Home Blog Page 173

केदारनाथ के बाद अब धराली के पुनर्निर्माण की कमान संभालेंगे कर्नल अजय कोठियाल

0

देहरादून :  उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र के पुनर्विकास की जिम्मेदारी एक बार फिर कर्नल अजय कोठियाल को सौंपी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें इस कार्य में अपना प्रतिनिधि नियुक्त करते हुए भरोसा जताया है कि उनके नेतृत्व में यह क्षेत्र फिर से जीवन पा सकेगा।

कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि वे इस दायित्व को पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि “जैसे हमने केदारनाथ की भूमि को फिर से बसाया, वैसे ही धराली को भी फिर से संवारने का प्रयास करेंगे।

सरकार और कर्नल कोठियाल की टीम ने पुनर्निर्माण के लिए कुछ तत्काल प्राथमिकताएं तय की हैं:

  • लापता लोगों की खोज और पहचान।
  • गंगोत्री यात्रा का सुरक्षित पुनः संचालन।
  • चीन सीमा से जुड़े मार्गों की मरम्मत और पुनः खोलना।
  • आपदा पीड़ितों का पुनर्वास।
  • हर्षिल में बनी अस्थायी झील की सफाई और मलबा हटाना।
  • सड़कों, पुलों, आधारभूत ढांचे और पर्यटन पुनर्जीवन के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करना।
  •  निरीक्षण पूरा होने के बाद इस योजना पर सरकार के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।

कर्नल कोठियाल, जिन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण में अपनी दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था, इस बार भी ज़मीनी हकीकत समझने के लिए सबसे पहले धराली से भटवाड़ी तक पैदल यात्रा करेंगे। उनका मानना है कि “जमीन पर उतरकर ही असली तस्वीर देखी और समझी जा सकती है।”

जनता से ठुकराई BJP अब खरीद-फरोख्त से कर रही पंचायतों पर कब्जा : धस्माना

0

देहरादून। उत्तराखंड के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली हार के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर “खरीद-फरोख्त” का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि जनता द्वारा नकार दिए जाने के बावजूद भाजपा सत्ता और धन बल का इस्तेमाल कर पंचायतों पर कब्जा कर रही है।

लोकतंत्र की हत्या” का आरोप
कांग्रेस नेता श्री धस्माना ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों के पहले चरण में जनता ने भाजपा को जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनावों में करारी हार दी है। इसके बावजूद, भाजपा ने पहले दिन से ही सभी बारह जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष और सभी क्षेत्र पंचायत प्रमुख बनाने का दावा करना शुरू कर दिया था।

धस्माना ने कहा, “लोकतंत्र में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन 2014 के बाद भाजपा ने हार स्वीकार करना छोड़ दिया है। हारी हुई बाजी को येन-केन-प्रकारेण जीतने के लिए हर हथकंडा अपनाना भाजपा की आदत बन गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में भाजपा ने धन बल, सत्ता बल और छल-कपट का प्रयोग करके दूसरे दलों और निर्दलीय जीते हुए सदस्यों को अपने पाले में किया है, जिससे उन्हें अनैतिक जीत मिली है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद कई जिलों और क्षेत्र पंचायतों में कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित बोर्ड बनेंगे।

जन्माष्टमी की छुट्टी 2025: इन राज्यों में मिलेगा लगातार 3 दिन का अवकाश

0

हर साल की तरह इस साल भी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस साल यह पर्व 16 अगस्त, 2025 को है। यह दिन कई राज्यों में आधिकारिक छुट्टी का दिन होता है, जिसका मतलब है कि स्कूल, कॉलेज, और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे।

तीन दिन का लंबा वीकेंड

इस साल छात्रों और कर्मचारियों को लगातार तीन दिनों का अवकाश मिल सकता है। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 17 अगस्त को रविवार है। अगर 16 अगस्त को जन्माष्टमी की छुट्टी रहती है, तो इन तीनों दिनों को मिलाकर एक लंबा वीकेंड बन जाएगा।

इन राज्यों में रहेगी छुट्टी:

