Home Blog Page 162

SSP की बड़ी कार्रवाई, दरोगा समेत 6 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, ये है वजह

0

हल्द्वानी: नैनीताल जिले में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की लापरवाही पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रहलाद नारायण मीणा ने कड़ा एक्शन लिया है। टीम के छह पुलिसकर्मियों को, जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं, लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्रवाई बच्चों और महिलाओं से जुड़े अनैतिक मामलों में प्रभावी कार्रवाई न करने की वजह से की गई है।

क्यों हुई कार्रवाई?

एसएसपी मीणा ने बताया कि लगातार निर्देशों के बावजूद, AHTU टीम ने बच्चों की रिकवरी, भिक्षावृत्ति और अनैतिक देह व्यापार जैसे मामलों में कोई खास काम नहीं किया था। पुलिसकर्मियों की इस बढ़ती लापरवाही को देखते हुए, एसएसपी ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया।

इन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई

जिन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, उनमें उप-निरीक्षक मंजू ज्याला, हेड कांस्टेबल गीता कोठारी, महिला कांस्टेबल दीपा, कांस्टेबल हेंद्र सिंह, कांस्टेबल मनोज यादव और महिला कांस्टेबल इंद्रा जोशी शामिल हैं।

एसएसपी मीणा ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों द्वारा कर्तव्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में जवाबदेही (accountability) सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

उत्तराखंड के बागेश्वर में बादल फटने से तबाही, 2 महिलाओं की मौत, 3 लोग लापता

0

बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में शुक्रवार को बादल फटने से भारी तबाही हुई है। जिले के पौंसारी गांव में हुए इस भीषण हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। बादल फटने के बाद हुए भूस्खलन में एक घर इसकी चपेट में आ गया, जिससे यह दुखद घटना हुई।

​डीएम आशीष भटगाांई और विधायक सुरेश गढि़या तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अब तक बरामद किए गए शवों की पहचान बसंती देवी और बछुली देवी के रूप में हुई है। लापता लोगों में रमेश चंद्र जोशी, गिरीश चंद्र और पूरन चंद्र शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।

​प्रशासन के अनुसार, आपदा प्रभावित क्षेत्र में संचार सुविधा नहीं होने के कारण बचाव कार्यों में समन्वय बनाने में काफी परेशानी आ रही है।

लगातार बारिश से कपकोट क्षेत्र में भी नुकसान

​कपकोट क्षेत्र में भी गुरुवार रात से जारी भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह तक यहां 100 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण हरसीला-जगथाना मार्ग बैसानी से आगे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मालूखेत मैदान के पास सड़क का 20 मीटर से ज्यादा हिस्सा बह गया है। चचई में पम्पिंग योजना भी बह गई है और कई जगह पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

​ग्राम सुमटी में लोगों की जमीन धंस गई है, जबकि ग्राम बैसानी में प्रेम सिंह का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कई अन्य ग्रामीणों के मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है और खेत-खलिहान मलबे से पट गए हैं। जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं।

उत्तराखंड में भारी बारिश ने मचाई तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त

0

देहरादून: उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने पूरे प्रदेश में तबाही मचा दी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जिलों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ है।

पहाड़ी जिलों में हाहाकार

रुद्रप्रयाग जिले में छेनागाड़ बाजार और बसुकेदार क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण कई सड़कें और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। चमोली जिले के मटकोट क्षेत्र में बादल फटने से भी काफी नुकसान की खबर है।

अगस्त्यमुनि में हाई पर दरारें पड़ गई हैं, जबकि धारी देवी मंदिर तक अलकनंदा नदी का जलस्तर पहुंच गया है, जो अपने रौद्र रूप में बह रही है। कई जगहों पर पानी सड़कों तक पहुंच गया है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई है।

टिहरी जिले के बूढ़ाकेदार क्षेत्र में भी बादल फटने से तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं। उत्तरकाशी जिले में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नुकसान हुआ है। कुमाऊं क्षेत्र में भी लगातार बारिश से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।

