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उत्तराखंड में IAS और PCS अधिकारियों के विभागों में फिर फेरबदल, देखें आदेश

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देहरादून। राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के उद्देश्य से भारतीय प्रशासनिक सेवा (AIS) और राज्य सिविल सेवा (PCS) के कार्यालयी शाखा अधिकारियों के स्थानांतरण किए हैं। इस संबंध में शासन की ओर से स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

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मनवीर चौहान की रणनीति पर राष्ट्रीय नेतृत्व की मुहर, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सराही मीडिया प्रबंधन की कार्यशैली

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देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने पार्टी के कोर ग्रुप, पदाधिकारियों और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन की मजबूती, बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय को चुनावी सफलता की कुंजी बताते हुए संगठन को और सक्रिय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति और भावी रणनीति को लेकर विस्तार से फीडबैक भी लिया।

बूथ मैनेजमेंट पर दिया विशेष जोर

बैठकों के दौरान नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका बूथ स्तर तक फैला मजबूत संगठन है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथों पर निरंतर सक्रिय रहने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना भाजपा की प्राथमिकता है।

मीडिया को बताया सरकार और जनता के बीच सेतु

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मीडिया विभाग की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। साथ ही उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों और एजेंडों का तथ्यों के आधार पर प्रभावी जवाब देने की रणनीति पर भी बल दिया।

मनवीर चौहान ने रखी मीडिया विभाग की कार्ययोजना

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रदेश में मीडिया विभाग की गतिविधियों और रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समय-समय पर जिलों में प्रेस वार्ताएं, संवाद कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान चलाए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में मीडिया विभाग लगातार इस दिशा में काम कर रहा है कि सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।

मीडिया प्रबंधन की सराहना

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन प्रदेश मीडिया विभाग के कार्यों और उसकी सक्रियता से संतुष्ट नजर आए। उन्होंने मीडिया प्रबंधन और संगठनात्मक समन्वय को लेकर प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान की कार्यशैली की सराहना भी की।

यमुनोत्री सीट पर भी चर्चा

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। क्षेत्र में उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और संगठन में मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है।

2027 की तैयारियों का संकेत

नितिन नवीन का यह दौरा स्पष्ट संकेत देता है कि भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर पार्टी का विशेष फोकस दिखाई दे रहा है।

हत्याकांड: प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, यूट्यूब सर्च हिस्ट्री ने खोला राज

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फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में प्रेम प्रसंग, विश्वासघात और निर्ममता से जुड़ा एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। बकेवर थाना क्षेत्र में 8 मई से लापता चल रहे 20 वर्षीय विजय निषाद की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक दंपती को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि अवैध संबंधों के चलते युवक की हत्या कर शव के टुकड़े किए गए और बाद में उन्हें जंगल में जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।

पुलिस के अनुसार विजय निषाद 8 मई से लापता था। परिजनों की शिकायत पर 11 मई को गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने विजय की कॉल डिटेल खंगाली, जिसमें हमीरपुर निवासी किरन नामक महिला से लगातार बातचीत होने की जानकारी मिली। इसी आधार पर पुलिस की जांच आगे बढ़ी और संदेह के आधार पर महिला और उसके पति कामता प्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में सामने आया कि विजय और किरन के बीच प्रेम संबंध थे, जिसे लेकर किरन का पति कामता प्रसाद उससे रंजिश रखता था। पुलिस के मुताबिक, 8 मई को किरन ने विजय को अपने घर बुलाया, जहां पहले से मौजूद कामता प्रसाद ने लकड़ी की चौखट से उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसकी पहचान मिटाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, ग्राइंडर मशीन की मदद से शव के हाथ-पैर काटे गए और फिर अवशेषों को बोरे में भरकर कानपुर के रेउना क्षेत्र स्थित जंगल में ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया गया।

इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यूट्यूब सर्च हिस्ट्री रही। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी दंपती ने इंटरनेट और यूट्यूब पर हत्या के बाद सबूत मिटाने के तरीके, हत्या की सजा, कानूनी धाराएं, फांसी और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी पहले से खोजी थी। मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री ने पुलिस को हत्या की साजिश और उसकी योजना से जुड़े अहम सबूत उपलब्ध कराए।

पुलिस पूछताछ में महिला ने आरोप लगाया कि विजय ने कुछ समय पहले उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थीं, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी विवाद के चलते दोनों ने विजय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

हालांकि, मृतक के परिजनों ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि हत्या में केवल पति-पत्नी ही नहीं बल्कि अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। परिजनों का कहना है कि घटना को अंजाम देने में कई लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि जांच में प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की पुष्टि हुई है। मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

देवप्रयाग में दर्दनाक हादसा, गंगा नदी में समाई इनोवा; SDRF और पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी

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टिहरी। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। थाना देवप्रयाग क्षेत्र के चकासा स्थित गंगा होटल दर्शन के समीप एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिरने के बाद गंगा नदी में समा गई। हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहन संख्या UK 08 TA 5433 सड़क पर चलते समय अचानक अनियंत्रित हो गया। वाहन सड़क किनारे लगे क्रैश बैरियर को तोड़ते हुए गहरी खाई में जा गिरा और सीधे गंगा नदी में समा गया। हादसा इतना भीषण था कि सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरियर भी वाहन को रोक नहीं सके।

घटना की सूचना मिलते ही थाना देवप्रयाग पुलिस और राजस्व विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। वहीं राहत एवं बचाव कार्य के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की श्रीनगर, ब्यासी और ढालवाला इकाइयों से तीन टीमें घटनास्थल पर रवाना की गईं।

पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल संयुक्त रूप से गंगा नदी में वाहन और उसमें सवार लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। नदी में तेज बहाव के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

फिलहाल वाहन में सवार लोगों की संख्या और उनकी पहचान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस वाहन के स्वामित्व और उसमें सवार लोगों के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने आम लोगों से घटनास्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाने तथा राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की है। घटना के संबंध में आगे की जानकारी सर्च ऑपरेशन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सलमान खान की लीगल टीम ने ‘काला हिरण’ फिल्म के मेकर्स को भेजा नोटिस, विवाद गहराया

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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के चर्चित काला हिरण शिकार मामले पर आधारित बताई जा रही फिल्म ‘काला हिरण’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म का पोस्टर जारी होने और जल्द टीजर रिलीज करने की घोषणा के बाद सलमान खान की लीगल टीम ने फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा है।

फिल्म के निर्माता अमित जानी ने दावा किया है कि सलमान खान की ओर से भेजे गए नोटिस में उनके नाम, व्यक्तित्व और उनसे जुड़ी घटनाओं के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई गई है। अमित जानी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर नोटिस का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए आरोप लगाया कि फिल्म से जुड़े लोगों को नोटिस भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

कानूनी नोटिस के अनुसार, सलमान खान ने फिल्म में उनके नाम, छवि या व्यक्तित्व के उपयोग की कोई अनुमति नहीं दी है। इसके अलावा नोटिस में यह भी कहा गया है कि काला हिरण शिकार मामला अभी राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में इस मामले पर आधारित फिल्म का निर्माण और प्रदर्शन न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

बताया जा रहा है कि ‘काला हिरण’ एक कोर्टरूम ड्रामा और क्राइम थ्रिलर फिल्म है, जिसमें सलमान खान और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच विवाद और उससे जुड़ी घटनाओं को फिल्मी अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश के कई शहरों में की गई है।

फिल्म के निर्माता 21 जून 2026 को इसका टीजर जारी करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि कानूनी नोटिस के बाद फिल्म की रिलीज और आगे की प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। अब इस मामले में फिल्म निर्माताओं और सलमान खान की कानूनी टीम के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

