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राहुल गांधी के दौरे से भाजपा में घबराहट, अमर्यादित भाषा पर उतर आए नेता: सूर्यकांत धस्माना

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देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से भारतीय जनता पार्टी बौखला गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और प्रवक्ताओं द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणियां उनकी घबराहट को दर्शाती हैं।

अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धस्माना ने कहा कि राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा नेता सवाल उठा रहे थे कि वह उत्तराखंड क्यों आ रहे हैं, जबकि खराब मौसम के कारण उनके पौड़ी और अल्मोड़ा कार्यक्रमों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करने के बाद भाजपा यह पूछने लगी कि वह कार्यक्रम स्थलों पर क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा के इस विरोधाभासी रवैये से उसकी बेचैनी साफ दिखाई देती है।

धस्माना ने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रवक्ताओं से लेकर प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी तक ने राहुल गांधी के खिलाफ अमर्यादित एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जो राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के संबोधन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पौड़ी में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने राहुल गांधी के वर्चुअल संबोधन का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने संबोधन में पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों, विकलांगता पेंशन, वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) तथा अग्निपथ योजना पर विस्तार से अपनी बात रखी।

धस्माना के अनुसार राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर अग्निपथ योजना को समाप्त कर सेना में पूर्व व्यवस्था के तहत भर्ती प्रक्रिया बहाल की जाएगी। इस घोषणा का कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।

धीमी प्रगति पर डीएम का सख्त रुख, यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोका

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देहरादून :  जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जीएमएस रोड स्थित बल्लीवाला फ्लाईओवर से कांवली रोड होते हुए सहारनपुर चौक तक यूपीसीएल द्वारा कराए जा रहे भूमिगत विद्युत केबल बिछाने के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की धीमी गति, पर्याप्त मैनपॉवर और मशीनरी की कमी पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि रोड कटिंग समिति की अनुमति की शर्तों का पालन करते हुए आगामी पांच दिनों के भीतर भूमिगत केबल बिछाने का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही और देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कांवली रोड से सहारनपुर चौक तक कई स्थानों पर खुदाई के बाद निर्माण सामग्री और मलबा सड़क किनारे बिखरा मिला, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी हो रही थी। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल मलबा और निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए।

डॉ. चौहान ने निर्देश दिए कि 500-500 मीटर के पैच बनाकर प्रत्येक खंड में पर्याप्त श्रमिकों और मशीनों की तैनाती की जाए तथा युद्धस्तर पर कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि केबल बिछाने का कार्य समाप्त होते ही सड़कों को पुनर्स्थापन के लिए लोक निर्माण विभाग को सौंपा जाए ताकि मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू हो सके।

जिलाधिकारी ने यूपीसीएल अधिकारियों को प्रतिदिन कार्य प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और कहा कि सड़क पुनर्स्थापन कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही गैल द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए ली गई अनुमति की शर्तों का भी पूर्ण पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मानसून से पहले सभी प्रभावित सड़कों की मरम्मत पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और समयसीमा के भीतर कार्य पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेन्द्र डोभाल, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) के.के. मिश्रा, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकेश सिंह, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ओ.पी. सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखंड : पुलिस-बदमाश मुठभेड़, राजस्थान के दो शातिर अपराधी गिरफ्तार

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देहरादून। राजधानी देहरादून में गुरुवार तड़के दून पुलिस और राजस्थान के शातिर बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, नयागांव क्षेत्र में बैरियर तोड़कर भाग रहे बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।

मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने राजस्थान के दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके तीन अन्य साथी फरार होने में सफल रहे। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।

गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से दो देशी तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुठभेड़ में घायल बदमाश रिंकू मीणा के खिलाफ हत्या सहित कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

दून पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और फरार बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

उत्तराखंड : ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई, कोकीन तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

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देहरादून : एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत राजपुर थाना पुलिस ने नशा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो सूडान के विदेशी नागरिक शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 20.92 ग्राम कोकीन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी जा रही है।

पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि “कोबरा गैंग” से जुड़े ड्रग पैडलर राजपुर क्षेत्र में होने वाली हाई प्रोफाइल पार्टियों में कोकीन सप्लाई करने पहुंचे हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जोहड़ी रोड स्थित पुरानी मजार के पास स्कूटी सवार दो विदेशी नागरिक माइकल इक्का और लीविक्री वानिकी को 9.15 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी सूडान के निवासी हैं और वर्तमान में हरिद्वार बायपास रोड स्थित पंजाबी कॉलोनी में रह रहे थे।

इसके अलावा ओल्ड मसूरी रोड स्थित सीआईएसएफ तिराहे के पास पुलिस ने कार सवार जावेद आलम को 11.77 ग्राम कोकीन के साथ दबोचा। पूछताछ में विदेशी आरोपियों ने खुद को कोबरा गैंग का सक्रिय सदस्य बताया और स्वीकार किया कि कोकीन दिल्ली से लाकर विभिन्न राज्यों में सप्लाई की जाती है, जिसे देहरादून की पार्टियों में खपाने की तैयारी थी।

पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल स्कूटी और कार को भी सीज कर दिया है। इससे पहले भी राजपुर थाना पुलिस कोबरा गैंग के 13 सदस्यों समेत कई तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसएसपी देहरादून ने इस सफल कार्रवाई पर पुलिस टीम को 2,500 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस मामले में शामिल अन्य तस्करों की तलाश में जुटी है।

ऋषिकेश में महापौर परिषद की बैठक, मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

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ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित होटल नटराज में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 29.78 करोड़ रुपये की तीन विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने देशभर से आए महापौरों का स्वागत करते हुए कहा कि शहरों का विकास विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि महापौर अपने-अपने शहरों के प्रथम नागरिक होने के साथ जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं के प्रतिनिधि भी हैं। उनके निर्णयों का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई दिशा मिली है। स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं ने शहरों की तस्वीर बदलने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा और पर्यटन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तराखंड पहुंचे हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से 10 ईवी चार्जिंग स्टेशन और 4.83 करोड़ रुपये की वर्षा जल संचयन परियोजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही 23.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के अंतर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनिटरी लैंडफिल साइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में आत्मनिर्भर और आधुनिक शहरों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

उत्तराखंड :10 महीने तक कमरे और शौचालय में कैद रखी बहू, हैवानियत की हदें पार, नोच कर उखाड़ दिए सिर के बाल 

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विकासनगर। देहरादून जिले के सेलाकुई क्षेत्र से घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि एक विवाहिता को उसके पति और ससुराल पक्ष ने करीब दस महीने तक घर के एक कमरे और शौचालय में बंद रखकर अमानवीय यातनाएं दीं। महिला के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसके सिर के बाल तक उखाड़ दिए गए। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उनकी बेटी की शादी राहुल खंडूड़ी नामक युवक से हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और महिला को प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि पति, सास और ससुर ने मिलकर उसे घर के एक कमरे और शौचालय तक सीमित कर दिया, जहां वह लगभग दस महीने तक बंधक जैसी स्थिति में रहने को मजबूर रही।

शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान महिला के साथ लगातार मारपीट और गाली-गलौज की जाती रही। आरोपियों ने क्रूरता की सारी सीमाएं पार करते हुए उसके सिर के बाल खींच-खींचकर उखाड़ दिए, जिससे उसके सिर का एक हिस्सा लगभग खाली हो गया। पीड़िता को बार-बार जान से मारने की धमकियां भी दी जाती थीं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने लंबे समय तक मायके पक्ष को इस भयावह स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी। जब किसी तरह घटना की जानकारी परिजनों तक पहुंची, तब उन्होंने तत्काल पुलिस की शरण ली और बेटी को न्याय दिलाने की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सेलाकुई थाना पुलिस ने आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी लोकपाल परमार के अनुसार मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर घरेलू हिंसा के उन छिपे हुए चेहरों को सामने लाता है, जो घर की चारदीवारी के भीतर वर्षों तक दबे रहते हैं। सवाल यह भी है कि आखिर एक महिला इतनी लंबी अवधि तक कथित रूप से प्रताड़ना सहती रही और इसकी भनक आसपास के लोगों या संबंधित तंत्र को क्यों नहीं लगी। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन शुरुआती आरोपों ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

बड़ी खबर: मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में भीषण आग, 18 लोगों के मौक की खबर

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नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट के बेसमेंट में बुधवार सुबह लगी भीषण आग में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों को दमकल कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, अब तक मौत के आंकड़ों की पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार, मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट के बेसमेंट में बुधवार सुबह करीब 8 बजकर 51 मिनट पर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे बेसमेंट को अपनी चपेट में ले लिया और वहां मौजूद लोग धुएं व लपटों के बीच फंस गए।a

सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने कुल 10 फायर टेंडर मौके पर तैनात किए। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बेसमेंट में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

धुएं के कारण उनकी हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि बचाए गए तीनों लोग अफ्रीकी मूल के हैं। राहत अभियान की निगरानी के लिए दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, जिसके बाद कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही रेस्टोरेंट में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है। पुलिस और दमकल विभाग ने घटना में मृतकों की संख्या 10 होने की पुष्टि की है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

चलती बस में लगी भीषण आग, ऋषिकेश से जयपुर जा रही थी वोल्वो बस 

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बहादराबाद थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात हाईवे पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ऋषिकेश से जयपुर जा रही एक वोल्वो बस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस उसकी चपेट में आ गई।

हादसे के समय बस में 32 यात्री सवार थे, जिनमें ब्राजील की दो विदेशी महिला यात्री भी शामिल थीं। अचानक आग लगने से बस में अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई। चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत सड़क किनारे रोका।

सूचना मिलते ही बहादराबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। पुलिस और दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

हालांकि कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस जलकर खाक हो गई। बस में पीछे रखा यात्रियों का सामान भी जल गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई।

थाना प्रभारी के अनुसार, सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनके गंतव्य के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच जारी है। घटना के दौरान दोनों विदेशी महिला यात्रियों ने उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर पहुंची पुलिस टीम की वजह से उनकी जान बच सकी।

अल-नीनो की वापसी का खतरा: क्या भारत में कमजोर पड़ जाएगा मॉनसून, बढ़ेगी गर्मी और किसानों की चिंता?

