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उत्तराखंड: धामी सरकार ने जारी की दायित्वधारियों की एक और सूची, इनको मिली जिम्मेदारी

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देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार में इन दिनों नए दायित्वों की घोषणाओं का सिलसिला तेज हो गया है। विभिन्न समितियों और परिषदों में लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।

सरकार द्वारा जारी ताजा नियुक्तियों में कई भाजपा नेताओं और वरिष्ठ व्यक्तियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नैनीताल निवासी वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव रौतैला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं टिहरी के विनोद सुयाल को युवा कल्याण सलाहकार समिति में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी क्रम में चंपावत से मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कुलदीप सिंह बुटोला को उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है।

इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रमुख खेम सिंह चौहान को उत्तराखंड ओबीसी आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है। टिहरी गढ़वाल की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण को जड़ी-बूटी सलाहकार समिति में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकार ने चारु कोठारी को राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि चंपावत निवासी सुश्री हरिप्रिया जोशी को उत्तराखंड राज्य महिला आयोग में उपाध्यक्ष बनाया गया है।

लगातार हो रही इन नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। विपक्ष जहां इसे राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश बता रहा है, वहीं सरकार इसे अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने वाला कदम बता रही है।

उपनल कर्मचारियों के लिए नए अनुबंध प्रावधान पर सियासत तेज, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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देहरादून: उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगाया है।

देहरादून में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धस्माना ने कहा कि सरकार ने नियमितीकरण और समान वेतन देने के बजाय कर्मचारियों के लिए नया अनुबंध लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे उनकी नौकरी और अधिक असुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने इसे कर्मचारियों के अधिकारों के खिलाफ बताया और कहा कि यह कदम न्यायपालिका के निर्देशों की अनदेखी जैसा है।

धस्माना के अनुसार, 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मचारियों के लिए जारी अनुबंध में कई ऐसी शर्तें हैं, जो उनके हितों के विपरीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को स्थायी लाभों से वंचित रखा जा रहा है, जबकि सेवा समाप्ति और तबादले जैसे मामलों में प्रबंधन को अधिक अधिकार दिए गए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार द्वारा पूर्व में किए गए नियमितीकरण के वादे पूरे नहीं हुए हैं, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों में निराशा है। उन्होंने इस मुद्दे को हजारों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा बताते हुए इसे “अधिकार और सम्मान की लड़ाई” करार दिया।

साथ ही, धस्माना ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उपनल कर्मचारियों के समर्थन में खड़ी है और इस मुद्दे को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

UCC के बाद उत्तराखंड में जनसंख्या नियंत्रण कानून की तैयारी, 2027 चुनाव से पहले बड़ा फैसला संभव

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देहरादून। Uttarakhand देश का पहला राज्य बन चुका है जहां Uniform Civil Code (यूसीसी) लागू किया गया है। अब राज्य सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दे रही है।

सरकार का कहना है कि प्रदेश में डेमोग्राफिक बदलाव को संतुलित रखना, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करना और अवैध घुसपैठ पर रोक लगाना उसकी प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या नियंत्रण कानून पर मंथन तेज हो गया है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा

राज्य में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। Bharatiya Janata Party जहां लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की रणनीति बना रही है, वहीं Indian National Congress भी वापसी के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। ऐसे में चुनाव से पहले इस कानून पर ठोस निर्णय लिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि राज्य की जनसांख्यिकी और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू करने के बाद अब अन्य महत्वपूर्ण कानूनों पर भी विचार किया जा रहा है और व्यापक चर्चा के बाद ही आगे कदम बढ़ाया जाएगा।

‘ऑपरेशन प्रहार’ से अपराधियों पर सख्ती

प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर चलाए जा रहे Operation Prahar पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान से अपराधियों में डर का माहौल बना है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत गैंगस्टर और गंभीर मामलों में शामिल आरोपियों की लगातार धरपकड़ की जा रही है।

पौड़ी गढ़वाल में गुलदार आतंक, ग्रामीणों में आक्रोश, मौके पर पहुंचे कवींद्र इष्टवाल

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चौबट्टाखाल (पौड़ी गढ़वाल): जनपद पौड़ी गढ़वाल में गुलदारों के हमलों का सिलसिला एक बार फिर से बढ़ गया है। इस बार चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के तिमलीखाल अंतर्गत ग्राम भतकोट में एक चार वर्षीय मासूम बच्ची गुलदार का शिकार बन गई। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल छा गया है।