सुप्रीम कोर्ट में बड़ा बदलाव: पांच नए जजों की शपथ, कुल संख्या बढ़कर 37 हुई

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नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जजों को पद की शपथ दिलाई। इन नियुक्तियों के साथ ही शीर्ष अदालत में जजों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जबकि स्वीकृत 38 पदों में अब केवल एक पद रिक्त रह गया है। हालांकि, जून महीने में दो जजों के रिटायर होने के बाद न्यायालय में रिक्तियों की स्थिति फिर बदल सकती है। जस्टिस पंकज मिथल 16 जून और जस्टिस जे. के. माहेश्वरी 28 जून को सेवानिवृत्त होंगे।

इन जजों ने ली शपथ

नए नियुक्त जजों में वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना, बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चंद्रशेखर, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली शामिल हैं। इन नामों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 27 मई को की थी, जिसे केंद्र सरकार ने मात्र चार दिनों के भीतर मंजूरी दे दी।

जजों की संख्या में बढ़ोतरी

हाल ही में सरकार ने अध्यादेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी थी, जिसमें मुख्य न्यायाधीश का पद भी शामिल है। पहले से खाली पदों को मिलाकर कुल छह पद रिक्त थे, जिनमें से पांच अब भर दिए गए हैं।

वी.एस. मोहना की ऐतिहासिक नियुक्ति

वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति को ऐतिहासिक माना जा रहा है। वे जस्टिस इंदु मल्होत्रा (2018) के बाद दूसरी ऐसी महिला हैं, जिन्हें सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है। 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से स्नातक मोहना को 2015 में सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला था। उनकी नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में अब दो महिला जज हैं, जस्टिस वी.एस. मोहना और जस्टिस बी.वी. नागरत्ना। जस्टिस नागरत्ना 2027 में एक महीने से अधिक समय के लिए भारत की मुख्य न्यायाधीश भी बनेंगी।

क्या उत्तराखंड में समय से पहले होंगे चुनाव, इन 4 राज्यों की भी चर्चा  

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देहरादून। जनगणना और प्रशासनिक तैयारियों के बीच 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जाने की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, अब तक किसी भी स्तर पर इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय या घोषणा नहीं की गई है।

जनगणना और चुनावी कार्यक्रम पर दबाव

सूत्रों के अनुसार, आगामी जनगणना के दौरान सरकारी मशीनरी पर बढ़ने वाले अतिरिक्त दबाव को देखते हुए चुनावी कार्यक्रमों के समन्वय के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि एक ही समय में दोनों बड़े कार्य होने से जिलों से लेकर राज्य स्तर तक कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ सकता है।

उत्तराखंड समेत कई राज्यों पर असर की चर्चा

इस संभावित समन्वय का असर खास तौर पर उन राज्यों पर चर्चा में है जहां अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें Uttarakhand के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर शामिल हैं। उत्तराखंड में पहले से ही चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

प्रशासनिक मशीनरी पर बढ़ेगा दबाव

जानकारों का कहना है कि चुनाव और जनगणना दोनों ही प्रक्रियाओं में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की जरूरत होती है। ऐसे में दोनों कार्यों के एक साथ होने पर जिला प्रशासन से लेकर निचले स्तर तक की मशीनरी पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।

परिसीमन को लेकर भी चर्चा

जनगणना के बाद परिसीमन की संभावनाओं को लेकर भी प्रशासनिक और विशेषज्ञ स्तर पर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि यह प्रक्रिया अलग और लंबी होती है, लेकिन इसके संभावित प्रभावों को लेकर शुरुआती विचार-विमर्श जारी है।

राजनीतिक दलों ने तेज की तैयारी

समय से पहले चुनाव की अटकलों के बीच राजनीतिक दलों ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। सत्तारूढ़ दल संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय है, जबकि विपक्षी दल संभावित चुनावी परिस्थितियों को देखते हुए रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।

