीताल और बागेश्वर में बहुत भारी बारिश और अन्य जिलों जैसे देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, चंपावत और उत्तरकाशी में भारी वर्षा का दौर जारी रहेगा।

वहीं, 14 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा और गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें। खासकर पहाड़ी जिलों में सफर करने से बचने की सलाव दी गई है। साथ ही नदी-नालों से दूर रहने का अलर्ट भी जारी किया गया है।