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उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, देहरादून समेत इन जिलों में बंद रहेंगे स्कूल

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देहरादून: मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए अगले 24 घंटों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट 31 अगस्त, दोपहर 12:51 बजे से 1 सितंबर, दोपहर 12:51 बजे तक के लिए है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी और ऊधमसिंह नगर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा, रुद्रपुर, हल्द्वानी, काशीपुर, कोटद्वार, मसूरी, खटीमा, श्रीनगर, चकराता, रुड़की, लक्सर, भगवानपुर, विकासनगर, और देवप्रयाग जैसे शहरों और उनके आसपास के इलाकों में भी अत्यधिक तीव्र बारिश होने की संभावना है।

इन जिलों में स्कूल रहेंगे बंद

बारिश के रेड अलर्ट और भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए, चार जिलों में 1 सितंबर, सोमवार को देहरादून समेत विभिन्न जनपदों में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

पिथौरागढ़: भारी से बहुत भारी वर्षा के पूर्वानुमान के कारण पिथौरागढ़ में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

चमोली: चमोली जनपद में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए, सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

चंपावत: चंपावत में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान है, जिसके चलते सभी आंगनबाड़ी केंद्र और कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यालय बंद रहेंगे।

पौड़ी: पौड़ी जनपद में भी भारी बारिश की चेतावनी के कारण सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

इसके अलावा ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले में भी कर आंगनबाड़ी केंद्र समेत 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

भारत-चीन रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद: तियानजिन में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की अहम बैठक, पुतिन भी पहुंचे

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तियानजिन (चीन)। वैश्विक राजनीति और आर्थिक टकरावों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। जापान यात्रा की सफलता के बाद पीएम मोदी सात साल के अंतराल के बाद चीन पहुंचे हैं। तियानजिन में हुई यह मुलाकात न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से अहम मानी जा रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर भी इसके गहरे असर की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत में सीमा, व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इसके साथ ही पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे, जो 31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित हो रहा है।

मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और भारत दो प्राचीन सभ्यताएं और विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाले देश हैं। दोनों देशों की जिम्मेदारी है कि वे अपने लोगों की भलाई सुनिश्चित करें और ग्लोबल साउथ के देशों की एकजुटता को मजबूत करें। जिनपिंग ने कहा, “आज की अस्थिर वैश्विक स्थिति में भारत और चीन का सहयोग न केवल दोनों देशों बल्कि पूरे एशिया और विश्व की शांति एवं समृद्धि के लिए आवश्यक है। ड्रैगन और हाथी को साथ आना ही सही विकल्प है।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष भारत-चीन राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है और ऐसे समय में दोनों देशों को रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाते हुए बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है, जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बना हुआ है। लिहाजा, चीन दौरा भारत की विदेश नीति के नए आयामों को दर्शाता है और इस मुलाकात से दोनों एशियाई महाशक्तियों के रिश्तों में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।

भाजपा में बढ़ा आपसी घमासान: अब विधायक बिशन सिंह चुफाल ने दायित्वधारी पर साधा निशाना, लगाए गंभीर आरोप

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देहरादून: भाजपा में अंदरूनी खींचतान लगातार सतह पर आती जा रही है। पहले विधायक मुन्ना सिंह चौहान और पूर्व मंत्री अरविंद पांडे की नाराजगी सुर्खियों में रही। दोनों नेताओं ने अवैध खनन के सरकार के दावों की पोल खेलकर रख दी, अब डीडीहाट से विधायक एवं वरिष्ठ नेता बिशन सिंह चुफाल ने भी खुलकर सरकार और दर्जाधारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चुफाल ने अपने ही सरकार के दर्जाधारी हेमराज बिष्ट पर सीधे आरोप लगाते हुए उन्हें अयोग्य तक कह डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे लोगों को दायित्व सौंप दिया है, जो जनता के कामों में बाधा डाल रहे हैं। चुफाल का आरोप है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में दायित्वधारी दखल दे रहे हैं और गरीबों से जुड़ी फाइलें तक रोक रहे हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने कुछ गरीब मरीजों के इलाज की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में लगाई थी, लेकिन जब सीएम से मिलने गया तो पता चला कि फाइल राज्य मंत्री हेमराज बिष्ट ले गए। यह सीधे-सीधे मेरे कामों में बाधा डालना है। सरकार को ऐसे लोगों को तुरंत हटाना चाहिए।