मैदानी जिलों पर भी असर

मैदानी जिलों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। हरिद्वार जिले में कई जगहों पर जलभराव हो गया है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजधानी देहरादून के कुछ क्षेत्रों में भी तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।

सफर करना खतरनाक

कुल मिलाकर, प्रदेश में भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। पहाड़ी जिलों में कई हाईवे और संपर्क मार्ग बंद होने से सफर करना बेहद खतरनाक हो गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन बारिश के कारण इन कार्यों में भी बाधा आ रही है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

छेनागाड़ बाजार मलबे में दबा, 10-12 लोगों के दबे होने की आशंका, वनकर्मी की मौत

0

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर भयानक तबाही मचाई है। रुद्रप्रयाग जिले के पूर्वी बांगर क्षेत्र में स्थित छेनागाड़ बाजार पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। इस घटना में 10 से 12 लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है, जबकि एक वन विभाग के कर्मचारी की मौत की भी खबर है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि छेनागाड़ बाजार के ध्वस्त होने से यह बड़ा हादसा हुआ है। इसके अलावा, घंघासु बांगर, बडेथ, डूंगर और तालजामन जैसे इलाकों में भी भारी नुकसान हुआ है।

बचाव दल रवाना

जिलाधिकारी ने बताया कि छेनागाड़ के पास खड़ी एक बस में सवार चालक और परिचालक ने किसी तरह अपनी जान बचा ली है। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव टीमों को तुरंत मौके के लिए रवाना कर दिया गया है। फिलहाल, प्रशासन का मुख्य ध्यान मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने और स्थिति को नियंत्रित करने पर है। सरकार ने भी अधिकारियों को तत्काल बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

चमोली में भारी बारिश का कहर: भूस्खलन में पति-पत्नी दबे, दो लोग घायल

0

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश कहर बनकर टूट रही है। लगातार हो रहे भूस्खलन ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी क्रम में, देवाल विकासखंड के सुदूर गांव मोपाटा में भूस्खलन से आए मलबे में एक पति-पत्नी दब गए। इस हादसे में दो अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।

मलबे में दबे 20 से अधिक मवेशी

उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मोपाटा गांव में रेस्क्यू टीम भेजी गई है। मलबे में दबे पति-पत्नी की तलाश की जा रही है। हादसे में 20 से अधिक मवेशी भी मलबे की चपेट में आ गए हैं।

हाईवे बंद, जनजीवन ठप

भारी बारिश के कारण चमोली जिले में कई प्रमुख हाईवे बंद हो गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। नंदप्रयाग, कमेड़ा, भनेरपानी, पागलनाला, गुलाकोटी, और ग्वालदम हाईवे सिमलसैंण और कुलसारी के पास बाधित हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) इन मार्गों को खोलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण काम में बाधा आ रही है।

बिजली-पानी की समस्या

बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। कई दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए टैंकरों से पानी की व्यवस्था की जा रही है। थराली और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास भी मलबा घरों तक पहुँच गया था, हालांकि, प्रशासन ने पहले ही अस्पताल को खाली करा लिया था। वहीं, कर्णप्रयाग के कालेश्वर में पहाड़ से गिरा मलबा लोगों के घरों में घुस गया है, जिसे हटाने के लिए जेसीबी मशीनें काम कर रही हैं। मौके पर पुलिस भी राहत कार्य में जुटी हुई है।

उत्तराखंड में फटा बादल: चमोली, टिहरी और रुद्रप्रयाग में भारी तबाही

0

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से चमोली, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में बादल फटने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है।