आमतौर पर, इन राज्यों में जन्माष्टमी के दिन स्कूल और कॉलेज बंद रहते हैं:

  •  उत्तर प्रदेश
  •  राजस्थान
  •  गुजरात
  •  बिहार
  •  झारखंड
  •  ओडिशा
  •  तमिलनाडु
  •  उत्तराखंड
  •  तेलंगाना और आंध्र प्रदेश
  •  पश्चिम बंगाल
  •  छत्तीसगढ़
  •  हिमाचल प्रदेश
  • मेघालय

स्कूल से जानकारी लें:

छुट्टी को लेकर कोई भी भ्रम होने पर छात्रों और अभिभावकों को अपने-अलग-अलग स्कूल, कॉलेज या कार्यालय से पुष्टि कर लेनी चाहिए, क्योंकि कुछ मामलों में नीतियां अलग हो सकती हैं। यह लंबा वीकेंड उन छात्रों के लिए घूमने या अपनी पढ़ाई की योजना बनाने का एक अच्छा मौका हो सकता है, जिन्हें छुट्टियों का इंतजार रहता है।

बड़ा हादसा टला : रोडवेज बस फिसलकर लटकी, हर्षिल घाटी का पैदल संपर्क भी कटा

0

उत्तरकाशी: गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। हरिद्वार जा रही एक रोडवेज बस भटवाड़ी के पास भूस्खलन क्षेत्र में अचानक फिसल गई, जिससे बस का पिछला पहिया सड़क से बाहर लटक गया। गनीमत रही कि बस वहीं रुक गई और उसमें सवार सभी यात्रियों की जान बच गई। यात्रियों की मानें तो बस के फिसलते ही उनकी सांसें थम सी गई थीं। बताया गया है कि यह घटना सड़क पर जमा मलबे और फिसलन के कारण हुई।

हर्षिल घाटी का पैदल संपर्क भी टूटा

धराली में आई आपदा के बाद राहत-बचाव कार्य के बीच एक और चुनौती सामने आ गई है। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से हर्षिल घाटी का पैदल संपर्क मार्ग भी टूट गया है। यह घटना सोमवार को डबराणी के पास हुई, जहाँ भागीरथी नदी में एक पोकलैंड मशीन गिर गई, जिससे डबराणी पुल और सोनगाड़ के बीच का पैदल रास्ता पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।

वन विभाग और बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की टीमें अब इस मार्ग को दोबारा बनाने में जुटी हुई हैं। करीब एक किलोमीटर के खड़ी पहाड़ी वाले क्षेत्र में पैदल आवाजाही के लिए नया रास्ता तैयार किया जा रहा है, ताकि राहत और बचाव कार्यों को सुचारू रूप से चलाया जा सके।

बड़ा हादसा टला: कार्गो विमान के इंजन में लगी आग, पायलटों ने कराई सुरक्षित लैंडिंग

0

चेन्नई : चेन्नई हवाई अड्डे पर मंगलवार, 12 अगस्त को एक बड़ा हादसा टल गया। मलेशिया के कुआलालंपुर से आ रहे एक कार्गो विमान के इंजन में लैंडिंग के दौरान अचानक आग लग गई। हालांकि, पायलटों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित रूप से उतार लिया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के समय विमान के चौथे इंजन में आग लगी, जिसके बाद पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी सूचना दी। स्थिति को समझते हुए, उन्होंने आपातकालीन लैंडिंग की बजाय सामान्य प्रक्रिया के तहत विमान को सुरक्षित उतारने का फैसला किया।

विमान के रनवे पर उतरते ही, पहले से ही तैयार खड़ी दमकल गाड़ियों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया। इस घटना में किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। यह घटना एक बार फिर पायलटों की त्वरित सोच और प्रशिक्षण को दर्शाती है।

धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा, आतंकी संगठन HUT से कनेक्शन, दुबई में छिपा एक आरोपी