घटना बुधवार रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। भतकोट निवासी हरेंद्र सिंह की पुत्री श्रष्टि घर में खाना खाने के बाद आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर बच्ची को अपने जबड़ों में दबोच लिया और खेतों की ओर ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू की। काफी देर की खोजबीन के बाद बच्ची का शव घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में बरामद किया गया।

परिवार व ग्रामीणों में शोक, सरकार-वन विभाग पर सवाल

इस घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कई महीनों से जंगली जानवरों, खासकर गुलदारों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन न वन विभाग और न ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते उचित उपाय किए जाते तो इस दुर्घटना को रोका जा सकता था।

सामाजिक कार्यकर्ता कांग्रेस प्रदेश सचिव कवींद्र इस्टवाल घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक घटना है। क्षेत्र में लंबे समय से मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, लेकिन इसे न तो विधानसभा सत्र में मजबूती से उठाया गया और न ही इसके समाधान के लिए कोई प्रभावी कार्ययोजना बनाई गई।”

विधायक पर भी नाराजगी

स्थानीय लोगों में चौबट्टाखाल क्षेत्र के विधायक के प्रति भी काफी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक ने इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा में प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। उन्होंने मांग की है कि अब देर न की जाए और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल गश्त बढ़ाई जाए, जाल लगाए जाएं और दीर्घकालिक समाधान निकाला जाए।

कवींद्र इस्टवाल ने वन विभाग और जिला प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और प्रभावित क्षेत्रों में वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करें।

पौड़ी गढ़वाल में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष

बता दें कि पौड़ी गढ़वाल जिले के कई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से गुलदार, भालू और अन्य वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वनों के लगातार सिकुड़ने और जंगली जानवरों के आवास क्षेत्र में मानवीय गतिविधियों के बढ़ने से यह समस्या और गंभीर होती जा रही है।

प्रशासन से ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित गांवों में सौर ऊर्जा से चलने वाली बाड़बंदी, नियमित गश्त, जागरूकता कार्यक्रम और जरूरत पड़ने पर समस्या पैदा करने वाले जानवरों को पकड़कर अन्यत्र स्थानांतरित करने की कार्यवाही तेज की जाए।

पीड़ित परिवार को सहायता और मुआवजे की मांग

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव का कब्जा लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

 

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: NCERT को मिला ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने University Grants Commission (यूजीसी) की सिफारिश पर National Council of Educational Research and Training (एनसीईआरटी) को “डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी” का दर्जा दे दिया है। इस फैसले के बाद अब एनसीईआरटी को विश्वविद्यालय की तरह शैक्षणिक और शोध गतिविधियां संचालित करने की स्वायत्तता मिलेगी, हालांकि इसके साथ कई महत्वपूर्ण शर्तें भी लागू की गई हैं।

प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिला दर्जा

एनसीईआरटी ने वर्ष 2025 में सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करने की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके बाद यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने जांच कर इसे सही पाया। जनवरी 2026 में हुई यूजीसी की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिली, जिसके बाद केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर इसे लागू कर दिया।

छह प्रमुख संस्थान शामिल

इस विशेष दर्जे के तहत एनसीईआरटी के छह प्रमुख क्षेत्रीय संस्थानों को शामिल किया गया है। ये संस्थान Ajmer, Bhopal, Bhubaneswar, Mysuru, Shillong और भोपाल स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा व्यावसायिक शिक्षा संस्थान हैं। इन सभी को मिलाकर एनसीईआरटी को एक विशिष्ट श्रेणी में विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है।

सख्त शर्तों के साथ मिली स्वायत्तता

सरकार ने स्पष्ट किया है कि एनसीईआरटी अपनी संपत्ति या फंड बिना अनुमति के ट्रांसफर नहीं कर सकेगा और न ही किसी लाभ कमाने वाली गतिविधि में शामिल होगा। सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक फैसले यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही होंगे।

कोर्स और एडमिशन पर नियम लागू

एनसीईआरटी को नए कोर्स, ऑफ-कैंपस सेंटर या विदेशी कैंपस शुरू करने के लिए तय नियमों का पालन करना होगा। साथ ही, एडमिशन प्रक्रिया, सीटों की संख्या और फीस संरचना भी नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी।