चमोली: पति-पत्नी लापता, स्कूल बंद

चमोली जिले के देवाल ब्लॉक स्थित मोपाटा गांव में बृहस्पतिवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मची है। इस घटना में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। उनके घर और गौशाला मलबे में दब गए हैं, जिसमें अनुमानित तौर पर 15-20 मवेशी भी फंसे हुए हैं।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि तहसील प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर रवाना हो गई है। भारी बारिश को देखते हुए चमोली जिले के सभी ब्लॉक में शुक्रवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। देवाल और थराली में रास्ते जगह-जगह टूट गए हैं, और कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। कर्णप्रयाग के कालेश्वर और सुभाषनगर में भी पहाड़ से मलबा आने के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, जिसे हटाने का काम जारी है।

टिहरी और रुद्रप्रयाग में भी नुकसान

टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव में भी बादल फटने की खबर है। हालांकि, यहाँ किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि इस घटना से कृषि भूमि, पेयजल और विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा है। राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने के लिए गांव पहुंच गई है।

उधर, रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक के छेनागाड़ और बांगर सहित कई जगहों पर अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है। हालांकि, अभी तक किसी भी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है।

उत्तरकाशी में नहीं थम रही आफत, गंगोत्री हाईवे कई जगहों पर बंद

0

उत्तरकाशी : उत्तरकाशी जिले में भूस्खलन के कारण गंगोत्री नेशनल हाईवे कई जगहों  पर बंद हैं, जिससे यातायात बाधित हो गया है। उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने आज सुबह से कई जगहों पर सड़कें बंद होने की सूचना दी है।

​DDMA की रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित स्थानों पर भूस्खलन हुआ है:

  • नलूना: नलूना में सड़क पूरी तरह से बंद है।
  • पापड़गाड: पापड़गाड में सड़क “लाल” बताई गई है, जिसका मतलब है कि यह पूरी तरह से बंद है।
  • नेताला: पापड़गाड की तरह, नेताला में भी सड़क बंद है।
  • विसनपुर (NH 108): राष्ट्रीय राजमार्ग 108 पर विसनपुर के पास भूस्खलन हुआ है, जिससे यह महत्वपूर्ण मार्ग प्रभावित हुआ है।
  • चड़ेती: चड़ेती में भी भूस्खलन के कारण सड़क बंद है।

​मलबे को हटाने और यातायात बहाल करने के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। बचाव और राहत कार्य जारी हैं, और आगे की जानकारी का इंतजार है।

उत्तराखंड STF का बड़ा एक्शन, भाजपा नेता गिरफ्तार, ये हैं आरोप

0

रुड़की। हरिद्वार जिले के रुड़की में एक बड़ा आपराधिक मामला सामने आया है। देहरादून से आई एसटीएफ (STF) की टीम ने भाजपा पार्षद मनीष बोलर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पार्षद ने कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को फर्जी दस्तावेजों से बेचने की साजिश रची। इस मामले में एक अन्य व्यक्ति पंकज अष्ठवाल को भी गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, एसटीएफ को एक शिकायत मिली थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रवीण वाल्मीकि, उसका भतीजा और भाजपा पार्षद मनीष बोलर, और उनके सहयोगी राजकुमार व अंकित रुड़की और हरिद्वार में लोगों को धमकाकर उनकी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। जांच में पता चला कि ये लोग कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को जान से मारने की धमकी देते हैं।

एक पीड़ित महिला रेखा (जो स्वर्गीय श्याम बिहारी की पत्नी हैं) की जमीन को भी इसी तरह हड़पने की कोशिश की गई। आरोप है कि जब रेखा के देवर कृष्ण गोपाल ने इसका विरोध किया तो 2018 में प्रवीण वाल्मीकि ने उसकी हत्या करवा दी थी। इसके बाद रेखा के भाई पर भी 2019 में जानलेवा हमला हुआ। डर के मारे रेखा अपना घर छोड़कर अज्ञात स्थान पर रहने लगीं।