इस आरोप के बाद मंत्री हेमराज बिष्ट भी चुप नहीं बैठे। उन्होंने हरिद्वार गंगा किनारे से एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। बिष्ट ने कहा कि विधायक मेरे लिए सम्माननीय हैं, लेकिन उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। अगर मैं गरीब परिवार से आने वाला, 28 सालों से पार्टी के लिए काम कर रहा कार्यकर्ता अयोग्य हूं, तो फिर विधायक जी की बेटी, जिसे हाल ही में जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है, उसकी योग्यता क्या है?

चुफाल और बिष्ट के बीच यह जुबानी जंग भाजपा संगठन के भीतर हलचल पैदा कर चुकी है। पिछले कुछ दिनों से भाजपा के भीतर जबरदस्त असंतोष देखने को मिल रहा है। पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के बयानों के बाद वैसे ही भाजपा बैकफुट पर नजर आ रही है। ना चाहते हुए भी हरक सिंह रावत के लगाए आरोपों के जवाब देने पड़ रहे हैं। इस बीच अपने नेताओं के उठाए सवाल भी अब पार्टी नेताओं को असहज कर रहे हैं।

उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी

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नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मॉनसून की रफ्तार तेज़ हो गई है, जिससे मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के कारण रविवार को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश की आशंका है, जिसके चलते इन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में अलग-अलग जगहों पर भीषण बारिश जारी रह सकती है। जम्मू, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में रविवार और सोमवार को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पश्चिमी और मध्य भारत में भी बारिश का अनुमान

सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, देश के पश्चिमी और मध्य भागों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश की उम्मीद है। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भीषण बारिश की संभावना को देखते हुए इन इलाकों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान, हरियाणा और कच्छ में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पिछले 24 घंटों में इन जगहों पर हुई बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान गुजरात, उप-हिमालयी पश्चिमी क्षेत्र, बंगाल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मराठवाड़ा, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हुई।

क्षेत्रीय मौसम का पूर्वानुमान

  • उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले दो-तीन दिनों के दौरान सामान्य से भारी बारिश की संभावना है।
  • पश्चिम भारत: गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र कच्छ में अगले दो-तीन दिनों के दौरान अत्यधिक बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी और मध्य भारत: ओडिशा, झारखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिमी बंगाल, सिक्किम, और विदर्भ में भी अगले दो-तीन दिनों के दौरान भारी वर्षा होने के आसार हैं।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले चार-पांच दिनों तक बारिश जारी रहने की उम्मीद है।
  • दक्षिण भारत: केरल, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और यनम के कुछ हिस्सों में अगले तीन-चार दिनों के दौरान सामान्य से भारी बारिश होने की संभावना है।

यह देखते हुए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें और सुरक्षित रहें।

सितंबर से फिर शुरू होगी चारधाम यात्रा : हेमंत द्विवेदी

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देहरादून  : श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मानसून के थमते ही सितंबर माह से चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से सुचारू रूप से संचालित होगी। उन्होंने बताया कि यात्रा सीजन की शुरुआत से 29 अगस्त तक श्री बदरीनाथ धाम में 12,85,296 तथा केदारनाथ धाम में 14,72,385 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस प्रकार दोनों धामों में अब तक कुल 27,57,681 तीर्थयात्रियों ने भगवान के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त किया है।

द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा के महत्व को देखते हुए कपाट खुलने के दौरान स्वयं धामों में उपस्थित रहे। इस बार बरसात के दौरान हुई अतिवृष्टि व आपदाओं से प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जिसका असर यात्रा पर भी पड़ा। कई बार भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध हुए, लेकिन प्रशासन की सतर्कता और मुस्तैदी से मार्गों को लगातार सुचारू किया गया।

उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित पुलिस प्रशासन हर समय तीर्थयात्रियों की सहायता में जुटा हुआ है। इसके चलते कठिनाइयों के बावजूद बदरीनाथ–केदारनाथ यात्रा निर्बाध रूप से संचालित होती रही।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि बरसात के मौसम में यात्रा पर निकलने से पूर्व मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान का आंकलन अवश्य करें।

अगले कुछ दिनों में और ज्यादा सावधानी बरतनी जरूरी : सीएम

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  • मुख्यमंत्री ने आपदा राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की।
  • किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र को निरंतर मुस्तैद रखें : सीएम।
  • जिलों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए हर संभव सहयोग मिलेगा।
  • संवदेनशील क्षेत्रों में जन-जीवन की सुरक्षा के सभी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश।
  • सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर विशेष ध्यान दें।
  • चारधाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी चुस्त-दुरस्त करने की हिदायत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों एवं खतरे की संभावना वाले क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जाने और आपदा प्रभावितों को तत्परता से हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य में अगले कुछ दिनों के लिए मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र निरंतर तैयार रहे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में उत्तराखंड आपदा परिचालन केंद्र से जुड़े शासन के उच्चाधिकारियों और सभी जिलों के जिलाधिकारियों से आपदा प्रभावित इलाकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आपदा पर किसी का जोर नहीं है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव टीमें तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर सराहनीय कार्य कर रही हैं। सभी विभाग निरंतर इसी तरह की तत्परता एवं बेहतर समन्वय के साथ प्रभावितों की मदद में जुटे रहें।

उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी क्षेत्र की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मलवे के कारण वहां नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। नदी के प्रवाह को बनाए रखने के लिए निकाले गए मलवे को नदी किनारे से हटाकर अन्यत्र कहीं सुरक्षित स्थान में डंप किया जाए। ताकि बारिश होने पर यह मलवा पुनः नदी में जाकर अवरोध न पैदा कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश कम होने के बाद चार धाम यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। साथ ही त्योहारों का मौसम भी आ रहा है। इसे देखते हुए सड़कों के सुधार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरस्त किया जाने पर विशेष ध्यान दिया जाय। उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए की सड़कों की मरम्मत हेतु टेंडर सहित अन्य औपचारिकताएं तुरंत पूरा कर समय से आवश्यक कार्य संपन्न करा लिए जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों ने विगत दिनों में घटित आपदा में क्षति की जानकारी ली। उन्होंने अवरुद्ध सड़कों को जल्द खोलने, पानी और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विगत दिवस घटित आपदा में घायल पशुओं के उपचार के लिए पशुपालन विभाग को सभी गांव में डॉक्टरों की टीम भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिलाधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहत व बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शासन स्तर से अपेक्षित किसी भी प्रकार के सहयोग की शासन से बेझिझक मांग करें। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास को निर्देश दिए कि आपदा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जनपदों से की जाने मांग पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आवश्यक धनराशि जारी कर दें।

मुख्यमंत्री ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए। खतरे की आशंका होने पर नदी के आसपास रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी-नालों के किनारों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्थित बांधों पर हर समय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित किए जाने के देते हुए कहा कि बांध से यदि पानी छोड़े जाने की पूर्व सूचना नियमित तौर पर जिला प्रशासन को दी जाए। अपरिहार्य परिस्थिति में बांध से अधिक पानी छोड़े जाने की दशा में जान-माल की सुरक्षा के लिए समय रहते इंतजाम कर लिए जाएं।

 

CRPF इंस्पेक्टर की लाश कार में मिली, हत्या का शक

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कानपुर: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब आरपीएफ गेट के सामने खड़ी एक लग्जरी कार में CRPF इंस्पेक्टर निर्मल उपाध्याय (38) का शव मिला। पिथौरागढ़, उत्तराखंड के रहने वाले निर्मल पुलवामा में तैनात थे और अपनी पत्नी से मिलने कानपुर आए थे। उनकी मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हुई है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या हुआ था?