रिसर्च और गुणवत्ता पर फोकस

नई व्यवस्था के तहत एनसीईआरटी को शोध कार्य, पीएचडी कार्यक्रम और शैक्षणिक नवाचार को बढ़ावा देना होगा। इसके साथ ही NAAC और NBA से मान्यता लेना अनिवार्य होगा। संस्थान को हर साल National Institutional Ranking Framework (NIRF) रैंकिंग में भी भाग लेना होगा, ताकि उसकी गुणवत्ता और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जा सके।

जहरीली स्प्रिट से मौतों का सिलसिला जारी, चार की गई जान, कई बीमार

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मोतिहारी । जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र स्थित बालगंगा गांव में जहरीली स्प्रिट (शराब) पीने से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को एक व्यक्ति की मौत के बाद शुक्रवार सुबह तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया परसौना निवासी प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी और हीरालाल महतो ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी का उपचार शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।

स्प्रिट को शराब समझकर पीने से बिगड़ी हालत
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने स्प्रिट को शराब समझकर उसका सेवन कर लिया। सेवन के कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं, कुछ पीड़ित अभी भी चोरी-छिपे इलाज करा रहे हैं।

आंखों की रोशनी पर असर, बढ़ी चिंता
डॉक्टरों के मुताबिक, जहरीली स्प्रिट के सेवन से सबसे पहले आंखों की रोशनी प्रभावित होती है। इस घटना में एक व्यक्ति की आंखों की रोशनी जाने की भी खबर है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अन्य मरीजों का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।

गांव में दहशत और आक्रोश
घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब और स्प्रिट का कारोबार चल रहा है, लेकिन प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस जांच शुरू, छापेमारी जारी
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। साथ ही अवैध शराब के धंधे में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं, राघव चड्ढा का मैसेज

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नई दिल्ली। Raghav Chadha को Aam Aadmi Party द्वारा राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार (3 अप्रैल) को उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। सुबह करीब 10 बजे जारी किए गए एक वीडियो संदेश में चड्ढा ने कहा, “मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उनसे कोई गलती हुई है।

दरअसल, पार्टी ने हाल ही में बड़ा फैसला लेते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया और उनकी जगह सांसद Ashok Mittal को जिम्मेदारी सौंपी है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह भी कहा है कि अब चड्ढा को सदन में बोलने के लिए पार्टी कोटे से समय न दिया जाए।

इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर मतभेद और राजनीतिक रणनीति में बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर हटाने की वजह स्पष्ट नहीं की गई है। चड्ढा का यह वीडियो संदेश ऐसे समय आया है जब उनके राजनीतिक भविष्य और पार्टी में भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

उत्तराखंड : घर के आंगन में खेल रही 4 साल की बच्ची को गुलदार ने बना लिया निवाला

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चौबट्टाखाल (पौड़ी): उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में गुलदार (तेंदुआ) का आतंक एक बार फिर सिर उठा गया है। चौबट्टाखाल क्षेत्र के ग्राम सभा तिमली के भतकोट गांव में गुरुवार रात करीब 9 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिसमें घर के आंगन में खेल रही 4 वर्षीय दृष्टि नाम की बच्ची को गुलदार ने जबड़े में जकड़कर खींच ले गया। बाद में बच्ची का शव घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में बरामद किया गया।

मृतका दृष्टि ग्राम भतकोट निवासी हरेंद्र सिंह की बेटी थी। परिजनों ने बताया कि बच्ची रात का खाना खाने के बाद घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबोच लिया। गुलदार बच्ची को आंगन से खींचकर नीचे खेतों की ओर ले गया। परिजनों के शोर मचाने और चीख-पुकार पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद घर से थोड़ी दूरी पर झाड़ियों में दृष्टि का शव मिला।

ग्रामीणों में दहशत

इस घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया है। ग्रामीणों ने बताया कि भतकोट और आसपास के क्षेत्रों में गुलदार का आतंक पहले भी देखा गया है, लेकिन इतने छोटी बच्ची पर घर के आंगन में हमला होना अत्यंत चिंताजनक है। लोग अब रात में घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन अधिकारी ने बताया कि गुलदार को पकड़ने या खदेड़ने के लिए जाल बिछाए जा रहे हैं और ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं।