इस स्थिति का फायदा उठाते हुए, मनीष बोलर और उसके गिरोह ने एक फर्जी महिला को रेखा के रूप में पेश करके रेखा के पति के मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया। फिर फर्जी ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ बनाकर पंकज अष्टवाल के नाम से दो प्लॉट बेच दिए। एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह ने इसी तरह तीन फर्जी रजिस्ट्रियां करवाई हैं। एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि प्रवीण वाल्मीकि फिलहाल सितारगंज जेल में बंद है, और उसके गिरोह के उगाही के काम को मनीष बोलर देख रहा था।

पार्षद पर हुई कार्रवाई

एसटीएफ निरीक्षक नंद किशोर भट्ट की तहरीर पर गंगनहर कोतवाली में मनीष बोलर और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद, एसटीएफ मनीष बोलर को पूछताछ के लिए देहरादून ले गई है। मामला सामने आने के बाद, भाजपा ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए पार्षद मनीष बोलर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।

समर्थकों और सफाईकर्मियों का हंगामा

पार्षद की गिरफ्तारी की खबर सुनकर देर रात बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग गंगनहर कोतवाली के बाहर जमा हो गए। पुलिस के समझाने पर वे शांत हुए, लेकिन सुबह रुड़की नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने काम बंद करके प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस प्रदर्शन से निगम में कामकाज और सड़कों पर आवागमन बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि एक जनप्रतिनिधि के खिलाफ ऐसी कार्रवाई ठीक नहीं है। फिलहाल, वे एसपी देहात से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।

वरिष्ठ पत्रकार राकेश खंडूड़ी का निधन, अमर उजाला देहरादून यूनिट में थे राज्य ब्यूरो प्रमुख

0

देहरादून। पत्रकारिता जगत के लिए दुखद खबर है। अमर उजाला देहरादून यूनिट के राज्य ब्यूरो प्रमुख और वरिष्ठ पत्रकार राकेश खंडूड़ी का देर रात निधन हो गया। वे हृदय रोग से जूझ रहे थे और एम्स ऋषिकेश में उनका उपचार चल रहा था। जानकारी के अनुसार बुधवार को उनका ऑपरेशन हुआ, लेकिन, इसके बाद उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई और देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।

राकेश खंडूड़ी लगभग दो दशक से अमर उजाला देहरादून यूनिट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भी अमर उजाला के साथ काम किया। समर्पित पत्रकारिता के लिए जाने जाने वाले खंडूड़ी तन्मयता से समाचार कवरेज और संपादकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करते थे।

पत्रकारिता जगत में खंडूड़ी को उनके पेशेवर रवैये और सहज व्यक्तित्व के लिए याद किया जाता रहेगा। उनके निधन से उत्तराखंड की पत्रकारिता में एक बड़ी रिक्ति महसूस की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर में LOC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, दो आतंकी ढेर

0

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। इस दौरान हुई मुठभेड़ में दो अज्ञात आतंकवादियों को मार गिराया गया है। भारतीय सेना ने गुरुवार को बताया कि यह घुसपैठ विरोधी अभियान गुरेज सेक्टर के नौशहरा नरद इलाके में शुरू किया गया था।

सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में यह सफलता मिली है। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। सेना के सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद आतंकवादियों को चुनौती दी, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। सेना की प्रभावी जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकवादी मारे गए। फिलहाल, इलाके में तलाशी अभियान जारी है।

वहीं, बांदीपोरा में हुई सफलता के बीच, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से एक दुखद खबर आई है। यहाँ ड्यूटी के दौरान भारतीय सेना के एक बहादुर जवान, हवलदार इकबाल अली शहीद हो गए। श्रीनगर स्थित सेना की चिनार कोर ने एक पोस्ट में हवलदार इकबाल अली के सर्वोच्च बलिदान को सलाम किया।

कोर ने कहा, “उनका साहस और समर्पण हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। हम शहीद के परिवार के साथ खड़े हैं और उनकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं।” सेना ने फिलहाल हवलदार अली की मृत्यु के कारणों या तिथि के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी है।