निर्मल उपाध्याय की शादी 2023 में कानपुर के साकेत नगर में रहने वाली राशि से हुई थी। वह 12 दिन की मेडिकल लीव पर पत्नी से मिलने आए थे। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात निर्मल और राशि के बीच शराब पीने को लेकर झगड़ा हुआ, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे के साथ मारपीट भी की। इसके बाद राशि ने पुलिस को 112 नंबर पर सूचना दी। अगले दिन, शुक्रवार सुबह निर्मल बिना किसी को बताए मकान मालिक संजय के साथ घर से निकल गए। संजय ने गाड़ी को कैंट साइड की पार्किंग में खड़ी कर दी और वापस आ गए। जब राशि ने संजय से निर्मल के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि निर्मल पुलवामा जाने की बात कह रहे थे।

पार्किंग में मिला शव

निर्मल की गाड़ी कई घंटों तक आरपीएफ गेट के सामने खड़ी रही, लेकिन किसी का ध्यान नहीं गया। देर शाम एक पार्किंग कर्मचारी ने जब कार के अंदर झाँका, तो उसे निर्मल का शव दिखाई दिया। निर्मल की गर्दन एक तरफ झुकी हुई थी और सीट बेल्ट लगी हुई थी। तत्काल जीआरपी को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुँचे जीआरपी इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह और एसीपी दुष्यंत सिंह ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी ने बताया कि उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कानपुर जैसे व्यस्त स्टेशन पर, आरपीएफ थाने के ठीक सामने दिनदहाड़े इस तरह की घटना से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, यह मामला हत्या का है या कुछ और, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।

रियासी में भूस्खलन, एक ही परिवार के सात लोगों की मौत

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रियासी (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के बदड़ माहौर में भूस्खलन की एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक कच्चा मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

पूरा परिवार खत्म

मलबे में दबकर जिन सात लोगों की मौत हुई है, उनमें पति-पत्नी और उनके पांच बच्चे शामिल हैं। मृतकों की पहचान नजीर अहमद (38) और उनकी पत्नी वजीरा बेगम (35) के रूप में हुई है। इनके साथ उनके पांच बच्चे – बिलाल अहमद (13), मोहम्मद मुस्तफा (11), मोहम्मद आदिल (8), मोहम्मद मुबारक (6) और मोहम्मद वसीम (5) भी इस हादसे का शिकार हुए हैं।

इस घटना के बाद से क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है और अधिक जानकारी आने पर दी जाएगी।

उत्तराखंड में बारिश का कहर, 24 घंटे में 7 की मौत, 11 लापता

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देहरादून: उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे भूस्खलन, बाढ़ और बिजली गिरने की घटनाओं में एक मासूम और एक दंपत्ति समेत सात लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में चार गढ़वाल और तीन कुमाऊं मंडल से हैं। इसके अलावा, 11 लोग अभी भी लापता हैं, जिनके मलबे में दबे होने की आशंका है।

राहत कार्यों में बाधा

लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे राहत और बचाव दल को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई लोगों ने अपने घरों से भागकर जान बचाई। राज्य में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है और पहाड़ों में जगह-जगह आपदा का प्रकोप दिख रहा है।

अगले कुछ दिनों तक बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका जताई है। देहरादून, उत्तरकाशी और बागेश्वर में आज भी भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी में भी भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट है। मंगलवार, 2 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

पहाड़ से मैदान तक अलर्ट

शुक्रवार को देहरादून समेत कई इलाकों में सुबह से ही तेज बारिश का सिलसिला जारी रहा। पर्वतीय क्षेत्रों में बादल फटने जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जबकि निचले इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया है। प्रशासन ने पहाड़ से लेकर मैदान तक सभी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।