स्थिति पर अंतिम निर्णय बाकी

फिलहाल चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की ओर से किसी भी बदलाव या समय से पहले चुनाव को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर केवल परिस्थितियों का आकलन और विकल्पों पर विचार जारी है।

सेरेब्रल पाल्सी को मात देकर अनुराग रावत ने पूरी की 10 किमी ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’

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चमोली: सीमांत नीति घाटी में आयोजित हो रही ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में 25 वर्षीय अनुराग रावत ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, साहस और दृढ़ संकल्प का ऐसा परिचय दिया, जिसने सभी प्रतिभागियों और दर्शकों को प्रेरित कर दिया। सेरेब्रल पाल्सी जैसी दिव्यांगता से जूझ रहे अनुराग ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच 10 किलोमीटर की दौड़ लगभग 1 घंटा 45 मिनट में पूरी कर एक मिसाल कायम की।

मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। ‘Beyond Limits, Beyond the Canyon’ थीम पर आधारित इस आयोजन में उन्होंने अपने प्रदर्शन से इस संदेश को साकार कर दिखाया।

नीति घाटी की ऊंचाई, दुर्गम रास्तों और सीमित ऑक्सीजन जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद अनुराग ने हिम्मत नहीं हारी और पूरे आत्मविश्वास के साथ दौड़ पूरी की। उनका यह प्रदर्शन केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से संघर्ष कर आगे बढ़ने की प्रेरणादायक कहानी बन गया।

अनुराग ने बताया कि वह इससे पहले भी कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। उन्होंने कहा, “सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं। यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।”

उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती। आयोजन में मौजूद लोगों ने उनके साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की सराहना की।

गौरतलब है कि 31 मई से 2 जून तक आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सीमांत नीति घाटी में आयोजित इस एडवेंचर स्पोर्ट्स महाकुंभ में प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में उत्साह, साहस और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

उत्तराखंड: नीति घाटी ज्योर्तिमठ चमोली में एक्सट्रीम अल्ट्रा रन

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नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ सीमांत क्षेत्रों में नएIMG 20260601 WA0074 विश्वास, पर्यटन और रोजगार का बनेगा माध्यम- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

नीति घाटी में गूंजा फिट इंडिया का संदेश, ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

ज्योर्तिमठ/ गोपेश्वर: 1 जून सीमांत जनपद चमोली की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित हो रहे ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के अंतर्गत विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित करते हुए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आयोजित यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को “देश का पहला गांव” मानते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ जैसे आयोजन उनका जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने के साथ रिवर्स माइग्रेशन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नीति क्षेत्र में होम स्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है, जो इस क्षेत्र में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन युवाओं के अदम्य साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। “नीति घाटी का यह जागरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के स्वाभिमान, स्वावलंबन और नए विश्वास की नई इबारत है।

उन्होनें कहा यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि उत्तराखंड की हर सीमांत घाटी तक पहुंचेगा।” मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता पर सभी आयोजकों, भारतीय सेना, आईटीबीपी तथा स्थानीय जनता को शुभकामनाएं दीं।

पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के अंतर्गत 5, 10, 21, 42 एवं 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल सहित अन्य अतिथियों ने विजेताओं को पुरुष्कार धनराशि एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

उत्तराखंड में छह दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम, अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी

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देहरादून। उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा होने के आसार हैं, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। वहीं मैदानी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा गर्जन के साथ वर्षा होने की संभावना है। 3800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। राज्य के अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं।

2 जून को पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा का अनुमान है। इस दौरान 4000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। मैदानी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है।

3 और 4 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। जबकि राज्य के अन्य जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 5 और 6 जून को भी पर्वतीय जिलों में मौसम सक्रिय बना रहेगा। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। हालांकि आगामी चार से पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों, तीर्थयात्रियों और स्थानीय प्रशासन को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के कारण सड़क मार्गों पर फिसलन बढ़ सकती है, जिससे सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।