0

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में धर्मांतरण के एक मामले ने अब नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। इस मामले में पुलिस को जांच के दौरान एक आरोपी का संबंध आतंकी संगठन HUT (HIZB-UT-TAHRIR) से मिला है। यह संगठन राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल है और आरोपी, अयान जावेद, को पहले ही झारखंड एटीएस ने अवैध असलहों के साथ गिरफ्तार कर लिया था। वह फिलहाल रांची की सेंट्रल जेल में बंद है। देहरादून पुलिस जल्द ही उसे वारंट-बी पर यहां लाएगी।

आगरा से भी जुड़े तार, 6 आरोपी गिरफ्तार दून पुलिस ने इस मामले की जांच तब शुरू की, जब दो पीड़िताओं ने काउंसलिंग के दौरान कुछ अहम जानकारियां दीं। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस ने आगरा में दर्ज एक अन्य धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों की शिनाख्त कराई।

इन आरोपियों में अब्दुल रहमान, एसबी कृष्णा, अब्दुर्रहमान, अबु तालिब, अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ वारंट-बी जारी किया गया है और पुलिस इन्हें रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी। पुलिस ने बताया कि ये आरोपी एक संगठित गिरोह बनाकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहे थे।

रानीपोखरी की एक पीड़िता ने पूछताछ में अयान जावेद नाम के एक शख्स का नाम लिया, जिसने उसे धर्म बदलने और घर छोड़ने के लिए उकसाया था। जब पुलिस की टीम अयान की गिरफ्तारी के लिए झारखंड गई, तो पता चला कि अयान और उसकी पत्नी शबनम परवीन HUT संगठन से जुड़े हैं। झारखंड एटीएस ने उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में UAPA और आयुध अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। रांची पुलिस के अनुसार, अयान सोशल मीडिया के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहा था।

इसके अलावा, इस मामले में एक और आरोपी सुलेमान, जो मूल रूप से देहरादून का है, दुबई में रह रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने के लिए गृह मंत्रालय से संपर्क किया है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि यह एक बड़ा और संगठित सिंडिकेट है और पुलिस इसकी जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

उत्तराखंड के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूल बंद

0

देहरादून। भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के आठ जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनजर, प्रभावित जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

मौसम विभाग ने हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चंपावत और बागेश्वर जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आज भारी बारिश होने की संभावना है।

स्कूलों में छुट्टी
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत और देहरादून जिले के जिलाधिकारियों ने स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी किया है। आज इन जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। यह आदेश छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

बिग ब्रेकिंग: भागीरथी का जलस्तर बढ़ा, हर्षिल बाजार कराया जा रहा खाली!

0

उत्तरकाशी ज़िले के हर्षिल क्षेत्र में धराली प्राकृतिक आपदा के सातवें दिन देर शाम हालात फिर बिगड़ गए। भारी बारिश के चलते मां गंगा भागीरथी नदी का जलस्तर अचानक तेज़ी से बढ़ा, जिससे खतरा बढ़ने पर जिला प्रशासन ने तत्काल हर्षिल बाजार को खाली करा दिया।

आनन-फानन में प्रशासन ने होटलों में ठहरे राहत-बचाव कार्य में जुटी टीमों और मीडिया प्रतिनिधियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लगातार हो रही बारिश और नदी के बढ़ते प्रवाह को देखते हुए प्रशासन सतर्क मोड पर है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए टीमें अलर्ट पर हैं।

गढ़वाली फिल्म “टिंचरी माई” का ट्रेलर और पोस्टर देहरादून में भव्य समारोह में लॉन्च

0

देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित गढ़वाली फिल्म “टिंचरी माई” का ट्रेलर और पोस्टर शनिवार को देहरादून में एक भव्य समारोह के दौरान लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में फिल्म की संपूर्ण स्टारकास्ट, निर्देशक, निर्माता समेत कई स्थानीय कलाकार और सिनेमा प्रेमी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान जब फिल्म का ट्रेलर स्क्रीन पर प्रस्तुत किया गया, तो दर्शकों ने उसमें दिखाई गई कहानी, पात्रों और भावनात्मक दृश्यों की सराहना की। फिल्म में गढ़वाली संस्कृति, हास्य और सामाजिक संदेश का सुंदर मिश्रण दिखाया गया है, जो हर वर्ग के दर्शकों को जोड़ने का प्रयास करता है।