पहाड़ों में बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष

यह घटना पौड़ी गढ़वाल में हाल के दिनों में गुलदार के हमलों की कड़ी में नई है। इससे पहले भी चौबट्टाखाल और आसपास के इलाकों में तेंदुए के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से ग्रामीणों ने मांग की है कि गुलदार के आतंक को तुरंत नियंत्रित किया जाए, अन्यथा ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।

युद्ध के बीच अमेरिका ने थल सेना प्रमुख को हटाया, तत्काल रिटायर होने का आदेश

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वाशिंगटन: ईरान के साथ चल रहे भीषण युद्ध के पांचवें सप्ताह में अमेरिका में बड़ा सैन्य फेरबदल हो गया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी थल सेना (यूएस आर्मी) के प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया और तत्काल प्रभाव से रिटायरमेंट का आदेश दे दिया है। यह फैसला ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों के बीच आया है, जब तेहरान के आसपास पुल समेत कई नागरिक ठिकानों पर हमले तेज हो गए हैं।

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि जनरल रैंडी जॉर्ज अब 41वें आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ के पद से तुरंत रिटायर हो रहे हैं। फिलहाल उनके उत्तराधिकारी का नाम घोषित नहीं किया गया है।

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमलों का सिलसिला तेज कर दिया है। बुधवार-गुरुवार को तेहरान के निकट अल्बोरज प्रांत में निर्माणाधीन B1 पुल (मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है) पर दो बार हमला किया गया, जिसमें कम से कम 8 लोग मारे गए और 95 अन्य घायल हो गए। ईरानी अधिकारियों ने इसे नागरिक क्षेत्र पर हमला बताया है।

ईरान के सरकारी मीडिया और अल्बोरज प्रांत के उप-गवर्नर ग़ोदरतोल्लाह सैफ के हवाले से बताया गया कि हमला करज शहर के पास B1 हाईवे ब्रिज पर हुआ। यह पुल तेहरान को करज और कैस्पियन सागर के तट से जोड़ता है। हमले के समय कई लोग नेचर डे (नौरोज़ का आखिरी दिन) मनाने के लिए पुल के पास पिकनिक मना रहे थे, जिससे आम नागरिकों की मौत हुई।

ट्रंप ने हमले की तारीफ की, चेतावनी भी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया (Truth Social) पर पुल के ध्वस्त होने का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ईरान का सबसे बड़ा पुल गिर गया… और भी बहुत कुछ आने वाला है! ईरान को समझौता करना चाहिए, वरना कुछ नहीं बचेगा।” ट्रंप ने पहले ही ईरान को “स्टोन एज” में वापस भेजने की धमकी दी थी। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह पुल ईरान की मिसाइल और ड्रोन सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण रूट था। इजरायली सेना ने स्पष्ट किया कि इस विशेष पुल पर हमला अमेरिका ने किया था।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने हमले की कड़ी निंदा की है। तेहरान ने इसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर हमला बताया और कहा कि इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा। ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह घटना अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान संघर्ष के 34वें दिन हुई, जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं। अब तक ईरान में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इजरायल और गल्फ देशों में भी हताहत हुए हैं।

  • B1 पुल को ईरानी इंजीनियरिंग की मिसाल माना जाता था, जो हाल ही में पूरा होने वाला था।
  • हमले के कुछ घंटे पहले ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में ईरान पर और सख्त हमलों का ऐलान किया था।
  • इससे पहले तेहरान में मेडिकल रिसर्च सेंटर और स्टील प्लांट्स भी निशाने पर आए थे।

धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध सरकार: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चारधाम यात्रा को और अधिक सशक्त और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि बजरंगबली की कृपा से ही किसी को उनके दरबार में आने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई बार प्रयास के बावजूद वे यहां नहीं आ पाए, लेकिन इस बार अचानक कार्यक्रम बनना बजरंगबली की कृपा का ही परिणाम है। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए धार्मिक और सांस्कृतिक विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में चल रहे विकास कार्यों को ऐतिहासिक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और इसकी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में राज्य में सख्त कानून लागू किए जा रहे हैं और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य के केदारखंड और मानसखंड सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे के विकास पर लगातार कार्य हो रहा है, जिससे हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। साथ ही शीतकालीन यात्रा भी जारी है और अब तक करीब 1.60 लाख श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं। आगामी चारधाम यात्रा के लिए भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि शीतकाल में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, जो धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य इसे और अधिक मजबूत करना है, ताकि उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर और सशक्त हो सके। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उत्तराखंड की निरंतर प्रगति की कामना की।