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नई दिल्ली। प्रशांत महासागर में तेजी से बढ़ रहे गर्म पानी के कारण दुनिया एक बार फिर अल-नीनो (El Niño) की दस्तक का सामना करने जा रही है। संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जून से अगस्त 2026 के बीच अल-नीनो विकसित होने की संभावना 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि इसके नवंबर तक बने रहने की संभावना 90 प्रतिशत से अधिक है।

WMO के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो चुका है, जिससे अल-नीनो की परिस्थितियां तेजी से विकसित हो रही हैं। अधिकांश वैश्विक मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि यह कम से कम मध्यम श्रेणी का और संभवतः मजबूत अल-नीनो साबित हो सकता है।

क्या होता है अल-नीनो?

अल-नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। इसका असर केवल प्रशांत क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया के तापमान, वर्षा, सूखा, बाढ़ और चक्रवातों के पैटर्न को प्रभावित करता है।

आमतौर पर अल-नीनो हर 2 से 7 वर्षों के बीच आता है और 9 से 12 महीने तक प्रभावी रह सकता है। इसके दौरान वैश्विक तापमान में वृद्धि दर्ज की जाती है और कई क्षेत्रों में चरम मौसम घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता दक्षिण-पश्चिम मॉनसून है। सामान्यतः अल-नीनो के वर्षों में देश में मॉनसूनी वर्षा कमजोर पड़ जाती है। हालांकि हर बार इसका प्रभाव समान नहीं होता, लेकिन इतिहास बताता है कि कई बड़े सूखे और कम वर्षा वाले वर्ष अल-नीनो से जुड़े रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अल-नीनो मजबूत होता है तो:

  • देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
  • जून से अगस्त के बीच तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
  • उत्तर और मध्य भारत में लू की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
  • खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
  • जलाशयों और भूजल पर दबाव बढ़ सकता है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) पहले ही जून महीने के सामान्य से अधिक गर्म रहने का अनुमान जता चुका है।

कृषि क्षेत्र पर सबसे ज्यादा असर

भारत की लगभग आधी कृषि आज भी मानसूनी वर्षा पर निर्भर है। जून से सितंबर के बीच का मॉनसून सीजन धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और दालों जैसी खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।

यदि बारिश में कमी आती है तो:

  • बुवाई प्रभावित हो सकती है।
  • सिंचाई की मांग बढ़ेगी।
  • उत्पादन लागत बढ़ सकती है।
  • खाद्यान्न कीमतों पर दबाव बन सकता है।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यों को अभी से जल प्रबंधन और कृषि रणनीति पर काम शुरू कर देना चाहिए।

दुनिया भर में बढ़ेगा चरम मौसम का खतरा

WMO के मुताबिक अल-नीनो के कारण दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बाढ़, सूखा, हीटवेव और भारी वर्षा जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे “जलवायु चेतावनी” बताते हुए देशों से तैयारी तेज करने की अपील की है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अल-नीनो का संयुक्त प्रभाव कई क्षेत्रों में मौसम की चरम घटनाओं को और गंभीर बना सकता है।

क्या 2026-27 रिकॉर्ड गर्म वर्ष बन सकते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार अल-नीनो आमतौर पर वैश्विक तापमान को ऊपर धकेलता है। 2023-24 का अल-नीनो रिकॉर्ड गर्म वर्षों में योगदान देने वाले प्रमुख कारणों में शामिल था। यदि 2026 का अल-नीनो मजबूत साबित होता है तो 2027 वैश्विक तापमान के लिहाज से नया रिकॉर्ड वर्ष बन सकता है।

आगे क्या?

WMO का कहना है कि अभी अल-नीनो की सटीक तीव्रता को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन संकेत स्पष्ट हैं कि दुनिया को इसके प्रभावों के लिए तैयार रहना चाहिए। भारत के लिए आने वाले कुछ सप्ताह विशेष रूप से महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि मॉनसून की प्रगति और प्रशांत महासागर की स्थिति आगे की तस्वीर तय करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते तैयारी, जल संरक्षण, कृषि प्रबंधन और मौसम आधारित चेतावनी प्रणालियां संभावित जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

क्या भारत पर फिर टैरिफ लगाएगा अमेरिका? इस लिस्ट में शामिल किया नाम!

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नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है, इसी बीच यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के कार्यालय ने भारत को उन देशों की सूची में शामिल किया है, जिन पर कथित रूप से अनुचित व्यापारिक प्रथाओं को अपनाने का आरोप है।

USTR द्वारा जारी जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित देशों से आयातित वस्तुओं पर 10 से 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।

सेक्शन 301 के तहत की गई 60 जांचों के निष्कर्ष जारी करते हुए USTR ने भारत को उन 54 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया है, जहां उसके आकलन के अनुसार जबरन मजदूरी से निर्मित बताए जाने वाले उत्पादों के आयात को रोकने या प्रभावी ढंग से प्रतिबंधित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं मौजूद नहीं हैं। इस रिपोर्ट ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच नई चर्चा को जन्म दे दिया है।