फिल्म के निर्देशक केडी उनियाला ने जानकारी दी कि “टिंचरी माई” एक प्रसिद्ध समाजसेविका के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने अपने संघर्षों और सेवा भावना से समाज में एक अलग पहचान बनाई। यह फिल्म उनके प्रेरणादायक जीवन और समाज के प्रति समर्पण को पर्दे पर उतारने का प्रयास है।

निर्माताओं ने बताया कि “टिंचरी माई” को उत्तराखंड के साथ-साथ देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, जिससे गढ़वाली सिनेमा को राष्ट्रीय पहचान मिले। पोस्टर लॉन्च के साथ ही फिल्म की रिलीज डेट जल्द ही घोषित की जाएगी।गढ़वाली फिल्म उद्योग को एक नई दिशा देने और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से यह फिल्म मील का पत्थर साबित हो सकती है।

 एन एन प्रोडक्शन द्वारा निर्मित हिन्दी फीचर फ़िल्म ‘‘टिंचरी माईः द अनटोल्ड स्टोरी’’ का ट्रेलर तथा पोस्टर लांच अति विशिष्ट अतिथि चन्द्रवीर गायत्री, प्रदेश अध्यक्ष, बीएसपीएस, पुष्कर नेगी, अध्यक्ष, बीएसपीएस, चमोली नवल खाली, गढ़वाल प्रभारी, बीएसपीएस तथा एस पी दुबे, रोश धस्माना, अध्यक्ष गढ़वाल सभा, पंडित उदयशंकर भट्ट, शैलेन्द्र सेमवाल, वरिष्ठ पत्रकार दैनिक हिन्दुस्तान, तोताराम ढौंडियाल जिज्ञासु, निर्माता नवीन नौटियाल तथा इंजी. महेश गुप्ता, लोकेश नवानी और निर्देशक दिनेश उनियाल द्वारा सिद्धार्थ होटल, प्रिंस चौक, देहरादून में दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर कई गण्यमान्य लोग तथा फिल्म के कलाकार तथा रंगकर्मी उपस्थित थे। बारिश के बावजूद हाल खचाखच भरा था।

इस अवसर पर नवीन नौटियाल ने अपनी फिल्म निर्माण के सपने के बारे में श्रोताओं को बताया तथा लोकेश नवानी ने बताया कि यह फिल्म टिंचरी माई की कहानी से प्रेरित है लेकिन इसका कथानक नया और समकालीन है। श्री चन्द्रवीर गायत्री, प्रदेश अध्यक्ष, बीएसपीएस ने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में देखें और उत्तराखण्ड की कहानियों को प्रमोट करें। कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी सुशील पुरोहित ने किया।

यह फ़िल्म उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध जोगन और सामाजिक आन्दोलनकारी टिंचरी माई के जीवन से प्रेरित है और उनके संघर्ष, त्याग, दुःख, हिम्मत, जुझारूपन और सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई की कहानी को आधार बनाकर लिखी गई है। फ़िल्म का कथानक नया और समकालीन है।

मेघा माथुर दिल्ली की एक आधुनिक युवा, एक टीवी चैनल की पत्रकार है। चैनल द्वारा उसे असाधारण काम करने वाली अनजान महिलाओं को खोजकर उन पर आलेख तैयार करने का निर्देश मिला है। उसे टिंचरी माई का नाम सुझाया गया है। इसमें खास रुचि न होते हुए भी वह उत्तराखण्ड के पर्वतीय इलाकों में जाती है। उसे टिंचरी माई के अनेक दुःखभरे किस्सों व साहस भरे संघर्षों की कहानियां सुनने को मिलती हैं।

टिंचरी माई यानी ठगुली देवी का जन्म पौड़ी गढ़वाल के थलीसैंण ब्लॉक के मंज्यूर गांव में हुआ था। छोटी उम्र में ही उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया था और 13 साल की उम्र में उनका विवाह उनसे 11 साल बड़े गवांणी गांव के गणेशराम नवानी से हो गया। फौजी गणेशराम उन्हें अपने साथ क्वेटा ले गए। वे द्वितीय विश्वयुद्ध में शहीद हो गए, वह अकेली रह गई। वे अपने दो बच्चों को लेकर गांव लौटीं तो कुछ समय बाद हैजे से उनके दोनों बच्चों की मृत्यु हो गई। परिवार और समाज ने न केवल उनका तिरस्कार किया, बल्कि इतना प्रताड़ित किया कि उन्होंने घर त्याग दिया और उस समय के पिछड़े हुए क्षेत्र कोटद्वार भाबर में आकर जोगन बन गईं। अब उनके जीवन की नई लड़ाई शुरू हुई, सामाजिक सरोकारों की। टिंचरी माई ने स्वयं शिक्षित न होते हुए भी समाज में अशिक्षा को दूर करने के लिए मोटाढाक कोटद्वार में स्कूल खोला, सिगड्डी गांव में पीने के पानी की लड़ाई लड़ी और टिंचरी जैसी बुराई के खिलाफ़ एक सामाजिक आन्दोलन चलाया। जिसमें उन्होंने टिंचरी बेचने वाले व्यापारी की दुकान को आग लगा दी।

 टिंचरी माई को जानने के लिए मेघा का शोध उसे हर दिन नई सच्चाइयों से रूबरू कराता है, तो वह उसमें और गहरे उतरती है। उसे लगता है कि यह सब तो आज भी हो रहा है और टिंचरी माई की लड़ाई आज भी लड़ी जा रही है। इसे लड़ना आज भी उतना ही प्रासंगिक और ज़रूरी है जितना पिछली सदी में, 1965 से 1977 के कालखण्ड में। उसके साथ वही सब घटता है जो टिंचरी माई के साथ घटा था। माई की कहानी से उसे प्रेरणा और शक्ति मिलती है।

 दिल्ली में पली-बढ़ी मेघा भी टिंचरी माई की ही तरह समाज के लिए समर्पित भाव से कार्य करती है। फ़िल्म समाज की पितृसत्तात्मक बुनावट, स्त्री सशक्तीकरण और सामाजिक बदलाव जैसे सवालों को उठाती है।

हिन्दी फ़िल्म: ‘टिंचरी माई: द अनटोल्ड स्टोरी’

प्रोडक्शनः एन0 एन0 प्रोडक्शन

प्रस्तुतकर्ताः डॉ0 पुष्करमोहन नैथानी

लेखकः लोकेश नवानी

निर्देशकः के0 डी0 उनियाल

निर्माताः नवीन नौटियाल, विनय अग्रवाल, महेश गुप्ता

फ़िल्म की शूटिंग बौंठ गांव, टिहरी, चोपता, उखीमठ, धारी देवी, मलेथा, देवप्रयाग संगम, बुग्गावाला, ज्वाल्पाजी, गवांणी तथा देहरादून के झंडाजी महाराज, गांधी पार्क, माल देवता, राजपुर मार्ग तथा अन्य अनेक स्थानों में हुई है। फ़िल्म में 70 से अधिक कलाकारों ने अभिनय किया है। फ़िल्म का निर्देशन युवा निर्देशक के0 डी0 उनियाल ने किया है।

— नवीन नौटियाल, निर्माता

धराली आपदा पीड़ितों को मिली राहत, 5-5 लाख की सहायता राशि के चेक वितरित

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर धराली गांव के आपदा प्रभावित परिवारों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सोमवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान और गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट ने गांव पहुंचकर 98 प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि के चेकों का वितरण शुरू किया। चेक वितरण की प्रक्रिया अभी जारी है।

प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में अधिकारियों ने पीड़ितों के साथ भोजन कर उनका सांत्वना और भरोसा बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन इस मुश्किल घड़ी में पूरी मजबूती के साथ लोगों के साथ खड़ा है।

प्रभावितों के पुनर्वास और जीवन को सामान्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राहत शिविरों में भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।